The video narrates the life of Abraham Lincoln in Hindi, emphasizing his relentless perseverance. Born on February 12, 1809, in a poor family, Lincoln faced early hardships including the loss of his mother, property disputes, and homelessness. Despite being forced to leave school, he worked in a store while self‑studying law, discovering a passion for public service. He entered politics, losing fifteen elections—including five bids for the U.S. presidency—before finally winning the 1860 election and becoming the 16th President of the United States. As president, he fought against slavery, issuing measures that freed thousands of enslaved people. His life ended when John Wilkes Booth assassinated him while he was attending a play. The story concludes with a moral: persistent effort eventually aligns fate with success, illustrating Lincoln as a model of determination.
Chapters
कोशिश तब तक करते रहो जब तक किस्मत खुद ये आपने बात बहुत बार सुनी है। कहने वाली बात है ये। आज में आपको जो कहानी सुनाने जा रहा हूँ वो इसकी जीती जागती सा बात है। 12 फरवरी की टी जीरो नाइन में कंट्री में जन्म हुआ था। बड़े ही गरीब परिवार में 9 साल की उम्र में ही 2 बार इनकी जो उनके घर में थे, प्रॉपर्टी के विवाद हो गई, प्रॉपर्टी का माजरा हो गया और 2 बार को अपना घर छोड़कर 1 नदी के किनारे को तट पर रहना पड़ा था। इतनी गरीबी का उन्होंने सामना किया था। कुछ देर बाद उनकी माता जी की जो अपनी थी उनका भी शांत हो गया। मजबूरी के कारण पिताजी ने भी उनकी पढाई छुडवा दी। बोला पढाई छोडो काम है, काम की ज्यादा जरुरत थी। काम पे लग गए पर उनका पढ़ाई में बहुत मन था। थोड़े समय बीते उसके बाद उनको 1 स्टोर में 1 नौकरी लगी। वहाँ से उन्होंने बहुत ही जैसे जैसे अपनी पढ़ाई शुरुआत की और लॉ की पढाई कम्पलीट की। लॉ की पढ़ाई कंपलीट जैसे की उन्होंने देखा कि उनका जो मन था सोशल वॉक में जाता था। उनको दुसों प्रॉब्लम सॉल्व कर रहे में बड़ा ही अच्छा लगता था। तो उन्होंने वही किया। उन्होंने अपना पैशन ढूंढ लिया कि यार इस चीज में पैशन है, मिल को अच्छा लगता है, आप किसी में पैशन है, वो आपको पहचानना है। सबसे पहचान बोल तो यही रहता है। उन्होंने जैसे अपना पैशन पहचाना, उन्होंने उसमे काम करते गए, लगातार सोशल लोग करते गये। और कुछ दिनों बाद जैसे वक्त बीतते गए। उनका आपस में अंदर अंदर काफी अच्छा स्ट्रॉंग नेट और पहचान बनने लगा। लोगों के बीच में अब क्यूँकी पहचान था। उनको पता चल गया था की ये रस्ते को उनका लाइफ का रास्ता उन्होन चुना है। वो पॉटिकसमेंजाके आपको लीडर बना रहेगा। अगर आपको ये अच्छे लेवल पे स्केल करना है तो उन्होंने वही सोचा ना पॉलिटिक्स में जाना अपना नौकरी छोड़ के। उन्होंने पहला इलेक्शन लड़ा विधायक था और ऑबवियसली हार गए। विधायक के इलेक्शन जो लड़े थे वो तो हारे ही दूसरी ओर जो नौकरी पड़ी थी वो भी चलेगी कहीं के भी नहीं रहे। फिफ्टी नाइन यर्स के हो चुके थे। तब तक उन्होंने पंद्रह इलेक्शन लड़े पंद्रह के पंद्रह हारे 5 बार यूएस प्रेसिडेंट के पद पर लड़े वो भी हार गए। बट अब्राहम की जो इरादे थे इससे वो टूटे नहीं आखिरकार। एटीन सिक्स्टी में वो यूएस के प्रेसिडेंट के पद के जीते और सिक्स प्रसिडेंट बने यूएस के। और इनको आज हम सभी लोग जानते है। अब्राहम लिंकन के नाम से। अब्राहम लिंकन इतनी तेजी से मेहनत करते गए, बार बार कोशिश करते रहे। हारने के बावजूद कोशिश करने वालों के सामने किस्मत भी जूते। अब्राहम लिंकन ने ये बात खुद साबित किया था। बिना कुछ किए जैसे कार नहीं होती और डेफिनेटली कोशिश करने वालों की कभी खराब नहीं होती है। यह आपको 1 लेना है। यू एस में स्लेवरी का 1 बहुत ही बड़ा इशू था। उन्होंने उस समय स्लेवरी के चलान को रोक कर हजारों मजदूरों की मदद की थी। उनकी जिंदगी सुधर रही थी। मगर 1 बार डीडी सि्टीफाईकोएरम अपने पत्नी के साथ व वशिटनमेफॉर्ड्स 1 थेटर में 1 प्ले देख रहे थे। वहीं जो स्लेवरी के पक्ष में थे, एक्टर थे जॉन विल्क्स। उन्होंने ही वहीं पर हत्या कर दी। और ऐसे ही एंड हुआ। हमारे ग्रेट लीडर, अबराहम पूछिए आप कितना बोल?