The Parenting Mistake Most Parents Feel Guilty About | Riddhi Deorah

Certified parenting coach Riddhi Deorah explains why parents sometimes hit their children in moments of overwhelm, and how to repair the relationship after. Guilt is a sign of awareness, not failure. The fix: accept the mistake, apologize clearly, explain your emotional overload, learn to regulate your own nervous system, and show up calm and present so your child feels safe again.
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आप ये सोचते थे कि आप बिल्कुल काम पैरेंट बनेंगे। लेकिन 1 दिन ऐसा आता है जब आप कंट्रोल खो देते हैं और अपने बच्चे पर हाथ उठाते हैं। अगर आपके साथ ऐसा हुआ है तो इस वीडियो को एंड तक जरूर देखिए। हाय अमृती देवरा नाम सर्टिफाइड पैरेंटिंग कोच। आज हम उस गिल्ट के बारे में बात करेंगे जो आप एक्सपीरियंस करते हैं जब आप अपने बच्चे को मारते हैं और डांटते हैं। ये विडियो जजमेंट के लिए बिल्कुल भी नहीं है और न ही यह बताने के लिए है कि आप 1 बैड पैरेंट है। ये वीडियो ये समझने के लिए है कि उस मोमेंट आपके अंदर क्या चल रहा था। जिस कारण आप अपने आप को कंट्रोल नहीं कर पाए और आपने अपने बच्चे को मारा। हम समझेंगे कि गिल्स का असली मतलब क्या है और आप इस गिल्ट साइकिल को कैसे ब्रेक कर सकते हैं। बिना खुद को क्रिटिसाइज किए। आई नो हैज। मदर्स आप अपने बच्चे को इसलिए नहीं मारते बिकॉज या वायलेंट। कभी कभी ऐसा हो जाता है। बिकॉज आप थके हुए होते हैं या ओवर स्टिमुलेटेड फील अनसपोर्टेड या नोव सिस्टम इस ओवरलोडेड उस मोमेंट आपका थिंकिंग ब्रेन ऑफ हो जाता है। सर्वाइवल ब्रेन टेक ओवर। ये प्लांट डिसिजन नहीं होता है की आज तो मैं अपने बच्चे को इस बात पर मारुंगी। ये 1 सिम्पल रिएक्शन होता है। लेट्स अंडरस्टांड गिल्ट आफ्टर हिटिंग चाइल्ड। गिल्ट इसलिए फील होता है क्योंकि आपका इंटेंशन कभी भी बच्चे को हम करना नहीं था। दैट मोमेंट यू फील दिस इज नौट हाव आई वांट टू पैरेंट माई चाइल दिस इज नौट हो आई वांट टू बी गिल्ट का मतलब यह नहीं कि आपने कोई रिपेयरबल डैमेज कर दिया है। जस्ट मींस आप अवैर है। आपका कौंशस लाइव है एंड यू वांट चेंज। अगर आप कैलेस होती तो गिल्ट होता ही नहीं। सो यूज दिस फीलिंग तो हेल्प योरसेल्फ एंड नॉट अगेंस्ट योरसेल्फ। यह ऐक्चवली 1 स्टार्टिंग पॉइंट है नोट दी एंड पॉइंट नाव लेट्स अंडरस्टांड आफ्टर रेफेक्ट्सऑफ हिटिंग यू हैव टू अंडरस्टैंड कि आप गिल्ट फील कर रहे हैं। लेकिन इसका बच्चे पर क्या असर हो रहा है और हिटिंग से बच्चा क्या सीख रहा है, यह बात सुनने में थोड़ी अनकंफर्टेबल और अनइजी हो