Dark Web Reality: Drugs, Organs Trafficking, Carding, and Scams | Answers with Abhit Ep: 002 | हिंदी

Abhit Upadhyay explains how the dark web works, accessed through Tor, and what happens there: drug markets, organ trafficking, weapons sales, and carding operations that steal credit card numbers and OTPs. The episode covers how scammers use your data for fraud and what you can do to protect yourself online.
Chapters
fasbुkarsor padam, hack, red,
ब्लैक मारकेट, बakमाकेटवर्ड माके, मार्केट प्लेस है, ऑर्गन है haka का, उनके पास चला गया नाम वगैरह सब कुछ उनके पास चला गया। डार्क वेब प्रॉपर इलीगल एक्टिविटी के लिए हो।
इस पोडकास्ट मे हम बात करने वाले है रियलिटी ऑफ डार्क वेब। डार्क वेब पर क्या क्या चीजें होती है उसके बारे डिटेल में एक्सप्लोर करेंगे क्या क्या चीजें उसमें होती है। सो बहुत मजा आने वाला है। आज हमारे चैनल पर है। भाई भाई कैसे और कैसा लग रहा हमारे पोडकास्ट पे आके बहुत बढ़िया लग रहा है। तो भाई आप बताओ डार्क वेब क्या होता है। पहले यह ऑडियंस को समझाओ 1 छोटी सी क्शन के साथ एक्वल डार्क वेब
अक्ल 1 सिम्पल सा होता है ने हमारा जो इंटरनेट है वो 3 पार्ट्स में डिवाइडेड है। 1 है सिम्पल इंटरनेट जो सबके लिए ईजीली एक्सप्लोरेबल है जिसके अंदर गूगल चलता है, फेसबुक चलता है, सिम्पली चलता है जिसके अन्दर कोई भी नेटवर्क कुछ दिक्कत नहीं होती। दूसरा होता है डीप वेब। डीप वेब होता है जिसके अंदर हमें जाने के लिए टॉर, ब्राउजर, ऑनियन, ब्राउजर, इन जैसे ब्राउजर्स की जरुरत पड़ती है। और तीसरा होता है डार्क वैब जो सबसे नीचे का पार्ट होता है। मतलब कि अगर आपने कभी पढ़ा हो डार्क वेब के बारे में तो जो सिर्फ टेन पर्सेंट और फाइव परसेंट आपके पार्ट होता है सबसे डार्क जिसके अंदर बहुत ज्यादा डीप में लगा लो। क्राइम्स होते हैं लीगल एक्टिविटीज होती है लीगल एक्टिविटी सबसे ज्यादा डीप होता है। उसको कहते हैं डार्क वेब। अच्छा तो इन दोनों चीजों के अंदर होता है। मतलब मेनली जो होता है अगर हमें भी आप डार्क पर बड़े इजीली रीच नहीं कर सकते। हमेशा रीचेबल होता है कभी कभी आप रीचबल डीप वेब जा सकते हो लेकिन सिम्पल इंटरनेट, सिम्पल ब्राउजर से कभी आप डीप वेब नहीं जा सकते। सो सिम्पल है कि डार्क वेब में ज्यादातर इल्लीगल एक्टिविटीज ही होती है तभी वो आसानी से रिचेबल नहीं है।
मेरा अगला सवाल यह है कि क्या डार्क वेब खतरनाक है? क्या लेट से कोई बन्दा सर्फ कर
