Make Lakhs of Rupees with eCommerce Business | The Complete Guide | Hindi | AWA 05 |

In this Hindi interview, host Abhit Upadhyay talks with e‑commerce expert Siddharth Pal about building a profitable online store from scratch. The conversation covers the entire lifecycle of an e‑commerce business: long‑term planning, budgeting for platforms (Shopify), niche and product selection, sourcing from Alibaba or marketplaces, and testing products before scaling. Siddharth stresses the importance of a properly branded store, clear customer communication, and accurate order‑tracking updates both on the website and PayPal to avoid payment holds and disputes. He outlines essential legal pages (About, Contact, Terms, Privacy, Shipping, Refund, and Referral policies) and advises when to involve a lawyer. The discussion moves to product lifecycle management, explaining that every product has a limited sales window and must be continuously tested and cross‑promoted with related items. Scaling strategies are debated – whether to double‑down on a single winning product or to introduce new products regularly – with the recommendation to keep testing and re‑marketing to existing customers via email and SMS. Siddharth highlights free resources (Shopify YouTube channel, Facebook ad tutorials, Klaviyo email automation) and the value of mentorship for solving real‑world challenges that aren’t covered in tutorials. He provides realistic expectations about profit timelines, noting that success depends on execution speed, logistics quality, and consistent effort rather than magic shortcuts. The interview ends with a motivational message encouraging viewers to take action, coupled with a giveaway for free hosting.
Chapters
तो सिर लेट सी की हमने सब कुछ किया जितना आपने बताया है कितने इनमें प्रॉफिट होना शुरू होता है कम स्टोर से और कितना अगर हम सब कुछ ठीक करते है तो 1 एवरेज कम स्टोर कितना बना सकता है।
मैंने उनके डायजपोटदेखे 11 दिन का वो 2233 मिलियन डॉलर जनरेट कर रहे है। 1 दिन है 1 दिन में प्रोडक्ट कहाँ से ढूंढे। तो अमेजॉन या वॉलमार्ट या इनका भी बाप है।
आज के इस पोडकास्ट बात करने वाले है की स्क्रैससे ई कॉमन स्टोर कैसे स्टार्ट सकते है, प्रॉफिटेबल कॉमन स्टोर कैसे स्टार्ट कर सकते है, स्टेप बाय, स्टेप मूव, बाई मूव। आज हमारे साथ है सिद्धार्थ पाल जो को पूरा गाइड करने वाले फ्रॉम टू जेड की। कैसे आप 1 कॉमन स्टोर स्टार्ट कर सकते है से प्रॉफिटेबल कर सकते हैं।
वेलकम सर, थैंक यू, सो, मच अभी, फॉर वाइटिंग, मी सो।
आज हम सीखने वाले स्टेप बाय स्टेप की ई कॉम स्टोर कैसे स्टार्ट किया था कहाँ से शुरुआत करें कौन सी कंट्री में करना प्रोफिटेबल है। तो पहला क्वेश्चन मेरा यह है की स्टार्ट कैसे करे मतलब लेट सी मैं बिगिनर हूँ लेट्स मेरे को कुछ भी नहीं आता सिर इस में कुछ भी नही आता तो कैसे मैं स्टार्ट करूँ।
पहला स्टेप क्या रहेगा तो मैं आपको रिकमेंड करूँगा की सबसे पहले आप 1 प्लान बनाओ अच्छा कि आपको 1 ई कॉमर्स बिजनेस स्टार्ट करना है। अब यहाँ पर 1 वर्ड आया बिजनेस तो बिजनेस के लिए आपको 1 प्रॉपर लॉन्ग टम प्लानिंग होनी चाहिए कि आपको कस्टमर कैसे आएगा है, कस्टमर को क्या दिखेगा, कस्टम कितना कितना पे कर सकता है, कस्टमर को क्या प्रोडक्ट चाहिए, क्या नीड है तो आपके पास 1 प्रॉपर प्लानिंग होनी चाहिए अगले 6 महीने 1 साल की तो सब से पहले प्लान बनना चाहिए। आपका की। मान लीजिये आपने अगले 6 महीने का प्लान बनाया कि मैं ऐसे ऐसे 1 महीने में एड बजट मेरा इतना होगा शॉपिफाई अगर आप प्लेटफॉर्म यूज करें तो शॉपिफाई का सब्स्क्रिप्शन इतना होगा और दूसरे सॉफ्टवेयर जो हैं जैसे ईमेल मार्केटिंग के लिए क्लैव्य है, एसएमएस बंप है एसएमएस मार्केटिंग के लिए अगर आप ये सब यूज कर रहे हैं तो इनके चार्जेस इतने होंगे तो आपके पास अगले 6 महीने के लिए जितना पैसा जाने वाला है वो कैलकुलेटेड होना चाहिए और प्रॉपर प्लान होना चाहिए कि इतना पैसा मैं कैसे लगाउँगा। अब नेक्ट चीज आती है कि जो आपकी सेल्स आएगी है ना वो आप फुलफिल कैसे करोगे वेंडर्स आपके पास होने चाहिए। अगर आपका खुद का वाइट लेबल प्रोडक्ट है तो बहुत ही बढ़िया आपका मार्जिन बढ़ जाएगा। तो ये 1 बेसिक स्टेप है। स्टार्ट करने का प्लान करने के लिए ट्यूटोरियल वैसे इंटरनेट पर भरे पड़े हैं। कैसे डोमेन खरीदें कैसे ई कॉमन स्टोर स्टार्ट करें। लेकिन जो प्लान होना चाहिए वो शायद आपको इंटरनेट पर ना मिले जो मैं अभी आपको बता रहूं। सबसे ज्यादा इम्पोर्टेंट यही है बिना प्लानिंग के अगर आप स्टार्ट कर हे हैं हंड्रेड परसेंट आप 23 महीने 4 महीने में गिव अप कर देंगे।
