Collage Dropout to 50 Crore Online Business ft. Aryan Tripathi | The Podast Hour Ep 14

In this Hindi-language podcast episode, host Abhit Upadhyay interviews digital entrepreneur Aryan Tripathi, who left formal education after 12th grade and built a multi‑crore online business. Aryan shares his mindset on failure—embracing numerous experiments and expecting most to fail—while claiming he never feels burnout or anxiety. He discusses his preference for solitude, limited travel, and lack of conventional hobbies, focusing instead on building products and physical spaces. Spiritual texts like the Bhagavad Gita and Ramayana are cited as sources of motivation. Aryan reveals inconsistencies in his public age narrative, using an older persona for credibility. He outlines a frugal blueprint for launching a play‑school with a 5‑lakh budget, detailing cost‑saving measures. The conversation shifts to his AI‑driven landing‑page builder (referred to as the Wizer tool), its one‑click generation, white‑labeling options, and pricing strategy aimed at agency owners. He explains the broader business model of targeting agencies with SaaS licensing, emphasizing scalability and high‑margin revenue. Aryan articulates a long‑term vision of becoming the richest person without fixed targets, advocating limitless ambition and diversification. He offers advice to digital marketers, freelancers, and agency owners to stay consistent, work hard during peak periods, and avoid comfort zones. Personal wealth displays, such as owning multiple cars and real‑estate investments, are mentioned, illustrating his financial status. The episode blends personal philosophy, practical business tactics, product development insights, and motivational guidance for aspiring entrepreneurs.
Chapters
आप मेरे को बताओ क्यों ऐसा मार्केट में इंडियन मार्केट में खासकर कोर्सेस पर ऐसा क्यों आया कि भाई लोग पसंद नहीं करते। जैसे बहुत सारे अपने यूटयूब में एड्स देखो लोग बहुत ही थोड़ा स्कैमिंग टाइप ऐड बनाते है।
भोपाल का सबसे लेविस कॉलेज माना जाता है जहाँ वो स्टूडेंट ऑफ द वाली जो आप यूनिवर्स कर सकते है। भोपाल की वो है बोला कि कितना कमा लेते हो और डिग्री बहुत म्पोरटंटहैयहह वो है तो वो थोड़ा सा ईगो वो हो गया यार ये तो ऐसे बोल रहे हैं।
आप 1 बात बताओ कि आपका जो वाइजर टूल है वो एक्सपेक्टेड डेट या एयर कैश जिसमें लॉन्च अप कर दोगे
एक्सपेक्टेड है तो जितने भी आप शाक्स देखते है उन सबने यह करके रखा
हुआ है वेलकम टू द पोडकास्ट आर आज हमारे साथ हैं आर्यन त्रिपाठी जो की बहुत सारी नेशनल मार्केटिंग में कंपनी जन करते हैं एंड फिफ्टी प्लस करोड़ की कंपनी है इनकी। आज इनसे थोड़ा जानेंगे इन कंपनी के बारे में। आर्यन पहले अपने बारे में थोडा बताइए हो विल यू डिफाइंड योरसेल्फ सबसे पहले
तो थैंक्यू सो मच अमित आपने आपके पॉडकास्ट पर मुझे इनवाइट कर मैं पिछले 3 सालों से चला तो मैं एडवाइज बहुत सालों से हूँ 7 साल से ज्यादा हो गया जब से मैं डिजिटल मार्केटिंग में हूँ बट जब 18 का हो जाता है उसके बाद ही रजिस्टर्ड होती है कंपनियां तो पिछले 3 साल से ऐसे रजिस्टर्ड कंपनी हम आईडी माइस को ऑपरेट कर रहे हैं। एस्ट्रोलॉजी रियल स्टेट एटेक इसमें हमारा मेन कोर है जहाँ पर हम मेटाआट्स पर ज्यादा फोकस करते हैं, ऑफिशियल मेटा बिजनेस पार्टनर है और उसके बाद फिर मल्टीपल वेंचर चालू करे लाइज। 1 मेरा वेंचर है जहाँ पर हम लोग ऑफलाइन प्लस ऑनलाइन क्लासेस हैं। देन देयर इज माय जहाँ हम लोग सेस बिल्ट अप कर रहे हैं। जहाँ पर भी डिजिटल मार्केटिंग से रिलेटेड जितने भी सॉफ्टवेयर हम लोग बना सकते हैं। अभी हमने फर्स्ट इंटरेस्ट ऑप्टीमाइजर बनाया है उसके बाद अभी हमारा टैग का काम चल ही रहा है जहाँ पर हमलोग लैंडिंग पेज बिल्डर टूल बनाना चाह रहे है जहां से हम एआई की मदद से ही फोटो आ जाए। एआई की मदद से ही एड कॉपी लिख जाए। जैसे आपके कनवर्जन रेट बूस्ट हो पर है तो ऐसे मल्टीपल डिजिटल मार्केटिंग की निज में काम चल रहा है बाकी और भी ऑफलाइन चीजें हैं जहाँ पर हम लोग कुछ कुछ इन्वेस्ट कर रहे हैं। 1 ऑफलाइन एम्पायर बनाने की कोशिश चल रही है।
अरे वाह परफेक्ट परफेक्ट सो अरे थोड़ा सा पीछे चलते हैं टाइम में एंड आपने ट्वेल्थ के बाद कॉलेज ज्वाइन किया था, एंड देन सेकेंड डियर के बाद आपने ड्रॉप आउट कर दिया था तो उसके बारे में थोड़ा ब्रेक कैसे हुआ
हुआ ये था कि मतलब स्कूलिंग मेरी बहुत ज्यादा अच्छे स्कूल में नहीं हुई थी जो 1 लैविश स्कूल बोला जाता है जहाँ पर आप डी पी एस देखते हैं हमारे भोपाल में डी पी एस सी अब होंगे तो जब वो नहीं हुआ था तो हमारे 1 कॉलेज है जेलियूजोकी डी पी एस वालो ने करके रखा हुआ है। तो वो मतलब भोपाल का सबसे लैबरेज कॉलेज माना जाता है जहाँ स्टूडेंट ऑफ़ द वाली जो आप यूनिवर्सिटी इमैजिन हैं, भोपाल की वो है। तो मेको वहाँ पर एडमिशन लेना था। अब लॉक डाउन चल रहा था, लॉकडाउन में एडमिशन ले लिया, उस टाइम मेरी अर्निंग जे से स्टार्ट हुई थी, थोड़ा बहुत मैंने कमाना चालू कर दिया था। तो जैसे ही आता था पैसे वहाँ पे भर देता था। फिर उसके कारण 1 बोस भी मिला। तो मतलब पहली कार का जो 1 सोच सोच आया वैसे तो रहता है कि कार लेनी, कार लेनी, एडमिशन ले लिया लॉकडाउन थे। तो 1 भैया ने बोला कि वहां तो सब अमीर लोग आते हैं और कार से जाते हैं, सब बच्चे। तो फिर वहाँ पर 1 थॉट आया रे कर भी लेनी है। तो वो 1 बूस्ट भी मिला वहां से तो फर्स्ट ईयर से ऑफलाइन चल ही थी, सब मतलब ऑफलाइन नहीं चलनी थी सब क्लासेज क्योंकि लॉक डाउन था तो हम लोगों को ऑनलाइन ही पेपर देने रहते थे। तो जो भी 45 लोग थे हम लोग 1 कैफे पर बैठ जाते थे। तो जो वो भरते थे वो मैं भर देता था। तो फर्स्ट इयर मेरा ऐसे पास हो गया। अब सेकेंड ियर की बारी आई जहाँ पर ऑफलाइन क्लासेस इम्प्लीमेंट होने लग गई। तो ऑफलाइन क्लासेज तक भी बढ़िया था की चलो कॉलेज घूम लेंगे बट प्रॉब्लम आई एग्जाम में, क्योंकि पढ़ा तो कुछ है नहीं ना, फर्स्ट एयर में भी मैंने कुछ नहीं पढ़ा था तब भी मेरे नाइन सीजीपीए हो गए थे। अब यहाँ पर ऑफलाइन क्लासेज यहाँ तो कैसे होगा? और क्योंकि वहाँ पर बहुत ज्यादा एमबीए वाले बच्चे आते हैं, कॉमर्स वाले स्टूडेंट ज्यादा रहते हैं। तो मैंने बी टेक लिया था और मैं एलॉन मस् से बहुत ज्यादा इंस्पायर्ड था। तो मैंने लिया था बीटेक ऑनर्स ए, आई एम एल, तुम्हें एआई और एमएल करूंगा और कुछ इंडिया के लॉन मस्त टाइप कुछ होगा। तो उस टाइम ऐसी सोच थी सेकेंडियर की बात आ गई। अब यहाँ पर एक्चुअल एग्जाम होने वाले थे, उससे पहले मेरे डी ने बुलाया मेरी मैं उस टाइम फर्स्ट ऑफिस खोलने वाला था अपना, तो मैंने जस्ट ऑफिस ले लिया था उसका काम कर रहा था और उसी टाइम एचडी ने बुलाया कि आप आइए आपकी अटेंडेंस नहीं रहती है, अटेंडेंस मेरी ऑलमोस्ट जीरो थी 10 15 परसेंट की अटेंडेंस रहा करती थी, कॉलेज भी गए तो कॉलेज जैसे बताया कि स्टूडेंट ऑफ द ईयर वाला था तो बाहर बैठ गए, गार्डन में बैठे हुए हैं तो अटेंडेंस हो नहीं पा रही थी तो उन्होने बोला की कितने ही कमा लेते हो और डिग्री बहुत इम्पोर्टेंट है, ये है, वो है। तो वो थोड़ा सा ईगो वो हो गया यार ये तो ऐसे बोल रहे हैं। तो उस टाइम मैंने ऐसा कुछ जवाब नहीं दिया बड़े थे मैं, उस दिन से मैंने कॉलेज जाना छोड़ दिया और मैं फुल इन हो गया कि मुझे इसमें ही बिल्ड करना है जब तक मैं करीब 2 3 लाख रुपए पर मंथ कमा रहा था तो मैंने ऐसे ही एनालाइज कर लिया कि अगर मैं कर भी लेता हूँ बीटैगऑनरसतपहले मैं अमन धत्तरवाल भार को बहुत देखता था और पीसीएम वाले स्टूडेंट रहा हूँ तो वही था कि वो सेमांग होता है मैं मेटा कुछ आ गया मेटा एमेजोन जो बड़ी 5 छे कंपनीज है उसको हिट करना है, माइक्रोसॉफ्ट को पहले वो था तो उसमें पैकेज कितना लगता है 30 40 लाख रुपए लगेगा और अभी तो मैं उतना 40 50 अगर 2 लाख रुपए भी कमा रहा हूँ और इसको ग्रो भी कर सकता हूँ। तो ऑन एवरेज पूरे साल में मैं 3 कमाऊँगा तो 36 लाख रुपए तो पैकेज है मेरे पास तो मैंने उसको डिसाइड करा की मैं ड्रॉप आउट कर देता हूँ, वहाँ से मेरा कॉलेज ड्रॉप आउट हुआ फिर फुल इन होके क्योंकी। अब ज्यादा डिस्ट्रक्शन नहीं थी प्लस मैंने घर पर बताया नहीं कि मैंने कॉलेज छोड़ दिया, मैं घर पर यही बोल रहा हूँ की अभी भी वही वर्क फ्रॉम होम, मतलब क्लास फ्रॉम होम चल रही है वहाँ पर कुछ भी नहीं हो रहा है। तो फिर अब मेरे पास रिस्क भी था क्योंकि घर पर बताया नहीं है, मैंने कॉलेज छोड़ दिया है और मैंने कॉलेज छोड़ दिया तो अब मुझे पैसे कमाने पड़ेंगे तो वहाँ पर 1 और हो गया था। तो ये सब जब प्रेशर बना तो काम करा ग्रोथ हुई और फिर एग्जेक्टली थर्ड यर में आया तो पापा ने पूछा आज तक पापा कॉलेज भी नहीं गए थे, मैंने खुद ही एडमिशन करा के पापा ने पूछा अब तो सबकी क्लास लग रही है, उन का एग्जाम्पल लिया सब जा रहे हैं, तुम्हारा कैसा है। तो फिर उस दिन मैंने बैठ के पापा मैं छोड़ दिया था तो उस टाइम भी 2 साल तक मैंने सुना है, लिटरली 6 महीने पहले तक मैं यही सुनता था की कॉलेज कर लेना था, यह अभी डिग्री बहुत इमपोर्टंट होती है, यह होता है घर वालों को कितना भी एक्चलकभीकबारमीम आता है न की घर वाले बोलते है की सरकारी नौकरी बहुत जरूरी है, रेलवे वाली नौकरी जाती कोई ऐसा होता तो बढ़िया रहता तो उस टाइप का भी तक माइंडसेट था, अब जाके जब ऑफिस देख लिया उन्होंने और टीम मेंबर्स हैं, अब 50 प्लस टीम मेंबर्स को देखे हैं, कभी ऑफिस आते तो उनको समझ में आ गया की ठीक है हो रहा है तो अब नहीं बोलता
पता आप तो 2 साल की मैं तो टोल के बाद ही छोड़ दिया,
अरे क्या ऐसा मोटिवेशन क्या रहा जो ट्वेल्थ के बारे में
छोड़ यार मैं ढाई 3 लाख रुपए जनरेट करने लग गया था पर ट्वेल्थ से पहले इन फैक्ट तो मैं मतलब छोड़ दिया, क्या ये जे भी अभी एम ट्वेंटी वन अरे सेम अतनीकंपनीसके बारे में थोड़ा बताओ कि कौन कौन सी कंपनीज हैं, कहा पे है, आप क्या क्या करते हैं उन कंपनीज?
