Childhood Depression Explained | Signs Parents Must Not Ignore

In this Hindi‑English video, certified parenting coach Riddhi Deorah raises awareness about childhood and adolescent depression, emphasizing that it often does not appear as overt sadness but through irritability, withdrawal, loss of interest, academic decline, sleep and appetite changes, and other behavioral shifts. She explains that roughly one in five children worldwide experience depressive symptoms, which can stem from genetics, bullying, academic pressure, puberty, family dynamics, and social comparisons. The video clarifies that depression is a serious mental‑health condition—not bad behavior or parenting—and that misinterpreting symptoms as mere misbehavior can delay help. Riddhi outlines practical steps parents can take before professional intervention: active listening, creating predictable and emotionally safe routines, avoiding blame, comparison, and over‑control, and fostering open communication. She advises when symptoms persist beyond two weeks to consult a child psychologist or psychiatrist, highlighting evidence‑based therapies such as Cognitive‑Behavioral Therapy (CBT) and meditation. The video concludes with a call to join a free upcoming parenting masterclass for deeper guidance on emotional health, study motivation, and screen‑time management.
Chapters
बच्चे में डिप्रेशन हमेशा सैडनेस के फॉर्म में नहीं दिखता। sometimes it looks like ango somtimes laziness and sometimes it looks like atitude this mit so पर हर 5 में से 1 बच्चा इंक्लूडिंग, टीनेजर्स, वर्ल्ड, वाइड, सफोर्स, फ्रॉम डिप्रेशन और डिप्रेशन लाइक सिमट आलमोस्ट ट्वेंटी परसेंट ऑफ दे चिलरेन। अक्रॉस द ग्लोब ट्रगलिंग इमोशनली राइट नाव। सरप्राइजिंग बात तो यह है कि ये बच्चे बाहर से बिल्कुल नॉर्मल लगते हैं। the नोट क्राइंग दे नोट ब्रेकिंग डाउन ब दे र स्लोली वि ड्रॉइंग। इसी लिए पैरेंट ये चीजें मिस कर जाते हैं। tूडेसviडियोwe going to अड्रेस dep्rेsर वाट इट रेली लुक्स लाइक वाई पैरेंट्स दू नोट रैकोगनाइजेट वाट कैन यू डू बिफोर बिकम रैली सीरियस हाई आम रदी देवरा आम आ सर्टिफाइड पैरेंटिंग कोच मैं उन मॉम्स के साथ काम करती हूं जो अपने बच्चे को देख कर ये फील कर दी है कि उनमें कुछ तो चेंज हुआ है, पर उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वो है क्या दे। वान हेल्प दे चिलरेन डोंट नो हाओ, अगर आपने भी रिसेंटली अपने बच्चे में बिहेवियरल