How Durvesh Yadav is Making Millions without Degree | AWA 06 |

Durvesh Yadav dropped out of college, became a freelancer, and wrote a bestselling book without a degree. He shares his "Amarela" framework: one main goal with supporting goals underneath, and how a large financial target can align everything else.
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तो आज हमारे चैनल पर है। दरवेश जी, जो की बहुत ही मस्त मस्त बुक्स भी लिख चुके हैं और काफी सक्सेसफुल है अपनी लाइफ में, अपने करियर में, तो आज हम लोग कुछ डिस्कस करने वाले है इनसे आज सीखेंगे की आप में खुद बुक्स कैसे ले सकते हो जाने की पूरी जर्नी। तो शुरू करते है इस वीडियो को और थैंक यू सो मच। दुर्वेश जी आने के लिए थैंक्स फोर
हैविंग मी भाई, बहुत अच्छा काम कर रहे हो। आई थिंक यू नो छोटी उम्र में जब कोई अच्छा काम करता है, कुछ सक्सेस अचीव करता है तो 1 चीज है। दूसरी चीज ये है कि जब आप अच्छा कॉन्टेंट लेके आते हो, जो यंग जनरेशन है उनको और मोटीवेट करते है। तो आई थिंक यू आर डूइंग ग्रेट वर्क रियली, एप्रीशिएट एंड थैंक्स फोर हैविंग
मी सो सिर अपने बारे में थोड़ा सा ऑडियंस को बताइए क्योंकि बहुत सारे लोग जानते नहीं होंगे आपके बारे में। तो थोड़ा सा इंटरव्यू, मतलब छोटा सा
बी सी, इंटोडक्शन दीजिये, बहुत सारे लोग नहीं, मुझे लगता है ज्यादातर लोग नहीं जानते होंगे अभी इतना फेमस नहीं ये तो मेरी जर्नी ऐसी रही कि 2000 जैसा की नाइंटी परसेंट लोग मिडल क्लास फैमिली से आते हैं हम लोग इ, तो हम लोग इतने नाम रे, बड़े बड़े सपने तो होते हैं बट कुछ एक्शन स्टेप्स नहीं होते राइट। तो उस समय क्या हुआ 2016 17 में जब मैं ट्वेल्थ पास आउट होकर निकला तो मेरे पास कुछ था नहीं कि करूँ क्या जीवन में, तो जो सोसाइटी वाले करते हैं माँ बाप कहते हैं कि हमारे यहाँ न ट्रेंड होता है कि बस गवर्नमेंट जॉब करो। तो अब मेरा भी वही था कि मैं गवर्नमेंट जॉब में यूरोप प्रेपरेशन करने लगा। तो मैंने एनडीए गवर्नमेंट जॉब, एयर फोर्स, ये सारी चीजें ट्राई किया। बट सब कुछ मैं फेल हो गया मुझे हर जगह दक्के ही मिले। अच्छा तो 1 लेवल। पर आगे तो ऐसे लगने लग गया था कि यार मैं फेलियर हूँ कुछ हो नहीं सकता मेरा। फिर मैंने डिसाइड किया कि मेरे जो आई टी में भी कुछ हुआ नहीं। तो जब आस पास मेरे दोस्त वगैरह थे जो वो लोग जब जाना चाहते थे प्राइवेट इंजीनियरिंग में, कई कॉलेज में, तो मैंने भी डिसाइड किया कि यार जब ये लोग कर रहे हैं अगर मैं नहीं करूंगा तो मैं पीछे रह जाऊंगा। तो नही की वो होता है न भेड़ चाल। तो मैं भी उसी भेड़चाल का हिस्सा था। तो मैंने डिसाइड किया कि चलो कोई नही इंजीनियरिंग कर लेते हैं, देन डिसाइडेड इंजीनियरिंग। तो अब इंजीनियरिंग में हेल्प यू, मैंने चूज किया था, वो मेरा पहला डिसिजन लाइफ का, मुझे लगता है, अच्छा लिया मैंने। मैं हमेशा बिलीव करता हूँ कि जितने भी यंग लोग हैं उनको छोटी उम्र में घर छोड़ देना चाहिए। तो मैंने यह किया कि मैं घर छोड़ के बाहर चला गया, एलपीयू जलंदर पढ़ने तो वहां से क्या हुआ गया। तो था जॉब के चक्कर में, मुझे जॉब मिले क्यूंकि हेल्प यू की मार्केटिंग इतनी अच्छी है कि वो लोग 1 करोड़ का पैकेज दिखाते हैं। राइट सो जब ये देख के गया कि मुझे जॉब भी करनी है बट 2017 के एंड तक कुछ ऐसा हो गया कि मैं बहुत सारी वीडियोज वगैरह देखने लग गया और वह फर्स्ट टाइम जब मेरे पास वाईफाई का कनेक्शन आया उससे पहले मेरे पास वाईफाई है क्योंकि जो समय लॉन्च हुआ था राइट। तो जब वाईफाई मिला तो बहुत सारी चीजें यू ट्यूब यू टूब पर देखने लगी। तो तब दुनिया दिखी कि भाई कितनी बढ़ी है। तो उस समय फिर 1 समय ऐसा आया कि मैं हार्ड वर्क बहुत करता था बट बी टैक के जो मेरे सीनियर थे वो प्लेस नहीं हो पा रहे थे की उनकी जॉब लग रही है 5010 हजार। तो ये मुझे इतना प्रेशराइज कर गया कि मैं डिप्रेशन में चला गया। मुझे लगने लगा कि यार अगर मैं बी टेक के बाद 10 या पंद्रह हजार रुपए की जॉब करता हूँ तो मैं अपना करियर कैसे संभालूंगा, मैं रेंट क्या दूंगा, खाना क्या करूंगा, कैसे खाऊंगा और परिवार को क्या दूंगा, क्यूंकि नाइंटी फाइव परसेंट जो मिडल क्लास फैमिली होती है वो 1 बेटे से डिमांड करते हैं। आफ्टर ग्रेजुएशन राइट सो जब ये डिप्रेशन आया तब मेरी सारी दुनिया बोलते हैं। न 1 दम से ट्राइड के भाई सूसाइड कर लिया जाए। ऐसा भी सोचा बट। उसके बाद कहीं न कहीं से विल पॉवर ऐसी आई कि हमने ये सारी चीजें नहीं करी और भगवान की दुआ से भगवान की ब्लेसिंग थी। आम ऑलवेज ग्रेटफुल आज लगता है तो मुझे लगता है वो डिप्रेशन भी बहुत अच्छी चीज थी कि आया जिसकी वजह से मैं अपना करियर पेव्ड कर पाया। राइट सो उस टाइम। फिर मैंने सर्च किया कि भाई क्या पैसा कमाने के तरीके ने कहा करियर वरियर छोड़ो मुझे सिर्फ पैसा कमाना है, सो आ डिसाइडेड पैसा कैसे कमाना है। तब मुझे पता चला ऑनलाइन ऑटऑफनवरशिपएडऑल दीस फिर वो जर्नी स्टार्ट करी। पहले तो हम लोग बिजनेस नहीं स्टार्ट करते, फ्रीलांसिंग से ही अपना करियर स्टार्ट करते हैं। तो फ्रीलांसिंग करी फिर अपनी कंपनी बनाई। उसके बाद जब ये सारी चीजें हो गई 2021 तक तो मैं ड्रॉप आउट कर चुका था कॉलेज में। तो जब ड्रॉप आउट कर लिया तो मुझे ऐसा लगा कि यार कॉलेज में पढ़ने वाला बच्चा जो 2016 17 में इतना फेलियर था वो अब ऑंटापनवरशिपमें आ गया है। जो बोलते ऑंटापरशिपकाईवर्ड भी नहीं पता था। मुझे कॉलेज में जाने से पहले बट अब इतना सब कुछ सक्सेसफुल हो लिया। तो हुआ कैसे? इस नोट अबाउट आई बिलीव इट नोट। अबाउट स्किल्स मुझे लगता है वो स्किल्स सब कोई सीख सकता है। बट माइंडसेट ऑनटरपनारशिपका लाना। इस वेरी टफ नाइनटी। परसेंट लोग इसी लिए फेल होते हैं बिज उनके पास माइंडसेट नही होता है। स्किल्स तो कोई भी बना लेता है
इसमें थोडा सा मैं इलेबरेशन चाहूँगा देखो
