Astrological Reasons For Depression | By Dr. Vaishali Gupta, Astrologer

A Hindi-language YouTube talk by Dr. Vaishali Gupta explaining astrological causes of depression and practical remedies. The speaker links mental-health issues primarily to Moon and Saturn placements and combinations in the natal chart (6th and 8th houses, debilitated Moon, Moon–Saturn contact, Rahu combinations) and suggests devotional and meditative remedies (water offerings to Moon, Om Namah Shivaya japa, full-moon meditation, lifestyle and service to please Saturn).
Chapters
नमस्कार मैं एस्टालेजडंवास्तु कंसल्टनडॉक्टरवैशाली होता इस समय हम लोग सभी लॉकडाउन में है और हम में से कुछ लोगों को लो, फीलिंग या फिर डिप्रेसिव टेंडेंसी हो सकती है। आपने देखा होगा कि कुछ लोगों के अंदर डिप्रेशन की टेंडेंसी बाकी लोगों से ज्यादा होती है। दे हैव हाइयर टेंडेंसी और गैटिंग डिप्रेस और फीलिंग लोग वाइट ऑफ डिप्रेशन जो है ये लाल्जडीहमारेहारस्कोप से और हमारे प्लानेट पी कॉम्बिनेशन से प्लानेटरी पोजिशन से गवर्न होता है। कुछ लोगों की पत्री में कुछ ऐसे ग्रहों की प्लेसमेंट होती है, कुछ ऐसे निगेटिव प्लानेट होते हैं, कुछ ऐसे कॉम्बिनेशन होते हैं जिसकी वजह से उनके अंदर डिप्रेशन की प्रॉब्लम आ जाती है। हालांकि डिप्रेशन 1 बहुत ही वास सब्जेक्ट है लेकिन आज मैं अपने इस वीडियो के माध्यम से आपको बताना चाहूंगी कि जनरल जो है वो डिप्रेशन के काजे हॉरस्कोप में क्या होते हैं और कैसे हम कुछ उपाय करके जो है इस प्रॉब्लम से निजात पा सकते हैं। अगर हम स्ट्रॉलिजी में अपने हॉरस्कोप की बात करें तो उसमें जो छटा और आठवां घर है वो डिजीजस को रूल करता है फिजिकल मेंटल एलिमेंट्स, देर, ऑल, रूट, बाय, द, सिक्स, टी, एट, थाउसऑफऑहरसकोप जो छठा घर होता है वो हमारे इस जीवन में हमारे लाइफ स्टाइल की गड़बड़ की वजह से जो बीमारियां होती हैं वो उनके बारे में बात करता है अगर हम अभी इस जन्म में कोई लाइफस्टाइल की हमारे कुछ प्रॉब्लम है कुछ हम अपनी हेल्थ का ढंग से ध्यान नहीं दे रहे हैं या फिर हम एक्सरसाइज नहीं करते हैं या खाने में हमसे कोई छोटी होती है हम केयरलेस होते हैं तो उसकी वजह से जो लाइफस्टाइल डिजीज आती हैं वे आर, जेंटली, रूल्ड, बाई, द, सिक्स, थाउस। लेकिन आठवां घर जो होता है वो हमारी कार्मिक डिजीजिज का होता है वो जंगली वो बीमारियां होती है जो की किसी कर्म के प्रभाव में आके हमको जो हमें उन्हें भुगतना पड़ता है तो जिस प्रकार से छटा और आठवां घर जो है वो आपकी फिजिकल मेंटल हेल्थ को डिनोट करता है वैसे भी कुछ प्लैनेट्स हैं जो कि हमारी हेल्थ के लिए रेस्पांसिबल है। आज हम अपने इस वीडियो में बात कर रहे हैं डिप्रेशन के बारे में विच इज क्लियरली मेंटल हेल्थ तो हमारी मेंटल हेल्थ को जो प्लानेट सबसे इमपोर्टंट प्लानेट जो रूल करता है वो है चंद्रमा यानि की मूल मूल वो प्लानेट है जो की हमारे माइंड को रूल करता है और माइंड गवर्न बई, मूव एंड ये तो हम सब लोग जानते हैं कि डिप्रेशन जो है वो माइंड रिलेटेड प्रॉब्लम है जो चंद्रमा है उसका असर इतना प्रबल होता है कि सागर में भी लहरें उठाने की ताकत चंद्रमा के अंदर होती है और हम सब जानते हैं कि हमारे शरीर में भी 70 प्रतिशत पानी है जल तत्व है। तो अब सोचिए कि चंद्रमा का असर जो है वो हमारे शरीर के जल तत्व पर कितना पड़ता हो। तो जिन लोगों की पत्री में उनका चंद्रमा वीक है उनके जल तत्व पर चंद्रमा का असर जो है वो नेगेटिविटी पड़ता है और डिप्रेशन एंड फीलिंग लो अब साथ एंग्जाइट ये टेंडेंसीज उनके अंदर आ सकती है। अब जब हम कहते हैं कि आपका चंद्रमा आपकी कुंडली में कमजोर है तो इसको समझते हैं कि चन्द्रमा किन कारणों से जो है वो कुंडली में कमजोर हो जाता है। कभी कभी ऐसा होता है कि चंद्रमा की जो डिग्रीज होती है वो बहुत ही लोग होते है। बहुत ही लो डिग्री का चंद्रमा होता है जिसकी वजह से चंद्रमा की पावर बहुत कम होती ह। कई बार ऐसा होता है कि चंद्रमा किसी ऐसे घर में बैठ जाता है से मैलिफिकहाउस में बैठ जाता है जैसे 68 और 12 जो घर हैं स्ट्रॉलेजीमें उनको मैलेफिक हाउसेज कहा जाता है। कभी कभी चन्द्रमा का जो नक्षत्र है वो नेगेटिव होता है। कभी चन्द्रमा की युति किसी नेगेटिव प्लानेट के साथ हो जाती है। कभी ऐसा भी होता है कि चंद्रमा ऐसे प्लेस होता है और उसको में कि वो 2 नेगेटिव प्लानेट के बीच में हैम हो जाता है। मान लीजिये कि चंद्रमा के जिस घर में बैठा है और से 1 घर पहले राहु बैठा है और दूसरे घर में जो है वो मंगल बैठा है। तो चंद्रमा जो है वो 2 नेगेटिव प्लानेट के बीच में हम हो जाता है और उस केस में भी चंद्रमा का दुष्प्रभाव है वो हमारे जीवन पर पड़ने लगता है। तो चन्द्रमा 1 जो मेन प्लैनेट है जो डिसाइड करता है कि हमें डिप्रेसिव टेंडेंसी होंगी और होंगी तो वो कितने इंटेंसिटी में होंगे ये मूंग डिसाइड करता है। 1 और पैलेट जो कि चंद्रमा के साथ साथ डिप्रेशन को लाने में बड़ा रोल प्ले करता है वो है सैटल यानी कि शनी। शनि और चन्द्रमा के अगर कुछ एडवर्ड्स कॉम्बिनेशन आपके पत्री में हो जाते हैं तो आपको डिप्रेशन की प्रॉब्लम हो सकती है यह समस्या आपके अंदर घर कर सकती है अब इसमें सैटर्न और मूल की जो है वो युक्ति भी हो सकती है। किसी घर में चंद्रमा और शनि अगर 1 साथ किसी नेगेटिव प्लानेट में बैठ जाए और नेगेटिव हाउस में बैठ जाए तो भी वो डिप्रेशन कॉल कर सकते हैं। यही नहीं अगर सैटर्न चंद्रमा के नजदीक भी होता है उसके किसी आस पास के घर में होता है तो भी शनि का प्रभाव जो है वो चंद्रमा के ऊपर पड़ता है। अगर शनि का नेगेटिव आस्पेक्ट यानि कि