Babar Azam vs Steve Smith? The Truth Behind the BBL Controversy! T20 World Cup 2026 |

The host compares Babar Azam's struggles to adapt to modern cricket with Steve Smith's strategic focus on T20 leagues over ODIs. He argues that power-hitting and strike-rate matter more than ever for the T20 World Cup 2026, and that Pakistan's selection decisions must account for players who evolve or fade like Nokia did.
Chapters
अब तो नोकिया के फोन भी नहीं आते, मिलते ही नहीं हैं कहीं से। हम में से ऐसा कोई नहीं होगा जिसने ये मिसाल ना सुनी हो कि नोकिया के मोबाइल इसलिए खत्म हो गए, उन्होंने इवॉल्व नहीं किया, टेक्नोलॉजी को नहीं अपनाया, टाइम पे वो एंड्रॉइड नहीं लेके आए, नोकिया पीछे रह गया, ये वो नोकिया एक टाइम पे हर बंदा नोकिया के गुन गाता था जिसके पास नोकिया का मुबाईल होता था उसकी एक बड़ी टोर होती थी कि यार इसके पास नोकिया का मुबाईल है लेकिन आज कोई उसका नाम भी नहीं लेता और क्यूं लेगा इ आपको चीजें नई चीजें अडेप्ट करनी पड़ती हैं आपको दुनिया के पेस के साथ अपना पेस मिला के चाहे आपके अंदर है या नहीं आपको कोशिश करनी पड़ती है लाइफ एक रेस है आप नहीं भागेंगे आप दुनिया के पेस को नहीं मैच करने की कोशिश करेंगे आप पीछे रह जाएंगे एंड हु केयर्स दुनिया कभी किसी के लिए नहीं बड़ी जाली में दुनिया, लेकिन जो इस लाइफ के पेस के साथ अपने आप को मिला लेते हैं, वो फिर दुनिया एंजॉय करते हैं। क्रिकेट में भी यही चीज अप्लाई होती है। कुछ क्रिकेटर्स होते हैं जो बड़े ऑर्डिनरी से प्लेयर होते हैं, बड़े आम प्लेयर होते हैं, लेकिन वो टाइम के साथ इवोल्व होते हैं। वो अपनी रेंज को बढ़ाते हैं, मसल गेन करते हैं, पावर हिटिंग सीखते हैं, अडैप्ट करते हैं, मुश्किल कंडीशंस में जाके खुद खेलते हैं। पता लगा कोई काउंटी से कॉन्ट्रैक्ट कर लिया ताकि लंबी क्रिकेट खेल के अपने स्किल वो पॉलिश कर सकें। फिर कुछ क्रिकेटर्स ऐसे होते हैं जो अपने टैलेंट की वजह से थोड़ा उपर आ जाते हैं और अपने पूरे मुल्क को ये ख्वाब दिखाते हैं कि मैं इस दुनिया का सबसे बड़ा प्लेयर बनूँगा जब सारी दुनिया उनकी वावा कर रही होती है तो ऐसे मिडियोकर क्रिकेटर्स मेहनत करना छोड़ देते हैं बहुत पीछे छोड़ देते हैं और चार पांच साल के बाद पता लगता है कि जो किसी जमाने में आपके साथ थे या आपके पीछे थे वो बहुत आगे निकल गए हैं और आप आज भी वहीं पे रुके हुए हैं जहाँ आप चार पांच साल पहले थे यानी दुनिया आपको क्रॉस करके बहुत आगे जा चुकी होती है मैं पिछले 24 घंटों में बहुत ज्यादा तरसा हूँ कि मुझे ढूंढने पे कोई एक पाकिस्तान का फॉर्मर क्रिकेटर मिल जाए जिसने कल टेक्निकल एनालिसिस किया हो बाबर आजम वर्सेस स्टीव स्मिथ के ऊपर सबने ये तो कहा कि स्टीव स्मिथ ने ज्यादती कर दी स्टीव स्मिथ ने सिंगल नहीं दी लेकिन क्यों उसकी टेक्निकल वजह क्या थी? यहाँ पे हमारे