Kya Ham Koi GHULAM Hain? Kay Jo Ap Kahain Ham Kar Lain? | Pakistan T20 World Cup 2026 |

In this extensive monologue, the speaker passionately asserts that Pakistan is not a servant of foreign cricket boards and critiques the Pakistan Cricket Board (PCB) for acting like a 'slave' to external influences, especially regarding series negotiations and player selections. The speaker outlines ongoing negotiations for a Pakistan‑Australia series, highlighting confusion over whether it will be a three‑match or five‑match series and the impact of the Big Bash League on player availability. Specific player cases are discussed, including Shadab Khan’s limited participation due to Big Bash commitments, Babar Azam’s role, Shaan Masood’s historic 200‑run first‑class innings and his inconsistent international career, and the controversial inclusion of younger players such as Khwaja Nafis, Fawad Jaman, and others for the upcoming T20 World Cup 2026. The speaker also stresses the need for Pakistani cricketers to improve English communication skills to engage globally, while defending Urdu as a cultural asset. Broader geopolitical commentary touches on India‑Pakistan cricket relations, media bias, and the importance of self‑reliance in team management. The monologue concludes with a call for PCB leadership to adopt a more autonomous, talent‑development focused approach, ensuring that selection decisions are made domestically rather than dictated by foreign boards.
Chapters
मैं मानता हूँ कि पाकिस्तान के कोई बहुत ज्यादा अच्छे हालात नहीं हैं। पाकिस्तान का शुमार कोई दुनिया के टॉप कंट्रीज़ में नहीं होता, किसी भी लिहाज से। लेकिन मैं ये लाजमी बताना चाहता हूँ दुनिया को कि हम किसी के गुलाम नहीं हैं। मैं एक प्राउड पाकिस्तानी हूँ, जो दुनिया की आँखों म कि हम आपके गुलाम नहीं हैं और काश ये सोच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की भी होती बहुत अफसोस है मुझे कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड गुलामों की तरह काम कर रहा है और कोई दूसरा क्रिकेट बोर्ड हमें डिक्टेट कर रहा है ऐसे लगता है जैसे हमें लगाम डाली भी है ऊपर से हमारी रस्सी खिंची हुई है गोरों ने कि जैसा तुम्हें हम कहेंगे तुम वैसा करोगे जो हमारी डिमांड्स हैं तुम वो पूरी करोगे दो हफ्ते पहले आपको मैंने एक खबर दी थी कि पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया की निगोशिएशंस चल रही हैं कि तीन की बजाय शायद हम पांच मैचों की सीरीज खेलने कल एक बड़ी इम्पोर्टेंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की पीसीबी चेयरमैन ने उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के सीओओ सईद सुमैर भी बैठे हुए थे एक सहाफी ने सवाल किया एक जर्नलिस्ट ने सवाल किया कि खबरें आ रही हैं कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन की बजाय पांच मैच हैं तो क्या अपडेट है तो चेयरमैन साहब ने जवाब दिया कि अभी तक तो तीन हैं। पीसीबी के सीओओ सईद सुमैर ने फौरन से पीसीबी चेयरमैन के कान में ये बात बोली कि बिग बैश की वजह से होनी रहा, अभी फिलहाल तीन हैं। ये क्लिप सुनें आप। अभी तक तो तीन हैं। अभी तक तीन हैं। उनका सेंटाइट हो रहा है। उनका सेंटाइट हो रह कि पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया की बातचीत चल रही है और ये तीन की बजाय पांच मैच हो सकते हैं वो आपको यहाँ से वेरिफाई होगी कि बातें वाकई चल रही थीं फुरगान भट्टी ने यहाँ कोई हवा में तीर नहीं चलाया था अब आज सुबह बिग बैश की तरफ से सिडनी