ओके सो प्लानिंग में क्या करना चाहिए।
प्लानिंग में सबसे पहले आपको ये समझना चाहिए कि आपको किस टाइप के प्रोडक्ट्स में खुद इंट्रेस्ट है या नॉलेज है। जैसे अगर मैं आपसे पूछूं आपकी होबिज क्या है किस टाइप की हॉबीज हैं, आपकी क्रिकेट है कैरम हैं मतलब इंडोरआउडोरगेम् मैं बात कर सकता हूँ यह उस निश से रिलेटेड हो। अब क्या है मैं पूछूंगा कैरम से रिलेटेड एक्स सीरीज के बारे में या किस टाइप के कैरम आते हैं, कैरम लोग क्यों खेलते आप क्यों मजा आता है, कैरम में कितने टाइप की डाइल्स आती है। बहुत सारी चीजें हैं, है ना? अच्छा कैरम कौनसा होता है और क्रिकेट में भी बहुत सारी ऐसी चीजें होती है कि इंसान को अगर इंदौर में ही प्रैक्टिस करनी है क्रिकेट की तो उसके लिए बहुत अच्छे अच्छे मशीन आती है छोटी छोटी सस्ती तो आपको उसका नॉलेज है राइट और आपको ये पता है कि इंसान क्यों खरीदेगा उसे वो रेगुलर यूज करेगा या नहीं करेगा तो अब आपके पास नॉलेज है। अब आप उस प्रॉडक्ट के लिए अच्छा कंटेंट बना सकते हो है न और उसको फिर प्रमोट कर सकते हो क्योंकि आपको उसका नॉलेज है। अब मान लीजिए आपने कहा मुझे कि आपको क्रिकेट और कैरम का नॉलेज है लेकिन मैं आपको रेसलिंग के प्रोडक्ट्स दिखाने लगी बहुत अच्छे से और मैं आपको यह दिखाऊंगा कि रेसलिंग के प्रोडक्ट्स बेच के मैंने हंड्रेड थाउजेंड डॉलर की सेल जनरेट कर ली है। अब यहां पर क्या हुआ आपको दिखा यार क्रिकेट का मेरे को नॉलेज है लेकिन इसकी सेल मैंने अभी तक देखा नहीं है इस में बहुत अच्छी सेल्स है रेसलिंग में तो आप वहाँ मूव कर जाओगे लेकिन वहाँ आपको नॉलेज नहीं है इसलिए आपको पता नहीं होगा कि आप किस को टारगेट करो लोग किस प्राइस पॉइंट पर खरीदेंगे लोग कितना खरीदेंगे आप फेल हो जाओगे। प्लानिंग जो आपकी होनी चाहिए वो इस तरीके से होनी चाहिए प्रॉपरली।
तो जिसमे मेरे को इंट्रस्ट है उस टाइप के ही प्रोडक्ट होने चाहिए स्टार्टिंग
में लिस्ट टारनिचासहोनीचाहए और अगर आपको नहीं मिल रहा है तो सबसे पहले स्टडी करना स्टार्ट करो जैसे अगर मैं आपको बताऊं फिशिंग वैसे मैं प्योर वेजिटेरियन हूं लेकिन फिशिंग जो निश है ठीक है गोल फिनिश है और इसके अलावा और भी बहुत सारे निशय जो मैंने जब स्टार्ट किया था जिसमें मेरा इंटरेस्ट बिल्कुल नहीं था लेकिन मैंने बहुत डीपली रिसर्च किया स्टडी किया। अब उसके बाद मेरे को बहुत सारी चीजें पता हैं कि लोग क्या करते हैं, कब सीजन होता है इसका क्या क्या प्रोडक्ट्स हैं, लोग कहाँ कहाँ जाते हैं जैसे गोल्फ में बहुत सारी चैंपियनशिप होती है काफी लोगों को नहीं पता लेकिन उसके चैंपियनशिप होती है गोल्फ में भी कितने टाइप के प्रोडक्ट्स होते हैं कौन कौन गोल्फ के बहुत अच्छे कोचेस हैं इंटरनेशनल मार्केट में और लोग उनसे कितना मतलब कोचिंग लेते हैं क्या पे स्केल है कोचेज का तो काफी सारी चीजें पता है और कोचेस कौन से प्रोडक्ट रिकमेंड करते हैं ये भी पता है। तो अब यहां से क्या हुआ रिसर्च करने का 1 फायदा हुआ कि मुझे यह पता है लोग क्या खरीद रहे हैं तो यहां से 1 अच्छे से मुझे प्लान पता चल जाता है। इस निश में मैं किस तरीके से बेच सकता ह।
के गौरी तो सिर इकॉमनस्टोरप्रॉफिटेबल कहा पर ज्यादा है जैसे इंडिया मेंतो amaजोनसबसे बड़ा कॉम्पिटिशन खड़ा हो जाएगा और मैं कोई प्रो लॉन्च करता हूँ तो फिर वो तो कॉपी कर लेगा। तो मेरे ही कॉमर्स स्टोर से कोई क्यों खरीदेगा और हमें कहा पे कॉमर स्टोर खोलना चाहिए ये सबसे पहला जो
आपने क्वेश्शन पूछा कि आपके कॉमर्स स्टोर से कोई क्यों खरीदेगा। ये 2 चीजों पर डिपेंड करता है। सबसे पहली चीज आप प्रोडक्ट को कितने अच्छे तरीके से प्रेजेंट कर रहे हो। सिम्पल मीन अगर मैं बोलूं तो ऑफर ओके आपका ऑफर कितना ज्यादा अट्रेक्टिव है। और दूसरा जो है कि आपका प्रोडक्ट कितना ज्यादा एक्साइटिंग है यूनिक है के जैसे अगर मैं बात करूं कि है आपने देखा होगा फिजेट स्पिनर जब आया था वायरल हुआ था तेजी से, वो थानी लोगों के पास तो जिसने जिसने बेचना स्टार्ट किया उसने पैसा कमा लिया। मतलब यूनिक प्रोडक्ट राइट ऐसे बहुत सारे प्रोडक्ट्स हैं जो अभी भी मार्केट में अनटैप्ड हैं पता ही नहीं है लोगों को। अगर आप उन प्रोडक्ट्स पर फोकस करेंगे तो डेफिनेटली यूजर खरीदेगा क्यों कि उसे ये नहीं पता कि वो प्रोडक्ट कहीं और अवेलेबल है। और 1 सबसे अच्छी स्ट्रैटेजी जो होती है आप वहां पर ये बता 2 नोट सेलिंग पब्लिकली