India vs Bangladesh: The TRUTH - Mustafiz is OUT & Bangladesh is NOT Coming to India for T20 WC |

The video presents a polemical analysis linking the ongoing dispute over Bangladesh’s participation in the T20 World Cup in India to broader political and religious tensions between the two nations. The speaker argues that the exclusion of Bangladeshi fast‑bowler Mustafizur Rahman from the IPL and the alleged refusal of Bangladesh to travel to India are not merely sporting decisions but are driven by political maneuvering, especially by the Indian government and the Bangladesh ruling party led by Sheikh Hasina. The monologue weaves together claims about persecution of Hindus in Bangladesh, alleged discrimination against Muslims in India, the influence of political figures (Modi, Amit Shah, ICC chair Jesa), and media bias. It critiques the ICC’s logistical capacity to relocate matches, highlights the financial stakes of the IPL, and calls for separating sport from politics while condemning the use of cricket as a political tool. The speaker concludes that nationalist politics are corrupting cricket, urging viewers to recognize the manipulation and demand a depoliticized approach to the sport.
Chapters
एक दफा फिर से क्रिकेट के कंदों पे रखके बंदूग चिलाई जा रही है क्रिकेट को इस्तमाल किया जा रहा है बंगलादेश के फास्ट बॉलर मुस्तफीज को पहले IPL में सेलेक्ट किया गया फिर उसके बाद उनको IPL से निकाला गया फिर बं इंडिया में सेफ नहीं होगा, लिहाजा हमारे मैच इंडिया से बायर शिफ्ट किए जाएं, T20 वर्ल्ड कप में हमारे मैच श्रीलंका में रखे जाएं, और इस टाइम आईसीसी सोच में पड़ा हुआ है कि हमें करना क्या है? ये सिर्फ और सिर्फ एक सियासी मामला है, एक पॉलिटिकल मामला है। इसीलिए इस वीडियो की शुरुआत हम सियासत से ही करेंगे, पॉलिटिक्स से ही करेंगे। आपको जाना पड़ेगा शेख हसीना की हिस्ट्री में। इंडिया में बहुत ज्यादा सपोर्ट मिलती रही है माजी में पास्ट में शेख हसीना को। अब शेख हसीना का नाम इसलिए मैं बार-बार लूँगा अभी कि उनका ताल्लुक डायरेक्ट इस इश्यू के साथ है। इंडिया का इस टाइम इंडिया में रहने वाले हिंदुओं का इस टाइम मेन इश्यू क्या है? एक लाइन में अगर मैं आपको बताऊँ, तो इंडिया में रहने वाले हिंदुओं का मुतालबा ये है कि बंगलादेश में हिंदुओं के ऊपर क्यों जुल्म किया जा रहा है? On the other side, ऐसा नहीं है कि बंगलादेश के अंदर हिंदुओं के साथ कुछ किया नहीं गया। Hindu has been killed in Bangladesh today. यहाँ पे दुबारा हम शेख हसीना को लेके आते हैं। बंगलादेश में एक बड़ा स्ट्रांग नैरेटिव है कि जितना भी शेख हसीना का वोट बैंक था, वो हिंदू