चेंज नोटिस किए हैं तो ये विडियो आपको क्लैरिटी देगा। जब हम डिप्रेशन इमेजिन करते हैं तो हमें 1 साइलेंट साइड दुखी बच्चा दिखाई देता है। लेकिन बच्चों में डिप्रेशन अक्सर लाउड होता है। लुक्स लाइक इरिटेशन ऑफ सैडनेस स्रनआंगलआउटबॉस, लॉस ऑफ इंटरस्ट फेवरेट एक्टिविटीज, ग्रेड का गिरना स्लीपिंग, टू मच और 9 स्लीपिंग फ्रीक्वेंट कम्प्लेंस लाइक स्ट 1 और हेड 1 अकॉरडिंग तो डब्लू एच ओ डिप्रेशन, इज वन ऑफ द लीडिंग कॉसस फॉर डिसेबिलिटी एंड इन्नेस इंटीनेजर्स वर्ल्ड वाइट। तो ये कोई ड्रामा नहीं है। यह कोई बैड बिहेवियर नहीं है और ये कोई बैड पैरेंटिंग तो बिल्कुल भी नहीं है। डिप्रेशन 1 सीरियस मेंटल हेल्थ कंडीशन है और जब आपको इसके बारे में क्लैरिटी या जानकारी नहीं होती तो आप युजुअली सिम्टम्स को बिहेवियरल इशूज बोलकर डिस्मिस कर देते हैं। लेट्स अंडरस्टैंड वाट इस चाइल्ड डिप्रेशन डिप्रेशन सिर्फ लो मूड नहीं होता। यह नॉर्मल सैडनेस से अलग है, जो कि टेम्परेरी होती है। डिप्रेशन के लास्ट मोदन टू टू थ्री वीक। जिस तरह आप इमोशनली ओवर वेल होते हैं, आपका भी काम करने का कभी कभी मन नहीं करता। आप लो एनर्जी में रहते हैं। हर छोटी बात आपको हैवी, लगती है, वैसे ही बच्चे भी। ऐ ऐसे इमोशंस फील कर सकते हैं। बस वो वर्ल्ड्स में अपनी बात एक्सप्रेस नहीं कर पाते। एग्जाम का प्रेशर, फ्रेंड से झगड़ा या फिर न बैठते, यह सब उन्हें बहुत लो फील करा सकता है। इफ दिस फीलिंग लास्ट मोर टू वीक न्यू नोटिस अ चेंज ंडसटलीैपिटाइट एंड इंटरेस्ट दिस इज नो लोंगर मूड स्विग इट इज अ वॉर्निंग साइंस। ये विडियो अवेयरनेस के लिए है, डायग्नोसिस के लिए नहीं। इस वीडियो को देखने के बाद अगर आपको ऐसा लगे कि आपके बच्चे को भी हेल्प की जरुरत है तो 1 विज्याट्रिकयाफिर 1 मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट से जरूर कंसल्ट करें लेट्स। अंडरस्टैंड द साइंस ऑफ डिप्रेशन इन किट्स चलिए बात करते हैं, डिप्रेशन घर में कैसा दिखता है, यह कुछ साइंस आप घर में नोटिस कर सकते हैं। जैसे बच्चे का ज्यादा, इरिटेट। होना, जो चीजें उन्हें पहले पसंद थी, उसमें इंटरेस्ट कम हो जाना, अपने बारे में नेगेटिव सेल्फ टॉक करना, स्लीप प्रोटीन का 1 मेजर वे में चेंज होना, खाने में इंटरस्ट लूज होना या फिर ओवर रेटिंग करना मुझसे नहीं होगा। मुझे फर्क नहीं पड़ता। ऐसी बातें करना, अपने रूम में ज्यादा टाइम स्पेंड करना और फ्रेंड्स को भी अवॉइड करना ना लेट्स। इमाजिन सिचुएशन आपका बेटा जिसे क्रिकेट बहुत पसंद है और वो रोज क्रिकेट खेलता था, अब धीरे धीरे रूम में रहने लगा है। एंड हीज आलसो वाइडिंग हिस फ्रेंड्स एंड वेन यू टॉक आल ही टेज यू एस। मेरा मन नहीं लग रहा। ये लाइन बहुत नॉर्मल लग रही है