माइंडसेट जैसे की हम पैदा हुए हैं। ठीक तो हम लोग मिडल क्लास फैमिली में पैदा हुए है। तो बचपन से हमें ये सिखाया जाता है कि बेटा तुम्हे सिर्फ और सिर्फ जॉब ही करनी है और पैसा जो है वो जॉब से ही आएगा। तो मनी माइंडसेट किसी का नहीं होता। तो जब मनी माइंडसेट नहीं होता तो सबको यही लगता है कि यार ऑनटरपनर्सेबहुत टफ है आज भी फॉर एग्जांपल हम जो कर रहे हैं आपको पता है मुझे पता है इट्स वेरी, इजी अगर मैं किसी को 6 महीने स्टेप बाय स्टेप हैंड होल्डिंग कर दूं तो वो बंदा कर लेगा बट गारंटी आप सौ लोगों को बताओ उसमें से नाइनटी नाइन फेल हो जाएंगे। द रीजन इस बिज माइंडसेट उनका नहीं बोलता है के हम ये कर सकते हैं। तो वो ही रीजन था। तो इसी चक्कर में मुझे लगा कि नहीं यार कुछ तो ऐसा है जो मैंने सीखा बाकी लोग नहीं सीख पा रहे। तो आ डिसाइडेड तो राइट माई, फर्स्ट बुक। और वो मैंने पहली बुक कैसे लिखी कि आप जो कोई भी स्टूडेंट है, कोई भी बच्चा है वो अपना करियर कैसे संभाल सकता है, अपना माइंडसेट कैसे चेंज कर सकता है। एंड आइ गारंटी मेरी बुक जो भी पढ़ ले आई मीन लाइक, आप बोलोगे कि हाँ कुछ लिखा है दिस और कंटेंट आ हब रिटेन एंड इट्स नॉर्मल डे टू डे लाइफ से रिलेटेड है। आपकी फैमिली में कैसे आपको बोला जाता है, आ प्रोग्राम कैसे नेगेटिव किया जाता है। आप जब 7 साल के होते हो तो आपका जो थीटा और अल्फा ब्रेन है वो बहुत एक्टिव होता है। उस समय आपके ब्रेन में जो भी डाला जाए आप प्रोग्राम कर लेते हो। राइट 1 ब्रू स्लिप है उनकी ये थ्योरी भी है कि आप जो भी सोते समय या फिर जब बच्चा छोटा होता है उस समय उस बच्चे को आप अगर 4 लैंग्वेज सिखाओ तो 4 लैंग्वेज सीख जाएगा बट 1 लेवल के बाद 18, 20 साल के बाद बंदे को इंग्लिश भी सिखाओ तो इंग्लिश भी नहीं सीख पाता है। द ओनली रीजन तो वो माइंडसेट कैसे बनता है। वो फिर मैंने बुक में लिखा है उसको ब्रेक कैसे करना है जिसकी वजह से मैंने बुक आप पैटन भी थोड़ा सा डिफरेंट किया हुआ है।
सिर आस की बुक बेस्ट सेलर बनी
थी न ये अमाजोन पर वो बेस्ट सेलर मतलब आपने।
मतलब ये बुक लिखने का आइडिया कहां है, तनी छोटी उम्र में चलो बुक लिखते हैं।
अचानक ऐसी पहला रीजन तो ये था की सक्सेस में जब देखता था रॉबर्ट ठीक है उसे इनकी बुक मैं पी थिंक रिच िंकनग्रोिशकनग्रोरिज। तो ये सब पढ़ी तो मेर को भी 1 आया नहीं, मेर को भी लिखनी है। तो अब पता तो नहीं था यह भी बहुत अच्छी कहानी है। तो मुझे कुछ आइडिया नहीं था कि कैसे लिखना है। बट 2018 में मैंने अपनी डायरी में लिख लिया की मुझे ऑथर बनना है, मैं आपको कभी अगर स्क्रीनशॉट डाल सकोगे। मैं लिखता था मिलिन कॉपरेट मार्केटर राम
एन ऑथर तो अपने डायरी में लिख रखा है।
पूरा पहले रता था, मैं डेली फॉर्मेशन लिखता था यह 2018 में है।
तो सर इसमें आप पूरा बिलीव करते
हो कि यह हंड्रेड परसेंट मुझे लगता है मेरी लाइफ उसी का दिन है, मैंने जो सोचा है वही हुआ तुम्हें लिखता था मएनऑथरएमनऑथरअब वो मुझे ऐसा लगता है कि लोग कहते हैं कि यू नो पहले ऐसा होता है फिर ऐसा मुझे लगता है कि सहारा रिवर्स हुआ मैंने ऑथर लिखा जिसकी वजह से मेरी 23 साल की आगे की जर्नी ऐसी हो गयी जिसकी वजह से मुझे मजबूरन बुक लिखनी पड़ी। तो इट वाज रिवर्स गॉड तो आप लिखो पहले ब्रेन को प्रोग्राम करो। ऑटोमेटिकली आपकी बॉडी मूवमेंट करती है उस
डायरेक्शन में ओके तो सिर फॉर एग्जांपल मैं हूँ। ठीक है मुझे भी बुक लिखने का मन है। तो क्या स्टेप्स रहेंगे। ऑडियंस में बहुत सारे लोगों को बुक लिखना होगा।
देखो परक्या टिटल होंगे प्रैक्टिकल स्टेप्स पहले थोड़ा सा बिलीफ के बाद उसकी बात कर लूंगा तो उसके लिए देखो यही है की पहले आप बोलते हैं लॉफजोआदेखतेहोफरेग्ापल आप ग्रीन देख जाओ। देखो ग्रीन ग्रीन है या जो भी कलर है आप रोड पर जाओ आपको ग्रीन ग्रीन दिखेगा। बिकाज आपके माइंड में वो छप चुका है। तो ऐसे जब आप छाप लेते हो न कि मुझे ऑफर बनना है तो कहीं न कहीं से आपको एक्शन आएंगे कहीं न कहीं से आपको स्टेप पता राचसेतादिखीजात रास्ता दिखी जाएगा। फॉर एग्जामपल मैंने बुक लिख ही है। आप मिल गए न। अगर आप बुक लिखने का तो ना आ किन गाइड की भाई क्या स्टेप है। पहला स्टेप क्या है सेकेंड स्ट क्या है तो ऐसे ही आप आप डिसाइड करो। मुझे लगता है फिर सारी चीजें ऑटोमेटिकली होती।
पहला स्टेप है डिसाइड करो और सोचो की यार है मुझे ऑफर बनना है, लिखना है। ऐसा सोचना ही अच्छा भाई ने बुक लिख दी इनका बेस्ट सेलर हो गया तो अपन को भी लिखना है करेक्ट से ऐसा नहीं हो सकता। मतलब 1 बात पहले बोली की बेस्ट सेलर इनका तो बुक हो गया लेकिन उससे पहले की जो चीज है इनके आस स्किल तो थी बट वो माइंडसेट भी चाहिए।
सबसे ज्यादा माइंडसेट चाहिए। 11 मैं हमेशा बोलता हूँ द ड्रीम्स आर मोर इम्पोर्टेंट दें एजुकेशन बिकॉज। आज जो हमारी सोसाइटी है कितनी भी एजुकेशन हमारी सोसाइटी देख लो 1 से 1 टैलेंटेड बनता है। साइंटिस्ट के लेवल की प्रैक्टिस करते हैं, थ्योरी करते हैं, बट कितने पैसे वाले हैं कितने मेरे प्रोफेसर कॉलेज के मैं एग्जाम्पल दू। मेरे प्रोफेसर बहुत ज्यादा टैलेंटेड है। इतनी ज्यादा उन्होंने बुक्स, पढ़ी है। जाने क्या क्या है बट वो अपना सपना क्यों अचीव नहीं कर पा रहे। उनके पास आज इतनी नॉलेज हो गई है कि वो 1 डायरेक्शन में इम्प्लीमेंट बल ही नहीं है। लेकिन अगर मैं गैस करूँ की मेरे पास 1 नॉलेज है, मैंने डिसाइड कर लिया की मुझे बुक लिखनी है मुझे ये करना है तो अब क्या होगा। जिसके पास ड्रीम है वो बंदा अपने ड्रीम से रिलेटेड। अगर वो ड्रीम को बोलते हैं। 1 लड़की को अगर प्यार करते हो तो हम कुछ भी कर सकते हैं उसके लिए ऐसी आप अगर अपने सपनों से प्यार करते हो तो उस डायरेक्शन में जो नॉलेज चाहिए आपको लेनी पड़ेगी और आप लोगे ओके। लेकिन अगर आप लड़की के पीछे भाग गए या नॉलेज के पीछे भागे तो आपका ड्रीम रह जाता है।
सर इस टॉपिक से ही सिर आपके पास अभी गर्लफ्रेंड नहीं,
जस्ट एग्जांपल दिया मैंने अच्छा यंग ऑडियंस बहुत रिलेट करते हैं।
नहीं फॉर एग्जांपल। इसमे बहुत सारे लोग बोलते हैं कि बहुत सारे लोग की गर्लफ्रेंड होगी जो ऑडियंस में देखते हैं। तो इसमें आप क्या कहना चाहेंगे। सही चीज नहीं है। शुरुआत में करियर में सही ही है डििटेबलटॉपिकहैकाी।
इसके ऊपर 1 सजेशन यह है मेरा जो मैंने भी इम्प्लीमेंट किया। देखो जब आप यंगेज में होते है कॉलेज टाइम पे होते। जब आपके पास कुछ नहीं होता तो उस समय आप कितनी भी गर्लफ्रेंड मना लो, आपका लॉन्ग लाइफ रिलेशन नहीं चलने वाला राइट सो, आई थिंक द फर्स्ट प्राइरिटी। आपकी जो होनी चाहिए जीवन में चाहे मुझे लगता है। गर्लफ्रेंड हो चाहे न हो होने के बाद भी आपकी जो फर्स्ट प्राइट है वो हमेशा करियर होना चाहिए। जब करियर रहता है तो मुझे लगता है आप दूसरी चीजें भी कर सकते हो। आप पैसे नहीं कमा रहे हो। क्या करोगे? गर्लफ्रेंड का
बात है।
आप पैसे नही कमा रहे तो क्या करोगे? गर्लफ्रेंड का न कहीं जा सकते हो। घूमने फोन पर बात करने से तो गर्लफ्रेंड लंबा के लिए रिचार्ज कराना होगा। लंबा डिगे नहीं राइट तो उसके लिए तुम्हें पैसा भी कमाना पड़ेगा। तुम्हे अपना भी करियर, सक्सेसफुल बनाना पड़ेगा। जब तुम्हारी पर्सनैलिटी अच्छी होगी तो लड़की को भी प्राउड फील होगा। कि देखो हमारा बॉयफ्रेंड कितना अच्छा है। बट आप कुछ कर नहीं रहे हो। जीवन में ऐसी ओवेलयपड़ेहोतो वो भी अपने आप को। हो सकता है वो शॉर्ट टम आपसे प्यार भी कर ले। बट लॉंग टम में वो नहीं टिकेगा। तो आई थिंक जो करियर और ंटेड पर्सन होते हैं आई थिंक उन्हीं के ऊपर ज्यादा अच्छी चीज है। प्लस जितने भी कॉलेज वाले लोग हैं, यंग लोग हैं करियर इस द फर्स्ट प्राइट बाकी आप एस्टेंट राय जो करना करो गर्लफ्रेंड बनाओ छोडो जो कर ना करो बट करियर भी ऐसा नहीं होना चाहिए कि करियर ही छोड़ दिया। तो फिर आप जीवन में कहीं नहीं रहते हो। बोलते हैं बहुत सारे लोग ब्रेकअप हो जाता है। डिप्रेशन में चले गए, करियर भी हो गया। वो बेवकूफी है मुझे ता छोड़ो करियर। पर हमेशा फर्स्ट प्राइटी रखो लड़की। 1 गई दूसरी आ जाएगी।
