क्या आप फैक्ट्री में हो रहे घाटे से हैं परेशान? जरूर करें वास्तु के ये आसान उपाय

Vastu consultant Vaishali Gupta shares remedies for factory losses: place heavy machinery and building mass toward the southwest, keep north and east areas open and light, position the main gate based on which direction the building faces, and locate boilers and furnaces in the southeast. Underground water sources work best in the north or east.
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हेलो नमस्कार, मैं हूँ वास्तु 1 स्पोर्ट स्ट्रॉलेज डॉक्टर वैशाली गुप्ता आज मैं अपने इस वीडियो में आपसे फैक्ट्रीज के बारे में बात करने वाली हूँ। मैंने अपने पंद्रह साल के करियर में बहुत सारी फैक्ट्रीज, बहुत सारी इंडस्ट्रीज और बहुत सारे कमर्शियल स्पेसेज देखे हैं जिसमे की जो बिजनेस वेंचर है जो कमर्शियल स्पेस है वो प्रॉफिट में नहीं जा पा रहा। वास्तु बजट के दौरान मैंने कुछ ऐसे वास्तु के महा दोष पाए हैं जिनकी वजह से वहां पर बिजनेस ग्रो नहीं कर पा रहा। इनकमिंग मनी अच्छी नहीं हो रही और बिजनेस ओनर्स जैसा आउटपुट चाह रहे हैं वो निकल के नहीं आ पा रहा। अपने इस आज के वीडियो में मैं आपको वास्तु के कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रही हूं जो कि किसी भी फैक्टरी या इंडस्ट्री में एप्लीकेबल है। तो अगर आप भी किसी फैक्ट्री के मालिक हैं किसी इंडस्ट्री के ओनर हैं तो इस विडियो को आप ध्यान से देखें। वैसे तो हर इंडस्ट्री की जो वास्तु होती है वो काफी उस इंडस्ट्री को स्पेसिफिक होती है और कोई अच्छे वास्तु विशेषज्ञ ही आपको देख करके बता सकते हैं कि उसमें एक्चुअल प्रॉब्लम क्या है। लेकिन अगर हम इस वीडियो को देखकर इन प्वाइंट्स को फॉलो करते हैं त तो हम काफी हद तक अपनी फैक्ट्री के प्रवास में वास्तु कम्प्लाएंस ला सकते हैं। तो आइए जानते हैं कि वो कौन से रूल्स है जो हमें एस फैक्ट्री ओनर्स ध्यान रखने चाहिए। सबसे पहला सबसे पहले हम भी सभी जानते हैं कि हर 1 फैक्ट्री में प्लांट और मशीनरी होती है। तो सवाल ये उठता है कि ये प्लांट और मशीनरी आनी कहाँ पर चाहिए। अगर हम वास्तु की मानें तो वास्तु के अनुसार हमेशा किसी भी फैक्ट्री प्रेमाइस में साउथवेस्ट का एरिया भारी होना चाहिए और ऊंचा होना चाहिए और नॉर्थ और ईस्ट का एरिया जो है वो लाइट होना चाहिए। सबसे पहले तो अपने फैक्ट्री के प्लॉट पर अरेंजमेंट और बिल्डिंग को इस तरीके से प्लेस करें कि आपका सारा बिल्डिंग वेट और मशीन रिवेट साउथ वेस्ट की तरफ जाए और नॉर्थ और ईस्ट का जो प्रांगण है वो कमपैरिटिवली खाली रहे। ऐसा करने से आपका इनकमिंग मन अच्छा रहेगा साथ ही साथ फिनांशियल स्टेबिलिटी भी रहेगी। कभी कभी ऐसा होता