Doon University Talk on Vedic Vastu Shastra By Expert Dr Vaishali Gupta

Opening segment of a Doon University talk introducing Dr. Vaishali Gupta and framing the session. Speakers thank guests and highlight the goal of linking Sanskrit knowledge (mantras, Vedic principles) with scientific methods—calling for action research to document and validate Vedic Vastu Shastra in building practices.
आप सबके उधबोधन से इस कार में होगा और आगे बढ़ा है.
उनका भी धन्यवाद करता हूँ।
बाहर से आई है।
हमारे मध्य प्रदेश के जो विशेषज्ञ यहाँ पर आये हैं, संस्कृत, गणित विज्ञान को आपस में लिंक करने के लिए, उनका भी मैं धन्यवाद यहाँ पर प्रकट करता हूँ। तो जो मैं आपसे विषय रखना चाहता हूँ जैसे मेडम ने यहाँ पर कहा, हमें एक्शन रिसर्च में जाना होगा। अगर हम उपयोग सिद्ध कर सकते हैं, मंत्रों का और साइंटिफिक इसको डॉक्यूमेंट कर सकते हैं तो निश्चित रूप से इसकी जयकार होगी होगी। और विश्व में हमेशा वहाँ कागज से माना जाता है कागज है जो सत है।
संस्कृत विज्ञान किसी भी भवन निर्माण में यदि वास्तव विद्या का चिंतन न किया जाए तो शुक्र का आनंद व भवन नहीं होता है। उस सब को बताने के लिए, उन विधाओं को जानने के लिए हमारी जिस में शुभ, विख्यात, वास्तविक, डॉक्टर, वैशाली गुप्ता जी है, आप करते हैं.
नमस्कार सभी जवान सारे जो श्रोता रहे हैं और इस साल जो आयोजन है इन सबको मैं सबसे पहले व्यक्त करना चाहूंगी की विशिष्ट मंच पर भी मुझे विचार देने का लिया। मेरा नाम डॉक्टर पिछले 20 साल से वैलिकवासकुशास्त्र की विज्ञान और अभ्यास को आगे लाने का। 1 हम आज की जरूरी के वासु शास्त्री हैं तो वेरि क्यूँकी वास्तु शास्त्र के जो है वो वर्जन आ चुके हैं जो की वेदों के ज्ञान से बहुत ज्यादा गिरी है और आज रस्टीशास्त्रीखड़े होकर ये जो है जहाँ पर मैं आपके साथ हूँ इसके लिए मैं सभी कार्य के आयोजन की बहुत बहुत भारी। तो सबसे टॉप की शुरुआत जो है भारत है उसकी संस्कृत में यानी भारत साल है जो की इस ज्ञान की परंपरा में आनंद लेता और भारतीय की परिभाषा अगर जाने तो गारंटी दे। भारत भूमि वाले स्वर्ग या पुरुष अपने इस टॉप में मैं थोड़ा सा समय हिंदी और थोड़ा सा अनदेखी का सहारा लेना चाहूंगी जिससे कि मैं भी बात तो सिम्प्लिसिटी के साथ न। तो इस शॉप का अर्थ है द गॉड इंडि ा दिस टू वो लिबरेशन ही रूम हाय स्टेज सर यानी भगवान से भी आगे का जो दर्जा है वो 1 भारतीय को इसे दिया गया है। आज की विषय है भारतीय ज्ञान परंपरा है क्यूँकि शास्त्र शास्त्र है भारतीय ज्ञान परंपरा का 1 आदर्श है साथ ही साथ संस्कृत को विज्ञान से जोड़ने का 1 स्थापित करता है और जिन्होंने के ज्ञान को दिया था उन्होंने इस ज्ञान को सेंटेड कांशसनेस यानि की ध्यान की उच्च स्थिति है। कह सकते है की को डाउनलोड किया था और सर के माध्यम से पी को आगे बढ़ाया किया वो थी। तो ये कह सकते है की इस पानी के बारे में कुछ कहने का मौका मिल रहा है की कैसे विज्ञान आज में बहुत ही लोकप्रिय सेट हो गया है। लगता है की जो भी व्यक्ति हो शास्त्र में रची है। भारती शास्त्री का 1 बहुत ही इंट्रस्टिंग जो 1 सिद्धांत है जो मार में दिया गया है जो शायद आधुनिक शास्त्री जिन्होंने शास्त्रों से ये हार में प्राची ये हादसे से सुनेंगे की बहुत बहुत ही इंट्रस्टिंग साइटिफिक रोशन है। शास्त्र में कहा गया है की दिशा का संदर्भ समय का आवंटन हो जाए तो आपको अपने लास्ट निवारण में मिसरी यानि कि आपने अपने घर में वस्त्र शास्त्री के कोई रेमिडी दिशा में अगर आप को शुभ महूरत के साथ जोड़ दिया तो हजारों को ज्यादा रिजल्ट में आएगा