In this Hindi commentary, the speaker discusses the recent resignation of Gary Kirsten as Pakistan’s white‑ball head coach. He explains that the split stems from a clash between Kirsten’s desire for autonomy over his coaching staff, training methods, and selection decisions, and the Pakistan Cricket Board’s (PCB) insistence on controlling the playing‑eleven and selection committee. The speaker highlights how foreign coaches typically bring their own support teams, and how Kirsten’s expectations conflicted with PCB’s limited vacation allowances and the board’s tendency to leak information to favored journalists. The analysis also touches on similar issues faced by Jason Gillespie and Aaqib Javed, noting that both have been constrained by the PCB’s governance. The commentator warns that losing a high‑profile coach like Kirsten is a long‑term setback for Pakistan cricket, especially given the board’s instability and lack of a clear succession plan. He speculates on possible interim solutions—promoting Aaqib Javed, recalling Gillespie, or appointing another foreign coach—but stresses that no comparable replacement is currently available. The segment ends with a call for viewer opinions, particularly regarding player Fakhar Zaman, and a reminder to verify information before forming judgments.
Chapters
पाकिस्तान के वाइट बॉल कोच गैरी केस्टर ने रिजाइन दे दिए। अभी कुछ दिन पहले हम अपनी वीडियोस में बात कर रहे थे, मैंने आपको बताया था कि मैं सरप्राइज नहीं होऊँगा अगर आने वाले टाइम में गैरी केस्टर या जेसन ग्लेसपी या ये दोनों अपने टाइम से पहले रिजाइन हो जाएं। बेसिकली स्टोरी के गलत बयानी की गैरी कस्टियन के साथ जिसकी वजह से उनका दिमाग घूमा और वो फिर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के हाथ में नहीं आ रहे थे। अब मिसाल के तौर पे हमने ना दोनों पहलू यहाँ पे डिस्कस करने हैं। नंबर वन ये पाकिस्तान को बड़ा नुकसान होना है इसका क्योंकि ये जो गोरे हैं ना इंटरनेशनल फ पाकिस्तान को लॉन्ग टर्म में नुकसान होगा एक बड़ा कोच इंटरनेशनल बड़ा कोच ढूंढने के लिए उसपे हम अभी आते हैं पहले दोनों पहलू दोनों तस्वीर के रुख हम देख लेते हैं कि क्यों इसमें दोनों पार्टियों की गलतियाँ हैं नंबर वन ये जब आप गैरी कस्टन जैसे हाई प्रोफाइल कोच को लाते हैं ना उसका फिजियो अपना होता है, उसका ट्रेनर अपना होता है, उसका फील्डिंग कोच अपना होता है ये ऐसे ग्रुप काम करते हैं और सारी दुनिया में ऐसे ही चलता है अब गैरी क्रेस्टियन की पीसीबी के साथ कुछ कमिट्मेंट्स हुई थी इस टीम के अंदर इम्प्लीमेंट करनी थी। अब वो टाइम आया था ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ का, जब गैरी कस्टन अपनी मनमानी करना चाह रहे थे। मैं ये अच्छे लफ्जों में कह रहा हूँ अपनी मनमानी करना चाह रहे थे, क्योंकि बहुत बड़ा कोच है गैरी कस्टन यार। उसने इंडिया को कोई 28 साल के बाद वर्ल्ड कप ज आइस्ता आइस्ता करके उनसे सारे अख्तियार छीन लिये अख्तियार