उसको कोई दिक्कत आ सकती है? क्या उसको खुद का एक्च्वालीडार्क में डीप वेब डार्क वेब होगा। सबसे ज्यादा इललीगल ओके डीप वेब बनाया गया है। आपकी आइडेंटिटी को अनॉनमसलीयउसकरे, अगर एग्जाम्पल किसी को अपनी आइडेंटिटी नहीं दिखाने बिकॉज google एड्स और फेसबुक के एड्स जितनी भी यूज होती है आजकल मार्केट में तो उसके ऊपर आपके एंटिटीज होती है। कभी आप कुकीज सब कुछ होता है, कुछ लोग होते हैं दे, डोंट वांट, टू, शो दे तो वो यूज करते हैं। डीपवaपतोडीपवेप में ईजीली आप एक्सेस कर सकते हो, हर चीज लगा लो। जैसे आपको किसी फेसबुक भी आप सर्फ कर सकते हो। डी डीपवेपमेंआअगर फेसबुक सर्व कर रहे हो तो आपकी कोई भी एंटिटी वो नही होगी, गूगल सर्व कर रहे हो। क्वैक क्वैक क्वैक क्वैक ब्राउजर है बहुत सारे ब्राउजर हो सर्व करें तो आपको आडेंटिटिव उसके अंदर अनानमस रहती है। कभी भी आप किसी भी चीज के आगे नहीं आते इसलिए लोग डीप यूज करते हैं। डाक व प्रॉपर, इलीगल एक्टिविटी के लिए हो जाता है।
ओके ओके जी सो अब थोडा बात करें टेलमे डाक के बारे में सो कहीं आपने फॉर्म में पढ़ा होगा? जरूर कुछ न कुछ कुछ कुछ इलीगल एक्टिविटी होती है तो जो आपने पढ़ा हो या फिर किसी ने सुना हो तो कुछ ऐसी बताएंगे क्या क्या चीजें होती है डार्क वेब पर कुछ 23
चीज आप बताइए मैं डाक वेब का। मैं आपको बता सकता हूँ की डाक में 34 चीजें बहुत ज्यादा होती है। कि कभी आपने सुना होगा कि फेसबुक में आपका डाटा लीक हो गया, लगा लो। जैसे आपका क्रेडिट कार्ड का डाटा हो जाता है, अपना कह सकते हैं आपकी ईमेल आईडीज लीक हो जाती है। कभी आपकी आइडेंटिटी लीक हो जाती है तो ज्यादातर डीप वेब के ऊपर ही सेल होती है। आडेंटिटीजनाइनटी नाइन परसेंट डीप वेब के ऊपर ही सेल होती है। बिकौज जो सामने सेलर होता है ही आल्सो वांट टू बी अनानमस तो नाइनटी परसेंट डीप वेब इसी होता है दूसरा डाक वेब नाइनटी पर्सेंट दूसरा डाक वेब होता है ड्रग्स के लिए ड्रग्स सेल होती है, उसके ऊपर अपना गन सेल होती है, बॉम्ब सेल होते है। वो डिपेंड करता है की कहा पर तो बहुत ज्यादा अच्छी सिक्योरिटी आ गई है। वर्ल्ड में तो वो चीजें बंद हो रही है। बट पहले बहुत ज्यादा था अगर आपने सर्व करा हो, डार्क लिंक्स गए हों हिडन विकी से तो आपको पता लगेगा कि उसके अंदर जा के की क्या क्या इलीगल एक्टिविटी एक्जैटली में चल रही थी। पहले बट अभी बहुत सारी इललीगल एक्टिविटी उसके ऊपर बंद हो गई हैं। बट स्टिल देर आर मैनी। तो आप कह सकते हो की डीप वेब के ऊपर जो इललीगल एक्टिवेट होते है वो मतलब कि बहुत सारी हैं। बट अगर आप मेजरली देखोगे तो ज्यादातर सबसे छोटे लेवल पर होगी कार्डिंग, कार्डिंग के लोग क्रेडिट कार्ड के वहाँ पर क्रेडिट कार्ड बहुत ज्यादा सेल कार्डिंग।
थोड़ा सा डीटेल में समझाओगे आप क्या होता है।