थंडर्स की तरफ से ये अनाउंसमेंट आती है कि शदाब खान को बहुत ज़्यादा मुबारक हो, उनका पाकिस्तान टीम में नाम आ गया है। लेकिन शदाब खान यहाँ से 4 जनवरी को आखरी मैच सिडनी की तरफ से खेलके जाएंगे, और जब वो पाकिस्तान श्रीलंका की सीरीज से फ्री हो जाएंगे, शदाब खान वापस ऑस्ट्रेलिया आएंगे, और 16 जनवरी को सिडनी थंडर और सिडनी स उसमें वो खेलेंगे यही नहीं सिडनी थंडर ने ये भी अनाउंस किया कि अगर हमारी टीम ने फाइनल खेला तो शदाब खान उसमें भी खेलेंगे अब बिग बैश का फाइनल कब है 25 जनवरी को पाकिस्तान अस्ट्रेलिया की सिरीज कब होनी है 25 जनवरी से लेके दो तीन फेब्रुअरी के दरमियान कहीं पे उसकी डेट्स अभी ऑफिशियल अनाउंस नहीं की गईं यानि वो अपनी सारी बातें मनवा रहे हैं उन्होंने आपके सारे प्लेयर्स को और आपको लगाम डालके वहाँ पे रोका हुआ है और बदले में हमारे क्रिकेट बोर्ड के सीओओ साहब ये कह रहे हैं कि उनकी बिग बैश की वजह से हमें कु और आपने अपने प्रीमियम प्लेयर उनको दिए हुए हैं, वो हमारा शहीन अभी वहाँ पे अपने टेस्ट करवा के फेंडा है। अभी तक कोई अपडेट नहीं है कि शहीन वापस आ रहा है कि नहीं। ये गोरे डिसाइड करेंगे, जब शहीन की रिपोर्ट आ जाएगी ना उसका स्कैन आ जाएगा, तो गोरे डिसाइड करेंगे कि शहीन ने वापस प T20 वर्ल्ड कप की क्या उकात है? या पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड में क्या मजाल है? कि वो फ़ौरण से बिग बैच को फून करते हैं हमारा प्रीमियम बॉलर है इसको वापस वेजो यार हमने इसको वर्ल्ड कप खेलान है लेकिन नहीं अभी गोरो की तरफ से फैसला नहीं आया आपने उनको बाबर आजम शहीन राउफ तो चलो पहले भी बदले में आपने उनसे दो एक्स्ट्रा मैच लेने थे और वार्मअप वर्ल्ड कप का एक मैच और हमारे क्रिकेट बोर्ड की तरफ से आवाजें आ रही हैं कि उनकी बिग बैश क्या बात है यार आप लोगों के लिए तालियाँ बजाने का दिल करता है बजाई देते हैं वो डिसाइड करेंगे हमने किस तरफ जाना है ये जो माइंडसेट है आपको याद होगा पांच-छः दिन पहले एक वीडियो मैंने की थी उस वीडियो में हमने इस चीज़ का जिक्र किया था कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सीईओ ने अनाउंस किया था कि पाकिस्तानी प्लेयर्स इंक्लूडिंग बाबर आजम फाइनल तक अवेलेबल हैं ये अनाउंसमेंट पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की तरफ से होनी चाहिए पाकिस्त अपने अंदाजे लगाओ कि किसने वर्ल्ड कप की टीम में होना है कोई लीग में गया है तो क्यों गया है कल टीम अनाउंस किया इन्होंने एरली मॉर्निंग उसमें कहीं भी एक्सप्लेन नहीं किया कि आपने जिन प्लेयर्स को ऑस्ट्रेलिया भेजा हुआ है वो कब वापस आएंगे या वो आपके प्लान्स में हैं कि नहीं पाकिस्तान के मैं दुबारा आऊँगा, लेकिन दरमियान में बहुत कुछ है पाकिस्तान क्रिकेट से रिलेटेड डिस्कस करने के लिए। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पंजाबी ते कहेंगे ना बंदे ते पुत्तर बनो, अपनी इज्जत आप कराओ, अपने प्लेयर्स को खुद कंट्रोल करो, ये आपके बच्चे हैं, ये आपकी प्रोडक्ट्स हैं, ये आपके सेंट्रल क वो डिसाइड नहीं कर सकते हमारे प्लेयर्स के बारे में तो अपने अंदर पाकिस्तानियत पैदा करो यार एक रिच हिस्ट्री है हमारी पाकिस्तान है यार हम गोरों को आप लोगों ने लाओ किया हुए कि वो हमारे प्लेयर्स के बारे में फैसला कर रहे हैं अब मेरी शदाब के ऊपर क्या ओपिनियन है बाबर के ऊपर क्या ओपिनियन है और जब पाकिस्तान के बारे में बात आएगी ना, तब हम सारे एक हैं। हमारे इकतलाफात साइड पे हैं। हम एक मुट्ठी की तरह बंद हैं, एक हाथ है, एक जिसम है, एक जान है हम सब। तो पाकिस्तान के बारे में सोचना शुरू करें, ये गोरों को लाऊँ ना करें कि वो हमारे फैसले करें। यानी आपको कल वाली वीडियो में म प्रेस रिलीज स्क्रीन पे दिखा के कि जो मैं ढूंढना चाह रहा था प्रेस रिलीज के अंदर से वो