Digital Marketing का कड़वा सच ft. @amitmishra_ | Answers with Abhit Ep. 001

In this Hindi podcast episode, host Abhit Upadhyay interviews digital‑marketing practitioner Amit Mishra to expose the harsh realities of the field. They discuss how many newcomers falsely label themselves as “experts” and promise unrealistic salaries, while entry‑level jobs typically start at ₹10‑15k or unpaid internships. Amit criticises expensive training institutes that charge ₹70‑80k for shallow curricula, emphasizing that free resources can teach more. He stresses that real value comes from hands‑on practice—building personal projects, implementing SEO, paid ads, and especially link‑building, which he describes as a lucrative niche where a single link can fetch ₹50‑100k. Negotiation tactics, pricing models (10‑15% of client ad spend, flat fees for link packages), and the importance of experience are covered. Amit advises starting with a 1‑2 year job to gain industry insight, then transitioning to freelance or own business once sufficient expertise is built. Throughout, the conversation balances candid criticism of hype with practical guidance for aspiring digital marketers.
Chapters
कुछ लोग जैसे मैंने बताया की स्टार्टिंग मे उन्होंने कहीं से कुछ सीख लिया और बस फिर उसको ही जैसे डिजिटल मार्केटिंग का बेसिक भी नहीं बताते है। जॉब करने जा रहे हो तो जो क्लेम करते हैं की 1 लाख की जॉब स्टार्टिंग में नहीं लगती है। स्टार्टिंग में जब आप जॉब करने जाओगे तो आपको 10 हजार की जॉब भी लगेगी, पंद्रह हजार की जॉब भी लगती है और कुछ लोग आपको इंटनशिप में भी रख देंगे और पैसे दे दे देंगे। लिंक बिल्डिंग 1 अलग ही इंडस्ट्री है जहाँ पर आप 11 लिंक बनाने का आप 50, 60 70 हजार 1 लाख रूपए के लिंक से बिकते हैं।
भाई इस वीडियो में लोग बात करने वाले हैं डिजिटल मार्केटिंग के कुछ ऐसे सच के बारे में जो आपको पता होना चाहिए और आज हमारे साथ है अमित भाई थैंक यू वेलकम टू चैनल अमित भाई और कैसा लग रहा हमारे
चैनल पर आके मुझे तो बहुत ज्यादा खुशी हो रही है यार अभी इतने भी पॉडकास्ट इसने मुझसे बहुत टाइम से बात कर रहा था। फाइनली पॉसिबल हो पा रहा है और हमारे साथ शूट कर रहे हैं तो काफी मुझे अच्छा लग रहा है यार आल द बेस्ट फॉर योर पोडकास्ट काफी मतलब। बस ये चाहता है कि और ग्रो करो और बढ़ो और आगे नए लोगों से मिलो सक्सेस लाइक आपको जल्दी अचीव हो।
थैंक यू सो मच। अनित भाई पता क्या होता है। बहुत सारे लोग है जो की इस डिजिटल मार्केटिंग फील्ड में उतरते हैं, बट वो भटक जाते हैं या तो उनको सही से गाइडेंस नहीं मिली। तो आपको क्या लगता है कि क्या ऐसी चीजें हैं जो कि जाननी चाहिए जो लोग को पता ही नहीं होता। इस फील्ड में आने से पहले तो
