अक्षय तृतीया - पूजा, विधि और महत्व | Akshay tritiya Vastu Tips by Vaishali Gupta

YouTube video by Vaishali Gupta explaining the significance, rituals, Vastu tips and home remedies for Akshay Tritiya (noting this year’s date mentioned as May 14). Covers religious background (association with Lord Parshuram, the end of Mahabharata, start of Treta/Satya yuga), astrological note that Sun and Moon are exalted on this day, and practical guidance: purification bath with Ganga water, east-facing puja to Lakshmi/Kubera/Parshuram/Vishnu, offerings (khir, sattu), mantra recitation (Shri Suktam, Lakshmi sahasranama, 108 recitations), buying gold or new jewelry, Vastu remedies (running water fountain or kalash in north), vows/sankalp, charity (rice, jaggery/gud), and auspicious marks (saffron/turmeric) on safe/door.
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नमस्कार मैं हूँ वास्तु कंसल्टनएनस्ट्रोलेज डॉक्टर वैशाली गुप्ता। आज का मैं अपना एपिसोड लेकर आई हूँ आप सभी के लिए अक्षय तृतिया के बारे में। जी हां 14 मई को इस साल जो है वो अक्षय तृतिया पढ़ रही है और हम सब जानना चाहते हैं टिम वास्तु के अनुसार क्या करें, पूजन विधि कैसे करें जिससे कि इस दिन हमारे घर में सुख, समृद्धि, धन, धान्य, हेल्थ, वेल्थ, प्रोस्पेरिटी सब कुछ आए। तो इस सब मैं आपको अपने इस वीडियो में बताने वाली हूँ। मैं आपको बताऊंगी क्या है इम्पोर्ट सक्षेत्रतिया की साथ ही मैं आपको बताउंगी कि कैसे अपने घर में बैठे बैठे आराम से पूजन विधि कर सकते हैं। साथ ही मैं कुछ और आपको उपाय रेमिडीज बताउंगी जो की आप आज के दिन कर सकते हैं। अक्षय त्रितिया ये जो दिन है अपने नाम से ही दर्शाता है की ये बहुत ही शुभ, बहुत ही स्पेशियस दिन है अक्षय यानि की जिसका शयन हो, जिसका नाश न हो, जिसका विनाश न हो। इसे गर्मी की धनतेरस भी कहा जाता है और ऐसा कहा जाता है कि आज के दिन अगर हम पूजा करते हैं, मंत्र करते हैं, जॉब करते हैं, व्रत करते हैं तो इसका असर हमारे जीवन में हजार गुना हो के वापस आता है और साथ ही वो चीज जो हम मांगते हैं उसका हमारे जीवन में कभी भी शेयर नहीं होता इसीलिए इसे कहा जाता है अक्षय तृतिया। अक्षय तृतिया के दिन जो है वो परशुराम जी की भगवान परशुराम की तिथि भी मानी जाती है और उनका भी पूजन किया जाता है साथ में यह भी कहा जाता है कि अक्षय तृतिया के दिन ही महाभारत का युद्ध समाप्त हुआ था और अक्षय तृतिया के दिन को माना जाता है त्रेता और सत्व युग के बिगनिंग का दिन यानि की प्रारंभ का दिन। अक्षय तृतिया के दिन स्वयं सिद्ध योग होता है यानि कि अक्षय तृतिया का दिन 1 ऐसा दिन होता है पूरे साल में दिन पूरे दिन शुभ मुहूर्त होता है आप पूरे दिन कोई भी मांगलिक कार्य कर सकते हैं। यू कैन डू एनी ऑस्फिशल्सएक्टिविटी। आज