Scary Mount Everest Story of Parth | Story of Kailash, Yogis & Near Death Experiences | TPH - 11

In this bilingual (Hindi‑English) podcast, mountaineer Parth recounts his harrowing 2022 Everest expedition, where a spider bite and a subsequent team accident forced a helicopter evacuation and left him confronting death. He describes the emotional fallout—grief for lost teammates, concerns about his family’s reaction, and a deeper search for purpose. Parth also shares his fascination with Mount Kailash, discussing its spiritual significance and the political obstacles to pilgrimage. The conversation shifts to practical mountaineering advice: the importance of fitness, a three‑month preparation window, progression from short local treks to high‑altitude climbs, and the Indian government’s subsidized basic and advanced mountaineering courses. Parth promotes his own venture, Phoenix Experience, which offers training, expedition planning, and mentorship. He addresses common myths that Everest has become easy, emphasizing persistent danger factors, weather unpredictability, and the necessity of proper risk management. The dialogue also touches on family expectations, his recent engagement, future life balance, and community building through social media to inspire beginners. Throughout, Parth stresses that there are no shortcuts to the summit—both literal and metaphorical—and encourages listeners to pursue peak experiences in life.
Chapters
i said with something is apprend, which
will
which were very life changing and he got me he as been around for for fifty years and waiting for is student reincarnated। री चीज सुन की जैसे जैसे आप पहाड़ के पास जाते हो, loser get to gas the age और ज हो हैव क्लाइन फ्लाइम हैव नेवर कम बैक ओनली वन इज नोन तो फ्लाइ बहुत खुश होते हैं, फोटो खींचते हैं इंडियन फ्लैग के साथ, एकदम देश वादी बन के, और जैसे लिस्ट उतरना शुरू करते है, गड़बड़ हो गई
वेलकम तो दिस पोडकास्ट, आज हमारे साथ हैं उपाध्याय जो की 1 माउंटेन क्लाइमर हैं, और सिखाते भी कैसे माउंटेन क्लाइन कर सकते हो, चुके कलाम कर के, उसको हम समिट बोलतेहैं माउंट समिट एंड, ये बहुत सारे माउंटेंस जो हैं, दुनिया में, बहुत सारे क्लाइन कर रहे हैं, बहुत सारे क्लाइन भी कर चुके हैं, आज से बात करेंगे, आज बात करेंगे एवरेस्ट के बारे में, 10 जोन के बारे में, थोड़ा डीप को ले जायेंगे सो हे कैसे
है आप god रेडी टू गो इन the डेप्स विथ ब्रदर थैंक यू सो मच फॉर इनवाइटिंग में बहुत अच्छा लगा, आपसे बात करके एंड आपके, वीडियोज मैंने कुछ कुछ देखे, आज बहुत अच्छा काम कर रहे हो, आज एंड मजे करते, आज कुछ अच्छी बातें करते, परफेक्ट परफेक्ट
तो पार्थ लाइक मेरे को बहुत क्यूरोसिटी होती थी, आपके वीडियोज देखे की आपके अन्दर ही पैशन कहाँ से आया, बचपन से की यार एवरेस्ट चढना है, देखो मैं आपको।
1 बात बताऊं सच, मुझे न ही कोई स्पोर्ट पसंद है, ना ही मुझे बाहर चढ़ना पसंद था, न ही मैं पढाई में अच्छा था, न ही मुझे कोई एक्स्ट्रा एक्टिविटीज में अच्छा था। तो इसकी वजह से क्या हुआ न बचपन में पूरी दुनिया। मुझे कहती थी कि मैं बेवकूफ हूँ, मैं कुछ काम का नहीं हूँ, और मैं लाइफ में कुछ नहीं कर पाऊंगा। तो ये मेरा ग्रोइंग अप अटैक्स से मेरे ऊपर। सब लोग कहते थे मुझ मेरी लाइफ देख के। लेकिन पंद्रह साल की उम्र में मैं 1 न्यूज कवरेज देख रहा था, जिसमें 1 16 साल के लड़के ने इंडिया से एवरेज क्लाइन किया था। ये 2010 की बात है जब मैं पंद्रह साल का था। वो न्यूज कवरेज देख के मुझे दादा यार मेरे उम्र का लड़का हमारे भारत से ऐसा कुछ कर रहा है, जबकि मुझे तो लोग यही कह रहे है की पढ़ाई करो अच्छे मार्क्स लाओ, अच्छे मार्क्स नहीं, अच्छे लाये तो कॉलेज अच्छी नहीं, मिलेगी कॉलेज अच्छी नहीं, मिलेगी नौकरी अच्छी नहीं, नौकरी अच्छी नहीं तो छोकरी अच्छी नहीं। और फिर लाइफ वही ऐसी डाउन डाउन डाउन। लेकिन यहाँ पे था, वो लड़का कह रहा था, मैं पढाई में अच्छा नहीं था, लेकिन मुझे ऐसा कुछ मिला जो नेचुरली आ रहा था, मुझे ऐसे जिसमे अच्छा था पापा पापा, मुझे भी एड्रेस कलाम करना है, मैं जस्ट एग्जाम दी थी, मैट्रिक एग्जाम। और जैसे पैसे पास होगा, वैसा लग रहा था। मुझे तो पापा मुझे बोलते हैं कि पास तो 2 मुश्किल होगा, कहाँ एब्रेस की बात कर रहा है, लेकिन उन्होंने कहा चलो छुट्टियाँ चल रही है, मेरा दोस्त है जो ड्रेपिंग करता है। तो अपकमिंग वीकेंड पे में ट्रेक पर गया जो महाराष्ट्र का हाइएस्ट पीक था कल सुबह एंड। वहाँ से मैंने सनराइज होते हुए देखा। वो जब सनराइज में देख रहा था तब मैंने उस 16 साल के बच्चे के बारे में सोचा की वो उसने जब सनराइज इस दुनिया की सबसे ऊँची चोटी सी देखी होगी तब क्या एहसास रहा होगा। तब क्या फीलिंग रही होगी। न तो जस्ट as fifटीnerओltॉट, नो, दिस इज अ गुड गोल्ड टू हैव, दिस इज, द फर्स्ट टाइम में पहाड़ों में आया और पंद्रह साल की उम्र में पहली बार मुझे ऐसा लगा कि घर वापस आया। उम्र मैंने बोला तो है लेकिन बहुत लोग समझ नहीं पाये। पंद्रह साल की उम्र तक मैं अपना घर ढूंढ रहा था। इस पृथ्वी पर कहाँ पर है। लेकिन पहाड़ों में जिस दिन मैं गया लगा की घर वापसी हुई है। तो बस पहाड़ चढ़ना जी भी पहाड़ चढ़ता हूँ। मैं चाहे छोटे से छोटा हो या बड़ा से बड़ा हो, बस अपने घर वापस जा रहा हूँ। बस वहीं से शुरुआत हुई थी जो
अभी बोल रहे, न की घर वापसी वाली बात है यार मैं कनेट कर पा रहा हूँ। मैं बताता हूँ क्यूँ क्यूंकी मैं ज्यादा पहाड़ भी चढ़ा नहीं हूँ। लेकिन मुझे ये फॉरेस्ट बहुत पसंद है। तो मैं जब पहली बार जिम कार्बेट नेशनल पार्क के अन्दर फार किया, आई लाइक मुझे मजा आ गया। मुझे सच में ये असली घर है मेरा सो एक्च्वलली क्या हम युन बिंग से हमें न जैसे नेचर के पास जाते तो हमें कनेक्शन फील होता। हमें लगता है कि यार हम तो यहाँ रहने वाले तो कहीं न कहीं नीचे आप लवर थे और शायद थे नहीं बट जा के आप थोड़े बन गए। आपके पापा का कैसा अपने पहली बार बोला की मैं अवरेस्कलाइम करूंगा।
जब मैंने पहली बार उनको बोला था ये जब मैंने न्यूज कवरेज देखा उसी टाइम का। लेकिन फिर उसके बाद तो वो भूल गए क्योंकि ड्रेसी का रिजल्ट आया। आई स्कोर। अब ब्यूटीफुल फॉ्टीएठपरसेंट तो घर में धमाके करने धमाके बहुत सारे जैसे जैसे कॉलेज में एडमिशन मिला और फिर उसके बाद ग्यारहवी बारहवीं करके फिर इंजीनियरिंग में गया। मैं तो वहाँ भी जैसे जैसे पास होता था तो घर वालों को यह टेंशन देती थी की लड़का सर्वाइज कैसे करेगा। इस कॉम्पिटिटिव दुनिया में तो कॉम्पिटिशन है अच्छे मार्क्स नहीं है तो नौकरी नहीं मिलेगी ब्ला ब्ला ब्ला सब चीजें कनेक्ट देख थी के लिए। तो जब मैंने इंजीनियरिंग कम्पलीट किया और उसके बाद जब मुझे मालूम था कि अगर अभी मैं इंजीनियरिंग कंटिन्यू करता रहू और उसमे जॉब करती करूँ आगे तो मेरी लाइफ 1 बहुत अलग डायरेक्शन में जाएगी जबकि दूसरी डायरेक्शन जहाँ पर मैं चाहता था कि लाइफ जाए वो थी पहाड़ों के साइट, तो अब मेरे पास टाइम था, इंजीनियरिंग कम्पलीट हुई है मैंने कर के बताया उनको आप मुझे प्लीज 6 महीने का टाइम 2 मैं दिखाऊंगा, आपको की पहाड़ चढ़ के भी अच्छा पैसा कमा सकते है। अच्छा सर्वाइव कर सकते हैं। तो उन्होंने बात मानी एंड मैं 1 चीज आजकल बहुत कॉमन भी देखता हूँ यूथ में की अगर उनको कोई ड्रीम फॉलो करना है अपना अलग से जो थोड़ा सा हट के है तो वो बोलते हैं अरे मुझे सपोर्ट नहीं कर रहे मेरे पैरेंट्स मुझे समझ नहीं रहे मेरे पैरेंट्स लेकिन में थोड़ा सा समझदार समझदारी से इस चीज को टैकल करना चाहता था तो मैंने उनकी तरफ ऐसी सोचा ये गलती है जो लोग नहीं करते ये है जो लोग करते हैं कि वो
सारी तो इंटरव् में 1 बात बताता हूँ इसमें आपने इसे 6 महीने मांगा राइट यू आस्क फॉर सिक्स मंथ लोग जिद करने लगते हैं कि नहीं हम तो यही करेंगे जाते है आपने वो गलती नहीं की बिल्कुल नहीं