सकती है, लेकिन यह बहुत जरूरी भी है। बच्चा हिटिंग से डिसिप्लिन नहीं सीखता है। बच्चा सीखता है कि जब बड़े गुस्सा होते हैं, उन्हें हम करने की परमिशन है। जब अड्स डिस रेगुलेटेड होते हैं तो मैं सेफ नहीं हूँ। इसका मतलब यह नहीं है कि आपका रिलेशन आपके बच्चे के साथ खत्म हो गया है या फिर आपका बॉन्ड वीक हो गया है। बच्चे इनक्रेडिबली रेजिलेंट होते हैं, जब उन्हें इमोशनल रिपेयर मिलता है। डैमेज सिर्फ गलती से नहीं होता। डैमेज तब होता है जब गलती के बाद भी आप अपने बच्चे से बात नहीं करते। एंड यू डू नोट गिव योर चाइल्ड चांस तो रिपेयर और बच्चा। ऐसे में अकेला फील करता है और यहीं पर आपका पैरेंट का सही रोल शुरू होता है। नॉट जस्ट स पैरेंट हु करेक्ट बट आज पैरेंट हू कैन स्टे इमोशनली प्रेजेंट फॉर देर चाय। यहीं से कॉन्वरसेशन आगे बढ़ती है। फ्रॉम वेनस तो रिपेयर और ऑलमोस्ट हर पैरेंट के दिमाग में यहीं पर 1 क्वेश्चन आता है। इस से तू ले तो रिपेयर थिंग्स क्या बहुत देर हो गई है। मेरी मास्टर क्लास में जो मदर आती है वो बहुत बार कहती हैं। कि बच्चे को मारने के बाद आई फील हॉरेबल आई फील गिल्टी एंड वाट शुड ई डू लेट एंड बिहाइंड दिस कवेstनदैरइs डी fir विल बॉनटevaफील सेफ अगेन गुड न्यूजस। अभी भी देर नहीं हुई है। हीलिंग पैरेंटिंग का 1 सिम्पल रूल है। helinग नौtperfectoन हीलिंग इस रिपेयर बच्चा ये नहीं देखता सिर्फ कि आप कितना गुस्सा हुई थी। वो ये देखता है कि गुस्से के बाद आप किस इंटेंशन के साथ और किस प्रेजेंस के साथ अपने बच्चे के पास वापस गए हैं। अगर आप अपने इमोशंस की रेस्पॉंसिबिलिटी लेते हैं, अपने बिहेवियर को चेंज करते हैं और कंसिस्टेंसी के साथ 1 सेव रेगुलेटेड प्रेजेंस देते हैं। देन यू डू नॉट हैव टू वर्री। अबाउट योर बॉन ईवन इफ यू हैव हिट योर चाइल्ड बाई मिस्टेक बिकाज ट्रस्ट स्टिल दे जब ये क्लियर हो जाता है तो रिपेयर पॉसिबल है। एंड माइंड ऑटोमेटिकली नेक्ट स्टेप ढूंढता है सो वा डू आई डू नाव हीलिंग सिर्फ अवैरनेस से नहीं होती। यू नीड टू टेक एक्शन लेट्स टॉक अबाउट द थिंग दैट ऐक्चवली हेल्प यू टू कम और ऑफ गेट नंबर वन। सबसे पहले अपनी गलती को एक्सेप्ट करें। बी नेस्ट वित योर सेल्फ एंड योर चाइल्ड बच्चे से कहिए मम्मी ने गुस्से में हाथ उठाया। ना यह बिल्कुल सही नहीं था। आई नो दैट। इस लाइन से आपकी अथॉरिटी कम नहीं होगी। इससे बच्चे को क्लैरिटी और कनेक्शन मिलता है। और इसी क्लैरिटी से ट्रस्ट बिल्ड होता है। नंबर टू एक्सक्यूज नहीं, एक्सप्लेनेशन दे। ऐसा मत बोलिए कि आपने बहुत जिद किया। इसलिए मम्मी ने मारा बच्चे से बोलिए मम्मी वाज फीलिंग इमोशनली ओवर वेल। पर। अब मैं सीख रही हूँ। अपने इमोशन्स को