ऑन स्टोर जो ई कॉमर्स स्टोर में मैच स्ट्रैटेजी यूज करता हूं। पर्सनली अब मैं वो बता रहा हूँ कुछ प्रोडक्ट्स के प्रोडक्ट पेज पर लिखा होता है नोट सेलिंग पब्लिकली और नोट सेलिंग ऑन स्टोर। अब इसमें थोड़ा सा कस्टम कोडेड आपको डेवलपर की हेल्प लेनी पड़ेगी कि वो प्रोडक्ट सर्च करने पर आपके स्टोर में ना दिखे। ओके सिर्फ यू आर एल से कोई आ सकता है सर्च करके वो प्रोडक्ट नहीं दिखेगा। किसी को तो यूजर सर्च भी करके देखते हैं। यहां से आपको पता चल जाएगा कि लोग सच में देख रहे और वो एक्सक्लूसिव हो गया। प्रोडक्ट यूनिक है लोग खरीद लेंगे अगर पहली बार में नहीं खरीदा तो आप री टारगेट करे उनको तब वो खरीद लेंगे। लेकिन यहां पर जो कॉम्पिटिशन है सीधे एमेजॉन का आप कह रहे हैं और बडे बडे मार्केट प्लेसेस का वहां पर चांस कम है क्योंकि एमाजॉन उस प्रोडक्ट्स पर ज्यादा फोकस करता है जिस प्रोडक्ट में उसको वॉल्यूम वाली सेल मिलती है। ओके अन टैप प्रोडक्ट में डेफिनेटली उसको सेल कम मिलेगी तो वो उसपर फोकस नहीं करता। वो हैवी प्रोडक्ट्स जो हंड्रेड डॉलर, टू हंड्रेड डॉलर, फाइव हंड्रेड डॉलर। ऐसे प्रोडक्ट्स होंगे वो आपको उसके होमपेज पर दिखेंगे। अगर आप किसी भी मार्केट प्लेस की वेबसाइट पर जाएंगे स्पेशल्ली होमपेज पे तो आपको कोई भी यूनिक प्रोडक्ट नहीं दिखेगा। आपको वो प्रोडक्ट दिखेंगे जो बहुत ज्यादा वॉल्यूम में सेल होते है तो उनके साथ कॉम्पिटिशन है डेफिनिटली लेकिन इतना बड़ा कॉम्पिटिशन नहीं है तो कोई चैलेंज है ही नहीं।
अमेजन मास प्रो डेफिनेटली आप किसी भी
मार्केट प्लेस पर जाइए आपको वो प्रोडक्ट दिखेंगे जो ऑलरेडी आपके नियर बाई में भी अवेलेबल है।
सिर टेक्निकैलिटी पर ही जाता है। अभी क्यूंकी वो बहुत सारे यूट्यूब विडियोज में आप देख लेना। बहुत सारे पढे हुए हैं। यू ट्यूब पर आप सर्च करोगे। कॉमरस्टोरकैसे स्टार्ट करे में कैसे मतलब सब कुछ अवेलेबल है। बट मेन चीज है। प्रोडक्ट खोजने में दिक्कत होती है। तो सिर प्रोडक्ट कहाँ से फाइन करे और कैसे फाइन करे और कैसे हमें पता चलेगा की नहीं यार ये प्रोडक्ट हमारा चलेगा। ये सबसे चैलेंज वाली चीज होती है। कॉमर्स में बताओ सर देखिये सबसे पहली
जो चीज है प्रोडक्ट। हमारा चलेगा तो कोई भगवान नहीं है, बिना टेस्ट किए, बिना एक्चुवल में एफर्ट डाले कोई नहीं बता सकता आपको। और यह भी जरूरी नहीं है कि जो प्रोडक्ट आपके लिए काम कर रहा है वो मेरे लिए काम करे। ये सिर्फ प्रोडक्ट को टेस्ट करने के बाद ही पता चलता है। ये सबसे बड़ा सच है। ओके और दूसरी चीज प्रोडक्ट कहाँ से ढूंढे। तो अमेजॉन या वालमार्ट या ईबे। इनका भी बाप है। दुनिया में अली बाबा है तो आप अली बाबा पर आप जाएंगे। आपको ऐसे प्रोडक्ट्स वहां दिखेंगे जो और क्वांटिटी वाइज बहुत ज्यादा सेल होते हैं। प्राइस वाइज नहीं क्योंकि उनको चाहिए रीसेलर्स। अली बाबा जो है वो बहुत बड़ा मार्केट प्लेस है सीधे सीधे फैक्टरी का। वहां पर आप जाएंगे। आपको मैक्सिमम प्रोडक्ट्स दिखेंगे। जैसे मान लीजिए कोई 1 मोबाइल कवर ही आप देख रहे हैं वहां पर वो आपको दिखाएगा। टेन, डॉलर और टेन। यूनिट्स तो वो इंडिविजुअल प्रोडक्ट के लिए नहीं है। अब यहां से आपको ये आइडिया मिलेगा कि वेंडर्स कौन से प्रोडक्ट खरीद रहे हैं। आप वहां पर जाकर सर्च कर सकते हैं। उनके हर दिन प्रोडक्ट अपडेट होते हैं। टुडे, ट्रेंड वीकली बेस्ट सेलर। अब आप हर दिन जाएंगे और स्टोर्स पर अगर आप देखेंगे प्रॉपरली तो इसकी 1 सिम्पल सी ट्रिक है टेक्निकालिटी शायद आपको लगे लेकिन बहुत सिम्पल सी ट्रिक है। आप किसी भी वेंडर के स्टोर पर जाएं 7 दिनों तक आपको उसके न्यू राइवल्स को मॉनिटर करना है। ओके आपको ये पता चलेगा कि न्यू राइवल्स में वो कौन से प्रोडक्ट्स को लिस्ट कर रहा है। अब यहां पर 1 छोटा सा एफर्ट वाला काम है जो न्यू अराइवल्स में 7 दिन में प्रोडक्ट्स आए हैं। वो प्रोडक्ट आपको दूसरे और वेंडर्स के स्टोर पर ही देखना है कि क्या सेम प्रोडक्ट लिस्ट हो रहे हैं। और भी कॉम्प्यूटर के पास ओके अगर लिस्ट हो रहे हैं और न्यू एराइवल है तो मतलब प्रोडक्ट वो अनटैप्ड है और अभी मार्केट में ग्रो होना स्टार्ट हुआ है। उसकी सेल्स आने स्टार्ट हुई है। ओके यहां से प्रेडिटकर सकते हैं कि यह प्रोडक्ट से टेस्ट करना चाहिए। सबसे ला सकती।
सब लोग अपने प्रोडक्ट मतलब वो एड किए जा रहे है।
्योंकि वेंडर्स उसी प्रोडक्ट को एड करते हैं जिसकी डिमांड आती है। तो ये 1 बहुत प्रूवन टेक्निक है जो मेरे लिए काम करती है।
हमेशा सर ने बता दिया की आप 6 प्रोडक्ट से फाइंड करे सर। अली बाबा में तो की होता है मिनिमम ऑर्डर क्वांटिटी की इतना तो मिनिमम करना पड़ेगा। ऐसा होता है।
