Durga Shaptshati Navratri special videos by Vastu expert Dr. Vaishali Gupta

Dr. Vaishali Gupta (Hindi) explains how to correctly recite the 13 chapters of Durga Shaptshati during Navratri: why morning recitation is preferred, behavioral and dietary rules for the nine days (avoid cutting nails/hair, avoid non-vegetarian and market-prepared food, prefer sattvic meals and single mealtime, observe fasting if possible), and a step-by-step ritual procedure to follow before and after each chapter (recite Devi's 100 names, Durga/Kavach/Kalika stotras, perform nyasa and navaran mantra repetitions—noted as "100 8 बार"—then read the chapter and conclude with nyasa/mantra). She also gives a suggested 7-day schedule to complete 13 chapters and instructions for Ashtami puja/havan and post-completion rites (honoring nine married women, asking forgiveness).
Chapters
नमस्कार नवरात्र के 9 दिनों में दुर्गा शब्द शति का पाठ किया जाता है और हम में से कुछ लोग दुर्गा शब्द शति का पाठ खुद से करते हैं। ऐसा माना जाता है कि अगर हम दुर्गा शब्द शति का पाठ नवरात्र के दिनों में करते हैं तो माँ की 80 मनुकंपा हमारे पे होती है क्योंकि इस समय देवी एनर्जी अबंडेंस में होती है। आज मैं आपको बताऊंगी कि दुर्गा शप्तशती के 13 अध्याय पढ़ने का सही तरीका क्या है। दुर्गा शप्तशती में 13 अध्याय होते हैं और हम में से कुछ लोग ये 13 अध्याय 7 दिन में खत्म करते हैं, कुछ 8 दिन में खत्म करते हैं। काफी लोग 7 दिन में खत्म करके अष्टमी के दिन पूजन करते हैं, हवन करते हैं और कन्याओं का यानि कि कंजको का पूजन भी करते हैं। अगर दुर्गा शप्तशती का पाठ सुबह के समय किया जाए तो इसको सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। लेकिन अगर किसी कारण पर सुबह के टाइम पाठ नहीं पढ़ सकते हैं तो इसको आप शाम के समय भी पढ़ सकते। लेकिन अच्छा यही माना जाता है कि सुबह के समय ही न दोगे मां क्या अर्चना करें, मां की पूजा करें और दुर्गा शब्द शती का पाठ करें। अगर आप कोई वर्किंग लेडी है या किसी वजह से आप पाठ सुबह के समय नहीं कर सकती है और शाम के टाइम करना प्रेफर करेंगे तो हो सके तो शाम तक फास्टिंग में रहे यानी कि व्रत में रहे। अगर आपकी कोई फिजिकल कंडीशन ऐसी है कि आप शाम तक भूखे नहीं रह सकते हैं तो थोड़ा सा फलाहार कर सकते। अगर आप स्वयं से दुर्गा शप्तशती का पाठ कर रहे हैं तो कुछ नियमों का ध्यान रखना बहुत ही अनिवार्य है। बहुत ही जरूरी है कि कुछ नियम कुछ रूल्स फॉलो करें। सबसे पहले इस बात का ध्यान रखें कि इन 9 दिनों में आप अपने नेल्स काटना यानि कि नाखून काटना अवॉइड करें साथ ही साथ अपने बाल न कटवाए कोई हैर, कटना ले और हर तरह की सेविंग को अगर आप अवॉइड करते हैं तो इस पार्ट का फल आपको और भी अच्छा मिलता है। दुर्गा शप्तशती का पाठ करते समय भोजन का ध्यान रखना भी बहुत ही जरूरी है। इन 9 दिनों में हो सके तो भोजन को आप 1 ही समय पर करे साथ ही साथ माँ को जो भोग लगाए वो भोग भी आप जरूर खाएं। इस बात का ध्यान रखे कि इन 9 दिनों में आप सात्विक भोजन ही सात्विक भोजन जिसमें लक्शन न हो, जिसमें प्याज न हो और जैसे की सैंधेकाजोनमक वो इस्तेमाल करे कूटू का आटा इस्तेमाल करें। आलू दही जो भी सात्विक भोजन होता है जो हमारी प्राण शक्ति को बढ़ाता है उसी प्रकार का भोजन आप ग्रहण करें। इस खास। इस बात का खास ध्यान रखे की इन 9 दिनों में किसी भी तरीके से आप नॉन वेजिटेरियन, फूड, बिल्कुल अवॉइड करें कम्प्लीटली वर्जित है। इसके साथ अगर आप बाजार से मंगाया हुआ खाना भी न खाए वो भी बहुत जरुरी है तो इन 9 दिनों में सातवें कहार खाएं। बिना लस्सन प्याज का खाएं जो माँ को भोग लगाएं वहीं खाना खाएं और भोजन को 1 ही समय पर करें। प्रतिदिन सुबह नहा धो कर। अपने डेली