Ganesh Chaturthi 2021 | कैसी गणपति मूर्ति लाएं घर में? | Vastu tips for Ganesh Idol

This content was created by Vaishali Gupta. This content was uploaded by Vaishali Gupta. This is a YouTube video titled "Ganesh Chaturthi 2021 | कैसी गणपति मूर्ति लाएं घर में? | Vastu tips for Ganesh Idol" created on September 4, 2021. The video features Vaishali Gupta discussing the significance of different types of Ganesh idols and providing Vastu tips for their placement and worship during Ganesh Chaturthi.
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जब भी कोई त्योहार या कोई पर्व आता है खासकर जब गणेश चतुर्थी आती है तो हम बाजार जाकर अपने घर में गणेश जी की प्रतिमा लेकर आते हैं। तो जब हम बाजार जाते हैं तो उस समय हमारे मन में ये सवाल आता है कि वास्तु के अनुसार हमें गणेश जी की कैसी प्रतिमा अपने घर में डालनी चाहिए। वैसे तो गणेश जी का जो पूरा शरीर है जो पूरी बॉडी है लॉट गणेशा की वो किसी न किसी चीज को सिम्वलाइज करती है। उनका जो पूरा शरीर है वो किसी न किसी चीज को रिप्रेजेंट करता है। अगर सबसे पहले बात करें तो गजानन कहा जाता है यानि कि जिनका गज के समान शीर्ष होता है जिसका गज के समान शीष होता है यानि की विशाल, बुद्धि या फिर चतुरता या फिर बुद्धिमत्ता की निशानी होती है तो ऐसा कहा जाता है जब हम गणेश जी की पूजा अर्चना करते हैं तो हमारे देवी चातुर्य आता है, विजडम आता है और हमारी बुद्धि तीक्षण होती है फिर गणेश जी को लंबोदर भी कहा जाता है। लंबोदर यानि की जिनका पेट जो है वो निकला होता है और वो समृद्धि का सूचक होता है। ऐसे निकला हुआ पेट यानि की हमारे लाइफ में समृद्धि और प्रोस्पेरिटी को जो लाने वाले हैं वो है भगवान गणेश साथ ही गणेश जी को वक्रतुंड भी कहा जाता है जैसे कि मैंने आपको कहा जिनकी सूंड बकरी है यानि की मुड़ी हुई है गणेश जी की जो सूंड होती है गणेश जी का जो ट्रंक होता है वो लाइफ में आने वाले अपेन डाउन को डिनोट करता है यानि कि जीवन में जो भी उतार चढ़ा पाता है उसकी सिम्बॉलिक होती है गणेश जी की सूंड गणेश जी को 1 दंत भी कहा जाता है और ऐसा कहा जाता है कि गणेश जी के लेफ्ट साइड में मोदक होता है। मोदक जो है वो आनंद का प्रतीक होता है और साथ ही गणेश जी का जो वाहन है वो चूहा यानि कि मुशत को गणेश जी का वाहन माना गया है। ऐसा कहा जाता है कि चूहा जो भी होता है वो हर 1 चीज को कुतर लेता है। गणेश जी के नीचे चूहा होता है तो वो हमारे जीवन से कुतर्क को दूर करता है यानी कि इन लॉजिक को हमारे जीवन से दूर करता है। अगर हम गणेश जी की आराधना करते हैं तो जब भी हम गणेश जी की मूर्ति अपने घर में लेकर आते हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि गणेश जी जो हैं उनके 1 जो, उनकी लेफ्ट, उनका जो ट्रंक है, उनकी जो बाए हाथ की सून है उसमें 1 मोदक होना चाहिए। साथ ही साथ इस बात का ध्यान दें कि गणेश जी का जो हाथ हैं वो वर्ग मुद्रा में होना चाहिए जैसे की वो आपको आशीर्वाद दे रहा हो। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखना जरुरी है कि गणेश जी के सर पर मुकुट हो तो उसको भी वास्तु शास्त्र के अनुसार बहुत ही अच्छा माना जाता है और कहा जाता है कि ऐसे गणेश जी हमारे जीवन में रॉयल्टी यानि कि राजसी सुख लेकर के आते हैं। यह भी कहा जाता है की गणेश जी को साज सज्जा बहुत ही पसंद है इसलिए जब आप गणेश जी को अपने मंदिर में लाकर स्थापित करे तो उनको अच्छे से सजा कर रखे उनको अच्छा सा आसन दे उन्हें कोई माला पहनाए और नियमित रूप से उनकी पूजा भी करें। 