Master the 50/30/20 Rule to Financial Freedom

Learn the 50/30/20 budgeting rule to build wealth through systematic investing. The host explains how to categorize expenses as needs or wants, pick mutual funds based on your timeline (small-cap for 10-25 years, large-cap for under 5), and use step-up SIPs to gradually increase investments as income grows.
Chapters
sip is a way to इनवेस्ट हमारे हमारे क्या कहते हैं? प्रातंकाल से एसआईपी चल रहा है, वो है धन तेरस, धन तेरस इज एन एसआईपी एवरी, धन तेरस आप जाके, गोल्ड उठाते हो तो वो एस आई पी है। सिस्टमेटिक o हव इनवेस्टिंग ओवर शो मिनी और गोल्ड का पीस टाइम क्या भाव चल रह ह, उस दिन देखते नहीं हो न, कभी आज तक पूछा नहीं। यार इस साल ज्यादा भाव हो गया, छोड़ देते हैं। अगले साल ले लेंगे जात हो, ले लेते हो तो इसी तरह गोल्ड आपका अक्युमिलेटहोताहै डिफ्रेंट प्राइस प्वॉइंट पर अक्युमिलेटहोता है। इसी तरीके से म्यूचल फंड से, स्टॉक से कुछ लोग स्टॉक्स में भी एसआईपी करते हैं। ठीक है यार मैं, हर महीने जाके, 20 हजार का रिलायंस खरीद लूंगा, या मैं हर महीने जाके, 20 हजार का, इन फोर्सेस खरीद लूंगा। जो भी स्टॉक आपको जमता है उसका 1 एसआईपी बना देते हो, क्योंकि आपकी इनकम मंथली है तो आप अपने मंथली देते हो, इन्वेस्टमेंट भी मंथली करे तो वो एसआईपी होता है। अब कौन सा फण्ड सिलेक्ट करना है इस बेसिस यार गोल अगर आपका गोल लम्बा है, आप रिटायरमेंट का प्लान कर रहे हो, 10 साल, 20 साल, 25 साल तो आप ज्यादा पैसा स्मॉल एंड मिटकैपमेंडाल सकते हो क्योंकि उसमें कंपाउंडिंग का स्कोप ज्यादा होता है, ग्रोथ का स्कोप ज्यादा होता है तो छोटी कंपनी का बड़ा बनना आसान होता है। ओके पर। अगर आपका गोल छोटा है, 5 साल का है, 6 साल का, आपको गाड़ी चाहिए, आपको कोई घर लेना है, उसके लिए डाउन पेमेंट करनी है, कोई आपकी खुद की मैरेज है, आप मैरेज के लिए पैसा इकट्ठा कर रहे हो तो देन यू कैन नोट टेक अ लॉट ऑफ वोलेटेलिटी। कभी कभी मार्केट से न एक्स्टेंडेड टाइम के लिए फ्रीज हो जाती है। मतलब वो 1 ही रेंज में चलती रहती है, चलती रहती है, चलती रहती है। तो उस टाइम पर आप जो है वो क्या कहते हैं। मार्केट में अगर कुछ आपने स्मॉल अडमिट कैप ले कर रख लिया तो आपका बाजा बज सकता है। तो मैं 2020 से लेकर 2024 की रैली इसलिए खाई क्योंकि उससे पहले मैं पिछले 78 साल में बड़ा एवरेज रिटर्न कमा रहा था। वो तो मार्केट में था करके मुझे रैली, मिल गी अगर मार्केट में निकल जाता तो नहीं रैली तो मार्केट में आपको रहना पड़ता है। और जब भी आप अपने लंबी अवधि के लिए कुछ सेलेक्ट करे तो आप स्मॉल मिडकैप कर सकते हैं, रिस्क ज्यादा ले सकते हैं। पर अगर छोटी अवधि आपका गोल है तो उसपर कोशिश करिए, हाइब्रिड फंड ले, लार्ज कैप फंड ले, इंडेक्स फंड्स लें जहाँ पर लिटलिट कम है। और अगर आपका गोल 3 साल से कम का है तो इक्विटी से दूर रहे सीधा बांड्स में और या फिर डेटम्ूचलफण्ड्स में या गोल्ड में या इस तरह के इंस्ट्रूमेंट में बड़ा सिम्पल रूल,