जैसे जोकंसंजहै वो रियल कंसर्न है और मैं मानता हूँ की इस दुनिया में अगर कोई आपका सच में भला सोचता है तो वो आपके पैरेंट्स हो चाहे वो कितने भी डांटते हो, कितने भी मारते पीटते हो आपको लेकिन एट द एंड ऑफ द डे इफ यू कि समबडी they will be people। तो हाइट बॉडी वित कर। तो मैंने उनकी तरफ से सोचा की वो लोग क्या चाहते थे देई वांट मी टू सर्वाइव वेल एंड देर वांट मी टू 20 ये 2 चीज शादी को भी पेरेंट की आप दुनिया में कंफर्टेबल रहो खुश रहो तो मैंने उनको कहा की वो 6 महिना 2 वन दे गिव मी सिक्स मंच बहुत मेहनत की मेहनत करने के बाद मैंने दिखाया जो मुझे पैकेज ऑफर हो रहा था मेरे इंजीनियरिंग कॉलेज में उससे दुगना पैसा कमा सकता हूँ और कमा के दिखाया मैंने उनको तो वहाँ से उनको लगा कि नहीं यह लड़का कुछ तो करेगा ठीक रहेगा लेकिन 1 बात उनको कॉन्फिडेंस आ गया मैं लाइफ में कंफर्टेबल रहूँगा लेकिन कोई भी पैरेंट कभी भी अपना बच्चा पहाड़ चढ़ रहा है मुझसे पूरी तरह से तो नहीं हो सकता इस ऑलवेज रिस्क एलिमेंट हीर तो बहुत सारे पिक करने के बाद उनको धीरे धीरे कॉन्फिडेंस आया की मैं कल पहाड़ों में फालतू रिस्क नहीं लेता हूँ भी थोड़ी सी भी गड़बड़ होती है मैं हमेशा टर्न अराउंड कर जाता हूँ कॉनफिडेंस भरोसा है अभी मैं वहाँ जा के उल्टे काम नहीं करूंगा उल्टे रिस्क नहीं लूंगा तो ये कुछ कुछ चीजें है जो एक्शन से धीरे धीरे धीरे उनको कन्विन्स किया बिकाज वर्ल्ड ऐसी कनविंस करना मैं नहीं मानता कि वो सही तरीका है करके दिखाओ करके क्यूँ न बोलेगा अपनी लाइफ रेस्पांसिबल रह रहे हो जी रहे हो कोई पैरेंट रोकेगा नहीं लेकिन बात यह है अगर कोई पैरेंट रोक रहा है मैं वीवर्स को ये कह रहा हूँ जो यंग हैं अगर पेरेंट्स आपको रोक रहे हैं तो कहीं न कहीं उनको दिख रहा है की आपके प्लान में या आपके विजन में या आपके एक्शन में कहीं कमी है तो अगर कोई सोनी है न तो आप को पूछो की क्या अगर मैं उनके जगह पर होता मैं मेरे प्लान्स देखता क्या मैं कनविंस होता तो क gaming एक्शन ले that was the way कनविंस मुझे, मेरे सपने जीने 2 और बाहर चलने
2, अमेजिंग यार मतलब मैं आपको ये लाइन नहीं में कैनेट कर पा रह है। एक्च्वालली क्योंकी मेरे पैरेंट भी इंजीनियरिंग करवाना चाहते थे, एग्जैक्टली में तैयारी भी कर रहा था, लेकिन उसके साथ साथ में डिजिटल मार्केटिंग कर रहा था, मैं लेवेंस में आते आते ही क्लास लेवेस में आते आते ही मैं लाइक टू पाइंट फाइव थ्री लेक्स पर पहुँच गया था, सो प्वॉइंट प्रूफ की बस में अर्निंग कर रहा हूँ के बाद मैंने छोड़ दिया, पढाई ड्वैल्जकरके सो मैंने प्रूफ किया, अदरवाइज मैं कॉलेज जाता, अगर मेरे पास प्रूफ नहीं है तो मैं लड जगड़ नहीं सकता। ये आपने प्वाइंट बहुत अच्छा बताया। ज्यादातर लोग गलती से अगर है की वो झगड़ने लगते है, वो अपना वो टाइम नहीं मांगते और सही से काम भी नहीं करते, मेहनत प्रूफ भी नहीं करते। तो बिल्कुल सही बात एबसोलूटलीएग्जै्टली मेरा 1 और कैशन है इसमें की मन उस समय आपका माइंडसेट केस् आप केंद्र कॉन्फिडेंस था की आप कर लोगे,
ऐसा स्टेट था। यंग स्टूड ऑफ ट्वेंटी ट्वेंटी वन यू डोंट नो मच अबाउट लाइफ एंड एक्शन के कंसीक्वेंसेज क्या हो गए दिस इस द बेस्ट टाइम not is the best time to make mistakes to do things try new things and not worry about consequences? तो वो मोड में था मैं वो mindset m ta me you know i will tell you on example of how one can claim the everest of the life? मेरी लाइफ में मेरा एवरेस सच का एवरेज था, लेकिन हर किसी की लाइफ में 1 ऐसी चीज है जो उनको पाना है, उन बुलंदियों तक पहुंचना है। हमारे लाइफ में डिस्ट्रक्शन बहुत है, हम कुछ भी करना चाहते हैं, लोग कुछ कह रहे हैं, सोशल मीडिया पर जो हम कंटेंट कंज्यूम कर रहे हैं वो हमारे प्रेम को 1 अलग तरीके से कंडीशन कर रहा है। यू, नो, दर, आर, सो, मेनी, in, पुट, कमिंग, in, बिचmakswoबीर, सो, आई न्यू नं अगर मुझे एवरेस क्लाइन करना है तो सारे डिस्ट्रैक्शंस कटाफ करने पड़ेंगे मुझे what do i मीन बाई दैटमैंमेरेदोस्तो को बताया की अभी द नेक्स्ट टू यर्स मुझे एवरेज टाइम करना है एंड मैं अपनी लाइफ डेडिकेट कर रहा हूँ तो आप लोग अगर पार्टी वार्टी में जा रहे हो, मूवी में जा रहे हो तो मुझे कॉल मत करना मुझे बुलाना आप लोग समझो तो अच्छी बात है, बोला हाँ हाँ कोई बात नहीं, कोई बात नहीं बट हर बार जब वो जाते थे, फ़ोन कर देते, वाट्सप्प में फोटो डालते थे, तो ये चीजें दिमाग में खेलती है सुबह साढ़े 3 बजे रोज उठ के ट्रेनिंग कर रहे हो, तैयारी कर रहे हो, लेकिन यहाँ पर दोस्त तो मन तो होता है आपको जाने का, तो मैंने मेरे दोस्तों को ब्लॉक कर दिया है, मेरे स्कूल के दोस्त हैं ये उनको ब्लॉक कर दिया मैंने। अगर मैं किसी से बात कर रहा हूँ, अगर मैं कुछ मूवी या विडियो देख रहा हो, अगर मैं किसी मीटिंग में जा रहा हो, अगर मैं कुछ एक्टिविटी कर रहा हूँ, अगर वो एवरेस्ट से डायरेक्टली या इन डायरेक्टली कनेक्टेड नहीं है तो मैं वह नहीं करूंगा समझ रहे हो। अगर मूवी भी देख रहा हूँ तो वो पहाड़ों से लगते हुए होना चाहिए। अगर किसी से बात कर रहा हूँ तो वो एवरेज से होना चाहिए। मेरा नाम पार्थ है, पार का मतलब होता है अर्जुन अर्जुन की आंखें पंछी की आँखों पर न हिलती डुलती तभी जाके वहाँ पर लगता है अगर माइंडसेट हम रख पाए। to words what ever gol we have in over life, because the hard or the goal, the more focus, you need to words reaching that gol right so, if your actions are some day, here some day, the someday deside, some day back side, you will not move fast in life and when a rocket। वन रॉकेट हैज टू लीव दी एटमॉस्फेयर तो फुल स्पीड से जाता है वो अगर स्पीड या एंगल थोड़ा सा भी डग मंगाया तो वो एटमॉस्फियर से बाउंस कर के वापस आ जाएगा। तो हर किसी की लाइफ में 1 बार ये 1 लता वाला स्टेट में घुसना बहुत जरूरी है और अपने से बड़ा जो गोल है उसको पाना जरूरी है। and that is the way i माइंडसेट वाज कम्पलीट isolation हॉर्स with ब्लिंकर्स क्यू बिकाज साइकल डिस्ट्रक्शन न दिखे को तुम्हारा रास्ता दिखे और तुम्हारे रास्ते पर कौन है वो दिखे चलते रहना है एंड इफ यू हैव दिस माइंडसेट देन नो पॉवर इन दिस वर्ल्ड कैन वेंटली स्टॉप यू फ्रॉम बीच हंड्रेड परसेंट बहुत ही
बढ़िया मतलब, बहुत बहुत अच्छा गोल्डन नजर यहाँ पर मिलता है जरूरी नहीं है कि एवरेस्ट क्लाइन करना है तभी आपको इतना मेहनत करना है आपको लाइफ में, हर एस्पेक्ट में चाहे वो बिजनेस हो, चाहे वो जॉब हो, आप कुछ भी अच्छा करना चाहते हो, अगर तो आपको फोकस करके करना पड़ेगा, अदरवाइज लेट सी आप बिजनेस करना चाहते हो, सच में अच्छा बिजनेस करना चाहते हो तो आपको चाहिए आप रील देख के नहीं बना सकते नो चांस की आप देखोगे और डोपामिन रिलीज होता है दिन भर लोग रीज देखते हैं और डोपामिन रिलीज होता है एंड दे आर लाइक शाम वो थक जाते देखते देखते आपको क्या कहना
है मीन मतलब मुझे ज्यादा बोलना नहीं है इस बारे में, क्यूंकि मेरे जो ओपिनियंस है ना वो थोड़ा लोगों को कभी कभी हर्ट कर जाते है ई कॉल टू डेज जनरेशन टिक टॉक ब्रेंड का अटेंशन वन थिंग फॉर मोर टू सेकंड अटेंशन इस द वन थिंग इन द वर्ल्ड which will open gets with you cant amazon to words your work be to words your relation to words your family to or or business to warts anything attention is one thing and what social media is doing number one thing is that they want to kill your attention? कॉरपोर very smart mins dean nit are planning how to destroy your attention and make them your slave, because when you lose your attention, anybody can control you, but if you have attention, you will be harder to control and this system just want to create more slaps सो दे कैन टेक, स, वर, वी, वान्ट, दे, कैन, मेक, स, थिंक, वाट, वी, वॉन्ट एंड दे, कैन, मेक, स, परचेस, वाट, वी, वांट, दैट वी, डोंट, थिंक इंडिपेंडेंटली और फ्री ली। लोग जब इंडिपेंडेंटली सोचते हैं न तब उनको खतरा ए एंड सोशल मीडिया वो डिवाइस है जिससे हमारा सोचना, जिससे हमारा समझना और हमारा अटेंशन की ताकत सारा सार। खत्म किया जा रहा है। तो जब यह मतलब ये आई कैन, गो, ऑन, नॉन, बट, इट, वेरी, डेंजर, इस, आलसो, वेरी, यूजफुल, थिंग सोशल मीडिया के माध्यम से ही आज हम बात कर रहे हैं सोशल मीडिया के माध्यम से ही हम पूरी दुनिया को पहुंच सकते हैं। तो पॉवर है ये बहुत बड़ी उसको रिस्पांसिबल यूज करते है की नहीं। वो देखना। मैं भी कभी कभी देखता हूँ की मैं ने कोई रील स्क्रोल करने स्टार्ट की। पंद्रह मिनट कैसे निकल कुत्ते बिल्ली जानवरों के वीडियोज की वीडियोस देख रहा हूँ, कुछ नहीं होने वाला है। तुमको अच्छा फील हो गया, लेकिन क्या पाया क्या पैसा कमाया तुमने क्या उखाड़ तुमने जिंदगी में टाइम वेस्ट किया और अपने दिमाग की क्षमता और खत्म कर दी। आपने तो थोड़ा सा सोच समझ के सम्भल के अगर इसको हम यूज करे तो बहुत पावरफुल चीज भी है ये