देखो क्या होता है न भी डिजिटल मार्केटिंग। ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो डिजिटल मार्केटिंग में आ गए हैं। मैंने तो 6 साल पहले स्टार्ट किया था तब कुछ गिने चुने लोग थे अभी तो देखते देखते। इतने सारे लोग आ गए हैं कि मतलब जिन लोगों को बस खाली उन्होंने लाइक कुछ हल्का सा भी सीख लिया। तो अपना लाइक बोलते हैं। एक्सपर्ट डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट है तो भाई देखो एक्सपर्ट वाली स। अगर आप यूज कर रहे हो, ये टर्मिनोलॉजी अपने बायो में लगा रहे हो, कि में एक्सपर्ट हों तो डिजिटल में हर दिन नई चीज होती है। अपने आप को एक्सपर्ट बोलोगे तो वो अपने आप से आप उसको जस्टीफाई नहीं कर रहे हो। तो एक्सपर्ट मत लगाओ प्रैक्टिशनर लगा सकते। जैसे डॉक्टर लोग लगाते हैं डॉक्टर एक्सपर्ट नहीं लगते, वो क्या लगाते हैं कि वी आर प्रैक्टिसिंग लॉयर, लोक क्या लगाते हैं। वी आर प्रैक्टिसिंग। तो डिजिटल मार्केटर से एक्सपोर्ट क्यों लगाते हैं। भाई हो सकता है मैंने भी कहीं जगह एक्सपोर्ट लिख दिया हो है। बहुत बार मैं भी ऐसे लिख देता था। पहले फ्लो फ्लो में दूसरो को देख के बट आज के टाइम में जो सीखने वाली बात यह होती है कि भाई एक्सपोर्ट मत लगाओ, आप सीखो हर दिन नई चीज डिजिटल में आती रहती है। अब जो लोग नया बंदा स्टार्ट कर रहे है उसको ये ध्यान में रखना चाहिए कि अगर मैं सीख रहा हूँ तो मैं कितना सीख रहा हूँ। क्योंकि डिजिटल मार्केटिंग में बहुत सारे ऐसे इंस्टीट्यूट्स या फिर इंस्टीट्यूशंस होते हैं जो आप सिर्फ फीस तो बहुत ज्यादा चार्ज करते मतलब 70 80 हजार रुपए सिर्फ डिजिटल मार्केटिंग पढाने का चार्ज करते हैं और फुल फॉर्म बता के आपको डिजिटल मार्केटिंग का पूरा वो कॉंसेप्ट खत्म कर देते हैं। मतलब बेसिक भी कवर नहीं करते जो यूट्यूब भी फ्री में उतना बहुत उतना मेरे चैनल पर आपको अडवांस से भी ज्यादा सारी चीजें फ्री में मिल जाएंगी।
1 और मेरा कोशन था कि डिजिटल मार्केटिंग तो बहुत ही बड़ा सागर है तो उसमें बहुत सारे बोलते है भैया डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट का पॉसिबल है मैंने
स्टार्टिंग में बोला न डिजिटल मार्केटिंग जो एक्सपर्ट लोग लगाते हैं लगाओ भाई आपकी मर्जी यू आर जजिंग यूवर्स अपने आप को कम भी नहीं आकना चाहिए। एक्सपर्ट मतलब क्या होता है की यू आर हंड्रेड परसेंट स सर्टिफाइड और जो भी आप अपने आप को बोलते हो की मैं मुझे सब पता है मतलब इसमें नई चीज जो आ रही है एक्सपर्ट मतलब भाई बस उतना ही मतलब उतना ही वो जानते है। तो एक्सपर्ट तब लगा जब आपको पता हो की भाई ये कैसे वर्क करेगा जैसे एस एक्सपर्ट लोग लगते हैं एस एक्सपर्ट कैसे भाई अभी हर दिन नया अपडेट आ रहा तो एक्सपर्ट लगाओ लगाओ
मेरा 1 और कुशन था बहुत लोग हैं वो कोर्सिस रे है बहुत अच्छी बात है बट बहुत से लोग दावा ठोकते हैं कि हां जॉब लग जाए की आपके 1 लाख की, 2 लाख की, 3 लाख की, हर महीने इतना पैसा मिलेगा अगर आप डिजिटल मार्टिंग सीख लेते हैं तो यह कितना सच है
