In this Hindi monologue, the speaker explains the Pakistan Cricket Board (PCB) chairman’s recent announcement that a special visa and a reserved quota of tickets will be made available for Indian cricket fans who wish to attend the ICC Champions Trophy 2025 in Pakistan. The speaker outlines the proposed allocation (approximately 25‑30% of tickets) and the creation of a dedicated visa stream, emphasizing that Indian supporters will face fewer logistical hurdles than they did during the 2015 ODI World Cup when New Zealand fans struggled to secure tickets and accommodation. The narrative then shifts to a broader analysis of India‑Pakistan cricket relations, describing the rivalry as a “Tom‑and‑Jerry” dynamic that fuels political narratives on both sides. The speaker highlights the varied regional attitudes within India—ranging from strong affection in Hyderabad and Kolkata to more skeptical views in Mumbai and Ahmedabad—while stressing that the core issue is not security but entrenched ego and media‑driven animosity. The monologue critiques the Asian Cricket Council’s and ICC’s handling of cross‑border cricket, accusing them of bias and of allowing “under‑the‑table” deals that disadvantage certain nations. Security logistics for Indian fans in Pakistan are described in detail, noting that the host nation can provide safe travel routes, accommodation, and monitoring, and that the real challenge lies in overcoming political resistance rather than physical safety. The speaker concludes with a persuasive call to Indian fans to take advantage of the opportunity, travel to Pakistan, and experience the tournament, positioning the event as a chance for people‑to‑people goodwill and a step toward easing long‑standing tensions.
Chapters
वो इंडियन फैंस जो पाकिस्तान आना चाहते हैं चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए आप लोगों के लिए बड़ी अच्छी खबर है पीसीबी चेयरमैन ने ये ऐलान किया है कि जो हमारे इंडियन भाई और बहन हैं जो कि आना चाहते हैं पाकिस्तान उनके लिए एक अलैदा से वीजा भी खोला जाएगा यानी उनका एक स्पेशल वीज तो उनमें से पीसीबी डेफिनेटली जब टाइम करीब आएगा तो एक परसेंटेज निकालेगा कि जी ये 25 या 30 परसेंट ये वो टिकट्स हैं जो सिर्फ इंडियंस को मिलेंगी तो वो टिकट उनके लिए रिजर्व कर ली जाएंगी। वो मुझे याद आता है 2015 के ओडीआई वर्ल्ड कप में जब न्यूजीलैंड फाइनल में पहुंची ना, जो क एमसीजी के बायर सोए थे एक रात पहले भी और एक रात बाद भी ना उनके पास टिकट सी ना उनके पास कोई रहने का इंतजाम था मतलब बहुत राशि लग गया था मेलबन में लेकिन इंडियंस को लाहौर में ऐसी कोई मुश्किल नहीं आएगी हालाँकि आज जब हम ये वीडियो बना रहे हैं इंडियन गवर्नमेंट ने ऐसा कोई ऐलान नही जाएगी पाकिस्तान लेकिन जैसा कि मेरी एक अर्ली प्रिडिक्शन है मैंने आपको काफी देर पहले से बताया हुआ है कि ये वो मामला है जो बिल्कुल आखिर में जाके सॉर्ट आउट होगा ये इंडिया पाकिस्तान ये टॉम एंड जेरी हैं इन्होंने सारी ज़िंदगी आपस में ऐसे ही रहना है और ऐसा कभी नहीं होगा कि किसी म पाकिस्तान के ऊपर गालियां निकाल के बनाएं और पाकिस्तान में भी ऐसे काफी लोग मौजूद हैं जिनका पूरा