के दिन कई लोग जो है वो वाहन खरीदते हैं, कुछ लोग जो है वो आज के दिन नया घर लेते हैं और अक्सर जो सभी लोग करते हैं वो सोने का कोई सामान लेते हैं, कोई चांदी का सामान भी लेता है, कोई अपनी क्षमता के अनुसार बर्तन वगैरह भी लेता है। और आज ही के दिन कहा जाता है कि आपको अगर अपने ऑफिस की ओपनिंग करनी है या कोई नया भी बिजनेस प्रोजेक्ट आपको शुरू करना है तो अक्षय तृतिया का दिन सबसे अच्छा है। आज के दिन हमें कोई पंचाम देखने की जरुरत नहीं है क्योंकि पूरे दिन जो है आज वो सिद्ध योग होता है और हमारी हर मनोकामना पूर्ण होती अक्षय तृतिया के 1 और एस्ट्रोलॉजिकल इम्पोटेंस जो है वो मैं आपको बताती हूँ। आज के दिन चंद्रमा और सूर्य दोनों उच्च के होते हैं। सन मून बोहार एग्जाल्टेड। ऐसा साल में 1 ही बार होता है जब सूर्य और चंद्रमा दोनों एग्जाइटेड होते है। सूर्य हमारी आत्मा यानि की हमारे सोल को डिनोट करता है और मून हमारे माइंड को रूल करता है। इसलिए आज का दिन बहुत ही इम्पोर्टेंट है और ऐसा कहा जाता है कि आज हमें इस दिन यानि कि अक्षय तृतिया के दिन हमें सूर्य जल देकर सूर्य भगवान से प्रार्थना करनी चाहिए। साथ ही चंद्रमा को प्रसन्न करने के लिए आज के दिन खीर भी बनाई जाती है। और अब मैं आपको बताऊंगी कि अक्षय तृतिया के दिन आपको पूजन कैसे करना है? बहुत ही सिंपल तरीके से मैं आपको बताऊंगी क्योंकि अभी और ये हमारे लिए संभव नहीं है कि हम कुछ बहुत ही लैबरेट रूप से पूजा करें तो आप ऐसा करें कि सुबह सबसे पहले सोके उठे और जब आप स्नान करें तो क्योंकि हम किसी गंगा या किसी पवित्र नदी में स्थान तो कर नहीं सकते इसलिए अपने नहाने के जल में थोड़ा सा गंगा जल मिला लीजिए उससे आप अच्छे से नहा लें स्नान कर दे। उसके बाद आप अपने पूजा घर में पूजा के लिए बैठे ईस्ट की फेसिंग में आप जो हैं माँ लक्ष्मी की, भगवान कुबेर की, भगवान परशुराम जी की और विष्णु भगवान जी की पूजा करें। ऐसा कहा जाता है कि लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के लिए अगर आपके मंदिर में कोई शंख रखा है तो उस शंख क का भी टीका करे। साथ ही मां लक्ष्मी को गुलाब का फूल भी चढ़ा सकते हैं। ऐसा भी कहा जाता है कि आज के दिन मां की पूजा में तुलसी को जरूर शामिल करें। ऐसा करने के बाद अच्छे से पूजन करें आरती करें। ऐसा करने के बाद आप भोग लगाए क्योंकि आज चंद्रमा का जो है, एग्जॉल्टेशन का डे होता है इसलिए आप खीर का भोग लगाए और वैसे भी मां लक्ष्मी को खीर बहुत पसंद है साथ ही आप सत्तू का भोग भी लगा सकते हैं। बाद में आप इन खीर को और सत्तू को जिस भी फॉर्म में आपने भोग में लगाया है आप उसे ग्रहण कर सकते हैं। 