सर आपने ही बताया था कि आपके करियर में काफी प्रॉब्लम आई थी। कुछ तो आप थोड़ा बताओ की सबसे टफ सिचुएशन क्या था आपकी लाइफ में, जिसमें बहुत सबसे टफ, उसमें आपने सोचा की नहीं दैट्स। अब नहीं हो पाएगा।
वो इंजीनियरिंग का ही समय था। जब मैं सेकेंड कॉलेज में था तो हुआ ऐसा कि जैसे मैंने आपको बताया वो डिप्रेशन वाला फेस। तो ये इतना टफ था मेरे लिए। मैंने जब देखा मैं बहुत उस समय कार वगैरह बनाता था ये जो सुपरा कार्स होती हैं राइट से, उस समय वो बनाता था मैं इंजीनियरिंग में ओके तो आई यूज टू। वर्क वेरी गाड 33 बजे तक काम करता था। लैब्स वगैरह में वेल्डिंग वेल्डिंग करते हैं। इंजीनियर वाले तो मजदूर ही होते हैं। 1 तरीके से सौरी विद यू रिस्पेक्ट जो हाई इंजीनियर है मैं उनको डिसरिस्पेक्ट नहीं कर रहा बट उसके बाद क्या हुआ जो मेरे सीनियर्स थे जो इतनी मेहनत 3344 साल तक त उनका आशु अशोक लेले 1 बड़ी कंपनी है की तो उसमें उनका पैकेज लगा 10 हजार रुपए का तो जब मुझे ये लगा तब मेरे को डिप्रेशन 1 ऐसा है मैंने कहा 1 लगता है न झटका तो मैंने पापा को कॉल किया लेटी मुझे 6 महीने तक तो डिप्रेशन रहा उसके बाद मैंने अपने पापा को कॉल किया और मैंने पापा को बोला की पापा आम लीविंग मैं छोड़ रहा हूँ द रीजन इज बिकाज मैंने कहा 8 से 10 लाख रुपए बीटैक में लगेगा और जॉब लगेगी 10 हजार रुपए गी तो होगा क्या मैं अपना करियर संभाल पा रहा हूँ पापा के लिए तो आ लिटरली क्राइड मैं अपने पापा के साथ फोन पर हो या एंड पापा ने मुझे बहुत चलाया कहते हैं कि तू मैंने फिर मेरा क्या वो था रूम मेट तो वो होटल मैनेजमेंट कर रहा था तो उसकी फीस थी 4 लाख रुपए में मैनेजमेंट उसका हो रहा था और वो बड़ी बड़ी बातें करता था कि दुबई में मेर को जॉब मिल जाएगी क्योंकि उसमें स्कोप अच्छा है तो मेरा ब्रेन वॉश हो गया 1 तरीके से। तो मैंने अपने पापा को कॉल किया और मैंने बोला की मैं पापा मेरा दोस्त है वो यह कर रहा है होटल मैनेजमेंट। तो मैंने कहा हमारा पैसा भी बचेगा अभी 6 महीने 8 महीने हुए थे तो मैंने कहा अभी छोड़ देते हैं और ये कर लेते हैं तो मेरे पापा ने डायलॉग मारा कहते है तो बर्तन मांजे होटल मैनेजमेंट करके ये हुआ लेटर मैन का पापा बर्तन मानूंगा कुछ भी होगा 25 से 30 हजार रुपए सैलरी तो होगी बट पापा ने बोला कि नहीं तू अभी टेंशन मत ले तू कर। तो उस समय मैं देख लूंगा। तो मेरे पापा थोड़ा सा इंजीनियरिंग बैक ग्राउंड से है। तो उन्होंने बोला तू टेंशन मत ले जॉब आप को मैं देख लूंगा। तो तब थोड़ा सा रिलैक्स आया कि हाँ चलो ठीक है। तब मैंने डिसाइड किया कि चलो इंजीनियरिंग करनी है बट लेटर न आई ड्रॉप आउट मेरे पास डिग्री ग्री नहीं है सो इ थिंक दैट वाज टफ सिचुएशन वैन लिटरली क्राइड अपने पापा के साथ
अभी अभी यह ड्राप आउट याद आया यह काफी फैंसी हो चुका है या ड्रॉपआउट करते हैं अपना खुद का स्टार्ट अप करेंगे और फिर सक्सेसफुल हो जायेंगे तो इसमें आप क्या कहना कहना चाहेंगे और कमेंट क्या कहना चाहेंगे बिकौज हर ड्रापआउट सक्सेसफुल नहीं हो नहीं बहुत सारे लोग हैं जिनको आप जानते भी नहीं
है ट्रू वेरी देखो इसके ऊपर 1 सिम्पल एडवाइस जो मैंने फॉलो करे है एंड आई बिलिव ज्यादातर लोग फॉलो करते हैं वो ये कि मैं साइड स्थल पर बिलीव करता हूँ ओके आज कल ये ट्रेंड चल गया है एग्जामपल नाइन टू फाइव को करो जाने कितने लोग बता रहे हैं की आप जॉब छोडो
जॉब छोड़ तुरंत बिजनेस करो बहुत बुरी
चीज है बेवबोलूफेहै सब बेवकूफी है और ज्यादातर लोग अपना करियर खराब कर रहे हैं। मुझे लगता है कभी आपको स्टार्ट अप ऐसे नहीं करना चाहिए। अगर आपके सपने हैं। मैं जब कॉलेज में था तो मैंने कॉलेज छोड़ के नहीं किया, मेरे पास प्रूफ ही नहीं है। मुझे क्या पता की मैं सक्सेसफुल हूँगा, मैं तो ट्राई कर रहा हूँ। 1 नए गेम में जा रहा है। मुझे नहीं पता कि मैं सक्सेसफुल हूंगा। प्लस में अगर नाइनटी परसेंट पेरेंट्स क्यों डरते हैं। मेरे पापा उस समय मना कर देते हैं कि कुछ नया मत कर। वो, इसलिए बिकज वो डरते थे, वन से प्र, मैंने पैसा कमा लिया, पा कर। आज भी कभी नही मना करेंगे कर सक्सेसफुल हो गया। बेटा तो सेम सेम बट, जब हम करने की कोशिश करते है विदाउट रिजल्ट, हम लोग क्या करेंगे? जॉब छोड़ देते हैं, लोग कुट कर देते हैं। कॉलेज तो आई थिंक वो बेवकूफी, उसकी क्या करो। अगर आपके सपने हैं तो आप हार्ड वर्क कर, आप नाइन टू फाइव, कॉलेज कर हो। फाइव टू थ्री वर्क करो। मैं 4 बजे तक जगता था, मैं उस समय लर्न करता था, 48, 48 घंटे लगातार कंटिनेंस लर्न करता था, साइड से। हम लोग 18 18 घंटे में पढ़ता रहता था, काम करता रहता था। नाइन टू फाइव तक कॉलेज होता है। ऐसी जिसका जॉब है नाइन टू फाइव जॉब करो। उसके बाद आप साइड सेल करो 68 महीने तक आप प्रूफ करो कि सच में आप कुछ कर पा रहे हो। फ्रीलांसिंग करके या स्टार्ट अप करके। जब आपके हाथ में पैसा आ जाता है, वो जब प्रूफ हो जाता है कि नहीं, तुम इस चीज में सक्सेसफुल हो और हो जाओगे। फिर मुझे लगता है स्केल करने के लिए छोड़ देना चाहिए। विच इज, अ वेरी गुड एडवाइस। आप कभी फाउंडेशन बिल्ड करने के लिए कुछ मत करो। साइड। बाई साइड करते रहो। आपको भी पता चल जाएगा कि आप बने हुए सक्सेसफुल होने के लिए उस फील्ड में या नहीं। जब हो जाओ फाउंडेशन बिल्ड हो जाए। तब स्केल करने के लिए आपको क्विट करना चाहिए? बिकॉज मुझे नहीं लगता कि कॉलेज कुछ को स्केल करने में मदद करेगा। तो से मैंने किया, मुझे लगा की फाउंडेशन बिल्ड हो गया, आई क्विट मैंने छोड़ दिया, ड्रॉप ने लगे थोड़े उसको बढ़ाते आगे बस तो मुझे और वो अच्छा रहा, मैं अगर नहीं छोड़ता तो मुझे नहीं लगता की मैं स्केल कर पाता। आलमोस्ट टेन टाइम स्केल। तो वो बहुत अच्छी चीज रही कि
मैंने छोड़ा काफी रिलेटेबल स्टोरी। मेरी भी मेरा क्या था की मैं ट्वेल्थ में अच्छा खासा कम आ रहा था, मैं कॉलेज गया ही नहीं, फिर मतलब मैं ट्वेल्थ में ही डेढ़ 2 लाख रूपए कमा रहा था महीने का, तो मैंने कहा कि छोड़ देते है, फिर है एजुकेश, लेकिन अगर मैं कमाता नहीं तो पक्का कॉलेज जाता और कॉलेज भी नहीं कमाता, जॉब भी करता पक्का