हां, अली बाबा में आप वो प्रोडक्ट ढूंढ सकते हो। फिर आपको सेम प्रोडक्ट के लिए अली एक्सप्रेस पे जाना है। क्योंकि अली बाबा सीधे फैक्ट्री है। ओके अली एक्सप्रेस जो है वो 1 मीडिएटर है फैक्ट्री और आपके बीच का अच्छा। तो अली एक्सप्रेस पर आपको मिनिमम ऑर्डर क्वांटिटी वन होती है। कोई चैलेंज नहीं है। ईजीली फ्लेक्सिबल आप कम्यूनिकेट कर सकते हो। प्रोडक्ट आपको ढूंढना है, वेंडर को मेसेज करना है और वो आपको रेस्पोंड करेंगे तो कोई चैलेंज नहीं है।
ओके सर, मैं एक्जाम्पल देता हूँ। ठीक है लेट्स ये माइक है। यह मैंने देखा। अली एक्सप्रेस लेट, यह फिफ्टीन डॉलर्स की है तो मुझे शिपिंग पिंग का ये सब देखना पड़ेगा। कैसे फाइंड आउट करे सब कितना आएगा वो सब वेंडर से ही बात करनी पड़ेगी।
वो सब वेंडर ही आपको। 1 फाइनल कॉस्ट बताएगा कि शिपिंग पैकेजिंग और प्रोडक्ट कॉस्ट मिलाकर। आपको क्या चार्ज पे करना है डिलीवर करने के लिए।
1 फाइ्रपेवफाइनलबता देगा की। इस ब्रेड पर एवरेज जितना आपका लगेगा बिल्कुल ठीक है तो शिपिंग पिंग के फिर भी प्रॉफिटेबल हो जाता है।
स्टार्टिंग में नहीं। अगर आप हो रहे हैं। यू आर ब्लेस्ड जनरली स्टार्टिंग में इंसान प्रॉफिटेबल नहीं होता क्योंकि टेस्टिंग फेज है। हा, आप स्टार्टिंग में प्रोडक्ट को टेस्ट करके देख रहे हो कि ऑर्डर सारे है नहीं है। सबसे पहला आपका गोल होना चाहिए कि आप कस्टमर बनाओ। ठीक है आपने कस्टमर बना लिया। अब दूसरा ऑप्शन ये है कि जैसे आप 1 चला रहे हो। मान लो आप 10 अलग अलग ऑडियंस को टेस्ट कर रहे हो। आपको 1 वीक में यह समझ में आएगा कि कौन सी ऑडियंस आपको सेल्स प्रॉफिटेबल दे रही है, कौन सी कौन सी एडसेट आपका जो बजट है वो खा रही है। आप बंद करोगे। आपका लॉस कम होना स्टार्ट होगा। फिर जहां पर आपको दिख रहा है कि यार ये ऑडियंस मुझे प्रॉफिटेबल सेल दे रही है आप ग्रेजुअली उसको स्केल करना स्टार्ट करो। और नेक्स्ट स्ट्रैटेजी होती है कि जो कस्टमर में आपसे परचेज किया है आप उस कस्टमर को डिलीवर प्रोडक्ट होने के 1 वीक बाद या 2 वीक बाद आप अपने पूरे मंथ के बेस्ट सेलर प्रोडक्ट सिर्फ। उस कलेक्शन के भेजे जिस कलेक्शन से उसने परचेज किया है। यहाँ पे प्रोबेबिलिटी है कि वो आपसे परचेज करेंगे। तो प्रॉफिट आपका बढ़ना स्टार्ट हो जाएगा। इस तरीके से आप प्रॉफिट में आ सकते हो। फ्रॉम द फर्स्ट डे एंड मैं झूठ नहीं बोलूंगा। मैं भी प्रॉफिटेबल नहीं था।
अच्छा मैंने 1 कोमल स्टोर स्टार्ट किया और मैं इंटरनेश्नल कर रहा हूँ। पहले हफ्ते आपने बताया की है। धीमे धीमे टेस्ट करते जाओ। पहले हफ्ते मैं, धीरे धीरे टेस्ट करते जाऊँगा। आपने बताया अभी पूरे 1 मंत का प्लान क्या होगा? क्या करना होगा? 1 महीने पूरे क्या हमें स्केल भी कर देना है। फिर सिर्फ टेस्टिंग ही करना है। क्या? 1 महीने का प्लान क्या हुआ? पहले 1 महीने का।
सबसे पहले स्टार्टिंग के फर्स्ट वीक का गोल होना चाहिए कि आपको अपने स्टोर प्रॉपरली लॉन्च करना है। अच्छा डोमेन नेम पूरा स्टोर सेट अप उसपर अच्छे प्रोडक्ट को लिस्ट करना, ईमेल सीक्वेंसेज बनाना, एसएमएस सीक्वेंस बनाना और फिर उसके बाद वेंडर से बात कर लेना और 1 टेस्ट ऑर्डर प्लेस करके देखना। सारी चीजें चल रही हैं नहीं चल ही है ओके और प्रोडक्ट की इमेज सेम नहीं होनी चाहिए जैसे अली एक्सप्रेस पे है या अमेजॉन पे हैं आप उनको डाउनलोड करें बैग्राउंड रिमूव करें अपने स्टोर को 1 ब्रांडेड स्टोर की तरह बनाइए 1 कलर पैलेट होता है किसी भी ब्रांड का अगर आप नोटिस करेंगे तो आपको ब्रैंडिंग एलिमेंट बनाने अपने फोन्स डिसाइड करने हैं सेम फोन्ट आपको ईमेल में भी होनी चाहिए कलर थीम आपकी बिल्कुल सेम होनी चाहिए अब आपने कंटेंट बना लिया आपने शिपिंग पॉलिसी अपडेट कर ली पेमेंट गेटवे कनेक्ट कर लिया इमेजेस सारी अपलोड कर ली आपने एड के लिए, वीडियो भी बना लिया ये फर्स्ट वीक का गोल हो गया मींस यू आर रेडी टू लॉन्च नाव वीक। अब आपको ऑडियंस शॉर्ट लिस्ट करने के बाद आपको स्टार्ट करना है ऐप चलाना 1 वीक में मान लीजिए आपने 10 ऑडियंस को टेस्ट किया 1 प्रोडक्ट के लिए तो आपको ये पता चल जाएगा कौन काम कर रहा है कौन काम नहीं कर रहा है ठीक है तो जो काम कर रहा है आपको उसको नेक्स्ट 1 वीक में ग्रेजुअली स्केल करके देखना है स्केलिंग के बहुत सारे मैथर्ड हैं बजट को ट्वेंटी परसेंट बढ़ाना बजट को फिफ्टी परसेंट बढ़ाना ज्यादा तेजी से सेल्स आ रही है तो बजट को डबल कर देना और बहुत ही ज्यादा अगर मेटा एड्स आपके मेहरबान है तो आप उसको फाइव टाइम्स डुप्लिकेट कर दीजिये अब यहाँ पर हो गया स्केल ठीक है तो थर्ड वीक में आपको ये समझ में आएगा कि आप स्केल करके भी आपके जो ऑर्ड्रे कंसिस्टेंसी है वो प्रॉपरली चल रही है नहीं चल रही है अगर कंसिस्टेंट नहीं है तो आप उसको फिर से डाउन करो बजट को फिर आप धीरे धीरे सारी चीजें वीक थ्री में ये देखो कि आप जो चीजें हो रही हैं वो आपकी प्लानिंग के अकॉर्डिंग हो रही है या नहीं हो रही है आपने जो डिसाइड किया था कि मैं इतना एक्सपेंस करूंगा सारी चीजें प्रॉपर चल रही हैं नहीं है कस्टमर को प्रोडक्ट टाइम पे पहुंच रहा है या नहीं है डिस्पैच हुआ या नहीं है एड अकाउंट आपका नहीं हो गया तो ये सारी चीजें आप फ्री में देखो और वीक फोर में अगर सब कुछ स्मूथ है तो प्रोसेस को आपको रिपीट करना है नेक्स्ट प्रोडक्ट के लिए सिमिलर पैटन पर चेंज नहीं करना है पैटन बिल्कुल सेम रखना है और सेम निश पे ही सब जो बता
