PCB Central Contracts 2026: The Real Truth Behind Pakistan Cricket Salaries |

In this extensive commentary, the presenter examines the Pakistan Cricket Board’s (PCB) newly introduced central contract system, highlighting the lack of public transparency about which players fall into which salary categories. He contrasts PCB’s opaque approach with the more structured models used by major cricket boards—England’s three‑tier contracts (two‑year, one‑year, and development), Australia’s point‑based valuation that translates match appearances into contract points, New Zealand’s hybrid system that blends point scoring with human selection, and South Africa’s dual contracts (standard and hybrid) that allow certain players to play overseas leagues freely. The video critiques PCB leadership—particularly Akbar Javed and Mike Hesson—accusing them of broken promises, mismanagement, and a lack of accountability, while also expressing fan frustration over unannounced contracts and perceived unfairness. The presenter discusses potential benefits and pitfalls of adopting foreign models for Pakistan, questions whether the new contracts will truly raise player earnings, and calls for greater transparency, accountability, and a clear process for future announcements. Throughout, he interweaves personal opinions, historical references to past ICC events, and a broader reflection on the state of Pakistani cricket.
Chapters
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कौन से प्लेयर को किस कैटेगरी में रखा जाएगा, उसको कितने पैसे मिलेंगे, ये हमें नहीं पता लगेगा। ये आपने पाकिस्तान मीडिया में पिछले एक दो दिन में बहुत ज़्यादा ऐसी बातें सुनी होगी। हाँ, ये सच है। कौन सा प्लेयर एबी कैटेगरी में होगा, कौन सा बी कैटेगरी में होगा, हमें पब्लिकली नहीं पता लगेगा, क्रिकेट बोर्ड अनाउंस नहीं करेगा। पाकिस्तान फैंस आपको बहुत जबरदस्त किस्म की इनफॉरमेशन आज के इस वीडियो में मिलने वाली है। एक स्कूल ऑफ थॉट ये कहता है, कुछ लोग ये कहते हैं कि आप किस प्लेयर को किस कैटेगरी में रखेंगे? ये तो पता होना चाहिए हमें। लेकिन ऑन द अदर साइड दुनिया में कुछ ऐसे बड़े क्रिकेट बोर्ड हैं जो तकरीबन इसी मॉडल के ऊपर चल रहे हैं और उनसे इंस्पायर होके पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने ये कदम उठाया है। अब दुनिया में निजाम किस तरह चल रहा है, वो देखके हमने अक्सर कोशिश की है क्रिकेट में भी वैसे भी different departments में कि हम दूसरों का निजाम जरा यहाँ पे लाने की कोशिश करते हैं लेकिन वो ज्यादातर यहाँ पे fail ही होता है क्योंकि बद किस्मती यह है कि यहाँ पे लोग उस तरह से इमानदार नहीं हैं लोग responsible नहीं हैं और लोग यहाँ पे जूट बोलते हैं अपने काम से भागते हैं लेकिन जिनका model उठा के आप यहाँ पे अपनी cricket में implement करना च वो तो इमानदार लोग हैं वो तो मतलब एक आदा कोई टोडलेमेट हार जाएं वो तो रिजाइन कर देते हैं उनके प्लेयर्स