In this Hindi YouTube commentary, the speaker explains McKinsey & Company's recent integration of artificial intelligence into its hiring process. The discussion begins by noting McKinsey’s status as a top consulting firm and its announcement that candidates should practice interviews with AI, framing this as a future signal rather than a one‑off update. The speaker outlines the traditional consulting interview model—expensive coaching, memorization of frameworks, and case‑study pressure—and contrasts it with McKinsey’s April 2024 launch of a free AI interview‑practice tool that democratizes access for any student with a laptop and internet. The core of the new policy is the use of an internal AI system called “Lily” during final‑round assessments, where candidates are evaluated on how they interact with the AI: planning, challenging, improving, and ultimately retaining final judgment. The commentary stresses that the desired skill is not blind reliance on AI nor ignoring it, but the ability to work intelligently with AI to accelerate thinking while maintaining independent decision‑making. The speaker predicts this shift will spread beyond consulting to tech, finance, marketing, and startups, making AI‑augmented interviews the norm. Practical advice is offered: become comfortable using AI, ask questions, debate, improve AI‑generated answers, and treat AI as a thinking partner rather than a replacement. The overall message is that mastering AI collaboration is now essential for future job success, and candidates should act now to develop this capability.
Chapters
मैकेंसी दुनिया की सबसे इलाइट कंसल्टिंग कंपनी में से 1 है। अब कैंडिडेट्स को ऑफिशियली बोला जा रहा है कि ए आई के साथ इंटरव्यू प्रैक्टिस करो और ऑनेस्टली यह सिर्फ 1 अपडेट नहीं है। ये फ्यूचर का सिग्नल है। नोट बली कंपनी क्या बोलती है, आई मत यूज करो, चीटिंग मत करो ओरिजनल सोचो बट मैकेंसी 1 सही डायरेक्शन में जा रहा है। जहाँ दुनिया के स्मार्ट स्टूडेंट्स जॉब के लिए कम्पीट कर रहे हैं, वहीं कंपनी अब ए आई को हायरिंग प्रोसेस का पार्ट बना रही है। क्वेश्चन यह है वाय? क्योंकि कंपनी इस हार्ड वर्किंग एम्प्लॉयज नहीं चाहती। वो ऐसे लोग चाहते हैं जो एआई के साथ इंटेलीजेंटली काम कर सके। और ये स्किल जो सीखेगा वो नेक्ट जेनेशन जॉब्स के लिए बहुत आगे होने वाला है। कंसल्टिंग इंटरव्यू हमेशा से डिफिकल्ट रहे हैं। एस्पेशली केस इंटरव्यू इंटरव्यू आपको 1 रेंडम बिजनेस प्रॉब्लम देगा और बोलेगा सॉल्व दिस नो फिक्स आंसर नो स्क्रिप्ट, सिर्फ प्रेशर और लॉजिकल थिंकिंग और इसका प्रेपरेशन बहुत एक्सपेंसिव पीपल लिट्रली लैक्सपेंट करते हैं। कोचिंग में मॉक इंटरव्यू मेंटर फ्रेम वर्क ट्रेनिंग। और क्या आपको पता है 1 एंटायर इंडस्ट्री बिल्ड हो चुकी है। अराउंड इंटरव्यू एसआईटी बट। फिर मैकेंजी ने 1 इम्पोर्टेंट चीज नोटिस की रियल कंसल्टिंग वर्ल्ड में ऑलरेडी एआर यूज कर रहे हैं, रिसर्च के लिए एआई यूज कर रहे हैं, डेटा समराइज के लिए यूज कर रहे हैं, प्रेजेंटेशन ड्राफ्ट के लिए यूज कर रहे हैं। तो अगर एक्चुवल कंसल्टेंट ए आई के साथ काम करेंगे तो इंटरव्यू में एआई को इग्नोर क्यों किया जा रहा है। और यहीं से पूरा गेम चेंज हो गया। अप्रैल ट्वेंटी ट्वेंटी फोर मैकेंजी