रहे हो बहुत स्टेड मतलब बहुत ही टेस्टेड है मैंने ऐसा फील कर पा रह हूँ बिकज आपने बताया आपने बताया पहले की है पहले प्रोडक्ट कैसे फाइंड करना है बहुत ही अच्छे तरीके से फिर आपने बताया की कैसे बजट बढ़ाना है बहुत ही अच्छे तरीके से क्योंकि बहुत सारे लोग होते हैं वो एकदम बढ़ाते बजट फुल कर देते है की हाँ यार 1 सेल सेल आ गई चलो फुल कर देते हैं बजट या फिर बहुत सारे लोग कहते हैं हाँ सेल आ रही है तो बजट थोड़ा सा बात कहते है आने 2 थोड़ी बहुत आने, 2 मतलब वो फायदा नहीं उठाते जो मोमेंटम बना है इसका फायदा नहीं उठाते। मैंने देखा है की ई कॉमर्स में लोग मोमेंटम जो बनता है उसका बहुत फायदा उठाते हैं। जो चल रहा है उसको जितना ऑर्डर ले सकते हैं वो लेते है मोमेंटम
का फायदा अगर नहीं उठायेंगे आप नहीं उठायेंगे तो कोई और उठाएगा है सिर
बहुत सारे और भी लोग होते है जो सेम टाइप और प्रोडक्ट सेल कर रहे होते हैं। तो कॉम्पिटिशन क्या होता है इसमें कॉम्पिटिशन
देखिए होता है लेकिन इतना नहीं होता जितना हमें फील होता है। जैसा मैंने स्टार्टिंग में आपको बताया कोई प्रोडक्ट आपके लिए काम कर रहा है तो मैक्सिमम पॉसिबिलिटी है कि वो प्रोडक्ट मेरे लिए काम नहीं करेगा। थोड़ी पॉसिबिलिटी होती है कि काम कर सकता है क्योंकि आप एटी नाइनटी परसेंट केस में आप सेम वेंडर तक भी पहुंच जाओगे। है न और सेम प्राइस पर आप सेल करोगे सेम टारगेट ऑडियंस पर भी पहुँच जाओगे। ऑडियंस सेम ढूंढना कोई बड़ा काम नहीं है तो कॉम्पिटिशन है अब यहां पर कॉम्पिटिशन आता है बजट का। मान लीजिये आप ट्वेंटी डॉलर पर डे पर टेस्ट कर रहे हो। मेरी भी सेल आना स्टार्ट हो गयी। मैं $200 पर डे स्टार्ट कर दूंगा तो यहां पर सेम ऑडियंस तक मैं आपसे पहले पहुंच गया है। वो 1 थोड़ा सा ये रिस्क होता है कि कोई बहुत बड़ा कॉम्पिटिटर आपका प्रोडक्ट न देख ले। तो इस केस में आपको इस चीज से डरना नहीं है। आपको अपने प्रोसेस पर विश्वास रखना है, आपको अपना प्रोसेस स्ट्रॉंग रखना है क्योंकि शॉपिंग एक्सपीरियंस है जो आपको बहुत ज्यादा प्रॉफिटेबल बना सकता है कस्टमर अगर आपके स्टोर पे आके अच्छा फील नहीं कर रहा है उसको वो कंफ्यूज हो रहा है आपका ऑफर अच्छा नहीं है इमेजेस अच्छी नहीं है तो यहां पर डेफिनेटली आपका जो कन्वर्जन रेट है वो कम रहेगा। कॉम्पिटिटर्स मैक्सिमम केस में क्या करेंगे सेम प्रोडक्ट वो ढूंढ लेंगे। या तो आप ही के स्टोर की इमेजेस को कॉपी करके अपलोड कर देंगे या फिर वो मार्केट प्लेस की इमेजेस को डालेंगे तो जैसा मैंने। बताया आपको अपनी इमेजेस पर्सनलाइज्ड बनानी है और अपनी ब्रैंडिंग का ध्यान रखना है ताकि कॉम्पिटिटर अगर आपके प्रोडक्ट को कॉपी भी करें तो भी थोडा बहुत ब्रैंडिंग का फायदा तो आपको ही मिले। तो कॉम्पिटिशन से डरना नहीं है आपको अपना काम करते जाना है।
गोडइटगॉरइटसिर ब्रैंडेड कॉमर स्टोर जो लोकल कॉमर स्टोर होते है तो क्या रिपीट ऑर्डर आते हैं पुराने कस्टमर्स के जो ब्रैंडेड कॉमर स्टोर्स होते हैं या फिर सिर्फ दिखाने के लिए हैं। ये ब्रांडेड है।
देखिये ब्रांड का 1 बिल्कुल अपना फायदा है, है ना। अब जैसे मान लीजिये अगर मैं आपको एकदम सीधी लाइन में बताऊं ब्रैंड इस इक्वल टू ट्रस्ट आपके पास अभी मैकबुक है। ठीक है आपने आईफोन खरीदा क्यों एप्पल
का ही खरीदा आसानी होती है।
ट्रस्ट है है ना। एप्पल 1 ब्रांड है आप 1 से दूसरे में स्विच नहीं हुए। सिमिलरली अगर मैं आपको किसी और चीज में भी कनेक्टेड करूंगा। है ना? अगर हम नॉर्मली जैसे अपैरल्स के ब्रांड्स में जाएंगे तो बहुत रेयरली पॉसिबल है कि आप 1 ब्रांड को छोड़ के दूसरे ब्रांड में जायेंगे आप न्यू राइवल्स उसी ब्रांड के देखेंगे यहां पर सीधा सीधा कनेक्शन है ट्रस्ट आपको पता है कि वो आपको बेकार क्वालिटी के प्रोडक्ट से नहीं देंगे। आपका शॉपिंग एक्सपीरियंस अच्छा है तो ब्रांडेड स्टोर आपको रिपीटेड वायर हमेशा देगा हो सकता है आपके प्रोडक्ट की वजह से जल्दी न आए। लेकिन अगर आप ब्रैंडेड बना रहे हैं तो कस्टमर आपको शेयर भी करेगा अपने फ्रेंड सर्कल में। लेकिन 1 नॉन ब्रैंडेड स्टोर है तो डेफिनेटली हम भी अगर कोई नया स्टोर देखते हैं ऑर्डर प्लेस नहीं करते हैं हमें दिखता है यार ये क्या नया है अजीब सा है न हम परचेज नहीं करते अगर हम परचेज नहीं करेंगे तो हमारे भी नए स्टोर से कोई परचेज नहीं करेगा। इसलिए फ्रॉम द, डे, वन, जैसा मैंने आपको बताया वीक वन का गोल होना चाहिए। आपको अपने स्टोर को बिल्कुल ब्रांड की तरह बनाना है ईमेजेज आपको कॉपी नहीं करनी है आपको बहुत अच्छे फंड सेलेक्ट करने है कलर थीम आपको प्रॉपर्ली बनानी है लाइक कम्प्लीट सॉलिट ब्रांड है लगे