मुझे नहीं दिखा क्या कि पाकिस्तान टीम का कैंप कब लगना है श्रीलंका के लिए अगर हमारे प्लेयर शदाब खान मिसाल के तौर पे आपके वर्ल्ड कप के प्लान में है अब तो क्रिस्टल क्लियर बात है वो श्रीलंका भी जा रहा ह कराची में मिसाल के तौर पे अवल तो अभी तक मेरे पास कोई खबर नहीं है अगर कैंप लग भी जाता है तो वो कैंप में भी शरीकत नहीं करेगा क्योंकि सिडनी की तरफ से फैसला आया हुआ है कि शदाब ने वहाँ पे चार जनवरी तक रहने हैं तो चार को अगर उसने रहने हैं पांच को वो शदादा वहाँ से फ्लाई करेगा वो कौन सी प्रैक्टिस इतना कॉम्प्रोमाइज़ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड हैरानगी है मुझे एनीवेज़ इस वीडियो में पाकिस्तान क्रिकेट से रिलेटेड बहुत ज़्यादा चीजें हैं डिस्कस करने के लिए बारी-बारी सब पे बात करूँगा मैं कल एक काफी इंटरेस्टिंग रिकॉर्ड टाइम किया पाकिस्तान के मजूदा कप्तान टेस्ट के मजूदा कप्तान शान मसूद ने पाकिस्तान की फर्स्ट क्लास के हिस्ट्री में फास्टेस्ट 200 पाकिस्तान के अंदर शान मसूद की तरफ से आया है। शान मसूद ने कल कराची में 177 बॉल्स पे 200 पूरा किया है और उन्होंने The Great in जमामुलहक का रिकॉर्ड तोड़ा है। इंजी ने बैक इन 1992 200 किया था 188 बॉल्स पे अच्छा इंट्रेस्टिंगली इंजी ने जिस फर्स्ट क्लास के मैच में 200 किया था न वो एक टूर मैच था पाकिस्तान टीम टूर कर रही थी 92 में इंग्लेंड का और आपको पता है उस जमाने में टूर मैच होते थे तो दे ग्रेड इन जमामुल हक ने 188 बॉल्स पे 200 किया और इस टूर पे पाकिस्तान ने इंग्लैंड के अगेंस्ट पांच टेस्ट मैच की सीरीज खेली थी क्या वो जमाने थे यार जब पांच टेस्ट मैचों की सीरीज हमें खेलना नसीब होती थी अच्छा उस टूर पे जो सबसे इंटरेस्टिंग फैक्ट है पाकिस्तान की तरफ से the great वसीम अक्रम and the great वकार यूनस ने पाकिस्तान को वो सीरीज जित On the other side, the great वसीम अक्रम ने चार मैच खेले और उन्होंने 21 out किए थे। यानी ये थे bowlers वसीम वकार। इनका नाम मुंह से निकालते हुए आज भी goosebumps आते हैं। और मुझे goosebumps ही आते हैं। Anyways, काफी interesting था ये record देखना। अच्छा मैं थोड़ा सा comparison करने के लिए ना obviously शान मसूद ने कराची में ये 200 run की innings खेली। इंजी ने इंग्लैंड में ये इनिंग्स खेली थी, तो थोड़ा सा मैं कंपैरिजन कर रहा था कि किसकी इनिंग्स की थोड़ी ज्यादा वैल्यू होगी। तो मैं इसी नतीजे पे पहुंचा कि ठीक है शान ने फास्टेस्ट पाकिस्तान फर्स्ट क्लास का 200 लगा दी है, लेकिन जो इंजी की नॉक थी ना, वो शायद थोड़ी ज यार इंग्लैंड में अर्ली समर्स में जब टेस्ट मैच होता है यहाँ जब आप रेड बॉल से खेलते हैं बॉल बहुत ज़्यादा मूव करती है अब तो इंग्लैंड में पिछले कोई तीन चार साल से जून जुलाई में समर थोड़े गर्म रहना शुरू हो गए हैं लेकिन पहले भाई साहब जून में भी अच्छी खासी ठंड होती थी मु तो ये कोई ज्यादा पुरानी बात नहीं है तो 92 में हिसाब लगाओ कि वहाँ कितनी ठंड होती होगी और जब ठंड होती है तो इंग्लैंड में भाई साहब क्लाउडी कंडीशंस में ड्यूक्स का बॉल कितना हिलता है ये आपको अंदाज़ा है और जेम्स एंडरसन ने आप सब के सामने अच्छा खासा सैम्पल साइज़ प्रोवाइड किए कि ड मैं दोनों तरफ रखूं तो जो इंजी का 200 है वो इंग्लेंड में है, सर्दीयों में है, ड्यूक्स के गेंस्ट है, शान का कराची में है, थोड़ा फ्लैट विकेट, ग्रेड वन प्रेजिडेंट कप, इतनी मतलब कोई तगड़ी बॉलिंग नहीं होगी, अगेन हम उससे कोई क्रेड़िट नहीं ले रहे, लेकिन इंजी का रिकॉर्ड अभी भी मेरी नज कि शान मसूद ने पाकिस्तान फर्स्ट क्लास का फास्टेस्ट 200 लगा दिया है, तो पुराने जख्म ताज़ा हो गए। I'll be very honest, मेरी बड़ी ख्वाहिश थी कि शान मसूद पाकिस्तान की तरफ से व्हाइट बॉल में एक परमानेंट प्लेयर बन जाए, और