सुनने में, पर इस पर अगर आप ध्यान दें तो इसके पीछे इमोशनल स्ट्रेन छुपा हुआ है। एंड यही इमोशनल स्ट्रेन बच्चे को फिजिकली भी इम्पैक्ट कर रहा है। सो नाव लेट्स टॉक। अबाउट रीजन्स बिहाइंड डिप्रेशन। रिसर्च के हिसाब से डिप्रेशन किसी 1 चीज की वजह से नहीं होता। ये कुछ कॉमन फैक्टर्स है जैसे जेनेटिक्स एंड फैमिली, हिस्ट्री, बुलिंग, एकेडेमिक, प्रेशर, पेट, कॉनफ्क्रॉनिकिलनस, फ्यूबर्टीएनहॉर्ड, मोनल, चेंजेस, सोशल, कमपारिजनएंडस्डन, लाइफ। चेंज। कभी कभी आपने कुछ गलत नहीं किया होता फिर भी बच्चा स्ट्रगल कर रहा होता है। तो इससे आप बैक पैरेंट का नाम देकर गिलटी मत फील करियर। अंडरस्टैंडिंग द बिहेवियर ऑफ या चाय। हमने साइंस और सेंस। तो समझ लिए। अब बात करते हैं बच्चे के बिहेवियर की। बच्चे अपनी फीलिंग्स बोलकर एक्सप्रेस कम करते हैं, लेकिन अपने बिहेवियर में ज्यादा दिखाते हैं, ऐजाडाल्सहमईजीली बोल देते हैं। आई फी लो और स्ट्रेस बट। बच्चे ऐसा नहीं बोल पाते। वो अपनी फीलिंग्स गुस्से के फॉर्म में या कभी साइलेंस के फॉर्म में या फिर डिस्टेंस बनाकर एक्सप्रेस करते हैं। इसको 1 एग्जांपल के साथ समझते हैं हम के टाइम पे। अगर बच्चा भूलता है। मुझसे नहीं होगा आई 2 वानर डुएट। आपको सर्फेस लेवल पर लगता है कि बच्चा एक्सक्यूज बना रहा है और रियलिटी बच्चा फेल होने से डर रहा है। जब हम बिहेवियर के पीछे इमोशंस देखना शुरू करते हैं तब भी कनेक्शन बनता है और ये किसी को ब्लेम करने वाली सिचुएशन नहीं होती। इसमें आपका बच्चा इमोशनली स्ट्रगल कर रहा है और उसे खुद भी समझ नहीं आ रहा कि उसके साथ क्या हो रहा है। ऐसे वक्त में आपकी प्रेजेंस बच्चे के लिए सबसे बड़ी सेफ्टी होती है घर का से। रेगुलेटेड। इन्वायरमेंट रिकवरी में मेजर रोल प्ले करता है। सो आस्क योर सेल्फ। नंबर वन क्या मेरा बच्चा बिना डरे अपनी बात बोल सकता है। नंबर टू क्या मैं सुनते वक्त उस ऐसी इंटरप्ट तो नहीं करती। नंबर थ्री क्या मैं तुरंत सल्यूशन देती हूँ या फिर पहले वैलिडेट करती हूँ। बच्चा सबसे पहले ये फील करना चाहता है कि यहाँ मैं सेफ हूँ एंड आई कैन, एक्सप्रेस फ्रीली। जैसे अगर बच्चा स्कूल से आकर बोलता है। आई हेट स्कूल। सो इंस्टंट सल्यूशन या लेक्चर देने से पहले सिर्फ इतना बोलिए लगता है। आज बहुत हैवी डे था। कभी कभी हमें इंस्टंट समझाने की या डांटने की जरूरत नहीं होती। स सबसे पहले जरूरत होती है। एक्टिवली। उन्हें सुनने की और समझने की नाव लेट्स टॉक। अबाउट वाई स देर र नीड फॉर प्रोफेशनल हेल्थ अगर आप नोटिस करते हैं। इन सारे सिम्टम्स को 2 हफ्ते से ज्यादा हो गए हैं। बच्चे का मुंह 23 हफ्तों से कंसिस्टेंटली लो है। वो सभी साइंसेंस की हमने अभी तक बात करी है। सबसे पहला स्टेप आपका ये होना