AURA the field around you | Vastu Tips by Dr.Vaishali Gupta |

Dr. Vaishali Gupta explains how your aura, the energy field around you, expands or contracts based on your thoughts, emotions, and environment. Keep it white and positive through gratitude, meditation, alkaline food, and avoiding judgment of others.
Chapters
नमस्कार मैं हूँ स्ट्रोलेजरनवास्तु कंसल्टेंट डॉ वैशाली गुप्ता। जब मैं आपसे कहती हूँ कि मैं हूँ वैशाली गुप्ता तो आपकी नजर शायद मेरे भौतिक शरीर पर जाती हैं। पर क्या आप ये जानते है कि मेरे आसपास 1 और मेरा इथेरि सटल शरीर है जिसको की हम और या आभा मंडल कहते हैं। आमूमन। किसी भी आदमी की जो औरा होती है वो उसके आसपास 1 फीट तक कम से कम होती है। और औरा का जो साइज है वो छोटा और बड़ा भी हो सकता है। पूरे दिन भर में हमारे औरा का साइज चेंज हो सकता है। डिपेंडिंग अपॉन, द, बेबी, फील और हर 1 चीज की होती है। इट इज लाइक, इलेक्ट्रो मैग्नेटिक फील्ड विच इज अराउंड एवरीथिंग व डिजाइनिमेटऔरइनैनिमेट एवरीथिंग हैज आर राउंड। दिन भर में हम जैसा फील करते हैं उसके अनुसार हमारी और घरतिया बढ़ती रहती है। तो आज मैं आपको बताउंगी औरा के बारे में कुछ चीजें और आपको ये भी बताउंगी कि आप अपने औरा को कैसे एक्सपेंडेड और प्यार रख सकते हैं। हम 1 दूसरे की औरा को अपने सबकांशस माइंड के थ्रू रीड कर सकते हैं। आपने कभी कभी देखा कि आप किसी व्यक्ति से मिलते हैं और वह आपको इंस्टेंटली बहुत अच्छा लगता है। ऐसा तब होता है जब आपकी और उनकी और से मैच करती है और जिन लोगों से हमारी और मैच नहीं करती वो लोग हमको इतने पसंद नहीं आते। एन वी डोंट जलविद। कभी कभी आपने देखा है कि कोई आदमी आपके नजदीक भी नहीं होता वो आपसे दूर होता है। बट यू डोंट लाइक हिज वाइफ न यू फील नोट कनेक्टिंग वित दिस पर्सन बेसिकली योर आरा डजनो मैच वित हिस। औरा हम अक्सर उन लोगों के साथ रहते हैं जिनकी और हमारी आरा से मैच करती है। यही नहीं आरा का 1 कलर भी होता है। किसी की जो औरा है वो वाइट होती है, प्यार होती है और किसी किसी और में डाक निस होती है। जो सेंड्स होते हैं जो कि एलिवेटेड सोल्स होते हैं। जो प्योर पॉजिटिव पीपल होते हैं जनरली उनकी और काफी एक्सपेंडेड होती है। 1 नॉर्मल हैप्पी पर्सन की जो औरा है पॉजिटिव पर्सन की जो औरा है या जिस टाइम पे आप हैप्पी या पॉजिटिव फील कर रहे होते हैं आपकी और 10 फीट तक जा सकती है। और जो एनलाइटेंड सेंट्स होते हैं उनकी और एंडलेसिटकैनइटकेन स्प्रेड अप टू मेनी मेनी मेनी किलोमीटर्स तभी। ऐसा होता है कि जब आप किसी सेंट की कंपनी में होते हैं या किसी भी गुरु के सानिध्य में होते हैं तो वो अपने सब कांशेस माइंड के थ्रू आपके सब कांशेस माइंड को पढ़ लेते हैं। किसी की और अगर वाइट होती है, पॉजिटिव होती है, एक्सपेंडेड होती है तो लोग ऑटोमेटिकली उनकी तरफ अट्रैक्ट होते हैं, आपके काम भी बनने लगते हैं क्योंकि जो भी आपके आस पास आता है वो आपकी तरफ 1 