Beat the Exam Stress through Vastu ! | Vastu tips By Dr.Vaishali Gupta |

A Hindi-language YouTube talk by Vastu consultant Dr. Vaishali Gupta offering practical Vastu recommendations to reduce students' examination stress and improve concentration. The speaker defines stress and explains how correcting room locations, study-facing, bed-head orientation, wall colours, mirror placement, decluttering, lighting/ventilation, and placement of next-day exam materials (south-west) can boost personal energy and lower anxiety.
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स्ट्रेस यानी कि तनाव। आजकल जैसे हमारे जीवन का 1 हिस्सा ही बन गया है। और तो और हमारे बच्चे जो की स्टूडेंट्स हैं वो तक स्ट्रेस का अनुभव करते हैं। स्पेशली एग्जामिनेशन स्ट्रेस। कई बार देखने में आया है कि एग्जाम से पहले बच्चे नर्वस हो जाते हैं, उनको पैनिक अटैक हो जाते हैं और बहुत ज्यादा स्ट्रेस में चले जाते हैं। क्या इस एग्जाम स्ट्रेस का कारण आपके घर का वास्कु हो सकता है। जी हां बिल्कुल हो सकता है। आइए जानते हैं इस वीडियो में। नमस्कार मैं हूँ वास्तु कंसल्टेंट डॉक्टर वैशाली गुप्ता। आज में ऐसे टॉपिक के बारे में बात करने वाली हूं जो शायद हम सभी के लिए रेलेवेंट है। एग्जामिनेशन स्ट्रेस एग्जाम का टाइम भी आने वाला है। स्टूडेंट्स इस टाइम पर अपने पढाई में लगे हुए हैं। एंड दे गेट वेरी स्ट्रेस। अबाउट दर एग्जामिनेशन देखिये स्ट्रेस क्या होता है स्ट्रेस यानी के तनाव। जब आपके पास करने के लिए काम ज्यादा हो और आपको लगे कि मेरे अंदर मेंटल फिजिकल या इमोशनल एनर्जी कम है तो हम तनाव में चले जाते हैं, स्ट्रेस में चले जाते हैं। काम ज्यादा हो और एनर्जी कम हो उसी को हम स्ट्रेस कहते हैं। वास्तु शास्त्र में आप अपने इनवायरमेंट की एनर्जी के द्वारा अपनी पर्सनल एनर्जी को पॉजिटिव बना सकते हैं, इनक्रीस कर सकते हैं, इन हाइंस कर सकते हैं। यानि कि अगर आपके आस पास का जो वातावरण है, अगर वो सही है, आपकी दिशाएं सही है, वेरी बैलेंस है तो आप ऑटोमेटिकली फुल ऑफ एनर्जी नेंतुजयाजम फील करने लगेंगे और आपका जो स्ट्रेस है वो कम्प्लीटली निगेट हो जाएगा। एंड यू विल स्टार्ट फीलिंग पॉजिटिव एंड यू विल स्टार्ट वर्किंग टु वर्ड गोल्ड। आज मैं अपने इस वीडियो में आपको यही बताने वाली हूं कि कैसे वास्तु से आप अपने एक्स्टर्नल स्पेस को प्रोग्राम करके अपने एग्जामिनेशन स्ट्रेस से छुटकारा पा सकते हैं। जब हम बात करते हैं क्रिएटिंग द राइट रिजल्ट, विद द राइट रेंवायरमेंट राउंड। सबसे पहले बात आती है स्टडी रूम की। अगर आपका स्टडी रूम लाइट लोकेशन पर हो। वास्तु के अनुसार तो वहीं