जैसे फोरन एग्जाम्पल आपने कभी फेसबुक उस की फेसबुक पर जाकर खरीदा कुछ भी तो आपका कार्ड डिटेल्स फेसबुक पर भी। फिर किसी भी प्लेटफार्म से आप खरीदते है तो उसके अंदर सेव हो जाता है। तब क्या होता है जब हैकर्स होता वो फेसबुक हैक कर लेते हैं तो फेसबुक के पास आपका डाटा जितना भी है क्रेडिट कार्ड का वो सेफ है। अब जब फेसबुक हैक हुआ तो आपके सारे डाटा उनके पास चला गया, आपका नाम, वगैरह सब कुछ उनके पास चला गया। और वो क्या करते हैं। अब आने लगे है थ्री डी गार्ड्स। पहले टू डी गार्ड्स, टू डी गार्ड्स में क्या होता था कि उसमें ओ टी पी बाहर की गार्ड की बात करो, इंडिया के नहीं। टूडी गार्ड्स में क्या होता था, न उल्टी पी जाता था, न कुछ हाता स्वाइप करते थे और पैसे सारे कट जाते है। थ्री डी कार्ड आ गए, सिक्योरिटी बट स्टिल दे मैनेज तो गुड पेमेन्ट गेटिस तो उससे भी स्वाइप हो जाता है। बट यह है कि अब ज्यादा सेफ है। बट होता क्या है कि वहां से डाटा निकालता है यह सेल करते है। और ज्यादातर यही मेन वहाँ पर चलता है। इसको हम कार्डिंग बोलते है कार्डिंग से लोग। अगर लोग गेटवेज नहीं है। आपके कार्ड से पैसे नहीं निकाल पा रहा तो आपके कार्ड से। कभी आप देखते हैं कि कुछ ऐसी खरीद ले जो आपने जिंदगी में नही खरीदी होगी। कभी किसी ऐसे प्लेटफॉर्म पर जाके आपके बैंक स्टेटमेंट में आ गया क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट में आ गया कि आपने कभी शूज खरीद लिए महंगे वाले नाइकी के के आपने कभी जिंदगी में नहीं खरीदे तो उसको क्या करते हैं। वो लोग आपका कार्ड यूज करके दूसरी वेबसाइट पर खरीद के अपने ड्रेसिस पे मंगाते हैं तो वो उसको हम मोस्टली कार्डिंग बोलते हैं। बाकी दूसरे तरीके भी दूसरे तरीके के भी कार्डिंग होती है जिसके अंदर आपका सिर्फ लगा पैसा निकाल देते हैं पूरा पेमेंट के एडवे से अपना जैसे कि दूसरी वेबसाइट के ऊपर क्रिप्टो खरीद लेते हैं जाके तो उस तरीके से भी कार्डिंग यूज करते हैं। मतलब आपके कार्ड से पैसे निकालना मोस्टली मेरे हिसाब से वर्ड कार्डिंग उसी में यूज होता है।
भाई 1 चीज में बताओ मैंने सुना है न कि इसमें ऑर्गंस वगैरह भी
सेल होते है ऑर्गंस सेल तो होते हैं बट वो डिपेंड करता है कौन से मार्केट प्लेस पर जाकर सेल होते है। अब ऑर्गन अब किसी न किसी चीज का किसी न किसी कहीं न कहीं मार्केट होता ही होता है। ये आपको पता सकता मार्केट होता ही होता है हर चीज का अब ऑर्गन्स का मार्केट कहीं न कहीं तो हो गई। तो जब आपने सुना होगा ब्लैक मार्केट, ब्लैक मार्केट वर्ड सुना होगा आपने भी तो ब्लैक मार्केट 1 वर्ड है जो डीप वेब पर यूज होता है। वो डीप वेब के ऊपर ही कुछ ऐसे मार्केट प्लेस हैं जहां पर ये आर्गन सेल किए जाते हैं 25 हजार डॉलर के, 20 20 हजार डॉलर के। वहीं पर सेल होते हैं सारे केस और एग्जैक्टली में सेल होते है। अगर आप जाओगे कभी मेरे को नाम नहीं आ रे कभी मैंने किसी फोरम में पड़े हो मार्केट की अभी क्या हो रहा है। 2020 के बाद जो सिक्योरिटी है वो बहुत ज्यादा इंटरपोल, बहुत ज्यादा टाइट हो गया है। जितने भी आयर एस ने बहुत ज्यादा वो करवा दिया। यूएस में एफबीआई बहुत जादा टाइट तो ये सारी की सारी बंद हो रही है। तो यह हमारे लिए भी अच्छा है। ये चीजें बंद हो री है बट एड द टाइम टू ट्वेंटी ट्वेंटी से पहले वहां पर ऑर्गन सेल होते थे प्रॉपरली मार्केट प्लेसेस बनी हुई थी वहां पर जिसके अंदर आप बिटकॉइन में पे और आपके घर आर्गन पहुँच जाएगा।