की मतलब सब कुछ एकदम अच्छा लग
रह देखने में आपके ईमेल होने चाहिए, प्रॉपर्ली एसएमएस होने चाहिए, पर्चेज के बाद एसएमएस आना चाहिए, प्रॉपर्ली ईमेल जाने चाहिए और ईमेल भी। जैसे ईमेल मार्केटिंग के जो सॉफ्टवेयर होते हैं उनके टेम्पलेट्स यूज नहीं करने है क्योंकि वो तो उनके मतलब मिलियंस यूजर यूज कर रहे हैं है आपके मेल्स में उनके मेल में कोई डिफरेंस नहीं है आपको सब कुछ अपने ब्रैंड के अकॉर्डिंग बना रहा है ताकि कस्टमर आपको ध्यान रखे। जैसे अगर मैं पूछूँ एमेजॉन की ईमेल आपको पता है कैसे होते है है क्यूंकि एमाजॉन ब्रांड बन चुका है। अगर आपको मैं पूछूँ किसी दूसरे स्टोर से आपने अगर परचेज किया हो। आपको ध्यान नहीं होगा नहीं ब्रांड का सीधा सीधा यही सबसे बड़ा कनेक्शन है।
यह तो है सिर अब लेट से की। मैंने अपना प्रोडेट फाइंड कर लिया, मैंने अपना स्टोर भी स्टार्ट कर लिया और मैंने फेसबुक एड भी स्टार्ट कर दिया। लेकिन सबसे बड़ी प्रॉब्लम आती है कुछ प्रॉबलम है जैसे 1 बड़ी प्रॉब्लम आती है कि मैंने थोडा एड चलाया एडअकॉंटबंक्योंकी कॉमर्स में ऐसा होता है तो ऐसा क्यों होता है और क्या फिर क्या
करना चाहिए देखिये क्यों होता है है ना टेक्नोलॉजी है टेक्नोलॉजी में हंड्रेड परसेंट एक्यूरेट रीजन आपको कभी नहीं मिलेगा। एड अकाउंट बैन होंगे हर बिजनेस के अपने प्रोजेट कौन होते है। तो इस बिजनेस का भी यही कौनसा कि आपके पास ऐसे टेक्नोलॉजिकल चैलेंजेस आते रहेंगे है और क्या करना चाहिए। तो मैंने अपने किसी रिलेटिव को नहीं छोड़ा बिजनेस मैनेजर बना बना के मुझे ऐड करने के लिए किसी को नहीं छोड़ा। तो आप भी यही कर सकते हैं अपने क्लोज फ्रेंड्स, अपने रिलेटिव, हाना स्पेशली वो जो आपके पैरेंट्स की एज के हैं जो फेसबुक यूज नहीं करते आप उनके फेसबुक अकाउंट खुद बनाएं उनके पास जाइए आप उनके बिजनेस मैनेजर बनाइए और उसमें अपने आपको एडमिन रोल पर एड कर दीजिए फिर ग्रैजुअल या उनके बिजनेस मैनेजर से एड अकाउंट से अपने स्टोर पे ही ब्रैंड। अवेयरनेस एंड ट्रैफिक एड स्टार्ट कीजिए कनवर्जन एड स्टार्ट मत कीजिए ताकि मैं बिजनेस मैनेजर और ऐड अकाउंट स्लोली वॉर्मअप हो वार्मअप करना है। अगर आप इमीजिएट कनवर्जन एड चलाएंगे और स्केल कर देंगे आप फिर से बैन हो जायेंगे। आपको पैटन ध्यान रखना है। अब जो बार बार बैन होता है तो इसमें आपको 1 छोटी सी चीज को ध्यान रखना है कि कुछ न कुछ ऐसा है जो आप रिपीट कर रहे हो जिसकी वजह से बैन रिपीट हो रहा है। बहुत बार लोग क्या करते हैं 1 प्रोडक्ट से इमोशनली कनेक्ट हो जाते हैं कि ये प्रोडक्ट मैंने बहुत मेहनत करके ढूंढा इमेजेज बनाई कंटेंट लिखा इतनी ऐड चलाई मैंने इतना पैसा लगा दिया मैं फिर से इस पर थोड़ा और पैसा लगा के ट्राई करता हूं सेल आ जाएगी शायद उम्मीद में तो इमोशनली फुल नहीं बनना है आप बिजनेस कर रहे हो बिजनेस में जहाँ पे आप इमोशन को गुस्सा दोगे है बिजनेस आपको नीचे ले आएगा बिजनेस चलता है कैलकुलेशन पे लॉजिक पे रिजल्ट पर तो आपको ध्यान देना है। अगर मानी 1 प्रोडक्ट से ही आप बार बार एड अकाउंट बैन करवा रहे हो आपको उस प्रोडक्ट को तुरंत छोड़ना है दूसरे प्रोडक्ट पर कम्प्लीटली दूसरे प्रोडक्ट पर स्विच होना है उस पैटन को ही छोड देना है।
गॉड सिर 1 चीज है जैसे मैंने सुना ऐसा आप बताना ही सही है की नहीं। जैसे लाइट मेरा एड अकाउंट बैन हुआ तो अगले एड अकाउंट जो मैं बनाऊंगा उसमें सेम क्रेडिट कार्ड यूज करनाचाहिए दूसरा ऑर्डर कर लेना चाहिए उसे कैंसिल करके
दूसरा क्रेडिट कार्ड यूज करना चाहिए है
क्योंकि फिर हो सकता है कि वो बाद में 12 महीने बाद ट्रैक हो जाए और उसके बाद फिर से वो
बैन हो जाए इसका 1 सिम्पल आपको मैं बताता हूँ रीजन अगर उस क्रेडिट कार्ड से यह सिर्फ बैन होने वाले में नहीं है। अगर आपके किसी भी क्रेडिट कार्ड से किसी भी आर्ड अकाउंट में पेमेंट फेल हुआ है ओके तो आपको वो क्रेडिट कार्ड दोबारा यूज नहीं करना चाहिए ओके गोद इट पेमेंट मैन्युअली सक्सेस फुल होना 1 अलग चीज है। पेमेंट फेल होना अच्छा साइन नहीं है