पर आपके पास स्ट्रेस होने की संभावना फिफ्टी परसेंट कम हो जाती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार स्टडी रूम की जो सबसे अच्छी लोकेशन है वो ईस्ट या नॉर्थ ईस्ट की मानी जाती है। कहा जाता है कि ये दोनों जोन बहुत ही सातवें होते हैं। सूर्य का जोन होता है, जुपिटर का जोन होता है नेम, फेम, सक्सेस, हर तरह की प्रोस्पेरिटी हमारे लाइफ में लाता है और अगर यहां बैठकर बच्चे पढ़ाई करते हैं तो उनका कंसंट्रेशन अच्छा होता है। उनके रिजल्ट अच्छे आते हैं। साथ ही साथ उनका सक्सेस रेट काफी अच्छा होता है और उनको तनाव, फिर, एंग्जाइटी जैसे प्रॉब्लम्स नहीं आते। अगर किसी कारण वश आप अपने घर में ईस्ट या नॉर्थ हिस्ट में स्टडी रूम नहीं दे सकते तो आप ऐसा सेकेंड ऑप्शन अपना स्टडी रूम वेस्ट में भी दे सकते हैं। वेस्ट आपका साटन का स्थान होता है और यह हमारे लाइफ में डिसिप्लिन और हार्ड वर्क लेकर आता है। खासकर जिन बच्चों में डिसिप्लिन नहीं है उनको हम वेस्ट का स्टडी रूम दे सकते हैं। जनरली हम स्टडी रूम को ईस्ट, नॉर्थ, हिस्ट या फिर वेस्ट में ही देते हैं। लेकिन किसी किसी स्पेसिफिक केस में स्टडी रूम के डायरेक्शन चेंज भी हो सकती है। जैसे हमने कई बार देखा है कुछ बच्चों को यह प्रॉब्लम होती है कि वो जो है एंग्जाइटी में जाते हैं, घबरा जाते हैं, बहुत ज्यादा नर्वस हो जाते हैं। यह उनको अपने पर कॉन्फिडेंस ही नहीं रहता। कुछ बच्चे एग्जाम से पहले बोलते हैं कि हमें तो बिल्कुल कॉन्फिडेंस नहीं है, हम तो बिल्कुल एग्जाम नहीं दे पाएंगे और हम उनको बोलते हैं कि आपने इतनी पढ़ाई करी है। फिर भी आप इतने अंडर कॉन्फिडेंट क्यों है। तो ऐसे बच्चों को आप साउथ ऑफ साउथ लिस्ट का वे स्टडी रूम भी दे सकते हैं। साउथ ऑफ साउथ लिस्ट हमारी एनर्जी, वाइटैलिटी और कॉन्फिडेंस की डायरेक्शन होती है तो जिन बच्चों में आत्मविश्वास कम होता है। अगर आप उनको साउथ और साउथ ीस्त का स्टडी रूम देते हैं तो वो उनके लिए वर्क कर सकता है। तो अभी हमने बात करी स्टडी रूम के लोकेशन की। एंड ऑव्योसली द नेक्स्ट इमपोर्टंट थिंग इज द फेसिंग आपकी पढ़ाई करते वक्त जो फेसिंग हैं वो किस तरफ हो। वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुसार अगर आपकी फेसिंग पढाई करते समय ईस्ट या नॉर्थ हीस्ट की है तो वास्तु शास्त्र में उसको बेस्ट माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि ईस्ट की फेसिंग में हमारे इम्पॉर्टेंट ग्लैंस एक्टिवेट हो जाते हैं, हमारी मेमरी बेटर हो जाती है, रिटेंशन बेटर हो जाती है, कॉन्संट्रेशन बेटर हो जाती है। एंड ऑटोमेटिकली हमारे रिजल्ट भी अच्छे हो जाते हैं। अगर किसी कारण वश आपको ईस्ट की फेसिंग नहीं मिल रही है या आपके ईस्ट में कोई टॉयलेट आ गया है आप इस तरफ फेस नहीं करना चाह रहे हैं तो आप अपनी फेसिंग नॉर्थ हीस्ट की तरफ भी कर सकते हैं। नॉर्थ इस्ट के जुपिटर की डायरेक्शन है। यह हमारे जीवन में ज्ञान लेके आती है, हमारे जीवन में सक्सेस लेके आती है। 