जैसे अमर था उस टाइप की ऑर्गन ऐसे मतलब एमेजॉन जैसे बिछता है वहाँ पर ऐसी मार्केट प्लेसेस थे जिसमे ऑर्गंस
बिकते मैंने कुछ मार्केट प्लेस पर 250 बिलियन की सेल देखी है मतलब वहाँ पर होता था वहाँ पर हमारी टोटल सेल आ गई बिटकॉइन सेल टू फिफ्टी सिक्स बिलियन डॉलर्स इन क्रिप्टो करेंसी अच्छा उधर मतलब कि मार्केट प्लेस में आता और सबसे टॉप पर काउंट आता है की इतने की सेल होगी इतने मार्केट में दे जनरेटेड रिवेन्यू मतलब परियर का रिवेन्यू टू फिफ्टी सिक्स बिलियन करा तो इतना मेरे हिसाब से अमाजोन का पिछले साल का है फिर पिछले सौ से डेढ सौ बिलियन था तो उनका ज्यादा
था क्या बात कर रहे भाई है।
मैं आपको बता हूँ जितना मुझे याद
फॉर्म वगैरह में कहीं आपने देखा हुआ है। मैंने भाई 1 चीज मैंने सुना की जैसे यू एस वगैरह है वो भी डाक वेब बुत दिखते रहे हैं। एकटिविटी क्या क्या हो रही है डेटा वहाँ खरीदते रहते है।
ऐसा कुछ है क्या ऐक्चवली क्या होता है। अब डीप वेब इतना सिक्योर है कि कोई भी उससे भाग नहीं सकता है लगा लो फेसबुक भी अपना डाटा है अपना डाटा सिक्योर रखने के लिए अपना सारा डाटा डीप वेब पर यूज करता है। मतलब डीप पर यूज करता है कि जितना उनके अलगोरिदम है अपने अलगोरिदम को। आधा उन्होंने डीप वेब पर बनाया है। आधा उन्होंने सिम्पल वेब पर बनाया है तो अपना वो जो सिक्योर रखते है डाटा वो भी डीप वेब का यूज कर सकते है। कोई भी गवर्नमेंट कोई भी मार्केट मे है जो बड़े लेवल पर है जॉइंडसहैबबड़ेअमाजोन तक वो अपना सारा डाटा डीप वेब पर उस मतलब सेव करते है। ऐसा कोई नहीं है जो डीप वेब से दूर रह सके। मेन ली जो खतरनाक और इल्लीगल है वो डार्क से जहाँ पर डेडबॉडीज के वहाँ पर ऑक्शन होते हैं अपना इललीगल एक्टिविटीज में हिटमैन होते हैं, सारी चीजे होती है वहाँ पर, तो वहाँ पर तो जाना ही नहीं चाहिए। आप एक्सेस भी नहीं कर सकते जी उसको अपने लैपटॉप से उसके लिए बड़ी सारी चीजें होती हैं। वो बी लगा कर बड़ी सारी चीजे है बट आप एक्सेस नहीं कर सकते उसको ही करना चाहिए।
मैंने सुना है कि 1 बंदा डार्क विजिट किया है और वैसे तो टॉर ब्राउजर से एक्सेस करते हैं। उसमें सिक्योरिटी बहुत यादा होती है है बट उसका लोकेशन ट्रैक करके उसके घर पर पहुँच गए हो।
कभी नहीं होता की अगर टॉवर से आपने यू कराया तो आपके लोकेशन इतने को ही ले सकता। आपने कोई गलती की होगी जब आपने उस करा उसे तो कोई न कोई सिक्योरिटी आपने लूज कर दी। तब तब आप हैक के आपको कुछ
डिटेल्स मांगा होगा, कुछ कुछ लिंक पे