अगर किसी किसम का कोई निगल कैरी कर रहे हैं वो तो इमानदारी से बता देते हैं और किसी फिट प्लेयर को जो कि अपना 100% दे सकता है नेशनल टीम को वो प्लेयर कहते हैं यार आप उसको ले जाओ क्योंकि कंट्री का फायदा है तो वो लोग तो इमानदार हैं जिनका मॉडल हम उठा के यहाँ पे इम्प्लीमेंट करना चाहते हैं। अब यहाँ पे ये सारा कुछ कार्यक्रम रहा है, आकिब जावेद, आकिब जावेद के पास हैं माइक हेसन साहब और उनके पास हैं उनके कुछ डेटा के लोग। ये डेटा के इर्दगिर्द सारी पाकिस्तान टीम को चलाना चाहते हैं। अब मैं आपको चार ऐसे क्रिकेट बोर्ड्स के बारे में बताऊ जिनसे इंस्पायर होके पाकिस्तान ये करने जा रहा है और क्या पाकिस्तान इसमें कामयाब होगा क्या आपको इससे फवायदों होंगे क्या आपको इससे नुकसानात होंगे वो सारी चीजें हम आज की इस वीडियो में डिस्कस करेंगे सो पहले नंबर पे दुनिया के जब हम बड़े क्रिकेट बोर्ड्स की बात करते हैं तो इंग्लैंड उस इंग्लैंड का जो सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का मॉडल है, वो बहुत इंटरेस्टिंग है। उसमें टोटल तीन कैटेगरीज होती हैं। पहले नंबर पे इंग्लैंड कॉन्ट्रैक्ट देता है दो साल का। उसको इंग्लैंड बहुत ही एक आसान लफ्जों में डिफाइन करता है। इस कॉन्ट्रैक्ट का नाम होता है टू ईयर कॉन्ट्रैक्ट। स जोफ्रा आर्चर जो के काफी कम खेलते हैं मिसाल के तौर पे सैम करन मिसाल के तौर पे बेन स्टोक्स जो के आजकल बहुत मुश्किलात में पड़े में हैं यू नो बिग नेम्स इनको वो दो साल का तगड़ा कॉन्ट्रैक्ट देते हैं लेकिन किसी किस्म की कोई कैटेगरी नहीं होती कुछ नहीं बताया जाता उसके बाद इनकी दूस जो के वन्डे खेलते हैं, T20 भी खेलते हैं, लेकिन अगर जरूरत पड़ गई तो वो टेस्ट में भी बुलाए जा सकते हैं हारिस राउफ की तरह नहीं के इनकार कर दिया नहीं मैं तो टेस्ट नहीं खेलूँगा वहाँ लड़के मान जाते हैं क्योंकि थोड़ी सी मोहबत है उनके दिलों में इंग्लेंड के लिए मिसाल के तौर पे जो ये एक स मार्क वुड नजर आएंगे, जो कि रेगुलर टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलते। लेकिन अगर इंग्लैंड को कभी कभी किसी टूर पे जरूरत पड़ गई है, तो आपको मार्क वुड वहाँ पे तेज बॉलिंग करते नजर आएंगे। लेकिन यहाँ पे अनफॉर्च्यूनेटली हमारी बद किस्मती ये है कि यहाँ पे कुछ लड़के करोड़ों का कॉन्ट्र तो वो शायद नहीं आएंगे, लेकिन वहीं पे जाके बिग बैश खेल रहे होंगे। तो इनको जो इतने ज़्यादा पैसे मिलने हैं ना, जब मैं असलियत देखता हूँ इन लोगों की, तो पता नहीं ये इस काबिल भी हैं कि नहीं? खैर उन सारी बातों पे हम आएंगे। ये हो गई दूसरी कैटेगरी। तीसरी जो कैटेगरी है इंग्लैंड लॉइंस इसका कोई भी एक प्लेयर हो सकता है जो इंग्लैंड से नहीं खेला लेकिन फ्यूचर में वो खेल सकता है ये टोटल तीन कैटेगरीज़ हैं टू ईयर कॉन्ट्रैक्ट वन ईयर कॉन्ट्रैक्ट और डेवलपमेंट कॉन्ट्रैक्ट अब इसमें इसके अलावा किसी किस्म की कोई कैटेगरी नहीं है और कहीं पे डिफ कोई बाउंड्री नहीं है, जिसको जहाँ पे कहा जाएगा वो खेलेगा, क्योंकि आप प्रिविलेज होते हो ऐसे प्लेयर कि आपको कंट्री बुला रहा है, लेकिन यहाँ पे इनको बिग बैशे ज़्यादा प्यारी होती हैं। एनीवेज़ ये हो गया इंग्लैंड। दूसरे नंबर पे जो एक बड़ा क्रिकेट बोर्ड