होते थे। इसी वजह से जब शेख हसीना की हकूमत गिरी, उसके बाद बंगलादेश में दंगे फसाद शुरू हो गए, हिंदुओं के मंदिर वहाँ पे तोड़े गए, उनको डर उनको जख्मी किया गया। अगर कोई बंगलादेश में इस बात को डिनाइ करता है, तो I am sorry my friend, हम हकीकत को बदल नहीं सकते। मैं इस टाइम ना इंडिया के साथ हूँ, ना बंगलादेश के साथ हूँ। मैं सिर्फ क्रिकेट के पर्सपेक्टिव से बात करूँगा कि क्या चीज़ क्रिकेट को हर्ट कर रही है। On the other side, बंगलादेश में एक बड़ा स्ट्रॉंग उपिनियन है लोग ये मान के चलते हैं कि शेख हसीना को जितने भी वोट मिलते थे वो बंगलादेश में रहने वाले हिंदू ही देते थे लेकिन क्या बंगलादेश में रहने वाले मुसल्मान हिंदूओं से नफरत करते हैं लिटन डास, लिटन डास एक हिंदू है और लिटन डास को बंगलादेश में उतना ही प्यार मिलता है जितना मशरफी मुर्तजा को कभी मिला होगा वो बाईदावे मशरफी मुर्तजा IPL के लोगों में भी है उसको कब निकालना है या वहाँ दोगला पन दिखा कि जब मंदिरों को निशाना बनाया जा रहा था, तब लोकल मुसलमान कम्युनिटी मंदिरों को प्रोटेक्ट करती हुई आपको नजर आई। ये एक सबूत है। अगर बांग्लादेश में रहने वाले लोगों का ये पर्सपेक्टिव है, उनका अगर ये मानना है कि शेख हसीना का वोट बैंक सिर्फ हिंदुओं का वोट बैंक था, तो उनकी बात कह प्रॉब्लम आ रही थी तो वो भाग के कहाँ गई हिंदुस्तान उनको किसने वेलकम किया नरेंद्र मोदी ने तो जब लोग बांग्लादेश के ये अज़ूम करते हैं कि शेख हसीना को हिंदुस्तान की या हिंदुओं की बैकिंग है तो लोगों के डाउट्स इंडिया ने फिर सच साबित भी किए हैं अब इंटरनेट पे काफी ज़्यादा आपको हिंदुओं के साथ जुल्म किया जा रहा है। कोई ये नहीं कह सकता कि बंगलादेश में कुछ नहीं हो रहा, हो तो बहुत कुछ रहा है, और इसमें हमें एक्सेप्ट करने की जरूरत है। मैं वीडियो के शुरू में बिल्कुल क्रिस्टल क्लियर करना चाहता हूँ, चाहे एक मुसलमान है, चाहे एक हिंदू है, चाहे वो कोई भी इंस कीमत बहुत ज्यादा है। चाहे जहाँ भी जुल्म हो रहा हो, वो गलत है। हर इंसान किसी का बाप है, किसी का बेटा है, किसी का भाई है। आप कैसे जुल्म को एक्सेप्ट कर सकते हैं? और ये मैसेज मैं इंडिया में रहने वाले रेसिस्ट लोगों को लास्मी दूँगा, जो अपने दुश्मन कंट्रीज को जुल्म की नजर होता देखना चाहते हैं। यही फर्क है आप में और हम में। मैं अभी क्रिकेट पे भी वापस आऊँगा, जो बांग्लादेश के साथ इंडिया इस टाइम ज्यादती कर रहा है क्रिकेट के पर्सपेक्टिव से, उसपे भी आऊँगा। लेकिन इन तमाम बातों से पहले आपके लिए ये जानना लाजमी है इसका खेल से कोई लेना देना नहीं है और अब खेल को इस्तमाल किया जाएगा इस्तमाल कौन करेगा नरेंदर मोदी जो के एक्सपर्ट हैं उनकी सारी स्यासत सिर्फ नफरत के उपर चलती है वो खुद ऐसी सिट्वेशन्स क्रियेट करते हैं IPL दुनिया की सबसे बड़ी लीग है। IPL के ऑक्शन में मुस्तफीज को डाला जाता है, और