एग्टलीनाअबहमलोग थोड़ा माउंटेबरेसके तरफ जाते हैं। तो मेरा 1 सवाल है। आप ने माउंटेवरेस्ट कौनसे एयर में समिट किया था थोड़ा इसके बारे में बताओ
एबसोलूटली मैंने फॉम्डएबरेससमिट किया था 5 साल पहले 2019 में। मजे की बात यह है कि मैंने मैंने एवरेस से भी और कुछ मुश्किल जोपिया फते की है लेकिन किसी को उनके नाम पता नहीं है। एवरेस तो फेमस है। तो वो मैंने एवरेस क्लाइन किया था टिबेट साइड से 2 रास्ते है नाइंटी फाइव परसेंट लोग क्लाइन करते हैं नेपाल साइड से जहाँ पर पहली चढ़ान हुई थी तो इन्होंने वहाँ ऐसी क्लाइन किया था नाइनटी फाइव परसेंट क्लाइम् वहीं से होती है, दूसरा साइड है, टिबटमेनॉरथफेसरूट पड़ता है वो। तो वहाँ से मैंने क्लाइन किया था चढ़ान मुश्किल है थोड़ी और स्टील पर थोड़ी और डेंजरस है मच मोर फोल्डर मच मोर विनडिरआंडवहाँ पर कोई रेस्क्यू नहीं होता है। तो अगर आपको कुछ हो गया तो कुछ किया नहीं जा सकता। वह साइड पे तो मैंने उस तरफ ऐसी कोशिश की थी
टी साइड की आपने को साइड से नहीं जायेंगे इस ट्रैफिक रियल प्रॉब्लम की ट्राफी के वजह से या फिर ऐसा क्या रीजन है
केन ट्राफी के बारे में बात करते हैं। है तो 2019 में जिस साल में क्लान कर रहा था एवरेस्ट उसी साल 1 बहुत ही फेमस फोटो ली गयी थी ने कैमरे से लैंबर फ्रॉम नेपाल जो काफी की डॉक्यूमेंट्री भी आई थी उन्होंने 1 फोटो लिया था ट्वेंटी सेकंड में को की गिरी स्टेप पे और साउथ समिट पे जो एवरेज का सेक्शन है वहाँ पर लोग लंबी कतार में खड़े हुए हैं।
ये फोटो वो फोटो मे वो फोटो मैंने देखी थी। लिटरली बहुत ज्यादा मतलब लाइन लगी पड़ी
थी तो वो फोटो बहुत वायरल हो गई थी। हर ली बड़े बड़े न्यूज आउटलेट्स बीबीसी सीएनएन ये उन्होंने सबने स्प्रेड किया। इसको उस साल मैं भी वहाँ पर था, उस ट्रैफिक जैम में नहीं। लेकिन मैं दूसरे साइड से क्लाइन कर रहा था। तो ट्रैफिक जैम क्यूँ होता है। स्प्रटाइममेंमतलब मई सेकेंड थर्ड वीक में 1 या 2 हफ्ते की विंडो आती है। जब आप एवरेज टॉप पे ऐक्चवली जा सकते हो ओके। लेकिन 2019 में हमे सिर्फ 1 दिन
का विंडो मिला था
तो अगर 5, 6, 7, 10 दिन का विंडो हो तो क्या होता है। सारी बोलती है की हम आ जाएंगे, आप कल जाओ। पर सो जाओ कोर्डिनेशन होता है, सारा प्लानिंग अच्छे से होता है। लेकिन जब 1 दिन का विंडो है तब कौन रोकेगा कौन नहीं रुकेगा, सबने पैसे खर्च किए, सबका सपना आया जा रहा। अभी वो न्यूज देखने के बाद 1 आइसोलेटेड इंसीडेंट की वजह से एवरेस्ट का ये रेप्यूटेशन बन गया की ट्रैफिक जाम होता है। जबकि सच यह नहीं है। आप उसके पहले देखो कुछ कुछ लोग। अगर आगे कोई स्लो इंसान चल रहा है, 1 ही रोग, 1 ही रास्ता होता है। तो चलो थोड़ा बहुत तंग टाम हो गया। लेकिन इस लेवल का जाम उसके पहले हुआ नहीं था और उसके बाद नहीं हुआ है क्यूंकि उसके बाद भी कम से कम 10 दिन का वेदर विंडो तो मिल जाता है। लेकिन मैंने नॉर्थ साइड से क्लाइन इसके लिए किया क्योंकि मैंने जब एवरेस का सपना देखा था। 2010 में मैंने एवरेस सर्च किया और सर्च करने के बाद जो पहला वीडियो आया वो नॉर्थ फेस का था। वही वीडियो बार बार बार बार बार बार देखते देखते। मेरे दिमाग में बैठ गया की एवरेस से चले सो। ये सिम्पल कोई कैलकुलेशन नहीं था कि ऐसा बस एवरेस्ट नॉर्थ था।
मेरे को। 1 बात जाननी है कि एवरेस्ट अगर जाना होता है तो पहले बेसकैंप जाना होता है। थोड़ा सा लोग। 2 बेस कैम्प का क्या मतलब है, एंड कैंप वन कैम टू, कैम थ्री का क्या मतलब है, समिट का क्या मतलब 1 बार जल्दी से एक्प्रे aब्सोलूटली
सो वो जगह है, 17 हजार सेवेंटीन थाउजंड। एवरेज का समिट ट्वेंटी नाइन थाउजंड। कैप तक आप नॉर्मल ट्रैक करके 10, 11 दिन में पहुँचते हो। बेसकैंप वो जगह है जो नेक्स्ट वन मंथ मंथ के लिए आपका घर होगा। आप अभी पहाड़ यहाँ से चढ़ना शुरू करोगे। और वापस यहीं पे आके रुकोगे। तो प्लानिंग की जो प्रक्रिया है वो आपको थर्टी फा से फोर्टी डेर लगता है। बेस कैंप से समेट जाके। वापस क्यूँ इतना दिन लगता है, कैंप वन होता है, कैम टू होता है, कैंप थ्री होता है, कैंप फोर होता है, देन समिट होता है। ठीक है तो ऐसा नहीं है। न गए, फिर कैंप टू गये, कैंप थ्री गए, ऐसा नहीं होता। इस कैंप पर पहुँचने के बाद कुछ दिन हम रुकते हैं, वह पे, 23 रात, वहाँ रुकते है, फिर वापस नीचे आते है। वापस क्यूँ मैं आपको समझाता हूँ, फिर कैंपन जाते है, कुछ दिनों बाद कैम्प जाते हैं। 12 रात रुकते, फिर वापस आते रेस्ट करते रिकवर कर, नहाते धोते कपड़े धोते, फिर कैंप वन कैंप, कैंप थ्री सेंटर कमन बैक। अब ऊपर नीचे करने का रीजन ये है की अगर हम किसी भी नॉर्मल इंसान को सी लेवल से एवरेस्ट के टॉप पर जादू से ले जाए। वो मर जाएगा भी अनकांशस वितिन वन मिनट एंड डेग विद थ्री टू फाइव मिनट क्यूँ क्यूंकी बॉडी एकलेमेटाइस्ड नहीं है, कमी है एंड एयर प्रेशर की, कमी है सो बॉडी को थोड़ा सा यूस टू करने के लिए आस्ते आस्ते बॉडी समझे और इसके लिए थोड़ा और ऊपर जाते हैं। बॉडी को ये सन्देश देते है देखो भाई अब तुम्हे तुम्हारा 1 लिमिटाइजेशनपकाम करना है और वापस आते हैं। जब आप वापस नीचे आते हो तो बॉडी रिकवर होती है और रेड ब्लड सेल्स जनरेट करती है। रेड ब्लड सेल्स वो सेल्स है जो ऑक्सिशनकैरी करता है आपके तो धीरे धीरे आप बॉर्डर को वो संदेश दे रहे हो की यू नीड टू प्रोड्यूस मोर रेड सेल्स की तो ये प्रक्रिया रोटेशन कहते हैं। ऊपर नीचे को रोटेशन करते हैं एकलिमिटाइज करने को तो ये पूरा ऊपर नीचे करने में हमको अराउंड 20 से 25 दिन लग जाते हैं। 1 बार यह रोटेशन हो गया सेवेन थाउजनमीटरमतलब ट्वेंटी थ्री थाउजंड, चुके हाते हैं नीचे, फिर हमें रुकना होता है अच्छे मौसम के लिए के अच्छा मौसम मतलब।
मौसम बताता है की अच्छा मौसम कब
आएगा वेरी गुड क्वेश्चन हमारे पास दुनिया भर की वेदर फोरकास्ट होता है। हम स्विजरलैंड से 1 वेदर फोरकास्ट मंगाते हैं और 1 आयम इंडियन मिटियोलॉजिकल डिपार्टमेंट। अभी आई एम बी का फोरकास्ट इंडिया के लिए तो बहुत बेकार है, बोलते हैं जब बारिश होने वाली है तब धूप निकलती है पहाड़ों में, पहाडो में उनका फोरकास्ट बहुत अच्छा है। तो हम इन दोनों को देखते है। और तीसरा सबसे इमपोर्टंट हम अपनी आँखों से आसमान को देखते हैं। इतने सालों का एक्सपीरियंस है पर चढने का, तो आँख बंद करके हवा को सूंघते हैं, तब मालूम पड़ जाता है। आज क्या होने वाला है मजाक बेदर हाज पैटन उस पैटन को, अगर आपने ऑब्जर्व किया, अटेंशन दिया समझा तो आप अपने आप से वेदर प्रेडिक्ट आईटी पर्सेंट डैक्युलरसीपर मै कर सकता हूँ। सुबह उठ के देखा धूप निकली, लेकिन कहीं से कुछ हवा चल रही है, फील होता है तो को कुछ आता है इस वेरी सिम्पल 1 चली पीपल, 2 अटेंशन टू these thing, i can big the air and tell that what s gonna happen in the evening with a परसेंट डैक्युलरसी right hand to word, i can say that so it got experience right, i wilglaning before everest for almost seven eight years, whenever i going the mountensipayatension bat वापस atेnशnfeathow the mantones behaving how the wins। आर बehaविंग हॉव, the क्लाउड्स, आर बिहेविंग तो ये 3 चीज है स्विस इंडिया और खुद का ऑब्जर्वेशन वेदर के ठीक