करियर इंडिया को गालियां निकाल के बनाएं सो ये तो दोनों साइड पे जो मनोपली है दोनों यू नो ऑडियंस को लोगों को लड़वाने की उनके दिमाग में घलाजत गंद पैदा करने की वो तो सारी जिंदगी च लेकिन ये जो इंडिया पाकिस्तान की नफरत है ना ये हमेशा कायम रखी जाएगी क्योंकि इसके ऊपर बड़े फायदे हैं मैं हमेशा अपनी वीडियोस में जब भी हम इंडिया पाकिस्तान की बात करते हैं मैं एक बात लाजमी आपको मेंशन करता हूँ कि इस वीडियो के नीचे ना अभी तक काफी कमेंट आ चुके होंगे कि पाकिस्तान अफगानिस्तान का बॉर्डर है, अमेरिका का बॉर्डर है, साउथ अफ्रीका का बॉर्डर है, ऑस्ट्रेलिया का बॉर्डर है, जिसका भी बॉर्डर है, जहाँ पे कोई जवान खड़ा हुआ है, वो किसी का बाप है, किसी का बेटा है, किसी का भाई है, किसी का दोस्त है, यार है, उसकी जान की बड़ी अहमियत है। कभी किसी की बड़ी वैल्यू है मेरे लिए ये मैटर नहीं करता कि वो इंसान का ताल्लुक दुनिया के किस कोने से है उसकी जान की बड़ी अहमियत है तो हम नहीं चाहते हम हमसे मेरी मुराद कौन है जो अमन देखना चाहते हैं सारे लोग वो कभी भी नहीं चाहते कि कभी किसी की जान जाए और अगेन मैं आपको ये भी बताता होता ह आज कोई न्यूज़ चैनल लगा के देखलो, 10 अपने न्यूज़ चैनल चूज़ करलो, उनमें से कोई एक लगा के देखलो मेरी वीडियो के बाद, आपको नजर आ जाएगा किस तरह दो-तीन उनमें से पाकिस्तान के ऊपर रिपोर्टिंग कर रहे होंगे। तो लोगों का भी इतना कसूर नहीं है, लोगों को जो फीड किया किया जा रहा ह मतलब मैं एशियन क्रिकेट काउंसिल की बात कह रहा हूँ इंडिया के पर्सपेक्टिव से अगर देखा जाए तो उन्होंने बड़ा अच्छा काम किया है इंडिया के लिए उन्होंने बड़ा काम किया है लेकिन ग्लोबली जहाँ पे उनकी जिम्मेदारी थी सबको साथ लेके जाने की वहाँ पे वो बहुत ज्यादा एक्सपोज हुए हैं जब वो ये वो ही जेशा है ना जिन्होंने ग्रुप स्टेज में रिजर्व डे पे मैच करा दिया था तो ऑब्वियसली वो गुजरात अहमदाबाद का बंदा है उसको धंधा करना आता है उसको पता है कि ये पाकिस्तान के बगैर हमारी दाल नहीं गल नहीं और जितना इम्पोर्टेंट क्रिकेट में पाकिस्तान है ना उतना ही इम्पोर्टेंट तो पैसे बढ़ते हैं सब मैचेज में सबसे इंपोर्टंट मैच पाकिस्तान का क्यूं है क्योंकि उसमें पाकिस्तान इंडिया का फैक्टर इंवॉल्व है तो ये टॉम और जैरी हैं जो हमेशा टॉम को जैरी चाहिए और जैरी को टॉम चाहिए जेशा जिस तरह एक्सपोज हुए हैं जो उन्होंने गलत आदतें लोगों में पैदा की हैं एशियन क्रिकेट काउंसिल के लोगों को उन्होंने सिखाया कि अंडर द टेबल कैसे ऑफर दी जाती है तुम होस्टिंग के राइट्स की रद्दाबंदी दे लो इंडिया की टीम से रिलंका आ जाएगी बंगलादेश तुम आंखें दिखा लो अफगानिस्तान उन्होंने लोगों को ना बड़ी गलत चीजें सिखाई हैं अब जबकि वो आईसीसी के काइंड ऑफ मतलब चेयरमैन बनने गए हैं बस ऑफिशियल आना लाजमी है बट अभी भी आई वांट भी सरप्राइज कि मतलब अभी भी चीजें उनसे पूछ के ही हो रही हैं सारी हालाँकि उनके अपॉइंटम इंटरनेशनल पर्सपेक्टिव से इस इवेंट को लेके चलते हैं या अपनी तंग नजरी से? अब मुझे इसमें कोई डाउट नहीं है कि इंडिया एक बहुत बड़ा कंट्री है। इंडिया में डिफरेंट स्टेट्स हैं और डिफरेंट स्टेट्स पाकिस्तान के बारे में डिफरेंट राय रखती हैं। मिसाल के तौर पे, अगर आप हैदराबाद साइड पे पंजाब वाले तो मतलब अपनी जान निछावर करते हैं पाकिस्तानियों पे पंजाब और पाकिस्तान बहुत एक दूसरे से मुहबत करते हैं अगर आप कॉलकत्ता साइड पे चले जाएं वहाँ भी पाकिस्तान को बहुत प्यार दिया जाता है अगर आप मुंबई