रेगुलेट करना, नंबर थ्री खुद का नर्वस सिस्टम रेगुलेट करना सीखे। यह अनकॉम्फर्टेबल श्रोत है। बट बहुत इम्पोर्टेंट है। हमेशा बच्चे के इमोशनल रेगुलेशन के बारे में बात करते हैं, लेकिन अपने इमोशन्स को खुद ही रेगुलेट नहीं कर पाते। जब आप डिस रेगुलेटेड होती हैं, बच्चा ऑटोमेटिकली अनसेफ फील करता है एंड वेन यू आर काम। बच्चे का सिस्टम भी धीरे धीरे काम होना सीख जाता है। सो नेक्स्ट टाइम जब आपको गुस्सा आए टेक अ मोमेंट बॉस और उसके बाद खुद को बच्चे से थोड़ा दूर करें। इफ यू वांट ब्री दिन अ फ्यू टाइम्स एंड आस्क फॉर हेल्प। ये इमोशनल वीकनेस नहीं बल्कि इमोशनल मच्योरिटी है। और यहीं से जेनरेशनल पैटन ब्रेक होता है। नंबर फोर कंसिस्टेंसी से ही हीलिंग होगी। 1 बार सौरी बोल देना काफी नहीं है क्योंकि बच्चे सिर्फ सुनते नहीं हैं, वो ऑब्जर्व करते हैं, वो देखते हैं क्या मम्मी का रिएक्शन सच में चेंज हुआ है एम रियली सेफ। और जब बार बार वही काम रेस्पोंस मिलता है, वहीं प्रेडिक्टेबल प्रेजेंस मिलती है, तब बच्चे का ट्रस्ट और स्ट्रोंग हो जाता है। अगर आप ये सोचकर रैशेस हो जाती हैं कि व्हाट इफ रिएक्ट अगेन देन। आई वुड लाइक तो इनवाइट यू फॉर्म फ्री पेरेंटिंग। ऑनलाइन मास्टर क्लास इस मास्टर क्लास में जरूर जुडिए। इसकी लिंक मैंने डिस्क्रिप्शन में दी है। इस मास्टर क्लास में मैं आपको 1 क्लियर पात दूंगी, जिससे आप काम रिलेक्स और रेगुलेटेड मदर बन सकती है। अपने बच्चों के लिए remember help lena is not weekness, this is your first step to words healing and when we anstand this everything starts to fall in place, because the end of the डे। यह बात परफेक्ट पेरेंटिंग की नहीं है, यह बात है कांशस पैरेंटिंग की। फीलिंग गिल्टी एंकशसएंडफ्रास्टेटेड। तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपका बच्चा अनसेफ है। आप 1 ऐसी मदर हैं जो अपने प टेन को और प्रॉब्लम को रिपीट करना नहीं चाहती। सो टू गेट आउट ऑफ़ दिस गिफ्ट टू अंडरस्टैंड कि आप कैसे काम रहकर पैरेंटिंग को स्ट्रॉन्ग बना सकती हैं और बच्चे से कैसे कम्यूनिकेट करें ताकि बच्चा। अनसे फील न करें तो डिस्क्रिप्शन में दिए गए लिंक को जरूर चेक करे। ऑन रिक्वेस्ट अगन दर, आप ये पेरेंटिंग मास्टर क्लास से जरूर जुड़िए बिकॉज, आई, नो, यू विल्ल बी, अ कम्प्लीटली चेंज पर्सन आफ्टर दिस। इस विडियो ने अगर आपको क्लैरिटी दी है, देन डोंट, फॉरगेट, तो लाइक, दिस एंड शेर, दिस एंड डू, सबस्क्राइब तो माई चैनल। क्योंकि यहां हम बात करते हैं पैरेंटिंग के रियल स्ट्रगल्स की आपके और आपके बच्चे के रियल प्रॉब्लम की थैंक यू।
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