बस, ओके और सर अगर कैसे आइडेंटिफाई करे। कोई ऐसा वेबसाइट है जहाँ समझ में आगया की लार्जमिटकैप्स ये होते हैं, स्मॉल सारी है।
आजकल तो बहुत सारी इंड मनी है जो दाग का क्वाइन है, ग्रो है
तो यहाँ पर पता लग जाएंगे कि
कौनसा है उसमें टॉप बेस्ट कौनसा चल रहा है। आप देखिये की कौनसी म्यूचल फंड ने पिछले 5 साल में सबसे जयादा रिटर्न दिए है। 5 साल से ज्यादा भी देखिये 10 10 साल में किसने सबसे जादा रिटर्न दिए है किसका एक्सपेंस रेशो हर म्यूचल फंड अपना 1 एक्सपेंस रेशो रखता है। रेशो का मतलब होता है समझो। अगर म्यूचअल फण्ड सौ रुपए मैनेज कर रहा है तो वो उसमे से अपनी भी तो फीस रखेगा न क्योंकि उसको भी तनखाए देनी है, उसको भी पैसे कमाने है। तो वो फीस सबसे कम कौन ले रह है। वो देखिये कम फीस पर ज्यादा रिटर्न कौन बना के दे रहा है। वो देखिये सब दिख जाता है। आजकल बड़ा प्रॉब्लम नही है, वो आराम से दिख जाता है। तो 10 यू कैन सी एंड उसके बेसिस पर जो है आप अपना इन्वेस्टमेंट
कर सकते हैनवेस्टमेंटकर सकते है। अभी लेट से। यहाँ पे सिर कोई थर्टी टू, थर्टी फाइब थाउजन्ड, रुपीस कमा रहा है। अब उनके मन में रहता है कि हमारे को बचता ही नही है पैसा सैलरी के बाद और सैलरी पहले तो वो सबसे पहले सर वो ही गोल। वो कैसे प्लान करें कि वहाँ से पैसा बच के इस वीडियो के बाद मेरकोएंडगोलयहे इस विडियो के बाद कोई भी पर्सन जो देख रहा है अपनी एसएपी फर्स्ट डालना चालू कर दे जो अपना एसएपी चालू करो स्टेप अप कर पाए।
इस वीडियो बाद बजटिंग सबसे पहली चीज आपको करनी पड़ती है। बजटिंग लोग बजटिंग नहीं करते, लोगों को ये नहीं पता उनकी फिक्स्ट कास्ट क्या है, उनकी वैरिएबल कास्ट क्या है, उनकी पीरियड कास्ट्स क्या है। उनको ये नहीं पता कि उसमें से लीजर कितनी कास्ट है, उसमें से जरूरत की कितनी कास्ट है ये सब नहीं पता। मैं 1 व्यक्ति से मिला अपनी क्लास में वो बजटिंग के बाद बोलता हैं। सर मैं 8000 रूपए यूपीएस बेचता हूँ। मुझे आज पता ही नह यूपीआई का 8000 रुपया है कौन सा आई डोंट नो व इम स्पेंडिंग ऑन और उसका टोटल स्पेंड था 40, जार 20 परसेंट उसका स्पेंड का वो यूपीआई से डाल रहा है जिसका उसे पता भी नहीं है। उसको आईडिया नहीं पैसा जा रहा है। बिलकुल रियलाइज नहीं हो रहा। तो नेक्स्ट वन से उसने जब कैलकुलेट करना चालू किया तो पहले ही महीने से उसने 2000 रूपए बचाना चालू किया। अच्छा ठीक है यार ये वेस्ट एक्सपेंड है इसको मत करो, ये वेस्ट एक्सपेंसेस को मत करो। तो ऐसे करते करते उसने 2000 रुपए महीना बचाना चालू कर दिया।
तो सिंपल मेथड क्या है बजटिंग कुछ