देखो यार वो तो हर पर्सन टू पर्सेंट डिपेंड करता है कि उसने कितनी मेहनत की कितने एफर्ट्स डाले उसको सीखने में उसको प्रैक्टिस करने में। तो ये सारी चीजें। तो जब वो प्रैक्टिस करता है तब समझ में आती है। बाकी अगर आप जॉब करने जा रहे हो तो जो क्लेम करते हैं की 1 लाख की जॉब स्टार्टिंग में नहीं लगती है। स्टार्टिंग में जब आप जॉब करने जाओगे न तो आपको 10 हजार की जॉब भी लगेगी, पंद्रह हजार की जॉब भी लगती है और कुछ लोग आपको इंटर्नशिप में भी रख देंगे और पैसे भी नहीं देंगे है न तो यह भी होता है। तो जो लोग बोलते हैं तो भाई बोलते होंगे क्या पता उनके कनेक्शंस अच्छे होंगे है न और मोस्टली केसेज में नाइन्टी नाइन परसेंट नहीं होते तो मतलब
है मोस्टली अछा और बाजी रह लोगी तो बुरे हर जगह है चाहे ऑरिजनल मार्केटिंग फील्ड हो या कोई भी फील्ड
हो नहीं देखो अब क्या होता जो लोग प्रोग्राम या कोर्सेज सेल कर रहे हैं ऐसा नहीं है कि वो गलत कर रहे हैं बहुत सारे लोग हैं जो जो रियल में उस चीज को लाइक करते हैं। और कुछ लोग जैसे मैंने बताया कि स्टार्टिंग मे उन्होंने कहीं से कुछ सीख लिया और बस फिर उसको ही जैसे डिजिटल मार्केटिंग का बेसिक भी नहीं बताते है। वो सब बता रहे हो कोर्स बेचना बुरी बात नहीं है और ऐसा नहीं है कि मतलब कोर्स बेच रहे तो आप पाप कर रहे हो क्यूंकी कोर्स अब देखो सब हर कोई बेचता है। अगर किसी को प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखनी है तो वो भी कोर्स खरीदता है। है न स्कूल्स में क्या हो रहा है स्कूल में भी तो कोर्स ही कोर्स पढ़ाई हो रही है। बट लोगों का देखने का नजरिया डिफ्रेंट है।
अब आईआईटी की कोचिंग होती है तो वो भी तो कोर्स ही है।
देर न दे रहे लोग ऑवियसली है तो अब वो देखने का नजरिया कैसा है लोगों का। अब जो चीज हाई लाइट हो गयी उसी के पीछे सब लोग पड़ जाते हैं।
मेरा क्या मानना है न भाई की जैसे पचीस हजार शुरुआत में पचीस 20 जार जॉब मिलेगी फिर आप सीखते रहोगे फिर आप अपना कर सकते हो यहाँ
पर तभी आपको यहाँ पर वैल्यू मिलेगी और ज्यादा पैसा तभी बना सकते हो जब आप अपने लिए उसको प्रैक्टिस करते हो जैसे अगर आपने एस ओ सीखा तो आप अपने लिए उसको इम्प्लीमेंट करो खुद के लिए काम करो खुद की वेबसाइट्स बनाओ उसे उन वेबसाइट्स को इनफ्यूजर करके बेच 2 तो डेफिनेटली आप पैसा बना लोगे ऑफिलेट कर सकते हो है ना? तो आप जो सीख रहे उसको इम्प्लीमेंट नहीं करोगे तो ज्यादा रिटर्न आप नहीं निकाल पाओगे और 1 जॉब में तो आपको 1 लिमिटेड ही रिटर्न मिलेगा मतलब आप 10, 15, 20 हजार, 25 मैक्स 50 हजार तक ही आप जा सकते अगर आपके पास एक्सपीरियंस है तो आपको 1 लाख डेढ़ लाख, 2 लाख सैलरी मिलती है और बेटर उससे ज्यादा तो आप अगर आपने सीखा हुआ है किसी भी चीज में आपने स्किल्ड हैं तो आप कंसल्टेशन देकर अच्छा पैसा बना सकते हो। मतलब 11 कंसल्टेशन के लोग हजार हजार 2 $2000 चार्ज करते है ईवन मैं मैंने बाहर यूएस में यूके में बहुत लोगों को एस के ऊपर कंसल्ट किया हजार जार डॉलर वहां पर आराम से देते हैं, हसके देते हैं उसमें क्या मुझे बेसिकली बताना है बेसिक में वो बोलते हैं बस बस बस उसके पर मारे ऊपर जा हा है। स्कोप बहुत ज्यादा है जब आपके पास वो लाइक 10 साल से मैं कर रहा उनको पता है कि 10 साल मैंने दिखाया है मतलब 10 साल से मैं अगर मैं 7 साल से भी कर रहा हूँ तो मैं उनको बोल सकता हूँ कि 10 साल से मैं सीख रहा हूं या फिर जब भी मैंने सीखना स्टार्ट किया होगा तो मैं स्को एड करके क्योंकि मुझे तो अपनी सर्विस सेल करनी है तो आप वहाँ पर ये चीज दिखा सकते हो और जब खुद के लिए काम करोगे तो डिजिटल मार्केटिंग से काफी अच्छा पैसा निकाल पाओगे है।
