In this Hindi interview, Speaker B, a self‑described guide and practitioner of the Law of Attraction, shares his personal journey from a middle‑class background with a modest 19,000 ₹ monthly salary and heavy debt to purchasing a 70 lakh‑rupee house through manifestation. He explains how limiting belief systems—such as thinking success requires endless hard work or that one must follow others—keep many people stuck in survival mode, debt, and low‑growth jobs. By consciously re‑programming these beliefs, visualizing desired outcomes, and “manifesting” financial resources, he claims to have attracted loans, cash flow, and property without traditional means. He contrasts his early reliance on hard work (long hours, multiple jobs) with a later realization that belief, intention, and consistent mental focus can generate wealth more efficiently. Throughout, he offers practical advice for beginners: identify current belief patterns, assess current emotional state, shift focus from scarcity to abundance, and use specific manifestation practices (vision rounds, affirmations). The conversation also touches on broader socioeconomic challenges—loans, housing costs, and the difficulty of breaking out of a cycle of debt—illustrating how the Law of Attraction can be applied to real‑world financial struggles.
Chapters
आज समझो कोई बहुत सालों से मेहनत कर रहा है, 20 25 साल से मेहनत कर रहा है, आज वो सर्वाइवल पर है, नहीं पैसे कमा पारे में है, कर्जे में है। जो लोग हेल्थ इशू तो आप बोल रही उनलोगोने माइंड में अपने खुद ये चीज ला दी।
अच्छा मैं पर्सनली को गाइड करता हूँ, मतलब लोगों का सपना है, वह उस आधे तक पहुंचना, विचंसमाईएसमआईपीएस विचंग्लूडस लॉट सेलिप्समतलबये वो लोग हैं जहाँ अगर आप इनके साथ खड़े होके, न फोटो खिंचवाने चाहोगे है। अगर ये लोग दिख जाए तो। और आज न वो इस लेवल पर है कि दे आर फेसिंग लॉ ऑफ चैलेंजेस या तो पहले उन्होंने सक्सेस देखी, आज वो सक्सेस सस्टेन नहीं हुई, या जब लोग 1 अच्छे औदे पर पहुंच जाते हैं या पॉलिटिकली बहुत अच्छे आदि पर है या गवर्मेंट जॉब में बहुत अच्छे औदयआरपहैलेकिन उन्हें रेलेवेंट प्रमोशनस नहीं मिले या रेलेवेंट ग्रोथ जो वहाँ पर मिल सकती है वो नहीं क्योंकि उन्होंने सही रास्ता चुना कि मैं इधर उधर नहीं करूँगा, मैं सही करूंगा सही रात, लेकिन उ सब वजह से उनको वो ग्रोथ नहीं मिली जो मिलनी चाहिए थी और ऐसी 1 नहीं ऐसे मेरे पास कितने केसेज आते है। इसका सबसे बड़ा कारण यह होता है कि हम न हम बहुत सारी चीजें, न ओवर, दे, पीरियड, ऑफ़ टाइम मिस कर जाते हैं। हम अपनी सोच में बहुत सारी चीजें बना लेते हैं कि ये सारी चीजें मुश्किल है। जैसे मैंने बोला मैं 1 पर्सन को मिला है वो बहुत अच्छे लेवल पर है। तो मैंने मैंने उनको पूछा कि आप इतने अच्छे डायरेक्टर लेवल पर है। इस से सब एकदम सब कुछ मतलब, अच्छा देखोगे की सरकारी घर है, बड़ा सब कुछ है लेकिन उसके अलावा उनके पास कुछ भी नहीं है, उनकी पूरी जिंदगी की कमाई है, 1 घर 1 घर पूरी जिंदगी की कमाई है। तो जब मैं उनसे मिला