फॉर्मर क्रिकेटर्स आपको ये कहते नजर आ रहे हैं कल से कि स्टीव स्मिथ की शॉटें लग रही थीं। कल उसका दिन था, तो बाबर को तो सामने लाने का फायदा ही नहीं है क्योंकि ये उसकी गेम ही नहीं थी। जरा इस पॉइंट को थोड़ा इलेब्रेट तो आप करें ना सारे फ जो के उसका एक आम तासूर क्या है? Like, what do you guys think about Steve Smith? One of the greats in test cricket? ODI में भी उसने अच्छा फॉर्मेट खेल है? लेकिन Steve Smith को आप T20 में great नहीं कहते? क्योंकि शायद वो दुनिया के बड़े power hitters में नहीं है? And by the way, आप में से बहुत ज्यादा लोग ऐसे होंगे जिनको इस टाइम ये भी नहीं पता होगा कि स्टीव स्मिथ किस फॉर्मेट से रिटायर है? चलो मुझे बताओ। मैं लिखके देने के लिए तैयार हूँ। आप में से 90 परसेंट लोगों के दिमाग में आया होगा कि स्टीव स्मिथ T20 से रिटायर है। नहीं, स्टीव स्मिथ वनडे से रिटायर है। वो टेस्ट भी खेलता है, अभी एशियंस खेली है। और T20 में वो रिटायर्ड मैं वनडे फॉर्मेट से रिटायरमेंट अनाउंस की थी, उसके पीछे टेक्निकल वजह पता क्या थी? कि स्टीव स्मिथ ने सोचा कि मैं ज़िंदगी में सब कुछ अचीव कर चुका हूँ, यानी एक ऑस्ट्रेलिया क्रिकेटर की लाइफ में क्या चीजें होती हैं? एशेज उनके लिए वर्ल्ड कप से भी पहले है, फिर एशेज के बाद उसने वर्ल T20 वर्ल्ड कप भी ऑस्ट्रेलिया ने जीता, तो कुछ रहा ही नहीं गया। लेकिन एक नई चीज आ रही है क्रिकेट में। क्रिकेट ओलंपिक्स में जा रही है। 2028 ओलंपिक्स जो कि लॉस एंजिलस में हैं, क्रिकेट खेली जाएगी वहाँ पे T20 फॉर्मेट में। तो स्टीव स्मिथ ने अपनी वनडे क्रिकेट को टाटा बाय बाय कर दिया और जब मुझे दरमियान में टाइम मिलेगा, मैं मैक्सिमम लीग्स खेलूँगा, मैं मैक्सिमम T20 क्रिकेट खेलूँगा, ताकि ऑस्ट्रेलिया मुझे कंसीडर करना शुरू कर दे दुबारा T20 के फॉर्मेट में। अब कल जो स्मिथ ने आके इनिंग्स खेली, आपके ख्याल से क्या ये तुक्का था? ये वो ही स्टीव स्मिथ है, जो जब प्रेजेंट देता था, एक गिफ्ट देता था, एक चॉकलेट अपने आप को शाबाश देने के लिए। ये ग्रेड्स की कुछ लाइफ में तरीके कार्य होते हैं, जो करके ही वो ग्रेड्स बनते हैं। अपने आप को मोटिवेट रखने के लिए ये छोटी-छोटी चीजें, छोटी-छोटी टेक्निक्स दुनिया में अपनाई जाती हैं। अब कल जो उसने यार उसको क्रिटिसाइज करने वाले तो ये भी कह रहे हैं कि वो एक साइड की बाउंड्री छोटी थी जिसमें उसने चार छक्के लगाए हैं और यार उसका एक छक्का तो 107 मीटर का था वो सिडनी की छत को जाके टकराया वो इतनी सी पता नहीं पानी की टैंकी वो क्या चीज थी वो अगर ना बॉल से टकराती तो बॉल ने ब 42 बॉलों पे उसने फॉर किया क्या ये तुक्का था ये तुक्का नहीं था ये वो प्रोसेस होता है जो आप एस पाकिस्तानी क्रिकेट फैन नहीं समझते मेरा आपसे भी गिलर और ना ये प्रोसेस हमारे क्रिकेटर समझते हैं मैं आपको एक छोटी सी एग्जांपल दे देता हूँ आगे जाने से पहले