है ले मिल गई की ये 3 दिन या 4 दिन या 5 दिन जो है ये बेस्ट वेदर है ना
आप क्या करना है बस अब देखना है की 8000 मीटर ट्वेंटी क ऊपर के जो एरिया है वहाँ पे वें सबसे कम किस दिन है। जिस दिन सबसे कम है वो हमारा आईडियल डे होगा। सुनेगा ऊपर से लगते हैं 4 दिन, तो उसके हिसाब से कैलकुलेट करके हम निकलते हैं। 1 रात कैंप वन, 1 रात टू, 1 रात कैंप थ्री 1 रात कैंप फोर पे नहीं कैंप फोर जब पहुँचते हैं, कुछ घंटे रुकते हैं समिट पुश के लिए, हम निकलते हैं। जो लास्ट कैंप से वापस आए उसको समेट पुश कहते हैं। वो हम करते हैं। रात को। 9, 10 बजे स्टार्ट करते है, रात को पूरी रात प्लान करते हैं। एंड नेक्टड समिट पहुँचने का हम करते हैं। संड्राइसकेथोड़ा और वापस कैंप पहुंच जाना है उसे पहले तो कुछ प्लान करते हैं। ऐसा होता है।
प्रक्रिया काफी इंटेंस प्रोसीजर है, सारे है पहले 30, 40 दिन, एकमटाइजहोनाहैउसके बाद, फिर आपको कैम फोर्थ तक जाना है, आपको पुश करना है। वैदर अच्छा जैसे ही मिले पुष्करना तो साल में 1 बार ही विंडो मिलता है कि 1 साल में 1 बार ही कुछ मिल जाते हैं वेदर के एवरेस्ट के लिए।
साल में 1 ही बार स्प्रिंग मतलब बारिश आये उसके जस्ट पहले का जो टाइम है दैट इस द बेस्ट डाई तो पेट बारिश के बाद का जो सीजन है उसमे कुछ ट्राई करते लेकिन उसे भरोसा नहीं होता कि कैसा होगा। इस द बेस्ट टाइम सेकंड थर्ड भी ट्राई तो
माउंटेन में मैंने सुना कि जो बहुत ही
तो क्या रिस्क नहीं
होता की होता है ह दिर कोटा
मेरे भाई एवरेस्ट पे टेन परसेंट डेथ रेट है मतलब 10 में से 1 आदमी मरा है। ये हिस्ट्री रही है उसकी मौत की। काफी अलग अलग रीजन्स हैं। 2 तरह के डेंजर्स होते हैं when is subjective hazards, one is objective hazards, subjective hazards are the problems, you create for yourself rom, dition mentally becoming unstable and sc and missing home, missing your wife, your husband, your parents, your cats, because of these thing is your focus। मनी थिंग विच कम्स फ्रॉम योर साइट माउंटेन इस नोट डूइंग एनीथिंग टो यू बट आपने कुछ गलती की और आपकी वजह से एक्सीडेंट हुआ या मौत हुई। दूसरा डेंजर होता है ऑब्जेक्टिव बाजार्ड ऑब्जेक्टिव बाजार्ड मतलब जो एक्सटरनल फोर्सेस है जैसे मौसम खराब हो गया, एवलांच गया कभी या आइस ब्लॉक गिर गया, रॉक सॉल्व हो गया तो ये ये 2 तरीके हैं जिसकी वजह से accident होते है। on everest very sad to say this most accidents happen of subjective hasard के रैली yes डिसिशन दैट यू मेक at डिसिशन रिच के ल्यू इन माउंटेंस स्पेशल एवरेस्ट वाट डू आई मीन बाई दैट 8000 मीटर के ऊपर जिसको डेड जोन कहते हैं बिक ऑक्सिजन लेवल की इतनी कमी है कि आपका ऑर्डर धीरे धीरे शटडाउन हो रहा है। थक जाते हो नींद नहीं आती खा नहीं पाते, पी नहीं पाते, जस्ट चल रहा है शरीर जैसे तैसे, लास्ट व फ्यूल का लास्ट है, उस पर चल रहे हो। आप अभी क्या होता है। लोग अपना सपना लेके आये है, 30 लाख रुपए खर्च करके आये है। समिट के बहुत करीब होते है 1 दिन या कुछ घंटे करीब होते है जब इतने लोग करीब होते है अपने सपने से कभी कभी क्या होता है। पहाड़ों में तबियत खराब हो जाती है, इंसान थक जाता है। लेकिन है नहीं। अब समेट के इतने करीब है, लक्ष्य के इतने करीब है। अब तो कुछ भी करके समिट करना है।
ओवर मोटीवेट हो जाता है।
बस यही गलती करते बोलो उनको ये याद नहीं रहता। प इस जस्ट हाफ द जर्नी फिफ्टी परसेंट ही कम्पलीट किया है। आपने खुश हो अपनी सारी एनर्जी खत्म कर रहे हो तो गड़बड़ होती है। टी ऑफ़ माउंटिंग डेट्स हैपेन। ऑन द वे डाउन। नीचे आते हुए हाजी की वजह से सारा फ्यूल अपना खत्म कर दिया। ऊपर जाने में बहुत खुश होते हैं, फोटो खींचते हैं इंडियन फ्लैग के साथ एकदम देश वादी बन के। और जैसे लिंग उतरना शुरू करते है,
नीचे उतरते है तो ऑक्सीजन उनके पास सिलेंडर। वगैरह तो ऑक्सीजन तो कंसिस्टेंट आती होगी। तो क्या ऑक्सीजन सिलेंडर का कोई रोल है? या फिर ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है
उसे नहीं ऑक्सीजन सिलेंडर का डेफिनिटली रोल है। लेकिन फर्क यह है ऑक्सीजन पर नहीं जी रहे हो। आप चला रहा है आपकी एनर्जी, आपकी ट्रेन उसी को खत्म कर देते हो। फिर लेते रहो ऑक्सीजन क्या होगा उससे कुछ नहीं होगा। र ये जल्दी करते है। लोग अपनी हंड्रेड पर्सेंट एनर्जी खत्म कर देते हैं। फिफ्टी परसेंट, मार्क पहुँचने में, फिफ्टी परसेंट बाकी है, उसके लिए टू परसेंट परसेंट एनर्जी बचा के रखते हैं। तो इसमें सफलता री यह है की पहले तो आप छोटे छोटे पहाड़ क्लाइन करते करते इस मुकाम पर पहुच जिसमे आपको अपने शरीर के बारे में कुछ कुछ चीजें समझ में आए है। ओके मैं कितना पुश कर सकता हूँ। देखो पहाड़ो में फटती सबकी है, लेकिन 1 फटती है तो पुश करना 1 है की जब तुम्हारा पूरा फ्यूल खत्म हो गया, जब कोई चांस नहीं है, फिर भी तुम पुश कर रहे हो तो वो गड़बड़ होती है। तो ये समझने में लोगों को टाइम लगता है। और आजकल एवरेस्ट से पीक मैक्सिमम लोग ऐसे हैं जिनको लिमिटेड एक्सपीरियंस है। अपने बॉडी के लिमिट के बारे में बहुत कम चीजें पता हैं, अपने वाइन के बारे में बहुत कम चीजें पता हैं। और सीधा एवरेस्ट पहुंच गए वो लोग तो ये थोड़ी सी दिक्कत होती है वहाँ पर मैक्सिमम डेट्स जो एवरेज पे हो रही है, सारी अवॉर्ड बल डेट्स हैं। जैसे 2022, 2023 के स्प्रे सेवेंटीन 3 लोग मर गए वहाँ पर 1 सीजन में सपनों का यही था कि दे पोस्ट मोर दैन दे शुड हैव। कहाँ पे टन आराम करना था, उसकी समझ नहीं थी, 10 गोल आ गया इतना पास में तो कुछ भी करना है, लेकिन माउंटनयरकीतरह सोचो अदर तो आपका गोल है, बे स्कैम पहुंचना मेरे लिए सेलिब्रेशन का टाइम है। जब मैं बेस्कैमवापस पहुँचू समिट पर कभी भी पहुंचा मेराद अपने आप को। मैंने कहा है पार्टी अभी सेलिब्रेट मत कर खुश होने का तेरे पास कोई वजह नहीं है। तो भी सबसे इंटरेस्ट जगहपर है। टी परसेंट गलतियां तो कर सकता है। नीचे जाते हुए। तो अमिट पहुँचने में जो लोग एनर्जी लगते मैं उससे। भी ज्यादा एनर्जी लगता हूँ नीचे आने में, उससे भी ज्यादा फोकस रखता हूँ नीचे आने में, लाइफ में ऐसा ही है राइट आपने 1 बार मुकाम अचीव तो कर लिया लेकिन आप उसको कब तक संभाल पाते हो। उसको आगे, आगे, आगे, आगे कैसे ले जा पाते हो। सारी चीजें ही आती है फिर खुशी नहीं होनी है। बहुत जल्दी सेलिब्रेट नहीं करना है, बहुत जल्दी गड़बड़ होती है। रॉंग टाइम सेलिब्रेशन। ऐसी
समझ गया, समझ गया। मेरे को 1 चीज बहुत ही इंट्रस्टिंग यहाँ पर लगी बहुत ही आप। कैम थ्री कैम फोर पर हो आपको वेदर अपडेट मिलने वाली है एंग्जाइटी न यार, पता नहीं कैसा वेदर होगा जस्ट पहुँचने वाले हैं। मतलब वहाँ पर माइंड सेट कैसा रहता है, कैम थ्री कैम फोर के पास माइंड सेट कैसा रहता है। य सामने मतलब पूरा मैंने चर लिया। इतने दिनों की मेहनत है डेढ़ महीने 1 महीने जो भी है उसके बाद मेरे को 23 दिन का मिल गया है। वो एंजाइटी मिलने वाला है। पता नहीं क्या होने वाला है। अगले दिन मिलेगा कब रहेगा। वो पूरा एंजाइटी माइंड कैसे काम करते
हैं उस चीज पर। मैं आपको 1 बात बताओ जब भी हम चल रहे हैं न तभी कोई चीज माइंड में नहीं आती। और मुझे ये 1 चीज है जो बहुत अच्छी लगती है कि आप जब पहाड़ चढ़ रहे हो तब आपका सारा फोकस होता है अपने क्लाइमिंग पर बिका आप जब लाइफ में कहीं भी हो तब सारी थाट्स होते है आपके वहाँ पर। लेकिन जब पहाड़ चढ़ रहे हो आपको बस ये देख रहा है कि आप क्लामिंग अच्छे से करो, अपनी हेल्थ ही ध्यान रखो और आगे जो होगा देख लेंगे। यह माइनस होता है भाई जब क्लामिंग कर रहे तब कुछ नहीं सोचते। लेकिन अगर मौसम दिख रहा है, आता है जरूर यह थॉट माइंड में कि यार नहीं हुआ मौसम की वजह से तो क्या और आप जो सोचते हो तो क्या तो क्या होगा वापस चले जाओ। क्या टेंशन वापस आगे नेक्ट र बेटर की जो पहाड़ जिससे इतना प्यार करते हो उसको वापस मिलने का चांस मिलेगा आपको नेट में पर्सनली इतना स्ट्रेस नहीं लेता हूँ। अगर सिचुएशंस खराब हो रही है न मैं थोड़ा सा उसको लाइटली लेता हूँ, चीजें हो रही हैं आपके उसको हेवी लेने। ऐसी सिचुएशन चेंज नहीं होने वाली है। तो अगर आपके ओवरथिंकिंग या स्ट्रेस से चीजें चेंज नहीं होने वाली है, क्यूँ लेना टेंशन आएगी वापस खुद का ध्यान रखना है। रिस्क लेना बस यही 1 चीज माइन में होती है। यार के घर जाना है। वापस पहाड़ के लिए नहीं मरना है। ये 1 चीज को पकड़ के चलता हूँ की पहाड़ के लिए नहीं मरना है। बहुत सारे लोग बहुत सारी चीजें करते हैं जिनके लिए वापस जानी है न। तो मेरे खुद के गोल्स के लिए, मेरे सेल्फेसरीजनसके लिए, अपने फैमिली को क्यूँ सफरिंग में डालना तो ये चीजें कभी