एक्सेलशीट लो या फिर बहुत सारे ऐप्स आतेहैं जाओ। अपने सारे खर्चों को लिखो। खर्चे 3 तरह के होते हैं। पहला तरीका ला होता फिक्, जैसे आपका भाड़ा हो गया, आपके इलेक्ट्रिसिटी का बिल हो गया। जो चीजें फिकटनेरक्रिटिकल फिक् है, क्रिल ही ओके जाती जाती है। इज नौट नेसेसरी, वो क्रिटिकल है ओके आपने ड्राइवर रखा हुआ है। वो फिक्स्ट है, क्रिटिकल नहीं है आप उसके बिना चला सकते हो। पर आपने चूज किया अपनी लाइफस्टाइल एक्सपेंस बनाई हुई है तो आपको देना पड़ेगा पैसा ठीक है तो क्रिटिकल और फिट के बीच में यह फर्क होता है इसको नीड वान्ट कह लो आप ड्राइवर इस नोट need इट्स वान्ट फिक्स् पहले डिसाइड कर उसके आगे लिखो की वो नीड या वान्ट है। तो 2 चीजों पर अपने एक्सपेंसेस को फैक्टर करो फिल्टर बना पेवेटटेबलआपलोगतो सिखाते ही वो बनाओ ठीक है। तो पहला बनाओ की ये कॉस्ट आपकी जो लग रही है ये फिक्स वेरिएबल है वेरिएबल फॉर एग्जांपल पेट्रोल आपको पता है जाना जरूर है पैसा लगता तो है पर इस महीने हजार रूपया लगेगा अगले महीने हो सकता है 500 रूपए लग जाए उसके अगले महीने 2000 रूपए लग जाए। अगले महीने वेकेशंस हैं आपको ऑफिस जाने की जरुरत नहीं तो हो सकता है पेट्रोल का एक्सपेंस लाने लगे आप ज्यादा समय घर पर है तो आपका जो ये वैरिएबल एक्सपेंस हो गया फिर पिरियोडिक एक्सपेंस होता है पीरियोडिक एक्सपेंस कैसे होता है। जैसे आपको कोई इंश्योरेंस का प्रीमियम देना है तो गाड़ी का इंशोरेंस का प्रीमियम साल में 1 बार देना है, हेल्थ का इंशोरेंस का प्रीमियम साल में 1 बार देना है, लाइफ का इंशोरेंस का प्रीमियम साल में 1 बार देना है ये देना तो 1 बार है पर आपको उसके लिए बजट हर हीने करना चाहिए। तो अगर आपका 6000 रुपए का प्रीमियम है तो आप 505 सौ रूपए का बजट बना लो की इस 500 रुपए को साइड में रख लो दूसरे अकाउंट में क्यों आपको पता 1 बार तो फटका पड़ेगा इस तरीके से आप अपना फिक्स वैरिएबल पिरियोडिक एक्सपेंस बनाओ उसके बाद उस एक्सपेंस का नेचर बनाओ नेचर का मतलब होता है कि क्या वो मेरी वान या कैमरी नीड है अभी घर का भाड़ा वो नीड है ड्राइवर की सैलरी वान्ट है जोमैटो का बिल वान्ट है क्या कहते हैं इसको आपके सब्स्करिपशंसवानट है नीड नहीं है है तो नीड और वान्ट को डिफाइन फिर क्या होता आपको वॉन्ट दिखता है बोलते है हाँ यार ये वॉन्ट मेरे पास अब मैं इस महीने 9000 रुपए वान्ट पर डाल रहा हूँ तो क्या मैं इस 9000 को पहले 7000 कर लो कोशिश करता हूँ चलो ये देखो मेरे कौन से बजट में गोइंग आउट 4000 रूपए लग रहा अगले महीने में अगले महीने से 6000 की जगह 3000 फिर आपने बोला ठीक है यार मैं दिन में 10 सिगरेट फूंकता हूँ तो मेरी 6 साढ़े 4000 की सिगरेट हो रही है को 3000 कर तो ऐसे आप छोटे छोटे छोटे आप सेविंग करोगे तो वो बहुत कंपाउंड हो जाते है।
सुपर मतलब 1 एसआईपी को स्टेप अप करने का, एसपी को चालू करने का तरीका बजटिंग सिम्पल चीज को समझ नहीं आता सर हम थोड़े से एंड में आ गए पोटका्टलास्टकवेन जो बहुत आजकल के लोग में चीज बताता हूँ हमारे यहाँ पर, हाउसकीगवालीआती क दिन आई थी सुबह सुबह बहुत परेशान थी मैं बहुत बात करता हूँ मेरा पूछा अरे क्या हो गया मीरा जी क्यों आज इतना उदास है बोले है सर कल मेरे बच्चे ने नवरात्री में 1000 रूपए के खर्च करके आ गया और उसके पापा ने बहुत डांटा उसको मैं भी परेशान हूँ। कैसे 