Puberty in Boys | Emotional Changes, Brain Shifts & How Parents Can Support

Certified parenting coach Riddhi Deorah explains puberty in boys as primarily emotional and psychological, not just physical. She covers brain changes that hit around age 11-13, why emotions feel overwhelming, and what parents can actually do: validate feelings, build routines, teach emotional words, and strengthen father-son time.
Chapters
आपका बच्चा सडनली रूड हो गया है ही एक्टिंग आउट ही वा मोर प्रिवसी और फैमिली से डिस्टेंस बनाने लग गया है। ये साइंस है प्यूबर्टी के और जितना हम इस फेस को समझेंगे उतना ही हम ये जोनी अपने बेटों के लिए आसान बना सकते हैं। हाई माई नेम इज दी देव राम सर्टिफाइड पैरेंटिंग कोच और आज हम सीखेंगे प्यूबर्टी इनवॉयस इस टॉपिक के बारे में बिकॉज। ये 1 बहुत इम्पोर्टेंट टॉपिक है और इंडियन फैमिलीज में हम इसे अच्छी तरह एड्रेस नहीं करते। ये 1 फिजिकल चेंज का टॉपिक नहीं है बल्कि ये इमोशनल साइकोलॉजिकल और आइडेंटिटी डेवलपमेंट का फेस है और सबसे ज्यादा कंफ्यूजन भी अभी होता है क्योंकि बॉडी के चेंजेस जो है अंदर होते हैं और दिखाई नहीं देते। सो वाच दिस विडियो टिल्ली एंड बिकाज मैं, आपको बताउंगी, हाऊ टू सपोर्ट, योर चाइल्ड, थ्रू दिस फेस विथ कॉन्फिडेंस, क्लैरिटी एंड कॉमनस। तो सबसे पहले समझते हैं प्यूबर्टी का सही टाइमिंग, प्यूबर्टी का एज रेंजेज बिटवीन, नाइन टू फिफ्टीन यर्स बट इट पिक्स, मोस्टली बिटवीन इलेवन टू, थर्टीन यर्स ऑफ एज बट एवरी चाइल्ड। इस डिफरेंट। कुछ बच्चे की प्यूबर्टी जो है नाइन यर्स में ही हिट हो जाती है एंड फॉर सम, एट स्टार्ट्स, दी एज ऑफ फोर्टीन फिफ्टीन 1 इंट्रस्टिंग फैक्ट। मैं आपके साथ शेयर करना चाहती हूं। ओवर सिक्टी, नाइन परसेंट टीन, एज बॉयस, लाख प्यूबर्टी, वैरन एंड मोर, दैन एटी परसेंट टीनएज, बॉयस हैव नो। एक्सेस तो प्रॉपर गाइटेंसतो। अगर आपका बच्चा 9 से पंद्रह साल के बीच में है तो ये इन्फॉर्मेशन अपने बच्चे को पास न करना बहुत ही क्रूशल है। आजकल अर्ली प्यूबर्टी के केसेस बहुत बढ़ गए हैं बिकाज पर लाइफस्टाइल जंग फूड एंड एनवायरमेंटल टॉकेंस। प्रॉब्लम यह है कि अर्ली मचोरिंग बॉयस, शो, लॉट ऑफ बिहेवियरल, चेंजेस, बिफोर चिल्डन हो, गेट प्यूबर्टी ऑन टाइम। अर्ली प्यूबर्टी होने के कारण बच्चे की इमोशंस ऑफ बॉडी स्पीड जो है मैच नहीं हो पाते। बच्चा छोटा है लेकिन चेंजेस ज्यादा होते हैं जिस कारण बच्चे के अंदर बहुत कंफ्यूजन हो जाता है। लेट्स अंडरस्टैंड, द फिजिकल, चेंजेस, दैट यू मस्ट, नोटिस इन योर चाइल्ड। आपको ये फिजिकल साइंस नोटिस करने है। 5 साइंस में आपके साथ शेयर करूंगी, बच्चे को जल्दी, हाइट भरना, वाइस जो है क्रैक होना, डीप हो जाना, फेशियल हेयर ग्रोथ एक्सेसिव, स्वेटिंग एंड फेशियल एक्नें। ये सारे साइंस है, फिजिकल साइंस है विच विल इंडिकेट, दैट योर चाइल्ड। इस टैडिgtोwspuboty। ये बिल्कुल नॉर्मल है और ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बच्चे के अंदर टेस्ट स्टेरॉन भर जाते हैं जो कि नॉर्मल लेवल से 10 गुना ज्यादा है। एंड रियल चैलेंज फिजिकल नहीं है बल्कि इमोशनल और साइकोलॉजिकल है जो मैक्सिमम पेरेंट्स मिस कर जाते हैं। तो सबसे पहला पॉइंट है आइडेंटिटी क्राइसिस एंड मास्क टी प्रेशर। तो इस केस में बच्चा एक्सपीरियंस करता है आइडेंटिटी क्राइसिस। उसे लगता है कि वह बड़ा हो गया है। बट इमोशंस जो है बिल्कुल बच्चे के जैसे हैं सो, द चाइल्ड, फिसेस समथिंग, कॉल, द आइडेंटिटी क्राइसिस, वॉयस जेनरली स्ट्रगल, वित आइडेंटिटी क्रिएशन, पिर कम्पेरिजन एंड बॉडी इमेज ड्यूरिंग, दिस टाइम और इस टाइम। जब हम अपने बच्चों को ये सारी चीजें बोलते हैं। आप बड़े हो गए हो, मैन आप बी स्ट्रोग डोंट क्राय लाइक अ गर्ल, ऐसा बोलकर हम अपने बच्चों को बिल्कुल हेल्प नहीं करते बल्कि we क्रिएट a लोट ऑफ़ इमोशनल प्रेशर and टेंशन for them and the ban is in a total state of kaos और इस फेस में बच्चे अपने आप को अपने फ्रेंड से बहुत ज्यादा कंपेयर करने लगते हैं। जैसे उनके हाइट, उनका फिजिकल सेंट, उनका वॉयस फेस में hair grोtteकmपैr every single thing with their frends on top of that। सोशल मीडिया मिक्स ट वर्क बाय पुटिंग अनरियलिस्टिक एक्सपेक्टेशंस ऑन योर चाय इस फेस में बच्चे यूजवल प्रिविसी डिमांड करते हैं, फैमिली एक्टिविटी सुनहे बिल्कुल बोरिंग लगने लगते हैं, उन्हें मन नहीं करता आपके साथ कहीं जाने का, आपसे बात करने का, दंड दे आलवेज वांट टू बी द फ्रेंड्स, दिस इस a वेरी नॉरमल डेवलपमेंट स्टेज बट बीइंग पैरेंटस, वी गेट वेरी पर्सनल वी गेट वेरी इमोशनल। और हमें ऐसा लगने लगता है कि मेरा बेटा मुझसे दूर हो गया। सो लेट्स टॉक अबाउट हाऊ टू सपोर्ट योर सन थ्रुपयुबर्टी म गिविंग यू रिसर्च बेस्ट सपोर्ट स्ट्रैटेजीज जो ऐक्चवली वर्क करते हैं नंबर न नॉर्मलाइज ब्रेन चेंज अपने बच्चे को एक्सप्लेन करिए कि ये टेम्परेरी ब्रेन री वायरिंग है, पर्मानेंट पर्सनालिटी चेंज नहीं है। टेस्टिस इस री ऑर्गेनाइजिंग द ब्रेन फॉर अडल्ट इमोशनल प्रोसेसिंग नंबर टू वैलिडेट दैर इमोशंस विदाउट इमिजेटली फिक्सिंग, दैम उनसे कहिए कि आई कैन सी दैट यू वेरी फ्रास्टिएटेड, इंस्ट्यूट ऑफ सीइंग काम डाउन चुप बैठो अडॉलेसिंसनीड वैलिडेशन फर्स्ट बिफोर करेक्शन थर्ड क्रिएट प्रिडिक्टिबल फैमिली रुटीन इस हार्मोनल केस में बच्चे को स्टेबिलिटी प्रोवाइड कर सकते हैं। बाई हेल्पिंग दैन क्रिएट अ प्रिडिक्टिबल रूटीन ऑफ फिक्स स्लीप टाइम फिक् टिंग टाइम एंड फैमिली डिस्कशन नंबर फॉर टीच इमोशनल वोकैबिलेरीबॉयस इन दिस फेस। usually struggle to express their emotions। अंदर उन्हें दुख हो रहा है, लेकिन बाहर उनका गुस्सा दिखाई देता है क्योंकि वो अपने गुस्से को और दुख को डिस्टिंग्विश नहीं कर पाते। सो you need to have them identify the real emotions, my asking questions like it looks like your very over, went lets talk। if you want to ना लेट्स टॉक अबाउट रोल of father रिसर्च बताती है ke patr ke closeness has a very positive impact on your child specially during this face boys are usually les connected to the fathers and