Dimple Joshi from Udaipur shares how joining the GOL program and switching to Platinum helped her become calmer and more present with her family. She transformed her relationships with her children and husband by changing the way she thinks.
हेलो, मेरा नाम डिम्पल जोशी है। मैं उदयपुर राजस्थान से हूँ। मैं ई पी एच फैमिली में नवंबर में मैंने गोल लिया था। तब मैं बहुत फ्रस्टेटेड थी अपने बच्चों से, परेशान दोनों छोटे थे। मेरी बेटिया और घर के माहौल से मुझे ये लगता था। कोई मेरा अपना नहीं है, कोई मेरे बारे में सोचता नहीं है। तुम्हें बहुत डाउन हो गई थी अपने आप को। लेकिन जब से मैंने गोल लिया था मैं का वीडियो देखा, फेसबुक पे और फिर मैंने गोल लिया। गोल्ड तो लाइक पूरा चेंज था मैंने। लेकिन जब मुझे प्लैटिनम के बारे में पता पड़ा कि उसमें इतनी सारी चीजें हैं जो 1 मदर को जरूर लेनी चाहिए क्योंकि 1 मदर सिर्फ देने में ही रहती है। अपने बच्चों, अपनी फैमिली सबको देने में रही लेकिन उसको कुछ नहीं मिलता है। लेकिन प्लैटेनियम में 1 मदर को जो चाहिए वो हर चीज आपको प्लेटेनियम में मिलेगी। तो फिर जनवरी में मैंने प्लेटेनियम में स्विच कर लिया था। उसके बाद मेरा वे ऑफ थिंकिंग बच्चों से रिलेशनशिप, मेरे हजबैंड के साथ रिलेशनशिप। हर चीज में इतना इम्प्रूवमेंट है कि मैं क्या बताऊं आपको।