ईशान शिवानंद teaches that love and blessings should flow freely to all. The core truth is non-dual: there is only one Shiva, and you are that. Through sadhana and invoking Mahadev's grace, this awakening unfolds within you.
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तुम्हारा, लव भी अनकंडीशनल, खुशी भी अनकंडीशनल, स्वास्थ भी अनकंडीशनल, ब्लेसिंग, ब्लेसिंग भी अनकंडीशनल, तुम हर किसी को ब्लेसिंग दे दोगे। दुनिया तो सिर्फ 1 या 2 अच्छी चीजों को देखती है। मां केवल अपने ही बच्चों को ब्लेसिंग देती है। तुम्हारे पास इतना होगा कि तुम दुनिया को देखोगे, दुनिया को देखोगे और दुनिया के लिए भीतर से 1 ही भाव निकलेगा। क्योंकि तुम जानते हो शिव अनंत, शिव कृपा, अनंता आँखें सत्य नहीं देखती। सत्य क्या है शिवा, शिवा दूसरा कोई है ही नहीं, 1 ही है शिव, तुम भी शिव हो, वो भी शिव है। इसलिए जब तुम शिव को देखते हो, भीतर से 1 ही भाव आता है। बस यू बस यू भीतर से निकालना चाहिए। और यह होगा जैसे जैसे साधना करोगे शिव की कृपा से, महासिद्ध की कृपा से, महादेव की कृपा से। यह होगा, यह हो रहा है।