1 और डायरेक्शन जिसमें कि हम फेसिंग करके बैठ सकते हैं वो है हमारी नॉर्थ डायरेक्शन। हालांकि फर्स्ट प्रेफरेंस फर स्टूडेंट्स इस ईस्ट सेकेंड नॉर्थ ईस्ट बट नॉर्थ डायरेक्शन। कैन आल्सो भी यूज योर फेसिंग वाई स्टटिंग नॉर्थ डायरेक्शन में हमारे अर्थ का नॉर्थ कोल होता है और डायरेक्टली जो पॉजिटिव एनर्जी है वो उस तरफ से आती है और इसकी वजह से मेनरजटकेंथुजया, स्टिक और बहुत ज्यादा पॉजिटिव फील करते हैं तो नॉर्थ की तरफ भी फेसिंग की जा सकती है। अब मैं आपको बताउंगी वो दिशाएं जिसमें आपको फेसिंग बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। स्टूडेंट्स को कभी भी साउथ की डायरेक्शन में यानि कि यम स्थान की दिशा में बैठकर नहीं पढ़ना चाहिए। अगर आपकी स्टडी टेबल साउथ की तरफ है तो आप उसको तुरंत ईस्ट नॉर्थ इस्ट नॉर्थ की तरफ शिफ्ट करें। सेकेंड ली, साउथ वेस्ट और नेरिफिवफोनकी जो डायरेक्शन है वो भी फेलियर की डायरेक्शन होती है। स्टूडेंट स्पेशली शुड नॉट फेस दैट साइड एंड स्टडी नंबर थ्री 1 डायरेक्शन जो हमको अवॉइड करनी चाहिए वो गे हमारे वेस्ट की डायरेक्शन है हमें वेस्ट की डायरेक्शन की फेसिंग में पढ़ाई नहीं करनी चाहिए क्योंकि ये हमारी लाइफ में डेली लेके आ सकती है, लेजीनेस लेके आ सकती है। 1 और डायरेक्शन जो खासकर उन बच्चों को अवॉइड करनी चाहिए जिनको एंजाइटी नर्वसनेस और बहुत अंडर कॉन्फिडेंस लगता है जो घबरा जाते हैं वो है नॉर्थ वेस्ट की डायरेक्शन, नॉर्थ वेस्ट यानी की वायुवेग कोण की डायरेक्शन एग्जाइटीकी डायरेक्शन है और क्योंकि वायुवेग कोण है इसलिए बच्चे यहां टिक कर बैठ भी नहीं पाते। अगर आपके बच्चे नॉर्थ वेस्ट के डायरेक्शन में बैठ के पढ़ रहे हैं, नॉर्थ वेस्ट की फेसिंग में पढ़ रहे हैं तो यह संभावना हो सकती है कि उनको अब पढ़ाई की टेबल पर स्टडी टेबल पर टिककर बैठने में ही प्रॉब्लम हो क्योंकि वो वायुवेग कोन की फेसिंग में बैठे हैं जो कि चलाए मानजून है तो इन सबकी फेसिंग अवॉइड करें साथ ही साथ साउथ ईस्ट की फेसिंग भी अवॉइड करें क्योंकि ये बच्चों में एग्रेशन लाती है, गुस्सा लेके आती है, फ्रस्ट्रेशन लेके आती है साथ ही साथ बच्चों की आदतें भी खराब हो सकती है। तो जहां तक हो सके अगर आपके बच्चों को एग्जामिनेशन स्ट्रेस होता है तो इस बात का ध्यान दें कि पढ़ाई करते समय उनकी फेसिंग ईस्ट, नॉर्थ फीस या फिर नॉर्थ की दिशा में हो। कई बच्चे एग्जाम से पहले इतने स्ट्रेस में आ जाते हैं कि उनको पैनिक अटैक्स होने लगते हैं वो इतना घबरा जाते हैं कि उनको लगता है कि हम एग्जाम में कुछ लिख ही नहीं पाएंगे और हम सब कुछ भूल जायेंगे दे बिकम वेरी फेयर फुल एंड वेरी वेरी नोटस अगर आपका बच्चा उनमे से है तो मैं 1 बार फिर बताना चाहूंगी कि आप उनको साउथ ऑफ साउथ का बेडरूम स्टडी रूम, साउथ ऑफ साउथ ईस्ट का स्टडी रूम दे सकते हैं जहां पर वो ईस्ट के फेसिंग में बैठकर पढ़ाई करें। 