मैं बात करता हूँ तो ये समझ में आया की अल्टीमेटली उनका भी थॉट यही था की अगर मेरे को बहुत सक्सेसफुल होना है तो पहले या तो मुझे इधर उधर से करना पड़ेगा, कुछ न कुछ बराबर या सीनियर्स के पीछे भागना पड़ेगा, या मुझे कुछ ऐसा करना पड़ेगा जो मैं नहीं हूँ। अब ये बिल सिस्टम में बैठ गया उनके पैर वाले लोगो को जो सही काम कर रहे थे, अच्छा काम कर रहे थे, उनसे 2233 लेवल अरे जस्ट बिका, उनकी थॉट थॉट वो थोड़ा थॉट ने रोका हुआ है। यही सही है, ऐसा ही होगा और जिनकी ग्रोथ हो रही है उन्होंने कुछ न कुछ गलत किया होगा या ऐसा उनको लगता है, ऐसा उनको लगता है, ओके और मैं कुछ गलत करूंगा नहीं यानि मेरी ग्रोथ होगी नहीं तो क्या होता है। बहुत सारे लोग अपने दर्द से प्यार करने लगते हैं जैसे की जिंदगी तो ऐसे ही चलती है, लोन पर गाड़ी तो लोन पर ही तो आती है, घर लोन पर ही तो आता है। अब आप सोचो की 10 लाख की गाड़ी ले रहा है, 10 लाख देखिये कितने परसेंट लोग लेते गे, 10 लाख देर ले लिया नहीं घर कितने लोग कैचडाउंडलेतेहोंगे
अभी पीछे रिपोर्ट नाइन परसेंट लोग
लोन पर ले रहे ै मे भी ज्यादा होगा, भाई जामा दिखा हमारे इतना कैश है, हाँ सही बात, अल्टीमेटली द, फैक्ट, कूकी सबके बिलीफ सिस्टम में 1 वक्त ऐसा था, मैंने भी यही सोचा था मैंने पहला मेनफेसकियाथातो मैंने मैनिफेस्ट किया था की मुझे घर चाहिए और उस वक्त ऑवयसलीमरेपैसेनही थे, स्टार्ट की थी डाउन पेमेंट के भी पैसे नहीं थे, मेरे
अच्छा डाउनलोड के पैसे नही था और
मैने फेशबेनिफेसकरना शुरू किया था, ठीक है विजन राउंड सिक्स मंथ मैंने घर खरीदा। 6 महीने मैंने घर खरीद लिया था और मेरे पास आई हैड अराउंड टी टी परसेंट के आस पास मेरा पैसा इकट्ठा होगा, बाकी मैंने लोन लिया था लेकिन जब मुझे पता था अब ये न कंडीशनिंग है न मेरी भी है, ऐसे ही तो होता है घर ले चलो मैंने मेनिफेस् कर लिया मतलब आप 70 लाख रुपए का घर है, उसमें से मैंने 20, 22, 23 लाख रुपए, 25 लाख रुपए मैंने मेनिफेस् कर लिया। घोड़ी बहुत अच्छी बात है और घर ही ले लिया। पहला घर ले रहा हूँ पहला यह भी बहुत बड़ी बात थी लेकिन धीरे धीरे जब मैंने उस पढ़ाव को पार किया। ये बात है 12 13 साल पहले की, जब मैंने उस पढ़ाव को पार किया तो मुझे धीरे धीरे आय की यार ये क्यों बोला मैं अपने की
घर लेना बड़ी बात है
एंड देन स्टार्टेड टेलिंग माई सेल्फ सब कुछ बहुत आसानी से आता है, पैसा हर जगह से मेरे पास आ रहा है, ये
1 मैजिकल लग रहा है।
ये क्वाली मैजिकल है भाई जब मैंने अपने आप को बोलना शुरू किया मतलब मेरको अभी काउंट करना पड़ेगा how many houses i have वाव बिलिफ आई क्रेटे फॉर
एग्जाम स्कोप करते हूँ मैं कर माना चाहता मुझे मुझे पता भी नही होता क्या बचपन से ही अपने मन में बिल तो सर पहले मैं कैसे क्या मैं चेंज हो सकता हूँ मेरा सिस्टम मे को नहीं पता, मुझे भी नहीं पता है मेरे को सिर कैसे ट्रांसफार्मेशन होगा और मैं 1 करोड़ तक कैसे पहुँचूंगा।