डिजिटल मार्केटिंग अब देखो बहुत सारी इंडस्ट्री हैं जिन्हें पैसा है तो क्या लगता है डिजिटल मार्केट के अन्दर कौन सी ऐसी स्किल्स हैं जैसे एस हो गया मार्केट हो गया किसमें ज्यादा पैसा आपके हिसाब से लगता है किसमें ज्यादा पैसा है सब मे ही है बस खोजना
पड़ेगा नहींनहीं देखो क्या है न मेरे एक्सपीरियंस पर जैसे मैंने काफी सारा एक्सपीरियंस कर लिया है। अभी तो जैसे मैं एस ओ भी करता हूँ। हम सब पेड ऐड अभी पहले करते थे भी इतना नहीं करते। तो मैंने ये देखा की जैसे एस सी ओ में क्या है एस सी ओ की जो गेम है वो थोड़ी सी ऑर्गेनिक है तो इसमें कोई भी मतलब ऐसा नहीं बोल सकता कि मैं यह कर सकता हूँ ये करके दिखा दूंगा। हाँ तो जैसे गूगल एड्स में क्या है कि सबके पास पूरा उसका एक्सेस है कि पैसा डाला और एड चलाया लीड ले के आये सारी चीजें हो गई तो वहाँ पर भी आप चार्ज कर सकते हो बट आप इतना चार्ज नहीं कर सकते क्योंकि आप कैसे चार्ज करोगे बात लाइक क्लाइंट का बजट 1 लाख रुपया उसपर आप बोल दोगी 10 से पंद्रह परसेंट में उसे फीस चार्ज करूंगा बट में क्या है आप पूरा का पूरा हंड्रेड परसेंट उनसे अपना 1 फीस बता सकते हो कि मैं 1 लाख रुपए चार्ज करूंगा या 50 हजार चार्ज करूंगा। आपके 50 की वर्ड्स के लिए तो बाहर के लोग तो हंस के देते हैं। लिंक बिल्डिंग 1 अलग ही इंडस्ट्री है जहाँ पर आप 11 लिंक बनाने का है आप 50 60 70 हजार 1 1 लाख रूपए के लिंक बिकते है। भाई तो यहाँ पर यहाँ पर पैसा है, जब आप इसमें घुसोगे एक्सप्लोर करोगे तो यहाँ पर बहुत पैसा है। हम सब लिंक बिल्डिंग ऐसी में बोल सकता हूँ। मैं अच्छा खासा रेवन्यू बनाता हूँ है। मंथली बेसिस पे 11 लिंक का कितना डिपेंड करता है जैसे हम सब भी आउटरिज करते है। कुछ लिंक हम फ्री में बना देते हैं। अगर हमको फ्री में पड़ रहा है अगर सामने हमको अच्छा पैसा क्लाइंट मांग रहा है की भाई इतना पैसा दे। 2 तो हम अपने घर से तो नहीं देंगे भाई है अच्छा ऐसा है
कि मैंने सुना ऐसा जैसे लिंक बिल्डिंग में अगर कोई अप्रोच कर रहा है आपकी वेबसाइट पर लिंग चाहिए तो सामने वाले को दिखाता है जितना ऐसा कुछ
कि प्राइज से न होती है होती है हो तगड़े वाली नेगोसिएशन। अच्छा अब नेगोसिएशन भी ऐसी होती है जैसे मोस्टली, इंडियन और पाकिस्तान लोग ही हैं जो ये सब काम करते हैं है न तो और इंडियन ही फोरनर बनके खुद से ही आते हैं आपके पास है तो सोचते हैं कि पता नहीं पता सबको होता कि भाई ये इंडियन ही है लिखने का स्टाइल क्या है इसका है तो आपको नेगोशिएट करना होता है। अब हम जैसे मेरे साथ बहुत सारे लिंक बिल्डिंग एजेंसीज के साथ हम काम करते हैं। यूएस की एजेंसीज है ऑस्ट्रेलिया के कुछ एजेंसीज हैं कुछ यूक्रेन की एजेंसीज थी को उनके साथ हमने पर्सनली हमने कॉन्टेक्ट करके उनसे बोला कि हमारे पास इतनी वेबसाइट है आप हमको