1 और चीज अगर आपके बच्चे को बार बार एंग्जाइटी या पैनिक अटैक हो रहे हैं या फिर उनको पढ़ाई से घबराहट हो रही है एग्जाम से घबराहट हो रही है तो आप यह भी चेक करें कि कहीं उनके स्टडी रूम के नॉर्थ वेस्ट या साउथ हीस्ट वाल्ड पर कोई मेरा रिया लुकिंग ग्लास तो नहीं है अगर ऐसा है तो भी उसके बच्चे में नरबज्मंसआसकती है और उस लुकिंग ग्लास को मिरर को आपको नॉर्थ वेस्ट या साउथ िस्ट की बॉल से तुरंत हटा देना चाहिए। आइए बात करते हैं 1 और बहुत इम्पोरटेंट चीज की जो कि बच्चों के ओवरऑल मेंटल हेल्थ को डिनोट करती है वो है बच्चों की स्लीपिंग पोजीशन आपके बच्चों का बेडरूम किसी भी दिशा में हो आप इस बात का खास ध्यान रखें कि सोते समय बच्चों का जो हेड है वो साउथ डायरेक्शन की तरफ आना चाहिए। अगर बच्चों का सोते समय सर साउथ की तरफ आता है तो उनको अच्छी नींद आती है और वो अगले दिन 30 पुलिस शो के बहुत अच्छा काम माइंड से परफॉर्म करते हैं और अगर किसी कारण वश आप साउथ के तरफ, बच्चों का सर या बेड हेड नहीं दे पा रहे हैं त बच्चों का पेट आप ईस्ट की तरफ भी दे सकते हैं। यह भी बच्चों के अंदर ज्ञान और नॉलेज लेकर आता है। और आइए बात करते हैं बच्चों के स्टडी रूम के अंदर की। एनवायरमेंट की, बच्चों की स्टडी रूम का जो नॉर्थ वॉल है उसपर आप ग्रीन कलर कर सकते हैं। या फिर अगर आपके स्टडी रूम में ईस्ट वॉल अवेलेबल है तो आप उसपर येल्लो कलर कर सकते हैं। ये दोनों कलर करने से बच्चों की कॉंसिल इनहैंस होती है, उनके अंदर कान्फिडेंट्स की इनहांसमेंट होती है और एग्जामिनेशन स्ट्रेस से जो है वो बच जाते हैं उनका एग्जामिनेशन स्ट्रेस ऑटोमेटिकली कम होने लगता है। और 1 और चीज जो मैं देखती हूं आजकल स्टूडेंट्स के रूम में जिसकी वजह से उनका स्ट्रेस क्रिएट होता है वो होता है क्लटर बच्चे एग्जाम के टाइम पर अपनी किताब में, अपनी स्टेशनरी, अपनी बुक काफी हद तक फैला देते हैं। और जब वो उस फैले हुए रूम में क्लटर्ड रूम में पढ़ाई करते हैं तो ऑटोमेटिकली उनकी थिंकिंग में एबरेशन आने लगती है और उनको क्लालिटी ऑफ थिंकिंग मिसिंग हो जाती है। एंड दे जस्ट फील वेरी कंफ्यूज्ड सो, इट्स वेरी इंपोर्टेंट की आप पढ़ाई करते समय अपनी स्टडी टेबल पर समान रखें। बाकी अपने रूम को सॉर्टेड रखे, उ से बहुत ज्यादा फैला करके, बहुत ज्यादा क्लटर करके न रखें, नहीं तो वो आपको