1 और चीज जो मां लक्ष्मी को बहुत प्रिय है और क्यूंकि शुक्रवार का दिन भी पड़ रहा है हम फटिक की माला से मां लक्ष्मी के बीज मंत्र का जाप करें। आप चाहें तो श्री सूक्तम का पाठ पढ़ सकते हैं, कनक धारा जो हैं वो स्रोत पढ़ सकते हैं, आप मां लक्ष्मी के सहस्रनाम का जाप कर सकते हैं, 100 8 बार मां लक्ष्मी के नाम का जॉब कर सकते हैं अपनी सुविधा के अनुसार अपने समय के अनुसार जितना आप करना चाहें उतना आप कर सकते हैं। तो ये तो थी की हमें अक्षय तृतिया के दिन पूजन विधि क्या करनी है। अब मैं आपको बताऊंगी 1 बहुत ही स्पेशल वास्तु टेप 1 ऐसा वास्तु उपाय जो की आप आज के दिन कर सकते है। अक्षय तृतिया जो है वो धन, धन, सुख, समृद्धि और आते हुए पैसे का दिन है, यह धन का दिन है, माँ लक्ष्मी का दिन है, भगवान कुबेर का दिन है और वास्तु शास्त्र में जो वेल्थ है, जो मनी है, जो आता हुआ धन है, वो वाटर एलिमेंट से डिनोट होता है। तो अगर आज के दिन आप अपने घर के नॉर्थ कार्नर में रनिंग वाटर फाउंटेन ऐड करते हैं तो वो भी वास्तु के अनुसार 1 बहुत बढ़िया उपाय होता है। अगर आप जो है वो बाहर जाकर के वाटर फाउंटेन नहीं लेके आ सकते तो कोई बात नहीं आप संकल्प बना करके ऑनलाइन भी उसको ऑर्डर कर सकते हैं। साथ ही अगर आप वॉटर फाउंटेन नहीं अरेंज कर सकते तो अपने मंदिर के नॉर्थ कॉर्नर में आप 1 कलश 1 लोटा स्थापित करें, 1 लोटा लें, उसके अंदर जल डालें, उसमें अक्षर डालें, थोड़ी सी हल्दी डालें, तुलसी के पत्ते डालें और उसको ढक के रख दे। बाद में आप इस जल को अपने घर में छिड़क सकते हैं। और जैसा कि कहा जाता है कि अक्षय तृतिया के दिन हमें कुछ सोने का सामान खरीदना चाहिए। अगर आप सोने का जो समान है वो नहीं खरीद सकते, हम जैसे हालात हैं हम अभी किसे जोयलरशौपपेभी नहीं जा सकते तो आप ऑनलाइन भी ऑर्डर कर सकते हैं। ऐसा भी करते हैं तो भी मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है क्योंकि जैसे हालात हैं उसी के हिसाब से हमको रिजुअल्स निभाने पड़ते हैं। 1 और चीज जो आप कर सकते हैं। अगर आपने हाल फिलहाल में कोई नया गहना खरीदा हो, कोई नई जुएलरी खरीदी हो तो उसको निकाल करके उसका पूजन भी आप कर सकते हैं। यह भी शुभ माना जाएगा। एंड अक्शेततियाकेदिन इट वेरी नाइस रेमिडी टू अगर मान लीजिए कि अक्षय तृतिया के दिन आप कोई खास काम करना चाहते थे, अपने ऑफिस में कोई नया प्रोजेक्ट स्टार्ट करना चाहते थे, किसी नई दुकान की ओपनिंग करना चाहते थे, या कोई और विशेष कार्य करना चाहते थे। लेकिन आप पैंटुमिक की वजह से अगर आप वो नहीं कर पा रहे हैं तो आज के दिन उस कार्य का संकल्प ले ले, उस कार्य का इंटेंशन अपने मन में बना लें और उस संकल्प को लेकर के उस इच्छा को लेकर के आप उसे महालक्ष्मी के चरणों में समर्पित कर दे। और बोले कि माँ आप ऐसा समझे कि ये जो हमने संकल्प लिया है इसको हम फ्यूचर में अच्छे से जो है वो संपन्न कर पाए वो संकल्प ले करके और आप मान लक्ष्मी को उसको ऑफर कर दे। ऐसा भाव बना के कि जैसे आपने वो कार्य प्रारंभ कर ही दिया। और 1 और बहुत इंपॉर्टेंट चीज जैसा कि मैंने आपको बताया कि अक्षय तृतिया के दिन किया गया कुछ भी कार्य कुछ भी मंगल मंगल मांगलिक कार्य