A Hindi sermon/message by Swami Swaroopananda Saraswathi Shankaracharya (delivered Aug 24, 2019) celebrating Janmashtami and praising Lord Krishna. The speaker describes Krishna as the supreme brahman, protector of brahmins and the world, and recounts an anecdote of Krishna walking barefoot while herding cows. The talk urges protection of brahminical duties and Sanātana Dharma and offers salutations on the occasion of Janmashtami.
Chapters
नमो कृष्ण गुनगान बताया गया है। भगवान श्री कृष्ण परमात्मा ब्राह्मण देव ब्राह्मणों के परम, भक्त और रक्षक है तो ब्राह्मणों के साथ साथ वे समस्त बरणाश्मीजगत को कल्याण करने के लिए उतीर्ण हुए है। गुरु ब्राह्मण हित था। गुरु और ब्राह्मणों का उन्होंने वतार लेकर रक्षण किया, ब्राह्मणों की रक्षा की और गुरु को सम ही बल में ले जाकर चलाया। जब भगवान श्री कृष्ण गो चारण के लिए निकलने लगे तो माता या सुधा ने उनको पादत्रण पहनने की इच्छा प्रकट कर। भगवान श्री कृष्ण ने कहा की मेरी इष्ट देवता जब बिना पाद तरण के बन में जा रही है तो मैं कैसे पादत्रण पहन सकता हूँ। इसलिए भगवान नंगे पैर गुगों के पीछे पीछे चले। यह धरती का सबसे बड़ा सौभाग्य था। उसको भगवान श्री कृष्ण के निरावरण चरण कमल के स्पर्ष का सौभाग्य बेटा कहते हैं। 4 पशु सुंदर त्रणांक जब आप लोगों को चलाने के लिए ब्रज से चलते हैं तो नंगे पैर चलते हैं। हमें इस बात का भय लगता है की वन के आदि से आपके चरणों में कोई चोट न लग जाए। ऐसे भगवान श्रीकृष्ण ने गुरचरण की आज उनकी आवश्यकता है। आज भारत की बणासव्यवस्थासंकपन है। गरमाता की रक्षा भी बहुत आवश्यक है। इसलिए भगवान श्री कृपा करे और भारत में पुनः आकर। 2 ता के दुख को दूर करें और सनातन धर्म की रक्षा पुनः करें। जिससे कि विश्व का कल्याण आज जमाष्टमी परम पवित्र अवसर है। श्री कृष्ण कोई मनुष्य नहीं है, जो समस्त जगत का निष्ठा परब्रहम परमात्मा है। उसी ने ही नर की आकृति करण कर ली। नराकृति के रूप में साक्षात परब्रह्म हैं और उनमें समस्त सौंदर्यों का समावेश है। जिनके स्मरण मात्र से मनुष्य के मन के सारे, दोष, मनुष्य के मन की, जो संसार के सम्बन्ध में आवश्यक दूर होती है। ऐसा श्री विग्रह धारण करके जिन्होंने विश्व का कल्याण किया है। आज के दिन उनके अवतार के अवसर पर मन को बारबार नमस्कार करते हैं।