In this Hindi‑language monologue, the speaker reacts to India’s victory over Pakistan in the 2025 Women’s World Cup, emphasizing that the result was unsurprising given India’s well‑established women’s cricket ecosystem (IPL, world‑class facilities, high‑speed bowlers) versus Pakistan’s severe structural deficiencies. The speaker praises the Pakistani players for their courage but highlights systemic obstacles: lack of dedicated women’s stadiums, inadequate practice facilities, cultural resistance to women playing cricket, and a cricket board that offers only token statements. Specific criticism is directed at Pakistan Cricket Board (PCB) leadership, repeatedly naming Mausin Nakvi as the sole decision‑maker responsible for the sport’s decline. The commentary also contrasts bowling speed statistics (India’s bowlers touching 80 mph, Pakistan’s rarely exceeding mid‑60s) to illustrate the skill gap. The speaker calls for serious investment, proper facilities, and a strategic plan from the PCB to develop women’s cricket in Pakistan, warning that without change the same narrative will repeat in future World Cups.
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वुमेन्स वर्ल्ड कप में भी इंडिया ने पाकिस्तान को हरा दी है। चलें मेरे लिए तो कोई ये सरप्राइजिंग बात नहीं है, मतलब मैं एप्रिशिएट करना चाहता हूँ पाकिस्तान वुमेन्स टीम को जिन्होंने थोड़ी देर के लिए कुछ मुकाबला कर लिया, लेकिन उम्मीद बिल्कुल नहीं थी क्योंकि इस पाकिस्तान वुमेन्स अगर कोई यहाँ पे बैठके आज तवक्को कर रहा था ना कि पाकिस्तान वुमेन्स टीम इंडिया को वर्ल्ड कप में हराएगी, तो मेरा ख्याल है कि आप डिनाइल में थे। ये हो नहीं सकता था, क्योंकि जो इंडिया की वुमेन्स टीम है ना भाई साहब उनकी अपनी आईपीएल है, ये ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड वगैरह वुमेन्स लेकिन आज ये ऑजी लड़कियाँ, ये ऑजी इवन मेंस प्लेयर भी ये सारे आईपीएल खेलने के लिए तरसते हैं। तो आपका मुकाबला कोई था ही नहीं। ये जो थोड़ी देर के लिए पाकिस्तान आपको मैच में थोड़ा सा अच्छा खेलता नजर आया, ये लड़कियों को आपको एप्रिशिएट करना है, जो कि इनको कुछ पाकिस्तानी क्र आपकी वुमेन्स क्रिकेट टीम के पास एक अपना स्टेडियम तक नहीं है, एक अपनी फैसिलिटी जो सिर्फ वुमेन्स क्रिकेट टीम ऑन करे। मैं आपको प्लेयर का नाम तो नहीं बताऊंगा पाकिस्तान की एक बहुत बड़ी प्लेयर है। उन्होंने मुझे बात बताई कि यार हमें इतना अजीब लगता है जब हम पाकिस्तान में आप सबको ज्यादातर लोग वुमेन्स टीम को खेलते हुए नहीं देखना चाहते। हमें खेलने नहीं दिया जाता, हमें प्रैक्टिस नहीं करने दी जाती, और लोग हमें ताने देते हैं, अजीब-अजीब नामों से पुकारते हैं, अजीब-अजीब नजरों से देखते हैं। ऐसा मुझे पाकिस्तान की एक बहुत बड़ी लेजेंडरी क्रिकेटर ने मुझे बत जहां हम उसको अपनी फिसिलिटी कह सकें और आपका पाकिस्तान में लड़कियों का पूल भी इतना बड़ा नहीं है यही लड़कियां हैं आपके पास तो आपने अगर यंग बच्चीयों को इंस्पायल करना है कि वो इस खेल की तरफ आएं तो आप उनको सैंपल साइज क्या दे रहे हो यानि मुझे एक परसेंट भी उमीद नहीं थी कि पाकिस्तान आपका तुक्का लग जाता, आपका तुक्का भी नहीं लगना था। आपको मतलब आपका तुक्का लगने के लिए भी आपको पता नहीं, शायद अपनी ज़िंदगी का बेस्ट दिन चाहिए होता, वो भी नहीं होना था यार। सीधी सी बात है, वो बहुत ऊपर की टीम है स्किल के लिए आज से। उनके पैसे देखो