एग्जाम फेडेमपेकनफ्यूजन एन, अनक्लैरिटी एंड आल्सो लोग कॉन्फिडेंस इस सब तरह की समस्याएं दे सकता है। लास्ट बट नॉट द लीस्ट। जैसे कि मैंने अपने पिछले वीडियोज में बताया कि साउथवेस्ट हमारा दक्षता स्किल का जोन होता है। आपके जिस भी एग्जाम का आपका अगले दिन जो भी सब्जेक्ट का एग्जाम हो उसकी बुक्स को, उसके टूल्स को साउथवेस्ट में रखें। मान लीजिए कि आपका अगले दिन मैच का एग्जामिनेशन है तो अपनी मैच की वर्क बुक को मैच की, नोट बुक को, अपने जोमेट्री बॉक्स को, अपने टूल्स पेंस को आप जो है वो साउथवेस्ट की तरफ रखें। ऑटोमेटिकली मैच में आपकी दक्षता आने लगेगी एंड लास व नारद लीज। आपके बेडरूम आपके स्टडी रूम का जो एनवायरमेंट है वो भी वास्तु के अनुसार कंड्यूसिव होना चाहिए। जैसा रूम आपको अच्छा लगता है। जो लोग आपको इंस्पायर करते हैं उनकी पिक्चर को आप ईस्ट के जोन में लगाकर रखें। आप चाहें तो अगर बत्ती जला के रख सकते हैं, आप चाहें तो अपने रूम में गायत्री मंत्र रात के समय चलाके रख सकते हैं। लाइटिंग को ट्रॉप पर येल्लो लाइटिंग रखिये, वेंटिलेशन अच्छी रखिए, नॉर्थ की दिशा को, ईस्ट की दिशा को खुला रखिए और साथ ही साथ अपने रूम में आप जैसे मैं पहले बता चुकी, हूं, सरस्वती जी की पिक्चर और विद मोर पंख यह भी आप अपने रूम में लगा सकते हैं। साथ ही साथ बच्चों की कंसंट्रेशन को एन्हांस करने के लिए, स्ट्रेस को कम करने के लिए आप ईस्ट जोन में और नॉर्थ जोन में पेंटिंग्स भी लगा सकते हैं। और ये पेंटिंग आप चाहें तो वास्तु पेंटिंग डॉट कॉम पर जाकर देख सकते हैं। जहां पर कई सारी ऐसी पेंटिंग्स अवेलेबल हैं जो कि बच्चों को एग्जाम के टाइम पर हेल्प करती है तो आज मैंने आपसे 1 बहुत ही खास टॉपिक के बारे में बात करी कि बच्चों का एग्जामिनेशन स्ट्रेस हम वास्तु के द्वारा कैसे कम कर सकते हैं कई बार ऐसा होता है कि हम बच्चों को जिम्मेदार ठहराते हैं लेकिन हमारे घर के वास्तव में ही ऐसी प्रॉब्लम होती है जिसकी वजह से जो है वो बच्चे अच्छे से परफॉर्म नहीं कर पाते। तो ये जो वास्तव कनेक्शन है आप अपने बच्चों के स्टडी रूम में अपने घर में कीजिए और इसके रिजल्ट जो है वो बहुत पॉजिटिवली आपके सामने आएंगे तो अगर ये वीडियो आपको अच्छा लगा तो इसको जरूर लाइक करें और ऐसे और वीडियोज देखने के लिए हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें साथ ही साथ कमेंट सेक्शन में हमें अपने कॉमेंट, अपने सुझाव जरूर लिख भेजें जिससे कि हम उन टॉपिक्स पर आगे वीडियोज बना सकें। इस वीडियो को सुनने के लिए थैंक यू वेरी मच एंड आई वो ये सारे टिप्स आप अपने बच्चों के रूम में अप्लाई करेंगे जिससे कि उनके एग्जामिनेशन स्ट्रेस में अपने आप कमी आने लगेगी। थैंक यू फॉर लिस्टिंग 10।










