Parenting In Hindi - बच्चो को Independent कैसे बनाएं | Riddhi Deorah

This is a YouTube video titled "Parenting In Hindi - बच्चो को Independent कैसे बनाएं | Riddhi Deorah" created on July 14, 2022. The content features a conversation in Hindi where Riddhi Deorah discusses with another speaker various strategies and insights on how to raise independent children. The discussion covers topics such as building confidence, trusting children, allowing them to make decisions, and modeling appropriate behavior. The video aims to provide parenting advice focused on fostering independence in children.
की अभी अधिकतर देखा है की कई बार देखती हूँ की लोग ये कहते है की भाई मेरे बच्चे बिल्कुल घर फैला के रखते हैं, बिल्कुल इंडेपेंडेंट हो, मैं इनको हॉस्टल भेज देती हूँ, शायद ये हॉस्टल में जाकर हमारी वो क्या है आपने कहा बना की हॉस्टल में भेजने से ये इंडिपेंडेंट बन जायेंगे और मैंने बहुत बार देखा की हॉस्टल में भेजने के बाद भी बच्चे इंडेपेंडेंट नहीं बनते, वो क्या करते है तो होस्टल से घर आते। तो वो कहते है अरे होस्टल में तो हम सब करते हैं, हम घर में भी करे तो वो कई बार देख इंडेपेंडेंट नहीं हो पाते है और कई बार घर में, आज कल सबके पास सिंगल चाइल्ड है या घर में बहुत सरे है आया है आदमी कहता है की भाई इनकी आय कर देगी क्या जरुरत है। तो मैं आपसे यह जानना चाहती हूँ की कुछ तरीके से हम बच्चों को इंडिपेंडेंट बनाएंगे, हाउ टू रेज इंडिपेंडेंट के.
राइट बहुत ही अच्छे क्वेश्चन आप पूछ रहे हैं क्यूँ की मेरे पैरेंट्स ऐसे के मुझसे पूछते तो हाऊ टू रेड इंडेपेंडेंट तो इसका मतलब पहले तो मैं बताना चाहूंगी की इंडेंडेंटऔरशाय बच्चे अलग होते हैं, देख काफी बार पेरेंट मुझे बोले की मेरा बच्चा बाहर जाता है, बिल्कुल बात नहीं करता है नोट कॉन्फिडेंट न तो ये आपको बताना है माइंड शाई बच्चा अलग है, जरूरी नहीं है कि हर शायर बच्चा कॉन्फिडेंट नहीं है, शायद शायद बच्चे भी बहुत कॉन्फिडेंट हो सकते है, उन्हें सब नॉलेज हो सकती है, उन्हें क्या करना है, उन्हें पता है उन्हें पता है कि उन्हें लाइफ में क्या करना है, उन्हें पता है कि मुझे किससे बात करना है। विच इज आलसो साइन ऑफ कॉन्फिडेंस सो डोंट कंफ्यूज शाइनेस विद कॉन्फिडेंस इस इंडिपेंडेंट 9 इंडिपेंडेंट्स का क्या मतलब होता है की आपके अन्दर अपने डिसिशन लेने की क्षमता है और डिसिशन लेने की ही नहीं आरोप आपके अन्दर ये भी क्षमता है की उसकी कांसीक्वेंसेज होंगे, जो भी उससे रिजल्ट होगा उसको भी आप संभाल सकते हैं। तो अगर मैंने कोई डिसिशन लिया और वो अच्छा हुआ तो अच्छी बात है, अगर मैंने कुछ डिसिशन लिया और कुछ गलत, असर कुछ गलत रिजल्ट हो गया तो भी मैं उसको संभाल सक मैं डरूंगी नहीं देखिए अब इंडिपेंडेंस बच्चों को इंडेपेंडेंट कैसे बनाए। 