है कि जिस रोड पर हमारी फैक्ट्री होती है उसके बिल्कुल सामने 1 और फैक्ट्री होती है। इस बात का ध्यान रखें कि आपके मेन गेट के बिल्कुल सामने किसी दूसरी फैक्ट्री का मेन गेट नहीं खुलना चाहिए जिससे एनर्जी की कोई इंटरमिंगलिंग न हो। उनका मेन गेट अगर थोड़ा सा साइड में हो या 1 तरफ हो और आपका मेन गेट दूसरी तरफ हो तो वास्तु की दृष्टि से वो बेहतर रहता है। क्योंकि आमने सामने के एनर्जी का क्लैश नहीं होता तो इस बात का ध्यान रखे और अगर ऐसा हो रहा है तो उसके लिए आप कोई भी उपयुक्त वास्तु उपाय करे किसी वास्तु विशेषज्ञ से सलाह लेकर हर 1 फैक्ट्री में 1 नए गार्ड रूम तो जरुर होता है और ये भी राजनीती बात है कि जो गार्ड रूम है वो हमेशा मेन गेट के साथ आता है तो सबसे पहले तो यही जरूरी है कि आपका जो मेन गेट है वो वास्तव के अनुसार सही दिशा में होना चाहिए। अगर आपके फैक्ट्री की जो फेसिंग है वो साउथ है तो अपना मेन गेट साउथ ईस्ट में रखे। अगर आपके फैक्ट्री की जो फेसिंग हैं वो नॉर्थ है तो अपना मेन गेट नॉर्थ इस्ट में रखे। वास्तु के अनुसार मेन गेट अगर नॉर्थ ईस्ट में आता है, ईस्ट में आता है या फिर मान लीजिए अगर आपकी वेस्ट की फेसिंग है तो आप अपने मेन गेट को सेंट्रल वेस्ट या नॉर्थ वेस्ट की तरफ से भी रख सकते हैं। तो सबसे पहले तो वास्तु चक्र के अनुसार आप अपने मेन गेट को सही लोकेशन पर दे और जैसा मैंने कहा कि गार्ड रूम हमेशा मेन गेट के साथ ही आता है। इस बात का ध्यान रखें कि गार्ड रूम के जो रूम की ऊंचाई है, जो जो हाइट है रूम की वो कभी भी 8 फुट से ऊपर की नहीं होनी चाहिए और जहाँ तक हो सके अगर गार्ड की फेसिंग ईस्ट या नॉर्थ की तरफ हो तो उसको वास्तु की दृष्टि से अच्छा माना जाता है। कई बार ऐसा होता है कि हमारी जो फैक्ट्री इंडस्ट्री होती है उसमें हम बॉयलर्स लगाते हैं या फिर हम कोई फर्नेस लगते हैं। ये वास्तु शास्त्र में अग्नि को डिनोट करता है और ये बहुत इम्पोर्टेंट है कि इस फर्नेस को या इस बॉयलर को हम वास्तु के अनुसार सही जगह पर लगाए। वास्तु की अगर हम मानें तो वास्तु की दृष्टि से साउथ ईस्ट यानी की अग्नि कोन की तरफ आपके फैक्ट्री में बॉयलर या फर्नेस लगाई जानी चाहिए। कई बार ऐसा होता है कि हम फैक्ट्री बनाने से पहले किसी प्लॉट को परचेज करते हैं। तो अगर हम फैक्ट्री के लिए किसी प्लॉट को परचेज करते हैं तो सबसे पहले उस प्लॉट में बाउंड्री वाल बनवा कर के उस प्लॉट का मेन गेट यानि कि जो कंपाउंड गेट है उसको आप डिसाइड कर लीजिये। ऐसा करने से फैक्ट्री के अंदर बाउंडरी वाल के अंदर पॉजिटिव ऊर्जा का संचार होता है। आपके फैक्ट्री के प्रांगण के स्लोप किस तरफ है यह भी बहुत ज्यादा मैटर करता है। कहीं ऐसा तो नहीं है कि आपके फैक्ट्री में जिस प्लॉट पर आपने फैक्ट्री बनाई