मैंने वर्ल्ड कप की टीम कल अ वो एक था जमान खान और दूसरा था ख्वाजा नाफे। अब इन दोनों को हमारे पाकिस्तान क्रिकेट फैंस मेजॉरिटी में एक-एक मैच की बेस के ऊपर पाकिस्तान की वर्ल्ड कप की टीम में भेजना चाह रहे हैं। एक मैच की बेस के ऊपर ना कोई बाइड निकलता है, ना कोई आता है। चीजें चलती हैं इंटरनेशनल टीमों की प्र ना हमारे किंग्स फॉलो करते हैं, ना हमारी ईगल्स फॉलो करती हैं और ना हमारा पीसी भी फॉलो करता है। इनमें से कोई किंग बन गया, कोई ईगल बन गई, कोई पता नहीं ब्रेडमैन बन गया T20 का, लेकिन क्रिकेटर नहीं बन पाए ये लोग। ये बहुत बुरी बिग बैश जा रही है रिजवान और बाबर की। रिजवान की तो आप इसको किस तरह डिफेंड करेंगे? ये डिफेंड होने के काबिल परफॉर्मेंसेस नहीं हैं। मैं खुद भी इसको एक्सेप्ट नहीं कर पा रहा, लाइक मुझे डाउट था कि ये ऑस्ट्रेलिया में शायद इनके लिए इतना आसान नहीं होगा, लेकिन बहुत ही बुरी परफॉर्मेंस रही है। और मसला ये है कि फजूल गुस्से भी निक उसपे सारा ऑस्ट्रेलियन मीडिया बाबर आजम को क्रिटिसाइज कर रहा है। अच्छा बाय द वे, एशेस खत्म हो गई है। ऑस्ट्रेलिया के बिग बॉयज अपनी-अपनी टीमों को ज्वाइन कर चुके हैं। मिचेल स्टार्क आ गया, स्टीव स्मिथ आ गया, सब आ गए। एक चीज नोट करो, इनके कमेंटेटर्स जो पाकिस्तानी प्लेयर्स को इतना च बिग बैच को प्राइवेट लोग कंट्रोल नहीं करते हैं, प्राइवेट लोग नहीं चलाते हैं, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया खुद चलाती है। तो क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने तो भाई साहब बहुत पैसे कमाए हैं इस टाइम हाइप बनाके टिकटे बेचके और जब उनके मेगा स्टार्स वापस आ गए, वो अब आपके क्रिकेटर्स को जो थोड़ा बहुत हुल सब आपके क्रिकेटर्स को क्रिटिसाइज कर रहे हैं और मैं बहुत परेशान हूँ क्योंकि मेरे कंट्री का इमेज मेरे ही अपने लोगों की वजह से ठीक नहीं जा रहा जैसे बाबर आजम के कुछ फैंस ने स्टोइनेस को इंस्टाग्राम पे जाके गालियाँ निकालीं फिलीपी को जाके किंग बाबर किंग बाबर लिखना शुरू कर दिया जो स कल स्टीव स्मिथ के इंस्टाग्राम पे जाके उसकी ऐशीज़ की तस्वीरों के नीचे किंग बाबर किंग बाबर यू आर नथिंग यू डिड रॉंग विद बाबर मतलब कोई कसर नहीं छोड़े इन लोगों ने अब एक आम ऑजी या एक आम ऑस्ट्रेलियन या स्टीव स्मिथ की फैमिली या स्टीव स्मिथ खुद उसने जब आज अपना सुबह उठके इंस और ये जो बात आपको मैं बता रहा हूँ, ये unfortunately उस audience तक जाएगी ही नहीं। क्योंकि जो ये वाली audience है ना, जो Steve Smith के Instagram पे जाके king bubble लिखेगी या गालियाँ लिखेगी, ये videos नहीं देखते, क्योंकि इनके अंदर सबर ही नहीं है। सबर छोड़ें, ये वही लोग हैं जो signal तोड़ते हैं और कहते हैं यार government की वजह से मुल्क में खराब ये वो ही लोग हैं जिनकी वजह से इनका हमसाया, इनका नेबर इनसे तंग होता है। इनको कुछ नहीं पता कि ये क्या कर रहे