पॉजिटिव इन्फर्मेशन लेने लगता है। तो अगर हमारे थॉट्स पॉजिटिव होते हैं। अगर हम हैप्पीयर स्टेट ऑफ माइंड में होते हैं, अगर हम खुश होते हैं, प्रसन्न होते हैं तो हमारी और एक्सपेंडेड होती है और हमारे औरा का कलर वाइट होता है। लेकिन जैसा मैंने आपको बोला कि हमारी जो औरा है वो ऐक्चवली, हमारी, इमोशनल, फिजिकल और मेंटल जो हमारा मेकअप है उसको मिला करके हमारी आरा बनती है। ये सारी चीजें हमारी आरा में इनक्लूड होती है। अब कभी कभी ऐसा होता है कि हम सुबह के समय सो कर उठते हैं। हम अपना ध्यान करते हैं, मेडिटेशन करते हैं, प्रेयर करते हैं, अपने एंडर्स की ब्लेसिंग लेते हैं और हमारी जो औरा है वो बहुत ही वाइट और प्योरिफाइड हो जाती है। लेकिन जब हम दिन भर में बाहर निकलते हैं तो हम कितने तरह के लोगों से मिलते हैं। किसी की आरा में अयंकर होता है, किसी की आरा में फ्रस्ट्रेशन होता है, किसी की आरा में जेलसी होती है, अलग अलग लोगों से हमारी ओर इंटरेक्ट करती हैं। तो ऐसे टाइम पे हम अपने औरा को प्यार और प्योरिफाइड कैसे रखे इसका एग्जाम्पल आप ऐसे देख सकते हैं। मान लीजिये कि आपने किसी दिन श्वेत क्रम यानि कि वाइट कलर के वस्त्र पहने हैं और आप जब घर से निकलते हैं तो आप उस दिन बहुत ध्यान रखते हैं कि आंख के कपड़ों पर कोई दाग न लगे। आप किसी भी डर्टी चीज को भी हाथ नहीं लगाते क्योंकि आपको पता है कि आज आप वाइट जो है, परिधान में हैं और आप किसी भी चीज को हाथ लगाएंगे। इट कैन, डर्टी और क्लोज। ऐसा ही हमारी ऑरा के साथ होता है। जब हम वाइट और प्योर औरा से बाहर निकालते हैं। अगर हम हम ये चाहें कि हम उसी वाइट और प्योरिटी और ऑरा के साथ रात को घर वापस लौटे तो हमें कुछ चीजों का ध्यान रखना पड़ेगा कि कुछ तरह की डार्ट्स जो है वो हमारी और पे न आएं। हमारी और डर्टी तब होती है जब हम लोगों को जज करते हैं, उनकी नेगेटिविटी को अपने ऊपर लेते हैं। जब आप किसी को जज करते हैं, किसी की बुराई करते हैं, किसी को एक्सेप्ट नहीं करते हैं, किसी के बारे में आप कुछ बुरी बात कहते हैं, वाइल करते हैं तो वही क्वॉलिटीज जो है वो आपके अंदर आने लगती है। अगर आप किसी को बुरा कहते हैं तो वही बुराई आपके अन्दर आने लगती है और तब आपकी जो औरा है वो डाक और इम्प्योर होने लगती है। तो अगर आप चाहते हैं कि दिन भर में जो आपकी औरा है वो प्यार रहे, वाइट रहे, एक्सपैंडेड रहे तो किसी की बुराई नहीं करें। डोंट बी, जलिस, टु, वर्ड्स, एनीबडी, एक्सेप्ट, पीपल, आज देर, एवेरीबडी, हैज, डिफ्रेंट, पे ऑफ वर्किंग, इफ, ही, स्टार्ट, गेटिंग, अफेक्टेड, बाई, एव्रीबॉडी, अराउंड, स डेफिनिटली और आरा, विल, गेट, अफेक्टेड और जैसा मैंने आपको बताया, कि और सिर्फ एनिमेट चीजों की नहीं होती, इन एनिमेट चीजों की भी आरा होती है। हम भी जब वास्तु शास्त्र में विजिट करते हैं, घरों को देखते हैं तो हम प्रॉपर्टीज की और भी स्टडी करते हैं। हर प्रॉपर्टी की भी अपनी औरा होती है, नेगेटिव आरा होती है, पॉजिटिव आरा होती है। और इसको