नहीं देती है मुझे जितने मोल्टेनियर्स होते हैं मैं सबको तो जानता मैंने सुना है। बहुत सारे लोग मेडिटेशन पर बहुत फोकस करते है तो आप मेडिटेशन आप ध्यान करते हो,
वे गुड केन वेरी नाइस टू सी, आजकल का स्पेरिच्लिटीकी तरफ, मेडिटेशन की तरफ कहीं न कहीं थोड़ा और झुक रहा है। जब मैं छोटा था, कट्टर नासिक मे मेरे मम्मी पापा मुझे मंदिर ले जाते, मैं नहीं आऊंगा। तो वो लोग जहाँ चप्पल निकाले थे, वहाँ पर मैं रुका था। आई तो वेट फॉर देम बट, मंदिर नहीं जाना, क्या जाना, जबरदस्ती क्यों करवा रहे हो, जवाब 2 क्यों जाना है, क्या मिलने वाला है, लॉजिकल माइंड लॉजिकल, माइंड बचपन ऐसा था। लेकिन जब पहर शुरू किए तब कुछ एक्सपीरियंसेज हुए जिससे मालूम पड़ा की ये लॉजिक और ये शरीर के आगे भी कुछ तो है, बहुत साइलेंट है, बहुत सटल है आप जब शांत होगे तब वो सुनाई और दिखाई देगा दिमाग है कि शांत नहीं होने देता। लेकिन बहारों में कुछ मूमेन्टस ऐसे एक्सपीरियंस हुए थे। एब्सोल्यूट स्टिलनेस ऑफ़ द माइंड, एब्सलूट स्टिलनेस ऑफ़ द बॉडी, तब जाके जो चीज है, वो मेरे अनुभव मेरे दृश्य में आई थी। तब कुछ सवाल उठे मेरे मन में ये क्या मैंने क्या महसूस किया? क्या यह मेरे दिमाग का खेल था? या फिर क्या सच में कुछ है? बड़े बड़े गुरुओं ने, रशियों ने बहुत सारी बातें की हैं महात्मा परमात्मा भगवान ये सब क्या है। सच बात बताता हूँ। जब तक मैंने एवरेस्ट क्लाइन नहीं किया था तब तक एवरेस्ट पे 1 उम्मीद बांधी थी। मैंने जिस दिन मैं एवरेस क्लाइन कर लो उस न जिंदगी धनिया हो जाएगी, उस दिन जिंदगी सार्टिसफाइड हो जाएगी, उसके बाद भाग दौड़ नहीं रहेगी, मस्त हो जाऊंगा। अब मैंने एवरेस क्लाइन कर लिया, आfricाmvेs्आई हैव नेवर बीन मोर लॉस्ट दैन बिफोर क्यूँकी मैंने एवरेस क्लाइन कर लिया। और वो जो उम्मीद बंधी थी, मैं तो वैसे के एक्पीरियंस था, अच्छी बातें सीखी, लेकिन मेरे अंदर जो वो चेंज होप कर रहा था, वो तो हुआ नहीं, तब जाके 1 रियलाइजेशन हिट हुआ क्यूँकि अब 2 रास्ते हैं, या तो मैं 1 दूसरा बोल बनाऊं, फिर उस बोल, ऐसे बंधू वो बोल अचीव करूँ और फिर से कुछ नहीं होगा, सेम चक्र भी चलता रहेगा। माया का जाल कहते है वो यही है समझो बच्चों समझो दूसरा रास्ता था। इस टाइम पर ये सवाल पूछा ये क्या है 1 इंसान ऐक्चवली क्या ढूंढ रहा है जो एवरेज ढूंढा था। तो कहते है जो मैं ढूंढ रहा हूँ वो तो पहाडो पे भी नहीं मिला, दुनिया के सबसे ऊँची चोटी में भी नहीं मिला। तो क्या 2 इंसान है। और इसी टाइम पर जब यह सवाल चल रहा था, और जब मैं एकदम खोया हुआ था, क्या करो, क्या काम करो, पैसा कमाओ जो ठहरा वो कहाँ मिलेगा मेरे गुरु मेरे सामने आये, ऐसे नहीं सुना। और कहीं न कहीं मुझे लगा की जो भी सवाल है, जो इतना मुझे रात को जगाए रख रहा है, यह बन्दा ऐसा कुछ बोल रहा है और ऐसा रास्ता दिखा रहा है जिससे ये सारे सवाल का जवाब नहीं मिलेगा। वो कहते तुम्हारे सवाल ही गायब हो जायेंगे, तुम ही गायब हो जाओगे, तुम ही मिट जाओगे। फिर मैं मैंने क्रिया योग में दीक्षा ली। हमारे कल्चर में कहा जाता है कि भगवान से भी मिलना, भगवान से भी मिलने से बेहतर। अगर कोई चीज है तो 1 गुरु से दीक्षा लेना है, 1 गुरु जवाब रिक्शा, मतलब क्या इनिशिएशन मतलब क्या गुरु हाज गिवन हिस हैंड, एंड ही हज हेल्ड हैंड ही लाइक, ना दी लास्ट, पाथ ऑफ योर लाइफ। i will show in the way, i have you know, you have given me or hat im holding your hand, just walk with me be focused, do your practices and i will take you to your ultimate destination and मैं नहीं कहता हूँ कि मैं उस अल्टिमेट डेस्टिनेशन पर पहुंचा हूँ, लेकिन मेरे गुरु मेरे हाथ में है, वो महसूस कर पाता हूँ। तो जो मैं प्रैक्टिसिज करता हूँ वो क्रिया योग है इसकी वजह से चेंजिस तो बहुत आयेंगे ही, फिजिकली आप थोड़े स्टेबल हो जाते हो मेंटली अटेंशन पर जाता है आपका इमोशनली आप थोड़े स्टेबल हो जाते हो एनरजटीकलीचार्जड हो जाते हो, ये तो बहुत ही छोटी चीजें है, जो होगी लोगों की नहीं पीपल 2 वेरि टो गेट मेंटली स्टेबल दे डोंट अंडरस्टैंड दा इस अल्टीमेट पॉसिबिलिटी दैट, इस जस्ट पंसिक्रेंसजो होगा तुम फिजिकली मेंटली इमोशनली आप स्टेबल हो जाओगे से दुनिया में आप अच्छे से जी पाओगे, लेकिन उसके आगे भी इंसान कुछ ढूंढ रहा है, वो भी होगा उससे तो जब से मेरे खुद मेरी लाइफ में आये है, मैं इसका थैंक्स पहाड़ों को देता हूँ माउंटर रियलाइज the लिमिटेशन of the material world, it is very portant, money is very important, goles are very important all, that is very important, very important to live comfortable life, have responsibility of people around you, but after shouting that out if you keep achiving and chasing the material goals, you will always live and on fulfill life, after you a si comfort in लाइफ। you have तो बाहर की चीजें शॉट कर लो, फिर अंदर देखो वहाँ पर अस्ती चीजें हैं। and that when mountinswereaलiजe the lिitations the ectoनl कलाइmसandten
amazing amai⁇mjustinjoing the content, because i love doing meditation muje such a pasnd cant do simple i do simple meditation mind से meditation denti yeah so
i do
it couse com all the day, so it helps lot अभी wale level to ne हूँ, but i m trying my best
are no levels, there is no competition when it comes to the innawordemiditive realised, here is something beonbodydमाइं the mint realized that that is binding step with
you know what happen en you realise like। ऐसा कौन आपको लगा कि यार कुछ है अलग अलग powr है
no no different power or something that no exclusive realizations as i said that most people in this world they think that after the achieve the goals or after they get marit after they have kits, then they will be fulfil so the realization for me was when i claimdebresas i said after i claim debris have gora okay i learned many things। it was a very beautiful experience, but that ultimate certistraction has not come from this and now, whatever i do the same thing will happen i will achieve it? i will earn a billion dollars। i can buy a bugatti? i can do whatever i want? but sitting on the top of the world did not make me feel thatsateconso citing in bogatisuronalso will not make me feel that have direction to what i looking is not on the external and perisic you have to see this question dont listen to what i m in just ask your self, this question stay with this question fit anser in your own reality? maybe you will find peres, but this question has to com? and dont take easy anses from book fursteforstop reding books of self, heltandspiritulit i think these books have made people more lost than anything else books he you will you if you have some be re boon, know these things by one experience read only about external world। dont read award internal word, internal world has to be explored by or tension by or observation? and that is the moment after everest when i realized that i am running in the rong direction?
ई थिंक ये आपको कोई टाइम देगा अच्छे से और प्रॉपरली मेडिटेट कर रहा है सो inr ansar will come? if you as the right question इन आंसर s्tar्ट कomingseeyou said?