मुस्तफीज बड़ा महंगा बिकता है, 9 करोड़ का मुस्तफीज बिकता है। At the first place, ऐसा कैसे हो सकता है कि बांग्लादेश और इंडिया के हालात बड़े tight चल रहे हैं आजकल? तो एक बांग्लादेशी प्लेयर बगैर गवर्नमेंट की इजाजत के इन्होंने हर चीज प्लॉट की है पहले इन्होंने बंगलादेशी प्लेयर्स को अंदर डलवाया क्यूंकि इन्होंने ड्रामा किरियेट करना था क्या ड्रामा किरियेट करना था हिंदू मुस्लिम का अब मुस्तफीज किस टीम में गए कलकत्ता नाइटरा एड्रेस में कलकत्ता किसकी टीम है शाहरुख खान की मैं पिछले डेर दो दिन में देख रहा हू ये शाहरुख़ खान को टारगेट कर रहे हैं उनके मुसलमान होने की वजह से। अब इस टाइम अगर कोई इंडियन खड़ा हो के मुझे ये कहे कि इंडिया में तो मुसलमानों के साथ कोई जुल्म नहीं हो रहा, तो मैं आपको याद करवा देता हूँ इंडिया में कोई मुसलमान किसी मेन सिटी के मेन एरिया में प्रॉपर्टी नहीं ले सकता। आप इनकार करेंगे इस बात से इंडिया में ढूंढ ढूंढ के मस्जिदें तोड़ी जा रही हैं आप इनकार करेंगे इस बात से मतलब ये चीजें एक्जिस्ट कर रही हैं इंडिया में अगर कोई अंधेरे में रहना चाहता है कोई डिनाइल में रहना चाहता है कि नहीं इंडिया में तो मस्जिद मंदिर का मामला नहीं है इंडिया में तो तो मेरी जान I cannot help you आप denial में हैं आप झूठे हैं और आपके झूठे होने पे मुझे तो कोई doubt नहीं है जैसा आपका media है वैसे ही आप लोग हैं और आपने अब ऐसा ही रहना है क्योंकि आपका कोई इलाज नहीं है आपको जो ऊपर से dictate करने वाले politicians हैं ना उनके दिमाग के अंदर गोबर है और वही गोबर वो आप लोगों को दिन र अब जो चीज आपको फीड की जा रही है वो आपकी बॉड़ी के अंदर आ जाती है वो आपके दमाग में आ जाती है वो आपकी सोच में आ जाती है आपकी जुबान में कहूं तो वो आपके विचार में आ जाती है I cannot help it शरम आनी चाहिए इन बीजे मुंबई इंडियंस एमरेट्स के साथ मुंबई इंडियंस एमरेट्स की टीम का एक बड़ा इम्पोर्टेंट मेंबर जिसका बड़ा इम्पोर्टेंट रोल है कि मुंबई इंडियंस एमरेट्स ने आईएलडी 20 का फाइनल खेला उसने कल मैच का पहला ओवर कराया शाकिबुल हसन उनका ताल्लुक बांग्लादेश के साथ है तो अगर तो आपके दोगलेपन ये दोगलापन क्यों? आपके जेशंकर साहब अभी बंगलादेश गए हुए थे, वहाँ जाके उनके पॉलिटिशियन से वो मिले, बल्कि पाकिस्तानी पॉलिटिशियन से भी मिले। अयाज़ सादिक के साथ उन्होंने हाथ मिलाए, हमारे नेशनल एसेंबली के स्पीकर हैं, अयाज़ सादिक साहब, उनके साथ जेशंकर ने हाथ मिलाए। इंडियन क्रिकेट टी ये आपके से असदान आपको सिर्फ बेवकूफ बनाते हैं और उनसे ज्यादा आपका सैनिमा आपको बेवकूफ बनाता है और मैं हमेशा कहता हूँ ना कि हिंदुस्तान में लोग तब तक बनते रहेंगे जब तक सैनिमा है यहाँ थोड़े से हालात खराब हो जाएं तो एक फिल्म आ जाती है पाकिस्तान के अगेंस्ट उसमें बस क्या पाकिस्तानी चाहिए अच्छा सुरमा लगा लो एक वो स्काफ पहन लो टोपी पहन लो और बस जैसे ही डायरेक्टर एक्शन बोले तो आपने बोलना है अदाब भाईजान लोजिए यार पाकिस्तानी यार तुमलोग क्या 1970 में रहते हो 1980 में रहते हो मतलब यहाँ पे मैं कुछ साल पहले मानना शुरू हो गया था कि इंडिया बड लेकिन जब मैं आप लोगों के काम देखता हूँ, I doubt कि ये कैसी कॉम है। इनको कॉम कहते हुए भी मुझे अजीब लगता है, ये कैसा हजूम है? अब हजूम को Google कर लेना, आपको पता लग जाएगा। Just a group of people जो इकट्ठा हुआ हुआ है, क्योंकि कॉमें ऐसी नहीं होती। कॉमें करती हैं, nations करती हैं, सवाल अपने ठीक पे और अपने गलत प अब जितने शिद्धत पसंद हिंदू इंडिया में पाये जाते हैं इस पे भी हमें कोई डाउट नहीं है मिसाल के तौर पे आप बंगलादेश को इस टाइम एक मैच खिला दें एहमदाबाद में एहमदाबाद की क्राउड जो मोदी के लोग हैं बाज़ार का बाज़ार का पाकिस्तान आज लगता पार्टी जिस्ताबाद आज लगता पार्टी जिस्ताबाद ये कच्चा चुभा जाएंगे बांग्लादेश की टीम को लेकिन कभी भी बांग्लादेश का मैच अहमदाबाद में नहीं रखा जाएगा क्योंकि फिर इनका असल चेहरा सामने आ जाएगा कितने रेसिस्ट लोग हैं ये अहमदाबाद वाले कितनी नफरत की निगाह से देखते हैं ये अनफॉर्च्यूनेटली मुसलमानों को करवाओ नजर अहमदाबाद में मैच इन लोगों की असलियत सामने आ जाएगी इन्होंने पहले भी सेफ खेला था बांग्लादेश के मैच इन्होंने कलकत्ता में रख दिए थे अब कलकत्ता क्योंकि ढाका के बिल्कु अब टेंशन किसके लिए है? इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के लिए, आईसीसी के लिए। अब हम थोड़ी देर के लिए जो आईसीसी के मौजूदा चेयरमैन हैं, जेशा, उनको साइड पे कर देते हैं। और सिर्फ मैं आईसीसी की बात करता हूँ। आईसीसी का चेयरमैन कोई भी हो, किसी भी वर्ल्ड कप से पहले जो तैयारियाँ होती ह उसका चेयरमैन से कोई तालुक नहीं है मिसाल के तौर पे इस टाइम अगर आईसीसी के चेयरमैन जेशा हों या कोई और बंदा आईसीसी का चेयरमैन हो वर्ल्ड कप की तैयारियाँ दो-तीन महीने पहले हो जानी थी हो जाती हैं और हमेशा से होती आई हैं आपके होटल्स बुक हो जाते हैं आपकी लॉजिस्टिक्स सारी फाइनल ह हर चीज इस टाइम रेडी होगी और अब बंगलादेश ने इनकार कर दिया कि हम इंडिया नहीं जाएंगे क्या बंगलादेश ने ठीक किया इसका जवाब है हाँ इस सूरते हाल में इन सरकम्स्टांसिस में बंगलादेश का इंडिया जाना नहीं बनता It's not safe At the end of the day किसी को ये बात पसंद हो या ना हो पाकिस्तान इंडिया बंगलादेश हम सारे एक ही जमीन से हैं और एक वक्त में हम सारे एक ही थे ये एक ही मुल्क था हम एक दूसरे के घरों में हमारी रूटियाँ पकके जाती थीं हमारे सालन पकके जाते थे हिंदू के घर में सालन बनावा है तो वो मुसलमान के घर आ रहा है जब मुसलमान के घर कोई सब्जी बनी है अब हम लोगों ने ना एक दूसरे का नमक खाया हुआ है, लेहाज़ा हम एक दूसरे की ना ब्रीड को जानते हैं। हमें पता है कि