हंड्रेड परसेंट आप जब तक आपका फाउंडेशन बिल्ड नहीं होता, आप जॉब करो। मेरे जाने कितने दोस्त है। तो मैं बताता हूँ मेरे आजकल लोग न स्टार्ट, अप कल्चर के बहुत उसमें है। मेरे पास 1 यूनिक आइडिया है। अब वो आइडिया इतना यूनिक होता है कि वो इन्वेस्टर को समझ नहीं आता है। सिर्फ उसी बन्दे को समझ में आता है। फिर उसे पैसे भी नहीं मिलते। तो मेरे जाने कितने दोस्त हैं जिन्होंने यूनिक आइडिया कर करके उस समय स्टार्ट अप बिल्ड करना चाहे। हम फंडिंग मिलेगी। ये मिलेगी बट नो बडी, थॉट की मैं स्किल डेवलप करूँ। और इस चक्कर में वो आज भी बेचारे स्ट्रगल ही कर रहे हैं। क्योंकि अब देखो मैंने ये बोला भी था। आप किसी इन्वेस्टर से पर्सनली मिलना चाहते हो। ठीक है आप कैसे जाओ। कहा बुलाओगे उसको स्कूल की कैंटीन में नहीं, कॉलेज की कैंटीन में है। कहाँ बुलाओगे भाई, आप उससे मिलने जा रहे हो। अगर फंडिंग की बात करे, स्टार्टअप की बात। तुम्हारी जेब में पैसे होने चाहिए। फाइव स्टार में बैठ के। तो बुलाओगे बिल्कुल, इव स्टार में बैठके बुलाओगे तो आपकी भी 1 रेपुटेशन रहेगी। सामने वाला बंदा अच्छा है। इन्वेस्टर भी आपमें इंटरेस्ट शो करेगा। तो वो पैसा कहां से आयेगा। जब आपके पास स्किल्स है, उसके बलबूते में तुम कुछ पैसा कमा लो, इन्वेस्टर को भी लगेगा कि तुम कैपेबल हो? वो भी पैसा देगा। बट, ज्यादातर लोग क्या करते हैं, इवेंट नेटवर्किंग करना नहीं जानते है, फंडिंग चाहिए नेटवर्किंग इवेंट में नहीं जायेंगे जाएंगे, इसलिए नहीं बिका। नेटवर्किंग ईवेंट में भी पैसे चाहिए। पैसे है नहीं। क्योंकि पापा दे ही खुद कुछ करे। तो होता क्या है? कुछ नहीं। फेलियर तो वो फेलियर का बात है। इसलिए मैं कहता हूँ पहले स्किल डेवलप करो, पैसे कमाओ, लाखों सेव करो, उसके बाद मैंने फरएजामपलकोईमै चाहूं। तो आज भी इन्वेस्टर्स को बेच कर सकता हु। आ कनेक्शन में बहुत सारी चीजें कर सकता हूं। नहीं क्यों? क्योंकि मैं अपना पहले बिल्ड करूँगा, सब चीजें। उसके बाद जब इक्वल लेवल की चीज होगी, तब मैं कहूँगा न स्टार इन्वेस्टर से की सर देखो। मैं ये कर रा हूँ एंड गिव यू रिटर्न। मुझे पैसा नहीं चाहिए। देखो, मैं तो सफिसिएंट हूं मेरे पास इतना पैसा कमा रहा हू। बट मुझे इसलिए चाहिए ताकि मैं अपनी वेल्थ बढ़ाऊँ प्लस आपके।
वेल्थ ढा लोग सिर्फ आइडिया पर पैसे लेना चाहते है, लगाते है और लग भी जाता है। लोग लगाना बट आई थिंक की वो स्टार्ट करने के लिए ठीक नहीं है। कोई नया बंदा स्टार्ट कर रहा है। हां, 1 आइडिया में ऐसे लगा फण्ड उठा लूंगा। उसके बाद फिर बैंगलुरू चलेंगे।
वहां 1 फेलियर है। मैं अभी जाने में पीआर में हूं तो मेरे पास जाने कितने स्टार्ट अप्स आते हैं, जो बोलते हैं कि भाई कर 2, कर 2, पर बता 2, हमारा पीआर कर 2, प्रमोशन कर 2, इन्वेस्ट कर 2, फंडेड। कंपनीज कुछ आइडिया ही है, उनको पैसे हैं उनके पास। क्यों? क्योंकि जब भी जैसे आईटी वाले बहुत लोग होते हैं, है न? तो आईटी वालों को बहुत ईजली फंडिंग। कभी कभी मिल भी जा ही है। बट जरूरी। अब उनका माइंडसेट यह होता है कि फंडिंग इसलिए चाहिए सो दैट दे। कैन बर्न मनी उनका ये नहीं होता है कि मैं पैसा प्रॉफिट बना पा जिसको प्रॉफिट बनाना आता है मुझे लगता वो 5 रुपए का 10 रुपया कर लेगा उसको सौ रूपए की जरुरत नहीं है। तो जो बंदा 5 का 10 करना चाहता है, जानता है मुझे लगता है उसी को बिजनेस करना आता है और फिर उसी को इन्वेस्टर मिलना चाहिए। बिल्कुल जो सौ रुपए का 200 कर सकता है वही रियल बिजनेस जानता है। लेकिन जो ये कह रहा है कि मुझे 200 इसलिए चाहिए ताकि बहन कर। अगले 5 साल में प्रॉफिट दिखाओ मुझे वो बेकार लगता है।
पहले खुद को प्रॉफिट करे फिर इन्वेस्टर को प्रॉफिट हे।
पहले खुद को तो तुम्हारी जेब में सौ रुपए है सौ रुपए का 200 करके दिखाओ, स्किल डेवलप कर लो, कुछ भी कर लो, प्रॉफिट बनाना सीखो इंडिया
में सौ के करीब सौ के ऊपर कौनसी जिसमे से 30 ही प्रॉफिटेबल है। और स्तर के करीब जो है वो सब अभी प्रॉफिटेबल नहीं है। और वो कहते हैं कि हम 5 साल 10 साल बाद शायद उसमे से 10 कंपनी परॉफिट जाए।
सब नहीं होंगी। नहीं नाइन परसेंट में जितने भी इन्वेस्टर है बड़े बड़े वो 200 कंपनियों में क्यों पैसे लगते हैं। द ओनली रीजन बिकाज उन्हें पता है 1 कंपनी सक्सेसफुल नहीं है, नहीं तो
वो भी इसी में उसी में सारा ना जाना है।
हा नहींतो। 1 में न लगा लेते की नहीं, मुझे 1 में लगना है। व वो भी 200 में ट्राय करते हैं। अभी अशनी कौनसी है, वो मित्तल है न शादी। अनुपम उनका वायरल भी हुआ था कि हर जगह कंपनी में इन्वेस्ट करते रहते है। ढाई सौ 300 कंपनी में उन्होंने इन्वेस्ट किया हुआ है। तो वो इन्वेस्टर। इसीलिए हर 1 फंडेड कंपनी नाइनटी परसेंट फेल होती है, फंडेड भी, क्योंकि वो नॉलेज नहीं आती प्लस। हर 1 को। लोगों को लगता है कि यूनिक आइडिया है इसका मतलब है कि उससे बिजनेस बन सकता है। मुझे लगता है वो बेकार है हरेक यूनिक आइडिया प्रॉफिटेबल नहीं होता।
तो सर आप स्किल पर बात कर हे थे की पहले स्किल आनी चाहिए। तो आप ऑडियंस को न कुछ ऐसे 23 स्किल्स या 4 स्किल्स जितने भी बता पाओ आप बता 2 कि वो सीखे तो हाँ प्रॉफिट हो सकता है या फिर पैसे कमा सकते विदिन ऑन टू और थ्री एस पीरिड ऑफ़ सम
टाइम देखो आप हो आपका 1 बिजनेस है फॉर एग्जांपल, ठीक है। अब मैं अभी कुछ नही हूँ, मैं कॉलेज में हूँ, आपके पास पैसा भी है, क्यूंकि आप थोड़े से बड़े हो एग्जांपल ले लेता हूँ, आपके पास आप बड़े हो, आपके पास पैसा है, सब कुछ है। ठीक है बट, मैंने क्या किया, मैंने आपके बिजनेस में रिसर्च किया, आपकी 1 इक्वेशन है। बिजनेस की आपके अन्दर सेल्स होती है, मार्केटिंग होती है, ऑपरेशन्स होते हैं, 24 चीजें होती है मैंने सबके बीच में 1 लुपुलफाइंडकरलिया या आपके बिजनेस में ये लुपोल है और जिसकी वजह से आप अभी 1 करोड़ का टर्नओवर कर रहे हो। बट मैं अगर अपनी स्किल डेवलप करके आपको ये वैल्यू ऐड कर दूं तो आप डेढ़ करोड़ कमाने लग जाओगे। सो वा आर डेड। मैंने वो लूफुलफाइन किया और मैंने अपनी स्किल डेवलप करी और मैं आपके पास गया, मैंने कहा अमित भाई आपकी आपका ये बिजनेस है और इस बिजनेस में मैं ये वैल्यू ऐड कर सकता हो के इस वैल्यू एडिशन से आपको डेढ़ करोड़ का प्रॉफिट होगा, डेढ़ करोड़ के प्रॉफिट में से मुझे 10 पर्सेंट दे देना। मैं अब फ्रंट सैलरी नहीं मांग रहा हूँ, न पंद्रह परसेंट, नो ब्रेनर, नो ब्रेनर, नो मैं आपको बस प्रॉफिट लाकर दूंगा। चाहे वो 6 महीने में है, चाहे 8 मी ने में है। आपका बिजनेस जैसे आ गया उसके बाद मुझे प्रॉफिट दे देना, आप मना करोगे
नहीं, कभी नहीं द।
ऑनली फंडामेंटल विच यू नीड टू लर्न। ऐसी कोई स्किल। अब वो कौन सी स्किल होती है। आपको गूगल करना। मैं अपने मुह से बताओ फिर आप पीछे पड़ जाओ जिसके से पैसा नहीं आ रहा है। तो आई थिंक, वो मेरे लिए बस की बात नहीं न मैं बताना चाहता हूँ आप खुद सर्च करो कि ऐसी कौन सी स्किल हैं। गूगल पर सर्च करो है। मैंने भी गूगल ही किया, मैंने किसी से नही हाऊ टू मेक मनी ऑनलाइन करते है, आप भी करो फंडामेंटल। मैंने आपको बता दिया। दैट यू नीड टू, फाइंड लू, फुल बिजनेस। जब आप लू फोल फाइंड करते हो, वो वैल्यू प्रोवाइड करते, उस गैप को फिल करते हो तो वो बिजनेस भी बढ़ेगा प्लस। वो आप में ज्यादा इंट्रेस्टेड होगा।
सर आप अपनी सर्विसेज के बारे में थोड़ा बताओ आप क्या करते हो?