अभी सबसे पहला कोर जहाँ मेरा सबसे ज्यादा रेवेन्यू है या फिर सबसे ज्यादा सोर्स ऑफ इनकम है, वो है आइडीमाइज जहाँ पर हम लोग क्लाइंट्स के लिए मेटायर्स और ऑल ओवर 1 परफॉर्मेंस मार्केटिंग एजेंसी जहाँ पर हम लैंडिंग पेज भी बिल्ड करते हैं, फन्स बनाते हैं, एड छूट करते हैं, एडिट भी करते हैं, मैटायट्स भी है गूगल एड्स भी ब क्योंकि मार्केट में आपको दिखना है मार्केट में आपको 1 यूनिक निश के साथ दिखना है तो मैं अपने आपको मेटा एड एक्सपर्ट बताता हूँ की अगर आप सब कर रहे हो तो आप 1 अच्छी सी टार्गेट ऑडियंस को नहीं कवर कर पाओगे तो मैं मैंने सब एनालाइज कर और मैं जिसमें एक्सपर्ट हूँ तो मैंने उसी को भी बोलता हूँ तो मैटाएडसमेहमलोग करता हूँ जब वो क्लाइंट आता तो सको लैंडिंग पेज भी चाहिए बहुत बड़ी बात ही है वो भी हम कर रहे हैं तो ऐसे घर के वन स्टॉप सॉल्यूशन है कोई भी अगर किसी को भी ऑनलाइन जाना है ऑनलाइन मार्केटिंग करना बट कोरली हम बोलते हैं मैटाइट्सकेस्पेशल एजेंसी है तो ये फर्स्ट हो गई हमारी एजेंसी बिजनेस है द सेकेंड आता है हमारा लर्नमाइसजोकि 1 एटैक बिजनेस है जहाँ पर हम लोग ऑनलाइन ऑफलाइन कोर्सिस करते हैं तो ऑनलाइन में भी हम लोग बहुत नीस्ट सिर्फ डिजिटल मार्केटिंग से रिलेटेड जितने कोर्सेज हैं उसमें करते हैं एंड ऑफलाइन हमारे सेंटर है जहाँ पर ऑफलाइन भी हम लोग करते हैं तो अब होता क्या कि जैसे हम लोग अभी भोपाल भेज रहे हैं भोपाल में मतलब टेयर टू है और आपको तो टेयर वन में परफॉर्मेंस मार्केटिंग और डिजिटल मार्केटिंग के लोग मिलना मुश्किल है क्योंकि कॉलेज में तो प्रैक्टिकैलिटी सिखाई नहीं जा रही है जो भी एक्साइज मान लेते हो रहा है यह हो रहा है वो हो रहा है कुछ सिखाया तो जा नहीं रहा है तो आपको प्रैक्टिकल वाले लोग चाहिए तो हमें भोपाल में हैरिंग करनी थी तो हम लोग क्या करें तो ऐसे एक्सपेरिमेंट हम लोगों ने करा के हम लोग ऑफिस बहुत बड़ा था स्पेस बचा हुआ था हमने ऑफलाइन इंस्टीट्यूट डाला और हमने बोला कि हंड्रेड परसेंट प्लेसमेंट गारंटी तो हमने उसको चालू करा तो अब लोग यहां पर पढ़ते हैं यहाँ पर पढने के बाद 3 महीने और 4 महीने का कोर्स है उसके बाद उनकी इंटरनशिप लगती है इंटर्नशिप के बाद वो फुलटाइम हमें ज्वाइन कर लेते है सो सेकेंड बिसनेस हमारा ऑनलाइन एंड ऑफलाइन कोर्सेस का कमिंग ओवर टू थर्ड बिसनेस जोकि अभी बिल्ड हो रहा है अभी पैसा कुछ आ नही रहा है सिर्फ जा रहा है वो है टैक का तो यहाँ पर हम लोग टैग बिल्ड कर रहे है जो भी डिजिटल मार्केटिंग से रिलेटेड है तो और ये 3 बिसनेस क्यों कर रे है वो भी मैं आपको बताऊंगा तो टैक में हम लोग अभी जो मेन माइजर हमने चालू करा था वो ये करा था कि हम लोग 1 लैंडिंग पेज बिल्डर टूल बनाये क्यूंकि मोस्टली अभी जितने भी लैंडिंग पेज बन रहे है वो बन रहे हैं ज्यादातर आपके वर्डप्रेस पर बनते हैं या फिर एक्साइज क्लिक फाइनल्स का परिणाम ले लेते हैं फिर ऐसे बहुत सारे फाइनल साला चुके हैं तो उसमें क्या होता है यूआई का दिक्कत है अब आपको अच्छा युआई चाहिए तो आप सिर्फ और सिर्फ बना सकते हो वर्डप्रेस पर एलिमेंटल और सब से बट हर कोई उतना टैकी नहीं होता तो हम लोग का मिशन यह था कि हम लोग बहुत सिंपलीफाई सिम्पल कर दे कि किस तरीके से 1 अच्छी डिजाइंस अच्छा हैड कॉपी और अच्छे इमेज के साथ जुड़ सकता है। तो हमारा माइजर का मेन मोटिव था कि 7 मिनट में कैसे आप खुद का लैंडिंग पेज बना दोगे, चाहे सर्विस बेस्ड हो, प्रकट बेस्ड हो, आपका कोर्स बेस्ड हो तो वो हुआ बट क्योंकि उसमें टैंक में अभी हम ऑलमोस्ट 2 साल हो चुके हैं और ए आई हम लोग खुद का कर रहेहैं तो उसमें टाइम लग रहा है अगर हमें लॉन्च करना होता है सिर्फ जैसे मार्केट में बहुत सारे अवेलेबल है जो ड्रैगन ड्रॉप बिल्डर बोलते हैं जिनको तो उसकी स्क्रिप्ट भी मिलती है कोई भी मतलब आप जाओगे आप 1 टुटोरियल देखोगे $7 की स्क्रिप डाउनलोड करोगे या फिर फ्री लांसर को दे दोगे वो स्किप डाउनलोड करके 50 हजार रूपए लेगा वो आपका बिल्डर टूल बना देगा बट क्योंकि हमलोग स्क्रैच से बना रहे हैं, खुद का टैग बना रहे हैं, जो फ्यूचरिस्टिक लैंग्वेज है हम उसपर बना रहे है। तो इसलिए हम लोगों को थोड़ा सा टाइम लग रह है बट उसको क्योंकि टाइम लग रहा था तो जब तक हमने अभी 1 इंटरेस्ट एक्सप्लोरर स अपने अभी रीसेंट ली 1 इंट्रेस्ट एक्सप्लोरर टूल लॉन्च कर है यहाँ पर जो माइट्स हैं वहाँ पर कीवर्ड्स आते हैं। तो ये 3 हो गए। तो डिजिटल मार्केटिंग में ये 3 हम लोग कर हे फिर इसके अलावा ऑफलाइन बिजनेस में हैं तो आप कैफे में थोड़ा सा इन्वेस्ट कर रहा हूँ कैफे रेस्ट्रो में उसके बाद स्कूल क्योंकी मतलब स्टार्टिंग में जब पैदा हुआ था जब 23 बच्चों का द स्कूल चलाया करती थी मम्मी पापा दोनों मिल के चलाते थे उससे पहले वो चाचा जी का हुआ करता था, चाचाजी की जॉब लग गई, सरकारी जॉब लग गई थी उनके पुलिस में, तो उनको वो बंद करना पड़ता। तो ऐसा कुछ ज्यादा था नहीं हम लोगों के पास अर्निंग शोज तो मम्मी पापा उसको चलाने लग गए। तो 3 बच्चों से छोटे ऐसे नीलबर्डएरियाहैएक वो आज से आप बोलेंगे 20 साल पहले उतना डेवलप्ड एरिया नहीं था तो वहां पर पढाना चालू कर रहा था। तो वो 1 स्कूल चल रहा है बट अभी रिसेंटली मैंने वो स्कूल को भी ग्रो करवाया साथ ही साथ हमने 1 प्ले स्कूल डाला है तो ऐसे घर के ऑफलाइन में भी मैं थोड़ा इन्वेस्ट कर रहा हूँ रियल स्टेट है कुछ बिल्डर प्रोजेक्ट हैं उसमें कुछ छोटी पार्टनरशिप के साथ ऐसे बिल्डर बोल सकते ह। तो ऐसे करके पोर्टफोलियो को अभी डाइवर्सिफाई
कर रहा हूँ भाई बहुत ही बढ़िया या ट्वेंटी वन के एज में इतना कुछ कर रहे। मैंने देखा कि अपना प्ले स्कूल मार्केटिंग भी कर रहे हो, उसमें सब कुछ कर रहे हो। तो मेरे को बहुत अच्छा लगा में पूछने वाला था टॉपिक के बारे में आपने ऑलरेडी कवर कर दिया तो बहुत ही बढ़िया ना मेरे को 1 चीज जानना था की इतना सब कुछ कैसे मैनेज करता है। मुझे पता है कि 23 चीज मैनेज करना बहुत मुश्किल काम है। तो कैसे हर 1 बिजनेस के लिए कैसे कैसे टाइमिंग आप निकालते हो या
कोई टाइमिंग आपको मतलब। बहुत सारे लोग बोलते हैं कि वो ब्लॉक कर लिख लेते हैं कि मैं 2 घंटे इसको दूंगा 2 घंटे उसको दूंगा बट प्रैक्टिकली। देखा जाए तो वो 2 घंटे और इस तरीके से आप दे नहीं सकते कि 2 घंटे में आईडीमाइजमें दे रहा हूँ। फिर आप 2 घंटे लर्दमाइज में दूंगा आपको जिसमें जहाँ मुसीबत आए वहाँ पर आपको घुसना पडेगा। तो अगेन 11 ऐसी स्टेज पर पहुँच गए जहाँ पर रिलेक्स कर सकते हैं। हम लोग बहुत आराम से ऑटोमेशन ऐसा बन चुका है अपने आप क्लाइंट्स आयेंगे, अपने आप परफॉर्मेंस मि लेगी, उनको अपने आप ही ग्रो होगी बट क्योंकि और बिल्ड करते जाना है तो अभी भी जैसे आप बोलोगे की अभी अभी का में थोड़ा सा रूटीन बताओं तो मैं सुबह 45 बजे यहां से घर मतलब घर जाता हूँ, अपने ऑफिस से देन, उसके बाद कुछ 7 या 8 घंटे सोता हूँगा, फिर 12 घंटे और घर में जो भी जब उठे तो आप तैयार हो गए। आपके कपड़े देखोगे जो भी कुछ है कलाइंट तो 10 घंटे घर में रह रहा हूँ। बट बागी के 14 घंटे में ऑफिस में हूँ तो अन प्रैक्टिकल लगता है कि 14 घंटे लोग काम करते हैं, 12 घंटे काम करते हैं और फॉर एग्जांपल जैसे ये है तो 1 तरह से यह काम हो गया। अब इसमें से कुछ रील्स निकल जायेंगी। मेरी तो अब ये 1 घंटे या 2 घंटे जो भी हमारा पॉडकास्ट चलने वाला है, ये भी 1 तरह से काम ही है। अगर मैं रील कुछ देख रहा हूँ, किसी का चेकआउट कर रहा हूँ, कोई फाइनल देख रहा है तो वो भी 1 काम है। तो ऑफकोर्स डेडिकेटली। हम लोग 14 घंटे 12 घंटे काम नहीं करते बट 1 तरह से माइंडसेट वही रहता है। तो हमेशा टाइम आपका चलता जाता है। जहाँ पर जितनी भसड़ उतना टाइम आपको देना पड़ेगा।
हम समझ गया। आरन भाई मेरे न बहुत सारे जो मतलब यूट्यूब पे व्यूवर्स हैं, ज्यादातर फ्रीलांसर्स हैं, एजेंसी ओनर्स हैं तो करेक्ट अगर वो उनको क्लाइंट लेना है सो अगर उनके पास लेट सी आपको मैं कहूं कि आपको सिर्फ 1 स्ट्रटेजी इस्तेमाल करनी है सबसे बेस्ट ट्रैटेजी तो आप क्या रेकमेंड करोगे, क्लाइंट कैसे ले आये