है, वो किस तरह काम करता जो क्रिकेट चलाने वालों की उपिनियन है वो आखिर में थोड़ी बहुत माइनी रखती है लेकिन उनका सिस्टम इतना अच्छा है कि वो मूँ से बोलता है मिसाल के तौर पे यहां आपने माइक हेसन के मूँ से क्या सुना कि 85% डेटा काम करेगा और 15% ह्यूमन काम करेगा अब अस्ट्रेलिया एक्शली कुछ ऐसा ही कर रहा है जो मैंने शुरू में कहा ना कि इन्होंने इंस्पायर होके ये सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट अपना बनाया, वो तीन-चार क्रिकेट बोर्ड से इंस्पायर ये हुए हैं। कोई चीज़ इंग्लैंड से पकड़ ली, कोई ऑस्ट्रेलिया से पकड़ ली, कोई बाकी क्रिकेट बोर्ड जिनके बारे में अभी मैं आपको आगे जाके बताऊंगा। तो ऑस्ट्र तो कमिंस भाई को पांच पॉइंट्स मिल जाएंगे क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की तरफ से और अगर कमिंस भाई ने एक वनडे खेल ली है तो कमिंस भाई को दो पॉइंट मिल जाएंगे एक वनडे खेलने के बाद ये उनकी इंटरनली स्कोरिंग हो रही होती है और अगर कमिंस भाई ने एक T20 खेल ली है ऑस्ट्रेलिया से मिसाल दे रहा हूँ तो वंडे पे दो पॉइंट मिलेंगे और T20 में सिर्फ एक पॉइंट मिलेगा। अब ये सिस्टम आपको बोल बोल के बताता है कि उनका हर प्लेयर टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहेगा क्योंकि पॉइंट्स उसमें ज़्यादा मिलेंगे और साल के आखिर में जिस प्लेयर के सबसे ज़्यादा पॉइंट होंगे, वो जो टॉप 24-25 प्लेयर्स होते हैं, उ लेकिन उनमें पोटेंशियल है तो दो तीन वो अपने भी उसमें डाल लेते हैं तो सिस्टम मुंह से बोलता है ये ऑस्ट्रेलिया का बड़ा सिंपल तरीका है फिर तीसरे नंबर पे न्यूजीलैंड है अच्छा न्यूजीलैंड का तरीका थोड़ा बहुत ऑस्ट्रेलिया जैसा है लेकिन इसमें ह्यूमन डिसीजन ज़्यादा इन ये आपको लड़के तो बता देते हैं लेकिन कौन सा लड़का कौन सा फॉर्मेट खेलेगा ये वो नहीं बताते वो किसी को भी खिला सकते हैं वो अंदर उनकी सेटिंग है सिलेक्शन कमेटी की बोर्ड की वो बैठके डिसाइड करते हैं और ऑब्वियसली वो ज़्यादा ईमानदार लोग हैं अगर कोई एक क्रिकेटर फिट नहीं है तो न्यूजीलैंड तकरीबन ऑस्ट्रेलिया की तरह ही काम करती है, लेकिन यहाँ पे ह्यूमन डिसीजन ज़्यादा इनवॉल्व है। न्यूजीलैंड भी आपको सिंपल नाम अनाउंस करेगी कि जी ये हमारे 22 से 23 लड़के हैं, इनको हम कॉन्ट्रैक्ट दे रहे हैं, ये लड़का पहली दफा आ गया, इसमें पोटेंशियल है, ल वो बहुत इंटरेस्टिंग है और इनसे इंस्पायर होके पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने थोड़ा ज्यादा इनको कॉपी इज़ नॉट द राइट शब्द इनसे इंस्पिरेशन लेके चीजें इम्प्लीमेंट करने की कोशिश की है वो है क्रिकेट साउथ अफ्रीका क्रिकेट साउथ अफ्रीका के दो कॉन्ट्रैक्ट हैं एक कॉन्ट्रैक्ट का नाम है स टेम्पा बावुमा आ जाते हैं मार्को येंसन आ जाते हैं जो रेगुलर उनके क्रिकेटर हैं यू नो फिर जो दूसरी कैटेगरी है वो बहुत इंटरेस्टिंग है उस कैटेगरी उस कैटेगरी का नाम है हाइब्रिड कॉन्ट्रैक्ट हाइब्रिड जैसा कि हम मैंने तो पहली दफा क्रिकेट में हाइब्रिड का शब्द सुना था नज़म सेठ हाइब्रिड कॉन्ट्रैक्ट में उनके सिर्फ दो प्लेयर्स हैं और ये दो प्लेयर्स वो हैं जिनको अलाऊ है कि वो जो मर्जी लीग खेलें क्रिकेट साउथ अफ्रीका कोई पाबंदी नहीं उनपे