हम अलग अलग तरीकों से मेजर भी कर सकते हैं। अगर हम बात करें आपके घर के इंटीरियर्स की और घर के इंटीरियर वास्तु की तो भी हमारे घर में इतने सारे डिस्प्ले आर्टिकल्स होते हैं, इतने सारे प्रिंटिंग होती हैं, इतनी सारी चीजें होती हैं। कभी आपने सोचा है कि उन चीजों की और कैसी है? जैसे आपके आस पास 1 फीट की या 2 फीट की की थी, रियल बॉडी है या मैग्नेटिक फील्ड है। ऐसे ही आपके घर में रखे हुए हर ऑब्जेक्ट की बेट मेग्नेटिक फील्ड है और आपकी फील्ड उस ऑब्जेक्ट की फील्ड से कॉन्स्टेंट ली इंटरेक्ट कर रही है। तो देखिए आपके घर में कैसी पेंटिंग्स हैं। क्या आपके घर में ऐसी पेंटिंग्स हैं जो कि वॉर सीन्स डिपेंड कर रही है। क्या आपके घर में सैड दिखने वाली पेंटिंग्स हैं? आपके घर में जो ऑब्जेक्ट्स हैं उसमें एग्रेशन की और आ रही है किस तरह के ऑब्जेक्ट्स हैं? कहीं कोई बहुत पुराना या कोई एंटीक ऐसा सामान तो आपने घर में नहीं रखा हुआ, जिसका आपको हिस्ट्री भी नहीं पता कि वो कहां से आया, कैसे आया उसकी और नेगेटिव हो सकती है। तो अपने घर के चीजों को चेक कीजिए और देखिए कि उनकी जो औरा है वो पॉजिटिव। आप अपने सबकॉंशस माइंड से हमेशा 1 पॉजिटिव और को फील कर सकते हैं। तो ये बहुत ही इम्पोर्टेंट है कि आप अपने औरा को क्लेंज रखें प्योरिफाइड रखें ऐसा भी कहा जाता है कि कोई भी बीमारी आपके शरीर में आने से पहले आपके ब्रेथ में और आपके आरा में दिखने लगती है। आपके आरा में उस जगह पर डाकनेस दिखने लग जाती है। अगर हम और सिम्पल वे में समझे अगर हम अपनी हमारी और किन किन चीजों से अफेक्ट होती है तो हमारी और हमारे इमोशन से अफेक्ट होती है। दैटाईवजटेलिंग दैट यू हैव, टू बी, पॉजिटिव यू हैव, टू बी हैप्पी, हैव, टू बी, सरेंडर यू हैव, टू हैव, फेस यू हैव टू बी इन ग्रैटिट्यूड, इससे हमारी और प्यार रहती है, सेकेंड ली, हमारा फूड, हम अल्कलाइन फूड ले, अच्छा सुपाच्य खाना ले, इससे भी हमारी और पॉजिटिव रहती है। अगर हम मेडिटेशन टेक्निक्स करते हैं, अगर हम ब्रीदिंग टेक्नीक करते हैं तो हम डेली बेसिस पर अपनी और को क्लीन कर सकते हैं प्लेसिस का भी जो असर है वो हमारी आरा पर पड़ता है। आप जिस स्पेस में रहते हैं, जिन स्पेस स्पेस को विजिट करते हैं, उनकी और कितनी पॉजिटिव है, कितनी नेगेटिव है, उसका असर भी आपके ऊपर पड़ता है। सब बातों की। 1 बात यह है कि अगर आपकी और प्यार है और पॉजिटिव है औरा एक्सपेंडेड है तो लोग ऑटोमेटिकली आपकी तरफ आकर्षित होने लगेंगे, आपके जो काम है वो भी अपने आप बनने लगेंगे और आप और ज्यादा प्लेजेंट और और ज्यादा आनंदित महसूस करेंगे। तो आज मैंने अपने इस वीडियो में आपको थोड़ा सा इंटोडक्शन दिया about what is or एंड हाव इट अफेक्ट्स आर लाइफ एंड हाऊ we can keep और ara por and clean and positive आई होप ये वीडियो आपको अच्छा लगा, अगर यह वीडियो आपको अच्छा लगा तो इसको जरूर शेयर करें और हमारे यूट्यूब चैनल को भी सब्सक्राइब करें। थैंक यू सो, मच एंड हा्बेनाइजडे।