onethingthet you meditatnseswill come no no ancerswilcominnor meditation by it is not important to sit for fifteen minutes with your is close and do meditation? and for the rest of the twenty three hours and forty five minutes। you are living unconseslyobecomes meditative tension to people aराउnडyou tension to situations around you wenevrigosomewer you know i look at everybody and now after looking at every body, people think that i staring at them i m looking at patens? how the walk the behave and the way the walk। इस कमिंग वो कहीं से आ रहा है कुछ लाइफ में हुआ है उनके एक्सपीरेंस बिल्ड करके उनकी वो चाल आई है बिकम मेडिटेटिव द मिस्ट्री म लाइफ विल अनविल इटसेल्फ ध्यान 2 धान टिकटॉक ब्रेन वाले धान 2 सब लोग ध्यान करना नहीं है ध्यान देना है
परफेक्ट अभी हमलोग माउंटेबरेस के बारे में बात कर हे थे बहुत देश के बारे में बात करे है ना? मुझे लगता है जैसे मैंने सुना है कि माउंटेबरेसीहैएक पहाड़ है अच्छा सबसे बड़ा है इस अचीवमेंट बट उससे भी डेंजरस माउनटेन्स है तो कौन सी डेंस सबसे डेंजरस माउंटेन कौन सा है
दुनिया का सबसे डेंजरस पहाड़ है ये दुनिया का दसवां सबसे ऊँचा पहाड़ है। हम वहा पर गए थे 2021 में अपने ट्रैक किया ट्रक हमने वहा पे क्पेडीशनकिया जस्ट कुछ घंटे पहले को करना पड़ा वहाँ पर थर्टी फोर परसेंट डेथ रेट है रेल 3 में से 1 आदमी मरा है वहाँ पर ये हिस्ट्री रही है उस पहाड़ की सो लोट ऑफ़ एवलांच दैट कम देर सो ये पहाड़ पहाड़ है के तू जहाँ पर ट्वेंटी 8 पर्सेंट रेट है सो उसी के अराउंड पड़ता है पीओके में पाकिस्तान में दूसरा पहाड़ है जो ऐसे और है कुछ कुछ तो शोक में तो हम कभी जा नहीं पाएंगे, हम इंडियन हैं और इंडियन का ये सपना है की हम के टू जाए लेकिन पॉलिटिकल रीजन वजह कभी जा नहीं पाएगा। लेकिन जब मैं 11 2021 में काफी इंट्रस्टिंग एक्सपीरियंस था काफी लाइफ चेंजिंग एक्सपीरियंस था वो तो का सबसे
लाइक चेंजिंग होगे वहा पर भी होगा 20 कैप और जो भी कैम्प वगैरह होता है सो वहाँ पे आपको क्या एक्सपीरियंस रहा कम्पेर तो माउंटेवरेस्ट क्या डिफ्रेंट माउंटेब्रेसपे लोग
थोडा ज्यादा है रूट थोडा सॉर्टेड है, सिस्टम थोडा सॉर्टेड वहाँ पे स्लैमिंग का तरीका जो है अनपोना ऑन पे सपोर्ट सिस्टम कम है आप ऐसे क्लाइनर अगर खुद को सपोर्ट नहीं कर सकते, खुद का काम खुद नहीं कर सकते तो आप लाइन करना बहुत मुश्किल है सेकंडली वहाँ पर जो एवलांच रिस्क है कोई ऐसा रास्ता नहीं है जो सेफ एवलांच मैं खुद 6 एवोलांचिस से बच के बाहर निकाला मतलब एवलांच आया और उसके पंद्रह 20 मिनट आगे पीछे थामे अगर और 20 मिनट का मार्जिन से मैं चूक जाता तो आई वुड नोट भी सिटिंग दिस सिक्स टाइम्स 6 बार ऐसा हुआ वहाँ पर 6 अलग अलग एवलांच में हम लोग थोड़ा ही आगे पीछे। 1 लाश में तो हम फँस गए थे, बीच में थे लेकिन वो एवलांच थोड़ा छोटा था तो अपने आप को ब्रेस करके कवर करके हम वहाँ से बच निकले पर जो सबसे इंट्रस्टिंग चीज थी मेरा बदे पंद्रह अप्रैल को उस दिन हम समेट पुश में जा रहे
थे,
चीजें ठीक नहीं थी तबियत खराब थी और कंडीशन ठीक नहीं थे कुछ बहुत सारी चीजें गलत हुई कम दिन आई हैड तो टन अराउंड तो मेरे बदले के दिन मैं होप कर रहा था की मैं बहुत और समझने वाली बात यह है न कि 2019 के बाद 2 साल मैंने तैयारी की इस पहाड़ के लिए 2 साल पैसे इकट्ठा के लिए कुछ घंटे दूर और अपने बद्दे पे करके वापस डिफीटेड फील्ड अटेम्ट जिसको कहते हैं तो वो काफी हार्ड था लेकिन जैसे मैंने कहा टर्न अराउंड अगर सही से करना आता आपको सही टाइम पर तो हम जिंदा रह जाओगे
सही है आपने डिसीजन सही किया अगर खराब है वहाँ पर तो वहाँ पर तो बहुत थी
करेक्ट करेक्ट तो आपके
दोस्त वगैरह जाते हैं या फिर आपके ग्रुपस रहते हैं लोगों के
टीम जैसे कार्टवांडोमेंहम जाते हैं वहाँ पे कुछ कुछ कंपनीज हैं जो ये एक्शन ऑर्गनाइज करते हैं तो हम जाते हैं सतोरी एडवेंचर्स करके। 1 कंपनी ने काटमांडोमें मेरे सर से पेश किए है तो अलग अलग लोग साइन अप करते हैं एक्सपेडीशन के लिए पूरे साल में 8 10 लोगों ने साइन अप किया और ग्रुप बन जाता है। लेकिन ग्रुप वो मेंबर से भी ज्यादा इम्पोर्टेंट है की आपका शेर कौन है।
1 बार आप शेरपा समझा 2 कि
क्या होता है बिलकुल सबने नाम कहीं न कहीं यहाँ वहाँ सुना होगा लेकिन शेरपा 1 कम्युनिटी है जो टिवेट ऐसी आती है लेकिन अभी रहते हैं नेपाल में है ये पहाड़ी को है जो पहाड़ो में हाई ऑंस्टिट्यूटकेपले बड़े हैं और आर नेचुरल क्लाइमबर्स तो क्लाइमिंग इस लिटरली इन द ब्लड जेनेटिकली वॉल्ड होते हैं वो लोग पहाड़ को और बेहतर तरीके से चलने के लिए क्यूंकि वही पले बड़े वो लोग तो ये लोग होते हैं जो हमारा एक्सपेडीशन को सपोर्ट करते हैं। हमारा सारा, वहाँ पर जो भी मेहनत वाला काम होता है खाना बनाना, बोझा उठाना रूट, फिक्स करना, हमारा ध्यान रखना, ये सारा कुछ शरपा करते है एंड मैं हमेशा कहता हूँ की नाइनटी नाइन परसेंट लोग इनक्ूटिंगमीश अगर शरपा कम्युनिटी का सपोर्ट न हो तो हम लोग क्लाइन नहीं कर पाते। कॉन्ट्रिब्यूशन बहुत ज्यादा है, बहुत अच्छे लोग यार बहुत सही लोग हैं। एकदम ऐसी जोफुलएकदमफ्रेंडली एकदम फ्रेंडली और अपने आप को फेक देते है लाइफ, तो वेरी ब्यूटिफुल पीपल स माई, बेस्ट फ्रेंड।
अरे वाह क्या बात है तो आप मालडएवरेसजजातेया पूरा बन जाओगे। तो शेरपा 1 सबके साथ रहता है, 1 लाइन, 1 सर ओके एंड वो आपकी हेल्प करते है, जब भी जरूरत
होती है तो हाँ जी वो आपके लिए रूट खोलते हैं। जो सेफ रूट होता है वहाँ पे रोक लगा के खोलते है, आपके लिए टेंट पिच करते हैं, खाना बनाते हैं सारा मेहनत वाला जो एक्चवलमेमहमतो बस चढ़के का हाल पहुंचे, लेकिन मेक पॉइंट में मेरा सामान खुद उठाओ, कैम माश के साथ इक्वली काम करके खाना बनाओ, पानी पानी पिलाओ लगाओ। मैं तो ये ट्राई करता हूँ की माउंटेन इफ यू आर नोट सेल्फसफिसेंट। after six our claim, if you cannot picture on ten an it thousand meters, if you dont have that s डोंट clाmityहvpरीपयr हार्ड यू कैन बी डिपेंडेंट on your sherpa राइट पूरी तरह से समझो आपके शरपा को अगर कुछ हो गया तबियत खराब हो गई, एक्सीडेंट हो गया तो क्या आप में वो क्षमता है? शेर रेस्ट नाइटी फइर्सेरडोंटदeयर प्रिपैयर, टू डू, दैट अंडस्टेंडतैयार ही नहीं है वो अगर
हाई ट्रड्यू पे कुछ भी हो जाता है किसी को तो मतलब क्या चांसेज होते लेट्स अगर एंकलडुविस्टहोगया थोड़ा कुछ भी हो गया सो दे विल हेल्प वो
हेल्प करते है छोटे मोटे अगर कुछ इंजरी हो जाए बैंक वगैरह तो थोड़ा बहुत सपोर्ट वहाँ से नीचे आ सकते हो। अगर अपने आप को बिन एगेस्ट पुश कर लिया आपने अपने आप को ऐसे सिचुएशन में लेके, आए, अपने पैरों पर खड़े नहीं हो सकते तो आपको को हेल्प नहीं करेगा। क्यूँ क्यूंकी थाउजंड मीटर मतलब बे जोन
के ऑपर
इतने कम है की मैं आपको 1 एक्जाम्पल देता हूँ, अपना वोट निकालने में हो जाती है, आपकी सांस फूल जाती है बैठे बैठे अगर आप हो लाइक दिस, इतनी तकान लाइक दिस सो ऐसे ऑल्टिट्यूड में अगर आप थक जाओ या अगर आप चल न पाओ तो आपको और कोई जो और कोई जो है वो भी इतना थका हुआ है। त तो हम कहते हैं कि अगर आप अपने पैरों पर चल नहीं सकते तो आपको नीचे, कोई लेकर आया तो एठथाउजनमीटरके ऊपर, इसके लिए इतनी डेट्स होती है, इसके लिए उसको डेट जोन कहते हैं। लेकिन अगर थोड़ा निचे वो आप फाइफसिकथाउजनमीटर पे। इवेंट सेवन थाउजंड मीटर तो नेपाल में हेली से या कुछ न कुछ कुछ न कुछ करके आपको रेस्क्यू करना पॉसिबल है, लेकिन
पूरा चांस है की इंसान
बच जाएगा, रेस्क्यू हो जाए, कम चांस है। अगर मौसम साथ दे आपका तो रेस्क्यू हो सकता है। उसके बाद 8000 मीटर के ऊपर थोड़ा
मुश्किल है, मैं 1 यू ट्यूब वीडियो देखा था, आपने उसको भी ट्राई किया था ट्रैक करने का के बारे में थोड़ा बताइए मेरे को की वो नाम कैसे पढा और आपने ट्राई आपने विंटर में ट्राई करने की कोशिश का
वास फर्स्ट सेवन थाउजंड मीटर, विंटर एक्सपेडीशन ऑफ़ इंडिया, उसके पहले और उसके बाद भी सेवन थाउजन्ड मीटर। in india has not been attemted, yet we recommended the government to not get even so the story of trisul me to of my friends ally from ladak and the other friend from rida and we three of we attempted to claim this mount inter and the idea was i was गोइंग। तो unrpोnaonइनमार्च, कुछ महीने बाद मेरे लिए training aban geni expedition था, तो कोई शेरपा नहीं था, कोई पोर्टर नहीं था, कोई गाइड नहीं था, कोई सेटेलाइट फोन नहीं था। जस्ट थ्री मैन विथ द थ्रेड ऑफ ब्रदर होर्ड आ यूज बैक पैक ऑफ़ forty वी डिसाइडेड तो ड्राई this मonटtीfर्सऑल क्वालिफाइड mounteneersandinot we evin what do i? and the gol was not to some it? the gole was to put of sels hard situations। because we realize as mountineers that as you en being a human being will only in turn throug। not थ्रू सिटिंग इन कर्टन वाला रूप पंखा चल रहा है, ऐसी चल रहा है कंफरटेबल बैठे हो न जब, तब जाके इस that the reasons why we claim mounts it is suffering and to suffering something which so। सो वी बी वेन देर फर्स्ट विलेज वे वहाँ पे गाँव वाले बोलते अरे हम खुद विंटर में पहला कैंप जो है आपका कैमकवननहीकपबेसकैप पहुँचने को 4 दिन लगते हैं, उसके पहले ये जो कैंप है वहाँ तक भी गए विंटर में कभी नहीं गए, तो हम लोग त्रिशूल पर्वत जो इतना मुश्किल पहाड़ है, 7000 मीटर है त्रिशुल नाम इसके लिए है, क्यूँकी त्रिशुल टू की तरह दिखते हैं? sold matlab bart so that s why its name, the trishul was very beautiful experience the first night, where we reached the give, where we on a count। we met a very interesting yogi who and when i batein the night to me at two to thirty had very interesting convesision at very interesting experiences with in rich। if i share now, it will make me sound like very like im ling almost like i⁇mlinyouned to her the people in a big fitlyr। no no no no people genting what the war i don⁇t give a site, i woke up back to do thetente night and i was sitting with this core i came ordan i saw him sitting with his back strat no short, just loan cloth was being। and it was close to minus trante mines twenty five degrees i have got is so intense get so come and i said with man something s append, whwlwhwichwere very life changing and he told me he as been around for to fifty years is waiting for his student to be reincarnated into a wome, which will be eighty years, from now that is is gurus when to take care of this being, because on this being comes into this world। गो सो बहुत ही इंट्रस्टिंग बातें कही थी, हम कहते हैं न मालेआजमेयोभीिशीज बसते हैं, पहली बार जिंदगी में यह अनुभव हुआ था मुझे वहाँ पर मेरे दोस्तों को भी नहीं पता, वो लोग तो सो रहे थे