कल की शुभ समेत। ये ऐसा कॉन्सेप्ट है जिसका आज के आधुनिक शास्त्र में कोई भी नहीं रखा जाता कि जो लगाया जा रहा है ऐसी प्राण प्रतिष्ठित है या नहीं, हमने प्रयोग किया या नहीं। शास्त्र में कुछ को लगा दिया जाता है। शास्त्र काम करता है अगर वे ऐसी अगर हम करेंगे तो वो ही करता है जो हमारे हजारों ने बताया वो उन्होंने स्पेस करते हुए बताया जहाँ बताया डिमेंशन कहने का ये है की लोको में शास्त्र के हार कभी नहीं सुना होगा क्यूँकि इसके बारे में कोई भी आमुलितवास्तुशास्त्री बात नहीं करती। क्यूंकि वो जानते वास्तु शास्त्र आपके जीवन में जो घटनाएं होती हैं वास्तु शास्त्र यानि की शास्त्र की प्रैक्टिस करे तो ये बता सकता है की आपके जीवन में जाली के बाद इस प्रकार की घटनाएं और जो दिया गया है घटना का जो की आर्थिक एजेंट करता है। 4 यानि की उसके अंदर उसके की वजह आपके जीवन में घटनाएं होती हैं, हर घटना का यानी है आपका है जैसे उसके अंदर वैसी घटनाएं आपके जीवन में इसी बात को अपना परीक्षा ने बताया है। आकार प्रकार हो स्वभाव कर्म का आकार जिस घर का है वो आपकी कार से सम्बन्ध रखता है, यानि की जैसा आपके घर का आकार है वैसे आपके घर की ऊर्जा का प्रकार है, जैसे की ऊर्जा का प्रकार है वैसे आपके घर में घर है। 7 लादी और जैसे गुण आते ही होंगे जैसे स्वामी का स्वभाव होता जैसा प्रभाव होगा वैसे उनके कर्म होंगे और जैसे कर्म होंगे वैसा उनका, तो आप देख सकते हैं की लॉजिकल वैज्ञानिक सांत है कि आकार है स्वामी के काल से जोड़ा गया है और इससे पहले की मैं आपको थोड़ा सा दिखाऊं की वास्तु का विज्ञान है वो संस्कृत के श्लोकों में कैसे करे तरीके से भरा है उससे में वास्तु शास्त्र वास्तु शास्त्र के अनुसार जिसकी पीड़ा महसूस करती हूँ और वो ये है वास्तु प्रैक्टिस हो रहा है वो वास्तु शास्त्री से कई बहुत है और है की शास्त्रों में दिए गए संस्कृत में दिए गए वास्तु शास्त्र उनके करना चाह साल से जो की हमारे शास्त्र से बहुत परे है वो स्लो कर रहा है उसको लेना, उसके बारे में बातचीत करना, क्यूँकी बात को इतनी प्रिय है कि बहुत से शास्त्र काम कर रहे हैं। सरदार ने कहा था साइंस पास तू दे दी हो, फिर इतना शास् है इसको कहा ही जा सकता हर 1 व्यक्ति अपना तरफ से बता रहा है, शास्त्रों के सती की बात जो है वो कोई भी नहीं कर रहा है और सबसे ज्यादा पीड़ा होती है सब में देवताओं को दिया गया है 45 कर दिया गया है विचार ऐक्चवली एनर्जी पे जिससे उनका सम्मान करे उनको देवताओं का नाम दिया गया था जैसे ये मुख्य का स्थान है, यह बदलाव का स्थान है, यह स्वयं का स्थान है, इन का स्थान है है कि वो देवताओं के नाम सुनकर हमारे मन में आदर प्रकट हो लेकिन आज जो वास्तु शास्त्र है जिसे को जाना किसी को जाना तो मुख्य आज को प्रोवाइड किया है मैं यह कहना चाहूँगी कि आज क्या कहते हैं शास्त्र की जरूरत है यानी की फोन की जरुरत है तो वो ज्ञान है का हो जायेगा और न जाने कौन सा शास्त्र जिसके बारे में हमारे 18 ने कभी नहीं कहा बात करूँ और सिद्धांत की फिलोसॉफी है यानि की उसके मूल को करते है और संस्कृति श्लोकों में महाभारत की प्राचीन है। अगर हम रेलवे की बात करें सबसे पुराना जो हमारा है उसमे लेकिन सेक्रेट साइंटिफिक को भाषाएँ हमारे जिनको समझने के लिए की जरूरत है अगर हम सोचे की आप प्रैक्टिकल और नेशनल वाइन सेल को समझ लेंगे तो वो शायद मुश्किल है क्यूँ ना रिफाइंड की संस्कृत में इस शो को में दिया और आपको अगर साइंस की बात करें। विद्या की बात करें तो स्थापति जो की उसपे सूत्र यानि के आदि दिए गए हैं सी साउंड सिद्धांतो का किया गया है और जितने पर विश्व सूत्र जो कि राजा