लगाएगा लेकिन जहाँ पे क्रिकेट साउथ अफ्रीका उनसे रिक्वेस्ट करेगा कि यार वो जरा आईसीसी का टूर्नामेंट आ रहा है या मिसाल के जरा आजाओ खेल लो तो वो कंसीडर करेंगे अब जो दो प्लेयर हाइब्रिड कॉन्ट्रैक्ट की कैटेगरी में फॉल करते हैं वो एक डेविड मिलर हैं और दूसरा विंडर डूसन हैं ये दो ऐसे प्लेयर हैं जो उनकी हाइब्रिड कॉन्ट्रैक्ट की कैटेगरी में हैं ये लीग्स भी खेलते हैं लेकिन इनको जब क्रिकेट साउथ अफ्र तो ये चले जाते हैं, यानि इनकी एक सेटिंग है और ओब्वियसली इनको उतने पैसे नहीं क्रिकेट साउथ अफ्रीका देता जितने वो अपने फुल टाइम कॉन्ट्रैक्ट प्लेयर्स को देते हैं। अब ये चारों बड़े क्रिकेट बोर्ड्स की आपको एग्जांपल देने का मकसद ये है कि किसी बोर्ड से हमने कोई चीज उठाई है, किसी कि कौन सा प्लेयर कौन सी कैटेगरी में है कौन से ट्रैक में है और कौन से प्लेयर को हम किस फॉर्मेट के लिए कंसीडर करेंगे देखने में तो इंग्लैंड भी ऐसा ही कर रहा है देखने में तो ऑस्ट्रेलिया भी ऐसा ही कर रहा है न्यूजीलैंड भी ऐसा ही कर रहा है और साउथ अफ्रीका भी ऐसे ही कर रहा है ओके ठीक सिस्टम में प्रॉब्लम नहीं है, सिस्टम बनाने वालों में प्रॉब्लम है। I don't trust आकिब जावेद, I don't trust माइकेसन। ये जितने लोग हमारी क्रिकेट चला रहे हैं, मेरा इनपे ट्रस्ट नहीं है, क्योंकि इन्होंने पीछे हमें इतना धोखा दिया है, इतने हमसे झूठ बोल रहे हैं कि कोई उसकी मिसाल नहीं है। एक तो हमारे इक्तलाफात मैनेजमेंट के साथ हैं कि ये झूठ भी बोलते हैं कभी एक प्लान ले आते हैं मिसाल के तौर पे इन्होंने पहले वो ए कैटेगरी खत्म की थी दुनिया में बहुत बड़ी हेडलाइंस बनी थीं और जब इन्होंने ए कैटेगरी खत्म की थी ना सबसे ज्यादा पैसे कमाने वाली कैटेगरी तो यकीन कर प्लेयर्स के साथ प्लेयर्स ने आपको दिया क्या है पिछले चार पांच आईसीसी इवेंट्स में प्लेयर्स ने आपको क्या दिया है कुछ भी नहीं दिया तो फैंस कहते थे हाँ बिल्कुल ठीक है बिल्कुल ठीक है अच्छा ये ना एक गलत फैमिली है लोगों में कि हमारे टैक्स के पैसों से क्रिकेट बोर्ड चलता है मैं क्रिकेट अपना पैसा खुद बनाती है, यानी कल को क्रिकेट बोर्ड उठके आपको या मुझे ये कह सकता है कि भाई आप कौन हो? हमारी क्रिकेट है, हमारी टीम है, हम अपना पैसा खुद बना रहे हैं, आपकी जेब से हम एक रुपया नहीं ले रहे, आप तो कोई होते ही नहीं हो बोलने वाले। क्रिकेट बोर्ड ये कह सकता है, लेकिन आईडी गार्ड है। हम शहरी हैं पाकिस्तान के। हम बहुत बड़े स्टेकहोल्डर हैं पाकिस्तान क्रिकेट के। तो हमारे बगैर ये लोग चल नहीं सकते। और जो नाम ये यूज़ कर रहे हैं ना, पाकिस्तान, उसमें हम भी रहते हैं। वो जितना इनका मुल्क है, वो उतना हमारा भी मुल्क है। तो वो टेक्निकली हमें अलैदा कर नहीं सकते क्योंकि ये टीम हमारी है लड़के आपके हैं मुल्क हमारा है क्रिकेट आपकी है नाम हमारा है तो हम हैं पाकिस्तानी तो आप हमें अपने आप से अलैदा कर नहीं सकते अगर हम आपकी जीत पे आपको कंधों पे बिठा सकते हैं तो हम नीचे भी उतार के आपको सख्त कुछ बोल सकते हैं, लिमिट्स में रहके, बदतमीजी नहीं हम करते, मैं नहीं करता, ना मैं कभी अपनी ऑडियंस को कहता हूँ कि आपने बदतमीजी करनी है, नहीं, लिमिट्स में रहकर। तो हम पूछ सकते हैं अपने क्रिकेटर