हमारे अंदर कैसा खून है। हम सब कंटिनेंट वाले हम हैं गंदे लोग, हमें गलाजत फैलानी आती है, हमें लड़ना आता है। यही वजह है कि आज तक हम सिर्फ लड़ ही रहे हैं, और जो फर वो टेक्नोलॉजी पे इन्वेस्ट करते हैं, वो हेल्थ के ऊपर इन्वेस्ट करते हैं, और हमारे से आसदान आज भी रोटी, कपड़ा, मकान, यही नारे इंडिया में चलते हैं, यही नारे पाकिस्तान में चलते हैं, और यही नारे बांग्लादेश में चलते हैं। हम तो बेसिक्स के पीछे आज भी वोट देते हैं इन सबको। तो मु इंडिया जाएंगे T20 वर्ल्ड कप देखने मिसाल के तौर पे कलकत्ता में इनके मैच से पहले तो जो हालात इस टाइम चल रहे हैं जितनी नफरत इस टाइम इंडियंस के अंदर है बंगलादेशीज़ को लेके या जितनी नफरत इस टाइम बंगलादेशीज़ के अंदर है इंडियंस को लेके ये तो एक दूसरे को काट देंगे वैसे भी त तो आईसीसी के टूर्नामेंट में अगर ये क्राउड में मौजूद आपस में लड़ पड़े, जिसके चांसेस बहुत हाई हैं, तो टूर्नामेंट का क्या बनेगा? किसी भी लिहाज से बंगलादेश का इस टाइम इंडिया जाना नहीं बनता। अब यहाँ पे आईसीसी क्या करेगा? या मैं इसको रिफ्रेश करता हूँ कि आईसीसी क्या कर सकता है मैं आपको एक मैसेज देना चाहता हूँ। आप लोगों ने ये दोगले इंडियन जर्नलिस्ट, जितने भी ये इंडियन मीडिया के लोग हैं ना, चाहे उनका ताल्लुक स्पोर्ट्स के साथ है, चाहे उनका ताल्लुक पॉलिटिक्स के साथ है, आपने इन डबल स्टैंडर्ड रखने वाले लोगों की बातों में नहीं आना। मैं इनके आपने इन लोगों को इग्नोर करना है क्योंकि ये पिछले साल के दूसरे महिने फरवरी में पाकिस्तान को कहते थे कि पाकिस्तान सोचे भी ना कि यहाँ पे चैमпиंस ट्रॉफी आएगी पाकिस्तान आईसीसी को आँखें नहीं दिखा सकता पाकिस्तान हिंदुस्तान को आँखें नहीं दिखा सकता एक मैच चैमпиंस ट्रॉफी का पाकिस्त आगे जितने टूर्नामेंट हैं, इनकी टीम में दुबई या श्रीलंका आएंगी। एक मैच पाकिस्तान की सर ज़मीन से बायर निकाल के ये तीन-चार दफा अपने ही मुल्क से बायर हमारे साथ खेलने आए हैं, तो कौन जीता? ये वो लोग हैं जो कहते थे कि पाकिस्तान की कोई औकात नहीं है, इनको स्क्रिप्ट वही दिया गया हमने चैम्पियंस ट्रॉफी करवाई, ये नहीं आए, बाहर में जाएं। हमने यहाँ पे अपनी ट्रॉफी कराई, हमने दुनिया को मैसेज दिया। मेरा मैसेज बंगलादेश में तमाम लोगों को ये है, स्टे स्ट्रांग। आपने नहीं आना इन लोगों की बातों में, आपका स्टांस बहुत तगड़ा है। अगर इंडिया आईसीसी के लॉ को यूज तो आईसीसी की ज़िम्मेदारी है कि आईसीसी किसी दूसरी जगह में आपके मैचेस ऑर्गेनाइज़ करवाएगा। अगर आईसीसी ने मोदी गवर्नमेंट का लेटर एक्सेप्ट किया था कि इंडिया की टीम सेफ नहीं है, तो आईसीसी किस मुंह से बांग्लादेशी गवर्नमेंट का लेटर एक्सेप्ट नहीं करेगा? अब अगेन जो मैंने दो म अगर मैं आईसीसी की जगह पे हूँ, मेरी रातों की नींदें हराम हो गई होंगी इस टाइम। और अगर नहीं हुई भी, तो आई एम अफ्रेड। क्योंकि इस