In this Hindi YouTube video, interior designer Deven U Pandey (referred to as “देवी”) discusses how to approach low‑budget interior projects without compromising on value. He argues that “cheap” design erodes client trust and that designers should focus on adding perceived value—through thoughtful material choices, service extras, and clear communication—so clients remember the designer even if the price is reduced. He stresses the importance of adopting digital tools (AutoCAD, 3D Max, V‑Ray, product‑design software) and small automations (remote work, digital hand‑overs, free cleaning services) to increase efficiency and offer added services at minimal cost. Deven promotes his own up‑skilling platform, offering affordable AutoCAD training, certification, and post‑lockdown job‑placement assistance, and mentions that his team has already certified many students who now receive feedback videos and job support. He also outlines a broader curriculum that includes 3D Max, V‑Ray, and product design, promising continued teaching until learners master the skills. The video ends with a short testimonial from Sudesh Kumar, an industrial engineer from Mathura, who confirms the usefulness of the AutoCAD workshop. Overall, the content blends practical low‑budget design advice, a business‑growth mindset, and a promotional pitch for the designer’s training services.
Chapters
और आप सभी लोग कैसे हो मैं देवि मैं हूँ 1 इंटर डिजाइनर और प्लाक डिजाइनर आप सभी लोगो का स्वागत करता हूँ। आज मैं उस सस्ता इंटीर के बारे में बात करने वाला हूँ। सस्ता डिजाइनिंग, सस्ता सस्ता, सस्ता सस्ता भाई कुछ सस्ता है क्या आज की डेट में बोलो न भाई सस्ता है भाई तू बोल सस्ता है, कुछ कम नहीं है। तो में मम्मी को पूछता हूँ। इसके बाद जाके की भाई कुछ सस्ता है। अब आप अपने फैमिली में अपने मम्मी या पापा को पूछे पापा कुछ सस्ता था वो क्या बोलेंगे बेटा सस्ता तो कुछ नहीं रहा, हमारे टाइम में, वो सस्ता होता था और वो टाइम पर जब कोई उनको पूछा था कि सस्ता है तो वो टाइम भी, वो यही बोलते रहे कि सस्ता नहीं पिछले टाइम में सस्ता है कहने की सिम्पल लॉजिक यह है की सस्ता कुछ नहीं होता, यह सीधी सी बात है लेकिन फिर भी अक्सर मीटिंग में क्लाइंट हमें बोल देता है भाई साहब थोड़ा बजट कंट्रोल में रखना मेरा यह जरूर बोल देते और हमारा काम है क्लाइंट का सुनना हर 1 चीज क्लाइंट से ही शुरुआत होती है, क्लाइंट हमारे करता धरता है उनकी बात सुनना तो स्वाभाविक है तो सस्ता कैसे करे में सस्ता कैसे करे आप तो बोलते हो यार प्लायवुड जीतने का आना है तो आना ही है। हार्डवेयर जीतने का आना है उतना तो आने का, ये इलेक्ट्रॉनिक का सामान जितना आना है, लंबी का सामान जितना आना है, सिविल का, सामान जीतने का, उतना तो आना ही है, पैसा तो जाना ही है। अब जितना मिल आगा उतना तो लेबर जाना ही है। जितना लेबर आयेगा उतना मेरा सुपर विजन और मेरा डिजाइनिंग कॉस्ट जाना ही है। सही बात है यह आपको आपकी बात सही है। सस्ता करने के बजाय अगर आप ये ध्यान 2 कितना वैल्यू उनके लाइफ में वो डिजाइनिंग में ऐड कर रहे हो। अगर वो आपने ध्यान दिया तो आपका क्लाइन कभी आपको छोड़ेगा नहीं क्या मैं सही रहा 1 मर्सिडीज़ गाड़ी लेने जा रहे हो आपके दिमाग में पहले से 50 लाख का गाड़ी आने वाला है। अब वहाँ जाके निगोशिएट बहुत निशि ने बोल