देखो स्टार्ट तो मैंने फ्रीलांसर से किया था। बट राइट ना। हम लोग पीआर एजेंसी हैं तो वी हेल्प ब्रैंड्स एंड कंपनी, उनका पीआर करने में, मीडिया में लाने के लिए गोद।
तो बहुत सारे लोग पीआर करवाते हैं। तो आपकी जैसे कंपनी होती, उनको हेल्प
करती है, करेक्ट उनको मीडिया में लाना है, उनको टेलिविजन पर लाना है।
गोर। तो इसमें मतलब ये एजेंसी मॉडल ही है। पूरा एजेंसी जेंसी मॉडल है। तो कोई बैनर है। वो इस मॉडल में आना चाहता है। पूरे एजेंसी मॉडल में कोई फेसबुक की सर्विस देना चाहता है, कोई एस के सर्विस देना चाहता है तो वो बेसिक स्टार्ट स्टार्ट कैसे करेगा।
बेसिक एजेंसी स्टार्ट करने से पहले मुझे लगता है आप पहले ऐज फ्रीलांसर ही
काम करो, फ्री लांसर, फाइवर अपवर्क पे
नहीं, फ्री लांसर, अपना अखुरोचकास्किल डेवलप करो और उससे लोगों को जैसे अभी मैंने आपको फंडामेंटल बनाया तो सेम आप क्या करो। आप 1 क्लाइंट पकड़ो, 50 हजार रूपए का ठीक है, 50 हजार रुपए दे रहा है। उससे पहले मुझे लगता है एजेंसी मत करो। पहले क्या करो, 1 मॉडल, 1 पैसा मतलब, 1 परसेंट को पकड़ो, 50 हजार रुपया कमाओ, फिर 2 को पकड़ो, 3 को पकड़ो। फिर आप क्या करो। क्योंकि एजेंसी मॉडल में बहुत सारे एक्सपेंसेस आ जाते हैं। फिर लोगों का माइंडसेट भी उस लेवल का ही होता। फिर लोगों को लगता है कि फेल हो जाते हैं। राइट सो वा यू नीड टू डू। इस के पहले आप 23 लोगों को पकड़ो। अगले 6 महीने तक काम। करो थोड़ा पैसा इकट्ठा करो जब पैसा इकट्ठा हो जाता है तो आपका दिमाग ऑटोमेटिकली चलेगा की अब नेक्ट टेप क्या करना है 1 बंदी को वार करना है जो मेरी जगह काम करे। फिर अब आप फ्री हो गए उसके
बाद बहुत ही आप बेसिक चीजें बता रहो लेकिन इतनी खतरनाक है क्योंकी फंडामेंटल सी अगर सही नहीं होंगे तो करेक्ट एजेंसी स्टार्ट कर दिया पहले कंपनी स्टेशन कितने पैसे लग गए है सब करवा और उसके बाद एनिमल उसका फीस है
बहुत सारे बोलते हैं न नाइनटी अभी मैं रिसर्च कर कुछ टू नाइनटी फाइव कंपनी पर डी रजिस्टर होती है अचकितनी सक्सेसफुल होती है 1 कंपनी में नहीं
हो रही है ऐसी तो सिर बहुत सारे लोग हैं वो अपनी लाइफ में कुछ न कुछ करना चाहते हैं बट बेसिक स्किल क्या चाहिए बेसिक कौन सी 12 स्किल है जो मैनडेटरी है मतलब तो बहुत ही बेसिक स्केल सुपर बेसिक्स
देखो 2 चीजें होती हैं नंबर वन 1 होती है टेक्निकल स्किल 1 होती है सॉफ्ट स्किल तो टेक्निकल स्किल कुछ भी हो सकता है कॉपी राइटिंग वेबसाइट डिजाइनिंग या फिर आप एस सी ओ जानते हो कुछ भी जानते हो पर आ थिंक मुझे लगता है जो 1 इंसान किसी इस बिजनेस में जो सक्सेसफुल होता है उसकी सबसे ज्यादा जो स्किल मेन रिक्वायर्ड है वो है आपकी सॉफ्ट स्किल की आप कम्यूनिकेशन कैसे कर सकते हो लोगों से आप कैसे बात करते हो राइट नोट ओनली वर्बल कम्यूनिकेशन आप ब्रिटेन कम्यूनिकेशन राइट व्हाट्सएप पे ईवन मेसेज कैसे करते दैट्स आलसो मैटर्स आप किसी फोरएेग्जामपल मैं बहुत सारे लोगों को मैसेज करता हूं ईमेल करता हूं तो आई गेट प्ला the रीजन बिकज the वे राइट वो भी कॉपी राइटिंग कहते हैं द वे राइट नीचे फिर हमारा फोट अथॉरिटी जिस तरीके से हमने बनाई हुई है तो आइ थिंक मुझे लगता है कम्यूनिकेशन इज द फर्स्ट स्किल व एवरीवन शुड लर्न कैसे लोगों से बातें करनी है। उसके बाद नेटवर्किंग आपसी को ये 2 स्किल जिसके पास है मुझे लगता है वो टेक्निकल स्किल जिसके पास नहीं अगर उसके पास नहीं भी है तो भी वो आउट सोसिंग करके काम चला लेगा फॉर एग्जांपल मैं ज्यादातर काम और सोर्सिंग पर निपटा देता हूं। 2 नली रिजनेस बिज मेरको कर मेरको ज्यादा टीम चाहिए न पहले से बहुत टेक्निकल बंदे पड़े हुए हैं जो बहुत टेक्निकल स्किल है उनके पास इट बट डोंट हैव आल दeसthingेआलसोनीड सपोर्ट तो ऐसा नहीं बोल रहा है कि मैं कुछ और मैं भी उनको सपोर्ट कर रा हूँ प्लस इम आलसो बिल्डिंग माई बिजनेस राइट सो उनको भी सपोर्ट हो रहा है। दूसरे बंदे को मेरा भी काम चल रहा है तो मुझे लगता है फर्स्ट स्किल जो है वो ज्यादातर लोगों को यही डेवलप करनी चाहिए। कम्यूनिकेशन नेटवर्किंग बाकी सारी चीजें आप टेक्निकल डेवलप करो सो दैट कोई भी फालतू आदमी आपको बुद्धू न बना जाए राइट सो वो डेवलप करो बट मीन स्किल
इस कम्युनिकेशन नेटवर्किंग बहुत ही अमेजिंग चीज मेरे को ये चीज लगा मैं बताता हूँ क्यों मेरे को ईमेल आया कि हेलो सर आई वांट टू वर्किंग यूर टीम बस यही ईमेल था और मैंने आज तक कभी इस मेल के अप्लाई नहीं किया और बहुत सारे ऐसे आते हैं जिसमें मेरा नाम भी नहीं लिखा होता। वो हेलो सिर और पूरा लम्बा सा ईमेल होत है। ऐसा लगता है कि बहुत सारे लोग कॉपी करके पेश कर दिया ेश कर देते हैं। सही तो है लोगों को बेसिक तो आना ही चाहिए। ये नहीं आया तो वो अपनी लाइफ में किसी को अप्रोच करेंगे तो भी सक्सेसफुल होंगे हर फेज में लाइफ में चाहे वो ग रिलेशनशिप में लेवल पर हो, कहीं भी हो आंससेसफुलहहोंगे तो बेसिक जैसे आपने बताया कम्युनिकेशन बहुत इम्पोटेंट है
और दूसरा मैं मैं 1 एग्जांपल देता हूँ मेरे साथ। अभी जैसे बहुत सारे लोग बोलते हैं कि करेंगे कैसे काम कैसे स्टार्ट करे। तो मेरे पास 1 बंदा अभी रिसेंटली, वो मेरी वेबसाइट पर गया मेरे हैड्स वगैरह देखे होंगे मेरी वेबसाइट पर क्या तो गेट टच में उसने इंक्वैरी डाली कि सर आप अभी ये कर हे हो इसमें मैं आपकी ये हेल्प कर सकता हूँ। तो मैंने उसको नंबर दिया मैंने लो कॉल करो मेरे को तो ही कॉल्ड मी एंड उसके बाद बताता है कि सर मैं इतना चार्ज करूंगा और ये ये मैं रिजल्ट ला के दे सकता हूं। राइट में स्किल्स एस ओ वगैरह है उसकी ज्यादा डीटेल में नहीं जाऊंगा। बट एग्जांपल देना चाहता हूं कि कोई भी पर्सन अगर नया है तो कैसे अप्रोच कर सकता है और कैसे काम कर सकता है। तो उसके लिए बेस्ट एग्जांपल है। तो उस बंदी ने मेरे साथ क्या किया मैं इतना एडवांस कुछ लूंगा। तो मैंने कहा देखो भाई मैं एडवांस नहीं दूंगा बिज आई डोंट बिलीव इन योर रिजल्ट। अभी मुझे नहीं पता आप रिजल्ट दे पाओगे कि नहीं दे पाओगे और अब यह हो कौन आप पैसे लेके भागे फिर गायब हो गए फिर तो मैंने कहा नहीं अगर आप कर सकते हो मेरे लिए रिजल्ट आ सकत है तो आय गारंटी मैं आपको 10 क्लाइंट एक्स्ट्रा दे दूंगा। मेरे रिजल्ट के बाद एंड लिटरली उसने 1 हफ्ते 2 हफ्ते के अन्दर बंदे ने इतना हार्ड वर्क किया डे एंड राइट उसने मेरे को रिजल्ट दिखाए हैं, वो बंदा मेरे साथिन है अ वो मेरे साथ ही सारी चीजें करेगा ही सेड मेरको भी खुशी हुई कि 1 बंदा है जो टैलेंटेड इतना है वो मेरा सपोर्ट लेके ग्रो करना चाहता है लव डे मैंने कहा चलो वर्क करेंगे साथ में इस वर्किंग रट रियल एग्जामपल की जिस बंदे के अंदर स्किल है न आपके अंदर टेक्निकल स्किल है, कुछ भी स्किल है आप अप्रोच करो, उनको मैसेज डालो ईमेल करो। अगर आपके पास स्किल है उसको प्रूफ करो, आपको क्लाइन मिल जाएगा, आप पैसा कमाना सीख जाओगे, सब कुछ कर लोगे