1 तो प्रेस जो हमने कहा कि वो 1 टूल है आप उसको यूज करें जरूर और मॉडरेशन में एक्सेस मने जस्ट फॉर that बeहavirसोदे बेस्ट वे टू मेक इंडेपेंडेंट इस टू मॉडल इंडिपेंडेंस मॉडल एंड इंडिपेंडेंट बिहेवियर। आज पैरेंट बिकॉज बच्चे जो हैं अपने पैरेंटस को देख के बहुत कुछ सीखते हैं, थ्रू ऑब्जर्वेशन वो बहुत कुछ सीखते हैं। तो जब वो देखते हैं की मेरे मम्मी पापा खुद अपना काम करते हैं, मेरे मम्मी पापा खुद घर संभाल रहे हैं, काम भी कर रहे हैं तो वो भी ऐसा करने की कोशिश करते है, और थिंग टू डू तो मॉडल द राइट बिहेवियर न तो सेट द राइट एग्जाम फॉर योर चा दैट इस सफल सेकेंड चीज जो आप कर सकते हैं और जो आपको करना चाहिए, ज पैरेंट। इस ट्रस्ट ट्रस्ट योर चाय बहुत बार क्या होता है। जब बच्चे छोटे रहते हैं तो उन्हें लगता है की जगह गन्दा कर देगा या ग्लास तोड़ देगा। इसे 2 ग्लास ले के आएगा रस्ते में गिर जाएगा। बट आप क्या कास्ट पे कर रहे है उसे ग्लास आपका टूटेगा बट। आप बच्चे के अन्दर कॉन्फिडेंस नहीं रहे की आप ये ग्लास लेके आ सकते हैं। कुछ तो हमें डस्ट बच्चों को और ट्रस्ट करना होगा, खुद खाना खाए गिर रहा है थोड़ा गिरने दीजिए तो काफी बार अपने लाइफ को ईज़ी करने के लिए या फैले नहीं, घर गंदगी नहीं हूँ, ये सब चीजों से बचने के लिए हम बच्चों पर काम नहीं छोड़ते। यह बच्चा किचन में आ रहा है मम्मी मुझे रोटी बनाती है, आप बोलेंगे नहीं गंदा हो जाएगा, बाहर जा कर या भार टॉप टीवी देख ले जा, कुछ भी करे या मुझे मत परेशान करे तो हम बच्चे को क्या मेसेज भेजते हैं। बच्चे को ये मेसेज भेजते है की आपसे नहीं होगा। वेरी इम्पॉर्टेंट की हम बच्चों को और ट्रस्ट करे और उनको अप्रोपिएट चीजें करने का मौका दे। और अगर उनसे कुछ गलती हो तो उसको अच्छी तरह समेटे नाकि चिल्लाए या लाइक डोनट बहुत आउट न देर। उनको अच्छे से समझाए की ठीक है। आप टाइम फिर से ट्राई करे और फिर से उन्हें मौका दे तो वो बच्चे बिखर के निकालेंगे वो खुश रहेंगे। लगेगा मैं भी कर सकता हूँ जो मम्मी कहती है मम्मी की टीम में रोटी बनाती मैं भी बना सकता हूँ, मैं भी ग्लास ला के दे सकता हूँ, दादू को या में ला के दे सकता हूँ। तो उन्हें करने का मौका दे तो मॉडल द राइट बिहेवियर रस्ट योर, हर थिंग दैट यू हैव, टू डू, दिस यू हैव टू टीच योर चाइल्ड हाव टू टेक हिल और हर ओन डिसिशन छोटे छोटे डिसिशन उन्हें खुद लेने दीजिए। हर चीज आप उनके लिए मर डिसाइड करें। आस मोर क्वेशन आपको रेड टीशर्ट पहनी है की वाई टीचर बच्चे को डिसाइड करने दीजिये। आपको अभी मैं दूध दूं की चूस दू बच्चे को डिसाइड करने दीजिए तो बच्चा खुद डिसाइड करता है तो बच्चा 1 तो बच्चे ऑनेस्ट होते है। तो अगर वो बोलते है की मैं दूध पीऊंगा पीते है तो वो 1 कु डिसीजन लेने की क्षमता आती है। उन्हें मैंने डिसीजन लिया इससे मेरा अच्छा तो लेट द चाइल्ड डिसाइड सो उसने उसको थोड़ा मौका दीजिए और अभी कल ही मैंने प्रिंटिंग टॉक पर पार्टिसिपेट किया। इतनी अच्छी स्टोरी मेरे मेंटर ने मुझे बताया की जैसे आपके घर में कोई शादी हो रही है, आपका बच्चा थोड़ा बड़ा है तो आप उसको 20 30 हजार रुपए दीजिए और ये चीज चाहता हूँ आप अरेंज करें, मैं आपके साथ हूँ, आपका हेल्प करने