उसकी दृष्टि भी अगर चंद्रमा पर पड़ जाए तो भी जो है वो पर्सन के अंदर नेगेटिव टेंडेंसीज डिप्रेशन के टेंडेंसीज आ सकती है। मून बेसिकली हमारा माइंड है जो भी हमारी ड्रीमिंग टेंडेंसीज होती हैं जो हम डे ड्रीम करते हैं वो सब हमारे इमेजिनेशन मोम से रूल होते हैं और जो सैटल है वो हमारे को रियलिटी चेक देता है वो हमको वास्तविक जीवन में ले जाता है और जैसे ही सैटल का असर जो है वो मून पे पर पड़ता है। आस्पेक्ट पड़ता है या कंजम्शन में दोनों प्लानेट साथ में आते हैं या दोनों की प्लेसमेंट बहुत नजदीक होती है। सैटन जो वो हार्ड हिटिंग रिएलिटी देने लगता है कम आउट ऑफ और उसकी वजह से जो है वो डिप्रेसिव टेंडेंसीज कॉल मिलती है तो आज मैंने आपको बताया कि जो 2 में प्लैनेट्स हैं जो की डिप्रेशन हमारी लाइफ में लेके आते हैं वो है मूव एंड सेटन एंड स्पेशली, दर, कॉम्बिने दे, बिंग, टुगेदर, इन नेगेटिव, हाउस, साटन, आस्पेक्ट िंग, द मून, सैटन सिटिंग, तो क्लोज टू, द मून और बोट टुगेदर इन सम। हाउस ये सब जो है ये सारे कॉम्बिनेशंस ये दोनों प्लानेट मिलकर के डिप्रेसिव टेंडेंसीज हमारे अंदर यूज कर सकते हैं। ऐसा भी कहा जाता है। कई लोग बोलते हैं कि आपने सुना हो कि राहु भी जो है वो डिप्रेसिव टेंडेंसीज का कारण होता है बट राहु। अगर हम देखे तो इट स द प्लेनेट ऑफ इम्पेल्सिवनेस एंड इल्यूजन। तो राहु और मून का कभी कभी कॉम्बिनेशन होता है तो वो बाईपोलर जैसे प्रॉब्लम्स या फिर कोई इल्यूजंस। इस तरह की जो है वो चीजे ज्यादा लेकर आता है लेकिन आम तौर पर जो डिप्रेशन की प्रॉब्लम है वो सेटल और मून से ही गवर्न होती है। तो आइए अब जानते हैं की अगर आपकी पत्री में कोई ऐसा जो है वो प्लानेट का इफेक्ट है, कोई मून या साटन का कॉम्बिनेशन है जिसकी वजह से आपके अंदर डिप्रेसिव टेंडेंसीज आ रही है तो आप क्या ऐसे जेंटल उपाय कर सकते हैं जिससे की इस प्रॉब्लम में आपको राहत मिले। सबसे पहले और सबसे जो 1 बहुत ही कारगर उपाय हो सकता है वो ये है कि जैसे हम सूर्य को जल चढ़ाते हैं वैसे ही हम शाम के टाइम चंद्रोदय के बाद जो है वो हम चंद्रमा को जल चढ़ाएं अगर चंद्रमा को जल चढाते हैं आप और अपने मन में 8 से 10 बार या 11 बार ओन नंबर शिवाय का जॉब करते हैं तो चंद्रमा की जो पॉजिटिव किरणे हैं वो आपके ऊपर पड़ती है और पत्री में उसका निगेटिव इफेक्ट जो है वो कम होने लगता है। ओन नंबर शिवाय का जाप इसलिए करते हैं क्योंकि शिव जी जो हैं वो सोमवार के दिन उनकी पूजा की जाती है एंड मनडे जो है वो मूल प्लानेट से बिनू होता है। तो अगर हम शिव जी की जो है मंत्र का जवाब करते हुए चंद्रमा को जल चढ़ाते हैं तो हमारी डिप्रेसिव टेंडेंसीज जो है वो कम होने लगती है। 