बट स्किल बेसिक है बहुत ही अमेजिंग चीज लगी मे जैसे कोई गाँव में बना ले कि उसके पास उतना नेटवर्किंग नहीं है, उसके पास उतना ऑपर्चुनिटीज नहीं है। वो क्या करेगा वो तो में बहुत सारे लोग सोचेंगे तो कुछ नहीं कर पाएगा। तो अभी कोई गाँव में है उसे पूरा सक्सेसफुल होना है तो क्या करे।
फिर वो देखो अपनी चीज से एग्जाम्पल दूंगा रिलेटेबल। जो ज्यादातर लोग जो सुन रहे हैं वो रिलेट कर पाएंगे कि मैंने फॉर एग्जामपल। जब मैं कॉलेज में गया तो मेरे बहुत पुराने दोस्त थे। पहली चीज तो मैंने ये किया जो मैं सबको सजेस्ट करता हूँ कि आपको अगर कुछ भी करना है नंबर वन, आप घर छोड़ 2, घर घर बिल्कुल
छोड़ 2 ऐसा याग 2 तो बहुत
ही डेवेटिबलहजाएगा नहीं, मैं एग्जांपल देता हूँ। क्या होता है जब हम घर में होते है अपने मम्मी पापा के साथ, तो क्या होता है देखो आपको खाने के लिए मिल रहा है और रहने के लिए मिल रही है तो आपको नींद नहीं लगती है। तो फरएेजापलकससमयमेरको भी नींद ही लग रही थी मेरे अंदर कोई ड्राइविंग फोर्स ने जब मैं जैसे इलेवेन ट्वेल्थ में था तो पापा बोलते हैं। सुबह 5 बजे उठ पढ़ के, तो उठ तो जाता था, पापा सुबह ड्यूटी पर गया, मैं सो गया राइट सो वो क्यों? क्योंकि मेरे अंदर पैसा नहीं है, मेरे अंदर जज्बा नहीं है, मेरे अंदर लगन नहीं है, बस घर मिल रहा है, खाने के लिए, मिल रह है तो ड्राइविंग फोर्स नहीं आता। बट जब मैंने घर छोड़ा अपना तो जब मैं वहाँ पर हॉस्टल में रहने लग गया। तो 1 नींद आ जाती है कि कब तक इस छोटे से हॉस्टल में रहेंगे। पहली चीज राइट की बीज आप छोटे से उसमें रह रहे है, दूसरी चीज आप लिमिटेड, आपको पॉकेट मनी मिलती है। कोई ऐसा नहीं है। मेरे पापा बहुत रेनी थे, जो पैसा अंदा धुन बजा रहे। राइट लिमिटेड मिलती है तो उसी में आपको घर चलाना है अपना। तो आप मैनेजमेंट स्किल सीखते हो कि उस पैसे में कितनी सारी चीजें करनी है। प्लस आपको नीड 1 अलग से जनरेट होती है। यार मेरे को जिंदगी में कुछ करना है। हमेशा इस हॉस्टल में तो नहीं बना रहूंगा न। तो वो जब आ जाता है न, तो ये पर्सन बोलते हैं न धक्का। जब कोई भी प्रशन बादाम खाने से नहीं सीखता, धक्के खाने से सीखता है। जब आप घर में होते हो तो बादाम खाते हो, बाहर जाते हो तो धक्के खाते हो। तो जब आप धक्के खाते हो न। तब एक्वल में लाइफ। पता चलती है कि क्या मेरे आज भी जाने कितने दोस्त हैं जो ट्वेल्थ में मेरे साथ सेम पढ़ते थे। मैं थोडा कामयाब हो, मैं हमेशा कामयाब तो नहीं मानता। मैं मानता हूँ मैंने टेस्ट करिए, सक्सेस राइट। तो जब मैंने सक्सेस टेस्ट करिए तो रीजन यह है मैं घर से बाहर निकाला मैंने सेक्रिफाइज कि मैं अपनी फैमिली से दूर रहा राइट। मैं 2211 साल, 22 साल तक दिवाली होली, कुछ नहीं मैं। जब कॉलेज में था, मैं जाता ही नहीं था। घर राइट, द, रीजन इज बिकास सेक्रीफाइज करना पड़ता है। वो सारी चीजे हैं, बट मेरे दोस्त हैं नहीं, उन्हें तो घर ही रहना है। माँ बाप के साथ रहना है। और 1 इंडियन कल्चर में यह भी कल्चर है कि हर 1 बच्चा अपने माँ बाप का संस्कारी बेटा बनना चाहता है। और मुझे लगता है। वो सबसे बड़ी मिस्टेक होती है कि आप अपने माँ बाप के संस्कारी बेटा मत बनो। बिकॉज आप अगर संस्कारी बेटा बनते हो। इसका मतलब आप अच्छे से अच्छे घर पहले तो घर पर ही रहोगे, क्योंकि आप के माँ बाप कह रहे हैं और आपको उनका पालन करना है। नंबर टू। किसी के माँ बाप चाहते नहीं कि बेटा घर से बाहर जाए या फिर बिजनेस करे। बेटा माँ बाप क्या चाहते हैं, जॉब कर ले, सिक्योरिटी रहे, मेरे साथ रहे। 25 साल की उम्र में शादी कर ले। बहु भी यहीं रहे। राइट एग्जांपल है, यह जनरल होता है। तो यह क्या होता है? आदमी क्या सोचता है कि नहीं। मुझे अपने माँ बाप का संस्कारी बेटा बनना है। बट मैं कहता हूँ कि अपने माँ बाप के अगेंस् जाओ मत करो। बोलो कि नहीं पापा, इस चीज में आप गलत हूं। मुझे अपना करियर संभालना है। मैं अपने घर से बाहर निकालूंगा, मैं ऑनटपनोर्शिप करूंगा, मैं जॉब नहीं करूंगा। मैं 24 साल की उम्र में शादी नहीं करूंगा, मैं 30 साल की उम्र में करूंगा। मेरे पापा बहुत बार बीच बीच में, क्योंकि ये मेरी हो चुकी है। 23 साल। तो कभी कभी घरवाले मुद्दा उठा देते हैं कि शादी करोगे तो कहाँ करोगे, किस कल्चर में करोगे, किस उसमे करोगे। मैं कहता हूँ, क्यों करनी है वो सब चीजे मेरा जहाँ मन करेगा, मैं वो करूंगा। तो आई थिंक। पहली जो स्टेप मैंने बताया कि आपको घर छोड़ देना चाहिए। दूसरा मैं अपने जितने भी मेरे दोस्त थे, उस समय तो देखो जब फॉर एग्जांपल मेरा 1, मैं, 1, अबगरिंगिगएकएकयूनो बचपन से लेकर 1 लिमिटेड एनवायरमेंट में ग्रो किया हूं। जहां पर मेरे जो दोस्त हैं, वो सेम सोचते हैं। तो अब मुझे अपनी अगर थिंकिंग में चेंज लाना है। अगर मैं बड़ी बड़ी बातें करूंगा, सेम दोस्त करूंगा तो क्या पागल वाली बातें कर रहा है। मैं जैसे नेटवर्क मार्केट, मैंने ज्वाइन या था तो मैं अपने दोस्तों के पास जा कर बड़ी बड़ी बातें करने लगा। मैं ये करूंगा, वो करूंगा। तो मेरे दोस्त चढ़ाने लगे कि तू टाटा बनेगा, मानी बनेगा तो ये करेगा। तो अब क्या हुआ ये मेर को खटकने लग गया। तो वन ऑफ, द बेस्ट, थिंग विच, आर, डेड हेस और ये हर 1 को करने चाहिए। मैंने अपने सारे दोस्तों को वाट्सएप पर डिलीट, मतलब नया नंबर ले लिया, नंबर तो फ्रेंड्स को डिसकनेक्ट कर दिया, फेसबुक आईडी से। तो अब क्या हुआ? मेरे पास 1 डेढ़ साल का टाइम ऐसा आ गया कि मुझे बिना दिखाए काम करना है। नहीं तो लोगों को क्या होता है कि या मैं अगर फेल हो गया। नई चीज में। तो मेरे दोस्त मजाक उड़ायेंगे है। तो मैंने कहा अब मजाक की नहीं क्यों क्योकि किसी को बताऊंगा ही नहीं कि मैं क्या कर रहा हूं। 1 डेढ़ साल बाद जब पता चला कि दुर्वेश इतना कामयाब हो गया तो अपने आप आ जाते हैं। वो कहीं न कहीं ढूढते। तो आई थिंक। यह दूसरी चीज है कि आप क्या करो नंबर वन, घर छोड़ो नंबर टू, आप अपना नया सर्कल बनाओ, पुराना सरकार छोड, 2, नया सर्कल बनाओ, नेटवर्किंग करो, नए दोस्त बनाओ तो आई थिंक वो ये 2 चीजें आपको काफी हेल्प करेंगी। कुछ नया करने के लिए और जीवन में सक्सेस फुल बनाने के लिए काफी
इंट्रस्टिंग बात सर ने बताई। लेकिन सर क्या होता है, जब तक कोई रिजल्ट नही दिखे तो पैरेंट्स बोलते हैं। अरे तू बाहर जाएगा क्या करेगा तो वहाँ पर तो 10 हजार का तेरा आएगा। तो फिर उसको कैसे काउंटर करे। हम