भाई सिंपल से आप लोग रिफ्रंडपॉलिसी रख 2 जिसको बोलते हैं नो ब्रेनर ऑप्शन आपको लीड तो सबको पता है कि गूगल मैप पर मिल जाएगी। सबको पता है फेसबुक एड स्लाइड बेरी पर जाके, जिसके एड चल रहे है उसको देख के हो जाएगा। किसी को भी रीच आउट कर लेंगे, ई कॉमर्स स्टोर शॉपीफाई सर्च करके सर्च कर लेंगे। तो क्लाइंट कहाँ कहाँ पर मिलने हैं ऑप्शंस वो सबको पता है बट क्लोजिंग सबसे बड़ी दिक्कत है। जितने भी आजकल फ्रीलांसर हैं एजेंसी ओनर हैं। इन लोगों को क्लाइंट तो पता है बट क्लोज नहीं हो रहा है मीटिंग भी कर लेते हैं। क्लोज नहीं हो रहा है तो आपको आपके क्लाइंट के लिए नो ब्रेनर ऑप्शन रखना पड़ेगा और यही मेरा भी सीक्रेट बोल लो या फिर मेरे इनीशियल स्टेप्स बोल लो। मैं अपने एजेंसी में एटी पर्सेंट डिफ्रेंट पॉलिसी दिया करता था जहाँ पर क्योंकि अब स्टार्टिंग का ब्रैंड है, मैं कोई बड़ा नाम नहीं था, उस टाइम 10 हजार फॉलोवर थे, छोटे ऐसा कुछ था नहीं मैं बहुत ज्यादा मेरा टाइम नहीं हुआ है और मैं एज जब एजेंसी चला रहा हूँ 17 साल की एज रजिस्टर्ड कंपनी नहीं है जी एस टी नहीं है ट्रस्ट कैसे होगा? तो आज तो देखते हैं कि चलो आज मेरे पास नंबर ऑफ़ क्लाइंट है, उनकी के स्टडी दिखा सकता हूँ, इतने सालों से कर रहा हूँ, वो दिखा सकता हूँ। आज मेरे पास ऑफिस है तो 50 टीम मेंबर बैठे हैं तो उनको 1 रहता है की चलो ठीक है, मेंबर्स तो हैं वो कुछ कर ही रहे होंगे, 50 मेंबर हैं तो कहीं न कहीं तो कुछ तो आता ही होगा। तो आज मेरे पास स्टेबिलिटी के मल्टीपल फेक्टर है, पी आर है ये इस टाइप की पॉडकास्ट है इसमें से कोई देखेगा तो ऐसे बहुत सारे ऑप्शन आ जाते हैं बट स्टार्टिंग में आपके पास कुछ नहीं होता है, आपके पास सिर्फ 1 ही ऑप्शन रहता है जहाँ पर आपको आपके ऊपर खेलना है, आपके ऊपर ड्रेस दिलाना है। आप क्लाइंट को बोल 2 में ए टी पर्सेंट डिफ्रेंट पॉलिसी देता हूँ जो भी एक्फाइजरडआपचार्ज कर 10 हजार रूपए चार्ज कर रहे, 50 हजार रूपए चार्ज कर रहे। अगर 1 महीने बाद आपको लगता है कि आप मेरे साथ काम नहीं करना चाहते, आपको मैं विदाउट एनी कोशन एटी परसेंट डिफ्रेंट पॉलिसी दूंगा, ऐसा मैं बोला करता था और सिम्पल सी चीजें। अपने सर्विस बेस बिसनेस में ट्वेंटी परसेंट का कॉस्ट ता है? अगर टीम मेंबर भी बैठे हैं बट, क्योंकि स्टार्टिंग में सब फ्री लांसर्स ही है, सब एजेंसी ओनर्स सोलो चला रहे ैं फिर पार्टनरशिप में 245 लोग मिलके चला रहे हैं। तो जब आप रेफर्ड पॉलिसी रख रह हो तो आपका खर्चा तो कुछ हो नहीं रहा है आपको तब भी 20 परसेंट आपकी मेहनत को तो मिल ही रहा है। और जैसे ही आप बोल रहे विदाउट नैनी कोशन मैं आपको ये नहीं बोलूंगा की मैंने सेल ला के दी आप कनवर्ट नहीं कर पाया मैंने आपको लीड लाके दिया, आप कनवर्ट नहीं कर पाया। मैं डायरेक्टली आपको 9 कोशन आज पैसे रिफंड कर दूंगा ट्वेंटी फोर जिस दिन आपने रेस कर दिया 30 दिन का समय 2 मैं इस टाइप से करता था। बहुत सारे लोग इस कॉन्फिडेंस से मेरे साथ क्लोज होते थे और ऑफकॉर्स सब लोग नहीं जाते और स्टार्टिंग में मैंने भी बहुत सारे रिफण्ड इनिशिएट करे तो बट होता क्या की उससे लर्निंग मिल गई न क्या निज करना है क्या नहीं करना। तो ऐसे स्टार्टिंग मे बहुत सारे प्रोजेक्ट सुसायएडटैकमें 1 हीलिंग हीलिंग तो अब चलने लगे, वो अलग टाइप की हीलिंग थी, उसका प्रोजेक्ट था तो नहीं चल पा रहा था, करैकीनहींहोपारहा था उसका गेम तो मैंने रिफंड करा बट पता चल गया न किस निश में नहीं जाना। तो अब मेरे पास मेरे को पता है किस किस क्लाइन टाइल को उठाना है अब जैसे आप बोल लो की इंडिया में जितने भी एस्ट्रोलॉजर्स हैं टॉप जो एस्ट्रोलॉजर्स आप देखते चाहे में चाहे न्यू लॉजी में चाहे एस्ट्रोलॉजी में सेवेंटी परसेंट मेरे पास है क्यूंकि मैंने उस नीच को क्रैक करके रखा हुआ है और मैंने उसकी स्टडी कर रखी हुई है। तो अगर एस्ट्रोलॉजी तो मैंने खुद एस्ट्रोलॉजी पढ़ ली है तो किस टाइप के ऐड बनाने मुझे पता है क इस टाइप की चीजें करनी है तो आपको इनीशियल बहुत सारे फेलियर्स को सामने करना है तो 10 में से आपके पास 3 क्लाइंट भी रह जाते हैं अच्छा खासा रिटेनर बनेगा साथ क्लाइन को रिफंड कर देना तब भी 20 परसेंट तो उसी का बच रहा है तो जब आप नो ब्रेनर ऑप्शन दोगे आपके क्लाइंट को क्लोज होगा हंड्रेड एंड वन परसेंट
बिल्कुल सही बात है और बहुत अच्छा टेकनिक है मेरा 1 और चीज पे एड करूंगा कि मतलब नेटवर्किंग से अच्छा लाइन देने का तरीका कुछ भी नहीं है मतलब आप इवेंट्स में जाओ और टॉक्स में जो भी नई में जाओ ज्वाइन करो तो मतलब आप भी न भाई मैंने आपके कई पोडकास्ट देखा था मुझे याद नहीं रहा एग्जैक्टली काफी बट आप बताए थे वहां पर कि मीन नेटवर्किंग जो है न बहुत पावरफुल चीज है नेटवर्किंग आप कैसे करते हो आप कुछ सजेशन देना चाहोगे कि क्या तरीके कुछ नेटवर्किंग करने के
सबसे पहली चीज नेटवर्किंग में 1 होता है आदान प्रदान। अब बहुत सारी चीज अगर आप सिर्फ क्लाइंट क्लोज करने के लिए जा रहे तो आपके नेटवर्किंग कभी नहीं हो सकती बहुत सिंपल चीज़ है अगर आपको नेटवर्किंग करनी है तो आपको पहले कुछ पेश करना होगा आपकी थाली में की आप क्या दे रहे हो तो पहले तो वो फैक्टर ढूंढो तो फॉर एग्जामपल जैसे आज की डेट में मेरे लिए नेटवर्किंग करना बहुत इजी हो चुका है क्यूंकि मेरे साथ बहुत सारे लोग जुड़ चुके हैं पहले से ही तो अब उनको क्योंकि मेरे पास नंबर ऑफ़ फॉलोवर्स हैं तो उनको पता है कि आपके पास अगर कुछ नहीं है तो आपके पास या तो डिस्ट्रीब्यूशन होना चाहिए तो पैसा होना चाहिए। 2 वजह है जिसके कारण आप मिलना चाहते हो किसी से भी। तो अगर आपके पास डिस्ट्रीब्यूशन है तो लोग आपसे मिलना चाहेंगे या तो आपके पास पैसा वो पैसे लेने के लिए आपसे मिलना चाहेंगे मैंने डिस्ट्रीब्यूशन पर फोकस करा कंटेंट क्रिएशन पर जाओ अपने नंबर ऑफ़ फॉलोवर्स बढ़ाओ। तो अब क्योंकि मेरे पास 89 बोल सकते हो आप मेरे बड़े भैया बहुत सारे लोग जुड़ चुके हैं तो मुझे किसी से भी मिलना है आज की डेट में तो मुझे लिटरली 1 जेकअपग्रुकी मैंने बहुत पहले रील देखी थी क्या आपको किसी से भी मिलना है तो आपको 2 या 3 कॉल लगते है मैक्सिमम और आज मैं उस कंडीशन पे हूँ किसी से भी मिल रहा हूँ मेको 2 या 3 कॉल ही लगेंगे बहुत शिद्दत से मिलना चाहूँगा तो कोई से भी मिनिस्टर्स हो प्राइम मिनिस्टर से थोड़ा मुश्किल होगा उस वाले को अभी उस लेवल पर ही पहुंचे बट अभी स्टेट लेवल पे हो गए, सीएम हो गए। अगर मुझे बहुत डेडिकेटेड ली बिल्कुल मिलना ही है मेरे पास कुछ है तो वो आज मेरे हाथ में है कि हाँ मैं किसी को बोलूंगा तो मैं मिल सकता हूँ कोई एंट्री पनार है उससे मिल सकता हूँ। तो आपको कुछ आप क्या डिस्ट्रीब्यूशन बनाओ और उससे आपकी में नेटवर्किग होगी मेन ली मैं नेटवर्किंग क्लाइन क्लोजिंग के लिए नहीं करता हूँ मैंने अभी मतलब मोस्टली ऐसा करा नहीं है तो मैं थोड़ा और जानना चाहूंगा की नेटवर्किंग में और बी एन आई जैसे आपने नाम लिया उसमें कैसे करते हैं।
आप क्लाइन क्लोज तो बहुत ही सिम्पल तरीका है मैं अपने जितने भी लोग है उनको बताता हूं की आप या करो अपने एरिया में बी एन आई हो गया और भी जो जैसे होते हैं 1 टोस मास्टर क्लब होता है या फिर कोई इवेंट में जा रहे है तो आप अगर वहाँ भी मौका मिलता है बोलने का बिकास वीएनआई में हर हफ्ते मौका मिलता है बोलने का अगर हम बात करें टोस मास्टर क्लब में हर हफ्ता मौका मिलता है बोलने का तो आप न टॉप के सा चुनो ही बेनिफिट ऑफ डिजिटल मार्केटिंग फॉर लोकल डायरेक् बिजनेस मतलब आप सैली मत करो। सबसे सिम्पल है कि आप वहाँ पर जाके। उस वैल्यू 2 आप कुछ मत बोलो आप जब निकलोगे वहां से साइड से न तो लोग कहेंगे अरे भाई यार ये वाला बिजनेस भी चले ऑनलाइन हो जायेगा क्या? तो मतलब लिटरली काम करता है। कभी भी मैंने देखा है जो ओवर स्मार्ट बनते हैं। लोग सोचते हैं कि मैं जाकर पिच कर दूं सीधा उनको कोई भी नहीं लेता है। वैल्यू 2 सिम एंड पिच मत करो सिक्रेट की उस समय पिच मत करो आप नेटवर्किंग करने गए हो, प्रेजेंटेशन देने गए हो तो इससे बहुत फायदा होता है।
भाई सो वही है जैसे यहाँ पर भी नेटवर्किंग कैसे पाए पहले आपने वैल्यू दी। आप कुछ लेने नहीं गए थे तो नेटवर्किंग का सबसे बड़ा रीजन और सबसे बड़ा आप बोल सकते हैं। सक्सेस शो यही है कि आपको देना है विदाउट कुछ एक्सपेक्ट करे।
मैं इवेंट्स वगैरह में भी जाता हूँ। तो अगर लेट से किसी को हेल्प चाहिए तो मैं बिना मतलब नी सेकेंड थॉट में उसकी हेल्प करने में फोकस करता हूं न कि भैया मेरा क्लाइंट बन जाएगा।
ऐसा कुछ नहीं है।
बट दे ंडपबकमिगकलाइंलेटर न बाद में इंस्टाग्राम से कंटेंट करलेते हैं, वाट्सप कर लेते हैं। बाद में वो चीजें होती है, तुरंत नहीं होती है। लोग सोचते हैं कि मैं जाऊंगा पिच कर दूंगा, क्लाइन मिल जाएगा ऐसा नहीं होता है। तो ये चीज हैं। मैं आपसे 1 और चीज बोलना चाहूँगा जिसे अभी आप फेसबुक एड का कोर्स भी सेल करते हो। मैं भी बहुत सारे मतलब कोर्सेज सेल करता हूँ। हम लोग मैं भी ऑनलाइन डायरेक्ट नहीं सेल करता हूँ लेट से मैं यू ट्यूब के थ्रू सेल करता हूँ एड्स के थ्रू सेल करता हूँ। बिकज आपको बताया कि कोर्सेज में क्या होता है की लोग ऑफेंड हो जाते हैं, है न? तो आप मेरे को बताओ क्यों ऐसा मार्केट में इंडियन मार्केट में खासकर कोर्सेज पर ऐसा क्यों आया है कि भाई लोग पसंद नहीं करते। जैसे बहुत सारे अपने यूट्यूब में एड्स देखो लोग बहुत ही थोड़ा स्कैमिंग टाइप ऐड बनाते हैं, फिर उसके बाद वेबिनार्स में लिखे जाते हैं न इतना हार्ड पेश करते हैं, सामने टाइमर चल रहा होता है। तो 1 इंडस्ट्री ऐसा कैसे बन गया भाई मतलब क्या स्कैम चल रहा है इसमें कोर्स बिजनेस में कि हम लोग भी सही से डायरेक्ट नहीं सेल कर पा रहे।