हैं, क्यों कर रहे हैं। बाबर आजम के बहुत अच्छे फैंस भी हैं, जो बाबर की बेहतरी चाहते हैं, जो रिजवान की बेहतरी चाहते हैं। लेकिन ये एक मखसूस तबका है, जो पाकिस्तान का ये चीज नहीं रुकेगी, ये रुक के नहीं सकती, कैसे रुकेगी? मतलब इंटरनेट देखो ना हर बंदे की एक्सेस में है, हर बंदा पैकेज लगा सकता है, हर बंदे के पास वाईफाई है। अगर कोई चीज इसको कभी रोक सकती है तो वो तालीम है। तो क्या हमारा कंट्री एजुकेशन के ऊपर काम कर रहा है जितना होना चाहिए? मतलब हम अपनी जड़ों में चले जाएं, अपनी हिस्ट्री में चले जाएं, आप अपने से दो जनरेशन पीछे चले जाओ। हम कोई बहुत ज्यादा मेजॉरिटी में कोई पढ़े-लिखे लोग तो नहीं हैं सब कंटिनेंट वाले, मेहनत मजदूरी करने वाले लोग हैं हमलोग, जिनकी कुछ लोग तो ऐसे ही हैं कि एक जनरेशन ने अच्छा काम किया तो अगली तो यहाँ तो भाई साहब स्कूल्स में यही पढ़ाया जाता है कि नौकरी कैसे करनी है। क्लियर डिफरेंस है पढ़ी-लिखी कोमों के माइंडसेट में और हमारे माइंडसेट में। क्लियर डिफरेंस है और मुझे ऐसे पाकिस्तानी इस चीज की बड़ी तकलीफ है क्योंकि मैं आपको लफ्जों में बयान नहीं कर सकता कि जब कोई भी पाक मिसाल के तौर पे कोई पाकिस्तानी ऑस्ट्रेलिया में जाता है, कोई पाकिस्तानी अमेरिका में जाता है, कोई पाकिस्तानी यूके जाता है, यहाँ वेस्ट में कहीं भी जाता है, न्यूजीलैंड इधर जाए, कहीं भी कोई पाकिस्तानी अगर जाता है, हम लोगों को ये चीजें डिफेंड करनी पड़ती हैं। जो लोग यहाँ पाक उनको ये सारी चीजें डिफेंड करनी पड़ती हैं। कब तक? खैर, क्रिकेट पे वापस आते हैं। इवॉल्व होने की बात मैं कह रहा था। फैंस का हाल तो ये हो गया है। अगर स्मिथ बाबर आजम के सामने खड़ा होके 48 बॉलों पे सौ कर सकता है, एक ओवर में चार छक्के लगा सकता है, जिसका मैंने भी आपको एक्सप्ल बल्कि with all due respect स्मिथ और बाबर की जब opening partnership की बात होती है स्मिथ ने एशिया से वापस आके बाबर को join करना है as an opener तो सारे मजाक ही उड़ा रहे थे कि ये दोनों run a ball खेलेंगे लेकिन स्मिथ ने अपनी perception ही change करती है तो भाई साहब अगर स्मिथ कर सकता है ना तो बाबर क्यों नहीं कर सकता और fans का तो ये हाल है कि अगर शिव नराय शिव नराइन चंदरपॉल का ही नहीं पता हो ना लेकिन चलो आगे चलते हैं अगर चंदरपॉल भी आ जाए ना वापस इंटरनेशनल क्रिकेट में वो भी शायद एक आदी ऐसी नौक हिल देगा आके और ये फिर भी फैन्स और हमारे फॉर्मर क्रिकेटर्स दोनों ये कह देंगे चंदरपॉल तो कर सकता है लेकिन बाबर की ये गेम नहीं है क्यों वो कर रहे हैं, लेकिन हमारा नंबर वन बैटर नहीं कर पा रहा। कहीं पे तो कमी पेशी है। फिर आप बैठ जाते हुए जिस तरह बॉन्ड्री रोप को बल्ला मारके जा रहे हो, जिस तरह आप स्टीव स्मिथ को यू नो आँखों से आँखें नहीं मिला रहे, फिर आपने फील्डिंग में भी फंबल किया। कमेंटेटर्स आपके ऊपर कंस्ट प्लेयर क्रिस ग्रीन जब मैच शुरू