टाइम जो सबसे टेंशन वाली बात है इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के लिए, वो बांग्लादेश और इंडिया का इश्यू सॉल्व करना है। मैं अगर रियलिस्टिकली बात करूँ, तकरीबन नामुमकिन बात है मतलब आईसीसी को सारी प्लानिंग छेड़नी पड़ेगी जो भी शेड्यूल इन्होंने रिप्लेस करने हैं जिन टीमों की बेस इन्होंने इंडिया में बनाई हुई है उनको श्रीलंका भेजना पड़ेगा श्रीलंका वालों को इंडिया भेजना पड़ेगा सिक्योरिटी अरेंजमेंट वालों से बात करनी पड़ेगी और ये करना आसान नहीं है, logistically ये करना आसान नहीं है and guess what ICC ये tension जो इस time ICC को है वो ये deserve करती है क्योंकि ICC ने ये सब कुछ allow किया हुआ है ICC की umbrella के नीचे ये सारी drama बाजी कितने सालों से हो रही है मिसाल के तौर पे BCCI कौन चलाता था जेशा, जेशा अमित शाह के बेटे हैं, अमित शाह नरेंद्र मोदी के राइट हैंड हैं। पाकिस्तान में आजाओ, पाकिस्तान में मौसिन नकवी आपके इंटीरियर मिनिस्टर हैं, आप बांग्लादेश में आजाओ, बांग्लादेश में तो इंडिया पाकिस्तान से पहले ही डायरेक्ट शेख हसीना हर मैच देखने आती थी, उनका डायरेक्ट इं डायरेक्ट इन्फ्लुएंस था शेख हसीना का बंगलादेश की क्रिकेट टीम में और आईसीसी के कवानीन क्या कहते हैं आईसीसी के रूल्स क्या कहते हैं कि किसी क्रिकेट बोर्ड में पॉलिटिकल इन्फ्लुएंस नहीं होगा अच्छा अगर जिम्बाब्वे की टीम में पॉलिटिकल इन्फ्लुएंस होगा ना जिम्बाब्वे को बैन कर देंगे ये लेक पैसा बनाते हैं। चलो, ये भी हमें शुक्र अदा करना चाहिए कि कल को ये Indians कहते थे कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम की कोई योगात नहीं है और आज यही लोग थूक के चाट रहे हैं और कह रहे हैं कि बंगलादेश पाकिस्तान नहीं है। पाकिस्तान तो थ्रेट कर सकता था क्योंकि इंडिया पाकिस्तान का मैच पैसे बनाता है। बं और फिर जेशा ने भी तुम लोगों के मुँह पे चुपेड़ मार दी। अभी इंडिया-पाकिस्तान की जंग के बाद ना आता इंडिया-पाकिस्तान एक ग्रुप में, आपका ही चेयरमैन था ना? कर देता। अब आईसीसी ये सारा कुछ अपनी अंब्रेला के नीचे करवाता रहा है, और अब आईसीसी ये भुगते। मैं तो यहाँ पे बांग्लादेश क और ओलंपिक्स को एक लेटर लिखें कि इंडिया हमारे साथ ये कर रहा है इंडिया ऑलरेडी बड़ी कोशिश कर रहा है कि किसी तरीके हमें ओलंपिक्स मिल जाएं और ओलंपिक्स में ये चीजें बहुत ज्यादा काउंट करती हैं कि आपका बिहेवियर क्या है इसीलिए ये पाकिस्तान की हॉकी टीम को भी इनवाइट करना चाहते थे ताक कि हम बाइलेटरल नहीं खेलेंगे लेकिन टूर्नामेंट में हम पाकिस्तान के साथ खेलेंगे इन्होंने बकायदा पॉलिसी बना के जंग के बाद अपने लोगों को अनाउंस कर दिया ताकि कल को जाके ये मसला ना हो कि टूर्नामेंट में हम क्यों खेल रहे हैं ये सब कुछ इन्होंने क्यों किया ताकि इनको ओलंपिक्स मिल सकें तो और उनके सामने ये बात लाए कि