महीने के कितने ऑर्डर्स दोगे या फिर कॉन्ट्रैक्ट दोगे। तो फिर उन्होंने कुछ हमारी साइट्स को प्रीमियम में लिस्ट किया हुआ है जैसे क्रिप्टो के लिए अलग चार्ज है और स्टार्ट अप क्रो 1 हमारी वेबसाइट है उसके लिए अलग चार्ज है अच्छा है तो वो फिर प्राइस की बात आती है तो नेगोशिएट करना वो आपके ऊपर होता है। आप 10 रूपए के जितना ज्यादा उतना सौरी 10 रूपए $10 के लिंक में बिकते हैं $1000 के लिंक जितना ज्यादा उतना बेटी क्या दिक्कत है अपने को कम मत आको जैसे लोग डिजिटल एक्सपोर्ट लगते हैं न। तो कम मत को एक्सपोर्ट लगना चाहिए आप एक्सपोर्ट होने भी चाहिए।
मेरा 1 ब्लॉक था अमित भाई मैंने अभी तो उसे बंद कर दिया $50
लिया था की ट्रिक कॉम आपको बताया
आप आपने होस्टिंग अभी से बहुत पहले
से जुड़े हुए हैं 67 साल हो
गए उसमें $50 लिए थे और मेरे को बिलीव लिंक लगाने का वो $50 मिल गया। लेकिन 1 चीज है जैसे फौरन वाले लोग होते हैं क्या वो इंडिया को ऐसा सोते सस्ता इसे सस्ते में करवा काम ऐसा होता है रियलिटी है देखो
होता यही है कि उनको को भाई उनका 1 बजट लोकेटेड है। अगर उनके बॉस ने बोल दिया की तुम्हारा सौ डॉलर तक हम इस वेबसाइट को देंगे। अब तुम जितना नेगोशिएट कर लो उतना हमारे लिए बेनिफिट है तो अगर क्या होता न यहाँ पर इंडियंस लोग क्या सोचते हैं अरे यार सौ डॉलर मैंने उसको बोला $40 बोल रहा है। अरे कुछ नहीं सिर्फ लिंक लगाने का तो $40 दे रहा है बोले आती हुई लक्ष्मी को मना नहीं करते लोग। इसलिए अरे चल 40 न कर देते हैं तो ये इंडियंस का मेंटेलिटी बाहर अगर आपके पास पैसा है तो आप बोले नहीं चाहिए नहीं दूंगा मैं फिर बोले अच्छा ठीक है ले लो, $60 ले लो, $90 ले लो, 80 ले लो तो उसपे डील न हो जाती
से जॉब लोग करतेहैं बहुत सारे डिजिटल मार्केटिंग फील्ड में कोई बुराई नहीं है जॉब में भी बहुत पैसा है शुरुआत। अब 10 हजार से ही करोगे इंटनशिप करोगे पचीस हजार 30 जार 50 हजार। बट अगर असली पैसे की बात करे तो तो ये सब स्किल्स और सर्विसेज सेल करने में ही है। मतलब असली जो 5 लाख 6 लाख प्रबंध था इसमें से 5 लाख 6 वे कोई सैलरी तो नहीं देने वाला बहुत ही मुश्किल चीज है है नहीं
नहीं बिल्कुल यार देखो सैलरी तो तभी देंगे या तो आप 1 बहुत ज्यादा वैल्यू ल्यु परे हो है या फिर आपके पास कुछ ऐसे एक्स्ट्रा स्किल्स हैं जैसे कि अगर एस में भी आप कंपनी को उससे ज्यादा कमा के दे हे हो तब कंपनी 2 साब से क्या करना चाहिए।
फिर मतलब 50 जार है तो स्टार्टिंग में वही करना चाहिए या फिर डायरेक्ट सीधे बिजनेस में खोदना चाहिएदेखो।
मैं तो यही बोलूंगा स्टार्टिंग में 1 से 2 साल आप काम करो क्योंकि आपको बहुत सारी ऐसी चीजें हैं जो आपको अपनी जॉब से सीखने को मिलेगी मतलब आप जॉब करो बट सीखने के लिए करो। अब 12 साल करो वहां से चीजें सीखो फिर जब आपको चीजें समझ में आ जाए कि कैसे इंडस्ट्री में काम हो रहा है तब जाके आप अपना बिजनेस या फिर अपना जो काम करना चाहते हैं उसको स्टार्ट करो।
तो आपने बताया अभी अमित भाई की नहीं पहले एक्सपीरियंस लेना चाहिए उसके बाद ही धीमे धीमे कर करना चाहिए ही। तो फिर आप डायरेक्ट बिजनेस मे कूद गए है आपको समझ में नहीं आया है तो बहुत जरूरी है। अमित भाई कैसा लगा काफी अच्छा लगा