से, गुस्सा कर सकते हैं कि क्यों नहीं डिलीवर हो पा रहा? हम अपने चाहने वालों से पूछते सख्ती करते हैं, प्यार से पूछते हैं, रोके पूछते हैं, हंसके पूछते हैं, चीख के पूछते हैं, आराम से पूछते हैं, हर तरह पूछते हैं कि क्यों नहीं हो पा रहा? हमारा भाई छोटा, हमारी बहन छोटी, हमारा कोई करीबी दोस्त, कोई करीबी कजन, जब कोई अच्छा नहीं करता, हम बात करते हैं, तो हम बात कर सकते है हम प्यार से भी बात कर सकते हैं। बात करने से आप हमें नहीं रोक सकते, क्योंकि आप और हम पाकिस्तानी हैं। सिंपल बात है। तो इन्होंने इंस्पायर होके ये फॉर्मूला यहाँ पे अप्लाई किया है, लेकिन मसला वही है कि हमें ना प्लेयर्स पे फिलहाल यकीन है, और ना क्रिकेट बोर्ड चलाने वालों पे यकीन ह अपने दिल से ये बात मेरी सुननी है सारा एकाम छोड़ दो इतना पैसा आप इन प्लेयर्स को अब देने वाले हो नए सेंट्रल कॉंट्रेक में हमारे प्लेयर्स माशाला कडोरों रुपया कमाएंगे पहले से कई ज्यादा पैसे कमाएंगे माशाला अल्लापाक इनको और दे अल्लापाक हम सब के रिज़क में इजाफा करें आमीन लेकिन जब मैं क्रिकेट के परस्पेक्टिव से ये सोचता हूँ ना कि क्रिकेट आपकी तारीख के सबसे डार्क फेज में दाखिल हो चुकी है पाकिस्तान ने कभी लगातार इतनी गंदी क्रिकेट नहीं खेली इतने मिडियोकर प्लेयर्स पैदा नहीं किये जो सबसे गंदी लॉट है जो सबसे मैं न वो वर्ड नहीं यूज़ करना चाह रहा बुरे प्लेयर्स, मेडियोकर प्लेयर्स, नहीं, गंदे प्लेयर्स हैं ये सारे, ठीक है? सिंपल, आसान लफ्जों में, गंदे प्लेयर्स हैं। जो सबसे गंदे प्लेयर्स हैं, जो पाकिस्तान को मैच नहीं जितवाते, जो आँखों में आँखें नहीं डालते, जो क्रिकेट को ब्रदरहुड की तरह चलाते हैं, सॉफ्ट बन गए हैं, सबस वो जो बेटर रेडी होता था उसको भागने से पहले मुँ चड़ाते थे वो जो पसली तोड़ दिया करते थे वो जो इंजी जैसे लोग अकेले खड़े होके पाकिस्तान को टेस्ट मैच जितवा देते थे उन्होंने इतना पैसा नहीं कमाया ये गंदे प्लेयर्स इतना पैसा कमाएंगे तो मुझे न ये चीज हजम नहीं होती अब जिस मरजी प्ल करो जितना माइंड करना है करो लेकिन आप लोग इस काबिल नहीं हैं कि कल पाकिस्तान का मैच हम रख दें किसी बड़ी टीम के साथ और आप में से कोई एक खड़ा होके अपने बल्बूते पे मैच जितवाए चाहे वो बॉलर है चाहे वो बैटर है कल हम करवा देते हैं आईसीसी का टूर्नामेंट टॉप फाइव टीमों में से एक टीम हम चूज कर लेंगे और पूरी टीम आएगी उनकी मिसाल के तौर पे हम ऑस्ट्रेलिया पकड़ लेते हैं ऑस्ट्रेलिया में ट्रैवेस हेड भी होगा ऑस्ट्रेलिया में पेट कमिंस भी होगा जोश हेजलवुड भी होगा मिचेल स्टार्क भी होगा स्टोइनिस भी होगा मैक्सवेल भी होगा बड़ी टीम इनकी मैं लड़ा देता हूँ आप हम जीतेंगे लगता है आपको ऐसे अच्छा लगता होगा कुछ लोगों को क्योंकि यहाँ पे प्लेयर्स भी डिनाइल में हैं और फैंस भी कुछ अनफॉर्च्यूनेटली डिनाइल में हैं हमारा ना स्टैंडर्ड बॉल ज़्यादा गिर गया है आज से 10-15 साल पहले जब हमारा बचपन होता था 20 साल पहले 22 साल पहले तो एवरेज क्रिक 2008-9 में हमारा T20 वर्ल्ड कप का फाइनल था सिरीलंका के साथ। I was sad about it। मैं कोई डिग्रेट नहीं कह रहा, the great कुमार संगाकारा को बहुत अच्छी टीम थी सिरीलंका की, लेकिन पाकिस्तान पकड़ लेता था