more connected to mothers, but during this face of puberty, this is a great opportunity for fathers to connect and bond depo with their son and this will also help your chइल्s। साइकोलॉजिकल डेवलपमेंट तो जरूरी है कि इस फेस में फादर आर मोर अवैलबल फॉर, द संस हमारे इंडियन फादर्स यूजुवल इस फेस में बहुत ही ऑकवर्ड हो जाते हैं और उन्हें लगता है यह तो बहुत ही वेयर टॉपिक है इसकी मम्मी को ही हैंडल करने देता हूं। बट ड्यूरिंग दिस टाइम ऑफ बॉयस यूजुवलली लुकिंग फॉर अ मेल रोल मॉडल तो हे दैम गो थ्रू दिस जर्नी let me give you a प्रैक्टिकल टिप जहां आपको प्यूबर्टी के बारे में कुछ बात नहीं करनी है, बट फादर अपने बच्चे के साथ कुछ शेड एक्टिविटीज कर सकते हैं जैसे टेनिस खेल सकते हैं, या फुटबॉल खेल सकते हैं या ड्राइव पे जा सकते हैं, मूवी पे जा सकते हैं। तो जब वो कुछ एक्टिविटीज साथ में करेंगे या चाइल्ड विल फील, इमोशनली सपोर्टेड एंड कंफोरटेdनाव लेट्स टॉक। अबाउट हाइचिंगजूटीन एंड कॉनफिडेंस जरूरी है कि आप बच्चे के हाइजीन पर फोकस करें एंड गरेज them to take a शावर डेली वॉश फेस and keep it clean सो that aकnashu s les, इच, हेल्दी, फॉर, गुड, हेल्थ, यूज, डेवडरेनफॉरक्ेसफ, स्वेटी, ये सब करने से उन्हें क्लीन फील होगा। विच विल आल्सो हैवन इफेक्ट ऑन दैर इमोशंस। इस फेस में जरूरी है कि आज मदर आज फादर आप अपने बच्चे के लिए अवेलेबल हो। एज्जामपल के लिए। अगर आपके बच्चे की स्किन पर एक्ने हो गया है जिससे उसका कॉन्फिडेंस स्लो हो रहा है तो प्लीज उन्हें 1 डर्मेटोलॉजिस्ट के पास लेके जाए जिससे एक्ने कम होगा। बच्चे का कॉन्फिडेंस इनक्रीस होगा उनके हाइट के लिए उन्हें हेल्दी डाइट दे, उन्हें इमोशनली सपोर्ट करे और बताया कि हाइट ही सब कुछ नहीं है। उन्हें अलग अलग स्किल डेवलपमेंट के लिए भी एनकरेज करें जैसे म्यूजिक, आर्ट, स्पोर्ट्स। क्योंकि ये सारे एक्टिविटीज में इंगेज करने से बच्चे का कॉन्फिडेंस जो है। नैचुरली इम्प्रूव और इनक्रीस होता है तो सब पैरेंट हमें हमेशा यह याद रखना है। दैट प्यूबर्टी इस न्यूरो बायोलॉजिकल ट्रांसफॉर्मेशन and even though this is a temprery face, it can create a lifelong impact on your child। तो इस फेस को सकसेसfuलली पास करने के लिए trkpilerहैनंबन with brinडveलupmेंt to सiंtificअnडerstanding of changes and नंबर थ्री कंसिस्टेंट इमोशनल support for your child or sweet boy is still the same, हिज जस्ट फिगरिंग, आउट हाउ टू, बिकम, अ, कॉन्फिडेंट, यंग, मैन एंड इफ, यू, वांट, डीटेल, रिटेन, स्टेप, बाय, स्टेप, गाइडेंस, ऑन, हॉव, टू, हेल्प या चाइल्ड ड्यूरिंग, द फेस ऑफ प्योरटी डिस्क्रिप्शन को चेक करिए। वहां पर मैंने लिंक दिया है रिसोर्स का उसपर क्लिक करिए, अच्छे से पढिए और अपने बच्चे की प्रॉपर तरीके से सपोर्ट करिए। आई होप। इस विडियो से आपको काफी कुछ सीखने को मिला और अगर आपको यह पसंद आया तो चैनल को जरूर सब्सक्राइब करिए क्योंकि यहाँ पर हम रियल पेरेंटिंग चैलेंजेस सॉल्व करते हैं।
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