अमृत प्रवचन 7 || जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामीश्री: स्वरूपानन्द सरस्वतीजी महाराज के श्री मुख से ||

Jagadguru Shankaracharya Swaroopananda Saraswathi and other spiritual leaders speak on preserving Sanatan dharma, protecting cows, and keeping the Ganga clean. The discourse includes devotional chants, historical references, and calls for moral reform and communal harmony.
Chapters
पूर्व महाराज श्री को सनीष प्रदान हो रहा है। बोलिए जगत गुरु शंकराचारय भगवान की धर्म साम्राज्य ज्योतिष पीठाधीश्वर महाराज की धर्म सम्राट द्वारका शारदा पीठाधीश्वर महाराज की धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज की हर हर महादेव। पूज्य महाराज श्री के द्वारा हम सभी को पता है कि आज स्वामी अविमुक्ते श्वरानंद सरस्वती जी का भी जन्म दिवस है। इस अवसर पर पूज्य महाराज श्री ने आपको दिव्य उष्णीस प्रदान किया है। 2 शब्द स्वामी अविमुक्ते श्वरानंद जी बोलेंगे फिर पूजा, महाराज श्री का अमित.
आज.
बड़े हर्ष उल्लास के साथ आप सब लोगों ने धर्म सम्राट स्वामी कृपात्री जी महाराज की जयंती मनाई है। भगवान के अवतार के दिन धर्म सम्राट करपात्री जी महाराज की तिथि में जाने कितने लोगों ने जन्म लिया होगा। इसका कोई खास महत्व नहीं है.
कि.
सुमन संगादआरोहतिसताम, सिरह अस्मा पिति देवत्व महद्विसुप्रतिष्ठिता है। यह आभाणक है कि कीड़ा किसी महान व्यक्ति के सिर पर पहुँच नहीं सकता, क्योंकि उनके अगल बगल लोग रहते हैं। झिडक देंगे उसको। लेकिन अगर वो फूल फूल के अंदर घुस जाए तो फूल के साथ साथ वह बड़े बड़े लोगों के सिर पे जा कर के चढ़ जाता है।
वैसे ही कोई पत्थर पत्थर तो चारों.
तरफ बिखरे हुए हैं, लेकिन महापुरुष जिनको छू देते हैं, वो देवतों को प्राप्त हो जाता है। यही महापुरुषों की विशेषता है। उनके चरणों में हम लोगों को शरण मिली है। यही हम लोगों के लिए जीवन का सौभाग्य है। अपने सौभाग्य का ही हम लोग तो बार बार स्मरण करते हैं और महाराज श्री के चरणों में अपने आप को सदा समर्पित रखते हैं। यही शरण हम लोगों को सदा मिली रहे। महाराज जी की। यही हम लोग श्री चरणों में महाराज श्री प्रार्थना कर रहे हैं। अब महाराज श्री का आशीर्वचन होगा। आप लोग ध्यान से सुने।
Sjeatisinhdndvod jsmrnwasmnirivtm sam रsiनासतिबिघनानाम नारायण समारम भाम शंकराचार्य मध्यमाम अस्मदाचार्य पर्यंतम वंदे गुरु परंपरा श्रीमत परमहंस परिव्राजक चार्य परिया पदवाक प्रमाण पारावार पारिणााम यमनियमासन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान समाधस्टंगयोगानुष्ठान निष्ठा तपस्या चरण चक्रवर्ती न अनाज गुरु परंपरा प्राप्त धर्म प्रचारण परायण सकल दर्शन समनवित वेद वेदांत सिद्धांत प्रतिपादक चारिया निगमागम सार हृदया सर्वतंत्र स्वतंत्र है अनंत श्री विभूषित जगतगुरु श्री मदाध्यशंकराचार्य भगवतपाद स्थापित मर्यादा पोषण परायणा परा पर विद्या विद्योतितांतकरणाहा अलग नंदातiरसिनरामनjोत मठaधiशवरागोमतीतिरो सिन पश्चिम नजदद्वारकाशरदा पीठाधीश्वर अनंत श्री विभूसिधजगतगुरु शंकराचार्य श्री स्वरुपानंद सरस्वती स्वामी वरिहा विजयन तेत राम धर्म की अधर्म का प्राणियों में विश्व का गोमाता की धर्म सम्राज्य गुरु शंकर 4। भगवान की धर्म सम्राज्य ीश्पीठादीश्वर महाराज की धर्म सम्राज द्वारका शारदा पीठाधीश्वर महाराज की धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज की वृंदावन बिहारी लाल की हर हर महादेव.