चाहिए कि आप किसी पीडासे या चाइल्ड साइकॉलोजी जैसे एक्सपर्ट से मिलें, किसी प्रोफेशनल से मिलना 1 बहुत स्ट्रॉन्ग स्टेप है तो बिना किसी से डरे प्रोफेशनल को अप्रोच करे और इसे टैबू की तरह ट्रीट न करें। रिमेंबर डिप्रेशन का मतलब यह नहीं कि आपके बच्चे को कोई बहुत बड़ी पागलपन की बीमारी है। जब आप कोई पीडियाट्रिक या थेरेपिज से बात करते हैं। सी बी टी यानि कि कॉम्ब्यनिटिव बिहेवियर थेरेपी से बच्चे अपने इमोशंस को समझते हैं। जैसे बच्चा समझता है कि हर थॉट फैक्ट नहीं होता और कभी कभी माइंड सिर्फ ओवर थिंकिंग करता है और बच्चा फिर खुद से पूछता है क्या यह हंड्रेड परसेंट सू फैक्ट है जो मैं सोच रहा हूं। और इसी से बच्चे का डर धीरे धीरे खत्म होता है। सी बी टी आलसो हेल्प्स वित एंग्जाइटी जिससे पहले अगर बच्चा हर बात पर गुस्सा करता था। तो अब बच्चा समझेगा कि क्यों ये थॉट मेरे अंदर आया और इस थाट को मैं कैसे प्रोसेस कर सकता हूँ। फॉर एग्जांपल बच्चे को ऐसे थॉट चाहते हैं कि मैं एग्जाम में फेल हो जाऊंगा। फिर एंग्जाइटी स्टार्ट होती है। आफ्टर टेकिंग द सीबीटी थेरेपी। बच्चे का थॉट प्रोसेस ही चेंज हो जाता है एंड वही बच्चा बोलता है। आम प्रीपेयर फॉर एग्जाम जो होगा देखा जाएगा। इसीलिए दिस थेरेपी इज आलसो वेरी इमपॉर्टेंट सिमटम्स वेरी सिविर समटाइम्स डॉक्टर आलसो सजेस्ट मेडिटेशन ताकि बच्चा इमोशनली स्टेबल फील कर सके। ये हमेशा प्रोफेशनल गाइडेंस के साथ ही होता है। ये विडियो सिर्फ अवैरनेस के लिए है। प्रॉपर डायग्नोसिस के लिए आम एंटरसाइजिंग ऑन द पोइंट दैट यू सीक सपोर्ट फ्रॉम प्रोफेशनल क्वालिफाइड डॉक्टर हाऊ टू हैंडल डिप्रेशन इन योर चाइल्ड ले अंडरस्टैंड दिस सो वाट यू कैन डू हैज मoदrइन सिचुएशन इस आप उन्हें डेली इमोशनल सपोर्ट दें, बिना उन्हें इंस्टंट सल्यूशन दिए, बिना करेक्ट किए, बिना आरजू किए, जस्ट सिम्पली चेल दैन आई एम हर नो मैटर वा 1 सिम्पल रुटिन डिजाइन करे जिससे आपका बच्चा फील करे कि मेरी लाइफ प्रिडिक्टेबल है। एंड योर चाइल्ड विल फील सेफ सिर्फ बेसिक रूटीन बनाना इनफ नहीं है। रुटीन को इमोशनली सेफ बनाना इज वेरी इम्पोर्टेंट फर्स्ट प्रॉपर्ली क्योंकि टायर्ड ब्रेन इमोशंस रेगुलेट नहीं कर पाता सेकेंड इस वेरी सिम्पल बैलेंस हेल्दी घर का खाना। क्योंकि ब्लड शुगर जब भी ड्रॉप होता है वो मूड स्विंग को वर्ष कर देता है। क्योंकि बॉडी को स्ट्रेस रिलीज करना आना चाहिए। पर मूवमेंट का मतलब यह नहीं है कि आप अपने बच्चे को बार बार बोलते रहे। जाओ खेलो आप भी उसके साथ बिगनिंग में एक्टिवली पार्टिसिपेट करें। वॉक पर जाएं रोज टेन मिनट्स बेड टाइम पे बात करें, ऑलसो आपका काम रहना, बिना जज किए काम ने अपने बच्चे को सुनना। यह भी हीलिंग का 1 प्रोसेस