इसमें कसूर शान मसूद का भी है, कसूर हमारे पिछले कप्तानों का भी है। ओवरऑल वो बंदा कभी फिट नहीं हो पाया। मैं सबसे ज़्यादा ब्लेम करूँगा शान मसूद को। क्यों मैं उसको ब्लेम करूँगा? कि शान को जब चलो इससे भी पीछे से शुरू करते हैं, क्योंकि बहुत ज़्यादा लोग हैं जिनको समझ नहीं आएगी। शान मसूद ने जब पाकिस्तान क्रिकेट में एंट्री की टेस्ट क्रिकेट में, क्रिकेट बोर्ड में बड़े लोगों को जानते थे, गवर्नर बॉडी के मेंबर थे, बड़े एक मशहूर पर्सनैलिटी हैं शान मसूद के फादर, एक बैंक से उनका ताल्लुक है। उनके इन्फ्लुएंस की वजह से शान मसूद पाकिस्तान टीम में आए एंड हॉनेसली शान मसूद एक बहुत एवरेज प्लेयर थे, लेकिन दो-तीन साल के फिर एक और ट्रांजिशन आती है, जहाँ पे शान मसूद के अंदर हमें एक चेंज नजर आता है कि हमने रन्स की तरफ जाना है। टेस्ट मैच में भी हमने ब्लॉक ब्लॉक ब्लॉक की तरफ नहीं जाना। At the end of the day आपको रन्स ही जितवाते हैं। जब आपने बड़े रन्स बोर्ड पे लगाए हों, टेस्ट मैच में for example 500 साढ़े 500 टेस्ट में छोटे-छोटे स्टार्ट लेते थे, लेकिन आउट हो जाते थे। अगर शान मसूद ने वो छोटे-छोटे स्टार्ट कन्वर्ट किए होते, मिसाल के तौर पे जब इंग्लैंड पाकिस्तान आई या पाकिस्तान जब ऑस्ट्रेलिया गई जहाँ पे हमने बड़े कैच छोड़े थे, जहाँ पे शहीद साहब सिडनी में रेस्ट कर रहे थे क्योंकि तो थोड़ा आसान हो जाता उसका वाइट बॉल में आना लेकिन शान मसूद का वो जो तरीका कार था टेस्ट में खेलने का वो वन्डे और T20 में बहुत ज़्यादा सूट करता था अब इससे पहले कोई कहे कि शान मसूद T20 में 2022 के T20 वर्ल्ड कप की हाइलेट्स निकाल के देख लेना जहां आप तवक्को किसी और से करते थे और करता शान आपके पास नीचे इतना टैलेंट मौजूद है जो इन्शाअल्लाह आने वाले कुछ सालों में पाकिस्तान को अपनी सर्विसेज प्रोवाइड करेगा जैसे मिसाल के तौर पे आज ही समीर मिनहास ने दोबारा सौ किया जिम्बाब्वे की अगेंस्ट अंडर 19 वर्ल्ड कप से पहले आपकी ट्राइनेशन सीरीज चल रही है तो वहाँ पे आपके बच्चे तो बड़ी मुझे ये तकलीफ है कि शान मसूद क्यों सेट नहीं हो पाया पाकिस्तान क्रिकेट में फिर जहां उसका कसूर है वहां पिछले कप्तानों का भी कसूर है मैं आपको अगर 2022-23 में लेके जाओं तो उस टाइम नहीं आने दिया जाता था शान मसूद को प्लेइंग इलेवन के अंदर मैं अब उस तरफ जाना नहीं चाह रहा मै मैं शान पे ही ये बात करना चाह रहा हूँ शान मसूद को प्लेइंग 11 में डालने का प्रेशर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड बनाता था लेकिन हमारे कप्तान उसको प्लेइंग 11 में नहीं डालते थे तो एक टसल होती थी बहुत ज्यादा और ये किसी जड़ ढकी जो भी बातें नहीं हैं फिर जब शान कप्तान बना उसने पूरी क शरीफ अच्छे सुलजे हुए सोबर बनते हैं लेकिन बैक्क्राउंड में भाईसाब ये जो जो एक दूसरे के साथ कर चुके होते हैं न पता नहीं कैसे एक दूसरे को फेस करते हैं हॉनेसली तो शान मसूद का वाइट बॉल में पाकिस्तान की तरफ से ना खेलना शान मसूद का नुकसान कम है और पाकिस्तान का नुकसान ज्यादा है क्योंकि शान मसूद ओवरऑल अपने करियर के स्पेशली आखरी तीन-चार साल में एक कंप्लीट पैकेज की तरह मुझे दिखते थे। अब इसका मतलब कुछ फैंस पता क्या निकालेंगे? वो शान अंग्रेजी बोलता है, इसलिए फुर्कान बैठे ये बात कह रहा है। नहीं, बिल्कुल वैसे ये बात नहीं कह रहा। एक तो सारे ज़िंदग अंग्रेजी की अगर मैं स्पेसिफिकली बात करूँ ना, अंग्रेजी पाकिस्तान के कप्तान को आनी चाहिए। अगर आप अंग्रेजी सीखोगे, दुनिया के साथ कम्युनिकेट करोगे, तो उर्दू की इज्जत में कोई कमी नहीं आएगी। उर्दू हमारी जुबान है, हम फखर करते हैं अपनी जुबान पे, लेकिन मैंने क्लास फोर या क्लास फाइव म English is an international language. अगर आपको Australia, England, New Zealand, West Indies, अगर आपको दुनिया के