ऐसा क्या है मेन प्रॉब्लम ये हुआ कि जब एड्स चले जो आप यूट्यूब एड्स की बात कर रहे हो तो उसमें आपको एड में इतनी ज्यादा चीजें दिखा दी गई कि आपने आज ये कर लिया तो आप ये हो जाओगे। आपको इतनी बड़ी गाड़ी दिखा दी गयी, आपको इतने बड़े नंबर बता दिया गया, इतना सब दिखा दिया गया और आप इन्फ्लुएंस हो गया, वेबिनार में आ गया। वेबिनार में आए तो उन्होंने अपनी पूरी कहानी सुना दी। मैं बस ड्राइवर था, मैं कंडक्टर था मैं यह था, मैं वो था और आज मैं हजार 2 2000 करोड़ का। मेरा बिजनेस है, क्या बिजनेस है, कोर्स बेचने का बिजनेस है। मतलब प्राइमरी बिजनेस क्या है, कोर कोर्स बेचते हैं। अगर आजकल इतने सारे बिजनेस कोच हैं। अवेलेबल उनका बिजनेस पूछे की क्या बिजनेस आपने बिल्ड कराया या फिर क्या आपका कोर बिजनेस है। तो यही है हम लोग कोच हैं, बिजनेस कोच हैं ये हमारा बिजनेस है। तो अब ये सब चीज हुई। लोगों ने खरीदा बड़ी बड़ी पिक्चर दिखाई गई। और इनीशियल था 2017 का टाइम था, 2019 का टाइम था। लोगो पता ही नहीं था भैया ये क्या हो रहा है। लोगों को नया नया पैसा दिखा और वहाँ पर जब उन्होंने इनरोल करा जब कोर्स देख लिया उसके बाद कुछ वैल्यू नहीं मिली एडदांडजोउनने सपने देखे थे, उसके 10 परसेंट भी नहीं पूरे हुए। अगर कोई बोल रहा है कि मैं फरारी दिला दूंगा तो वो बेचारा अल्टो लेने मतलब वो अल्टो भी ले ले, डाउन पूरी डाउन पेमेंट मतलब आई हटा, दे पूरा 1 बार में पैसे देना है तो वो अल्टो भी नहीं ले पा रहा था। उस कोर्स से वैल्यू ने बताई कहानी सुना दी गई। कोर्स में मजा बड़ा आता है। मैं बहुत सारे लोगों से मिलता हूँ, उनके कोर्स में इतनी सारी स्टोरीज रहते हैं, वो बिल्कुल फैनबॉय रहते हैं, फैन बिल्कुल मतलब उनके खिलाफ कुछ सुन ही सकते है, ऐसी स्टोरी सुनाई गई। मैं ये था, वो था तो है तो कट्टर बट फिर बाद में कुछ मिला नहीं तो वहां से हमारी इंडस्ट्री खराब होना चालू हो गई। अब यहां पर जब हम लोग एक्चुवल बताते हैं कि डिजिटल मार्केटिंग में आज इंडिया में इतना बड़ा स्कोप है और कितनी चीजें की जा सकती है। मतलब अलग ही है। और मतलब होता क्या कि जैसी बड़ी एजेंसी हो जाती है तो हम छोटा। मार्केट छोड़ देते हैं। और फॉर एग्जाम्पल आज 20 हजार रूपए का क्लाइंट नहीं लूंगा, मैं 30 हजार रुपए का क्लाइंट नहीं लूंगा। आप भी नहीं लोग, वो किसके लिए है, वो न्यू कमर्स के लिए हम छोड़ते ही जा रहे है, 1 तरह से छूटता जा रहा है। आज फॉर एग्जाम्पल बड़ी मान लेते हैं, शिबैंगहैफोग्जीमोरोन आज वो 5 सौ करोड़ 400 करोड़ ऐसा रिवैन्यू कर रही है तो वो 1 लाख रुपए वाले क्लाइंट नहीं लेंगे। फॉर एग्जाम्पल तो वो उसके नीचे वालों के लिए छोड़ता जा रहा है। तो हम ग्रो होते जा रहे हमलोग सेगमेंट तो इंडस्ट्री में कॉम्पिटिशन बोलते हैं, बहुत कॉम्पिटीशन है कॉम्पिटीशन कुछ भी नहीं है जैसे 1 बंदा ग्रो होता है वो उस मार्केट को छोड़ के 1 अपना डेडिकेटेड मार्केट बना लेता है। 1 नया मार्केट अपने आप पैदा हो जाता है। तो जब हम ये बोलते हैं कोई मानने के लिए तैयार नहीं है। तो अफकोस चीज हो गई फिर उसके बाद नया ट्रेडिंग वाला आ गया ट्रेडिंग के कोर्स बहुत ही है क्योंकि कितना ईजी है। आज पैसे लगाने हैं सौ रुपए है और 500 रूपए हो जायेंगे। अब वो लॉटवाटवालाअलग सिस्टम हो गया, टेक्निकालिटी स पर नहीं जा रहा हूँ मैं बट सौ से 5 सौ हो रहा है। ये तो बहुत इजी है क्योंकी की हम फेसबुक एड फेसबुक एड में तो अभी पहले क्रिएटिव भी शूट करना पड़ेगा, वेबसाइट भी बनानी पड़ेगी एड 24 घंटे में देगा पता चलेगा कि चलेगा नहीं चलेगा 1 लॉंग टम प्रोसेस है न। तो जब ये लोग ईजी सक्सेस के पीछे भागे और इनको कुछ नहीं मिला तो फिर जो एक्चुअल जो चीज पैसे कमा के दे सकती है वहाँ पर भी इन लोगों ने हाथ धो बैठा। तो अब यह इंडस्ट्री चल रही है
भाई मैं बताओ 1 बंदा है मैं बार बार उसे स्टॉप मार्केट, फील्ड में मैं रील्स खोलता हूँ तो वो दिखता है, शॉर्ट्स खोलता हूँ, दिखता है। भाई, इतना वायरल है इसका एक्वल में बिजनेस क्या है पता करते कोर्स कोर्स तो मतलब ये चीज है भाई की कोर्स ही भेजते हैं उनका, मेन बिजनेस होता है कोर्स और वो ट्रेडिंग भी करते है तो कोर्स के पैसे से करते हैं और वो दिखा भी तो कोर्स का पैसा होता है।
पूरा कोर्स का मतलब इतना पैसा है मतलब मैं बहुत सारे ट्रेडर्स को पर्सनली जानता हूँ, अच्छी खासी दोस्ती है तो उनका मतलब जितना उन्होंने ट्रेडिंग से करा होगा, पोर्टफोलियो होगा। तो आज वो पोर्टफोलियो फॉर एग्जाम्पल दिखाते हैं, 10 करोड़ का एग्जाम्पल ले रहा हूँ मैं तो वो 10 करोड़ रुपए उन्होंने इससे नहीं कमाए हैं। ट्रेडिंग से 10 करोड़ रुपए का जो पोर्टफोलियो बना है वो कोर्स के पैसों से बना हुआ है। और अब वो दिखा देते हैं कि इतना मैंने पोर्टफोलियो है, मेरा इतना ही कर रहा है। और लगा उन्होंने वो सिम्पल से जो 45 स्ट्रॉक्स या 10 स्ट्रॉक्स हैं निफ्टी वाले या फिर जो पक्का, ये शोर शोट है जो अपन भी मतलब मैं बहुत ज्यादा भी शेयर मार्केट को नहीं जानता हूँ बट मैंने भी अभी 12 परसेंट का कहीं, 7 परसेंट का, ऐसे रिटर्न मैंने भी 67 महीनों की बात बता रहा हूँ, मैंने तो पूरे साल भी नहीं रुका, बट इतना तो मैंने भी देखा गेन होते हुए कि जोमेटो अभी बढ़ गया था, पेटीएम डाउन गया, उस टाइम मैंने सोच लिया कि पेटीएम जा नहीं सकता है। ऐसे फाउंडर में। विजय शेखर शर्मा को बहुत अच्छी रिस्पेक्ट है, वो ऐसा होगा नहीं। तो बस ऐसे इंट्यूशन में कर दिया, बढ़ गया तो इतना रिटर्न जो अभी उनका है, उतना तो आ ही रहा है। तो ठीक है, क्या कर सकते हैं
भाई जो मेटू मैंने भी लगाया था और वो लगभग वन सिक्स्टी फाइव पे था, तो आज लगभग उसमें सिक्टी पर्सेंट ग्रोथ है। मैंने कहा भाई ये तो मतलब, मैं तो तुक्का ही लग गया, मैंने मुझे कुछ नहीं आता, स्टॉक मार्केट में कुछ
भी करना, इंट्यूशन देखना और लगते लगते जाना है।
आपने पैसे कैसे लगाती हूँ। भाई मतलब इन्वेस्टमेंट जो हैं वो बिजनेस मे ही करे हो या फिर स्प्रेड आउट किया हुआ है।
और यार मैं बहुत दिनों तक शेयर मार्केट में नहीं करता था, अभी भी बहुत ज्यादा नहीं है मेरा मतलब। मैं शेयर मार्केट में ऐसा डालता हूँ की आज अकाउंट में पड़े हुए हैं। तो यार क्या करा जाए। मतलब ये सेव रहेगा। मतलब लिक्विड वाला है कि आज चलो मन डे टू फ्राइडे में बेच सकता हूँ। अगर मेरे को पैसों की जरुरत है। भले लॉस में बेच दूंगा 10 परसेंट डाउन में 20 परसेंट डाउन है तो पूरे स्ट्रोक 1 में भी नहीं लगाता हूँ। तो ऐसे डायवर्सीफाई कर देता हूँ की किसी दिन गंदा कोई चल रहा हो और कभी पैसे चाहिए तो बेच के कम से कम नेक्स डे आने लगेगा तो वो है मोस्टली नाइनटी नाइन्टी फाइव परसेंट आप बोलोगे की मैं अपने ही बिजनेस जो ऑलरेडी चल रहे हैं, फिर उसको ऑफलाइन में डायवर्सिफाई करने के लिए लगा रहा हूँ। जैसे रियल स्टेट बिजनेस, वो बहुत ज्यादा कैपिटल इनसेंटिव बिजनेस है। आपको अगर जमीन खरीदनी है तो आपको ज्यादा से ज्यादा 6 महीने का टाइम मिलेगा, बहुत बड़ी जमीन खरीद रहे हो तो 11 महीने का टाइम मिल जाएगा। बट पैसे देने हैं। फिर अगर आप कंस्ट्रक्शन कर रहे हो तो कंस्ट्रक्शन में तो हर 1 लेवल के बाद आपको पैसा देना है, फाउंडेशन बन गया, आपको पैसा देना है, अच्छा पैसा देना है, आज दीवाल खड़ी होनी है, पैसा देना है। तो मोस्ली इस टाइप के बिजनेस में ही ज्यादातर। मेरा इन्वेस्टमेंट यहीं पर है क्योंकि इसमें जो रिजल्ट मिल सकता है। अभी मैं बहुत ज्यादा सेफ खेलना नहीं है मुझे, क्योंकि अभी एस एज हुई नहीं है कि भैया अभी शादीवादी होनी है, बच्चे अच्छे होने हैं या फिर परिवार है। घर वाले, मेरा अभी स्टेबल है मुझसे मैं कुछ मेरो नहीं देना पड़ता। घर मुझे पैसे देने ही हैं कि मेरे पास लाइबिलिटी है तो मेरे पास कुछ लाइबिलिटी नहीं है। पहले मैं बीच में थोड़ा भटक गया था जहाँ पर मैंने खर्चे बहुत करे शौक के लिए बट। अब वो शौक के खर्चे भी कर कर क्या हो गए कि ठीक है अब इतना ही करना था तो अभी इन्वेस्टमेंट ज्यादा हो रही है।
अरे भाई अगर मैं आपसे पूछूं आपका न सबसे वोस्ट क्लाइंट, एक्सपीरयंस डिजिटल मार्केटिंग, सबसे वोस्ट एक्पीरियंस क्या रहा है। क भाई ये क्लाइंट बहुत ही बेकार था। इस टाइप से कोई एक्सपीरियंस बता ना
होता क्या यार जब बनता है जब हम लोग बात नहीं करना चाहते किसी से और मतलब मेरे को भी स्टार्टिंग में लगता था जैसे क्लाइंट को भड़का तो बात करने का मन नहीं होता है। आप ध्यान दोगे की अरे अरे यार इससे बात करनी पड़ेगी तो टालने का बट। फिर मैंने स्टार्टिंग फेज में सीख लिया, फेज में यही सीखा की सबसे इजी तरीका है। कोई भी प्रॉब्लम आरी है उसके सामने खड़े हो जाओ, आप उसके सामने खड़े हुए होगे और बहुत कॉंफिडेंट खड़े हो। वहाँ पर पूरा फुल कॉन्फिडेंस है और उसको रिप्लाई कर रहे हो। तो अफकोस सीधी सी बात है जैसे एजेंसी बिजनेस है। आज भी जो रेशो चलता है वो थर्टी सेवेंटी का चलता है, थट्टी आपका रिटेन होते रहता है, सेवेंटी परसेंट जाते है। बट मेरी कंपनी में अभी वो एटी परसेंट टी परसेंट रिटेन होते रहेंगे। अगर हम लोग सबको परफॉर्मेंस नहीं दे सकते, सबको रिजल्ट नहीं दे सकते, वो मैं मतलब एक्सेप्ट करता हूँ, 20 परसेंट जाना क्लाइन पक्का है तो वो 20 परसेंट के साथ आज भी कुछ होता है तो डट के मेटिंग करो, उनको एक्चुवल क्या परेशानी है वो बताओ और या तो वो सॉल्व कर सकते हैं तो नहीं कर सकते। तो बहुत सारे लोग समझ जाते हैं। अब जो मेको है की 1 क्लाइंट ने मुझे पार्टनरशिप ऑफर खरीदे आप मेरे को फाउंडर बन जाओ, सीएम को फाउंडर। तो मैंने बोला कि में अभी शौर नहीं हूँ, मैं देखता हूँ ट्राय करता हूँ। अब वो 1 महीने बाद मैंने उसको मना कर दिया की मे को टाइम ही मिल रह, मैं अपने में बहुत ज्यादा बिल्ड करना चाहता हूँ। जब वो हो गया तो थोड़ा सा ऐसा ईगो कुछ हो गया होगा, उनका कि यार प्रॉब्लम हो गई है, उनको डिसरिस्पेक्ट लगा होगा। मैंने बहुत अच्छे से बोला था कि मैं नहीं कर पाऊंगा सो सौरी ऐसे करके पोलाइटली बोला था। तो फिर उन्होने मेरे साथ काम करना बंद कर दिया। रिजल्ट अच्छे आ रहे थे, अब बाहर जा के बोलने लग गए। वो की आर्यन मेरे एड अकाउंट से आर्यन की कंपनी किसी और के एड लगा रही थी। ये पॉसिबल ही कैसे है और कितने ही ऐड लगा लूंगा, फॉर एग्जाम्पल लगाया भी होगा। मैं आपसे 2 या 3 लाख रुपए महीने का चार्ज कर रहा हूँ। और एड लगाऊंगा तो मैं कितने का लगा लूंगा, 50 हजार का लगा लूंगा जो कि मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं। अगर आपके अकाउंट से लगा तो इस टाइप का होता है कि क्लाइंट फिर बाहर जाकर ऐसा कुछ बोलने लगे। ठीक है बाकी लोग जानते है क्या है, कैसी सच्चाई है।