है। ये छोटी छोटी चीजें नर्वस सिस्टम को सिग्नल देते हैं लाइफ टेबल एन एम से और सबसे पॉवरफुल वो है जब आप बच्चे के साथ ट टाइम स्पेंड करते हैं जैसे स्टोरीज पढना क्राफ्ट करना या सिम्पली बैठ कर दिन भर क्या हुआ वो डिस्कस करना चलिए इस छोटी सी सिचुएशन से समझते हैं डिनर टाइम पर फ़ोन साइड पर रख दीजिए, टीवी भी बंद कर दीजिए बस आप और आपका बच्चा आराम से टेबल पर बैठे हैं एंड यू टॉकिंग अबाउट द डे हो सकता है पहले 23 दिन वो चुपचाप खाना खाए और ये भी पॉसिबल है कि वो आपसे बिल्कुल ही बात न करें धीरे धीरे वो खुद ही आपको बोलिएगा कि आज स्कूल में ऐसा हुआ और यही वो कनेक्शन है जो बॉन्ड को डीप करता है हीलिंग कभी ड्रमैटिक नहीं होती ये सडनली भी नहीं होती इस स्लो प्रोसेस जिस पर आपको कंटिन्यू भी काम करना पड़ता है और वो ऐसे ही स्माल कंसिस्टेंट मोमेंट से ग्रो होती है सो नाव लेट्स अंडरस्टैंड वाट नोट टू डू हमने सल्यूशन तो समझ लिया इस आल्सो इम्पोर्टेंट तो अंडरस्टैंड वाट नोट टू डू योर चाइल्ड इस डिप्रेस्ड एंड स्ट्रेस नंबर न बच्चे को बिल्कुल भी न डांटे नंबर टू बच्चे को प्लीज कंपेयर मत करिए नंबर थ्री बच्चे को ये सारी चीजें मत भूलिए जैसे स्ट्रॉन्ग बनो रोना बंद करो इसमें कौन सी बड़ी बात है ये सारी चीजें हमें बिल्कुल नहीं भूलनी है नंबर फोर बच्चे को इग्नोर न करे और ये मत सोचिए कि ये सिर्फ 1 फेस है नंबर फाइव बच्चे को ओवर कंट्रोल करने की कोशिश न करें डिप्रेशन कोई लेबल नहीं है ये 1 एक्सपीरियंस है एन एक्सपीरियंस बदले जा सकते हैं डिप्रेशन एंड किल्स स्ट्रीटेबलइसफेसमें आपकी प्रेजेंस बहुत इम्पोर्टेंट है और जब आप अपने इमोशनल सपोर्ट के साथ टाइम ली प्रोफेशनल गाइडेंस देते हो तो बच्चे को बहुत काम फील होता है अ सही डिरेक्शन मिलती है आपका बच्चा ब्रोकेन नहीं है आप 1 फील्ड पेरेंट नहीं है आपका बच्चा सिर्फ हेल्प मांग रहा है दैट टू साइलेंटली अगर आप चाहते हैं कि आप अपने बच्चे के इमोशंस को और काम मिली और क्लियरली समझ सकें तो डिस्क्रिप्शन में दिए गए लिंक को जरूर क्लिक करिए वह आप मेरी अपकमिंग फ्री पेरेंटिंग मास्टर क्लास ज्वाइन कर सकती हैं जहाँ हम इमोशनल हेल्थ को घर के सेफ स्पेस में कैसे नर्चर करें बच्चों में स्टडीज के लिए इंटरेस्ट कैसे लेकर आए और स्क्रीन एडिक्शन जैसे इम्पॉर्टेंट टॉपिक्स में बात करते हैं आपके कौंशस एफर्ट से आपके बच्चे के लिए मैजिकल रिजल्ट्स क्रिएट करते हैं थैंक यू फॉर स्टेरिंग टू दी एंड इफ यू लाइक दिस विडियो एंड अगर आप पेरेंटिंग के बारे में और सीखना और जानना चाहते हैं तो इस वि वीडियो को जरूर लाइक करें किसी के साथ शेयर करें और चैनल को सबस्क्राइब करें थैंक यू।
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