साथ communicate करना है, world stage पे, अगर आपको दुनिया से बात करनी है, तो आपको अंग्रेजी सीखनी चाहिए. अब इससे पहले कोई comment करें कि China का वजीरे आजम भी तो नहीं ना बोलता, Messi भी तो नहीं ना बोलता, तो ठीक है यार. उनकी मर्जी अगर वो नहीं बोलते तो इसका मतलब ये थोड़ी है कि वो ठीक है आनी चाहिए आपको अंग्रेजी because at the end of the day it is part of your personality मिसाल के तौर पे पाकिस्तान में unfortunately मैं इस बात को बहुत ज्यादा discourage करता हूँ लोग ना अफगानिस्तान का बड़ा मजाक उड़ाते हैं बिल्कुल भी ऐसा नहीं कहना चाहिए बड़ी मुझे शर्म आ रही कहा जाता है कि जाओ जाके नान लगाओ और जो अफगानिस्तान का सबसे बड़ा प्लेयर है राशिद खान कभी आप उसकी बॉडी लैंग्वेज देखें कभी आप उसके कम्युनिकेशन स्किल देखें वो आपके किसी भी कप्तान से बेहतर उसकी बॉडी लैंग्वेज है मैं ऐसे पैकेज बात कर रहा हूँ नॉट ओनली इंग्लिश जिस तरह सरफराज भी वैसे जवाब देता जैसे जवाब कोली, विलियमसन या स्मिथ दे रहे थे काश 2022 का कप्तान देता, 23 का कप्तान देता, 24 का कप्तान देता, 21 का कप्तान देता तो हमारे कप्तानों में न वो चीज नहीं है कि ये हम लोगों को ठीक तरीके से रिप्रेजेंट करें तो हमें ठीक तरीके से रिप्रेजेंट करना बहुत इम्पोर्टं अगर अफगानिस्तान जिनको आप कहते हैं नान लगा, अगर उनका बंदा आपसे बेहतर बोल रहा है और आप फंस के बोल रहे हैं, आप उर्दू में भी फंसे में हैं, तो फिर मसला है यार कहीं ना कहीं। ये हमारे जो पुराने क्रिकेटर्स हैं, शोएब अक्तर, the great वसीम अक्रम, ये कोई बहुत ज़्यादा पढ़े लिखे लोग नही लेकिन अपने ऊपर काम किए, अपने कम्युनिकेशन स्किल डेवलप किए, कोर्सेज किए। आपको पता है वसीम अक्रम ने बकायदा ब्रॉडकास्टिंग का कोर्स किया हुआ है। क्या जरूरत है वसीम अक्रम को कि वो ब्रॉडकास्टिंग का कोर्स करते? Who cares? He is the great वसीम अक्रम। वो जहाँ जाएंगे लोग लाइन में खड़े होके उनसे तस्वीर खींच वो वसीम अक्रम है और उसने भी ब्रॉडकास्टिंग का कोर्स किया जरूरत थी बिल्कुल जरूरत थी क्योंकि स्किल पॉलिश करने में कोई छोटा नहीं हो जाता तो एनीवेज शान मसूद एक पूरा पैकेज था जिस तरह वो खुद को कैरी करता था जितने अच्छे तरीके से वो बाकी क्रिकेटर्स के साथ बात करता है ये एमी नहीं ये शान मसूद जब पाकिस्तान से रिटायर हो जाएगा मैं आपको लिख के देता हूँ ये इंग्लैंड में आपको कमेंट्री करता हुआ दिखेगा मैं लिख के देने के लिए तैयार हूँ आपको वो शान को इतना पसंद करते हैं क्यों कम्युनिकेशन स्किल और एक ऐसा बंदा जिसके कम्युनिकेशन स्किल बड़े अच्छे थे जो एक कंप इस तरफ लाना चाहता था कि हमने लंबे रंग्स करने हैं, हमने तेज रंग्स करने हैं, वो नहीं हो पाया. और भी इसकी बड़ी वजूहात हैं, लेकिन ये नहीं हो पाया. तो शान मसूद का पाकिस्तान की तरफ से तीनों फॉर्मेट्स में ना खेलना कंसिस्टेंसी के साथ मेरा ख्याल है फेलियर है हम सबका. तो शान मसूद पे इसके इलावा कल जो हमने प्रेस कॉन्फ्रेंस देखी पीसीबी चेयरमैन की उसमें एक बात उन्होंने बड़ी अच्छी की और कल बल्कि मैं एक शादी में बैठा हुआ था तो वहाँ एक बंदे ने मेरे से पूछा कि चेयरमैन के अच्छे और बुरे काम मुझे बताओ एक तो हमारा ताल्लुक ही क्रिकेट के साथ है ना हम जहाँ चले जाएं चेयरमैन पीसीबी मौसिन नकवी की स्पेसिफिकली अगर मैं बात करूँ पाकिस्तान क्रिकेट का इमेज बेहतर करने में वो किसी चीज़ की कमी नहीं कर रहा है मिसाल के तौर पे हमारे जो पिछले चेयरमैन होते थे वो आईसीसी की मीटिंग में चाय बिस्किट खा के वापस आ जाते थे ये फिर बदलाव आया जब नजम सेठी ने ज लेकिन मैं बता सकता हूँ आपको क्योंकि 2016-17 में मैं पाकिस्तान सुपर लीग के बड़ा क्लोज था उस टाइम मैं पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए डिफरेंट प्रोजेक्ट्स में काम