1 और चीज जो आप कर सकते हैं अपने चंद्रमा को शांत करने के लिए वो ये है कि आप दूध में अपना प्रतिबिंब देखकर, अपने आप को देख कर के जब आप वो जल ओम वो जो दूध है वो ओम नम के साथ अगर आप शिव लिंग पर चढ़ाते हैं तो भी जो है वो 1 बहुत ही महा उपाय होता है डिप्रेशन से अपने आप को फ्री करने का अनदर थिंग दैट यू कैन डू, डू, पैसिफाई और चंद्रमा इस मून मेडिटेशन ऐसा कहा जाता है कि जिस दिन पूर्णिमा होती है या जिस दिन अमावस्या होती है, जिस दिन फुल मून होता है या नो मून लाइट होती है उस से चंद्रमा का असर हमारे जल तत्व पर और ज्यादा पड़ता है और स्पेशली जिनका जो मून है वो पत्री में अगर डेबिलेटेशन में होता है या भीख होता है नीच का होता है तो उनके जीवन में जो है पूर्णिमा और अमावस्या के दिन चंद्रमा का प्रभाव और ज्यादा पड़ने लगता है तो अगर पूर्णिमा के दिन आप चंद्रमा की किरणों के नीचे बैठ कर उसकी शीतल किरणों के नीचे बैठकर मेडिटेशन करते हैं तो यह भी 1 बहुत बड़ा उपाय है अपने चंद्रमा को अपने पत्र में सही करने बहुत सारे जो फुल मून पूर्णिमा के मेडिटेशन हैं वो यू ट्यूब पर भी अवेलेबल है आप उनको लगाकर बैठ सकते हैं या फिर अगर आपको मेडिटेशन करना आता है तो आप अपने घर के बालकनी में बैठे चंद्रमा की शीतल किरणों के नीचे बैठे बैठकर मेडिटेशन करें अगर आप मेडिटेशन नहीं जानते तो 100 8 बार नमशिवाय का जॉब करें अगर ऐसा भी आप करते हैं तो आपका जो चंद्रमा है वो मजबूत होता है आइये बात करते है सैटर्न की अभी मैंने आपको बताया कि चंद्रमा और शनी दोनों जो प्लैनेट्स हैं वो डिप्रेशन के कारक होते हैं और उनके कुछ एडवर्स कॉम्बिनेशन से डिप्रेशन होता है हम शनी को भी अगर प्लीज करें तो भी हमारे जीवन में जो है इस प्रॉब्लम को लेकर 1 पॉजिटिव इफेक्ट आ सकता है शनी हम सब लोग जानते हैं कि शनी प्लीज होते हैं अगर आप सेवा करते हैं, अगर आप साधना करते हैं, अगर आप राइटिस्ट लाइफ बिताते हैं, अगर आप जो है वो यू बी द ट्रू एंड यू डोंट हैव, अ टेंडेंसी ऑफ लाइन अगर आप नॉनवेज कम करते हैं, अगर आप जो है वो सैटरडे दिन किसी भी तरह से अल्कोहल नहीं लेते हैं तो इससे भी आपके शनि प्रसन्न होते हैं तो ये जो उपाय मैंने आपको बताए है ये बहुत ही सिम्पल उपाय है इसमें आपको कुछ दान नहीं करना, कुछ नहीं करना, आप घर बैठे बैठे बहुत ही आसानी से उन उपाय को जो है फॉलो कर सकते हैं और यह आपके जीवन में जो है। जहाँ तक डिप्रेशन की प्रॉब्लम है इसमें आपको बहुत ज्यादा पॉजिटिव रिजल्ट दे सकते हैं। तो अगर आप इस तरह की प्रॉब्लम अगर फेस कर रहे हैं तो आप यह जानें कि ये चंद्रमा और शनि की वजह से हो सकता है वैसे तो कई कारण हो सकते हैं नक्षत्रों पर भी असर पड़ता है पर इस वीडियो में मैंने आपको जनरल बे में समझाया है की आम मन डिप्रेशन के लिए कौन से प्लैनेट्स और कौन सी हवसे जिम्मेदार है तो आप इन रेमिडीज को फॉलो कीजिये और उनको कीजिए और देखिये की आपके लाइफ में इसका क्या पॉजिटिव इफेक्ट आता है।