फेसबुक एलगोरिदम उसको लगता है कि ये चीटिंग 1 और प्रॉब्लम आती है लेट से हमारे ट्रांजेक्शन हो रहे पेपर यूज किया और पेपल में पेमेंट अटक गई उसका कोई सलूशन होता है या फिर उसका कुछ नहीं कर सकते।
देखिये हंड्रेड परसेंट सॉलूशन कुछ नहीं है, है ना? लेकिन थोड़ा बहुत जो बचने वाला सॉलूशन है कि आप होल्ड पीरियड कम कर सकते हो, आप होल्ड अमाउंट कम कर सकते हो। उसका सॉलूशन सिम्पल है कि सबसे पहली चीज आपका स्टोर 1 नॉन ब्रांडेड स्टोर नहीं लगना चाहिए। ये प्रॉपर ब्रैंडेड स्टोर लगना चाहिए। सारे कस्टमर्स को उनकी पर्चेज डीटेल ईमेल से प्रॉपरली पहुंचना चाहिए तो इससे क्या होगा कस्टमर कम्यूनिकेशन होगा कस्टमर डिस्प्यूट रेज नहीं करेगा। सबसे पहला प्वॉइंट है दूसरा जब भी आप शिपिंग डीटेल अपडेट करेंगे आपके ई कॉमर स्टोर में तो सेम ट्रैकिंग नंबर और शिपिंग पार्टनर का लिंक मतलब। सीधा सीधा बोल 2 ट्रैकिंग लिंक जो है वो आपको पेपाल में भी उसी ऑर्डर आईडी के साथ अपडेट करना चाहिए ताकि पेपाल ट्रैक करें। अगर आप स्टार्टिंग से ऐसा कर रहे हैं तो आप चांसेस क कम कर रहे हैं। पेमेन्ट को होल्ड करने की ओके तीसरी सबसे इम्पोर्टेंट जो चीज है अगर आपके साइट से कम्यूनिकेशन नहीं होता है तो कस्टमर सीधे पेपाल पर जाता है और वहाँ वो रेस करता है। क्वेरी क्वेसो करता है यह 1 अच्छा साइन नहीं है इसलिए कस्टमर को आप अपने ऑर्डर ईमेल में ही बोल दीजिए कि अगर आपको रेफर्ड भी चाहिए तो ईमेल कर। 2 तो आप मेल कीजिये पहले आप पेपाल पे मत जाइए आप डायरेक्ट मेल कीजिए आप उनको रिस्पोंड करें। पेपल के लिए रेफर्ड ज्यादा होना अच्छी बात है या नहीं है इसका कोई एविडेंस नहीं है। लेकिन डिस्प्यूट रेस होना अच्छी चीज नहीं है। चार्जबैक डिस्प्यूट अगर आपके स्टोर पे चार्जबैक है डिस्प्यूट काफी ज्यादा है तो डेफिनेटली आपका अमाउंट होल्ड हो सकता है दूसरी चीज हमेशा जो लॉजिस्टिक डिपार्टमेंट है आपका वो बहुत स्ट्रॉंग होना चाहिए डिलीवरी फास्ट होनी चाहिए ऐसा नहीं होना चाहिए कि आपके प्रोडक्ट डिलीवर होने में 20 दिन 30 दिन लग रहे हैं क्योंकि पेपाल ट्रैक करता है आप यूजर को कितने टाइम के बाद प्रोडक्ट डिलीवर कर रहे हो। जब आप ट्रैकिंग नंबर दे रहे हो तो मतलब आप पेपाल को सब कुछ बता रहे हों कि इस डेट को डिस्पैच हुआ है इस डेट को डिलीवर हुआ है तो जितनी जल्दी आप प्रोडक्ट को डिलीवर करेंगे उतनी जल्दी पेपल। आपके अकाउंट को अच्छी क्वालिटी में बम अप करना स्टार्ट करेगा तो डिलीवरी टाइम कम रखे इससे आपका जो पेमेन्ट है वो होल्ड कम ही होगा।
सिर हमारे कॉमर्स पे, कौन कौन सी पेजेज होना जरूरी से रेफर्ड वाले पेज होते है और इस टाइप के कौन से पेज होना बहुत जरुरी है।
सबसे पहले होना चाहिए अबाउट पेज के है क्योंकि कस्टमर आपके बारे में पढेगा नया स्टोर है। आपका डेफिनिटली पढेगा, दूसरा कॉन्टैक्ट पेज, ताकि कस्टमर, आपको कॉन्टैक्ट कर, करा, टर्म्स कंडीशंस प्राइवेसी पॉलिसी, शिपिंग पॉलिसी और ट्रैक ऑर्डर पेज ये बहुत बेसिक से पेजिस है जो होना जरूरी है। इसके अलावा आप अपने बिजनेस रेगुलेशंस के अकॉर्डिंग और बना सकते हैं। लेकिन बेसिक पेजेस ये होने ही चाहिए। रिफंड पॉलिसी आपको बहुत ध्यान से बनानी चाहिए क्योंकि स्पेशली इंटरनेशनल मार्केट में लोग उसी चीज का एविडेंस बनाते हैं। तो रेफर्ड पॉलिसी आपको बहुत अच्छे से ध्यान में रखे बनानी चाहिए गॉड सो
पेजेज जितने हैं अबाउट सॉलिड रखना चाहिए जैसे रेगुलेशन है उस हिसाब से होना चाहिए। तो क्या हमें रेफर्ड पॉलिसी या टर्म्स ऑफ यूज या किसी लॉयर से बनाना चाहिए।
आप लॉयर के पास तब जा सकते हैं जब आप 1 प्रॉपर कंपनी स्ट्रक्चर फॉर्म कर रहे। ओ के स्टार्टिंग में आप किसी अच्छे लीगल एडवाइजर से सजेशन ले सकते हैं। है ना? काफी सारे ऐसे प्लेटफॉर्म्स। हैं ऑनलाइन जहां पर आपको फिफ्टी डॉलर्स में हंड्रेड डॉलर्स में ये सारी पॉलिसी आपको आपके ब्रांड के अकॉर्डिंग बनाके दे देते हैं। वो ताकि अब लीगल में न फंस और स्टार्टिंग में ये चीजें ध्यान रखनी चाहिए।
ह सर थोड़ा स्केलिंग पर आते हैं। इसे ठीक है क्योंकि लेट से हमने कुछ प्रोडक्ट बना दिए। वो चल रहे है तो वो हमेशा तो नहीं चलेंगे। तो क्या हम 1 ही प्रो को लेकर उसे स्केल करते रहो या फिर बस मार्केट में और स्केल मतलब नए नए प्रोडक्स आते रहो स्केल करते रहो। फिर गए। दूसरे तो क्या हमें कौन सा पैटन फॉलो करना चाहिए।