करता था पाकिस्तान सुपर लीग में मैं काम करता था तो मैं आपको बता सकता हूँ कि जो डेली टास्क होते थे ना नजम सिटी हर बंदे की एक हर ईमेल जो कम्युनिकेशन हो रही है पाकिस्तान सुपरलीग से रिलेटेड वो उनसे गुजरती थी तो ये चेंज वो लाए फिर उसको जिस तरह मौसिन नकवी आगे लेके जा रहे हैं ना वो बेहतरीन है मिसाल के तौर पे एक सहाफी ने कल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल किया ये जो एशिया कप की ट्रॉफी का मसला है वही इंड तो चेयरमैन साहब ने बड़ा क्लियरली इसपे कहा कि इक्वल ट्रीटमेंट होगा। ऐसा नहीं हो सकता कि वो हमसे हाथ ना मिलाएं और हम उनसे हाथ मिलाने के लिए उनके पीछे-पीछे जाएं। ऐसा बिल्कुल नहीं होगा। वो जैसा करेंगे हमें भी फिर वैसा ही पाएंगे। और बिल्कुल ठीक है। और अगर कोई इंडियन ये वीडियो एक इवेंट में, लेकिन आपको कितनी दफा पाकिस्तान से खेलने के लिए अपने ही कंट्री से बाहर जाना पड़ रहा है। आपकी वुमेन्स टीम कलंबो गई, आपकी मेंस टीम अब कलंबो जाएगी। आगे फिर इंडिया के पास आईसीसी के इवेंट हैं, उसमें फिर आपकी टीम बायर न्यूट्रल वेन्यू पे जाएगी, हाइब्रिड मॉडल फिर आ अब आपको बाहर जाके हमसे खेलना पड़ा है, तो किसका नुकसान हुआ और किसका फायदा हुआ? ये बंदे के पुत्रवन के पाकिस्तान आ जाते हैं। तब मैंने बड़ी कोशिश की थी अपने प्लेटफॉर्म से मैं जितना पॉजिटिव रह सकता था मैं रहा हूँ। भूल है इन लोगों की यार इनको कोई खतरा था इनको कोई खतरा नहीं वो थे इनके प्राइम मिनिस्टर क्योंकि उनकी सियासत चलती है पाकिस्तान के ऊपर उन्होंने जो गोदी मीडिया को अपनी डायरेक्शन देनी होती है ना वो पाकिस्तान के अगेंस्ट होती है अगर इंडियन टीम पाकिस्तान आ जाती तो ये जो मौजूदा क्रिकेटर हैं रोहित शर्मा विराट कोहली भुमरा हार्दिक पांड्या ये स उसकी क्या ही बात थी? जैसे सौरव गांगुली पाकिस्तान की तारीफ करते हैं, जैसे सहवाग पाकिस्तान की तारीफ करते हैं, जैसे ज़हीर खान, इरफ़ान पठान, एमएस धोनी, उनके कितने यादगार टूर रहे में हैं पाकिस्तान के? यहाँ आते थे, खाने खाते थे, शॉपिंग्स करते थे। क्या वो खूबसूरत दौर लेकिन अब वहाँ पे इंडिया में माहौल इतना खराब है कि ये चाहके भी पाकिस्तान का नाम नहीं ले सकते क्योंकि इन लोगों ने जो नफरत फैलाने वाले लोग हैं ना जो इंटरनेट पे छपरी लोग हैं इंडियंस उनको बहुत ज़्यादा इम्पोर्टेंस दे दी है अब वो तो नफरत फैलाने वाले हैं वो इन पे चढ लेकिन अब तो वहाँ पे इतनी नफरत बिक रही है पाकिस्तान के बारे में ये पिछले पांच-छः महीने में जो एक आम इंडियन है उसके अंदर भी पाकिस्तान के लिए नफरत आ गई है और मैं इंडियन ऑडियंस का बिहेवियर समझता हूँ क्योंकि मैं बहुत साल इन लोगों को साथ लेके चलाऊँ क्रिकेट की स्पेसिफिकली बात कर रहा हूँ। आम लोगों के अंदर नफरत नहीं थी, मेजॉरिटी में। लेकिन अब चीजें हाथ से निकल गई हैं। ये लोग अपनी गलती कभी नहीं मानेंगे, कभी भी ये नहीं अपनी गलती मानेंगे। ये वो कॉम है, ये वो नेशन है इंडियंस की। ये कहते थे कि पाकिस्तान से हमें खेलने की ज़र एशिया कप में भी इंडिया पाकिस्तान होते हैं ये जंग हो गई जेशा शेरमैन है इंडिया पाकिस्तान का फिर वर्ल्ड कप में मैच है तो जो बातें इनको मैं बताता था साल दो साल तीन साल से कि इंडिया पाकिस्तान का गुजारा ही नहीं है क्रिकेट में खेले बगैर ये कहते थे नहीं ऐसा नहीं हो सकता चलो अब तो छोड़ोगे पॉसिबल नहीं है क्योंकि धंधा पैसे मैं मानता हूँ इंडिया के पास बहुत ज्यादा पैसा है हम वो जाहिल इंडियन यूट्यूबर्स की तरह नहीं हैं जो इंडिया का नाम आए तो फजूल में इंडिया को गालियाँ निकालें इंडिया को छोटा बताएं नहीं भाई साहब हम पाकिस्तान में पढ़े लिखे लोग हैं ह जब आप कुछ गंदा करेंगे हम उसको गंदा ही कहेंगे हमें कोई शौक नहीं है आपके गोदी मीडिया की तरह अपनी घलाज़त अपना गंद फैलाने का जिस तरह आपका गोदी