आप डी टू सी क्लाइंट्स लेते हो,
डी टू सी बहुत क्लाइंट लेते हैं। अभी बहुत अच्छा चल रहा है, डी
टू सी मार्केट तो डीटू सी में मेरे को बताओ कि जैसे कोई नया ब्रांड आया है ठीक है क्या कुछ ब्लैक हैट तरीके होते हैं उनको एमेजॉन पर लिस्ट करने का कुछ डार्क सीक्रेट
होते हैं इसके और हम लोग मार्केट प्लेस पर बहुत ज्यादा नहीं करते हैं डार्क सीक्रेट जैसे लोग बहुत सारे हमारे पार्टनर एजेंसी है तो अभी उनका थोड़ा सा 12 महीने से बंद हुआ है फिर तो बहुत सी अच्छी चीज है एमेजॉन पे लिस्ट होता है वी पी एन लगता है वीपीएन से सब लोग ऑर्डर करते हैं अलग अलग अलग अलग तो वो ऑर्डर भी वही एजेंसी करवा रही रहती है फॉरएग्ामपलमैंएजेंसी हूँ मैंने आपका प्रोडक्ट लिस्ट करवाया ब्रैंडोनरोअमेरी बहुत सारे पीसीज बने हुए है जिसमे वी पी एन लगा हुआ है जिसमें मैं अलग अलग लोकेशन से ऑर्डर कर रहा हूँ तो एड दंड प्रोडक्ट मेरे पास ही पहुंच रहा है मैं आपको वापिस प्रडक्ट लौटा दूंगा और प्रोडक्ट करने के बाद मैं आपको रिव्यू दे दूंगा रिव्यू दूंगा तो अपने आप आप टॉप पर आओगे और जब रिव्यू प्लस एमेजोन जब मिलते हैं जब आपका एक्चुवल चीज बनती है तो आपको कुछ नहीं करना आज आपको 1 बड़ा ई कॉमर्स का प्लेयर बनना है डी टू सी का प्लेयर बनना है और मार्केट प्लेस मे बेचना क ह आपको परफॉरमेंस मार्केटिंग मे नही करनी है कुछ नहीं करो सबसे पहले सर्च करो कि amazon पे क्या सबसे ज्यादा सर्च हो रहा है या फिर सबसे ज्यादा ऑर्डर्स किस पे है उसी को लेके आओ ऐसी बहुत सारी एजेंसीज मार्केट में अवेलेबल है वो आपको कुछ नहीं करती है आपको 1 प्राइज देगी आपके 500 ऑर्डर्स करवाएगी 500 में से 400 रिव्यूस करवा देगी देन आपके मार्केट प्लेस पर एड्स लग जाएंगे और आपका ब्रांड बन गया ऑटोमेशन पर वहाँ पर आपकी बढ़िया सेल आ रही है तो ऐसी बहुत इजी है यह सब चीज करना क्या
ये लोग करवाते हैं बहुत ज्यादा लोग
करवाते हैं ये चीज सब करवाते हैं 1 बार आप आजकल डी टू सी क्रैक कैसे हो रहा है बहुत सारे फाउंडर सुनते होगे कोई फ्रेगरेंस वाले 1 फाउंडर है वो बोलते है मैंने क्रैक कर लिया है मार्केट प्लेस को जिसमें सिर्फ कुछ नहीं करना मुझे फोटो में अपना मैसेज क्लियर करना है फोटो तो तुमने फोटो का अल्गोरिद्म ही वही है की आपको प्रडकरखनाहै और पीछे वाइटी रखना है क्या मेसेज दे दे दोगे आप मतलब फोटो में क्या कर लोगे तो वो एक्चुवल चीजें नहीं बता रहे बट चीज यही है कि आपको रिव्यू चाहिए मेनली मार्केट प्लेस और जिन रिव्यूज चाहिए अफकोस एमाजॉन डिटेक्ट करते जाता है उसकी जो प्रोसेस है वो बैन करता रहता है बट अगेन मार्केट बहुत बड़ा इंडिया है कैसे नहीं निकलेगा सबका निवारण निकाल जाता है।
हां लोग कहते हैं कि लोग कहते हैं कि हमने डीडूसीक्रैककरलिया है तुम हमसे डीडी में सकते। ऐसे बोलते हैं तो शायद उनको पता है चीज क्या करते हैं वो हैं
तो जितने भी आप शाक्स देखते हो उन्होने सबने ये करके रखा हुआ है सबने करके रखा हुआ है ये ही उनका डार्क सीक्रेट है जो एक्सवाइजरबोलतेहै मार्केट प्लेस का राजा हूँ या फिर मैंने क्रैक करके रखा है कुछ क्रैक नहीं करके रखा। आपको लिस्ट करना है, ऑलरेडी सर्ज है जो भी हाई टम है तो अब उसका ब्रैंड है फॉर एग्जांपल में 1 अप तो मेकअप सर्च होना ही है, अगर ब्लूटूथ स्पीकर है तो ब्लूटूथ स्पीकर सर्च होना ही है। अब वहाँ पे आपको सिर्फ टॉप पे आने की देरी है तो टॉप पे 2 तरीके 1 तो आप रिव्यूज अच्छे करवा लोगे सबसे ज्यादा रिव्यूज होंगे अपने ऊपर आओगे तो उसके लिए आपने एजेंसी हायर कर ली, दूसरा आप एड चलाओगे और जब रिव्यूज और एड्स आपके कंबाइंड हो जायेंगे अपने आप ऊपर आओगे आपका ऑर्डर आना ही है तो सिम्पल सा मार्केट प्लेस का हैक ही यह है रिव्यूज करवाओ अगर खुद नहीं करवा पा रहे हो। मैं तो कह रहा हूँ जैसे हम लोग भी करवाते हैं कि बताना नीचे बता देता हूँ की हम लोग क्या करते हैं कि जैसे हमारे पास बने हुए है, टेलीग्राम चैनल हमारे पास है। हम लोग हर प्रोडक्ट उनको जो हमारा 200 रुपए का प्रोडक्ट है उनको बोलते हैं। आप खरीदो ये खरीदने के बाद अभी जैसे 5 सौ रुपए का प्राइज है हमने उसको सौ रूपए कर दिया या डेढ़ सौ रूपए कर दिया कि ये प्रोडक्ट मिल रहा है। वो टेलीग्राम पर डालते है जो आप देखते होगे न लूट मची हुई है। दोस्तों जल्दी जल्दी ऑर्डर कर 2 पर शर्त यही रहती है कि ऑर्डर करके रिव्यू देना है तो वो रिव्यू देते हैं और हम लोग अपना प्रोडक्ट कॉस टू कॉस्ट में उनको भिजवा देते हैं तो वो हमारा पड़क चला जाता है। तो ये दूसरा सीक्रेट हो गया, कुछ लोग हो गए कि वो मल्टीपल जैसे भोपाल का एरिया होगया। तो भोपाल में हमलोगों ने 10 लोगों ने ऑर्डर कर अलग अलग एड्रेस पर जब वो आ गया तो हमने कंबाइन करके ब्रैंड को प्रड़कवापस भेज देंगे हर रिव्यू का 20 रुपए, 50 रुपए जो भी रहेगा नंबर ऑफ़ रिव्यूज पर डिपेंड करता है, वो कर दिया तो रिव्यूज बढे आप ऊपर आए आप किसे लाने लग गए।
आप तो सास की पोल खोल रहे हो
या मैं जितने भी आज डी टू सी ब्रांड्स बन रहे हैं सबका ही कर रहे हैं। अब वो अगेन कुछ पोल नही है जैसे बहुत से लोग आ जायेंगे, आपको पता है तो खुद का डी टू सी खोल लो। तो ऐसी कोई पोल नही है, हम लोग करते हैं जो हम लोग करवाते हैं।
बे कर हा हा बट साथ में यह भी चीज देखना पड़ेगा की प्रोडक्ट अच्छा होना चाहिए है, वो तो अच्छा
चाहिए, वो तो चाहिए ही चाहिए, प्रोडक्ट अच्छा चाहिए, प्रोडक्ट की क्वालिटी अच्छी चाहिए, ऐसा नहीं है की आप बहुत बेकार प्रोडक्ट के साथ कर सकते हो, कुछ नहीं आपको प्रोडक्ट भी अच्छा करना पड़ेगा तो वो ऑपरेशनल फॉर एग्जांपल। बहुत लोग बोलते हैं की बोर्ड चाइना से आ गया, चाइना से आ गया, बट चाइना जाके, ढूंढ के सप्लायर करना, उसका जो अभी आप देखोगे, बोर्ड के बड़े खतरनाक आने लग गए हैं उसमें आरजीबी लाइट रहती है। तेरे में डे कुछ गेमिंग टाइप के आते हैं तो वो सब चीज करवाना ब्रैंडिंग कराना भी जैसे फॉर एग्जाम्पल मैं खुद के भी 1 ब्रैंड पर काम कर। हा हूँ दिवाली आने वाली है तो मेरे पास साढ़े 6 लाख रुपए की सेल कर ली। मैंने 2 दिन में एड्स लगाए थे। पहले दिन पे अच्छी ऑर्डर सेकेंड डे पर बहुत अच्छे ऑर्डर। अब मेरे को सप्लायर नहीं मिल रहा क्योंकि बारिश हो रही है, वो सामान्य है, सूखता है तो अब वो सूख ही नहीं रहा है। अब मेरे मेरे को ऐड पॉस करने लगे है। तो ये लगता है की डी टू सी बहुत इजी है। बट अब सप्लायर ही नहीं मिल रहा है। तो वो सप्लायर जो मिल रहा, डबल पैसे मांग रहा। वो जैसे ही डबल पैसे मांग रहा है, मेरा प्रॉफिट चला जा रहा है। तो डी सी बहुत ईजी नहीं है। अभी तो ये हुआ इसके बाद आर टी ओ आएगा। वो आएगा। तो ऑपरेशन बहुत दिमाग खराब है। डी सी में।
आप पहले ड्रॉप शिपिंग करते थे, क्या
है मैं यू एस में ड्रॉप शिपिंग करता था। यू एस वाला ज्यादा करा है इंडिया में बहुत कम करा है। मैंने इंडिया में आर टी आर टी आता था तो यू एस में कराया अच्छा खासा।
ये इंडिया में जो आरटी आता है क्या कई बार ऐसा भी होता है कि जो डिलीवरी पार्टनर होते खुद डिलीवर नहीं करते ताकि उनका डबल चार्ज लग जाए।
कुछ परसेंट में अगर आपका 30 परसेंट, 30 परसेंट आपका आरटी आ रहा है तो पंद्रह से 17 परसेंट आपकी डिलीवरी पार्टनर की गलती है। तो अभी जो अच्छा चल रहा है डेलिवरी करके जो है आप या तो शिपरॉकेट से डेलिवरी सेलेक्ट करो या डिलीवरी का डायरेक्ट आप कर। लो उसका सबसे अच्छा रेशो चल रहा है ये ब्लू डाट डी डी टी डी सी डी टी डी सी तो बहुत ही खराब है। सबसे ज्यादा आर टी ओ आएगा तो आपको बस नंबर्स देखने। आप देखो क। अगर मेरे पास सौ आर टी ओ आये हैं तो सौ में से सबसे ज्यादा मेरा कोरियर पार्टनर कौन सा था। तो आपको दिख जाएगा। 70 परसेंट कोई 1 नाम होगा बस उसी को हटाना है आधा आर्टियो। तो ऐसे कम कर लोगे।