ने लॉन्च किया 1 फ्री आई इंटरव्यू प्रेटोल। जी हां, फ्री नोट पेड, नॉट एक्सक्लूसिव, हर कोई यूज कर सकता है। यह 1 बड़ा मूव था। क्यूंकि ट्रेडिशनली कंसल्टिंग उन लोगों के लिए एक्सेसिबल है जो एक्सपेंसिव कोचिंग अफोर्ड कर सकते हैं। बट अब 1 स्टूडेंट सिर्फ लैपटॉप और इंटरनेट के साथ वर्ल्ड क्लास प्रैक्टिस कर सकते हैं। बट वेट स्टोरी यहाँ और इंट्रस्टिंग हो जाती है। मैकेंजी ने सिर्फ प्रैक्टिकल तो लॉन्च नहीं किया। सम फाइनल राउंड क्वेश्चन में ते ऐक्चवली स्टार्टेड, टेस्टिंग, कैंडिडेट्स, विद ए, आई, यस रिअल, इंटरव्यू कैंडिडेट्स को मैकेंजी के इंटरनल ए आई सिस्टम लिली के साथ काम करना पड़ रहा था। इमैजिन इंटरव्यू में आप ए आई के साथ आप बैठे हो और कंपनी आपको ऑब्जर्व कर रही है। तुम एआई को कैसे यूज कर रहे हो, प्लान ली ट्रेस करते हो, चैलेंज करते हो या इम्प्रूव करते हो। दैट्स द रियल टेस्ट नाम। अब ज्यादातर लोग यहाँ कंफ्यूज हो जाते हैं, वो सोचते हैं कि अगर एआई आंसर दे रहा है तो यूमन का रोल ही क्या? बचा बट ऐक्चवली दैट्स द वल् प्वाइंट ए आई परफेक्ट नहीं है। कभी रोग आंसर देगा, कभी इनकम्पलीट लॉजिक देगा और कभी कॉन्फिडेंटली गलत बोलेगा। और इसलिए कंपनीज अब 1 न्यू स्किल से टेस्ट कर रही है। क्ान्एक्वलली वर्क विद ए आई पिटाउट बिकमिंग डिपेंडेंट होने क्यूंकी फ्यूचर में सक्सेसफुल एम्प्लॉय वो नहीं होंगे जो ए आई को इग्नोर करते हैं और वो भी नहीं जो ब्लाइंडली एआई पे डिपेंडेंट रहते हैं। बेस्ट एम्प्लॉय वो होगी जो ए आई की स्पीड यूज करेंगे, बट फाइनल थिंकिंग खुद की होगी। पहले इंटरव्यू मेमराइजेशन पे बेस्ड होते थे। फ्रेम वर्क को याद करो। बस वर्ड बोलो स्ट्रक्चर आंसर 2 बट आप ए आई, इंस्टेंटली फ्रेम वर्क जेनरेट कर देगा तो वैल्यू शिफ्ट हो गई। फ्रॉम मेमराइजेशन, टू क्रिटिकल, थिंकिंग फ्रॉम इनफॉर्मेशन तो डिसिजन मेकिंग और ऑनयसली ये ज्यादा रियल वर्ल्ड स्किल है। और यह सिर्फ मैकेंजी तक लिमिटेड नहीं रहेगा। टेक कंपनीज ऑलरेडी ए आई यूज कर रही हैं। बैंक ए आई उस करेंगे मार्केटिंग एजेंसीज ए आई यूज कर रही है। स्टार्ट अप तो ऑबवियसली एआई यूज कर ही रहा है तो इंटरव्यू भी वॉल होंगे और ऑनेस्टली कैनेडेट्स के लिए न यह 1 गुड न्यूज भी हो सकती है। क्यूंकि पहले एक्सपेंसिव कोचिंग मैटर करती थी अब 1 स्माल टाउन स्टूडेंट भी चाय डिपिटी के साथ अनलिमिटेड प्रैक्टिस कर सकता है। द प्लेइंग फील्ड इस्कूली बिकमिंग मोर इक्वल बट 1 अनकंफर्टेबल थ्रू भी है। अगर आप 2026 में जॉब से पार कर रहे हो विदाउट लर्निंग एआई तो शायद आप ये स्टडी मार्केट के लिए प्रिपेयर कर रहे हो और कंपनी यह बात समझ चुकी है। तो अब क्वेश्चन यह है आपको क्या करना चाहिए फर्स्ट आई के साथ जन लिंक कंफर्टेबल हो जाओ। सिर्फ प्लांट को कॉपी पेश मत करो, क्वेश्चन पूछो डिबेट करो, ए आई के साथ आंसर इम्प्रूव करो, यूज आई लाइक थिंकिंग पार्ट सेकंड इंटरव्यू प्रैक्टिस ए आई के साथ स्टार्ट करो। मॉक अप एच राउंड केस स्टडीज कम्यूनिकेशन प्रैक्टिस बिकॉज फ्यूचर इंटरव्यूज में एआई इंटरेक्शन नॉर्मल होने वाला है और थर्ड रिमेंबर दिस कैरfुलीaआई is a टूल नॉट योर रिप्लेसमेंट बेस्ट कैंडिडेट्स वो नहीं होंगे जो एआई के साथ अपना ब्रेन बना देंगे। बेस्ट कैंडिडेट्स वो होंगे जो एआई को यूज करके फास्टर और स्मार्टर थिंग करेंगे सो। the real क्वेstinइज नोट विल आई चेंज जॉब बिकॉज ऑनेस्टली वो आलरेडी चेंज कर चुके हैं रियल क्वेश्चन, यह है विल यू लर्न हाऊ टू वर्क विद ए आई बिफोर एनीवन मैकेंजी ने फ्यूचर की डायरेक्शन दिखा दी है। अब नेक्ट मूव आपका है।