हमारी टीम वहाँ पे सेफ नहीं है इससे बहुत बड़ी हिट पहुँचेगी देखो आपको जो सियासी तौर पे मसले सॉल्व करने होते हैं ना वो ऐसे स्टेप उठाके ही किए जाते हैं इसके बगैर नहीं वो हो सकता है ऑन द अदर साइड बांग्लादेश ने आईपीएल को भी बांग्लादेश के अंदर बैन देशभक्त आ जाएंगे पता नहीं इनको देशभक्त कहना चाहिए या इनको अंधभक्त कहना चाहिए हमें कोई फर्क नहीं पड़ता बंगलादेश की हमें जरूरत नहीं है ये वही लोग हैं जिनको मैथ समझ नहीं आता जिनको नंबर्स समझ नहीं आते जिनको पैसा समझ नहीं आता ये वही लोग हैं जो कहते थे कि पाकिस्तान इंटरन इंडिया बहुत अमीर है, बिल्कुल यार हम मानते हैं कि इंडियन क्रिकेट के पास, बीसीसीआई के पास बहुत ज़्यादा पैसा है, हम मानते हैं, लेकिन वो पैसा कैसे बनता है? वो दूसरों के साथ खेल के बनता है, वो पाकिस्तान के साथ खेल के बनता है, वो न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, बंगलादेश, श्रीलंका, इं इंडिया वर्सेस भारत, भारत वर्सेस हिंदुस्तान, एक का कप्तान शुभमन को बना दो, वैसे भी वो T20 में नाराज है आजकल। एक का कप्तान दोबारा से रोहित को बना देते हैं, एक कप्तान पांड्या कोई बना दो, क्योंकि ये फॉर्मेट ही उसने इंट्रोड्यूस करवाया है कि तीन टीमें होंगी। ऐसे कर लेते हैं। दोनों किसम के सफर करने पड़ते हैं ये जो इंडिया अपनी बेस बना के दुबई में बैठ जाता है यहाँ चलो इस दफा तो को होस्ट सिरीलंका है बाकी टीमें भी सिरीलंका जा रही हैं लेकिन अगर वाहिद होस्ट इंडिया होता तो पाकिस्तान ने अपनी बेस बना के बैठ जाना था सिरीलंका इसमें मुश्किलात किसको आत वो क्यों ट्रेवल करें? आप दोनों अपने-अपने कम्फर्ट ज़ोन में बैठे हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया को ट्रेवल करना पड़ा है, न्यूजीलैंड को ट्रेवल करना पड़ा है, बांग्लादेश को ट्रेवल करना पड़ा है, सब ट्रेवल कर रहे हैं, लेकिन इंडिया पाकिस्तान अपने-अपने मुल्कों में रूसी फूपी वर्गा मुंह बना के क्यों क्योंकि हम गंदे लोग हैं हमारी जो सियासत है सब कंटिनेंट की वो गंदी है और अब अनफॉर्च्यूनेटली इंडिया उस पॉलिटिक्स को खेल में ले आया इनकी क्रिकेट टीम हाथ नहीं मिलाएगी लेकिन इनके पॉलिटिशियन हाथ मिलाएंगे क्या दोगलापन नहीं है क्या दोगलापन नहीं है इनके जर्नलिस्ट इनके यूट वो हम इंडिया पाकिस्तान के मैच के दौरान लाइव नहीं आएंगे, लेकिन अगले दिन आके इंडिया पाकिस्तान के ऊपर बात करेंगे। वो हम इंडिया पाकिस्तान के ऊपर बात नहीं करेंगे, हम देशभक्त हैं, पाकिस्तान न्यूजीलैंड के ऊपर बात करेंगे, पाकिस्तान अफगानिस्तान के ऊपर बात करेंगे, पाकिस्तान साउथ यहाँ तो आप लोग बहुत ज़्यादा बेवकूफ हैं, यहाँ वो बहुत स्मार्ट हैं। आपको बेवकूफ बनाने वाले आपके जर्नलिस्ट, आपके पत्रकार, आपके यूट्यूबर्स कुछ भी कहलो, बस कर दो यार, अलैदा कर दो स्पोर्ट्स को पॉलिटिक्स से। ड्रामेबाजियाँ आप लोगों ने शुरू कर