भाई जो जो मेरा घर है वाराणसी में वो थोड़ा सा मतलब ऐसे रिया में फ्लैट नहीं है। ये मेरा खुद का घर है और थोड़ा सा गली में। तो पता है क्या? यार कई कई बार प्रोडट्स आते ही नहीं है यार फोन ही नहीं आता। उनका फोन ही आता कि भैया आप आओ बाहर वो कॉल ही नहीं करते, लिटरली बैंक का भी लेट्स कोरियर आ रहा है। वो आता ही नही। वो न डिलीवर्ड दिखाता है तो लिटरली वो फोन भी नहीं करते। 2 फोन की भाई डिलीवर भी करना है और उनको समझ नहीं आ रहा है। वो छोड़ देते हैं कई सारे डिलीवरी पार्टनर। तो जैसे आप बता रहे हो जल्दी।
हा हा कंप्लीट
जैसे आप बता रहो डिलीवरी है तो वो बढ़िया है तो वही अगेन अगर कोई रिडूस कर रहा है तो भाई आपको का सॉलूशन थोड़ा मिल गया डिलीवरी है रे भैया बताओ
क्या कह रहे हो मतलब मेरे को लगता है की अब डी टू सी और ई कॉमर्स बहुत ज्यादा दिन का नहीं है अभी कुछ ऐसे स्टार्टअप्स आ जाए या फिर कुछ मतलब आज ये वाली पॉडकास्ट शायद वायरल हो जाए ये क्लिप वायरल हो जाए तो कुछ जितनी भी डिलीवरी वाली जगह है अगर जैसे ब्लिंक डार्क स्टोर बना रहा है ऐसे ही कोई 1 स्टार्ट अप आ जाए जो डार्क स्टोर बनाता है किसी के बिहाफ पे फॉर एग्जाम्पल किसी भी ब्रैंड के बिहाफ पर आज अभि है अभी 1 नया स्टार्टअप खोला है जो डार्क स्टोर बना देता है और मुझे पता है मेरा सामान जयपुर में बिकता है पटना में बिकता है और फॉर एग्जाम्पल भोपाल में बिकता है तो मैं आज अभि के पास गया मैंने उसको बोल दिया की अब मेरे ये 3 जगह पर मेरी इन्वेंट्री खानी है और आपका स्टार्टअप ये डार्क स्टोर प्लस डिलीवरी का मैंने आपको भेज दिए हजार हजार पीस मैंने तीनों स्टोर पर भेज दिए है आप जो भी एक्साइज चार्ज करोगे और वहाँ पर जब मैं एड चलाऊंगा कि सिर्फ 24 घंटे में डिलीवरी होने वाली है क्योंकि आज आप देखोगे जेप्टो कितना बढ़ रहा है ब्लिंक कितना बढ़ रहा है तो इस टाइप का कुछ स्टार्ट अप आना चाहिए पूरा डी टू सी गेम हमारे इंडिया का बदल जाएगा 24 घंटे में डिलीवरी हो रही होगी आर टी ओ कम हो जाएगा तो शिपरॉकेट काम करे इस चीज पे ब्लू डाट काम करे कोई भी काम करे या फिर 1 बहुत बड़ा बिजनेस आइडिया अगर किसी के पास इतना कैपिटल है सिर्फ दिल्ली में या तो स्टार्ट करो सिर्फ भोपाल मध्यप्रदेश में चालू करो भोपाल में चालू करो इस टाइप का कुछ जब आप आइडिया चालू कर दोगे कुछ नहीं करो आप ई कॉमर्स की लिस्ट निकाल लो टॉप 25 सिटी कौनसी है जहाँ पर सबसे ज्यादा डिलीवरी होती है उस सिटीज में आप आपकी डार्क स्टोर बना लो और 24 घंटे डिलीवरी का रख 2 वहाँ पर बहुत ज्यादा हम लोग जैसे अगर मैं डी टू सी ओनर हूँ तो मैं बहुत खुश होंगा मैं आपको पैसे भी अच्छे दूंगा क्योंकि मेरा आर टी ओ 30 परसेंट जा रहा है तो 30 परसेंट मेरा रिवेन्यू कम हो रहा है अगर मैंने आपको उसमें से कुछ भी एक्साइज पैसे देने के लिए रेडी हूँ आप कितना लोगे सौ रूपये पर ऑर्डर एक्स्ट्रा ले लोगे ठीक है मैं वो मार्जिन बढ़ा दूंगा मेरा आर टी ओ कम हो रहा है न तो इंडिया का गेम बहुत ज्यादा बड़ा मे सा लगता है कि 6 महीने में 1 साल में कोई न कोई 1 ऐसा स्टार्टअप आना चाहिए और पूरा पूरा जो डी हमारे यहाँ का सीन है न ई कॉमर्स मतलब डबल हो जाएगा आज अगर 1 नंबर करते हैं तो टू एक्स का रेवेन्यू कर रहे होंगे डी टू सी में और बहुत बड़ी ओपोर्चुनिटी डी सी की अगर ये सब आता है तो भाई देखो।
यू एस में तो सीओडी का कोई मतलब ऑप्शन ही नहीं होता क्योंकि वो कांसेप्ट नहीं है वहां इंडिया में सी ओ डी है और यहां पर जो आरटीओ वाली है यह प्रॉब्लम बहुत बड़ी है। मतलब ये इतनी बड़ी प्रॉब्लम है कि करोड़ों में जो करोड़ों में अड्रेस बना रहे हैं उनको उनको उनको अगर इम्प्रूव कर दिया जाए। तो दे विल ऐड सो मच तो रेवेन्यू सो वो बहुत ज्यादा आपको पे भी कर सकते है। तो अगेन से स्टार बनना चाहिए।
अब सोचो न इसमें मैं तो कहता हूँ आपका आर टी ओ भी कम नहीं हो रहा, 70 परसेंट डिलीवरी आ रही है 30 पर्सेंट आर टी ओ आ रहा है। अब आर टी ओ अगर आया इस डार्क स्टोर पर तो अभी क्या होता है कि 50 60 रुपए लग जाते हैं किसके आर टी ओ के क्योंकि वो आज मैं भोपाल में बैठा हूँ दिल्ली से मेरे पास आ रहा है। अब अगर आरटीओ आता तो क्या होना है उसी के 10 किलोमीटर के रेडियस पर वापस आना तो डिलीवरी पार्टनर को 10 रुपए देने थे 20 रुपए जो भी डिलीवरी देनी थी तो आरटीओ का कॉस्ट हो गया। मेरा वापिस इनवेंट्री में ऐड हो गया न कभी और पडक्टआएगा। तो आर टी ओ का जो 60 रुपए कौस्ट था वो भी तो 10 रुपए हो गया। तो आर टी ओ में कहरा हूँ परसेंटेज रिड्यूस भी नहीं हो। सबसे बड़ा आरटीओ जो आता है वो यही आता कि इम्पल्स बाइंग हुई थी, इम्पल्स बाइंग हुई। अब 7 दिन बाद डिलीवरी कर रहे हो अब मन नहीं कर रहा। अब आपने इम्पल्स बाइंग करी और आप बोल रहे। 24 घंटे के अंदर डिलीवरी दे दूंगा सेम डे डिलीवरी दे दूंगा 1 बहुत ज्यादा होगा तो सबसे पहले तो आर टी उससे कम होना है दूसरा अगर आर टी ओ आ भी रहा है तो कितना ही पेट्रोल लगाए 10 रुपया 20 रुपए जो भी डिलीवरी बॉय कर लगाए तो आर टी ओ क्रॉस भी कम हो गया। तो बहुत बड़ी ओपोर्चुनिटी है यह 1 बिजनेस बनना चाहिए इस पर किसी को काम करना चाहिए। अगर किसी के पास है अगर नहीं है तो मैं कर सकता हूँ कोई फंडिंग दे 2 मुझको
जितने भी अगर कोई इन्वेस्टर वगैरह देख रहा है वो कर सकता है। आरियन बाई को सीधा कर 2 या
फिर या खुद बना पिच करता हूँ। मैं शिपरॉकेट में शिपरॉकेट के फाउंडर को मेल करता हूँ की भाई बहुत अच्छा आइडिया आया है।
ऐसा कुछ रॉकेटशिपरॉकेट के वेंट मे गया था, दिल्ली में अच्छा इवेंट था मतलब काफी अच्छा ने कई सारे जो नीचे रूम जिसमें मिनार हो रहे थे तो काफी अच्छा लगा। मेरे को फेसबुक के बारे में बात हो रही थी, एडवांस जी बात कर रहे थे तो मेरे को अच्छा लगा। मतलब वो कंपनी अच्छी है जो एटलीस्ट ध्यान दे रही है। चेक आउट क्सपीरेयंसपे हर 1 चीज पर डीडसी थोड़ा ध्यान दे रही है तो अगेन वो कर सकते हैं।
मेरे को लगता है शिपरॉकेट कर सकता है जैसे फॉर, एग्जाम्पल, इन्फ्लेसन मार्केटिंग का शिपरॉकेट से कुछ भी लेना देना नहीं है। बट शिपरॉकेट ने 1 इम्प्रेशन करके बड़ी इन्फुलेंसर मार्केटिंग एजेंसी उससे पार्टनरशिप करके 1 एम्पलीफाई प्रोग्राम लॉन्च करके रखा हुआ है। ऐसा ऐसा प्रमोशन सा हो रहा है। शिपरॉकेट का ठीक है, बाद में पैसे दे देना। शिपरॉकेट बट उनका मतलब हजार रुपए में 2000 रुपए में आपको यू जी सी मिल जा रहा है। वितएडसराटतो बहुत अच्छी चीज है। सही तो है एक्चुवल अगर कोई डी टू सी में अच्छा काम कर रहा है और थोड़ा सा और ध्यान देने की जरुरत है। 34 चीजें खराब भी है शिपरॉकेट, ऐसा बहुत अच्छा भी नहीं है। जो खराब है उस पर ध्यान देते तो बहुत बड़ा बन सकता है, अच्छा बन सकता है। शिपरॉकेट।
अरे भाई बात बताओ आप कोई बर्न आउट या ऐसा एंग्जाइटी सा कोई फील नहीं होता है। इतना काम करने के बाद वन फील होता है,
नहीं होता यार पता नहीं क्यों नहीं होता। मतलब कभी कभी लगता है कि क्यों नहीं होता फिर एनजाइटी मतलब 1 होता है कि ओशो का जैसे है। तो ओशो ने बोला कि जैसे ओशो किसी और ने बोला तो ओशो ने रिप्लाई कर दिया। ऐसा कुछ हो गया। मैंने अभी रिसेंटली ओशो से सुना कि जहाँ आपने सफलता चुनी है वहाँ पर तो सबसे पहले आपने सफलता से भी पहले असफलता का विचार कर रहा है क्योंकि सक्सेस कब आती है मतलब आज अमीर होना है तो अमीर कब होना है। जब मैं गरीब था तो जो मैं सोच रहा हूं उससे पहले ही कुछ है। तो जब आपने एक्सेप्ट करके रखा हुआ है फेलियर्स तो फॉर एग्जाम्पल आज में महीने में 10, 12 नई चीजें ट्राई करता हूँ और मैं बहुत रेडी हूँ की 12 में से 11 फेल होनी है, 1 ही सक्सेसफुल होगी बट वो 1 लॉंग टम देगी तो ठीक है। बहुत ज्यादा फेलियर से मैं ठीक है, बहुत ज्यादा है ऐसा कुछ वो नहीं है तो टेंशन नहीं होती है।
आप ट्रेवलिंग वगैरह करते हो, मेको ट्रेवल
बहुत ज्यादा पसंद नहीं है, काम से काम जाऊंगा, फॉर एग्जांपल जैसे बैंगलोर जाना मुझे काम तो मैं काम करूँगा और मैं होटल में चुपचाप बैठे रहूँगा बहुत ज्यादा ऐसा मे को मिलना बहुत ज्यादा पसंद ही घूमना। बहुत ज्यादा पसंद नहीं है मतलब बहुत सारे लोग भी जैसे इतने सारे लोगों ने इस साल पता नहीं क्या हुआ, गोआ बुला रहा है, क्या कर रहा है। कम से कम 10 से 12 लोगों ने पूछा गोआ चलते हैं, गोआ चलते हैं। इच्छा ही नहीं है। मैं आज तक गोआ नहीं गया हूँ और इच्छा भी नहीं है की में को गोआ जाना है या क्या कर लूंगा ऐसी बहुत सारी इंटरनेशनल ट्रिप से मतलब दोस्तों ने करवा दी थी की 1 ने बाली की टिकट हो रखी है, उन्होंने टिकट भी करवा रखी थी, नहीं हुआ मन तो और कुछ काम भी आ गया तो ऐसा कुछ घूमने की इच्छा नहीं होती, पता नहीं क्यों मैं अपने में रहना चाहता हूँ। मेर को बहुत ज्यादा लोग भी पसंद नहीं है, ठीक है। 1 टाइम पीरियड चाहिए की ठीक मिल लिया। मैं को अपने आप से अकेले में रहना बहुत पसंद है। मतलब मैं गाडी भी चला रहूंगा तो मैं गाने बंद कर दूंगा। मैं साइलेंटली खुद के दिमाग में अलग ही कुछ चलता रहेगा। सोचता रहूँगा उसका आंसर, इसका कोश्चन कोश्चन आंसर। मैं खुद में खेलता रहता हूँ। अकेले रहना बहुत मजा आता हॉबी, वगैरह
कुछ नहीं है,