क्लिक करवाया होगा मतलब नहीं ऐक्चवली क्या होगा टॉवर 1 ब्राउजर है टॉवर से अगर आपने कुछ डाउनलोड कर लिया तो आप सिम्पल ब्राउजर पर आ गए जैसे आप सिप ब्राउजर पर आये वहाँ पर आपकी लोकेशन आईपीआई हैक हो ट्रैक हो जाती है कभी भी टॉवर से डाउनलोड नहीं करना चाहिए।
और उसके सारा सब सब लूट लिया मार दिया उसको वो।
तो आप क्या कह सकते मैंने ऐसा
यूट्यब पर देखा है मतलब क्या आपको लगता है इसमें क्या सच है देखो
सच तो है इतनी सारी मूवीज बनी है। ऐसे तो बने है इतने सारे केस हुए हैं इतने लोग गायब होते है
तो भाई और क्या चीज होती है डार्क वेब पे जो की बहुत इलीगल एक्टिविटी और क्या कुछ बताओ
इलीगल एक्टिविटीज में मतलब की। मेनली लीगल एक्टिविटीज कहाँ पर आती है जहाँ पर सिम्पल पर्सन को नुकसान हो रहा है। उसी को मेनली लीगल एक्टिविटी से बोल रहे। जो गवर्नमेंट मतलब कि लीगलाइज नहीं करती सिम्पल वर्ड है लीगलाइज नहीं करती। सिम्पल सा अब डार्क वेब में आप लगा लो जैसे कि अपना कोई काम चल रहा है वेबसाइट से वेबसाइट हैकर्स बहुत मिल जाते हैं डार्क पैप के ऊपर कि आपको किसी की वेबसाइट हैक करानी है। जैसे डिजिटल मार्केटर्स होते हैं उनकी वेबसाइट हैक हो जाती है अच्छा अपना। जैसे कि अब कभी आपने सुना होगा कि कभी पेमेंट गेडेस के लिए अपना हैकिंग क्या होती है जब पेमेंट गेटवेज हम लगाते हैं पनी वेबसाइट पर कभी भी हैक हो जाते है भी हमारी वेबसाइट पर सेल आती है बट पहुंचती नहीं है है दिखता है कभी कभी क्यूंकि वो हैकिंग हो रही होती है बड़ी बारी, इसलिए मैं खुद आईफोन यूज करता हूं ताकि हैकिंग से बचाया जाए। एप्पल इस द बेस्ट कंपनी जो सिक्योरिटी के मामले में सिक्योरिटी का मामला सबसे बेस्ट कंपनी है। जो मुझे लगती है तभी आते है
वो लोग कुछ भी होता है अपडेट तुरंत लाते है।
हाँ अपडेट भी ले आते हैं और साथ में उनका जो है इतना आसान नहीं है एपल को हैक करना। इसीलिए ज्यादातर यूज करते है। जो भी डिजिटल मार्केटिंग करता है फिर कुछ भी करता है।
तो उसे आईफोन एपल के भी टीम में कई सारे मतलब, कई सारे एथिकल
मैंने एपल का सुना था ऐपल ने अभी 1 मिलियन डॉलर निकाला था। पता नहीं कौन सी डे की बात है। 1 मिलियन डॉलर निकाला था हैकर्स के लिए कि आपको उन्होंने 1 सिस्टम दिया था कि यह आपको हैक करके बताना। अगर आपने हैक कर दिया तो यू विल गेट वन मिलियन डॉलर्स। अच्छा ये एग्जैक्टली में क्या हुआ उसमें रिजल्ट का या हैकर्स जीत गए। हैकर्स ने हैक कर लिया था उनका बट मेनली जो एपल का था उनका वन मिलियन डॉलर नहीं था उनका था उन्होंने हैक करवा लिया। अब उन्होंने उसका तोड़ ढूंढा और खत्म फिर वो हैक नहीं कर पाए इससे क्या हुआ जो सिस्टम था उनको और ज्यादा सिक्योर हो गया। तो जो 1 मिलियन था उन्होंने करता हंड्रेड 2000 मिलियन कर लिए उसके बट यह था कि उनकी सिक्योरिटी और बढ़ेगी। तो इसलिए मैं एप्पल ही यूज करता हूँ। बिकज जब पेमेन्ट मेथड होते हैं हम गलती से कोई लिंक