उन्होंने ढाई सौ साल
से हो जता हा, तो उन्होंने मुझे बताया सुनकर बहुत by ऑल metrics of science in it is impossible that you being can live for, तो fifty years, but we have heard so many stories in नो नो, vedas and mahabhart and amir said there s the logs ivigइnदीमाटेड। उन्होंने स्काई मुझे न की ये जो शरीर आप देख रहे हो, ये अन्य शरीर नहीं है, मतलब ये हमारा मांस हड्डी का शरीर नहीं है। it its a cattle body and he has json to show himself to me for some reason, and that that forty five minutes with him that night were very life changing and now, these are things, which a logical mind will never accept that he then it living its better to say they has to, because anlesen and till es things come in people believe नहीं करे good to not believe it s got to liv। यू नो
जो आपने पहली बार बताया तो आवाज गेटिंग घुस गम किया याद आते है, और ये मैं आपको बता सकता हूँ बहुत सारी इंडियन आर्मी के वीडियोज वायरल हुई कई साधु है वहाँ पे और वो कपड़े हो, इस पॉसिबल तो लाइक सरवाइव बट वो कर रहे है अगर और कई और अमेरिका में documentry bn
and for so many centuries, the westin world has said that all this is a live so to prekedandits all you now works to full people, but now most people in all the indian ashrams from, because somehow gain after achieving all the material comfort of this life, the realized that the real thing is alive in this part of the world। सो अपने सब छोड़ के वो यहाँ पर आते है क्योंकी यहाँ पे कुछ तो है जो जिंदा है जो वहाँ पर उनको नहीं मिला, लेकिन यहाँ पर है मैं ये दावे के साथ कहता हूँ की है अनुभव के साथ ऐसे
मैंने का विडियो देखा ने बताया था की 1 स्पाइडर ने आपको वाइट कर लिया था, उसके बाद वो आप ट्रैक पर नहीं जा पाया, द मां कुछ हुआ वहाँ पर, मैं उसके बारे में मैं जानना चाहता हूँ की क्या हुआ
था भी वही है न जब गुरु का हाथ आपके सर पर है, जब आपकी देवी का हाथ आपके सर पर है, तो आपको कैसे कुछ होगा? मैं गया था बना शुरू हार्ट माउंट इन वर्ल्ड ये है देपाल it is on as the eziarehथथोड़ा आसान इसको, लेकिन 2022 के ऑटम में जो वेदर कंडीशंस थे, वहा हार्डेस्ट थाउजंड मौसम की वजह से, कंडीशन की वजह से बहार हार्ड है ये चेंज तो उस वक्त उस सीजन अपना रौद्र रूप दिखाया रफॉलबेस्कैमपे चल रहा है, चल रहा है, मौसम खुला होने का नाम नहीं ले रहा है, कहीं न कहीं अगर मैं सच बात बताओ जिस दिन में पहुँचा उस दिन मुझे फीलिंग आया की नहीं यार ये पहाड़ हमें इस साल वहाँ तक चाहता नहीं है। the mountinsarenot welcoming us बीफोर, s ben, clavin thousand rent mounts the mounts welcoming s i say that the like no not this time still from the i n, a good bad was behaving in her, was my feeling, this mab misi its again, my imagination, but then the next twenty days। the wether was not very good that condition to not very right। i was stepping in the best cam when after that i saw a spider on my end karu i was like what will the spider? सो जाते हैं। कौन मारेगा, क्यूँ किसी जीव की हत्या करना पायल पैरों, पे, शिन बोंड पे चलो क्या हो जाएगा। ये हुआ है, ये था 4800 मीटर पे मत हाँ वहाँ पर कोई स्पाइडर जीता नहीं है, पता नहीं वो स्पाइडर कहाँ से आया, क्या स्पाइडर ने मुझे काटा और वो जो वो था जहाँ मारे थे वो थोड़ा इफेक्ट वो इन्फेक्शन इतना पेनफुल हो गया आ मैं शो दिल की क्या रीजन है स सब ट्राई किया मुझे ठीक नही हो रहा था, तो मैं बोला चलो मेरी टीम तो कल निकल रही है, क्या करूंगा मैं जाऊंगा घर पूरी रात सोया न आंसू रोके तैयार करते हो के लिए एड स्पाइडर की बाइट की वजह से आप नीचे रहे हो क्या नीचरहीहैनेक्डे बेस्काम पर खड़ा हूँ देख रहा हूँ, मेरी टीम जा रही है ऊपर समिट पुश के लिए इतना दिल दुखा मेरा मैंने हेलीकॉप्टर लिया और सीधा काठमंडू आ गया नेक्स्ट डे कैसे मैं मैं क्या था वो बोलता है ना क्या हुआ हुआ था। 1 सेकंड के लिए दिल रुक सा जाता है। उसने बोला अवला बहुत बड़ा और हमारी सारी टीम हुई है, पता नहीं सर्वाइवर्स है की नहीं क्या हुआ, क्या हो गया ये। फिर मैंने कुछ लगा और पता किया कि हमारी पूरी टीम हिट हुई है, देयर कैन दी मैनी कैजवलिटीजमैंने रिशी ने बोला आप मुझे हेली में बिठाओ और बीच में छोड़ 2 कलिमिटाइजजोमे हेल्प कर सकता हूँ जो बोला मौसम खराब है कोई हेलिंग नहीं जा रही है, जितने लोग 1 दूसरे को हेल्प कर रहे हैं। आप यहाँ पर काठमांडू में बैठो जब कैजुअलिटीज यहाँ पर आएगी आप उनको संभालो उनको थोड़ा सा हेल्प करो बी देयर फॉर द, बी दे आर सपोर्ट व कम बैक टू काठमांडू खबर का वेट कर रहे थे। 1 घंटे 2 घंटे में कुछ क्लैरिटी आई और मालूम पड़ा कि हमारे टीम के पास की मोत अनफॉर्चुनेट ली हो गई है, वहाँ मेरे जो पर्सनल थे पर वापस आ जाना चाहिए था की तुम्हारा क्लाइंट नहीं रहा है तो आप को जवाब नहीं, उन्होंने कहा की नहीं आई विल बी इन एक्स्ट्रा सपोर्ट फॉर माई ब्रदर्स ecr wals जब की बॉडी, तब मैं उस हेलीपैड पर उस बेसकैंप
पर था,
सारी 1 मोमेंट था जब मार्ग में उनकी बॉडी थी और मैं सामने खड़ा था, हाथ जोड़े बस उनको देख रहा था 5 मिनट 7 मिनट 10 मिनट देख रहा हूँ आँसू आ रहे है और मैं सोच रहा हूँ की यार बनासो रूपए आये थे मेरे लिए, मैं तो बच गया लेकिन आप मर गए। आपके बच्चे हैं आपकी वाइफ है जो बाहर रो रही है जो बोल रही है आपको उठो जब उनका बॉडी नीचे लाया गया तो बोल रही है उठो उठो हाउ डू js्tifाythiस मतलब तो आपको लगता है की बहार चढ़ना 1 साइड इतना खूबसूरत है, लेकिन डार्क साइड है उसका जो बहुत भयानक है बहुत दुखद है। तो उस वक्त के बाद, इस एक्सीडेंट के बाद थोड़ा सा मैं कैयरफुल हो गया और बहुत ज्यादा मतलब सोचता हूँ कौन सी क्वेसिस के बारे में जब मैं यम था सोचता नहीं था मर गया तो मर गया लेकिन नहीं अब मुझे बता जब मेरे माँ बाप अगर मैं उनके पहले मर गया मेरे मरे हुए शरीर को देखकर उनका क्या होगा? desi justify my dreams, no not in my is no, i will never ever ever put my goals about my safety not for meaning, but for the people, who i have i got engaged rिcentलy with a very beautiful lady from a friend, was sitting right। here a game, i going the wontons and wenevrthtisup decision to be made in other my father, my brother and rasyonsithow fill the faces in part of my dad body, and that something every martinere, who is our might listning to me should keeping the mind, always you want your parents or your husband, or your wife to live with that memory of seeing your den body for the rest of your life s।
ये थोड़ा
पीपल 2 s los with the den गोल्स दे डोंट थिंक पीoलयारकईलोगको
लगता है की यार ठीक है, एवरेस्ट है या पहले से आसान हो गया तो लोग को लगता है कि ये तो बहुत आसान है पहले, लेकिन वो वैसा ही है, वो कुछ चेंज नहीं
हुआ है, वो लिटरली वैसा व उतना है, डेंजर फेक्टर्स भी उतने है
थोड़ा बहुत सपोर्ट हो जाने से वो फैक्टर्स हट नहीं जाते है सही बात है मैं 1 बोझ चाऊगामोल्टकेनाज के बारे में अपने सभी mt wa pa, gya morncenascbeg,
and that one of my biggest teams to visit since my child, a lot of stories and more than stories okay। because of this stories, you build a fasination my grup talk about mcalshet⁇sthat mon, kalash is one of the most spirtual charged place in the world है कुछ reson है वहाँ पर, तो बस वो अनुभव करने जाना है, बहुत सारी कहानियाँ सुनी है बहुत सारे लोगों ने बहुत सारी चीजें कहीं है, लेकिन मैं दया नहीं हुआ, लेकिन जाना मेरा मेरा एवरेस्ट है वहाँ पर जाना के दर्शन लेना और वहाँ पर जो है उस चीज को अनुभव करना मेरे गुरु के।
साथ मैंने सुना है। वहाँ पर जो जाता है, उसकी एजिंग थोड़ा तेज होने लगता है, कुछ वहाँ पे टाइम का अलग है, कुछ तो अलग है।