का मतलब है उनसे सारे राइट्स छीन लिये अभी रीसेंटली जैसन गलेस्पी ने जो मुल्तान टेस्ट मैच हारने के बाद जब वो मीडिया के सामने आये पहला टेस्ट मैच हारने के बाद तो उन्होंने इसी चीज़ पे दबे दबे लफजों में आपको याद होगा मैंने और आपको याद होना चाहिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ये जो 11-12 बंदों की सिलेक्शन कमेटी है इसमें प्लेइंग इलेवन में किसको खिलाना है कप्तान का और कोच का बहुत बड़ा रोल है वो आप इनसे नहीं छीन सकते अभी आकिब जवेद के आने के बाद अभी वेरी रिसेंटली क्रिकेट बोर्ड ने ऑफिशियली कैप्टन और क कि आप ना तो सिलेक्शन में कोई अमल दखल कर सकते हैं और प्लेइंग इलेवन भी आप हमसे पूछ के खिलाएंगे। अब ये तो ज़्यादती है, मतलब एक कोच, एक कप्तान जिसने टीम लड़वानी है, उसको आप कह रहे हैं कि आप टीम हमसे पूछ के खिलाएंगे। मतलब आपके सर पे अगर एक बंदा तलवार लेके खड़ा होगा, तो आपके उसने कुछ कहा नहीं इनको वो आने वाले टाइम में भी तो पाकिस्तान टीम जीत गई है तो वो चुप है वरना ज्यादती है ये जेसन ग्लेसपी के साथ भी कि वो बंदा फिर जीतने के बाद भी आके उसका सेम बयान था कि जी मेरा कोई रोल नहीं है सिलेक्शन कमेटी में ये उनकी कॉल है मुझे कोई राइट नहीं है तो ये कुछ खबरें लीक की हैं मीडिया को खुद अपना परस्पेक्टिव अपना नैरेटिव एक बिल्ड अप करने के लिए न कल रात को पीसी बी ने न एक दो बजे अपने फेवरेट सहाफियों को अपने फेवरेट जर्नलिस्ट को ये न्यूज लीक कर दी थी कि गैरी कस्टिन ने रिजाइन दे दिया है और ये ये आप हमारे नैरेटिव ये चलाएं पीसी कि आप सिर्फ साल में एक महीना छुट्टियाँ ले सकते हैं और गैरी बहुत ज़्यादा छुट्टियाँ ले रहा था अभी जैसे पाकिस्तान का वो जबरदस्ती का टूर्नामेंट हुआ है ना चैमпиंस कप डोमेस्टिक का फैसला बाद में पीसीबी के अकॉर्डिंग पीसीबी ने गैरी कस्टेन को ये भी कहा कि आपने उस टूर्नामेंट अब ये इसमें देखना होगा क्या उस ऑफ टाइम में पाकिस्तान प्लेयर्स की कोई कमिटमेंट थी कोई कमिटमेंट नहीं थी क्योंकि एक दरमियान में एक ड्राई पीरियड था पाकिस्तान ने रेड बॉल की सीरीज खेलनी थी तो क्या पता उन्होंने पहले से ही कोई प्लान किया हो और गोरे अपने प्लान चेंज नहीं करते दुनिया परफेशनल फिर उसके बाद पीसीबी ने ये भी इल्जाम मैं इसको इसलिए कहूँगा कि गैरी की तरफ से अभी वहाँ पे उन्होंने चुप साधी हुई है कोई स्टेटमेंट नहीं आई तो पीसीबी ने एक एलिगेशन ये लगाया गैरी कस्टन के ऊपर कि जब भी पाकिस्तान टीम ने किसी टूर पे जाना है या या कोई सीरीज शुरू करनी है ना तो ग मतलब आप देखो पाकिस्तान क्रिकेट टीम इस टाइम कितना नीचे लगी हुई है इनको तो बहुत ज़्यादा सख्ती की ज़रूरत है बहुत ज़्यादा कोचिंग की ज़रूरत है तो गलतियाँ दोनों तरफ से होंगी जो तल्फ मिजाजी गैरी कस्टन के अंदर आई है और मैंने गैरी कस्टन को ऑब्वियसली हम देखके बढ़े में हैं बड़े एक जोली टाइप करैक्टर मुझे गैरी केस्टन लगते थे। लेकिन पाकिस्तान टीम में जब भी वो आए हैं, मैंने उनको हमेशा बहुत सीरियस देखा है। अब उसकी बहुत बड़ी वजह एक तो क्रिकेट टीम की परफॉर्मेंस भी है। अभी तक ना वो कंफर्टेबल नहीं हो पाए थे। और मैं आपको डे वन से बता रहा हू तो गैरी ने तो चुप करके ये देखना था कि सुपर