सभी में विज्ञान को पराजित कर रही है और सभी संस्कृत में सेंचुरी सी सी सी लगभग 3000 का इस विज्ञान को केवल संस्कृत की भाषा है स्मृति के माध्यम से इसको आगे बढ़ाया और 1 बहुत ही इंट्रस्टिंग शेयर करू माया में जो ये बताता है की ये हमारे शास्त्रो मे क्वालिफिकेशन चाहते है तो आपने क्या क्वालिफिकेशन हो जर्मन शास्त्र मिश्र तथा शिल्पा वियार्थी शास्त्र से बुद्धिमान शास्त्र अनुसार प्रयोग का सती राजा मृत्यु राज हिम सका और इस से ट्रांसलेशन ये कहता है हो रेलवे एक्शन टेलीजंलोकलकैनसटा करेक्टर स्टिक्स मटेरियल आज ही इंट्रेस्टेड नॉलेज ली सच और न कान थाती ही शुड नो वास्तु शात्र सामुद्रिक शास् जोतिशशा्रसो पति यानि की मां जब तक आपको साथियो का दान मिला है ैक्टिस से लिए गए है देखेंगे की वास्तु के टेस्ट में बनाये है पृथ्वी पर देश के बारे में, शक्तियों के बारे में होगी तो हम ये कह सकते है की हमारे डिस्कवर किया है और हमारे ही परिचित ही है। शिव शक्ति है यानी महातंत्र सुपर टेक्नोलॉजी जो की शिव शक्ति के समान से चलता है सुपर टेक्नोलॉजी कहा गया है सा ब ही रिलेटेड है वास्तु शास्त्र के विजली है जो की संस्कृत के शो में किया गया है। और वास्तु की बात करें पुरुष मंडल के सभी यानि की वास्तु फाउंडेशन दिस साइटिफिक पोर्ट हाल फाउडेशन आज 1 बहुत ही जो बहुत इंट्रस्टिंग शो में बताऊंगी प्रमुख श्लोक हैं जो कि बताता है की कैसे किया जाता है और इसमें दिये किसी भी डिवाइड करते हैं काम करता है डेटीसबसेइमपोर्टंट चीज है वो है नंबर 9 हमारे वो नंबर 9 जानते थे किसी भी संख्या से गुना का परिणाम हमेशा 9 होता है जो भी 9 होता है आकाश की 27 नक्षत्र का जोड़ होता है संस्कृत के होता है और ना की पर गया और हमारे जो महार थे न्होंने संस्कृत में लिखे तो वो ऑलरेडी की जो उसको जानते थे और उससे भी ज्यादा इंट्रस्टिंग की आपने सुना होगा जिसे आप को कर जाए तो आपके शरीर का कोई भी हो या कोई भी करे हो सकती हमारे दसियों बात को बताया मरी ना करे जो की स्वयं माध्यम से उनको जाइज करे क्यूँकि अगर आपने रंगस्थान को इनर्जाइज कर दिया। आज अपने किसी भी बढ़ा को ठीक कर सकते है और ये जो सेल्फ टेक्नोलोजी है ये हमारे मारुन में हज़ारों साल थी कैसे सकते हैं कि संस्कृत जो है वो विज्ञान की भाषा नहीं है, जो है वो संस्कृत में किया गया है। 2 जो इन बातों के बारे में हमारे मन जियो का अपने नाम सुना हो की अगर हमारे प्लाट के नीचे कुछ वाटर लाइन करती है किसी भी अपार्टमें सोसाइटी में 1 ऐसा होता है जिसमे की लोग बीमार होते चले जाते हैं आपने सुना होगा ऐसा की 1 सोसाइटी में 4 ताल है इसलिए हमेशा लेते हैं इसका कारण होता है जो हार्ड मे जो की कुछ इंटरसेक्शन पॉइंट्स होते हैं और हमारे नाशियो ने सूत्रों और नारी के इंटरसेक्शन प्वाइंट है वह कुछ नहीं है यही सुने इसके बारे में हमारे महारिशी बता दे में शास्त्र है अगर वो शास्त्र पड़े और उन का उपयोग करे तो ये ये कभी भी नहीं आएगी और कोई भी जो है इस तरह की समस्या देती हूँ परमिट के बारे में सुना होगा। महान साइंटिस्ट थे आजीवन पेरेस किया की परमिट जो आपकी बॉडी डीजल बड़ी बड़ी बीमारिया ठीक हो जाती है। लेकिन हमारे जो जो वो सारी थे क्यूँकि हमारे थे वो पुराने वो सी बातों को जानते थे चाहूंगी की वस्तु शास्त्र का जरूर रखेगी शास्त्री शास्त्री ने वो जो आपके घर में लगा रहे प्रतिष्ठा व संस्कृत के मंत्र से लिखे जाने की कुछ और शास्त्र की मंच पर खड़े होते आप तक पहुँचा तो क्यूँकि हो चुका है तो मैं समझूंगी की मुझे मिला है इसके साथ मेरे जस्टिस सो थैंक यू सो मच और यहाँ धन्यवाद करना चाहूंगी थैंक यू थैंक यू।