कुछ भी हॉबी नहीं है। यार पहले स्टार्टिंग में बचपन में रहती थी कि मै को गेम खेलने दे, मोबाइल में इसमें बट। पता नही क्या होता है की गेम में मे को वो मजा ही नहीं आता। आज सब है की पी एस फाइव ले ले हैं, गेमिंग पीसी। मैंने अपना पहला पीसी बनाया, मैंने गेमिंग पीसी बनाया था, यही सोचे की गेम खेलूंगा और उसमें मैंने हार्ड ली, पंद्रह 20 घंटे गेम खेला होगा, हार्ड ली। जब से वो काम में आ गया तो अब वो जिंदगी जो बन चुकी है। जो डे टू, डे टास्क बन गए हैं, वो ही गेम हो रहे हैं। बड़ा मजा आ रहा है जैसे अभी मुझे ऑफिस बनाने में बहुत मजा आता है। अभी जो भी कंस्ट्रक्शन हो रहा है उसमें पर्सनली देखता हूँ। अभी जस्ट अभी अपना पॉडकास्ट है तो उससे पहले मैं जो हम एमपी नगर में क और ऑफिस बिल्ड कर रहे है तो उसका पूरा काम देखते हुए आया हूँ। उसकी डिजाइन कैसे होगी वो होगा। फिर जो कैफे हो रहा है उसका काम देख के आ रहा हूँ। तो फ्यूचर में मुझे ऐसा लगता है की कुछ में बिल्डिंग आर्किटेक्ट या इस नीस में शायद शिफ्ट हो रहा होगा। बड़ा मजा आता है कुछ चीज बनाने में, जब एक्चुअल ग्राउंड में बन रही है।
अमेजिंग अब समय रेपिडफायर राउंड का। इसमें आपको आंसर 1 या 2 वर्ड में करना है। ठीकहै कॉफी और टी चाय न बेस्ट बुक दैट यू कैन रिकमेंड भगवत गीता
मेरे लिए बेस्ट रही है क्लस भगवत गीता राम मैंने बहुत ज्यादा इस टाइप की अगेन वन वर्ड है, मैं बहुत ज्यादा बता रहा हूँ, कूकी लोगो को लगता है की बुक पढ़ना है, बुक पढ़ना है। बहुत लोगो को सुनता था की बुक पढ़नी है, ये पढना है, वो पढ़ना है। तो मैंने बुक्स खरीद कम से कम मेरे पास पढूंगा पढ़ ही नहीं पाया। 30 40 बुक्स मैंने खरीद ली ये पढूंगा वो पढूंगा तो आदि पढता हूँ, आदि कम्प्लीट भी नहीं हो पाती। तो जो मैंने पूरी पढ़ रखी है, भगवत गीता मैंने पूरी पढ़ी 3 बार रामायण के श्लोक और हिंदी में तो ये जो मैंने कम्प्लीट कर चुकी है उससे मेरे को कभी बहुत ज्यादा मोटिवेशन मिल जाती है। रामायण पढ़ते रहते हैं तो आपको कभी न कभी ऐसा हो जाता था कि जो मतलब दिन में आपने पढ़ा है, कुछ कहानी पढ़ी है, उसी टाइप की कहानी आपके दिन में बीत रही है। म बहुत सारे लोग इसको कैसे रिएक्ट करेंगे, क्या करेंगे बट मेरे साथ पर्सनली होता है। तो आज मैंने फॉर एग्जांपल आधे घंटे। रामें पढ़ी। तो आज जो जो हुआ है उस राममें में उससे मिलता जुलता सुंदर कांड, इस टाइम मैं। कर रहा हूँ। सुन्दर कांड में इतने अच्छे प्यारे दिन जा रहे हैं, मजा आ रहा है, दिल गार्डन गार्डन हो रहा है, तो उस टाइप की चीजें बड़ा बढ़िया लगता है।
अमेजिंग अमेजिंग, वन स्किल, एवरी डिजिटल मार्केटर,
शुड मास्टर, सेल्स आप ह्यूमन, साइकोलॉजी पड़ो
माउंटेनस और बीच इस,
कुछ भी भाई, कुछ में मैं घर बहुत ही बोलने
वाला था, मैं वही बोलनेवाला ट्राइवर ही नहीं करते। या कार बाइक कार कौन सी कार है।
आपके पास अभी 3 कार हैं, पहली जो मैंने ली थी वो थी रेनॉल्ड की ट्राइवर थी सेकेंड। फिर मैंने एक्सयूवी सेवन हंड्रेड ली थी। अभी मेरे पास, मर्सिडीज जी, फॉर्टी थ्री,
ओके वो, उसका कॉस्ट कितना है।
अब तो इंडिया में बंद हो गई है। जब इंडिया में आती थी, वन प्वाइंट, थ्री, वन प्वाइंट फोर करोड़ सबसे महंगी
चीज, आपने क्या खरीदा है, यह गाडी खरीदी, कुछ और भी सबसे महंगी चीज।
आज तक इन्वेस्टमेंट हो रिया, जो रियल स्टेट प्रोजेक्ट, उसमें है, बट है। खरीदी, जो बोल सकते है, वो गाड़ी सबसे महंगी है।
अब ये रेपेफयराउंडकाऐंड है न वे विल स्टार्ट सेक्शन कॉल्ड, ये आपके ही इंस्टाग्राम और यू ट्यूब से कुशंस लिए गए, जिसे आपने रिप्लाई नहीं किया। कुछ तो 5 केशंस है, शैतानी हँसी
दिख रही है, मुझे खतरनाक कैशंसनजरआरहे नहीं
ज्यादा खतरनाक नहीं है। थोड़ी बहुत थी तो है। पहला केशन क्या सच में 5 लाख में स्कूल खुल जाता है। क्या?
जीतेंद्र पूछ रहे है यार मैंने चालू करा था कि मुझे 5 लाख में खोलना है। अभी तक मैं साढ़े 8 9 लाख रूपए लगा चुका हूँ, मेरा बजट था की मैं 5 लाख में खोलूंगा। तो हाँ अगर मैंने बहुत सारी चीजें गलत करी, या फिर मैंने बहुत सारी चीजें बहुत महंगी लगाई हैं। 5 लाख में चाहो तो आराम से खुल सकता है, बहुत अच्छा स्कूल खुल सकता है। मैंने कुछ कुछ चीजें जैसे मैंने लकड़ी के वो करवाए थे। तो अब मुझे लगता है कि ढाई लाख रूपए के सिर्फ लकड़ी के मैंने पहाड़ बनवाए हैं। और कुछ भी नहीं हुआ, उससे तो वो चीज आप हटा दोगे तो डायरेक्टली साढ़े 8 लाख में से मेरा कितना हो गया है साढ़े 6, 7 लाख पहजूदहै तो होता ऐसा बन सकता है। 5 लाख में बन जाएगा।
और कितना लग जा रहा है। उसमें आपका क्या लग रहा है कितना लग जाएगा, टोटल बनते बनते सिर्फ।
प्ले स्कूल। आप 5 लाख में स्टार्ट कर सकते हो। पूरा प्रॉपर स्कूल में, तो आपको करोड़ों रूपए लगते है, प्ले स्कूल 5 लाख का बजट है। ईजली आप बहुत अच्छे से चालू कर सकते हो, बहुत पैसा बच जाएगा। तब। अभी मैंने जो बनाया, मैंने बहुत प्रीमियम बनाया, फॉर एग्जांपल। जैसे जो पेंट लगाया, मैंने वो प्लास्टिक पेंट लगाया, तो अब वो पेंट ही नॉर्मल वाला लगाऊंगा, तो उसका थ्री एक्स कॉस्ट बच जाएगा। मैंने जबरदस्ती पुट्टी करवाई वो पुट्टी नहीं करवाऊंगा, मेरा कॉस्ट बढ़ जाएगा। आप अगर उसकी क्लिप दोगे, मैं आपको शेयर करवाऊंगा तो मैंने इतनी सारी लाइटिंग करवाई। अब जैसे जो मैंने ट्री बनवाया है तो वो एक्चुअल ट्रक ऐसा होता है जो बोर्ड बनता है, आपके लाइट बोर्ड। जो लोगो बनते हैं वो वाला मैंने वो बनवाया है। तो अगर उतना ज्यादा आप एक्सपेरिमेंट नहीं करोगे। वो मेरी इंटीरियर डिजाइनिंग वाली जो मैं बोल रहा था न की डिजाइन में और बनाने में मजा आ रहा। अगर वो मेरे में खुराफात नहीं होती तो मेरा भी बहुत सस्ते में बन चुका होता। तो आराम से 5 लाख रुपए में। आपके पास यह भी होगा की 34 महीने का पैसा जो आपको सैलरी देनी है उसका भी पैसा बच जाएगा। अगर आप चाहो तो 5 लाख में आराम से फ्री स्कूल खोल सकते हो।
ठीक है, ठीक है, अगला कोश्चन है लेडी क्वीन का यह पूछ रहे हैं ये दिन भर हैंडसम, होता जा रहा है कैसे भाई क्या सीक्रेट है भाई
कुछ भी सीक्रेट नहीं है इसमें मैं मैं तो कोई क्रीम भी नहीं लगता हूँ और लड़कों का सेम ही रहता है की साबुन रहता है, वो बाल में भी चल जाता है, वो गाल में भी चल जाता है तो हर जगह वो ही रहता है। अब कभी कभार दीदी है तो फेस फोस मिल गया तो उनका फेस फोस ले लिया और शेम्पू मिल गया तो उनका ले लिया। तो मेरा कुछ पर्सनल केयर नही है, बाकी पैसा कमाओ अपने आप ही ग्लो आ होगा, जाते हो मतलब ग्लो आ जाएगा, प्लस अपने आप ही आपके स्टैंड। पहले 50 रुपए की गेटिंग कराता था, आज मैं ढाई हजार की कर रहा हूँ। तो अब कुछ नहीं रहा, बट मेरको फील आ रहा है। तो वो पता नहीं कुछ प्रकट अच्छा यूज करता होगा। बड़े अच्छा केची ऐसी महंगी केची से काटता वो अच्छे से पूरा निकालता है, गोल प्लेटेड रहती है, क्या रहता है, जो भी रहता होगा उसका मजा आता है। तो पैसा कमाओ अपने अच्छे दिखने लगोगे।
अरमान पूछ रहे हैं भाई आप 3 साल से 20 के ही हो, मतलब
अरे यार ये पता नहीं क्यों है। जैसे मैं अभी ईशान की 1 पोडकास्ट थी, उसमें भी यही कमेंट चल रहा था। भाई तो कितने सालो से वो है। मैं 2021 में जब चलाए थे मेरे पास आज भी एड है। आप अगर फेसबुक पर भी सर्च कर लोगे। आर्यन त्रिपाठी फेसबुक एड कोर्स उस टाइम नाम हुआ करता था, फेसबुक नाम हुआ करता था। तो उस एड में मैंने खुद बोला है। मैं 17 साल का हूँ। अगर आप मेरा फर्स्ट कार का ब्लॉग देखोगे तो उसमे मैंने बोला। मैं 17 साल का हूँ। फिर मैंने सेकेंड कर ली तो उसमे मैंने खुद बोला है कि मैं 18 साल का हूँ। तो मेरे एड्स। अब होता क्या या तो ये पुरानी वीडियो देख ले, फिर उन्हंे मेंटलिटी बना ली है। तो अब जैसे मैं अभी तक बोलता था 20 का हूँ, 20 का हूँ। अभी जून में मैं 21 का हुआ। तो अब जब मैंने कर ली फिर थमने देखोगे तो किसका बोल रहा हूँ और पता नहीं क्या हो रहा है। मैं प्रॉपर बता रहा हूँ लोगो को पहले से किस का सोच के रखे हैं। वो हो गया। अब होता क्या की लोगो को ये भी लगता है क्योंकि 1 एंटरपनॉशिपमेआगया तो जैसे मैं शत पहना हुआ हूँ तो पहनते है थोड़ा मैचों और ज्यादा ऐसे लगने लग गए हैं थोड़ा सा रहनसहन दाढ़ी ऐसी रखनी पड़ती है। जब आप मीटिंग कर रहे हो तो आपको ऐसा लगे तब मैं चोर दिखना है, आपको वहाँ पर दिखना है, आपको प्रेजेंटेबल दिखना है तो रखना पड़ता है। रहनसैन थोड़ी आपको एज जैसे दिखती होगी। ज्यादा लोगों को पता नहीं क्या है भाई मैं बड़ा हो रहा हूँ, हर साल मेरी बढ़ रही है।
ये ये प्रॉब्लम न सबके भी होती है। मेरे को पूछते हैं भाई से की भाई तू 20 का, यह तो 21 का है, अरे भाई जुलाई में ही 21 का हुआ तो लोग पूछते रहते है। ऐसे ही अगला अगला सवाल मिस्टी वो पूछ रहे। संदीप मसूरी जी के शो में अप्लाई क्यों नहीं किया था,