सिरीलंका को। मैंने कहा यार ये क्या सिरीलंका के साथ हमारा फाइनल पड़ गया? मतलब मजा ही नहीं आना मैच का। वो ही हुआ ले गए थे मैच को आमिर ने ऊपर से क्या दलशान को जो कि उनकी टीम की बैकबोन था फार्क कर दिया था फाइनल गंदर थी कैच तो मुझे तो मजा ही नहीं आ रहा था यार सिरिलंगा के साथ मैच है मतलब मुझे आपका थॉट प्रोसेस नहीं पता ये तो अब बात ये बंगलादेश आपसे बहुत बेटर टीम हो गई है अफगानिस्तान T20 म मेरा तो दिल ही नहीं करता था यार कि मैं इनका मैच भी देखूं हम एकसाइटेड होते थे जब कोई रिकी पॉंटिंग आके खड़ा होता था हमारे सामने कोई मैचवी हैडर न हमसे बत्तमीजी करता था कोई लैंगर श्वे बक्तर को देखके थूक फेंगता था आगे से श्वे बक्तर उसकी पसली पे बॉल मारने की कोशिश करता था फिर वो कोई सामने चमिंदा वास है ये बॉल उसकी हिल रही है कोई पता लगे कोई स्पिन आया है कोई मुल्ली धरन आ गया है कोई शेनवॉन आ गया है कोई पता लगे वेस्टइंडीज ब्रेन लारा ने बारी लगा लिया यार वो दौर था एक कोई सहवाग आगे से अटैक कर रहा है डी ग्रेट सचिन तेंदुलकर निरांश कर दिए हैं चेज में ये क्या? ये क्या है जो आज चल रहा है? क्रिकेट क्या है जी? वो एक हमारा बॉलर कहता है ब्रदरहुड। शहीन, उनसे पूछो ना, ये क्रिकेट को एक शब्द में डिफाइन करें। ब्रदरहुड, भाई तू चला जा। मुझे ऐसी कोई ब्रदरहुड वाली क्रिकेट नहीं चाहिए, सब ड्रामेबाजी है ये ब्रदरहुड। ओ कोई बॉल बाउंसर मार यार, कोई यहाँ से बॉल गुजरे, कोई भाई तेरे से डरे, कोई रात को ड्रेसिंग रूम में कह रहा होगा यार कल पहला ओवर शाइन ने करना है मुझे तो खौफ आ रहा है भाई टू स्ट्राइक ले लिया यार तेरी मेरी बनी मैंने शाइन के सामने नहीं आना और कुछ पता लगे कोई फास्ट बॉलर है यार और स्टैंडर्ड इतना नीचे आ गया है कि आपके ये जो सो कॉल्ड तीन चार बैटर्स हैं ना इनमें से कोई मैच ही नहीं जीता था पाकिस्तान को और फिर इन नलाइकों ने इन बैटर्स ने फैंस को भी ऐसा बना दिया मेंटली तौर पे कि वो कंडीशंस बड़ी मुश्किल थीं वो अगर एक अकेला बंदा क्या करे भाई दुन यहाँ आप किसी दूसरे स्पोर्ट्स में चले जाएं एक ही बंदे को करोडो लोग आवाज लगाते हैं कि तू करेगा और वो करता है अभी फीफा वर्ल्ड कप चल रहा है मैं फुटबॉल नहीं देखता लेकिन मुझे पता है कि मैसी ने तीन गोल मार दिये थे और फिर पुर्टगाल का इंतजार किया जा रहा है ताकि पोर्चुगीज का मैच है और रोनाल्डो को लोग बातें लगा रहे हैं कि जा यार तेरे कोई को गोल नहीं हुआ मतलब वहाँ मेसी ने तीन मार दिए गोल तूने एक गोल नहीं किया और ऑब्वियसली वो ड्रॉ है इट्स लॉन्ग टूर्नामेंट लेकिन पोर्चुगीज़ फैंस को पता है कि ये ड्रॉ डिफीट के बराबर ही है वो स्पीड को मैं देख रहा था तो ये ड्रॉ डिफीट के बराबर ही थी तो कहने का मतलब है कि एक प्लेयर होता है जो अपनी टीम को मुश्किल से निकालता है अब कहने को ये टीम स्पोर्ट है लेकिन आप मनने या ना मनने एक प्लेयर होता है जो अपनी टीम को दस में से आठ दिन मुश्किल आज से बाइंड निकालता है आप इंडिया को देख लें विराट कोहली आज एक फॉर्मेट खेलता है और उसमें भी वो मैच जितवा देता है। आज भी आप पीक पे स्टीव स्मिथ को देख लें, आप पीक पे ब्राइन लारा को देख लें, आप पीक पे रिकी बॉंटिंग को देख लें, आप पीक पे इन जमामुल हक को देख