Vaishali Gupta (Vastu consultant) explains the spiritual importance and practical observances for Buddha Purnima. She states that this year Buddha Purnima falls on 26 May and describes its significance (birth of Lord Buddha, emphasis on peace, compassion and the Middle Way). The video gives specific rituals and remedies: receive moonlight after 7:30 pm on the roof, sit/place Buddha image in the north-west or north zone and meditate/trataka, chant/meditate (Om Namah Shivaya) in north/near-north, bathe using some Ganga water mixed with bath water, offer specific foods to Lakshmi and Vishnu (kheer to Lakshmi, almonds to Vishnu), fast and meditate for spiritual growth, give water-offering to the Moon (water mixed with Ganga water, milk, sugar, rice) and perform tarpan for ancestors if desired. The advice is framed as Vastu/ritual remedies to bring mental peace and improve household harmony.
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नमस्कार हेलो मैं हूँ वास्तु कंसल्ट इन िस्ट्रॉलेजडॉवेशाली गुप्ता। आज मैं आपसे बात करने वाली हूँ बुद्ध पूर्णिमा के बारे में। इस साल की 26 मई को बुद्ध पूर्णिमा बढ़ रही है। ऐसा कहा जाता है कि वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की जो पूर्णिमा होती है वो बुद्ध पूर्णिमा के रूप में मनाई जाती है। ये पूर्णिमा का दिन है इसलिए बहुत ही ऑस्फिशियल्स है। साथ ही साथ आज के दिन भगवान बुद्ध का जन्म भी हुआ था। इसी लिए इस पूर्णिमा को बहुत ही ऑस्फिशियल्स माना जाता है और इस पूर्णिमा की स्पिरिचुल सिग्निफिकेंस भी होती है। भगवान बुद्ध ने हमको शांति का, प्रेम का, कम्पैशन का मार्ग दिखाया था। उन्होंने हमको बताया था कि अगर हमारे जीवन में बिजली है तो उसको सॉल्व करने का तरीका भी हमारे पास है। उन्होंने कहा था कि मध्य का रास्ता लेना, मध्यम शरणम गच्छामी जीवन जीने का सही तरीका है। तो आज के दिन केवल पूर्णिमा का ही महत्व नहीं है, आज के दिन की स्पिरिचुअल सिग्निफिकेंट भी बहुत है। तो बुद्ध पूर्णिमा के दिन शाम के समय रात के समय अपने छत पर जरूर जाए और जो चंद्रमा की किरणें है उसमें आप भेद करें क्यूंकि ये चंद्रमा की जो किरणें हैं ये अपने साथ ज्ञान का सागर भी लेकर आ रही है। तो जरूर रात के समय जाय और इस बात का ध्यान रखे क्योंकि आज के दिन चंद्र ग्रहण भी होगा। तो आप जो भी करे वो साढ़े 7 बजे के बाद ही अपने छत पर जाकर चंद्रमा की किरणों में स्नान करें। अब मैं आपको बताऊंगी कि आज के दिन आप वास्तव के अनुसार क्या कर सकते हैं। ऐसा कहा जाता है कि मूल जो है वो माइंड हमारे मन का कारक होता है। ये तो हम सभी जानते हैं कि चंद्रमा की वजह से सागर में भी लहरें उठती हैं और आप सोचिए हमारे शरीर में 80 प्रतिशत वोटर है। तो क्या मूड का सर हमारे शरीर में मन पर नहीं पड़ेगा बिल्कुल पड़ता है। मूल की जो दिशा है वो वास्तव में