पता नहीं क्यों नहीं कर रहा। एससेचबहुतज्यादाऐसी इच्छा इंटरेस्ट नहीं आया, नहीं होतीहै, इंट्रेस्ट नहीं आया, बोल सकते है। मतलब करना भी नहीं था, उस टाइम ऐसा पीरियड चल रहा था जहां पर मैं बहुत ज्यादा बिल्ड मतलब जो कर रहा था कि बैकेंड मेरा स्ट्रांग हो जाए क्योंकि आपको फ्रंटेंड पर दिखना है। आज फर एग्जाम्पल में बहुत सारी पॉडकास्ट कर रहा हूँ, यहाँ बहुत सारी रील्स डाल रहा हूँ। तो अब मेरा बैकेंड स्ट्रॉंग है तो मैं आगे की चीजें प्लान आउट कर सकता हूँ क्योंकि 1 तरह से यह मार्केटिंग हो रही है। अब इसमें से कुछ रील्स निकाल गई है, पॉडकास्ट वायरल हो गया तो 1 तरह से मेरी मार्केटिंग हुई है। तो जो ब्रैंड ओनर रहेंगे वो मेरको रीच आउट करेंगे जो कि इनडायरेक्ट 1 तरह से की वैल्यू दी है मैंने तो वो रीच आउट कर लेंगे, कुछ आपके फ्री लांसर हैं, वो हैं तो उनको मैटर सीखना है तो वो लर्डमाइसपे चले जाएंगे तो उस टाइप की चीजें हैं तो बैकएंड जब स्ट्रांग रहता है जब आपकी फ्रंटेंड की मार्केटिंग होनी चाहिए तो उस टाइम में बिजी था बिल्ड बैकअप करने में और सच कुछ इंटरेस्ट नहीं आया कि मुझे ऐसा करना है
पता नहीं क्यों अंदर से फील नहीं आता भाई कभी कभी यार अप्लाई भी करे
तो मतलब क्या ही होगा उसमें ऐसा था ठीक है व्यूज आ जाते अच्छे खासे ठीक है है अभी आपका
लोंग टम गोल क्या है अगले 5 10 साल का की यार मेरे को यह चीज अचीव करना या फिर ये
मिशन है क्या है यार मैं मतलब बचपन से ही जब तक कुछ भी नहीं था मैं बोलता था की दुनिया का सबसे अमीर आदमी बनना है, दुनिया का सबसे अमीर आदमी बनना है तो बस उसी के लिए डाइवर्सिफाई कर रहे है, मेरा कुछ भी गोल नहीं है सौरी की मुझे इस साल मुझे एक्स अमाउंट करोड़ रूपए का रिवेन्यू करना है या फिर वो करना है। मैं अपने आप पर लिमिट नहीं लगाना चाहता। अगर मैं लिख दूंगा की मुझे सौ करोड़ करना है तो मैं वो सौ करोड़ के लिए ही काम कर रहा हूँगा। तो अगर फॉर एग्जांपल मे कोई ऑप्शन मिल गया जहाँ पर 1 रियल स्टेट बिल्डिंग है जस्ट एग्जांपल दे रह 1 बहुत बड़ा नंबर हूँ बहुत ज्यादा लोगो को लगेगा नंबर ले रहा है। मैं एग्जांपल दे रहा हूँ कि अगर 1 बिल्डिंग मिल गई और मुझे पता है कि एक्साइज अमाउंट लगा रहा हूँ मैं पचीस करोड़ निकाल के निकलूंगा या 50 करोड़ निकाल के निकालूंगा फिर उसके बगल वाला सेकेंड फेस चालू कर दूंगा। मुझे पता है सौ करोड़ कैसे करना है तो मैं अपने आपको लिमिट नहीं करना चाहता और सच मेरा कुछ बहुत क्लियर नहीं है की अगले क्या करना है। 1 ही सिम्पल गोल है अमीर आदमी बनना है कर रहे हैं काम और
भाई माइजर बना रहे माइजर उसके लिए अभी आपने कहीं सिटी शिफ्ट किया है या फिर भोपाल में ही आप हो
हम लोग भोपाल में है चालू ये चीज बंगलौर ऑफिस हुआरता बट वहाँ पे ऑपेक्स मेरा बहुत ज्यादा बढ़ चुका था कि वहाँ पर ऑफिस बहुत महंगा है टैलेंट बहुत महंगा है हर 1 चीज महंगी हो गई थी तो उसी को कंट्रोल के लिए हम लोग टेयटो मेरा होम टाउन है तो बहुत सारी चीजे ऑलरेडी बिल्ट अप है प्लस मम्मी पापा यहाँ पर थे तो 1 क्योंकि मतलब कुछ फायदा नहीं है कि आप बहुत ज्यादा अमीर बन जाओ बट अपने परिवार से ही नहीं जुड़े हो तो भले अभी भी मैं बहुत ज्यादा घर पर टाइम नहीं दे पाता हूँ बट मे को बहुत अच्छा लगता है की मैं डेली हूँ मैं कुछ भी बात करता हूँ पापा मुझसे कुछ बोलते हैं, पापा बोलते हैं की इतना पैसा क्यों लगा रहे हो मैं कहता हूँ हाँ पापा आप कम लगाऊंगा ऐसा क्यों कर हे तो बड़ा अच्छा लगता है मतलब 1 अलग फीलिंग है वो उसको नहीं बोल सकते हैं, आप बता नहीं सकते हैं वो चीज डाट भी बढ़ी घर में तो वो डाट भी खा लेता हूँ।
आप 1 बात बताओ कि आपका जो वाइजर टूल है वो एक्सपेक्टेड डेट या एयर का है जिसमें लॉन्च अप कर
दोगे एक्स्पेक्टेड 1 भाई अभी 8 महीने और लगेंगे ये पूरे ए ई पे चल रहा है को आज बिल्डर लॉंच करना हो तो मेरे लिए 1 महीने का काम है जैसे मैंने बताया वो 60 रुपए $60 की स्किप्ट खरीदूंगा और 1 फ्री लांसर को दूंगा 50 हजार रूपए नाइजर बन जाएगा पता है भाई
1 जैसे 1 क्लिक फाइनल गो हाई लेवल है मुझे मैं उस करता हूँ वो गो हाई लेवल उस करता हूं उसमें 1 वाइट लेबलिंग का फीचर है फोन सेवन डॉलर्स में वाइट लेबल आप कर 2 वो मैं फायर उसका नाम दिया मैं अपने क्लाइंट्स को देता हूँ और उनसे परमं उसका 4 देता हूं सो माइजर उसमें क्या सेम है यार सबका सेम है बिल्डर सेम है सबका सबका वर्क का चीज सेम है कोई डिफरेंस नहीं ज्यादा तो आप आप क्या 1 डिफरेंस िएटर बिल्ड कर रहे हो एआई से पूरा पेज बन जाएगा
ए आई बी है प्लस हम लोग जो मेन हमारा टारगेट रहेगा हमारे क्लाइंट को हम लोग करेंगे हमारा मेन टारगेट ब्रैंड मतलब ब्रांड ओनर नहीं है हमारे मेन टारगेट ही एजेंसी ओनर है तो फॉर एग्जांपल आप मेरे से ले लिया कि 5 सौ प्लान का आपने पैकेज ले रखा है तो आपने मुझसे फॉर एग्जांपल सौ रुपये में लिया है 5 सौ प्लान का पैकेज वो सिर्फ इनवाइट ऑनली होगा की आपको ऐसे एजेंसी रजिस्टर करना पड़ेगा हम आपको चैक करेंगे और अब मुझे कुछ भी मतलब नहीं है आप उसको हज़ार रुपए का बेचो आप 5000 रूपए का बेचो वो है। तो 1 सबसे बड़ा यूजर हमारे जो बनेंगे कंजूमर व एजेंसी ओनर है दूसरा हम लोग जैसे लेके आ रहे है की हम लोग टेम्पलेट आप लोग बना सकते हो हम लोग आपको 1 बेस कोट दे देंगे आप खुद का टेम्पलेट बनाओ और जैसे शॉपीफाई पे और वर्डप्रेस पर थीम बेचते हैं आप हमारे यहां टेम्पलेट बेचो तो बहुत सारे लोग आयेंगे खुद का बनायेंगे खुद ही मार्केट करके खुद को बेचेंगे की इस टाइप का लैंडिंग पेज बना ली जाए तो और लैंडिंग पेज की सर्विस बहुत रिक्वायर्ड है और बहुत कम लोग बना पाते हैं। तो फॉर एग्जांपल आज 1 सैलून है वो व्हाट्सएप कैंपेन चला रहा है आज 1 मेकअप आर्टिस्ट है वो वाट्सएप कैंपेन चला रहा है क्या उसको लैंडिंग पेज की जरुरत नहीं है क्योंकि वॉट्सएप पर क्या वो रात के 9 बजे बाद रिप्लाई करता होगा नहीं करता होगा रिप्लाई क्योंकि वो तो सो रहा है न कितनी देर तक फ फोन चला लेगा तो लीड तो जनरेट होनी चाहिए 24 घंटे या तो एडस ऑफ करो, एडस ऑफ करोगे ऑप्टिमाइजेशन बिगड़ेगी तो अब मान लेते हैं कि कोई भी 1 स्टूडेंट है मेरा उसको मैंने मेथड बता दिए कुछ नहीं करना तुझे फेसबुक एड लाइब्रेरी पर जाना है उसके पास जाओ और इसको पिच कर 2000 रुपए का पिच कर 5000 रूपए का पिच कर जितने भी क्लोज हो रहा है क्लोज कर ले मैं तो 500 का रहा हूँ न अब प्रॉफिट तुम्हारे ऊपर है बनाने में तुम्हें 7 मिनट लगेंगे। मैं कह रहा हूँ थोड़ी कस्टमाइजेशन करोगे 1 घंटे लगे लगेंगे और इसके बिहाफ पर अगर आप टीम बिल्ड कर ले तो क्या प्रॉपर फाइनल बना लेते हो कि कहाँ कहाँ से बिजनेस आ रहा है और इसके अन्दर आपने 10 पंद्रह पंद्रह हजार लोगों के बंदे भी रख लिए जो बेसिक कयोंकि से आपका पूरा बन रहा है तो आप इसमें अच्छा खासा लाखों करोड़ों का बिजनेस बना सकत ह सिर्फ लैंडिंग पेज से। तो मैं 1 बिजनेस अपोर्चुनिटी लोगों के लिए बना रहा हूँ मैं खुद का नहीं बना रहा हूँ न मैं एंड यूजर के लिए बना रहा हूँ 1
और यह बहुत अच्छा है अगर आप यूएस में देखो तो लोग हाई लेवल यूज कर रहे हैं वो एजेंसी आपका
पूरा ऑडियो
अभी सही कुछ भी सुनाई
नहीं दिया मुझे पूरा लैग हो गया
अभी ऐसी हो हा है।
अब आपसे आपस मैं कह रहा था
कि जैसे यू एस में हाई लेवल है गो हाई लेवल सो वहा न आलरेडी प्रूवन है कि ये एजनसयूनर्स बहुत ारे यूज कर रहे हैं एंड सारे बिजनेस जो लोकल है सब यूज कर रहे हैं तो थिंक इंडिया में भी न। अगले 34 साल में यह बहुत ही पिक कर जाएगा तो यू आर जस्ट राइट टाइम राइट टाइन फिर लॉन्च करोगे मैं कह सकता हूँ आपका जब लॉन्च होने वाला रहेगा तो मेरे को भी बताना आलसो टेस्ट की देखूंगा कि कैसा है आपकी जो adimisवोवोीबोपाल में है भोपाल में तो अगला पोडकास्ट हमलोग वहीं से
करेंगे द मोस्ट वेलकम है
अगर अरिन भाई अगर आपको 1 लास्ट मैसेज देना हूँ ऑडियंस को आप क्या दोगे डिजिटल मार्केटर हैं, फ्रीलांसर्स हैं एजेंसी ओनर्स हैं उनको आप क्या मैसेज देना चाहोगे लास्ट
मैसेज हम लोग जो मिस आउट करते हैं मतलब जो मैं अपनी पिछले जो भी 5 से 7 साल की मेरी जर्नी रही है उसमें मैं 1 ही चीज कहूंगा की हम लोग इन इन कंसिस्टेंट रहते हैं की फॉर एग्जांपल हमें अभी पैसा मिल गया आज मैंने 5 लाख रुपए कमा लिए तो मैं मेहनत करना छोड़ दिया था मैंने बीच में मेरे साथ मल्टीपल टाइम हुआ है 1 बार नहीं हुआ है तो जब अच्छा समय आ चुका है आपको लग रहा है की अब आपने पैसे कमा लिए न वो समय है आपका मेहनत करने का क्योंकि आपके पास खोने के लिए कुछ है नहीं क्योंकि आप 1 अच्छे टाइम पे हो नीचे क्या ही जाओगे और उस टाइम पर जो मेहनत वो आप वो वाला ब्रेकेज तोड़ते हो तो मेरे साथ मतलब आज जो मैं हूँ मैं आज से 1 साल पहले हो सकता था, 2 साल पहले हो सकता था बट मेरी सबसे बड़ी गलती यह रही कि जब जब मैं अच्छे टाइम पर आया मैंने मेहनत करना छोड़ दी या फिर मैं कंफर्ट जोन में आ गया और वहाँ से चीजें बिगड़ी फिर तो मैं और बड़ी एजेंसी बना चुका होता इस टाइप का मैं सोचता हूँ तो अगर आपका अच्छा समय चल रहा है 10 क्लाइंट है 20 क्लाइंट है जो भी एक्साइज क्लाइंट है ये समय है एक्चुवल मेहनत करने का इसको कर दिया तो आप अलग लेवल पर निकलोगे
थैंक यू सो मच आयरन भाई थैंक्यू सो मच फ़ॉरकथैंिंग्यू सो मच भाई गिव मी आ वर्चुअल हाई फाई।
More from Abhit

Launch Your Micro Software Business | Full A-Z Guide | (₹5,00,000/Month Plan Inside)

Nikhil Kamath using Claude, Generate Unlimited AI Videos and More | Abhit Reacts Ep.2