देखिये किसी भी प्रोडक्ट की 1 लाइफ साइकिल होती है जब हम स्टार्ट करते है कोई भी ऐसा प्रोडक्ट नहीं है जो आप साल भर अच्छे वॉल्यूम पर बेच पाए। हर दिन अच्छा ठीक कोई प्रोडक्ट में मान लीजिये आज आपके 200 ऑर्डर आ गए है तो इस प्रैक्टिकल इम्पॉसिबल की आप वो ऑर्डर बढ़ते जाए हैं। पूरे साल भर अच्छा है ना। हर प्रोडक्ट का 1 लाइफ साइकिल होता है क्योंकि इसका सीजन और ट्रेंड से बहुत बड़ा कनेक्शन है। मान लीजिये आपके प्रोडक्ट का ही कोई कॉम्पिटिटर कोई ट्रेंडिंग प्रोडक्ट आ गया तो आपकी सेल डाउन हो जाएगी। ओके तो आपको टेस्टिंग हमेशा करते जाना है और साथ में जब आपकी सेल्स किसी 1 प्रोडक्ट की बढ़ रही है तो आपको रि मार्केटिंग पर ध्यान देना है उस प्रोडक्ट के लिए और कौन कौन से रिलेवेंट प्रोडक्ट्स हैं जो सेम ऑडियंस को बेनिफिट दे सकते है तो आपको उन प्रोडक्ट्स को भी धीरे धीरे मार्केट में टेस्ट करना है साथ में ई मेल और एस एम एस से भी आपको अपने एग्जिस्टिंग कस्टमर्स को उन प्रोडक्ट्स को ऑफर की तरह पिच करना है यहाँ से आप धीरे धीरे ईजिली ग्रो कर जाओगे।
ओके ओके तो उसको ही फिर स्केल करते रहना है मतलब नए नए रफिनो स्केल करते रहना है। अब सिर हमने यहाँ पर कोई टेक्निकैलिटी की बात नहीं की क्योंकि वो फिर वीडियो में तो लोग कहा से सीखे, सब चीज पर डीटेल में कहाँ से सीख सकते हैं।
देखिये बहुत सारी चीजें तो करने से ही आती है है ना। लेकिन जो बेसिक है कि आपको ई कॉमर्स स्टोर कैसे बनाना है आप शॉपीफाई का यू ट्यूब चैनल है आप वहां जा सकते हैं वो कॉमर्स पर आपको वीडियो कैसे बनाना है, हजारों वीडियोज हैं और फिर उसके बाद ऐड अकाउंट सेटअप कैसे करना है आपको फेसबुक के बहुत सारे वीडियोज दिख जाएंगे। इसके अलावा क्लैवियोजो है ईमेल ऑटोमेशन आपको कैसे बनाना है सब कुछ फ्री में अवेलेबल है आप यहां से आराम से बेसिक लेवल का नॉलेज ले सकते हो इसके बाद डिपेंड आपसे करता है आप जब एग्जीक्यूशन स्टार्ट करोगे तब आपको रियल चैलेंजेस मिलेंगे जिसके आंसर शायद आपको यू ट्यूब पर न मिले। तो ना इट्स टाइम टू गेट कनेक्टेड विथ मेंटर है न आप कोर्स में जा सकते हैं लेकिन कोर्स में आपको पता नहीं होगा कि आपके कोश्चन का आंसर मिलेगा या नहीं मिलेगा तो मैं सजेस्ट करूंगा आप किसी अच्छे मेंटर से डिस्कस करे, पहले स्टार्टिंग में ओके और फिर आप उनको बताएं कि आप ये ऑलरेडी बिगनर लेवल पर कर चुके हैं, आपको सारी चीजें पता है और आप यहाँ यहाँ अटक रहे हो बिजनेस में तो यहाँ पर आप उनका सपोर्ट चाहते हो और जो भी कमर्शियल बने है आप उनका सपोर्ट लीजिये और स्केल कीजिए
ओके गोरी तो सिर ले हमने सब कुछ किया जितना आपने बताया कितने इनमें प्रोफिट होना शुरू होता है कम स्टोर से और कितना अगर हम सब कुछ ठीक करते है तो 1 एवरेज कम स्टोर कितना बना सकता है अगर सब कुछ ठीक करते, आपने बताया उसे फॉलो
करते तो भाई सब कुछ अगर कर रहे हो कितने दिन में प्रॉफिट में आ जाओगे ये तो भगवान ही जाने है न ये डिपेंड करेगा कि आप कितने ज्यादा बुद्धिमान है और कितना बनाया जा सकता है इसकी कोई लिमिट नहीं है मैंने ऐसे लोगों को पर्सनली देखा है जूम कॉल पे मैं भी कंसल्टेशन लेता हूँ, काफी बड़े बड़े जो बिजनेसमैन हैं उनसे मैंने उनके डायजपोर्टदेखे 11 दिन का वो 2233 मिलियन डॉलर जनरेट कर रहे हैं 1 दिन हां 1 दिन में तो ये अभी मेरे लिए भी ये ड्रीम है, है मिलियन डॉलर इन डे, इस इट्स स्टिल ड्रीम, फॉर मी तो बहुत सारी चीजें हैं जो अभी मेरे लिए भी आउट ऑफ का ब्रेज एरिया है, पॉसिबिलिटी एंडलेस है कोशिश मैं भी कर रहा हूं और जो करेगा वो कर लेगा, आपको गिव अप नहीं करना है, आप गिव अप नहीं करोगे,
आप कर जाओगे सो इ कॉमर्स में आपने बताया कि जिसे बहुत से मिलियन डॉलर्स डे कर रहे हैं तो वन लैक टू लेक, डॉलर पर तो उतना मुश्किल है अगर सब कुछ सही करते
हैं तो डेफिनेटली लेकिन समय देना होगा,
समय देना होगा बिजनेस सारे बिजनेस में प्रॉपर टाइम देना होता है, ऐसा नहीं कि ये मैजिक है और आपने कहीं से पहले शायद हो भी जया थोड़ा बहुत बट अभी तो बहुत सारे टर्म्स आ गए हैं, बहुत सारे कंडीशंस हैं तो अब इतना आसान नहीं होता कोई चीज थैंक यू सो मच सर आप थैंक भोपाल से आये यहाँ पर डेली में पोडकास्ट शूट करने के लिए थैंक यू सो मच आप 1 लास्ट मैसेज दीजिये ऑडियंस को की आप क्या कहना चाहते हैं लास्ट मैसेज तो और ऑडियंस
भाई आप वीडियो तो शायद हर दिन देखते होंगे, हजारों वीडियो देख चुके होंगे अभी तक लेकिन सिर्फ 1 सिम्पल सी चीज ध्यान रखना अगर आप ये वीडियो देख के भी नेक्स्ट वीडियो देखने जा रहे हो तो आप अपनी लाइफ में कोई चेंज नहीं लेकर आओगे, आप कुछ करो करोगे तो चेंज ला पाओगे, थैंक
यू सो मच, सर फॉर कमिंग आप लोगो के लिए गिवेवेहैछोटा सा सो गिववेमेंक्याहै की 3 लोगों को 1 साल की फ्री होस्टिंग मिलने वाली है आपको क्या करना है आपको सिर्फ 1 कमेंट करना है और रैंडम कमेंट हम लोग पिक करने वाले हैं हम रैंडमली पिक करेंगे सो कमेंट कर 2।
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