अपने बच्चे की तारीफ कैसे करें | Transform Kids with Emotional Praise | Riddhi Deorah

Riddhi Deorah explains how to praise your child in ways that actually work. Focus on specific actions, not the child's character. Timely, enthusiastic praise builds motivation and a growth mindset.
अब पहली बात जो आती है की वो कई बार होता है की हमारे बच्चे कई बार बहुत अच्छा करते हैं, अच्छा नहीं करते है तो कई बार हम ये सोच के बच्चों की तारीफ नहीं करते कि ये सिर चढ़ जायेंगे। हम तो बहुत वो हो गए हैं, हमारी तो बहुत तारीफ हो गई और कई बार जब हम तारीफ नहीं करते हैं तो बच्चों को लगता है हम तो कुछ भी कर ले, हमारे मम्मी पापा। तो तारीफ तो आज में जो पहला प्रश्न आपके साथ शेयर करना चाहती हूँ यह हम इस तरीके से कितनी प्रेस करें। बच्चों की हाऊ टू प्रेस आर किड्स हम बच्चों को कैसे प्रेस करे।
तो ये बहुत ही अच्छा क्वेशन आपने पूछा है वर्षा जी आपने इस से शुरुआत की, यह और भी अच्छी बात है। तो प्रलेस 1 ऐसी चीज है जो हमें बहुत जरूरी है करना बहुत जरूरी है। आप सब हम हम सभी जानते हैं कि हमें बच्चों की तारीफ करनी चाहिए और ना सिर्फ बच्चे बड़ो को भी कितना अच्छा लगता है कोई उनकी तारीफ करे तो जब कोई हमारी तारीफ करता है तो उससे क्या असर पड़ता है। हमें मन करता है की हम और वैसा करे। अगर आप दिन भर काम कर रही है, कोई नोटिस नहीं कर रहा, कोई कुछ आपको एप्रीशिएट नहीं कर रहा तो ज्यादा दिन तक नहीं कर पाएंगी वो थक जाएंगी या आपको लगेगा की मैं दिन रात काम करती हूँ, कोई मुझे कोई नोटिस भी नहीं कर रहा और कुछ ही लोग ऐसे होते है जो बहुत ही सेल्फ मोटिवेटेड सेल्फ होते है जो करते हैं पर थोड़ी सी भी तारीफ उन लोगों की भी सेल मोटीवेटेड है। अगर हम थोड़ी भी तारीफ करते है तो वो कितनी एनकरेज फील करते है। उनको लगता है की मैं और करूँ और करूँ तो बच्चों के लिए भी यही है, पर हमें यह समझना है कि हम तारीफ क्या चीज की कर रहे हैं, हम बच्चों की तारीफ नहीं कर रहे, हमें बच्चों के बिहेवियर को प्रेस करना है। सो व्हाट एग्जैक्टली इस प्रेस प्रेस 1 टूल है इस शॉर्ट टर्म टूल। तो ब्रिंग अबाउट चेंज इन द बिहेवियर हमारे बच्चे से बहुत कुछ करते हैं, दिन भर तो हम हर टाइम को ये नहीं बोल सकते। सो गुड बॉय आप कितने अच्छे है, आपको बहुत ही अच्छे है, बच्चों की तारीफ नहीं करनी है, हमें उनके एक्शन की तारीफ करनी है। तो यह बात समझना बहुत जरुरी है की आपको किस चीज की तारीफ करनी है। अब आपको क्या चाहिए आपको बच्चों की करनी है, आपको उनके एक्शन की तारीफ़ करनी है और आपको कब करनी है, कौन सी एक्शन की तारीफ करनी है। हर चीज अगर बच्चा कर रहा है, आपको उसकी तारीफ करने की कोई जरुरत नहीं है। अगर आप बच्चे में कोई चेंज लाना चाहते हैं, उसके बिहेवियर में सपोजिंग आप चाहते हैं की आपका बच्चा खेलने के बाद अपनी चीजें जगह पर रखे और ये बदलाव आप अपने बच्चे में देखना चाहते हैं तो आपको इस बिहेवियर को अप्रीशिएट करना है, आपको लगे आपका बच्चा थोड़ा एफर्ट ले रहा है अपनी चीजें जगह पर रखने के लिए उसे जगह पर रख रहा है। सारी भी 12 टोयसजगहपररखरहा है तो आपको लगेगा की ये ऑपर्चुनिटी है आपके लिए इस बिहेवियर को एप्रिशिएट करने का। अब अपने बच्चे से कहेंगे अरे वाह आज आपने अपने समान जगह सारी चीजें जगह पर रखी। आज तो मम्मी बहुत खुश है। आपने ऐसा किया तो बच्चे को लगेगा अच्छा खुशी मम्मी को मिली है इस छोटी सी में ऐसा और करूंगा या फिर कुछ लोग है उनके सामने आपने की मेरा बच्चा तो सारी चीजें हमेशा जगह पर रखता है। अगर आप ऐसा करेंगे तो बच्चे को बहुत कॉन्फिडेंट खुश ही होगा। तो बच्चा और करेगा वो चीजें इसी लिए हमें उसके एक्शन को एप्रीशिएट करना है और सारे एक्शन को नहीं सिर्फ एक्शन को जो हम उस बच्चे में देखना चाहते हैं और जो बच्चा नहीं कर रहा ये है किस तरह से करेंगे आप अब हमे कैसे करना है ये समझ है किससे करना है यह हम समझ चुके हैं क्यूँ ये भी हम समझ चुके हैं। अब किस तरीके से करना है कुछ अभी भी आप किसी की तारीफ करें। अगर आप बहुत ही लो वॉल्यूम में करेंगे या बिना कोई एंथुजियाजाबिना एनर्जी के करेंगे तो उसका कोई इम्पैक्ट नहीं होगा जैसे की इतना सुन्दर आपने इंट्रोडक्शन दिया तो वो बहुत एनर्जी के साथ था तो मुझे अच्छा फील हुआ अगर वही सेम चीज अगर आप थोड़े लो टोन में सुस्त आवाज में कहेंगे तो शायद मैं सुनती भी नहीं हूँ, शायद वो रजिस्टर भी नहीं होता मेरे साथ, वैसे अगर बच्चा कुछ अच्छा करे तो आपको पुलना। अरे शाबाश आज आपने अपनी चीजें जगह पर रखी है तो थोड़ा एनर्जी के साथ थोड़ा कंधे पे टैप देना है या ठीक स्पूल करना है। जो भी आपके बच्चे का एज है उसके अनुसार और जो भी आपका कम्फर्ट है बच्चे के साथ तो आपको थोड़ा एंटुजियाजम दिखाना है। जब आप एप्रीशिएट करे और जब भी आप प्रेस कर रहे हैं तो आपको ज्यादा समय नहीं वेस्ट करना है इसे बहुत बार क्या होता है जैसे बच्चे ने टॉस अभी रखा जगह पर तो अब भी आपको एप्रीसिएट करना है। 2 घंटे बाद अगर वो चीज एप्रीसिएट करेंगे बच्चे के बारे में तो उसका कोई इम्पैक्ट नहीं होगा तो आपको जैसे ही एक्शन हुआ एक्शन होते ही तुरंत आपको मौके का फायदा उठाते हुए बच्चे का बच्चे को प्रेस करना है तब वो एक्शन रजिस्टर होगा बच्चे को समझ में आएगा की ऐसा अगर मैं करूंगा तो मेरी मम्मी या मेरे पापा या मेरे के लोग मुझसे खुश होंगे और फिर वो वैसा करने का और प्रयास करेगा सो हमें बेसिकली इट हैज टू बी, फोकस ऑन द प्रोसेस, नॉट ऑन द चाइल्ड और इसका मैं थोड़ा ब्रीफ आपको बताना चाहती हूँ की क्यूँ हमें बच्चे पे नहीं करना है क्यूंकि अगर मैं अपने बच्चे को बोलती रही की आप तो सबसे अच्छे हैं, आप तो बहुत यू वेरी गुड या द बेस्ट बॉय तो इससे क्या होता है। बच्चों का 1 फिक्स माइंडसेट जाता है तो वो दुसरे एनवायरमेंट में एडजस्ट नहीं कर पाते क्यूँकि कभी जब वो रियल लाइफ में जाएंगे तो वो अलग अलग लोगों से मिलेंगे, अलग अलग क्षेत्रों के लोगों से मिलेंगे और वहाँ पे क्या होगा की उन्हें ऐसा लगेगा हो सकता है कि वो सबसे स्मार्ट नहीं है उस ग्रुप में बट क्यूंकि इस सुन सुन के माइंड में ये सेट हो गया की मैं सबसे ज्यादा स्मार्ट हूँ। वो उस एनवायरमेंट में एडजस्ट नहीं कर पाएंगे। उन्हें लगेगा की वो उनके अन्दर वो ह्यूमिलिटी नहीं रहेगा एक्सेप्ट करने का कि मुझसे भी बेहतर लोग हो सकते हैं कि मैं भी कुछ सीख सकता हूँ। तो हमें ये नही लाना बच्चों को नहीं बोलेंगे। आज आपने जैसे पिक्चर का किया, यह मुझे बहुत अच्छा लगा। आज आपने जैसे टॉस जगह पर रखी, यह मुझे बहुत अच्छा लगा। आज अपने पापा की मदद की, यह मुझे अच्छा लगा तो हम एक्शन वर्ड लाएंगे। अपने प्रेस में एक्शन वर्ड लाते है उससे क्या होता है, ग्रोथ माइंड सेट आता है बच्चे का और ग्रोथ माइंड सेट क्या होता है। बच्चे को लगता है कि अगर मैं कोशिश करूँ तो मैं बेहतर कर सकता हूँ। अगर मुझसे गलती हो मैं उसे फिक्स कर सकता हूँ। इसके लिए मुझे बस और कोशिश करनी होगी। हेल्प लेना पड़ सकता है। तो हम ग्रोथ माइंडसेट लाना चाहते हैं बच्चों में, तो अगर मैं इसे बस समराइज कर देती हूँ। ज्यादा समय न लेते हुए। 1 आपको एक्शन पे फोकस करना है दूसरा आपको बच्चे पे नहीं फोकस करना, बिकॉज इससे ग्रोथ माइंडसेट आएगा थोड़ा एनर्जी त्ुजियाजम दिखाना है और आपको बिहेवियर जो बिहेवियर आप अपने बच्चे को देखना चाहते हैं उस बिहेवियर को प्रेस करना है ना कि सारी चीजे हर चीज बच्चा कर रहा है उसे आपको प्रेस 1 बैलेंस बना के रखना है और फोर्स प्रेस आपको कभी नहीं करना है कि बच्चा कुछ नहीं करता है, झूठी तारीफ कर रही है। जस सो दैट यू सी दैट बिहेवियर वो भी नही करना, बच्चा एफर्ट नहीं लेगा वो करने के लिए उसे बिना मुझे तारीफ तो करने की क्या जरुरत है। जब बच्चा थोड़ा सा भी आपको एफर्ट दिखाए थोड़ी कोशिश करे वो चीज करने की, तब आपको प्रेस करना है सो इट इज इन ऑनलाइन शॉर्ट टम टूल to see a long tom change in behavior that you want to see in your time।
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