नॉर्थ वेस्ट की डायरेक्शन है। तो अगर हम सभी चीजों को जोड़े तो अगर आज के दिन आप नॉर्थ वेस्ट की डायरेक्शन में बैठ कर भगवान बुद्ध की प्रतिमा या पेंटिंग लगा कर के फीस के लिए अगर आप प्रार्थना करते हैं तो आपको यह आशीर्वाद जरूर मिलता है। आज के दिन अगर आप चाहें तो नॉर्थ जोन में बुद्ध की अच्छी सी पीसफुल पेंटिंग भी लगवा सकते हैं और उस भगवान बुद्ध की पेंटिंग के ऊपर आप त्राटक करके मेडिटेशन कर सकते हैं। 1 और चीज जो हम आज के दिन कर सकते हैं वो ये है कि अपने नॉर्थ हीज के जोन में बैठ कर हम ओम नंबर शिवाई का जॉब करे क्यूंकि ये चन्द्रमा का दिन है साथ ही साथ हम मेडिटेशन भी कर सकते हैं क्योंकि आज के दिन अपने माइंड को भी स्कूल रखना बहुत जरूरी है। अब मैं आपको बताती हूँ कि क्विकली घर में रहते रहते आप घर में बुद्ध पूर्णिमा के प्रोसेस को रिचुअल को कैसे कर सकते हैं। ये तो हमारे लिए संभव नहीं कि हम किसी अच्छी और स्पिसिस नदी में जाकर के नहाए। इसलिए नहाते समय आप अपने नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगा जल मिला लें। नहाने के बाद आप अपने मंदिर में जाए मंदिर के दोनो तरफ हल्दी से 2 स्वास्थ्य बनाए की बुद्ध जो है वो भगवान विष्णु के नौवें अवतार हैं। इसलिए आज के दिन माँ लक्ष्मी और भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है। सत्यनारायण भगवान का पाठ करना भी आज के दिन बहुत ही शुभ माना जाता है। आप मां लक्ष्मी को साधू दाने की खीर का भोग लगा सकते हैं और भगवान विश्णु को बादाम का भोग लगा सकते हैं। ऐसा भी कहा जाता है कि बुद्ध पूर्णिमा के दिन अगर हम फास्टिंग करते है और मेडिटेशन करते हैं तो ये हमारी अध्यात्मिक ग्रोथ के लिए, हमारी स्पीरिचुअल प्रोग्रेस के लिए बहुत ही अच्छा होता है। तो आज के दिन आप चाहें तो फास्टिंग भी कर सकते। रात के समय चंद्रमा को अर्ग जरूर दे और चन्द्रमा को जिस जल से अर्ग देना है आप उस जल में क्या क्या डालें ये भी मैं आपको बता देती हूँ। आप 1 लोटे में जल ले उसमे थोड़ा सा गंगा जल मिला ले, थोड़ा सा दूध मिला ले, थोड़ा उसको मीठा कर लें, चीनी मिलाकर थोड़े से उसमे चावल मिला ले और भगवान चंद्रमा से मन की। शांति के लिए प्रार्थना करते हुए आप उसका अर्थ जो है भगवान चंद्रमा को दे सकते हैं। वास्तु शास्त्र में कहा जाता है कि अगर आपकी आपके स्पाउस के साथ रिलेशनशिप में आजकल हारमनी नहीं है तो आप अपने स्पाउस के साथ मीठे दूध का अर्थ भी भगवान चंद्रमा को दे सकते हैं। तो इस चीज को भी जरूर फॉलो करें। साथ ही साथ यह भी कहा जाता है कि बुद्ध पूर्णिमा जो है वो हमारे पितरों के तर्पण का दिन भी होता है। तो अगर आप चाहे तो इस प्रोसेस को भी आज आप कर सकते हैं। तो इन सब चीजों को आप फॉलो करें क्योंकि इस समय हमें अपने मन की शांति की कीपिंग और मां माइंड। काम, एन, एग्जाइटी, फ्रीज, वेरी, वेरी, इम्पोर्टेंट। तो जरूर इन छोटे छोटे उपायों को करे और आप महसूस करेंगे कि आज के दिन आपको बहुत मन की। शांति मिलेगी। एंड यूल, फील्ड, वेरी, काम, न, पीसफुल।