हुआ, जब सिडनी सिक्सर्स 190 चेस करने आई, तो दो ढाई ओवर के बाद माइक में कमेंटेटर बात कर रहा था क्रिस ग्रीन के साथ, जो उनका स्पिनर है। उसने कहा कि हमारा प्लान ये है कि बाबर जितनी ज़्यादा बॉल खेले उतना बेहतर है, क्योंकि रिक्वायर्ड रनेज चढ़ेगा। और We can control the game. यही बात तो भाई सब आपको फुर्कान भट्टी पिछले पांच-छः साल से बता रहा है कि यही है पावर की क्रिकेट। मुझे समझ नहीं आती कल भी अगर मैं पावर की इनिंग्स को देखूँ उसको एक अच्छा स्टार्ट मिला था। अगर आपको एक अच्छा स्टार्ट मिल गया है, बजाय इसके कि आप अब मजीद एक्सेलरेट करो, वो एक मतलब पांच फील्डर डायरेक्ट से बाहर हैं। आपके पास इतनी ऑप्शन्स हैं। आप 20-25 बॉलें खेलने के बाद टिप करने का क्या तुक है? मैंने एक दफा विराट कोहली को ये बात कहते हुए सुना था कि T20 में ऐसे बैटर, यू नो एकदम जब आपको लास्ट मोमेंट पे कुछ समझ नहीं आती, आप ब्लॉक करने की तरफ चले लेकिन मैंने एक नई चीज़ एडेप्ट की मैंने प्रैक्टिस इस चीज़ की शुरू कर दी कि जब मैंने ब्लॉक करना है ना मैंने बल्ले का रुख लेग साइड की तरफ खोल के रखना है ताकि जब मैं ब्लॉक भी करूँ तो बॉल थोड़ा सा ट्रेवल कर जाए और मैं स्ट्राइक रोटेट कर पाऊँ भाई साहब आप इसको डिफेंड नही तीन तीन बोले डॉट खेलोगे और एक मैच में नहीं like this is your overall cricket आपकी समरी ये है क्रिकेट की अगर कोई आपको समराइज करे तो आप यही हैं आपका स्ट्राइक रेट आपकी क्रिकेट का मुंह बोलता हुआ एक सबूत है 106 का स्ट्राइक रेट बिग मैच में कोई कैसे डिफेंड कर सकता है मैं हमेशा कहता हूँ ना numbers don't lie number झूठ नहीं बोलते कभी आप अपनी उपिनियन को स्ट्रॉंग करने के लिए नंबर्स का रेफरेंस ले लिया करो क्योंकि नंबर्स जब आपकी फेवर में आ जाएं तो आपका आर्गुमेंट और तगड़ा हो जाता है मेरा हमारे फॉर्मर क्रिकेटर से बहुत बड़ा गिल है काश पाकिस्तान में कोई फॉर्मर क्रिकेटर टेक्निकल एनालिसिस शुरू कर ले क्योंकि सिस मेरे जैसे लोग जिनको फजूल बाते करनी चाहिए, जिनको बस emotional बाते करनी चाहिए, वो technical बात करने की कोशिश कर रहे हैं और जो former cricketer हैं, वो players को सिखाने की बजाए fans वाली बाते कर रहे हैं क्या फाइदा अगर किसी ने 50 test match खेले में टेस्ट मैच बड़ी वैल्यू है इसकी किसी ने 50 टेस्ट मैच खेले में हैं वो फैन की तरह बिहेव कर रहा है किसी ने फर्स्ट क्लास में 400 प्लस विकेट ली हुई हैं वो भी फैंस वाली बातें कर रहा है और मेरे जैसा बंदा जिसने कभी जिंदगी में क्रिकेट नहीं खेली जिसका कोई तालुक नहीं है ग्रा�ун्ड अगर फॉर्मर क्रिकेटर्स ही अपना काम ठीक करना शुरू कर दें, तो मेरे जैसे को कौन देखेगा? मतलब कितने अफसोस की बात है कि लोगों को फेयर एनालिसिस, कंस्ट्रक्टिव क्रिटिसिज्म देखने के लिए मेरे चैनल पे आना पड़ता, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। मेरे चैनल पे आना चाहिए