A a a a a a a lal sjsilaseliaonte prvisajambrsुt saetkshctiधrsana satcnsmbniprन क क ज व म धाम सार बास मै श्री राम जे रो रो राम राम श्री राम जै राम ज ज र श्री राम जै राम जे जे राम राम जै राम ज रा शी राम जय राम जय जय राम राम राम जै जरा शी राम जयराम जैज रा राम जरा ज ज रा श्री राम जै राम ज जरा श्री राम जैराम जैजर धर्म की अधर्म कान प्राणियों में विश्व का गो, माता की गो, हत्या, हर समुपस्थित विदविद देव धर्म की है। वो अधर्म का नाश हो। ये जो हम लोगों ने सूत्र चारण की ये स्वामी कर पात्र, उन्हें इन सूत्रों का उच्चारण स्वयं करके पूरे भारत के लोगों से करवाया, धर्म की जय हो। वो कहते हैं धर्म की धर्म कौन सा? तो जैसा कि हम लोग परम्परा से जानते आये हैं कि धर्म के 4 प्रामाणिक गापशुतस्मृतिसमाचारा, स्वस्थ, प्रिय, महात्मना, 1 चतुर, विधमपराहुतसाक्षा, धर्मस्, शुतिस्मृतिसदाचार और आत्मा की जो प्रियता है, इन चारों से धर्म का ज्ञान होता है। तो वो जो धर्म है, यह कब से चल रहा है। आप देखिये और जितने भी मत मजहब है, उनको किसी ने चलाया है, उसकी तारीफ है। और जिसने चलाया उसका पिता और धर्म का अन्याय नहीं था। जैसे आप देखिये आज समाज स्वामी दयानंद ने, चलाया, दया दयानंद जी के पिता करषण जी आज समाज ने और उसकी तारीख है। ब्रह्मा समाज कोई 1 राजाराम और 4 राम महरानी चलाया। उनके पिता ब्रह्म समाजी नहीं थे, मोहम्मद साहब ने श्राम चलाया, उनके पिता मुसलमान नहीं थे, ईसा मसी ने सही धर्म चलाया, उनकी माता मरिया की साई नहीं थी। लेकिन ऐसा बताइए कौन? सा ऐसा सनातन धर्मी है जिसका पिता सनदंदरमिनाहो अनाधिकाल, तीजराराहजबसे संसार की रचना हुई। तभी से मनुष्यों के कल्याण के लिए वेदों के द्वारा भगवान ने मानव को धर्म का ज्ञान कराया। तेने ब्रह्म यअलाआजकभहमुजियलतिय सूर्या। तो वो जो धर्म है, आज उस धर्म की ग्लानी हो रही है। लोग भटक रहे हैं नाना प्रकार के पंथ और मत। हम सनातन धर्मियों को मार्ग से विचलित कर रहे हैं। और सब सनातन धर्मियों के पीछे बड़े दूसरों के पीछे बने। तब तो मार डाले। हम लोग उदार हैं। इसलिए उसका लाभ उठाने के लिए कई खड़े हो जाते हैं। अभी थोड़े समय पर साई खड़ा हो गया, वो हम लोगों के धर्म को बदलने लगे। तो धर्म के संबंध में कई लोगों की विपत्तियां हैं। 1 सज्जन कह रहे थे, शास्त्र भी अलग अलग हैं, ऋषि भी अलग अलग है। कोई 1 मनी नहीं है, जिसकी वचन का प्रमाण हो और धर्म से निहतमगायमहाजनथा। इस प्रकार धर्म को 1 संदिग्ध वस्तु बताने का लोग प्रयास कर रहे हैं। हम लोग कहते हैं हम अपनी तरफ से धर्म नहीं थोप रहे। भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना करते हैं कि रहो जिस धर्म की रक्षा के लिए आपने उतार लिया था। आप कहते हैं यदा यदा धर्म से। जब जब धर्म की ग्लानी होती है या धर्म बढ़ जाता है तो मैं उतार देता हूँ। तो जिस धर्म की रक्षा के लिए आप उतार लेते हैं, उस धर्म की जय