यार, वो अपने मेंस क्रिकेटर किसी किसम की कोई वर्ल्ड क्लास फिसिलिटी क्रिकेट बोर्ड नहीं देता ना उनको इतने अच्छे पैसे मिलते हैं ना उनको अच्छे मैचेज मिलते हैं ये तो अब चलो शुगरा साउथ आफरीका आई हुई थी लेकिन इनको उस तरह से क्रिकेट नहीं मिलती है वो ही बंगलादेश वेस्टइंडीज के साथ खेलती हैं जो मेंस टीम का हाल है वो ह बत्तमीजी की स्पोर्ट्समैन स्पिरिट की धजियाँ बिखेरीं कोई हाथ नहीं मिलाया एंड इट वाज़ ऑलवेज़ ऑन द कार्ड्स एक्सPECTED था अब यहाँ पे मैंने प्रेजेंटेशन तो अभी तक नहीं देखी अभी-अभी मैच खत्म हुआ है पता नहीं प्रेजेंटेशन में उनकी कप्तान ने क्या कहना है वो तो मुझे नहीं पता लेकिन बिल्कु उस मैच के शुरू होने से पहले लोग उम्मीद लगा के बैठ जाते हैं और मैच के बाद कहते हैं यार औरतों को तो क्रिकेट खेलना इनका काम ही नहीं है भाई साहब आप उनको क्रिकेट खिलाना तो चाहो आप एक दफा दिल से कोशिश तो करो उनको वर्ल्ड क्लास फैसिलिटीज देने की पेस का इतना फर्क है यार जो हमारी फ ऐसी बॉलर्स हैं जो 80 तक को टच करती हैं यार 80 माइल्स पर आवर को वो बॉल टच करती हैं स्पीड मतलब मुझे नहीं याद पड़ता कि मैंने पाकिस्तान की कोई क्रिकेटर ऐसी देखी है जिसने कभी शायद 75-76 माइल्स पर आवर को भी टच किया हो होगी शायद कोई लेकिन मैंने कभी नहीं देखा मैं वो बांग्लादेश वाला 68 माइल्स पर आवर, 69 माइल्स पर आवर, डयाना बेग हूँ, 64, 65, 68, 69। तो आपका कोई मैच ही नहीं है यार। मतलब आप जिस दिन किसी बड़ी टीम को हराएंगे ना बड़े टूर्नामेंट में, आपकी यारा की यारा प्लेयर्स का सबसे अच्छा जिंदगी का वो दिन होना चाहिए, तभी आपका थोड़ा बहुत चांस है। तो क्रिकेट बोर्ड इस वर्ल्ड कप के बाद भी अगर कुछ नहीं करेगा तो अगले वर्ल्ड कप में भी हम यही बातें कर रहे होंगे कि आप वूमेन्स टीम को फैसिलिटीज़ क्या देते हैं, आप उनको बेहतर क्रिकेटर बनाने के लिए क्या रोल प्ले कर रहे हैं, ये क्रिकेट बोर्ड को देखना पड़ेगा क्योंकि ये जो हमारी पाकिस क्रिकेट बोर्ड इनको बेहतर क्रिकेटर बनाने के लिए कुछ नहीं कर रहा, सिवाय वो एक आधा कोई बयान आ जाता है कि हम वुमेन्स के मैचेस करवाएंगे, इनको पाकिस्तान सुपर लीग की तरह एक लीग आएगी, ड्रामेबाजी के लिए दो-तीन मैचेस हो जाते हैं। ये लोग कुछ नहीं कर रहे अपनी वुमेन्स टीम को बेहतर बनाने के उन्होंने अमेरिका भी जाना है, उन्होंने दुबई भी जाना है, उन्होंने सऊदी अरब भी जाना है, उन्होंने पीसीबी की भी मीटिंग्स अटेंड करनी हैं, एशियन क्रिकेट काउंसिल की भी मीटिंग्स अटेंड करनी हैं। मौसम नकवी की बात कर रहा हूँ ऑब्वियसली, तो आप यहाँ पे किसको किसके सामने रोएंगे यार क और पूरे पाकिस्तान में एक ही बंदा है वो मौसिन नकवी है वो ही इंटीरियर मिनिस्टर होगा वो ही एशियन क्रिकेट काउंसिल चलाएगा वो ही पीसीबी चलाएगा सब कुछ मौसिन नकवी ने करना है उनके अलावा कोई है ही नहीं है पाकिस्तान में तो क्रिकेट बर्बाद करने वाले मेरे मुल्क के पढ़े लिखे लोग हैं जिनके हाथ अब तो पुराने बाबे भी नहीं हैं यार पढ़े लिखे लोग हैं अमरीका से पढ़े में हैं इंग्लैंड में कोर्सेज किए में हैं वर्ल्ड क्लास जॉब्स की हुई हैं और क्रिकेट आपके नीचे से नीचे जाती जा रही है पढ़े लिखे लोग हमारी क्रिकेट को तबाह कर रहे हैं अफसोस मुझे सिर्फ इस चीज का है वुमेन्स टीम स तो पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड को जरा सीरियस होके अब सोचना चाहिए और सोचेंगे ये कभी नहीं टाइम नहीं है ना नहीं सोचेंगे ये तो वुमेन्स टीम का आज इंडिया से हारना मैं बिल्कुल भी सरप्राइज नहीं हूँ और कोई एक परसेंट भी चांस नहीं था आज के आपकी वुमेन्स टीम इंडिया को हरा देती इंडिया में