दिया भाई ज्यादा वो मैनेजर ने भी भाई सा दिखा पं्रह 50 लाख में 10 पंद्रह हजार या 50 जार कम हो। लेकिन आप को पता है की मरसडीज़ मेरे पास आ रहा है, आपको वैल्यू पता है कि वो मरीज गाड़ी आपके लाइफ में क्या वैल्यू क्रिएट करने वाली है। सोशल आप बहुत हो जायेंगे। अरे भाई इसके अरे भाई इसे आप खुद 1 रॉयल फील करोगे तो 50 लाख के सामने वो वैल्यू इतनी ज्यादा है मरीज की भाव के बारे में बात भी नही कर तारीफ कर रहे हो। अरे भाई क्या लिया है आपने तो बोलते हैं 50 लाख के लिए नहीं बोलने की जरुरत ही नहीं है उन लोग को पता है ये 50 लाख की है सेम अगर आप में ऐसा करना चाहे, आप अपने आर्किटेक्चर में करना चाहे, आप कोई भी चीज बना रहे है देखिये इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत इम्पोटेंट चीज है और ये हमारे हाथ में है। कहते है की हमारा दिल वहाँ है जहाँ हमारा घर है तो वो दिल को डिजाइन करने का जिम्मा हमें मिला है। हम और आप जैसे इतने खुश नसीब है की हमे वो जिम्मा मिला है कि डिजाइन कर सकते है। इस लिए अपने क्लाइंट्स के घर में या ऑफिस में रेस्टरां में आप कुछ भी डिजाइन कर उनमें वैल्यू ऐड करिये, सस्ता मत करिए। आप सस्ता करोगे तो दिखने वाला है जिसे मैंने 50 लाख में 50 जार कम भी कर दे उसकी याद नहीं रहेगा। मेरा पचहजारकमकियइतने बड़े अमाउंट में इतना छोटा अमाउंट नहीं दिखने वाला है नरम करते है 4 5 लाख रुपए आपको आइडिया है चले ही जाते है उसमे आप अपनी फीस भी छोड़ दोगे तो भी याद रखेगा 1 प्रोफेशनल के लिए उसकी फीस का मत्वपूर्ण दे दिया। समझते ही है जो बिप्र जो भी डिजाइनर आर्किटेक से इंजीनियर निकल रहे हैं उनको भी धीरे धीरे समझ जाए की आपकी फीस सब कुछ है और वो फीस जब आप छोड़ते हो तो भी क्लाइंट आपको याद रखेंगे डिस्काउंट के चक्कर में आप वैल्यू बढाइए में वैल्यू कैसे बढ़ायेंगे बार बार हर 1 वीडियो मेकजबोलताहूँटेक्नोलॉजी को अपना दोस्त बनाए डिजिटली। हर चीज पॉसिबल हो या हर चीज डिजिटल जारी है। आप भी डिजिटली कुछ करिए क्या ऑटोमेशन आप सकते में कुछ छोटे छोटे छोटे छोटे ऑटोमेशन, काफी सस्ते सस्ते ऑटोमेशन आ गए। रिमोट, पे सब चीजें रिमोट या फ़ोन पर ऑपरेट होना चालू हो गयी है। कुछ एंड में जब हैंडओवर आप दे रहे हो कुछ उनको आर्टिक्स आपने गिफ्ट दे दिया घर को थोड़ा डेकोरेट करने के लिए। ऐसा कुछ आपने उनको दे दिया। क्या आप उनको 1 साल की फ्री क्लीनिंग सर्विस दे सकते हो या खुद अपने को बेच के उनके घर को क्लीन क्लब से बहुत कम पैसे खर्च होंगे। लेकिन वो याद रखता है उनकी परवा करोगे जितना वैल्यू करोगे उतना फायदे में रहोगे। इसलिए आप देकर टेकनॉजी को अपने बिजनेस में लाएंगे आप बिसनेस वन हंड्रेड परसेंट यू मार सकती है और बड़ा ग्रोथ आप खुद देख सकते है। सब छोटी चीजें इम्प्लीमेंट करने के लिए सस्ता कुछ नहीं होता। आप सस्ता कर भी दोगे तो भी सबको महंगा ही लगने वाला है। जिसके पास पैसा नहीं है वो खर्च कर हा है उसको तो 1 रुपया भी महंगा लगने वाला है। इसीलिए आप वैल्यू बढाइए सस्ता मत करिए, अपने प्रोडक की वैल्यू बढ़ाए, अपना वैल्यू बढ़ाइए, अपने क्लाइन के सामने और कला को 1 अच्छा उनकी वैल्यू ऑफ मनी दीजिए। वो कभी सस्ता आपसे नहीं मांगेंगे। मैं और मेरी टीम अक्सर हम हाइयेस्ट वैल्यू देना चाहते है। अपने क्लास को हम बहुत ट्रेन होते रहते है। इस लॉकडाउन के पीरियड में भी जितना हमने लॉकडाउन के समय सिर्फ और सिर्फ लर्निंग पर ध्यान दिया है। हम इसलिए लर्निंग पर ज्यादा ध्यान देते हैं हम उनको वैल्यू दे पाए। अगर हमारे पास नॉलेज ही नहीं है वो फील्ड के बारे में तो हम कैसे वैल्यू दे पाए। इसलिए