साइड पे आ जाएं या अगर आप अहमदाबाद में आ जाएं तो यहाँ मेजोरिटी में प्यार सख्त नजर से देखा जाता है पाकिस्तान को, for all those reasons। खैर, उनको जेशा को side नहीं लेनी इंडिया की, क्योंकि आईसीसी के जितने भी बंदे हर महीने पाकिस्तान visit कर रहे हैं, and they are okay with it कि हर चीज़ ठीक जा रही है। अब इंडिया का जब चेयरमैन आता है, जो कि इंडिया को रिप्रेजेंट उनको नहीं करना चाहिए, उनको आईसीसी को रिप्रेजेंट करना चाहिए, तो उनको जो आईसीसी के लोगों ने पीछे सब कुछ ओके किया हुआ है, हर जगह को टिक-टिक लगाया हुआ है, तो वो आके बिस्मिल्लाह करें, टूर्नामेंट करवाएं पाकिस्तान में। और पंद्रह सोलह दिन हैं और जितनी हाई सिक्योरिटी यहाँ पे टीमों को मिलती है आप नहीं जानते परिंदा भी पानी मार सकता सीधी सी बात है पाकिस्तान में अब हालात बिल्कुल नॉर्मल और मैं हमेशा कहता हूँ मुझे इस चीज के डेनाइल से कोई मैं इससे नहीं भागता कि जो श्रीलंकन टीम के साथ हुआ है जो श्रीलंकन टी और उससे निकलने के लिए पाकिस्तान ने बहुत ज्यादा बेबी स्टेप्स उठाए हैं। कीनिया को बुला रहे हैं, अफगानिस्तान को बुला रहे हैं, जिम्बाब्वे को पैसे देके बुला रहे हैं। उन्होंने आने से दो दिन पहले इनकार कर दिया कि पैसे बढ़ाओ। ब्लैकमेल करती रही है जिम्बाब्वे में। वर्ल्ड 11 क हर बंदा पाकिस्तान आता है, इंडिया का पाकिस्तान आना रहेगा, और इंडिया का पाकिस्तान आना सिक्योरिटी का मसला नहीं है, ईगो का मसला है। मैं हमेशा कहता हूँ, अगर तो आपकी क्रिकेट टीम सेक्योर नहीं है, तो आप अपनी बाकी स्पोर्ट्स की टीम को यहाँ पे क्यों भेजते हैं? कबड्डी को क्यों भेजते हो? कहाँ गए सिक्योरिटी के मसले पता नहीं कौन-कौन से स्पोर्ट्स हैं यार हमें तो उनके नाम भी नहीं आते उनकी भी टीमें यहाँ पाकिस्तान आती हैं खेलने वागा बॉर्डर के रस्ते फिर बायरोड यहाँ से सलामवाज जाते हैं या मुल्तान जाते हैं पांच-पांच छः-छः घंटे की ड्राइव करके तो लोगों को बेवक इंडिया भी इनवाइट करता पाकिस्तानियों को और एक काफी लोगों के दिमाग में ना ये सवाल होगा कि जी वो सिक्योरिटी रीज़न्स की वजह से पाकिस्तानी जो आम पाकिस्तानी हैं उनको इनवाइट नहीं किया गया आप में से अगर कोई आईटी की फील्ड में है ना तो बड़ा आसान है ये पता करना कि कौन जेनुअन बंद है और क अब मॉडर्न दौरा भाई आप एक बंदे की एक्टिविटी उसके पासपोर्ट इन आउट सब कुछ आप उसका ट्रैक कर सकते हैं विदिन वन आर एक घंटा भी बहुत ज्यादा है आपको पता लग जाएगा कौन जेन्विन टूरिस्ट है और कौन बस जो फर्स्ट टाइमर है उसको ना दो ठीक है इतनी कर दो फिर भी आपको लाखों ऐसे लोग मिल यू नो इन्वेस्टिगेशन कर सकते हैं फिर आप उनको अलाऊ करें लेकिन मुश्किल नहीं था इंडिया का पाकिस्तानियों को इनवाइट करना बट वो करना नहीं चाह रहे थे वहाँ पे तो खैर उन्हें उन्होंने इंटरनेशनल जर्नलिस्ट को भी दो पाकिस्तान के मैच गुजर गए उसके बाद आना अलाऊ किया खैर वो एक सेपरेट आपको याद होगा हमने यहाँ पे इन्शाअल्लाह कम से कम भी 300 पाकिस्तानियों ने यहाँ पे आपको होस्ट करना है मतलब मिसाल के तौर पे इंडियन 300 बंदा आ रहा है तो हर बंदे के साथ इन्शाअल्लाह हमारी टीम हमारा कोई बंदा अलाइन होगा आप यहाँ पे इंडिया से 300 बंदे आए आपको यहाँ पे 300 वेलकम करने के लिए म आपकी हर चीज का ख्याल रखा जाएगा और आप आने वाले टाइम में अपने बच्चों को भी बताएंगे यार कि एक टाइम पे हम पाकिस्तान गए थे और वो हमारी जिन्देगी के सबसे बेहतरीन पंद्रा सोला दिन थे सो आएं हम आपका इंतजार कर रहे हैं