1 का है वो भी 1 दिन के लिए 3 घंटे के लिए नवरात्री का गरबा होता है। मुंबई में बहुत ज्यादा और मैंने बोला 1000 मैंने मैंने पर्सनल कभी हजार इतना खर्च नहीं या भी नवरात्री जैसी चीजों पे। लोग आज कल लाइफ स्टाइल ओवर फीडम चूस कर रहे है और वो बच्चा है, कॉलेज गोइंग बच्चा है, शोर को बुला नहीं में भी गर्लफ्रेंड के लिए किसी को दिखाने केलिए से खर्चा कर दिया। हजार रूपए लोग आज वो दिखावे के लिए बहुत ज्यादा कर रहे हैं। इसके ऊपर सर आपका क्या कहना है।
देखिये लोग हमेशा मुझसे पूछते हैं कि सर 3 फाइनेंशियल स्किल्स बताइए जो लोगो को डेवलप करनी चाहिए। अब तीनों जो स्किल्स में बताता हूँ वो नॉन फाइनेंशियल है। पर वो आपके फाइनेंस आप जिंदगी में कैसे करोगे, कैसे नहीं करोगे। उसमे वो वो चीज सबसे बड़ा फैक्टर बनने वाली है। तो सबसे पहली चीज है फोमो फोरमों से दूर हो जाओ। ये जो दिखावट की दुनिया है की भाई अच्छा इसके पास बड़ी गाड़ी है। मेरे पास भी बड़ी गाड़ी होनी चाहिए। इसके पास अच्छा जूता है, मेरे पास भी अच्छा जूता होना चाहिए। इसके पास अच्छी घड़ी है। मेरे पास अच्छी घड़ी होनी चाहिए, होनी चाहिए। जब अफॉर्ड कर सको तब ले लेना। आज फोरमों के चक्कर में मत लेना। पहले अफॉर्डेबिलिटी चेक करो। क्या अफॉर्डेबिलिटी है नहीं है तो फोकस करो। अफॉर्डबिलिटी कैसे क्रिएट की जाए, कैसे इनकम बढाई जाए, कैसे एक्सपेंस कम किया जाए।
इसलिए लोग आईफोन लिए लाइन लगी हुई थी।
यहाँ पर जिस दिन मैं था यहाँ बॉम्बे में, जिस दिन उनका जो स्टोर है यहाँ जो वर्ल्ड में बच्चे लाइन लगा। मोस्ट ऑफ देम यंगस्टर्स इस वेरी शॉकिंग टू सी की जो चीज जिसका जो हो सकता है। आपके पास ऑलरेडी है जिसमें ऐसा कोई सिवियर अपग्रेड नहीं आया है जो मुझे नहीं पता कि आप उसको यूज कैसे करोगे, क्या उसे रेवेन्यू जनरेट कर पाओगे या कैसे कुछ कर पाओगे। और कहा मतलब मेरको नहीं लगता। कोई भी व्यक्ति आज 10 ऐप के अलावा फोन को बहुत ज्यादा यूज करता होगा। नाइन्टी परसेंट टाइम उसका वो सोशल मीडिया पर या वाट्सएप पर ही जाता है। बाकी बच्चा 10 पर्सेंट टाइम कोई प्रोडक्टिविटी एप्स पर होगा तो अलग बात है। तो यह मेरे हिसाब से आपका पहला स्केल है जो फोरम से दूर रहने का दूसरा, रिग्रेट से दूर रहो जो रिग्रेट होता है वो प्रोकैस्टिनेट करता है। आपसे काश मैं पहले व्यूचुअलफं्ड में पैसा डाल देता है। काश मैं ये शेयर बहुत पहले खरीद लेता। अरे मेरी आँखों के सामने रिलायंस का शेयर 8000 से 800 से 3000 हो गया। मैंने नहीं डाला। अब मैं कैसे डाल। दू से बहुत आती है। जिसमे पास्ट के पास्ट को सोचते काश, काश, काश, काश, काश तो काश से कुछ नहीं होने वाला। वे स्टार्ट फ्रॉम वेयर यू आर एन यू हैव। आपके पास आप जहाँ से हो और आपके पास जो है उसी से शुरुआत करो। गाडी को आगे बढ़ा।
बस शुरुआत शुरुआत करो।