क्लिक कर देता है जहाँ पर सारे पैसे निकल जाता है। अब इंडिया में 1 स्कैम चल रहा है जिसके अंदर बारकोड के ऊपर कोई भी लिंक करता है या फिर कुछ स्कैन करता है तो उसके अंदर मैं आपको बार कोड कभी भी हमें स्कैन ध्यान से करना चाहिए। बिकॉज बारकोर्ड हमारे पेमेंट गेटवे से लिंक करता है जैसे पेटीएम हो गया। पेटीएम में बार कोड आता है स्कैन करता है पेटीएम में आपकी सारी रिडल पड़ी है। अब आजकल क्या सॉफ्टवेयर आ रहे हैं। जब आप बार कोड को स्कैन करोगे तो उसके अन्दर आपका सारा पेमेंट डिटेल आ जाएगा। क्रेट कार्ड्स तक के नंबर आ जाते हैं। और आपका यूपीए मैथड आया था अब यूपी में जब आप यूपी में पे करने जाते वहाँ है करो सिम्पल सा और फॉरइग्जाम्पल 1 स्कैम है। मैं आपको बताता हूँ। मैंने पढ़ा था स्कैम के बारे में जॉब स्कैम बोलते हैं उसको मतलब की अपना वो। अब मुझे पता नहीं वो डार्क पर वाले चला रह हैं। कौन चला रहा। मैंने सिर्फ पढ़ा था तो उसके अन्दर क्या था आपको जॉब की वेबसाइट होंगी कॉल करेंगे सर आपको फिफ्टी रुपीज एटलीस्ट पे करने पड़ेंगे। अपने क्रेडिट कार्ड से हम हमारी वेबसाइट पर देन। यू कैन प्रोसीड, वर्क वित स और वी विल फाइंड। जॉब फॉर यू ठीक है। तो ये था उनका उन्होंने 50 रुपया लगाया 50 रुपए कटे नही मैं कटेंगे जॉब के लेंगे 50 सौ कभी पैसे नहीं कटेंगे उनके बाद आपको सारे कार्ड का डिटेल्स आयेंगे जो कार्ड उनके पास होंगे पेमेंट क्रेडिट कार्ड में डलवा लेंगे
कर लेंगे स्कैन करते कैसे
स्कैन का तो अलग है जब स्कैन करते हैं जैसे अभी पीछे न्यूज आई थी के अंकल केजरीवाल अंकल जो है हमारे उनके बेटी के साथ हो गया था कि लाख रुपए निकाले। तो वो भी इसी तरीके से कुछ हुआ था। बट मैं आपको बता दूं अलग चीज जिसके अन्दर क्या है अपनी वेबसाइट के ऊपर करे जो नौकरी कॉम जैसी वेबसाइट होती है नौकरी के लिए हो गई है। वेबसाइट उनके ऊपर बोलते हैं कि आपको एटलिस्ट हमारा प्रीमियम प्लान लेना पड़ेगा या फिर एटलीस्ट सिम्पल प्लान लेना पड़ेगा जिससे आप स्टार्ट कर सको। वहाँ पर आप कार्ड डालोगे अपना और कार्ड नहीं रिचार्ज होगा। कभी भी पहली बारी में रिचार्ज हो भी गया तो आपका फायदा फिर भी नुकसान है। कभी कभी फायदा है नुकसान है। वो आपको देखना है आपका रिचार्ज हो गया आपको कॉल आएगा 23 दिन बाद आपके कार्ड डल सारी उनके पास होगी। 23 दिन बाद कॉल आएगा कि सर आपका आपने हमारी वेबसाइट के पर अप्लाई करा है और आपके पैसे कटे नहीं हैं या फिर आपके पैसे कट गए हैं। आपके प्रो गया अच्छा आएगा वो ठीक है कहेंगे सिर क्या करना है सर अभी हम आपको ओटीपी भेज रहे हैं के आपको ओ टी पी बताना वो आपके पैसे डालेंगे, आपसे ओ टी पी लेंगे सारे पैसे निकाले जितना भी कार्ड में बैलेंस होगा सारा निकल जाएगा।
ये चीज है बहुत खतरनाक मतलब 23 दिन वेट करते हैं ताकि रियलिस्टिक लगे