दी हैं, हाथ नहीं मिलाएंगे, कि मेरा दिल इंडियन क्रिकेट से क्यों उठा हुआ है? जो इंडियन क्रिकेट टीम ने ड्रेसिंग रूम का दरवाजा बंद किया था ना, मेरे दिल से आपकी क्रिकेट उतर गई है। I have no respect for your team. I have no respect for BCCI. हाँ कहने को कोई कह सकता है कि उनका कोई कसूर नहीं है, ये सब इंडियन गवर्नमेंट करवा रही थी। मैं देखता इस टीम में विराट कोहल मजाल थी कि कोई ऐसे करता ड्रेसिंग रूम में ये गौतम गंबीर जो के पाकिस्तान से नफरत करता है उसको तो मनाना ही बहुत असान था मैं क्या पास्ट भूल गया हूँ इसका तो जितनी नफरत बेचनी है आपने बेचो आखिर में अंधेरा ही है क्रिकेट खराब हो रही है वर्ल्ड कप खराब हो रहा है पहले एक टीम थी पाकिस्तान इंडिया ने किस-किस के साथ खराब करनी है? चाइना के साथ इनकी नहीं बनती, नेपाल के साथ इनकी नहीं बनती, पाकिस्तान के साथ इनकी नहीं बनती, बांग्लादेश के साथ इनकी नहीं बनती। मतलब चार गलत हैं और आप ठीक हो? अपने मसले सॉल्व करो, अपने हमसायों के साथ बंदे के पुत्र बनके रहो। अगर आपने कुछ दुनिय और गलत के ऊपर आवाज उठाना सीखो। आपके पॉलिटिशियंस, आपके यूट्यूबर्स आपको बेवकूफ बनाते हैं, आप बेवकूफ बनते रहते हैं। मैं अगेन मेंशन कर देता हूँ कि जो भी जुल्म बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रहा है, वो गलत है। और जो बांग्लादेशी लोगों को इंडिया में तंग किया जा रहा ह और जो भी पॉलिटिकल लेवल पे चीजें चल रही होती हैं, उसका खेल से कोई ताल्लुक नहीं होना चाहिए। ये बात अब आप समझ जाओ कि आपके सियासतदान आपको बेवकूफ बनाते हैं, खेल का सहारा लेके। वो पहले होता था कि पाकिस्तानी एक्टर्स को बैन कर दो, फिर अब आ गया इनके यूट्यूबर्स को बैन कर दो। मत कि उसने यूट्यूबर्स को बैन कर दिया क्या बात है यार चलो ऐसे खुश रहलो ऐसे ही खुश रहलो वो आपको बेवकूफ बनाते हैं आप बेवकूफ बनते जाते हैं तो बांग्लादेश यहाँ पे आपको स्टांस लेना है जितना प्रेशर आप आईसीसी पे डाल सकते हैं आप डालें कोई टेंशन की बात नहीं है और अगर इंडिया म बंगलादेश आईसीसी की फुल मेंबर टीम है मैं मानता हूँ कि वो कोई रेड हॉट फेवरेट नहीं है वर्ल्ड कप के लिए लेकिन वो आईसीसी की फुल मेंबर टीम है और फुल मेंबर टीम को निकाल के किसी दूसरी टीम को लेके आना वो भी लास्ट मोमेंट पे ये आसान नहीं है ये आपके लिए बातें करना आसान है एक राइट्स वहाँ से करोड़ों नंबर्स आते हैं आईसीसी के पास तो ये बच्चों वाली बातें हैं कि कोई फर्क नहीं पड़ता फर्क बहुत ज्यादा पड़ता है आखिर में एक ही लाइन में इसको समराइज करूँगा कि बीजेपी अपना पूरा किरदार दा कर रही है क्रिकेट को गंदा करने में और ये बात इंडिया में कुछ लोगों को समझ आ गई ह गंदा सिर्फ क्रिकेट को किया जा रहा है, क्रिकेट को टूल बना के इस्तमाल किया जा रहा है, और कुछ भी नहीं है
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