मेरा 1 फ्रेंड है, मैं बोलता था निफ्टी 20 हजार पे था तो बोलता है। मैं तब जा लूंगा जब निफ्टी 18 हो जाएगा। निफ्टी केस हो गया। बोलता है यार 20 हजार में तो निफ्टी छोड़ दिया। मैंने बस 1 बार 20 हजार आ जाए, मैं डाल दूंगा। निफ्टी 22 हजार हो गया। यार 1 बार चल किसी आ जाए। मैं तब डाल दूंगा। निफ्टी 23 हजार हो गया। अच्छा नहीं यार अब बस 22 वापस आ जाए तो मैं निफ्टी 22 हजार आ गया। कह रा हूँ 22, 21 भी आ जाएगा नहीं डाला निफ्टी, वापस 23 हजार हो गया, 24 जार हो गया। पचीहज़ारहोगयाआपऐसे नहीं कर सकते। ये 1 अपवर्ड ट्रेंड है आप जो प्वाइंट पर भी एंटर करोगे, आपको लॉन्ग टम में उसका बेनेफिट जरूर मिलेगा क्योंकि हर जन क्या सोच रहा है 1 साल में डबल, 1 साल में 1 साल में डबल, महीने में डबल, वो पॉसिबल नहीं है। आपको 1 दा तुक्का भिडगयाआपका छोटे समय के लिए भिड़ गया, कुछ हो गया तो अलग बात है। बट। 1 बहुत सस्टेनेबल तरीके से इस रिटर्न को कंपाउंड करते रहना। बहुत मुश्किल मुश्किल है। करे तो। और तीसरी स्किल यह है की अपने फाइनेंशियल गोल पोस्ट मत बदलो क्या होता है। देव बहुत लोग मेरे से बात करते है की सर मैंने न हमें गाड़ी खरीदनी है तो 6 साल बाद गाड़ी खरीदेंगे और 20 लाख की गाड़ी खरीदेंगे। उस टाइम जो भी 20 लाख की होगी उसके लिए मुझे 6 लाख का डाउन पेमेंट चाहिए। ठीक है जी। 1 प्लान बन गया 6 लाख रूपए। अब फिर अगला क्वेश्चन बता का ता बोले सर अगर 6 लाख रुपए बन गए और मार्केट अच्छा रिटर्न दे दिए तो हम इसे कंटिन्यू करें क्या इसको जरा 2 साल और चलाएं क्या तो 6 का 10 हो जाएगा। तो मैं बोला देखो भाई, आपने तय कर लिया, पको गाड़ी चाहिए। यह 6 लाख रुपए का क्या परपस है। गाड़ी की डाउन पेमेंट करने का। आपने कितना टाइम दिया है। 5 साल दिया फॉर एग्जाम। अब मार्केट अगर अच्छी चली तो यह 5 की जगह साढ़े 4 साल में हो जाएगा। करेक्ट मार्केट खराब चली तो 5 की जगह साढ़े 5 साल में हो जाएगा। उतना ही फर्क पड़ेगा भगवान तो है नही। बोलेंगे 5 साल तो पांचवे साल आपके पास 5 लाख रू 5 लाख रुपए हो जाएंगे। हाँ तो जिस दिन आपने ये अचीव कर लिया आप उस गोल को जी आप खर्चा बंद कर दे। मैं खर्च मैं ये कह रहा हूँ की जो भी चीज है उसका गोल बना लो, आपको वेकेशन जाना, महंगा वेकेशन जाना है, उसको गोल बना लो। न महंगा वेकेशन जाना है से 5 लाख लगेंगे, उसके हिसाब से गोल बना लो, 2 साल पैसा डालो, दूसरे साल के अंदर में चले जाओ। घूमने। अब वो जिस दिन वो गोल, अचीव होगा न, उस दिन लालच आ जाता है। अरे यार काम करते है। गाड़ी अगले साल खरीद लेंगे यह थोड़ा सा मार्केट में और छोड़ देंगे तो 5 लाख का कॉरपेजछसाढ़ेछह लाख हो जायेगा। अब मार्केट उस टाइम हो गई क्रैश फिर आप वापस फोरम में आ गए। ये क्या हो गया? क्या होगा रिग्रेट में ग्रेट में आ गया तो ये सब है न। बहुत होता है, इसलिए बहुत क्लियर रखो लाइफ को यह नहीं करना, ये नहीं करना, यह करना है और रूल बुक बना। 2 अपनी और रूल बुक्स के अलावा छूने की जरुरत नहीं है। रूल हां कहता है तो हां है।
रूल ना कहता है वाह वाह ये 3 चीजें 1 रामबाण की तरह काम कर रही है किसी की भी लाइफ।
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