This YouTube webinar promo (Hindi) features Dr. Vaishali Gupta, founder of the Vedic Vastu Hub, outlining five core principles of Vedic Vastu Shastra and inviting viewers to a free, limited-seat webinar and online courses. The speaker emphasizes a return to Vedic principles, a holistic approach (directions, elements, deities, energy), three essential pillars for spaces (भोग्यम, सुख, दर्शम/रम्म), the role of direction-time (दिक-काल), and ritual/ceremony (अनुष्ठान) as integral to the practice.
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Dr. Vaishali Gupta
Vedic Vastu Hub
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आजकल की मोडनडेकीवास्तुशास्त्र की प्रैक्टिस कहीं न कहीं वैदिक प्रिंसिपल से विहीन यानी की डिवाइड होती जा रही है। जिसकी वजह से इस शास्त्र की क्रेडिबिलिटी इफेक्ट हो सकती है। वैदिक वास्तु शास्त्र 5 प्रिंसिपल्स पर आधारित है नंबर वन, सिद्धांत और संहिता। किसी भी सब्जेक्ट की फिलोसॉफी को सिद्धांत कहा जाता है और उससे रिलेटेड, स्क्रिप्चर्स, टेक्स, सम, सूत्र को संघता कहा जाता है। नंबर टू होलिस्टिक यानि कि परिपूर्ण, वैदिक वास्तु शास्त्र की अप्रोच होलिस्टिक है और ये ग्रह दिशा, तत्व, देवता और ऊर्जा पांचों को साथ में लेकर चलता है। नंबर थ्री, द त्रिस्थम्और, वैदिक वास्तु शास्त्र, भोग्यम, सुख, दर्शम और रम्म। ये वैदिक वास्तु शास्त्र के 3 स्तंभ हैं जो किसी भी भवन में या किसी भी स्पेस में होने चाहिए। नंबर फोर, दी कांसेप्ट ऑफ दिक काल यानि कि डिरेक्शन और समय का समागम, द स्पेस एंड टाइम, कॉं्टिन्यूम एंड नंबर फाइव लास्ट बट नॉट द लीस्ट द रिचुरिस्टिक आस्पेक्ट ऑफ वैदिक वास्तुशास्त्र। यानि कि किसी भी संकल्प को फलीभूत करने के लिए जो अनुष्ठान यूज किए जाते हैं वो भी वैदिक वास्तुशास्त्र का 1 बहुत ही इंपॉर्टेंट और इनसेपरेबल पाठ है। हाय मैं हूं वास्तव एक्सपर डॉक्टर, वैशाली गुप्ता, नंदी फाउंडर ऑफ द वैदिक वास्तु हप वैदिक वास्तु। हब की फॉर्मेशन मेरे ने इसलिए करी है क्योंकि मैं वैदिक वास्तु शास्त्र की नॉलेज को, उसकी जो अवेयरनेस है उसको अपने ऑनलाइन कोर्सेज और वीकली वेबिनार के माध्यम से घर घर तक पहुंचाना चाहती हूं और इसी के बारे में और गहराई से बताने के लिए मैं लेकर आ रही हूं अपना एकदम निशुल्क फ्री ऑफ कॉस्ट वेबिनार जिसको ज्वाइन करके आप वैदिक वास्तु शास्त्र की गहराई और उसके पावर को समझ सकते हैं। जान सकते हैं कि यह शास्त्र कितना प्राचीन, कितना पारंपरिक, कितना परिपूर्ण और कितना सशक्त है। तो अगर आप भी इस नॉलेज से रेसोनेट करते हैं अगर आप भी वैदिक वास्तु शास्त्र में रुचि रखते हैं तो मेरे इस वेबिनार को निचे दिए गए लिंक से क्लिक करके तुरंत ज्वाइन करें ये जो वेबिनार है ये बहुत ही लिमिटेड टाइम ऑफर है और इसमें जो सीट्स हैं वो रिजर्व्ड होंगी तो बिना ज्यादा समय गवाए, बिना क्लिक करे और अपनी सीट को रिजर्व करें मुझे आपका इंतजार रहेगा।