हजार, गुना पुण्य लेकर हमारे जीवन में वापस आता है। इट कम्स बैक थाउजेंड। फोर्स। तो जहाँ पर भौतिक रूप से धन की हमारे जीवन में आवश्यकता होती है वैसे ही प्रसन्नता और पीस ऑफ माइंड का धन ऐसा है जो की आज के समय में हम सभी को चाहिए। तो आज के दिन यानि कि अक्षय तृतिया के दिन प्रसन्न रहे अपने मन को शांत रखे। अगर आज के दिन आप ये सब करेंगे तो ये आपके जीवन में कभी भी शय नहीं होगा इसका कभी भी नाश आपके जीवन में नहीं होगा। और अगर आप प्रसन्न रहते हैं, पॉजिटिव रहते हैं, किसी की बुराई नहीं करते, दान करते हैं और मंगल सोचते हैं तो यही जो संकल्प है यह आपके जीवन में हजार गुना होकर वापस आएगा तो इस बात का ध्यान रखें साथ ही क्योंकि अक्षय तृतिया के दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों एग्जार्टिड होते हैं तो आज के दिन नाडी शोधन प्रणम भी करना चाहिए क्योंकि ये सूर्य नाडी और चंद्रनाड़ी दोनों को एक्टिवेट करता है और साथ ही आप दूसरे तरह के प्राणाम भी करे साधना भी करें और अपने मन को प्रसन्न और पॉजिटिव रखे जिससे यही आपके जीवन में हजार गुना हो के वापस आए और इस खुशी का, इस जॉय का जो शय है, जो नाश है वो कभी भी आपके जीवन में न हो और जैसा कि मैंने पहले भी कहा कि आज के दिन पूजा मंत्र जहां आप साधना के अलावा व्रत और दान का भी बहुत महत्व है अगर आप आज के दिन व्रत रखते हैं तो उससे भी मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है और साथ ही साथ आज किसी नीली को कुछ न कुछ डोनेशन जरूर दें कुछ न कुछ दान जरूर करें आप चाहे तो पक्षियों के लिए चावल भी रख सकते हैं आप चाहें तो किसी जरुरत मंद तक चावल भी पहुंचा सकते हैं और साथ ही क्योंकि आज सन के एग्जोल्टेशन का डे है तो आप थोड़ी सी जागरी यानि की गुड भी डोनेट कर सकते यह दान करने से इसका जो पुण्य है वो आपके जीवन में लौट कर आएगा और जाते जाते 1 आखिरी वास्तव टिप में आपको और बता दूं कि आज के दिन इस बात का जरूर ध्यान रखे की आप केसर और हल्दी को मिला कर के अपनी तिजोरी पर स्वास्थ्य का साइन बनाएं साथ ही अपने घर के महाद्वार पर भी स्वास्थ्य का साइन केसर और हल्दी दोनों माँ लक्ष्मी को प्रिय है अगर आप केसर का इंतजाम नहीं कर सकते तो आप केवल हल्दी का घोल बनाकर भी अपने महाद्वार स्वास्थ्य बना सकते हैं महालक्ष्मी का आगमन जो है वो हमारे महाद्वार से ही होता है इसलिए वहाँ पर स्वास्थ्य बनाना बहुत जरूरी है तो ये मैंने आज आपको बताया क्षे तृतिया के बारे में कि क्या है कृत्या का महत्व कैसे करे अपने घर बैठे सिम्पल अक्षय तृतिया की पूजा कौन से वास्तु टिप सप्लाई करे और कैसे सिम्पल रेमिडीज करें जिनको की आप घर बैठकर कर सकते हैं तो आप इसे अक्षय तृतिया के दिन जरूर कीजिएगा और इनका फल आपके जीवन में जरूर आएगा तब तक प्रसन्न रहे और आपके लिये अक्षय तृतिया के दिन बहुत ही शुभ हो। थैंक यू फॉर लिस्टनिंग टु मी एंड आइल सी यू अगेन नमस्कार।