ओवर आ गया यूएसए के अगेंस्ट कौन जाता है बैटिंग करने गैरी तो चुप करके इनकी हिम्मतें देख रहा था अब उसने अपनी इम्प्लीमेंट करनी थी चीजें और अब उसने रिजाइन दे दिए अगर आप इसको एक बड़ी पिक्चर में देखें ना ये पाकिस्तान का नुकस पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड एक कोच देख रहा था कोई बड़ा कोच इन्होंने शेन वॉटसन तक से राप्ता किया यार कोई क्रिकेट का कोई बहुत बड़ा नाम आ जाए जिससे न लड़के इंफिलेंस हों लेकिन इनके हाथ कोई कोच नहीं आया क्योंकि सबको पता था कि क्रिकेट बोर्ड में स्टेबिलिटी नहीं है क्रिकेट बोर्ड आज कुछ हो अब मिकी और्थर के साथ भी तो यही हुआ था न एक क्रिकेट बोर्ड ने उसको रात को कहा के आप कहीं नहीं जा रहे और सुबा आके मिस्बा आगे और मिस्बा ने आगे उसको फारिक कर दिया और मिस्बा चीफ सेलेक्टर, बैटिंग को अब मैं आज ना बड़े दिनों के बाद साढ़े दस बजे उठाऊं सुबह जो कि लेट है मतलब ये टेस्ट मैच खत्म होने के बाद मैंने सोचा था मैं एक दो दिन रेस्ट करूँगा मैं टेस्ट मैच जब पाकिस्तान और इंडिया के चल रहे थे भी पिछले दिनों तो मैं साढ़े सात आठ बजे उठ जाता था कि शावर लेके नाश्ता क अच्छा एकदम मैंने देखा मैं कहा गहरी का अच्छा डिजाइन तो ऐसे ही पिछले कोचिस को भी पता लगता है सुबा सुबा कि मैं फारग हो गया हूँ कि मुझे फारग कर दिया गया है सर्प्राइज मिलता है यहाँ पे सर्प्राइज मिलता है यहाँ पे बड़ी बिच्चे रिस्की ये है चलो अगेन शायद ये आकिब जवेद को भेजने कोच बना के इस ट यू नो असिस्टेंट कोच हैं, उनको शायद वक्ती तौर पे हेड कोच बना दें, या जेसन ग्लेसपी से ही रिक्वेस्ट कर दें कि जी आप ऑस्ट्रेलिया में ही हैं, आ जाएं टीम की वहीं पे कोचिंग करने, कुछ भी हो सकता है, लेकिन बड़ी पिक्चर में अब पहले ही आपके हाथ कोई बड़ा कोच नहीं आ रहा था। दो बजे का मैंन तो आप बड़ी पिक्चर में अगर देखो पहले ही आपके हाथ कोई कोश नहीं आ रहा था अब तो किसी ने वैसे ही आपके हाथ नहीं आना बड़ी आपको न नुकसान है गैरी कैस्टियन का जाने का चाहे गल्ती गैरी की थी या चाहे गल्ती पीसी जिनको अभी भी सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में आपने एए दिया हुआ है, 10-15 दिन की छुट्टी देके आप वापस ले आए हैं। आपको अब क्रिकेट में ना लोगों को मैं शुक्रदा करता हूँ, थोड़ा सा ना रोल इसमें मेरा भी है कोई दो-तीन परसेंट कि लोगों को ना अवेयरनेस आना शुरू हो गई है कि कौन नकली प्लेयर ह फेवरेट प्लेट 40-50 कर दें तो कोई फर्क नहीं पड़ता हाँ आपकी टिक टोके बन जाती हैं वो मेरा डडू बड़ा है थोड़ा दूर उसको मैं देखता रहता हूँ गुजरता हूँ आजकल बड़ा खुश है कल रास से बड़ा खुश है लड अभी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अगेन आंखें दिखा रहा है गैरी कस्टिन को लेकिन दिस इज़ नॉट ऑन ये नहीं होना चाहिए था आपकी इसपे क्या ओपिनियन है मुझे कमेंट बॉक्स में लाज़ू बताएं और आप में से बड़े लोग फखर जमान के बारे में पूछ रहे हैं आज रात को साढ़े सात बजे फखर जमान के ऊपर ड आप ट्रस्ट करते हैं तो आपका ट्रस्ट काइम रखने के लिए इंपोर्टन्ट है कि इंफोर्मेशन को अच्छे तरीके से वेरिफाई किया जाए उसमें चाहे थोड़ी देर हो जाए कोई बात नहीं तो आज रात को साड़े साथ बजे हम फखर