रिचुअल्स और पूजा खत्म करने के बाद आप नॉर्थ ईस्ट की फेसिंग में बैठ जाए और अपने सामने माँ की प्रतिमा को रखे। मां के बाई तरफ अखंड दीप जलाए और अपने पार्ट की शुरुआत करें। इस बात का ध्यान रखे कि पाठ करते समय आपका मुंह जो है वो ईस्ट की तरफ रहे या फिर नार्थ की तरफ रहे। जब आप माँ के सामने बैठ कर अपने पाठ की शुरुआत कर रहे हैं तो जरूर 1 बार अपने संकल्प को दोहराएं उसको जरूर अपने मन में दोहराएं। अपने मन में अध्यात्म और ध्यान के भाग को जलाए माँ का आह्वान करे। अपना संकल्प याद करें माँ से पूजा करे की वो अपनी संकल्प की पूर्ति करे और उसके बाद अपने पार्ट को प्रारंभ करें। इस बात का भी ध्यान रखे की दुर्गा शप्तशती की जो किताब है उसको आप किसी लकड़ी या कॉपर के स्टैंड पर ही रखे। आप किताब को अपने सामने खुल कर लकड़ी के स्टैंड पर रख सकते है और बहुत आराम से इसे पढ़ सकते है और माँ की आराधना कर सकते हैं। जब आप दुर्गा शप्तशती का पाठ करने बैठे तो इस बात का ध्यान रखे कि पार्ट को बीच में न छोड़े। पार्ट खत्म करने के बाद ही आप अपने स्थान से उठे और इस बात का भी ध्यान रखे कि पाठ करते वक्त आप किसी से बातचीत न करें। पार्ट को बहुत ही ध्यानपूर्वक करना है, पूरी श्रद्धा पूरी निष्ठा के साथ करना है और अपना पूरा ध्यान पार्ट में रखना है। आप चाहे तो पाठ शुरू करने से पहले घंटी भी बजा सकते हैं और पाठ को खत्म करने के बाद भी घंटी बजा सकते हैं। माँ से हर पाठ को शुरू करने से पहले अपने संकल्प की पूर्ति की प्रार्थना जरूर करें। और अब सबसे जरुरी बात मैं आपको बताऊंगी की इन 9 दिन तक दुर्गा शब्द सती के अध्याय आपको पढ़ने कैसे है। प्रति दिन अपना अध्याय शुरू करने से पहले सबसे पहले आप देवी माँ के सौ नामों का स्मरण करें। उसके बाद दुर्गा, कवच और ग्लास, श्रोत और कलिका स्रोत का ध्यान करें। इसे करने के बाद न्यास और नवारणमंत्र 100 8 बार बोले। ऐसा करने के बाद ही आप अपना अध्याय या दुर्गा शब्द शति का चैप्टर स्टार्ट करे। जब आपका यह अध्याय खत्म हो जाए तो 1 बार फिर ध्यान और न्यास 100 8 बार निवारण। मंत्र पड़े और गुंजेगा स्त्रोत के साथ अपने पाठ को विराम दें। इस बात का ध्यान रखे कि पाठ पढ़ने से पहले और पाठ पढने के बाद ये विधि आपको डेली फॉलो करनी है। यानि कि पाठ पढने से पहले माँ के सौ नाम दुर्गा, कवच, अर्गला, क्रोर, कलिका, स्त्रोत्र, न्यास और नवारणमंत्र उसके बाद आपका अध्याय, उसके बाद 1 बार फिर आपका ध्यान न्यास और 100 8 बार निवारण। मंत्र और कुंजी का स्त्रोत पढने के बाद ही आप अपने पाठ को विराम दें। अगर आप 7 दिन में 13 अध्याय खत्म करके अष्टमी के दिन पूजा हवन करना चाहते हैं तो पहले दिन प्रथम अध्याय पड़े, दूसरे दिन दूसरा और तीसरा अध्याय पड़े, तीसरे दिन चौथा अध्याय पढ़े, चौथे दिन पांचवां, छठा, सातवां और आठवां अध्याय पड़े, पांचवे दिन नौवां और दसवां अध्याय पढ़े, छठे दिन ग्यारहवां और बारहवां अध्याय पढ़े और सातवे दिन तेरवा यानि की आखिरी अध्याय पढ़े ये करने के बाद पूरे अध्याय पूरे होने के बाद अष्टमी के दिन पूजन करें हवन करें और कन्याओं की पूजा कर। दुर्गा सत्सती के सभी पार्ट की समाप्ति के बाद आप 9 विवाहित औरतों को श्रृंगार का सम्मान जरूर दें और इसके बाद शमा याचना भी पढ़ें। माँ से प्रार्थना करें कि माँ अगर आपकी पूजा अर्चना करते समय हमसे कोई भूल या त्रुटी हुई हो तो उसके लिए हमें क्षमा करे। तो आज मैंने आपको बताया कि दुर्गा शब्द शती के 13 अध्याय को पढ़ने का सही तरीका क्या है। अपने अगले वीडियो में मैं आपको नवरात्र की विधि विधान, पूजा के तरीके और माँ की अर्चना कैसे करे, माँ को प्रसन्न कैसे करे, इन सभी बातों में बहुत सारे वीडियोज लेकर आऊंगी। अगर आपको ये वीडियो अच्छा लगा तो सब्सक्राइब करे हमारे चैनल को। साथ ही हमारे कमेंट सेक्शन में अगर आपकी कोई भी क्वेरी है या कोई भी क्वेश्चन है तो उसे लिखना न भूलें हैप्पी नवरात्री।