के लिए मैं बैठा हूँ, मैं देख रहा हूँ। मैं चाहता हूँ की आप एग्जीक्यूट करे, हो सकता है की आप उसे थोड़े सस्ते में और करा लेते क्योंकि आपके पास इतने साल का एक्सपीरियंस है। बट काफी बार क्या होता है क्या पेरेंट्स गिविंग तो ऑपरचुनिटी फॉर योर चाय वेरी इम्पोर्टेंट क्रिएट तो जब आप ऑपरचुनिटी क्रिएट करेंगे अपने बच्चे के लिए तो आपको बच्चा सीखेगा और वो वो अपने ऊपर उसके अन्दर कॉन्फिडेंस बढ़ेगा की मैं कर सकता हूँ मैंने 1 बार पहले 20 30 हजार रूपए का अरेंजमेंट किया है तो उसके पास 2 लाख बजट का कुछ पार्टी ऑर्गेनाइज करने घबराएगा नहीं उसे लगेगा की मै ये कर चुका हूँ पहले थोड़ी और मुझे मेहनत करनी पड़ेगी पर मैं कर सकता हूँ तो मॉडल स् आस्क ओपनएंडेड क्वेशन दिस गिव ऑप्शन आस्क मोर क्वेशन 2 लेस टॉकिंग क्रिएट ऑपोचुनिटीजफॉर दम तो एग्जीक्यूट की वो खुद अपना काम करे उनके लिए जान की क्रिएट करे और जरूरी नही के बड़े बच्चे के लिए ही छोटे बच्चों के लिए भी ओपोचुनिटीज क्रिएट कर सकते है 9 10 साल के बच्चे के हो रहा है किसी का दादी का ही बोलते या मम्मी का बोलते तो पापा मम्मी पापा बोल सकते हैं की मम्मी का बद्दी मैं चाहता हूँ की आप प्लानिंग करे क्या थीम होगा आप बताइए हम कैसे पूरा सेट अप करें बच्चे को करने दीजिये तो उससे उसका कॉन्फिडेंस पर बहुत बढ़ेगा और ये चीज चीज जो है में बच्चे को ज्यादा रोकना टोकना नहीं हर चीज़ के लिए टोक उससे उसका सेल्फ कॉन्फिडेंस कम हो जाएगा और यह सिर्फ बच्चों के लिए ट्रू नहीं बड़ों के लिए भी ट्रू है काफी देखते है की शादी के बाद गर्ल बहुत पहले शादी के बहुत पहले कॉन्फिडेंट होती है अपने घर में शादी होती है क्यूंकि उसको गलत मिलता है लोग उसको ट्रेस नहीं करते बा टोकते हैं तो उसको सेल्फ डाउट होने लगता है क्या सच में मैं नहीं कर सकती यह सच में मैं कुछ नहीं कर सकती अपने ऊपर डाउट होने लगता है तो वह बच्चे के साथ अगर हम बचपन से टोकते रहेंगे तो बच्चे के अन्दर आएगा क्या सच में मैं कलरिंग नहीं कर सकता मम्मी बोली मैं हमेशा गन्दा करता हूँ और ये मेसेज उसके साथ रजिस्टर हो जाएगा काफी बार 2 बच्चे होते हैं 2 सिब्लिंग होती है तो मम्मी पापा गलत इंटेंट नहीं काफी बार बोल देते हैं मेरी बड़ी वाली तो बहुत अच्छा कलरिंग यह मेरी बड़ी वाली तो बहुत अच्छा खाना बनाती है छोटी वाली है बगल में वो सुन रही है उसको लगेगा कलरिंग तो दीदी ही कर सकती है.
बसे.
माइंड में स्टेट हो जायेगा और फिर वो ट्राई नहीं करेगी जी वेरी इम्पॉर्टेंट की आप बच्चों को मौका दे करने का और ट्रस्ट के ऑपर्चुनिटी दे और उन्हें कम से कम टोके टोकना जरूरी है जहाँ जरुरत है वहाँ टोकना भी जरूरी है जहाँ भी आपको लगे कि उस का 1 नेगेटिव कॉं्सीक्वेंस हो सकता है तो आपको बच्चे को टोकना भी है जब ये सारी चीजें करेंगी तो आपका बच्चा खुद ही ने खर के बाहर आएगा बहुत कॉन्फिडेंट होगा ज्यादा ही और आपको बहुत कम प्रेशर फील होगा क्योंकि आपके बच्चे धीरे धीरे सारा काम आपके लिए करने लगेंगे।
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