हो। बस आप बदल दे। भगवान का ज्ञान तो कभी भ्रांत नहीं होगा। भगवान जो सोचेंगे वो सही सोचेंगे, कभी भगवान गलती नहीं कर सकते। तो वो जिस धर्म की रक्षा के लिए आधारित होते हैं, हम उनसे प्रार्थना करते हैं। धर्म की जय और अधर्म का नाश हो। यह हम नहीं कहते हैं कि अधर्मी का नाश हो, अधर्मी का अधर्म दूर हो जाए और उसका भी कल्याण हो। अधर्म मिल जाए। लश दर्शने जो जगह जगह अधर्म दिखाई पड़ रहा है, उसका नाश होना चाहिए। ये तो आप सब मानेंगे। आज आप अखबार उठा के देखिये, कहीं न कहीं महिलाओं के साथ उत्पीड़न हो रहा है। यह धर्म है कि नहीं है, ये सुनने को मिल रहा है। हम लोग भगवान से प्रार्थना है कि ऐसा अधर्म सुनने को न मिले, बरदमकरणेविश्मयमलिवा हमारे कान में मंगल बात सुनाई, पड़े अधर्म का नाश हो। ये 2 सूत्र हैं। यह श्रीमद भगवत गीता से ली है और 2 श्रीमद भागवत से लिए। वहाँ पर नरसिंह भगवान श्री श्रितदीपमें रहते हैं तो वहाँ भक्त राज प्रणाल रहते हैं। आज मै और वो भगवान से प्रार्थना करते हैं। स्स्सविशस्कलतीदक, ध्ायंतभूतानीिव, मितोदियामन्समत, धोक, आवेstannomdirid, स्वस्थ व, परराजी भगवान से प्रार्थना करते। विश्व स्वस्थ, अस्तु, विश्व का कल्याण, कल, प्रतिता और ध्यायन, भुतान शिवम मितौलिया सब प्राणी अपनी बुद्धि से। 1 दूसरे के कल्याण की बात सोचे माने विश्व का कल्याण। हम लोग यह नहीं कहते कि हिंदू का कल्याण और मुसलमान का नाश हो। हम चाहते हैं कि सबका कल्याण कोई संसार में युक्ति न रहे और दुखों कान तभी हो सकता है जब आधार मकान हो जाए। अधर्म का आचरण करते, कर करने करने पर दुखी होना ही पड़ता है और ये हम लोग अपनी शक्ति से न करके भगवान से प्रार्थना करते। इच्छित फल की प्राप्ति भगवान शिव की आराधना से होती है। इच्छित फल मनुष्यों मराजे लाइन को योग जब तो हम ये अभिमान न करें की हम धर्म की जय कर देंगे, धर्म का नाश कर देंगे, भगवान करेंगे और वो भगवान कौन है। हर हर महादेव, हर हर महादेव, भगवान शंकर क्योंकि शंकर ही गुरु है। गुरु म शंकर रूप नो। स्वामी को शिला जी कहते हैं। बंदे बोधमयमनत्यम गुरुम शंकर रूप नम। गुरु ही शंकर। भगवान श्री रामचंद्र जी ने 1 बार पुरवासियों को बनाकर, उनके सामने धर्म धर्म का उपदिश किया और धर्म को उपदिश करने के पश्चात ये बताया की उन्हें भी भक्ति सबके कल्याण कमाल है। लेकिन गुप्त मत मैं आपको बताता हूँ और 1 गुपत मत सवहिंकौवकरजोड शंकर बजनविनमतन भक्ति न पा। वह मूल ये मैं आज गुप्ता सुनाता हूँ। वो ये है कि शंकर भजन बिना नर भक्ति नपाभईमोललबिना भगवान शंकर के भजन के मेरी भक्ति नहीं हो सकती। का तो सब प्रसिद्ध है। भगवान शंकर और और लानी सब कुछ करेंगे गुप्त क्यों हा है। गुरु शंकर रूप पहले कह चुके हैं। बन्दे बोध माया गुरु शंकर रूप शंकर रूप शंकर। मन गुरु रूपी शंकर। तो गुरु जब होते आते हैं तो वो हमको अभियान के अंधकार से हटाकर ज्ञान का प्रकाश करते और वो संत महात्मा के रूप में आते है। करमासी महाराज का जन्म हुआ। उन्होंने अपने जीवन में पूरा जीवन धर्म के लिए समर्पि दिया और धर्म के लिए कार्य करते रहे। उन्होंने गोहत्या बंद कराने के लिए कई बार अनशन किए, कई बार आंदोलन किए उन्होंने जो हमारी समितियां हैं, हिंदुओं के साथ में उनका उल्लंघन करके दूसरा ही कानून हिंदुपुर के नाम पर मनाया जा रहा था, उसका उल्लग्रोध किया उन्होंने। रामजन्मभूमि के पास नाम संकीर्तन का प्रारंभ कराया। और उनका ये कहना था उनकी 1 संस्था बनी थी रामराज्य परिषद उसमें उन्होंने कहा था कि भाई हम हिंदू मुसलमान देश में मिलती रहे, अगर हमने मुसलमानों की मस्जिद छीनकर उसमें मंदिर बना लिया हो तो हम उनको लौटाने को तैयार है और वो अगर हमारे मंदिर में कब्जा किए उनको भी लौटा देना चाहिए जो परस्पर आदान प्रदान हो। यह बात उन्होंने उठाई कि हमारे जो मंदिर है जिनमे हम पूजा अर्सा पहले करते रहे हैं। मुस्लिम भाइयों को चाहिए कि वहाँ पर जो उन्होंने तोड़ फोड़ की है वो रोना बंद करें और वो संस्था जो हमारी हैं वो हम को लौट आये और हमने लिया है तो हम आप के धर्म के विरुद्ध नहीं हैं। आप अपना वहां आनंद से मस्जिद में खुदा की बात कीजिए। और सच बात है जब मुसलमानों का भारत में राज्य हो गया और मुसलमान सुलतानों ने यह कहा कि अब ये देश मुसलमानों का है अगर हिंदुओं को इसमें अपने धर्म का पालन करना है तो उनको जजिया कर देना चाहिए नहीं तो जो इस्लाम को नहीं माना जाता कुरान कहती है सिर कलम कर दिया जाए। तो जब आपके अंदर इतनी ताकत तो क्या जरूरत थी सुना जी के मंदिर में मजदूर बनाने, अब कहीं बना, अयोध्या में राम जन्म की जरुरत क्यों आया, क्यों आये। तो कहने का मतलब यह है कि उस समय जो अन्याय हुए हैं उन अन्यायों का समर्थन आज के मुस्लिम भाइयों को नहीं करना चाहिए। भाई के रूप में ही देश में हम सब हैं और अपने अपने विश्वास के अनुसार ईश्वर की राधना करें। और सबसे बड़ी बात यह है कि देश का सबसे बड़ा नुकसान जो हो रहा है वो गोहत्या से हो रहा है। गोहत्या जब तक होती रहेगी देश में मंगल नहीं हो सकेगा। जब तक गाय भयंकर रूप से काटी जाती है। कहते हैं गाय को कसाई खाने में ले जाकर उसके ऊपर बहुत गरम पानी डाला जाता है, जीते जी उसका चमड़ा खिल जाता है और उसके बाद कार के पीछे ही चमड़ा पहले निकाल लेते है। इस तरह से कराह कराह की गाय मर रही हो, उस देश में कैसे सुख और शांति आ सकती है। और इसी तरह से देश में अनेकों प्रकार के मत और बंद फैल गए हैं। अ पूजा यत्रिपुजजनतीपूजा नाम विमान था। तणितत्रप्रवर्तती दुर्व्। आज भारत गोमांस का सबसे बड़ा निर्यातक, यहाँ जो गाय कट रही है वह मुसलमानों के लिए निकल रही है। यह डायलर की निकल रही है। और इसका परिणाम क्या हुआ कि अपने देश में जो हम भोजन कर रहे हैं वो यूरिया की ने गाय के गोबर की खाद से बना हुआ अनाज शरीर के लिए लाभप्रद होता है। लेकिन वो तो गाय कट जाती है और उसका गोबर कहाँ से