वहाँ पर बहुत सारी चीजें सुनी है की जैसे जैसे आप हर के पास जाते हो। the close, you get to as the a और 2 तो लाइम हैव नेवर कम बैक ओनली न पर्सन is non to have climemilarepa from tibet, so he has in summit, yes, he is budist master, not a sand or on the wait to becoming a master, he is a bus milaa and people last im। व रियू सी ऑफ लाइक 2 सो जितनी बात करे, क्लिक के लिए तो बढ़िया है, लेकिन अनुभव करो जब तक, तब तक कैलाश क्या है आपको पता नहीं चलेगा। मैं खुद नहीं गया हूँ और कब से हम ट्राई कर रहे हैं, लेकिन टिबेट खोल नहीं रहा, न रहा क्या
करे यार इंडिया से भी तो रास्ता बन रहा है, बन गया गलत, बात भी नहीं बना, झूठ है वो, झूठ
बोलता है वो मिनिस्टर वहाँ पर रास्ता पहुँच नहीं सकता। डिबेट में है वो 1 दूर पहाड़ी पर रास्ता बनेगा, जहाँ से दूर ऐसे आप कैलाश का दर्शन कर पाओगे। झूठ बोल रहा है, वो मुझे कर रहे हो, वो, रास्ता भी बन रहा है। उत्तराखंड से कहीं ऐसी बन रहा है दूर पहाड़ी से अगर मौसम ठीक हो
तो दर्शन मिलेगा, दर्शन तो अभी फ्लाइट में भी हो जाता है, लोग फ्लाइट तो फिर फायदा जो टीबेट जाके।
correct dont believe the ministers his ling। यू कैन ओनली रिच कैलाश चाइना the iशnफॉrनownforचnेtly best। अदरवाइज फ्लाइट दर्शन मिल जाएगे, there is a place in nepal from where forty fifty? फ्रॉम कैलाश आपको दर्शन मिल रहे है, आज भी है जगह, लेकिन दूर से दर्शन लेना, ये 1 बहुत बड़ी बात है, लेकिन पास से जाके मानसरोवर किनारे पर बैठे आप जमात बन करके बैठोगे तो 1 अलग ही चीज होगी।
वहाँ पर एटिट्यूड कितना है? 16 हजार फीट सो इस स्क्वाट posible आराम से यहाँ पे, कटाइजआपहोसकते वहाँ तक
तो गाडी जाती है। तो बस थोड़ा अपने हेल्थ का ध्यान रखो, 3 महीने पहले तैयारी करना शुरू करो। एंड के गाडी जाती है बस शरीर
को फिट नॉर्मल लोग है, जो नार्मल लोग है, जो विडियो देख रहे हैं अगर उनको थोड़ा थोड़ा बहुत मॉउंटरिंस्टार्ट करना है। टू स्टार्ट राइट तो बिगनर कौनसे माउंटेन है। जो थोड़ा ट्रैक कर सकते हैं, जो 23 दिन या उससे कम स्टार्ट कर सकते हैं। एंड क्या फिटनेस लेवल मेंटेन करना चाहिए
उसके लिए बहुत सारे छोटे छोटे ट्रैक्स जैसे महाराष्ट्र में 1 दिन के 2 दिन, 3 दिन के बहुत अच्छे, अच्छे ट्रैक्स आदि। पहाड़ों में। अगर आपको हिमालय में तो ब्यास कुंड हो गया, तोड़ी ताद हो गया, केदार कंठ हो गया? यह बहुत सारे ऐसे 1234 दिन के ऑप्शन्स हैं। लेकिन अगर आपको ये कुछ कुछ ट्रेक करने के बाद अगर आपको लगा कि नहीं मुझे माउंटेनरिंग थोड़ा और सीरियसली करना है तो हमारे देश में सरकार की तरफ से सब्सिडाइज कोर्स है बेसिक एंड एडवांस माउटनयरिंगकोर्सेस जो 28 दिन का है, बेसिक 28 स्टेन है लात 28 स्टेन। तो ये कोशिश जब आप करोगे तब आपको एक्च्वलमेंपहाड़ चढ़ना सिखाएंगे वो लोग ्रॉपकलैबिंगआइसस्लैंबिंग आइस क्राफ्ट रोप स्किल्स, नैविगेशन स्किल बेदररििप्रीडिंग स्किल्स रेसक्यू स्किल्स। ये सारी चीजें वहाँ पर सिखाएंगे। तो अगर आपने थोड़े बहुत या टैक्स की तो तो बहुत गल करो। आपको हजारो ऑप्शन्स मिल जाएंगे। इसके बाद का स्टेप होगा बेसिक कोर्स बेसिक कोर्स करोगे तो आगे का रास्ता आपको अपने आप समझ में आ जायेगा। फिर क्या करना है ठीक है अपने गाइड बट इसमें 1 चीज अगर किसी को पार चलना है लोंग टम तो शॉर्ट स्पेंड दैट टाइम पीरियंस करो फिटनेस गेन करो and शॉटकट there is नो
शॉटकट the top एग्जैक्टली 1 चीज और मैं बोलना चाहूंगा ये माउंटएवरेस्ट बेस कैंप है वहाँ पर लोग ट्रैक कर रहे हैं, बहुत ज्यादा लोग जाते हैं हर साल 35 हजार से 40 हजार लोग जाते हैं तो बेस कैंप तक सेफ होता है या फिर वहाँ भी अखयोरिटाइज करके धीरे धीरे जा जाता है। वो वो नॉर्मल लोग कर सकते है या फिर थोडा सा अगर किसी भी फिटनेस है तो वो कर सकता है
abसoलूटलywिtगुड फिटनेस and some previs exपीरियeंस of hi ltitudtrेxyू can do ebrेsbsapiam लीडिंग texto ebrisbcatomy company fenix xperieंseveyer लीड टू थ्री बैचेजऑफ़ you know this march in led a group which had trelveeroldand a sixty, five so bar, old sl and i tran people, i कोच m india first mountenfitness coch so i know exactly what takes to train people people, सो everiswiसकम is a joining, there with good fitness and some experience and the right and the right leader in your group, you can very important। you can do that track and wanted to everybody। because it s a track which is compute life changing, you get to see moundevrest with your is and that s an experience when i read miclinctoethatpoint from venus everest for the first time, all these a corporate people, a media people that boliwodalitistat grid like babes, there is something about wenuceveresapco bus hit a t, r n, कुश विच इस रलेस्टिकलीटोएबल सबने करना चाहिए।
मैं इस साल अपने काम करूँगा एंड उसको थोड़ी ड्रेक करूंगा नेक्ट यर में मेरा टारगेट आपके थ्रू
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मजा आ जाएगा। वहा पे वो भी वीडियो देख रहे हैं। अगर वो थोड़े फिट है तो आपकी कंपनी का आपने बताया नहीं बताया तो
आप भूल जाए हे मेरी कंपनी का नाम है फिनिक्स एक्पीरियंस इंस्ग्राम पे कर सकते हूँ या फिर गई am मेरा पर्सनल प्रोफाइल है वहाँ पर लिख सकते हो। मुझे बहुत सारे ट्रिक्स करवाते या बिगनर फ्रेंडली से लेके हार्डेस्ट ऑफ़ द। हार्डेस्ट एक्सपिडीशन इन द वर्ड उसके बीच में सारे सिर्फ करते नहीं है, उसके लिए तैयारी भी करते हैं। सारी कंपनी के पैसे लेते हैं और आपको ट्रैक पे ले जाती है। लेकिन मैं मानता हूँ तब तक तैयारी सही नहीं है तब तक अगर आप ट्रैक पर जा रहे हो तो आपका एक्पीरियंस शायद उतना अच्छा नहीं होगा।
अच्छा फ्लो नहीं बनेगा, मजा नहीं आएगा
तो प्रेपरेशन मोर इम्पोर्टेंट एक्चुअल ट्रेक लीव।
अरे वाह बहुत ही बढ़िया या तो मैं आपका इंस्टाग्राम लिंक कर दूंगा नीचे ताकि सब लोग जिनको जाना है वो ट्राई करें एंड अगर वो फिट तो थोड़ा होत, फीट तो जा सकते हैं, ऐसा बात नहीं है। तो ई थिंक वो एवरेज बेस सितंबर या अक्टूबर तक भी चलता है, राइट
यस, यस, यस नवंबर तक चल पाएंगे सप्तम्बर अक्टूबर नवंबर
मैं मनाली गया हुआ था तो वहाँ पर किसी ने बताया कि रोटा पास करके वहाँ पर जा और लास्ट डे था पंद्रह नवम्बर को बंद हो जाता है। तो लास्ट डे था और मैं वो ओल्ड थी, ड्राइवर था पर भाई साहब वहाँ कितनी तेज हवा चल रही थी, इतनी तेज हवा जल ही थी, गाड़ी रही थी मतलब लिटरली 9 बल टो ब्रीद की हवा में सांस कैसे लिया जाए। वो क्यूँकी आदत तो था नहीं और वो था 4000 मीटर सांस लेने में दिक्कत नहीं थी। लेकिन जिस प्वाइंट पर हवा इतनी तेज थी, गाडी से, जितनी से हिल ही थी। लिटरली ड्राइवर बोला की चलो ठीक है, अंदर आ जाओ बैठ जाओ, आराम से नीचे जाके, मैगी है तो मतलब वैदर जो होता है मेन ली हवा पर डिपेंडेंट होता हवा, अगर बहुत तेज है तो बहुत मुश्किल हो जाता है।
हवा क्लाउड फॉर रेन फॉल सन आ दी space combination this।
मैं तो कार से गया था, फिर भी लोग इतने लंबे ट्रेक पे जाते हो तो मैं भी जाऊंगा। तब
आप कहाँ पर रहते हो।
मैं वाराणसी रहता हूँ।
अरे क्या बात है भाई, आप तो शिव नगरी में रहते हो यार आप
क्या रहते हो मुंबई मुंबई तो आपको तो काफी दूर पहले आना पड़ता होगा
ट्रैक करने के लिए बहुत लम्बा, हमारे लिए तो पहाड़,
हमारे लिए तो अगर हमने नेपाल जाना तो दूर नहीं है तो नहीं मरे साथ बहुत सारे लोग हमारे टीम बरस भी हैं, मेरे फ्रेंड्स भी हैं सो दे आर आल्सो इंटरेस्टेड इन, उनको कोई गाइड नहीं मिलता है। दे डोंट नो अबाउट की उनको लगता है एवरेस्ट बेस का मतलब वो ऐसा है कि वो अनविजिबल है, वो क्लाइन नहीं हो सकता है वो सोचते क्यूकि माइंडसेट की न्यूज में दिखाता है कि एवरेस्ट है, एवरेस्ट है, थिंक थोड़े फिटनेस और थोडे स्किल्स और राय ट्रेनर मिल जाए। तो मजा आएगा इस एक्सपीरियंस पर प्लान करते हैं आपके साथ एंड इट इज वेरी गुड, एक्सपीरियंस डूइंग पॉडकास्टिंग, विद यू। अगर आप माउंट टेरेस में टॉप में बैठे हो और सारे व्यूअर्स को फेशन देना है या कुछ बोलना है तो
क्या बोलोगे is felfletthetopit is workit at the top, every secrifiseveyhard work, very movie that you ms every friends party that you मस date that you miss is all, worth it? when you reach the top and every, you can being deserves to feel। what it means to be at the top of the world? he wo literal top of the world, the no ho but in what evl field? you are it? you must try to reach once in your life at the panecal of what were you are doing? if you re doing a business try to see what or the peak of your business and more, then this physically mentally, emotionally and spiritually at least try to reach the peak of these for, and because without reaching the peak of these four things i think and human berth has won best i we make this very very hard statement its on i completely so its very beautiful a the top, he is very beautiful like the top, and there is so much as up here come up here s to much as everybody gives up so fast in life i m not able to achieve my goals, because my parents dont support me because i dont have my me, because exclusive exclusive, because exclusive all of your born to be no problems are there find solutions, find solutions, there is always the seduction to every problem to word or god and its very emdiophereadthe top, sitingiathre⁇s no body come up here messis
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