मीडिया करता है एनिवेज इनके उपर बात करने का कोई फायदा नहीं है क्योंकि ये अपनी गलती कभी नहीं मानेंगे अब आप इनको कहलो कि अब पाकिस्तान इंडिया क्य जिसका लॉजिक से कोई तालुक नहीं है तो खैर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेर्मैन की ये जो अप्रोच है वो बिल्कुल ठीक है कि इनके साथ ऐसे ही चलो और अब आप फैसला कर लो कि आईसीसी टूर्नामेंट में भी ऐसे ही होना है क्योंकि जो ये हाथ ना मिलाना स्पोर्ट्समैन स्पिरिट ना दिखाना इसकी शुरुआत तो टाइम एक ऐसा आएगा जब कोई इनके साथ भी करेगा तब आप इनकी चीखें सुनना कि ये कैसे अलाव हो सकता है और कोई भी जो इंडिया में बड़ा न्यूज़ चैनल है अगर मैं स्पेसिफिकली स्पोर्ट्स या क्रिकेट की बात करूं कोई इस चीज़ को गलत नहीं कहेगा लेकिन जब होगा इनके साथ तब इनको पता लगेगा अब इनक तो मैं बहुत ज़्यादा appreciate करता हूँ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन को कि उन्होंने इनके साथ ऐसा ही स्टांस लिया हुआ है कि जैसा आप करोगे आपको वैसा ही रिस्पांस आएगा। अच्छा इसके इलावा आखिर में एक दफा पाकिस्तान का स्क्वाड दो-चार बातें मजीद मैं करना चाह रहा हूँ हालाँकि कल हमने प ख्वाजा नाफे को इन्होंने पाकिस्तान की टीम में डाला है कल मैंने डीटेल में इसमें बात की थी कल जो हमने बात की थी वो आज मैं अभी इस सेग्मेंट में रिपीट नहीं करूँगा कुछ नई बाते करेंगे ख्वाजा नाफे को अ मुझे लगता है कि ये ठीक टाइम नहीं था। आप T20 वर्ल्ड कप के बाद इन बच्चों को लाते हैं, अभी तो टाइम ही नहीं है। इसका मतलब आपने पीछे कोई तैयारी नहीं की, कोई टीम ही आपने नहीं बनाई। अगर ये ख्वाजा नाफे को प्लेइंग इलेवन में डालते हैं, जो कि लेके जा रहे हैं, तो शायद डालेंगे। तो ये उस बच्चे के साथ ज्यादती है। एक तो हमें ये बड़ी एक गंदी आदत पड़ गई थी 2021-22 में कि हमारे जो ओपनर्स हैं, वो मिडिल ऑर्डर में आते थे और जो मिडिल ऑर्डर वाले हैं, वो ओपन करना शुरू हो गए थे। और ये एक चीज पाकिस्तानी क्रिकेट में अब बस आ गई है। ख्वाजा नाफे भी टॉप ऑर्डर म वन डाउन आपका ख्वाजा नाफे आ जाता है। फखर मैं नहीं फेवर में कि आप उसको मिडिल ऑर्डर में खिलाएं। फखर जमान के बारे में मैं कितने सालों से एक ही मेरी ओपिनियन है, अगर फखर जमान पाकिस्तान की प्लेइंग इलेवन में हो, T20 की बात कर रहा हूँ, तो सिर्फ ऐसे ओपनर हो। अगर फखर ओपन नहीं कर रहा, अगर फखर को भी आपने खिलाना है, तो फखर को ये कहाँ पे डालेंगे? जो इनकी अप्रोच है, शायद चौथे पे। फिर आगा को ये कहाँ पे डालेंगे? आगा ऑलरेडी लेट है। आगा को तो आइडियली चौथे पे आना चाहिए क्योंकि जो उसकी गेम है T20 में, नहीं लगती उससे वो विली शॉट हैं। तो वो जितना नीचे आएग मिसाल के तौर पे तीन मैच हैं आपके ख्वाजा नाफे तीन में से दो मैचों में परफॉर्म कर जाता है या लेट्स से एक आधा कोई सौ कर देता है या अस्सी नब्बे की कोई नॉक खेल देता है तीस पैंतीस बॉलों पे अब ख्वाजा नाफे को आप वर्ल्ड कप में मिसाल के तौर पे अगर लेके जा रहे हो तो फिर बाबर आजम अब आप उसको ले आए हो मैंने तो पिछली दो-तीन वीडियोस में क्लियरली ये बोला है कि बिग बैश के फेलियर्स के बावजूद अगर बाबा राजम मिसाल के तौर पे बिग बैश के अगले सारे मैचों में फेल भी हो जाए उसको फिर भी आप वर्ल्ड कप खिलाओ जरा एक दफा आप क्लियर हो जाए मतलब ये किस्सा यहाँ तो आगे तो बाबर आसम के हाथ में आप उसकी क्रिकेट का फैसला रख दें कि बाबर ये T20 वर्ल्ड कप हम आपको दे रहे हैं अगर आपने आगे फ्यूचर में पाकिस्तान से T20 क्रिकेट खेलनी है तो T20 वर्ल्ड कप में कुछ हमें करके दिखाओ अब कॉमेंट आ जाएंगे वो अकेला क्यों करे क्या लोग हो यार तुम लोग अंदर से दिल तुम्हारा एक और क्या फर्क पड़ता है जहाँ इतने वर्ल्ड कप गुजर गए वहाँ एक आधा और तो अगर आपने ख्वाजा नाफे को भी वर्ल्ड कप में लेके जाने हैं आपने