Abhinav Saxena explains why people freeze on camera: you're thinking about yourself instead of your audience. Record yourself practicing, identify who you're actually talking to, speak to their real problems first, then make your offer. Sell less, connect more.
थिंकिंग लेस अबाउट माई सेल्फ एंड मोर अबाउट माई ऑडियंस माई पीपल सो जब आप अपने बारे में बहुत ज्यादा सोचते हो न तो टेंशन होती है नर्वसनेस लगती है लेकिन जब आपका फोकस सामने वाले पर होता है की कैसे मैं और हेल्प कर दूं, कैसे मैं और वैल्यू दे दू तो आपका अपने आप स्ट्रेस और नर्वसनेस कम हो जाती है और आप कॉन्फिडेंट देखते हो अफकोर्स प्रैक्टिस भी साथ में रिकार्ड है बिना उसके कुछ नही
कैसे फूड बिजनेस ओनर्स अपने बारे में बता सकते है जो विडियो पे आ रहे है
देखो आप फोकस करते हो ऑफर देने पर आप फोकस करते हो फूड के बारे में बताने पर मेरा पीसा मेरा बर्गर आपको ध्यान रखना है की आपकी ऑडियंस कौन है अगर आपके ऑडियंस फैमिली है तो फैमिली के घर में क्या चल रहा होता है, ऑडियंस स्टूडेंट है तो एग्जाम सर रहे है क्या ऑडियंस एम्प्लॉई हैं तो पेड़े गया क्या सैलरी का टाइम आ गया गया सैलरी खत्म कितने दिनों में हो जाती है सैलरी के आखिरी 10 दिनों में कैसा फील होता है टॉक अबाउट देयर फीलिंग एंड देन जब आप ऑफ़र दोगे क्यूँकी आपके ऑडियंस आपसे कनेक्ट कर रही है उसके बाद वो ऑफर भी परचेज करती है लेकिन आप पूरे टाइम ऑफर ऑफर ऑफर करोगे तो कोई आपसे नहीं खरीदेगा
नाइस। जैसे की अब ऑलवेज से लोग लोगों से नहीं लोगों से कनेक्ट करते हैं।