लें, जवेद मियादात को देख लें। मतलब ये वो बंदे हैं जिनकी तरफ पूर लेकिन आज बहाने बाजियां ज्यादा हैं कि नहीं वो एक बंदा क्या करे भाई दुनिया में आज भी एक ही बंदा कर रहा है मसला ये है कि आप कभी किसी एक मैच में भी करते हैं न तो फिर भी कोई समझ आ जाती है आपका एक आदा मैच कोई भी बल्लेबाज है, अगर वो 50-60 पे खेल रहा है और पाकिस्तान को जीतने के लिए 40 चाहिए और वो आउट ऑफ़ बाइट चला जाता है, मुझे तकलीफ होगी कि यार ये गेम फिनिश क्यों नहीं की इसने? देखो दो किस्म के कोच हैं ना, एक सिंपल कहेगा कि हाँ यार वो गेम फिनिश नहीं की, मैं तो पकड़ लूँगा मैनेजमेंट पे वापस आ जाते हैं। पता नहीं कितने मौके हमने आकिव जवेद और माइक हसन वगैरह को देने हैं। आपसे कोई ढकीचुपी बात नहीं है, जिस तरह की तैयारी हमलोग अपनी टीम को ऑस्ट्रेलिया के अगेंस्ट करवा रहे थे, हमने सारी चीजें कवर की हैं। सिंपल बात ये है कि आने वाले कुछ दिनों में एक ये अनाउंसमेंट होगी कि ये प्लेयर्स हैं मिसाल के तौर पे 25, 24, 25, 26, 27 इनको हम सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट दे रहे हैं लेकिन आपको ये नहीं पता लगेगा कि कौन सा प्लेयर किस कैटेगरी में सिर्फ ये अनाउंस होगा कि ये सारे प्लेयर्स को हम सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट दे रहे हैं अब अगेन हमें इनपे ट्रस्ट आपका मेन प्लेयर बनावे हैं या आपने किसी से कमिटमेंट की है अब मिसाल के तौर पे बात आ रही है कि नुमान अली को कॉन्ट्रैक्ट शायद नहीं मिलेगा तो वो तो आपका मेन स्पिनर था तो कोई नुमान की रिस्पेक्ट के लिए उसको एक साल का कॉन्ट्रैक्ट दे दो यार कर्टेसी के तौर पे एक एग्जांपल दे रहा हू इनके ऊपर ना हमें ट्रस्ट नहीं है। मैंने आपको कोई 10 हजार दफा एग्जांपल दिए कि इनको ना आकिब जवेद साहब को माइक हेसन को रात को ख्वाब आता है कि सुबह उठके हमने ये करना है और वो टोटल ओपोजिट डायरेक्शन में चले जाते हैं। पुठे-पुठे डसियन दुबई जाएंगे एक स्पिनर के साथ जाएंगे, साउथ अफ्रीका ये जो नया सिस्टम पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड इंट्रोड्यूस करवाने जा रहा है, मुझे इस सिस्टम से कोई इतराज़ ज़्यादा नहीं है। मुझे ऊपर बैठने वालों पे इतराज़ है कि अकाउंटेबिलिटी कोई नहीं है मेरी जान, अकाउंटेबिलिटी कोई नहीं है। और अकाउंटेबिलिटी किसने करनी है? ऊपर लीडरशिप अवेलेब उन्होंने करनी है accountability मैं पिछले डेड दो तीन अफ़ते में लगातार इस point को highlight करता रहा हूँ कि अगर किसी इदारे की leadership available नहीं है और वो leadership जब दफ़तर आती है cricket board के उसको brief किया जाता है कि ये ये चीज़े होंगी तो brief करने वाले भी गलत लोग हैं वो brief भी ठीक नहीं कर रहे तो इस तरह आपके cricket के वैसे ही निताय जाएंगे जैसे अभी आ रहे हैं इस पाकिस्तान क्रिकेट टीम का अल्लाह ही हाफिज है आज के दिन हमने चैम्पियंस ट्रॉफी जीती थी और तब भी हम चैम्पियंस ट्रॉफी कैसे जीत गए थे ये हमें नहीं पता कल को हम कुछ अचीव कर जाएं पता नहीं वो हम कैसे अचीव करेंगे I don't know लेकिन उस चैम्पियन ट्रॉफी जीतने के पीछे भी कोई प्रोसेस नहीं था और अब अगर हम कुछ अचीव कर गए तो उसके पीछे भी कोई प्रोसेस नहीं होगा वो