है उसकी जो स्लोप है वो साउथ और वेस्ट की तरफ है और नॉर्थ और ईस्ट ऊँचा है। अगर ऐसा है तो आपके फैक्ट्री में फाइनेंशियल आउट फ्लो हो सकता है। पैसा बाहर की तरफ बह सकता है। आप अपनी इस चीज को करेक्ट कराए स्लोप को राइट, डायरेक्शन में कर इनफैक्ट अगर आपने अपने फैक्ट्री में कोई शेड डाला है जिसमें अपने प्लांट और मशीनरी रखी है तो ये भी बहुत जरुरी है कि आप इस शेड को साउथ वेस्ट की तरफ बनाएं। मशीनरी जैसा मैंने पहले भी कहा साउथवेस्ट की तरफ रखे और इस शेड की जो स्लोप हैं वो भी जहां तक हो सके ईस्ट और नॉर्थ की तरफ से अगर हमारे स्लोप या ढलान, नॉर्थ या ईस्ट की तरफ आते हैं तो इससे हमारे फैक्टरी में हमारे बिजनेस में अच्छा पैसा आता है कई सारी फैक्ट्रीज में हमने देखा है इंडस्ट्रीज में देखा है कि चिमनी भी लगाई जाती है। तो क्या आप जानते हैं कि वास्तु के अनुसार आपकी चिमनी कहाँ पर आनी चाहिए। मैं आपको बताती हूँ वास्तु के अनुसार आपकी जो चिमनी है वो 1 बार फिर फायर जोन यानी कि अगली फोन में आनी चाहिए क्योंकि अगनी जो है वो चिमनी को डिपिक्ट करती है चिमनी अगनी एलिमेंट से डिनोट होती है और इसको भी अपने फैक्ट्री के प्रवास में साउथ ईस्ट के डायरेक्शन में प्लेस करें। तो आज के अपने इस वीडियो में मैंने आपको बताया कि आज फैक्ट्री ओनर आपको किन किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए। आपकी फैक्ट्री की फेसिंग के हिसाब से मेन गेट राइट डायरेक्शन में देना चाहिए साथ ही साथ स्लोप का भी ध्यान रखना चाहिए आपके शेड की जो रूप है उसकी स्लोप भी मैटर करती हैं आप अपनी फैक्ट्री में वेट कहां पर देते हैं और ओपननेस और लाइटनेस कहां पर रखते हैं वो भी बहुत हद तक आपके वस्तु को गवर्न करता है तो इन सब चीजों को आप अपनी फैक्ट्री में चेक कीजिये और सबसे इम्पोर्टेंट चीज जो किसी भी फैक्ट्री में अंडरग्राउंड वाटर का सोर्स होता है वो बहुत इम्पोर्टेंट होता है क्योंकि भूमिगत पानी की टंकी या फिर बोरिंग आपके इनकमिंग मनी को और आपके ओनर की जो हेल्थ है वेलबीइंग है उसको बहुत हद तक जो है वो डिटरमिन करती है और मैंने अपने कई सारे वीडियोज में आपको बताया है कि ब्रॉडली अगर हम बात करें तो हमारा बोरिंग या अंडरराउंड टैं ईस्ट या नॉर्थ की तरफ आना चाहिए फिर भी मैं 1 बार यह कहूंगी कि अगर आप कोई फैक्ट्री इंडस्ट्री के ओनर हैं और आप प्रॉपरली अपने फैक्ट्री को चेक करना चाहते हैं तो आप किसी भी अच्छे वास्तु विशेषज्ञ को चेक कराके अपनी पत्री के साथ अपने उत्प्रेमाइज का मिलान करा कर ही आगे उसमें कुछ वास्तु के उपाय करें बाकी इस वीडियो में मैंने आपको जो भी टिप्स बताए हैं उनको आप जरूर फॉलो करें एंड आई होप यह वीडियो आपको अच्छा लगा थैंक यू सो मच फॉर लिस्टिंग टु मी एंड हावर नाइस डे।