देखिये सबसे पहले आप ये समझिए आप न अगर आपको किसी को भी इंसान को सक्सेसफुल होना है। मेरे मेरे पर वापस आता है, हाँ मेरी जर्नी आप समझेंगे मैं लो, मिडल क्लास फैमिली से हूँ। मैं ऐसे बैकग्राउंड से आता हूँ जहाँ पर हमने बहुत डिफिकल्ट देखी है। पैसों के बारे में बहुत डिफिकल्ट, सरकारी गवरमेंट, स्कूल में पड़े, हिंदी मीडियम में पड़े हुए हमेशा। लेकिन हमेशा से वो थी, चाहत थी कि करना है क्यूंकि? पैसे तो थे ही नहीं तो पैसा ही कमाना था। जो गरीब लोग होते हैं उनका गोल क्या है, उनका कोई रिलेशनशिप अच्छी हेल्थ कुछ गोल ही गोल है और राइट सो जो नहीं है वो कमाएंगे जो नहीं है उसका है। हमेशा उस चीज पर फोकस किया, मेरा जो परस्पेक्टिव था चीजों को लेकर, पता नहीं क्यों आई डोंट नो हाओ, मेरे ने सबकांशस बिलीव था, कुछ बहुत अच्छा करूँगा, हमेशा से था कि मैं कुछ बहुत अच्छा करूँगा, ये हमेशा से था और जब ये थॉट मेरे माइंड में आता रहता था, मुझे कोई रास्ता नहीं बताता मैं बिलो एवरेज स्टूडेंट हो। मैंने स्कूल, कॉलेज में कभी भी फिफ्टी परसेंट भी स्कोर नहीं किया, नोट वन कैसे मुझे नहीं पता बस था एंड धीरे धीरे धीरे मुझे 1 चीज समझ में आने लगी की या अपने थॉट्स पर काम करता गया करता गया और मुझे फिर 1 चीज समझ में आने मेरे पैरेंट से बोला जिस इंसान को कुछ नहीं आता, जिससे ज्यादा दिमाग नहीं होता उसको 1 चीज करनी होती है, वो है बहुत मेहनत तो हम कर सकते है मेहनत में कमी नही छोड़ेंगे या तो कर ही सकते है। आई गॉडिन वेन, आई गॉडिन टू जॉब
अच्छा आपने पहले जॉब ले लिया, फिर
पहले जॉब लिया मैंने मैंने एम बी किया, एम बी के बाद अकॉडिग जॉब, जब मैंने एम बी ए के बाद जॉब किया टेल वो बात है 17 साल पहले की क्या सैलरी थी वैसे, उस वक्त मेरी सैलरी थी। 19 हजार रूपए अरे अच्छा आज 19
हजार, ऐसे बोल घर कितने है, हा
में भी 19 हजार से आप कह लीजिये हंड्रेड टाइम्स तो हम
करेक्ट है,
वो बट बट अल्टीमेटली जब आप इस इस तरह की जब आप, जब वन आ गॉडिंटोदाट जॉब न मुझे ये समझ में आने लगा कि न नो लुकिंग बैक दिमाग है, नही मुझमे मेंबरी मेरी है, नी मैं पढाई में अच्छा था नही, तो मैं मेहनत कर सकता हूँ। और मुझे याद है पिछले 17 सालों में प्रोबेबली मेरे आस पास के जितने लोग हैं। am the hardest worker in the room, i ve been the hardest, वर्कर आज भी आज भी even टुडे वर्क for forteen fifteen at every day, for very day, the but the work is helping people meditation reading book क्या मेरा 14, 13, 14 पंद्रह घंटे मेरे इसी में जाते हैं, ev्रीडेy हर रोज तो क्यूंकी मुझे क्या समझ में आया कि अगेन ये मेरा बिलीफ बन गया की मेहनत करने से आते है करे। लेकिन मुझे ये भी पता है की 1 और नया बिल है प्रॉबब्ली वि आई विल बी बिल्डिंग सून बहुत पैसा कमाने के लिए बहुत मेहनत की जरुरत नहीं पड़ती है, नहीं पड़ती नया बिलीफ है प्रॉबब्ली एलबी वर्किंग क्यों मुझे पता है कि वो फेस आने वाला है मेरा जल्दी एंड देन आई विल बी मेनिफेस्ट अकॉर्डिंग टू दैट बेसिकली अगर कोई इंसान है तुम्हे अपनी कहानी क्यों शेयर की मैंने इसलिए शेयर की इंसान जो आज शुरुआत कर रहा है, उसे नहीं पता उसका बिलीफ सिस्टम क्या है, कोई बात नहीं। यार आप अपनी सिचुएशन देखो, आज आप कहाँ हो, वो देखो आज आप कैसा महसूस कर रहे हो, वो देखो क्या आप जहाँ आज हो, उससे खुश हो? इफ आंसर इज नो तो यानि की कुछ तो गड़बड़ होगी या गड़बड़, कुछ तो ऐसा होगा जो मिस किया, जो
मिस प्लेस है करेक्ट। वो सोचता रहा की मेरे को अच्छी जॉब में स्ट्रगल कर रहा हूँ, कुछ कुछ बिलीफ सिस्टम पंगा चल रहा है मतलब ये अपना फर्स्ट स्टेप होगा जहाँ पर ने आइडेंटिफाई कर लिया की बिलीफ