जॉब करो। यार स्टार में। जैसे देखो। कुछ लोग होते हैं न, बोलते हैं कि ब्लेस्ड होते हैं गार्ड से। तो मैं अपने आप को वन ऑफ द ब्लेस्ट चाइल्ड मानता हूँ। मैं मानता हूँ कि आम वेरी ब्लेस्ट मेरे साथ हमेशा भगवान फेवर में रहता है। द रीजन, इज, मैंने फॉर, एग्जांपल कॉलेज छोड़ा तो सौरी घर छोड़ा तो मैं कॉलेज में था। तो मेरे पास कॉलेज में न घरवाले प्रेशराइज करेंगे कि तू क्या कर रहा है। मैं घरवालों को तो बताया न कि बेटा 4 साल तो पढाई करेगा तो वो 4 साल का। इसलिए मैं बोलता हूँ। कॉलेज का जो टाइम है, वो वन ऑफ द बेस्ट टाइम है। किसी भी बच्चे के लिए, कुछ करने के लिए। कोई भी बच्चा अगर जीवन में करना चाहता है। वन ऑफ द बेस्ट टाइम बिकाज क्यों प्रेशर नहीं होता। 24 साल की उम्र में तुमहारे पास प्रेशर आ जाता है कि अब बेटा अगर 10 हजार रुपए नहीं कमा रहा है तो घरवालों का प्रेशर, उसके बाद शादी का प्रेशर, उसके बाद अलग लेवल के सोसाइटी वाले बोलते हैं कि अरे तुम्हारा बेटा क्या कर रहा है, कुछ कर ही नही रहा है। राइट सो वो बहुत प्रेशर रहता है। कॉलेज टाइम पर कौन नहीं बोलता है माँ। अगर बोलेगा भी तो माँ बाप बोलते है। बेटा पढ़ रहा है। तो मुझे लगता है कि आप कॉलेज टाइम पर करो। अगर नहीं कर पा रहे। तो मुझे लगता है एमबीए कर लो, एम, बी ए के लिए 2 साल और मिल जाते हैं। राइट। अगर वो भी नही हो तो फिर जॉब पकड़ लो। मुझे लगता है जब ऐसा करते हो न तो आप फाउंडेशन बिल्ड कर लो। उसके बाद जो करना है, तुम करो, स्केलिबिलिटी करो। कॉलेज छोड़ो जो करना है करो। बढ। आई थिंक फाउंडेशन के लिए। आप या तो कॉलेज जैसे ऑप्शन चूज करो कि पढ़ते पढ़ते साइड में कुछ कर लो। अगर फिर भी मान लो इतना नहीं है कि आप कॉलेज वगैरह में नहीं जा रहे, तो मुझे लगता है 1 ही ऑप्शन है कि आप थोड़े और धक्के खाओ। जॉब वगैरह कर लो जाके तो जॉब वगैरह करो, नाइन टू फाइव, उसके बाद स्टार्ट करो देखो। कहीं न कहीं से तो स्टार्ट करना पड़ेगा न। जो सिचुएशन मेरे साथ हुई। हो सकता है वो किसी और के साथ न हो। मैं हो सकता है कॉलेज में क्या हो सकता है, कोई बंदा न जाए। हो सकता है किसी और का बैकग्राउंड कुछ अलग हो। तो आई थिंक हर 1 पर्सन की अलग अलग सिचुएशन होती है। सलूशन अपनी सिचुएशन के हिसाब से हरेक को निकालना पड़ता है। मैंने अपने हिसाब से निकाला हर 1 पर्सन को जो अलग जोलशन दे रहे हैं उनको निकालना पड़ेगा बट माइंडसेट निकालने वाला होगा, न तो कुछ न कुछ
सलूशन, निकलेगा दुकानडासाशुरुआत में जुगाड़ से होता है। सब बिल्कुल थोड़ा सा दिमाग लगाना पड़ता है। और मैं भी शुरुआत किया था तो फाइबर से भी मैंने किया था। और मैंने वहाँ पर ऐसा 1 ऐड लगाया था की अगर मेरे वेबसाइट पर ऐड लगवाना तो मैं ट्वेंटी डॉलर्स परमं लगा दूंगा। फाइबर पर गिगी सर्विस नहीं थी तो बहुत सारे लोग बैकलिंक के चक्कर में लगा दिए थे, $20 में सस्ती वैकलिंकहैमिलजाएगी मिल जाएगा। तो बहुत सारे ऑर्डर आ गए थे मेरे और मेरे पास बैनर में 4 स्पेस थे और ऑर्डर आगे 67 के करीब, उसकेबाद मैंने 3 कैंसिल किया,
मैंने
रेट बढ़ाया और फिर ऑर्डर ही नहीं आया।
तो ये डिफरेंट डिफरेंट एक्सपीरियंसेज है। मुझे लगता है कहीं न कहीं से आपको स्टार्ट करना चाहिए, कुछ न कुछ
है मतलब बहाने मत मारो यार कुछ
स्टार्ट कर स्टार्ट करो। उसके रास्ते में सब बोलते हैं, घर से निकलो मंजिल भी मिलेगी, रास्ते में लोग भी।
ऐसे तो 1 चीज करो। मतलब जैसे सर ने बुक लिखा लिखना शुरू किया, किया, कम्प्लीट किया, अपोर्चुनिटीज तो उसके जरिए बहुत सारी 1 वर्ड लिख
नहीं आएगी तो उसका सेकेंड ऑप्शन क्या है, आपने डिसाइड कर लिया, फोरएामेरकोफोरेग्जाम्पल ग्राम नहीं आती थी, ऑनसलबोलराहूँक्या। अब मेरे को बुक तो लिखनी है। अब सलूशन क्या है की भाई मैं पैसे कमा रहा हूँ, मैं क्या करूं ए ग्रैमर वाले पर्सन को हायर कर लूं, वो ग्रामर वर्क कर देगा क्योंकि हर 1 राइटर को प्रूफ रीडिंग चाहिए होती है, बिजनेस मैन इतना वो नहीं होते, ग्रामर में तो चाहिए होता है। तो ऐसी आपको क्या आता है, आपको भी क्लिक नही है। 1 वर्ड लिख सकते हो, आप स्टोरी बता सकते हो, आप बोल सकते हो, 1 बोहरकरलोडिोवीडिो बोल हो, ऑडियो बोल 1 बंदे को हायर कर लो, उसको बोलो कि प्रोफेशनल राइटर को बोलो मैं वॉयस नोट भेजूंगा, तुझे कनवर्ट करके बुक लिखनी है। जाने कितने दुनिया में लोग ऐसे ही करते हैं, हर कोई खुद नहीं लिखता है। आज चेतन भगत है, राइट उन्होंने 78 जाने कितनी बुक लिख रही है। आज तो स्टार्टिंग में जब उन्होंने स्टार्ट किया था तो वो खुद लिखते थे, आज उनके पास 7 से 8 लोगों की रिसर्च टीम है, कॉन्टेंट टीम है
तो बेसिक से ही स्टार्ट किया और 1 बार कोई चीज में सक्सेसफुल। फिर ओपोर्चुनिटी अपने आप ही ब ज्यादा ही है। अब बुक लिखा, आपने लेट्स ही कई बिजनेसमैन को पसंद आया, बुक तो वो आपको बुलाएंगे की है, हमारे टीएमर्सकोट्रेनिंग 2 यह करो करो तो आपको अपोर्चुनिटी चाहिए तो कुछ करना पड़ेगा, उसमे टाइम लगना पड़ेगा मिनिमम 6 महीने, 1 साल तो आपको किसी 1 चीज में देना ही चाहिए, ऐसा नहीं कि आप चेंज करो, बार बार ऑपरेटिंग स्टार्ट किया, 1 महीने में चेंज कर दिया तो मिनिमम थोड़ा सा यह होना चाहिए। आपका क्या मानना है।
इसमें देखो बुक लिखने का 1 फायदा भी बताता हूँ मैं मैं आपसे मिला मैंने आपको कार्ड दिया आप फेंक दोगे
हो सकता है नहीं तो मैं बताता हूँ कार्ड अगर आप दोगे तो मैं देखूंगा पॉकेट में रखूंगा फिर पता नहीं भूल जाओगे क्या होगा करेक्ट।
मैं आपको बुक दूं फेंकोगे कभी नहीं बुक लाइबरेरी में रखोगे फोटो में। उस बुक में मेरा चेहरा भी है।
हमेशा याद रखोगे घर में सभी देख रहे हैं, सभी देख रहे हैं।
तो आई थिंक वन बुक इस वन ऑफ द बेस्ट वे जिससे आप अथॉरिटी बिल्ड कर सकते हो। तो दैट वाज द रीजन की मैंने
वो बुक लिखी सिर आपके बुक के बारे में थोड़ा बताओ आप मेरी बुक
यार ऐसे लोगों के लिए देखो। मैंने जब बुक लिखी तो मैं अभी भी स्टूडेंट ही हूं। 1 तरीके से। हम तो ला लाइफलान स्टूडेंट ही हैं। जब मैंने बुक लिखी तो मैं 22 साल का था डाइट 1 ही साल मतलब पिछले साल ही लिखी है मैंने अच्छा। तो अब मैं 40 साल वाले लोगो को अगर कुछ बोलूं कि तुम मेरी बात फॉलो करो तो हो सकता जो बंदा एरोगेंट हो वो क्या खुद 22 साल का है मेरे को ज्ञान दे रहा है। तो मैंने क्या किया। मैंने अपनी बुक का सब टाइटल इसलिए टाइटल दिया हुआ वोट दे। 2 टीचर्स नीचे दिया हुआ है स्टूडेंट्स गाइड फॉर मीनिंग फॉर लाइफ। अब मेरे पास यह है कि ये बुक मैंने सिर्फ स्टूडेंट के लिए लिखी है। अब नो मैटर एज क्या है। अगर तुम अपने आप को स्टूडेंट मानते हो। 40 साल की अमेजॉन पर रिव्यूज पढ़ना बहुत बहुत प्रोफेशनर्स हैं, जिन्होंने रिव्यूज लिखे हुए हैं कि दुर्वेश बहुत अच्छी बुक है। मैं प्रोफेशन में प्रोफेसर हूं, इतना सब कुछ मैंने किया है तब जाके तब भी मेरे को यह बुक बहुत इम्पैक्टफुल लग रही है। ऐसा लग रहा है बहुत अच्छी है। आपने लिखी है स्टूडेंट्स के लिए बहुत रेकमेंडेबल है। राइट वो 40 साल की उम्र में अपने आप को स्टूडेंट मान रहे हैं। तो अब वो नेगेटिव फैक्टर हट जाता है। राइट वो बंदा 40 साल 50 साल का। अगर वो स्टूडेंट मानता है तो पढ़ लेगा है। राइट सो दैट वाज। रीजन। मैंने इसका ये टाइटल दिया और ये बुक की मेरी खासियत है कि यह माइंडसेट पर सबसे ज्यादा हिट करेगी आपको। हो सकता है इसमें यह टेक्निकल चीजें ना मिले कि कॉपी राइटिंग सीखो या पैसा कैसे कमाओ इंटरनेट पर बट माइंडसेट कैसे बिल्ड करें जो फाउंडेशन होता है। न 1 ब्रेन का मुझे लगताहै वो फाउंडेशन अगर बिल्ड हो गया तो आप कुछ भी कर सकते हो। तो वो फाउंडेशन के बारे में पूरी बुक है कि कैसे आप अपना ब्रेन प्रोग्राम करो री प्रोग्राम करो कैसे पॉजिटिव चीजें सोचो क्योंकि हम जिस फैमिली से आते हैं पॉजिटिव सोचना में एक्जाम्पल देता हूँ। अभी जितने भी लोग सुन रहे हैं अगर अभी जस्ट पीछे। न 1 आवाज आ जाए बूम करके। तो नाइनटी पर्सेंट लोगों के दिमाग में आयेगा बॉम्ब किसी के दिमाग में यह नहीं आया कि गुब्बारा भी फट सकता है, दिवाली भी हो सकती है, बर्डे भी हो सकता है। सबके दिमाग में आयेगा। बॉम्ब द, ओनली रीजन वी आर प्रोग्राम फॉर नेगेटिव थिंकिंग हम नेगेटिव सोचने के लिए ऐसा नहीं है।