इमोशनल लोगों को, फैंस क लेकिन ऐसा नहीं होता क्योंकि फॉर्मर क्रिकेटर उठता है बाबर आजम को बैक करता है और दुनिया को बेवकूफ कहता है ऑस्ट्रेलियन कमेंटेटर्स को बेवकूफ कहता है ऑस्ट्रेलियन बिग बैश वालों को बेवकूफ कहता है स्मिथ की नॉक को तुक्का कहता है और सो जाता है फिर वो अगले दिन उठता है एक रन है वो किसी दूसरे की तरीफ नहीं करेगा, वो कहेगा हमारे वाले की क्रिकेट ऐसी ही है, ये चेंज नहीं होगा, तुम अपना देख लो तो क्या फायदा? और T20 World Cup obviously यहां से मैं जोड़ता हूँ इस टॉपिक पे T20 World Cup की कल मैंने टीम अनाउंस की है कि मैंने फखर जमान को T20 में कितना बैक किये लेकिन एक चीज मुझे पता है कि बाबर और फखर एक टीम का हिस्सा नहीं हो सकते इन दोनों चीजों का तालुग इनकी करंट फॉर्म के साथ है और अनफॉर्चिनेटली पाकिस्तान का हाल ये है कि ये शायद दोनों एक प्लेइंग लेवन में हों आपका बैटिंग ओर्डर कैसे बनेगा मु कि मैंने फखर जमान को रिजर्व में रखा है क्योंकि वो प्लेइंग 11 में आता ही नहीं है फिलाल अपनी फॉर्म की वज़ा से बाबर को मैंने टीम में रखा है लेकिन बाबर प्लेइंग 11 में फिलाल डिजर्व ही नहीं करता जगा ही नहीं है उसकी बाबर बेंच पे बैट के अपनी बारी का इंतजार करे और जब साइम या फरहान में से कोई और आगा अपनी जगा पे वन डाउन पूरा टोर्नामेंट खेले ये तरीका का आ रहा है लेकिन क्या ऐसा होगा क्योंकि मैंने कल भी बताया था न कि हमारी क्रिकेट शल ही लोगों को एडजस्ट करने के लिए रही है फलां प्ले इसका भी टेस्ट है। आगा ने नॉक खेली है ना दंबुला में, and not just because of his one knock। मैंने आपको नंबर्स के साथ साबित किया था कि आगा का वन डाउन में सबसे अच्छा रिकॉर्ड है 165 का उसका स्ट्राइक रेट है। उसको वन डाउन ही खेलना चाहिए। तो क्या आगा वन डाउन कंटिन्यू करेगा अगेंस्ट ऑस्ट्रेलिया? मैं दोबारा फॉक की वजह से पहले छः बजे था अब चार बजे होंगे जस्ट ए फ्रेंडली रिमाइंडर तो क्या सलमान अली आगा वन डाउन बैटिंग करेगा क्या सलमान अली आगा इतना ब्रेव कप्तान है अनफॉर्च्यूनेटली हमारा सिस्टम ऐसा इस टाइम कि कौन टीम में क्यों आ रहा है और कौन टीम से क्यों जा रहा है ये प्रोसेस के त वो जब भी बाबर के बारे में उनसे सवाल होता था, वो कहते थे कि बाबर को अपना स्ट्राइक रेट इम्प्रूव करना पड़ेगा, बाबर को अपनी पावर रेंज बढ़ानी पड़ेगी, नई शॉट डेवलप करनी पड़ेगी, वगैरह वगैरह। और उसको करने के लिए बाबर ने कुछ नहीं किया। मतलब उसने कोई क्रिकेट नहीं खेली दरमियान में। फिर उसको पाकिस्तान टीम में वापस लेके आएंगे। अगर टू बी हॉनेस्ट आपने उसकी बिग बैश के ऊपर फैसला करना था, तो सीधा वो पाकिस्तान टीम में नहीं आता था, उसने बायरी होना था। आपने बैकगेट लगाया एशिया कप के बाद और क्यों लगाया? इसका तालुक आकिब जवेद के साथ भी है। मैं कन्विन्स ह एक आधे सीनियर को वापस लेके आते हैं, बाबर को वापस लेके आते हैं। पाकिस्तान टीम जब हारेगी, तो लोग फिर बाबर आजम पे भी बात करेंगे। तो जो क्रिटिसिज्म है लोगों का, वो डिवाइड हो जाएगा। 