मिलेगा। तो यूरिया का रासायनिक खाद का उपयोग कर रहे हैं, कीटनाशक का प्रयोग कर रहे है, गोमुत्र से भी कीटों का नाश हो सकता है। तो ये सम्मान स्वामी कर। पाती जी देश के लोगों को सुझा रहे थे और उन्होंने आजन्म ये कार्य किया, लोगों को समझाने का प्रयास किया तो ऐसी स्थिति में उन्होंने अपने जीवन में जो संदेश दिया है, वो संदेश आज भी हमारे लिए आवश्यक है और उसी मार्ग से चलने पर देश का कल्याण हो सकता है। स्वामी करवात जी महाराज संस्कृत के ऐसे विद्वान थे कि कभी कोई उनको शरारत में पराजित नहीं कर सका। बैल बैल शाखा सम्मेलन में कई लोगों को वो आवाहन करते थे। डॉक्टर सम्पूर्ण नंद को हमारे सामने हो पराजित किया। राहुल शांकर चैन को बुलाया कि तुम बहुत ज्यादा सनातन धर्म के विरुद्ध बोलते हो, यहाँ आ जाओ, तुम्हारे रहने की, भोजन की सारी व्यवस्थाम करेंगे, साथ साथ करो, उसकी हिम्मत नहीं बढ़ी। रजनीश ने संभोग समाजी नाम की 1 पुस्तक निकाली। तो उसके खिलाफ कृपाजी ने कदम उठाई, उसका भी कोई उत्तर फिर दोबारा नहीं पाया। तो ऐसी प्रतिभा भगवान ने उनको दी थी और उन्होंने इसके सिवा और दूसरा कोई अपने स्वार्थ के लिए काम किया ही नहीं। तो ऐसे महापुरुष का आज हम लोग स्मरण करते हैं। बातें तो उनके संबंध में बहुत सी कही जा सकती हैं, लेकिन मुख्य बात यह है कि जो उन्होंने देश को मार्ग दिखाया था, बणासभथापरचंनभर मनुष् का हर प्रकार से कल्याण होता। अपने वर्ण, अपने आश्रम को समझे, हम और उसको समझ कर। उसके अनुसार जो शास्त्रों ने कर्तव्य बदलाये हैं, उन कर्तव्यों का विद्वत पालन करे। आज कल मनुष्य को बनाना, समान मान से मुक्त करके पशु जैसा बनाया जा रहा ह। ै पॉमर बनाया जा रहा है तो पॉमर, कुछ मानता नहीं है। तो उसको जो दिखता है तो करता है। लेकिन जो व्यक्ति अपने कुछ मानता है, उसकी सीमा रहती है और सीमा के भीतर ही वो रहता है। और समाज के लिए ऐसा ही व्यक्ति वर्दान होता है। तो इन सब बातों के संबंध में हम लोग भी यहां चर्चा करते ही रहते हैं। उनकी जयंती के माध्यम से करें तो वैसे भी कोई अवसर आता तो करते हैं। और स्वामी कर। पार्टी जी ये चाहते थे कि ये भारत की संगर्ष जारी है, उनको भारत में ही रहना चाहिए, विदेश यात्रा नहीं करना चाहिए। हम लोग गुजरात के हम शंकराचारी हैं। गुजरात में ऐसा कोई गांव नगर नहीं है जहाँ के गुजराती विदेश में लगा है। और कई ऐसे देश हैं जहाँ बहुत बड़ी संख्या में हिंदू लोग रहते हैं। अमरीका में मौत के लोग रहते हैं और बहुत पैसे वाले हैं। यहाँ का कोई साधारण साधु भी, नकरी भी चला जाए तो करोड़ रुपया ले के आ जाता है। हमसे लोग कहते हैं महाराज जी, आप अमेरिका कब आओगे? हम कहते हैं जब गंगा चली जाएगी तो आयेंगे। अरे। कोई तो ऐसा बच है जिसको देखने के लिए हुआ है। आज गंगा की क्या हालत है। आप देख रहे हैं नर्मदा की क्या हालत। देश की नदियों के जल को बिगाड़ दिया गया। आप देखिए, भारत के प्रधानमंत्री मोदी