नहीं नहीं नहीं 23 दिन उनके बाद ज्यादा कार्ड होते हैं के बाद बहुत
सारी होती लीड्स बहुत ज्यादा होती क्योंकि
ये मेर को फॉर्म में था कि 23 दिन लीड सकते है क्या पूरा का पूरा और ये फोरम कहीं पर भी आपको मिल जाएगा। आप इसके बारे सर्च करोगे केस मिल जाएगा। अखबार पढ़ा मुंबई पुलिस के फॉर्म डोगे कभी भी आप केसिज के बारे में पढ़ोगे आपको दिख जाएंगे। ऐसे केसेस ये सारे कार्डिंग के केसेज ऐसे होते है कि तभी ज्यादातर वहाँ पर कार्ड इसलिए बिकता है कार्ड वहां से लेंगे। ईमेल आईडी इंडिया में क्या होता है वहाँ पर आपको ईमेल आईडी की एक्सेस मिल जायेंगे अब क्या हो रहा है लोगों लोग 1 बड़ी गलती करते हैं लोगो का जो ओटीपी आता वो ईमेल पर भी आता है। आजकल है सबको ओटीपी का ओटीपी है वो ईमेल पर भी आएगा। तो अब लोग क्या करते हैं वो जो ईमेल है ई मेल का एक्सेस कोई भी ले सकता है, ईमेल हैक कोई भी कर सकता है कार्ड की डिटेल ले लेते हैं जैसे तैसे करके कस्टमर से ईमेल हैक कोई भी कर लेगा आपको पता मिला आपके पैसे कब उडगेगयूंकीओटीबी ने ऑलरेडी पहुँच गया मन तो ओटीपी से पैसे ओटीपी उनके बाद कभी पहुंच गया तो ईमेल से भी पैसे
निकाल लेंगे ओके ना मेरा लास्ट कैशन ये है भाई की लेट सी की मैं मैं तो फेसबुक भी अपना कार्ड स्टोर रखता हूँ पेटीएम रखता हो शायद पेटीएम भी कभी भी हैक हुआ ही
होगा हंड्रेड परसेंट हमेशा होता है और
फेसबुक भी है तो क्या चांसेज है कि मेरे कार्ड में होंगे अब 1
वेबसाइट है मुझे याद नहीं आ रहा नाम में लास्ट में मेंशन करवा दूंगा ठीक है लिंक लिंक डाल दूंगा डिस्कप्शउसके ऊपर अपना जो भी डिटेल्स होंगी जो भी ईमेल आईडी होगी कुछ भी होगी जिससे आपका कार्ड करेक्टेड रहता है पे टी एम बना या फिर कुछ भी है उसपर आप डालना अगर वो आपकी मतलब आपका वो टिक दिखा दे डाटा एक्सेप्टेड या डाटा फाइंड तो आपका हैक हुआ है 1 बार अगर वो क्रॉस दिखाया तो आपकी हैक नही कभी हैक हुआ तो कार्ड चेंज कर लो, कार्ड चेंज कर लो, सबसे बढ़िया से बढ़िया कार्ड चेंज कर लो वरना कभी भी स्कैम कॉल मत उठाओ अच्छा सिर्फ उन्ही बंदों को कॉल उठा जो उसका नंबर आपने सेव कर रखा है और क्या
सिक्योरिटी में ले सकते हैं। ये चीजें हमारे साथ न हो जैसे ओटीपी नहीं शेयर करना है तो बहुत
कॉमन चीज है ओ टी बी शेयर अगर कॉमन चीज है दूसरा आपको कभी भी पेमेन्ट करनी है तो आप कर सकते हो अपना सिर्फ उसको करो जो सरकार बोलती है जैसे कि एक्वाललीकाहै इंडिया में लोगों को पता नहीं है 1 चीज है जो इंडिया में बिल्कुल लोगों को पता नहीं कि इंडिया में भी चार्ज बैग होते हैं चार्जबगहेकार्डहा इंडिया में भी चार्ज बैग होते हैं इंडिया में लोगों को पता नहीं है बिल्कुल नही पता की इंडिया में भी चार्ज बैग होते हैं आपको कभी भी कुछ भी कहीं पर भी खरीदना है कि सामने वाला स्कैम ना करे तो हमेशा क्रेडिट कार्ड यूज करना चाहए के न यू