नेचुरल बने नैचुरल बन गया।
गरीब रहने के लिए मेहनत करनी पड़ती
है नहीं, वो नैचुरली है, नैचुरल है। अमीर को गरीब ही रह जाते।
अमीर बनने के लिए मेहनत करनी कर है है तो कुछ चीजें नैचुरल है तो ऐसी नेगेटिव थिंकिंग भी न नैचुरल है तो उसको उसको बहुत टाइम लगता है पॉजिटिव करने में। तो आई थिंक वो उस उस चीजों के बारे में मैंने अपनी बुक में डिस्कस किया कि जब ये बिल्ड हो जाता है न अपना पैटन कैसे चेंज करो आप थिंकिंग कैसे चेंज करो अपनी राइट आज जितने भी मिडल क्लास फैमिली वाले लोग हैं, वो जब भी भी अमीर लोगों को देखते हैं तो नेगेटिव सोचते हैं। नेगेटिव बोलते है की बहुत से चोर होगा या गलनमकबकरनंबर 2 का पैसा कमाना होगा, नंबर 2 का होता क्या भाई पैसा पैसा होता, नंबर 2 का पैसा कमाता है तो वो सोच ऐसी हो जाती है तो सोच ऐसी हो जाती है जिसकी वजह से वो पैसा दिखते भी है कहीं अपने आप को बैक आउट कर लेते हैं फॉर एग्जामपल मैंने आपको अपॉर्चुनिटी दिखाई कि आप यहां से 5 करोड़ कमा सकते हो बताए उनको क्या लगेगा पक्का फ्रॉड तो वो बैकआउट हो जाते हो क्योकि उनका माइंडसेट ही ऐसा है। तो आई थिंक माइंडसेट। इस रीजन से।
मेरा मानना है कि अगर मैं किसी अमीर आदमी को देखकर गुस्सा यार ये तो पागल लग रहा है तो शायद कुछ गलत काम कर रहा होगा। तो मेरा दिमाग मेरे को उस आदमी ऐसा कभी नहीं बनने देगा जी अमीर
है, कभी नहीं मतलब।
मैं हमेशा गरीब ही रहूंगा हंड्रेड परसेंट
आपका ब्रेन ही पूरा आपको कंट्रोल कर रहा है हम कंट्रोल नहीं कर रहे अपनी बॉडी को। 1 इसके ऊपर वो भी है जैसे आपका ब्रेन देखो बोलते हैं एक्शन लो, एक्शन लो, एक्शन लो, बहुत हमेशा बोलता है। आपने हर जगह सुना होगा, सोचने से कुछ नही होगा। एक्शन लो मैं कहता हूँ पहले ज्यादा सोचो उसके बाद एक्शन लो ज्यादा सोचने से क्या होता है। जैसे आपकी अभी देखो हार्ड बीड चल रही है, सांस चल रही, किडनियां चल रही है। मैंने आपको बोला आप एक्शन लो या आप किडनी को बोल रहे हो का एक्शन ले या आप हार्ड को बोल रहे है क्नऑटमिऐसातोनही बीच एक्शन ले नहीं नहीं वो अपने आप चल रहा है। द रीजन इज बिकाज ब्रेन प्रोग्राम है। तो मुझे लगता है जब आप ब्रेन इसकी थ्योरी है ब्रूस लिप्टन की जब आप ब्रेन को इतना प्रोग्राम कर लेते हो न सोच सोच के, सोच सोच के, सोच सोच के, तो आपकी बॉडी के न्यूरोंस उसी तरीके से चेंज होने मुरली और अपने आप तो एक्शन लेते हो मैं बोला अपनी बुक ब्रेन में इतना सोचो कि मुझे बुक लिखनी है मुझे ये काम करना है ऑटोमेटिकली आपको कुछ न कुछ दिखेगा हो सकता है कल को कोई लोग मिल जाए कोई बंदा मिल जाए आप ऑटोमेटिकली एक्शन हो जाए। कुछ न कुछ तो एवरी थिंग विल हैप्पन बट आप सोचो उसके बाद एक्शन भी लो ऐसा नहीं 1 इंट्यूशन होती है अंदर से 1 फीलिंग आएगी कुछ करने की तो वो करना चाहिए फिर ऐसे नहीं कि लेजी पढे हुए है
सर का बुक मैंने देखा अभी मेरे पूरा पढ़ा नहीं है बट मैंने देखा पर मैंने कुछ एप्टर को फ्लिप किया तो मुझे काफी यूनिक लगा मैं रिवील नहीं करना चाहूंगा। अभी आपको खुद देखना होगा है तो मेक शोर की आप 1 बार अमेजॉन पे जाना चेक। आउट करना कैसे बुक है।
एंड मैं आपकी ऑडियंस के लिए फ्री दूंगा। अगर ई बुक पढनी है तो मैं नीचे इनको लिंक दे दूंगा। आप वो फ्री में बुक अवेल कर सकते हैं। बट हां फ्री में आप के नॉर्मल ई बुक वर्जन में पड़ोगे तो आपको दिक्कत होगी उल्टा सीधा करने में तो अगर फिजिकल ऑर्डर कर सकते हो। देर इस वेलेन गोल नहीं तो मैं ई बुक प्रोवाइड कर दूंगा।
आपको लिंक 1 क्लास ही मेरे को पूछना मेरे दिमाग में है कि सिंगल गोल वर्सेज मल्टीपल गोल मतलब 1 चीज में फोकस करे या फिर 234 गोल साथ में लेके चल सकते हैं।
प अंडर द अमरेला अमरेला का कंसेप्ट है देखो फॉर एग्जांपल मेरको मैंने किया की मुझे क्या करना है, 1 गाड़ी लेनी है 1 भी लेना है अब 1 बाइक भी लेनी है। 3 गोल मान लो फोरएग्जामपलमैंने बना लिए। अब 3 गोल अलग अलग है ये गाड़ी कार ये अब मैं कहता हूँ ये तीनों गोलों का 1 गोल क्या बन सकता है। 5 करोड़ रूपए के 10 करोड़ रूपए की मेरको इतना कमाना है इस इस चीज से ये तीनों चीजें आ जाएंगी। तो जो मेन गोल है मुझे लगता है अंडर द अमरेला वाला कांसेप्ट होता है कि 1 अमरेला क्या है मेन गोल उसके नीचे 34 जो लटक रहे होते हैं। 34 गोल जोल लटकाना लटका लो आपको इससे ही हो जाएगा। इससे वो कर लोगे आप कर खरीद लो। ये कर लो गाडी। लेकिन मेन 1 गोल हमेशा होना चाहिए उस पर हमेशा फोकस करो राइट जो 5 साल का विजन बनाओ चाहे 7 साल का विजन बनाओ हमेशा दिमाग में वो होना चाहिए कि मेरे को वो अचीव करना है बस और बाकी छोटे छोटे गोल तो बहुत होते है।
सही लगा मेरे को की 1 किट बना लो, 1 करेला बना लो है, 34 गोल है तो 1 बड़ी चीज क्या है जिससे वो से बड़ी चीज
का कर लोग कहतेहै मेरको कार कार चाहिए और मेर को ये घर भी चाहिए। मैं कहता हूँ 2 चीज पर फोकस करने से ये दोनों कब आ जायेंगे। जब 10 करोड़ 10 करोड़ का फोकस कर लो दोनों आ जायेगा।
कमाल है। कैसा लगा सर हमारे पोर्ट कास्ट बहुत
बढ़िया अविद भाई बहुत अच्छा लगा आपके ऑडियंस को फेस्टवल बोलना चाहूंगा, विद चैनल सब्स्क्राइब करे जहाँ देख रहे हैं जो करना है करें लाइक करें कमेंट करें। अविद भाई बहुत अच्छा कंटेंट लाने की कोशिश कर हे बहुत मेहनत कर रहे हैं और बहुत काफी यंग एज है आथिक बहुत कम लोग होते हैं जो ये देने की पॉवर आई थिंक देखो सक्सेसफुल सभी लोग हो जाते हैं बन जाते हैं बट ये जो गिविंग की पॉवर है न ये बहुत कम लोग रखते हैं अपने पास की मुझे लोगो को कुछ सिखाना है बिकॉज सब लोग खुद तो कमाना सीख जाते है आपको बहुत दुनिया में लोग मिलेंगे जो बहुत पैसा कमा लेंगे बट वो आपको बताएंगे नहीं कि कैसे कमाते हैं बट आई थिंक ही वेरी यंग हीज डूइंग दीस थिंग्स जिसे कहते हैं गिविंग तो डेफिनेटली लाइक करें सपोर्ट करें जो कर सकते हैं करें शेयर करें थैंथंयूयू सो मच
सर चैनल में आने के लिथैंकयूसोमच।
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