जापान के प्रधानमंत्री को काशी का दर्शन कर रहे थे। टेलिविजन में हमलोग देख रहे थे, लेकिन जहां गंदी नालियों का पानी गंगा में जाता है, उस जगह पर डाल दिया गया था। कम से कम हो तो देखना चाहिए। तो गंगा की धारा तब निर्माण होगी, जब गंगा अपने उद्गम स्थान से अनवरत बहती हुई आई। जो प्रस्तावित मान है, वो निरस्त होंगे। और जो शहरों का गंदा पानी डाला जाना रहा है, डाला जा रहा है, गंगा में, वह पूर्ण रूप से बंद है। तब गंगा स्वच्छ होगी, गंगा स्वच्छ होगी तो आस पास के कुएं और तालाब सच होंगे। अब ये लोग सोचते नहीं है। विकास, विकास की बात करते हैं। आप बताइए हम लोग जिस कंपनी में या फॉर्म में बैठे हैं, यहाँ पर बिजली भी है, राउडडफयूगर भी है और एयर कंडीशन भी है। सब कुछ हीहासपलगभीबिछा दिया जाए और खाने को न दिया जाए, पानी गंदा दिया जाए। अगर आप सुखी रहेंगे तो आपने हमारा आन बिगाड़ दिया, हमारा पानी बिगाड़ दिया और कहेंगे हम विकास करेंगे। तो ये विकास नहीं है, ये विनाश है। विकास उसको कहते हैं जिससे कि मनुष्य का जीवन स्वस्थ हो, उसकी बुद्धि स्वस्थ हो, वो धर्म मार्ग में चले और जो हमारे व्यवस्थान हैं, उुनव्यवस्थानों को कितोरफोड़न की जाए और उन पर सरकारी कब्जा न। हर जगह देखिये। हिंदुकी मस्जिद में हिम्मत नहीं पड़ती है, चर्च में नहीं पड़ती है। जहां हिंदुओं के मंदिर में पैसा आना शुरू हुआ। सरकार किसी को ठान देती है और फिर मनमाना करता है। भगवान की सेवा, पूजा खत्म हो जाती है, वो 1 आम आमदनी का जरिया बन जाता है। तो ये जो भावना है आध्यात्मिकता की वो उन्होंने हम लोगों को सगाई और इसलिए हम लोग साहित्य है। इसी रास्ते पर देश चले और उनका कल्याण हो। इतना ही कि अगर आज का प्रयोजन पूर्ण करते हैं। धर्म की अधर्म का, प्राणियों में विश्व का, गोमाता की गो हत्या, हर हर महान।
More from swami

#हैदराबाद_में_दुष्कर्म की घटना को लेकर बोले जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज

#अमृत_वचन पूज्य शंकराचार्य जी महाराज ने सभी भक्तों को ग्राम गुंगवार में दिया धर्म संदेश जिला सिवनी

पूज्य शंकराचार्य महाराज ने कहा कि #सरकारी_पैसे से नहीं बनेगा राम मंदिर #साधु_संतों_के_और_राम_भक्तो_क

पूज्य शंकराचार्य जी महाराज ने कहा पहले राम भक्त मिलकर छोटा #स्वर्ण_मंदिर_बनाकर_भगवान_राम_को_स्थापित

७०वर्षों से ग्राम नगवार में नोका विहार का आयोजन #निषाद_राज_परिवार_के लोगों द्वारा किया जाता है जि

७०वर्षों से ग्राम नगवार में नोका विहार का आयोजन #निषाद_राज_परिवार_के लोगों द्वारा किया जाता है जि

पूज्य शंकराचार्य जी महाराज ने ANI से बात करतेहुए कहा #अयोध्या__में_बालक_राम का ही मंदिर बने आदर्श र

पूज्य शंकराचार्य जी महाराज ने कहा आदर्श राम का नहीं बालक राम का मंदिर बनना चाहिए अयोध्या में

पूज्य शंकराचार्य जी महाराज ने #अयोध्या_मामले को लेकर पहली प्रतिक्रिया दी #सुप्रीम_कोर्ट का आदेश सुनन