मतलब अभी यार इतना डाउन टू बनता है वेरी गुड फ्रेंड ऑफ माइंड तो और काफी टाइम से हम सब कनेक्टेड
है अमित भाई के साथ न मजा आता है और बहुत बार लोग मिलते है, बेंगलुरू भी साथ में गए थे,
है मा कहा गा साथ में जाते हैं। हम सब नए कनेक्शन बनाते हैं भाई बैठ के हंस रहे हैं।
आप ऑडियंस को 1 लास्ट वर्ड पूरा सेंटेंस या वर्ड जो भी बोलते हैं आप बोलो जो की थोड़ा सा मोटीवेट हो या फिर उनको कुछ लास्ट वर्ड जो को अच्छा लगे है। देखो यही से क्या वीडियो से क्या लिखा जाए।
मोस्टली तो मैं भी अपने चैनल में पोडकास्ट भी करता हूँ पर कास्ट भी काफी सारे वीडियोज हमने कर रहे हैं, लाइक हंडरेड प्लस विडियोज हैं। तो बाकी अभी पहली मतलब पहली बार ने इससे पहले भी मौका मिला है मुझे तो अभी मौका मुझे मिल रहा है। तो भाई देखो मैं यही बोलूंगा कि अगर डिजिटल मार्केटिंग में आप आना चाहते हो और आपने देखा की भाई इस वीडियो को आप इसलिए देख रहो कि डिजिटल मार्केटिंग की सच्चाई क्या है। तो सच्चाई यही है की जब आप अपने ऊपर काम करोगे तभी आपको रिजल्ट्स मिलेंगे आपने अगर कहीं से सीख लिया उसके बाद सीखने के बाद आप सोचो की मुझे 1 लाख रूपए की जॉब मिल जाए। तो कोई भी कंपनी आपको ऐसा फ्रेश री हायर करेगी। हां कभी भी वो आपको एकदम से 50 हजार नहीं देगी। तो अगर आप थोडा सा एक्सपीरेंस ले लो ताकि आपको नेक्स्ट टाइम से कोई आपको रुके या फिर फ्रेशर न बुलाए। तो डिजिटल मार्केटिंग में सच्चाई व तना ही है की स्टार्टिंग आपको जीरो से ही करना है। बशर्ते प्रॉफिट तभी मिलेगा जब आप अपना धंदा करोगे या फिर अपना बिजनेस करोगे।
और प्रॉफिट के पीछे शुरुआत से नहीं भाग रहा है कि हां हमें पैसे चाहिए। फील्ड में मिलते हैं बहुत बट 23 साल, 4 साल, थोड़ा वेट कर, लोगे न थोड़ा अच्छे से मतलब, ऐसा नहीं कि पूरा वेट करना पड़ेगा, आपकी अर्निंग हो जाएगी। 60 बट थोड़ा क्स्पीरियंसहो चाहिए होता है
इस फील्ड में बिल्कुल रहता है यार एक्सपीरियंस के बिना तो कोई वैल्यू नहीं करेगा। आपकी आप मेरे वीडियोज भी देख रहे हो क्योंकि हम सब को एकपीरंमचरपांच साल से यहाँ पर काम कर रहे हैं। न अभी काफी टाइम से काम कर रहा है तो एक्सपीरियंस है इसलिए वैल्यू है एक्सपीरियंस है, ट्रस्ट बिल्ड होता है। तो कभी भी जब आप काम करने जा रहे हो तो ये देखो कि भाई यहाँ पे एक्सपीरियंस में गेन कर रहा हूँ और नेक्सट टाइम इस एक्सपीरियंस को हर बार लोग ये बोलते हैं कि जैसे 1 बार हम फेल हो गए या फिर हम सब कुछ खत्म हो गया हमने 1 साल काम किया उसके बाद सब कुछ खत्म हो गया हमने दोबारा से स्टार्ट करा उसको तो आपने दोबारा से जीरो से स्टार्ट नहीं किया आपने अपने एक्सपीरियंस के साथ स्टार्ट किया अब आपके पास आपका एक्सपीरियंस भी
आपके साथ हम लोगो ने अभी ये वाला पोडकास्ट अभी नया स्टार्ट किया है तो हम लोग ऐसे ही बहुत सारे वीडियोस करते रहते हैं तो मेक शोर की आप इस canl को सबसकrाib कर। यू, सो, मच, फॉल, कमिंग, माई, ब्लेजर, भाई।
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