पी आई यूज करो न अपना बैंक ट्रांसफर यूज करो न करो हमेशा क्रेडिट कार्ड यूज करो क्रेडिट कार्ड में क्या हो सकता है कि आप चलो आज कभी स्कैम हो गया फॉरनगामपलपेटेम आप क्रेडिट कार्ड सामने वाले को बोलो भाई आपके पास रिजर्व है गेटवे है आप वहाँ पर लो क्रेड कार्ड यूज करो वहाँ पर पे करो और कभी भी कोई भी आपके साथ स्कैम होगा कुछ भी होगा अब सीधा सीधा वहाँ पर सीधा कॉल मिला कंपनी को कि सर मेरे साथ स्कैम हुआ मुझे मेरे पैसे चाहिए। मैंने पेमेन्ट सामने वालों का भरोसा करके बटन। उसने सामान पहुंचाया, अगर आप बोलोगे सामान का है, सामान्य नहीं पहुँचाया। उसने सर्विस न कुछ दिया। सबसे बड़ी इसमें एसबीआई गार्ड जो सबसे बढ़िया रेस्पोंड करता है, ह आप एसबीआई कार्ड यूज करो या फिर एचएफसी, ये सारे कारण सबसे बड़े रिस्पोंड करता है। आप हाथों हाथ चार्ज मार सकते हो। यह नॉलेज किसी को भी ये ज्यादा, सबसे ज्यादा, मेजर, सबसे सिक्योरिटी मेजर्स आप क्रेडिट कार्ड यूज करो। कभी पेमेंट कर रहे हो? दूसरा अगर आपको सिक्योरिटी बचानी है, अपना सब कुछ सेव रखना है तो आप कभी भी किसी को उलटी मत हमेशा अपने बाद रखो। बात य है।
यह क्रेडिट कार्ड वाला तरीका बहुत सही है क्योंकि इंडिया में लोगो को अवेरने से नहीं है कि चार्जबैक होता है
हा चार्जबैक है की भाई लोगों को पता नहीं कि चार्जबैक एग्जैक्टली में हो रहा है, यूएस में क्या होता है, यूएस में कोई यूएस में का, यूएस में टेंशन। अब इंडिया में कैश डिलीवरी बहुत स्कैम होते है क्यों? क्योंकि इंडिया में चार्जबैक लोगों को पता नही चार्ज अब क्या हुआ कैशरनडिलीवरीबंदा आपको घर दे जाएगा समान अगर घर दे समान, आप कहाँ ढूंढोगे ढूंढी शिपिंग कंपनी के बा जाओगे सर हमारा मर्चेंट अगर मर्चेंट डी फेक बना होगा तो क्या कर लोगे है शिपिंग कंपनी थोड़ी से देगी आपको सिंपल सा अगर आपने क्रेडिट कार्ड से पे करा होगा, पे करा आपने वीजा कंपनी के लिए जिस जिस भी कंपनी के लिए पे करा उसको कॉल करो सर। यहाँ पर उन्होंने सामान नहीं पहुंचाया या जो समान उन्होंने दिखाया था वो नहीं दिया। अब सीधा बोलो की नहीं दिया, चार्ज होगा पैसे आपके पास। चाय 1 महीने में आये, चाय 30 दिन में आये और सौरी चाह 1 महीने में आये, चाय 20 दिन में आये। लेकिन पैसे इस बात की गारंटी आयेंगे। बस आपको तरीके से उनको जवाब देना बात खत्म। जो वो आपसे चीज पूछे आपको वो डीटेल्स देनी है, काम हो जाएगा, पैसे वापिस आ जायेंगे, आप स्कैम से बच जाओगे। यह सबसे बढ़िया चीज है।
इंडिया में थैंक यू सो मच भाई हमारे चैनल पर आने के लिए कैसा लगा आपको बहुत बढ़िया आप 1 लास्ट मैसेज क्या देना चाहोगे ऑडियंस को जिसे
सिक्योर लास मेसेज ज्यादातर सिक्योर रहोगे ग्रेड कार्ड से पेमेंट करते हो।
ठीक है, भाई है थैंक यू सो मच भाई थैंक यू।
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