आपको भी मैं हमेशा सजेस्ट करता हूँ कि अपने आप को अपग्रेड करिए या आप ऑलरेडी प्रैक्टिस कर। रहे हो तो भी अरे करिए और अगर जो वर्डिंग प्रोफेशनल ै जो स्टूडेंट्स है जो जस्ट पास आउट हुए हैं अभी उनको तो मैं वन हंड्रेड परसेंट बोलना चाहूँगा की आप तो अपग्रेड करिए ही करिए सर आपके पास कोई ऑप्शन नहीं है आने वाला जो मार्केट है हमारा मैंने इसपर 1 वीडियो बनाया था। आप जरूर देख सकते हो डिस्करिप्शनमें लिंक दे रहा हूँ फ्यूचर क्या है हमारे प्रोफेशन का जो इंडिया ऑटोकैड सीखिए थ्रीडी स मैक सीखिए वीर रेंडरिंग करोना रेंडरिंग वास्तव लर्निंग हो गया, प्रोडक्ट डिजाइनिंग हो गया। ये सब सॉफ्टवेयर आप अपने आप को अपग्रेड कीजिए मैं खुद भी ऑटोकैड का कोर्स सिखाना चालू किया हूँ 1 डिजिटल प्लेटफार्म के थ्रू बहुत इजी हिंदी टू में लाया हूं और बहुत बहुत हर वीडियो में धन्यवाद करूंगा इस वीडियो में भी जरूर धन्यवाद करूंगा कि मुझे इतना उसमे आप लोगो ने ब्रेन दिया हजार के लगभग हमने स्टूडेंट्स को ऑलरेडी सर्टिफाइड ऑटोकैड। हमने उनको दे दिया कि उन्होंने ऑटोकैड सीख लिया है, सर्टिफिकेट देते हैं पोस्ट लॉकडाउन उनको हम जॉब हंड्रेड परसेंट जॉब असिस्टेंट भी देने वाले हैं उनका जॉब कैसे लग जा और उनका जॉब लग जाएगा यह पैसा भी वापस दे देने वाले। तो ये इतना वैल्यू एड कर दिया है हमने अपने प्रोडक्ट में इसलिए सबको इतना पसंद आ रहा है। मैं हर वीडियो में फीडबैक वीडियोज देता हूँ। हमारे जो स्टूडेंट है वो फीडबैक खुशी खुशी फीडबैक वीडियोज देते हैं और उनके परमिशन से हम अपनी वीडियो के थ्रू वो हम थोड़ा स्प्रेड भी करते है ये वीडियो के एंड में भी जरूर आप उनका फीडबैक वीडियो जरूर 1 बार चेक करिएगा इसी खुशी में आने वाले में भी आने वाले टाइम भी थ्री डी एस मैक्स और वीर रहा हूँ जब तक आपको समझेगा नहीं न वो चीज तब तक हम सिखाते रहेंगे। ये मेरा वादा है। तो इसी तरह मैं बोल रहा हूं कि जितना वैल्यू आप ऐड करोगे न उन पैसों में वो याद रखा जायेगा सस्ता महंगा कुछ नही होता है ना। 1 बार आपने उनकी लाइफ में वैल्यू एड करना चालू कर दिया। वो पैसों में। उनको लगेगा यह चीज सस्ता है हम अपनी क्लास का काफी टाइम इसलिए स्पेंड करते हैं इनिशियली सिर्फ और सिर्फ। उनका रिक्वार्मेंट समझ िकल है। उनका रहन सहन समझने के लिए है ताकि उस हिसाब से वैल्यू ऐड कर पाते हैं और हम करते भी हैं। सक्सेसफुल ही हमने काफी अच्छे अच्छे साइड तक बना चुके हैं और आगे भी हम बनाते रहेंगे। ये सब मैं कर रहा था उसके उसके बावजूद मैंने सब ट्रेनिंग लेना चालू कर दिया। सब प्रोफेशनल लुक के लिए। क्यूंकि इतने महंगे हो गए हैं ये सब ट्रेन। इसलिए मैंने सोचा कि मैं सिखाउंगा मैं जब अपने टाइम पे, ये चीज सिखा था, इतना महंगा सिखा था और फिर भी मैं अच्छे से समझ नहीं पाया था। तब ही मैंने सोच लिया था कि मैं ऐसा प्लेटफार्म क्रिएट करूँगा जहाँ लोग आके सीख सकते हैं, हमारे साथ और ईजीली अच्छे कम पैसों में सीख के जा के मार्केट में कमा सकते है। मेरे साथ बने रहने के लिए आप लोगो का फिर से धन्यवाद। कोशिश को इतना प्रेम देने के लिए भी बहुत बहुत धन्यवाद। सुरक्षित रहिये घर पे रहिये हेलो एवरीवन
मैं सुदेश कुमार मथुरा की 1 इंडस्ट्री में आटा मेशन इंजीनियर हूँ सो यहाँ पर ऑटो कैड की ज्यादा रिक्वाइ्नमेंटहोने के कारण मैंने अपने फ्रेंड को कंफर्म किया तो मेरे फ्रेंड ने 1 क्रिएटिव डिजाइन वर्क शॉप के बारे में बताया जिसमे ऑटोकैड का कोर्स कंटेंट था सो उसके ऑटोकैड के कोर्स कंटेंट को हमने पूरा किया देन उसके जो एक्सपर्ट के काफी एक्सपीरियंस थे एंड अभी भी वो हमारी हेल्प करते है।