In this Hindi solo commentary, the speaker lauds Jasprit Bumrah as the current world’s number‑one fast bowler and argues that his 30‑year‑old status should be a pivotal moment for the BCCI and Indian fans. He emphasizes Bumrah’s critical role in India’s success, noting that while India is often perceived as a batting‑strong side, its big‑match victories are driven by bowling. The speaker warns against over‑using Bumrah, highlighting injury risks and the need for careful workload management as he ages. He draws parallels with legends like Wasim Akram and James Anderson to illustrate Bumrah’s calibre, yet stresses that each bowler is unique. The commentary calls for the BCCI and the NCA (Bengaluru) to manage his recovery and legacy responsibly, suggesting selective deployment in matches and the development of other bowlers to share the load. Finally, the speaker notes that Bumrah’s weightage in the team may now exceed that of star batsman Virat Kohli, underscoring his growing importance and the responsibility of cricket authorities to ensure a sustainable bowling contingent for India.
Chapters
जसप्रीत भूमरा इस टाइम दुनिया के नंबर वन बॉलर हैं। अगर मैं ये कहूँ कि इंडिया की हिस्ट्री के भी वो नंबर वन बॉलर हैं, तो शायद आप सब एग्री करेंगे। जसप्रीत भूमरा की इस टाइम ऐज है 30 साल और ये एक साइन ऑफ़ वरी होना चाहिए BCCI के लिए, इंडियन फैंस के लिए। बहुत बड़ी जिम्म मैं ये नहीं कह रहा कि जसप्रीत भूमरा को आप बायर ट्रायल्स पे भेज दें कि जसप्रीत भूमरा बॉलर ढूंढे नहीं, लेकिन ये जो तीन-चार बॉलर्स आपको इंडियन टीम में नजर आते हैं जसप्रीत भूमरा के साथ, भूमरा को इनको भी रेडी करना, और अगर कोई 30-40 परसेंट ही ये सब वो करना शुरू करते हैं इंटरनेशनल सर्किट में भूमरा का अब कंपैरिजन किया जाता है पता है किसके साथ? The Great वसीम अक्रम के साथ। और मैं ये नहीं कह रहा कि दोनों का कोई कंपैरिजन है, लेकिन ऐरा को एक ऐरा को दूसरे ऐरा से मैं कभी भी कंपेयर नहीं करता। लेकिन अगर जसप्रीत के हाथ में बॉल है, तो आपको सेटिस्फेक्शन होती है क यही सेटिस्फेक्शन कब आती थी? जब वसीम अक्रम भी बॉल करते थे। बड़े कम बॉलर हैं ना दुनिया में, जिनके एक-दो ओवर्स रहते हों और फैंस को बड़ी सेटिस्फेक्शन हो गई है मैच निकाल लेंगे। जसप्रीत बुमराह इस डेफिनेटली नंबर वन बॉलर इन द वर्ल्ड राइट नाउ। और जैसा मैंने शुरू में क अरशदीप हो जाए सिराज की तो वैसे ही फॉर्म में एक मैसिव डिप है श्रीलंका के गेंदबाज यू नेवर नो वो उनकी फॉर्म वापस आ जाए अरशदीप सिंह T20 वर्ल्ड कप में शुरू वाले मैचेस से उनको बहुत उनके ड्राई गए थे लास्ट में आके उन्होंने आखिर वाले ओवर्स अच्छे किए लेकिन नए बॉल से वो जो आत जब वो अकेला होता है तो आप कहते हैं यार के भुमरा कर सकता है अगर यही चीज बाकी बॉलर्स में भी आजे तो क्या ही बात हो और कितनी इंट्रोस्टिंग बात है सब कॉंटिनेंट में एक बात मशूर है कि इंडिया की स्ट्रेंथ उनकी बैटिंग है जबकि सच यह है कि इंडिया जो बड़े मैच जीतता है वो उनकी बॉलिंग उनको जितवाती है फैंस को नहीं पता लगती हैं ऑन रिकॉर्ड कैमरे पे लाइव ब्रॉडकास्ट में वो चीजें नहीं आ रही होती लेकिन भुमरा बहुत ज़्यादा गाइड करते होंगे क्योंकि हर टीम में एक तो टीम का कप्तान होता है ना एक बॉलर्स का कप्तान होता है जो बॉलर्स को सब साथ लेके चलता है सबको साथ लेके चलता है तो भ जो अक्सर इंजरी का शिकार रहते हैं, उनकी बॉडी उनको अलाऊ करे कि वो जब तक क्रिकेट खेलना चाहें, वो क्रिकेट खेलें। क्योंकि इस जनरेशन में हमारे पास राय देके एक जसप्रीत भूमरा ये फिलहाल, फिलहाल जिनकी बॉलिंग देखने का आपको मजा आता है, एंड वर्ल्ड क्रिकेट का नुकसान है, भारत का नुकस अगर 30-31 साल की उम्र में आप इंजर्ड हो जाएं तो बहुत मुश्किल हो जाता है आपका कम्बैक करना कंसीडरिंग अगर आपकी 25-26 है वहाँ पे थोड़ा आसान होता है जैसे वर्ल्ड कप से पहले एनसीए बेंगलौर को मैं बड़ा क्रेडिट देता हूँ उन्होंने जिस तरह जसप्रीत पे काम किया हर दफा इतना आसान नहीं होगा एज के साथ आपकी रिकवरी टाइम इंक्रीज होता है, इसको आप नहीं चेंज कर सकते। अब यहाँ तो आई एम शोर एक टाइम पीरियड अगर भूमरा फिट रहते हैं, एक टाइम पीरियड ऐसा आएगा कि ये जेम्स एंडरसन की तरह इनको भारत यूज़ करेगा कि सिलेक्टेड मैचेस में खिलाया। लेकिन अभी इंडिया को कंसिस्टेंसी के स एक इंडिया ने एक वो आइस ब्रेक करनी है कि जी इस दफा WTC जीतनी है तो उसमें भूमरा का बहुत इंपोर्टंट रोल है जैसे इंडियन टीम विराट पे बहुत ज़्यादा डिपेंड करती है ना मैं ज़्यादा वेटेज अब भूमरा को देना मैंने शुरू कर दिए कि यार भूमरा शायद विराट से भी ज़्यादा इंपोर्ट तो उसका वेटेज कहीं न कहीं आजकल विराट से भी ज्यादा है तो बहुत बड़ी जिम्मेदारी है BCCI की कि वो भुमरा को कन्वे करें कि बॉस आपने तीन चार बॉलेट्स हमें देके जाने हैं ताकि वो जो एक लेगिसी है वो आगे कंटिन्यू रहे