बाबर को भी लेके जाने हैं आपने फखर को भी लेके जाने हैं तो आप इन तीनों को नहीं ले जा सकते मतलब एक आपको ड्रॉप करना पड़ेगा बाबर को इन्होंन और फिर ड्रॉप होगा फखर जमान। I don't mind, मेरी फुफीता मुंडा नहीं है फखर जमान। मेरी तरफ से फखर ड्रॉप हो, बाबर ड्रॉप हो, ख्वाजा नाफे ड्रॉप हो, हमारा उससे क्या ताल्लुक है? जो मर्जी ड्रॉप हो बस पाकिस्तान टीम के लिए बेहतर हो। लेकिन ये तीनों अगर वर्ल्ड कप में चले जाते हैं, तो आपकी प्ल तो भाई साहब पाकिस्तान टीम की जो सिलेक्शन है ना वर्ल्ड कप की वो इतना मुश्किल मरहला होने वाला है कि इन सिलेक्टर्स को अंदाज़ा नहीं है कि हमारे साथ होना क्या है। वो कल भी बांग्लादेश प्रीमियर लीग के मैच में सुफियान मुकीम ने चार ओवर में 12 रन दिए हैं, सिर्फ 12 रन। और ये वही सुफियान मुकीम मेरे सामने से एक पोस्ट गुजरी राशिद लतीफ की आपके सामने ये उनका एक ट्वीट मौजूद है जहांपे वो बात कर रहे हैं कि शदाब खान तो वापस आ गया लेकिन सुफ्यान मुकीम और डमेस्टिक के परफॉर्मर कहांपे गए ये इन लोगों का दोगलापन ना है राशिद लतीफ जैसे लोगों का ये हर वीडियो में बगैर परफॉर्म शदाब खान ने तो आना ही आना है पाकिस्तान टीम के अंदर राशिद भाई काश आपके मुँह से मैंने एक दफा ये बात सुनी होती कि शदाब यहाँ पे प्रेसिडेंट कप खेलता फिर वो पाकिस्तान टीम में आता तो जिसको आप पाकिस्तान टीम में लाना चाहते थे उसको तो आप कभी डोमेस्टिक खिलाना ही नहीं चाहते थे और अ ये दोगलापन नहीं है तो ये क्या है भाई साहब? ये डबल स्टैंडर्ड नहीं है तो ये क्या है? वो मैं कहता हूँ ना कि यहाँ पे हर बंदे को अपना फेवरेट बंदा पाकिस्तान टीम में चाहिए और ऐसे करते-करते चार पांच लोग T20 टीम में आ गए हैं जिनका T20 से कोई तालुक नहीं है और पाकिस्तान की टीम बिल्कु हमें नहीं पता हमारा टॉप ऑर्डर क्या है, हमारे ओपनर चलो फरहान साइम इन्शाअल्लाह यही करेंगे। हमें नहीं पता हमारा वन डाउन कौन है, हमें कुछ नहीं पता। और हमने अपनी लगाम भी क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के हाथ में दी हुई है कि वो हमारे प्लेयर्स का फैसला करें। तो इस टाइम भाई साहब पाकिस्तान क्रिकेट ये कैसा डाउनफॉल है जो चलता जा रहा है और ये कैसा डाउनफॉल है जिसमें हमारी अमर्जिंग टीम भी एशिया कप जीतती है जिसमें हमारी अंडर 19 टीम भी एशिया कप जीतती है लेकिन हमारी सीनियर टीम के मसले नहीं खत्म हो रहे ये कैसा डाउनफॉल है ये पता नहीं ये डाउनफॉल है भी है कि नहीं प जब जब पाकिस्तान ने अपने यंगस्टर्स के ऊपर भरोसा किया, यहाँ तो आपको चैमпиंस ट्रॉफी मिली है, यहाँ तो आपको अमरजिंग एशिया कप मिला है, यहाँ आपको अंडर 19 एशिया कप मिला है। तो जो लोग कहते थे ना पाकिस्तान में टैलेंट नहीं है, नहीं भाई साहब, पाकिस्तान में अच्छा खासा टैलेंट मु कि इनका अब ख्याल कैसे रखना है और इनको पाकिस्तान के लिए कैसे रेडी करना है यानि ये जो रॉ टैलेंट होता है वो आपके पास होता है लेकिन रॉ टैलेंट को आप लंबी रेस में नहीं भगा सकते रॉ टैलेंट एक टाइम तक चलता है फिर उसको मेहनत करके ऊपर जाना होता है लेकिन वो मेहनत नहीं करता इ जो अपने टैलेंट की वजह से ऊपर आ जाते हैं, लेकिन टैलेंट एक टाइम पे आके खत्म हो जाता है। वहाँ से सिर्फ आपकी मेहनत होती है, जो आपको आगे लेके जाती है। आप नए-नए स्किल डेवलप करते हो, आप नई-नई डिलीवरीज़ डेवलप करते हो, आप नई-नई शॉट्स डेवलप करते हो, आप मसल गेन करते हो, आप बॉड पूरा बैलेंस ही आपका उसपे डिपेंड करता है। आप क्या कुछ करते हो अपनी क्रिकेट को इनहैंस करने के लिए? लेकिन हम क्यों करेंगे क्रिकेट को इनहैंस? ज़रूरत ही नहीं है, मिडियोकर माइंडसेट है। एनीवेज़ ये थी जी आज की वीडियो। चैनल को सब्सक्राइब कर लो और बेल आइकन लाज़मी दबाओ ताकि आने व Good night.
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