क्यों होगा हमें नहीं पता अच्छा वो अलैदा बात है कि वो सत्रह की टीम में फिर भी कुछ मैच विनर्स थे इस टीम में तो मैच विनर्स भी नहीं हैं वो पिछले दिनों भी मेर कि पहले वाली टीमों में दो तीन चार क्रैक्टर कुछ ऐसे होते थे जो कुछ ना कुछ कर लेते थे लेकिन ये तो सारे फारग हैं यहाँ सारे फारग हैं तो खैर उम्मीद मुझे इनसे कुछ नहीं है और देखते हैं कि कब ये अपनी कैटेगरीज अनाउंस करते हैं फिर थोड़ा ज्यादा تفصيل से इस सारे कॉन्ट्रैक्ट को हम मजीद समझेंगे एंड थैंक्स टू पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड उनके इस नए कॉन्ट्रैक्ट बनाने के चक्कर में मुझे भी थोड़ा सा स्टडी करने का मौका मिल गया ऑस्ट्रेलिया साउथ अफ्रीका न्यूजीलैंड इंग्लैंड के कॉन्ट्रैक्ट्स को थोड़ा बहुत पढ़ा मैंने इनके बारे में कि इनके प इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड इनके प्लेयर्स अपने बोर्ड से इंतहाई खुश हैं कि जिस तरह उनका बोर्ड इनको चला रहा है वो पैसों से भी खुशी हैं वो हर चीज से खुश हैं लेकिन यहाँ पे ऊपर वाले भी ईमानदार नहीं हैं प्लेयर्स खुद अपने साथ ईमानदारी नहीं करते इंजरीज छुपाते हैं कल को अगर क्रिकेट बोर्ड चेंज हो जाए तो पता लगे सब कुछ ही चेंज हो गया है तो यहाँ पे सिस्टम आपको लगाना पड़ेगा प्रोसेस लगाना पड़ेगा और उसको लगाने से पहले ठीक बंदे ऊपर लगाना लालमी है सिस्टम ऐसा होना चाहिए कि क्रिकेट बोर्ड अगर फारغ हो गया अगर चेयरमैन चेंज हो गया अगर सिलेक्टर चेंज यानी एक बंदे की ज़िम्मेदारी वो उसको निभाए अपना टाइम पूरा करे और फिर अगले बंदे को हैंडओवर करे कि अब आपने यहाँ से हमारी क्रिकेट को आगे लेके जाना स्टेप बाय स्टेप लेकिन यहाँ पे जो बंदा कंट्रोल में आता है वो कुछ नया करना चाहता है कि मैं करके दिखाऊँगा मैं सबसे कुछ डिफरेंट करूँग लेकिन उनके एक काम पे मुझे बहुत ज़्यादा इख्तलाफ था। उन्होंने जो पाकिस्तान जूनियर लीग शुरू की थी, इतनी कम उम्र में बच्चों को T20 खिला देना और मेंटोर्स को डेढ़-डेढ़ दो-दो करोड़ पे आप बांटना एक ऐसे टूर्नामेंट में जिसका कोई पाथवे नहीं है आगे, वो टूर्नामेंट मेरी समझ से ब ये ऐसी चीजें different chairman आके करते हैं कि बाद में सारी जिंदगी वो कह सकें कि वो मैंने किया था, ये मैंने किया था, आगे अपना reference point बनाने के लिए। कल पाकिस्तान fans एक नई video में रात को साढ़े सात बजे आपसे मुलाकात होगी इन्शाअल्लाह। एक minute कहाँ जा रहे हो? अभी एक बात रहती है। कल women's T20 World Cup का match पाकिस्तान साउथ अफ्रीका क जीतता जीतता रह गया था फातमा सना की फिर शानदार परफॉर्मेंस रात को कल ढाई बजे मैंने वो वीडियो अपलोड की थी आप में से काफी लोगों ने कल वाली वीडियो मिस कर दी है तो वीडियो चैनल पे मौजूद है यहाँ तक अगर आपने एंड तक वीडियो देख ली है तो इसके बाद आपने पाकिस्तान वर्सेस साउथ अफ्र कि मैंने पिछली वीडियो पूरी देखके मैं पिछली वीडियो पूरी देखके आया हूँ तो मैं ट्रैक कर पाऊँगा कि ये मेरे कौन से शहजादे हैं जो पूरी वीडियो देखते हैं मुझे पता लग जाएगा आपका सो कल बाय द वे रात को साढ़े सात बजे एक नई वीडियो में आपसे मुलाकात होगी गुड नाइट वंस अगेन
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