50% बाबर टीम में क्या कर रहा है, 50% माइक हेसन क्या कर रहा है? तो जो 100% क्रिटिसिज्म इनके ऊपर हो लेकिन मैं कोशिश करता हूँ आपको तलख बातें बताने की, लेकिन होती वो हकीकत में मबनी। अगर मैं यहाँ एजेंडा चला रहा होता ना, तो फखर जमान मेरी प्लेइंग इलेवन में होता, लेकिन वो मेरे स्क्वाड में नहीं है। मैं एजेंडा चला रहा होता, नसीम शाह मेरे स्क्वाड से बाहर होता, लेकिन वो मेरे स्क्व आप कल वाली वीडियो देखें हमने रियलिटी बेस स्कॉड बनाया है वो लड़के जो इनके प्लैन्स में हैं जो जा रहे हैं मेरी और आपकी ख्वाहिशात डिफरेंट हो सकती हैं लेकिन उसका रियलिटी से शायद तालुक नहीं होगा भाई साहब बाबर आजम मेरी टीम का हिस्सा है कल मैंने अपनी टीम अनाउंस की थी and I desperately want बाबर आजम to play this world cup you know why because मैं देखना चाहता हूँ कि ये अपने आखिरी T20 के टूर्नामेंट में क्या करता है ताकि ये किस्सा ही खत्म हो जाए देखो अब हमें आगे बढ़ना है दुनिया बहुत आगे जा चुकी है आप ये रनर बॉल के माइंडस मोहम्मद रिजवान को आप देख लें आज भी रन बॉल वाली नॉक 102 का स्ट्राइक रेट बिग बैच में मतलब ये लोग जिद भी नहीं छोड़ रहे क्या निकालना चाहते हैं मतलब मॉर्गन को देखो इंग्लैंड का कप्तान अपनी पीक पे वो वर्ल्ड कप जीत के साइड पे हो गया मतलब कितने एग्जांपल्स हैं आपके पास दुनिया में ये अगर कोई एक आधा वर्ल्ड कप जीत जाते पीछे कोई तीन चार साल में इन्होंने तैयार नहीं पा देनी सी ये तो मतलब पाकिस्तान टीम में फिर खेलते बतालिस तरतालिस की उम्र तक रनअप बॉल और फिर इन्होंने कहना था हमें मेंटोर भी बनाओ और फैंस इनके साथ होते हैं तो भाई साहब दुनिया बहुत आगे जा चु बहुत ज़्यादा disagreement करता हूँ। ये जो लोग कहते हैं ना कि बाबर आजम मोहम्मद रिजवान अगर टीम में नहीं होंगे तो ग्रा�ун्ड में कौन आएगा मैच देखने? ये आपके former chairman रमीज भाई भी यही कहते थे, रमीज राजा। पाकिस्तान-बांग्लादेश की लोहौर वाली सीरीज निकाल के देखलो, तीनों मैच हाउसफुल थे, ना बाबर और वो यंगशर एक आदि कोई नॉक खेल जाए, कोई याद नहीं रखेगा। वो दुनिया यार वसीम अक्रम के बाद आगे मूव ऑन कर गई है, दुनिया ग्लेन मिग्रा के बाद आगे मूव ऑन कर गई है, दुनिया को ब्राइन लारा नहीं दिखता अब, दुनिया को सचिन तेंदुलकर नहीं दिखता, दुनिया को विराट कोहली टेस्ट और T20 में लगता था कि इनके बगैर क्रिकेट कैसे सरवाइव करेगी? सारे चले गए और क्रिकेट आगे जाती जा रही है। तो किसी के जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता, आपको बस पेस मिलाना पड़ता है दुनिया के साथ और इवोल्व होना पड़ता है। लेकिन क्या ये लोग इवोल्व होने वाला माइंडसेट रखते हैं? इसका जवाब बदकिस्मती स नहीं गुड नाइट
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