1 और चीज जिसका कि हमें गणेश जी की मूर्ति लाते वक्त ध्यान रखना चाहिए वो यह भी है कि गणेश जी का पैर अगर धरती पर टिका हो उसे बहुत ही अच्छा माना जाता है कि अगर गणेश जी का पैर धरती पर टिका होता है तो सब तरह की सफलता हमारे कदम चूमती है और हर तरह की स्टेबिलिटी हमारे जीवन में आती है। आइये बात करते है की गणेश जी कि किस तरह के पोस्टर की प्रतिमा क्या रिप्रेजेंट करती है अगर आपको घर के लिए गणेश जी लाने हो मान लीजिये गणेश चतुर्थी पर आप गणेश जी की पूजा बंदना करना चाहते हैं तो अपने गणेश जी की जो मूर्ति यापना उसपे ध्यान रखें कि गणेश जी बैठे हुए हैं आराम से बैठे हो और उनका 1 पैर जो है वो जमीन पर टिका हुआ हो ऐसे गणेश जी की जो प्रतिमा है वो घर के लिए अच्छी मानी जाती है और क्योंकि गणेश जी बैठे हुए हैं तो ऐसा माना जाता है कि गणेश जी हमारे घर में विराजमान हो गए हैं और वो हमारे घर में रहेंगे। अक्सर पंडाल में आपने देखा होगा कि खड़े हुए गणेश जी की मूर्ति लगाई जाती है या प्रतिमा लगाई जाती है क्योंकि पंडाल में जो है वो उत्सव के बाद गणेश जी का विसर्जन कर दिया जाता है इसलिए खड़े हुए गणेश जी को वहाँ पर लगा सकते हैं लेकिन घर के लिए बैठे हुए गणेश जी लाएं कई जगह आपने देखा होगा कि लेटे हुए गणेश जी भी होते हैं और लेटे हुए गणेश जी जो होते हैं वो आनंद के सूचक होते हैं डांसिंग गणेशा यानि कि नृत्य करते हुए जो गणेश होते हैं वो और आर्टिस्टिक जो है एनर्जी उसको रेप्रेजेंट करते हैं और वो मस्ती और आनंद का भी प्रतीक होते हैं जो बाल स्वरूप होता है गणेश जी का उनके ललाट पे चंद्रमा होता है ऐसा कहा जाता है कि जो दंपत्ति संतान का सुख चहाते हैं उनको इन गणेश जी के रूप की पूजा करनी चाहिए और 1 होते हैं ऐसे गणेश जी जो आपने देखे होंगे जिनके हाथ में बांसुरी होती है और वो हमारे जीवन को संगीत से भर देते हैं यानि कि हर तरह के दुख, दरित्रता और क्लेश को हटा करके जीवन में सुख समृद्धि लाते हैं और अब हम बात करते हैं कि वास्तु के अनुसार गणेश जी की स्थापना कैसे होनी चाहिए कहाँ पर हम गणेश जी को लगाएं कैसे उनकी फेसिंग हो। वास्तव के अनुसार गणेश जी को अपने घर के नॉर्थ ईस्ट यानि कि ईशान कोर्ट में लगाया जाना चाहिए। कोण स्वयं भगवान का स्थान होता है और वहां गणेश जी को स्थापित करना बहुत ही शुभ होता है आप चाहे तो अपने घर के मंदिर के नॉर्थ या ईस्ट वाल को भी गणेश जी को स्थापित करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं और आप फिर नॉर्थ और ईस्ट की फेसिंग करते हुए गणेश जी की पूजा अर्चना करें। वास्तु के अनुसार यह भी कहा जाता है कि साउथ और साउथ वेस्ट में कभी भी उस दीवार पर गणेश जी की जो मूर्ति है गणेश जी की फोटो की स्थापना नहीं की जानी चाहिए क्योंकि वो हमारे पितरों का स्थान है और गणेश जी के लिए जो सही लोकेशन है, जो सही डायरेक्शन है वो है नॉर्थ यानि की उत्तर या फिर ईस्ट यानि की पूर्व की दिशा। कई बार आपने ये बात भी सुनी होगी कि गणेश जी के पीठ के पीछे दरित्रता होती है और कभी भी हमारे घर की तरफ गणेश जी की पीठ नहीं होनी चाहिए तो हम क्या कर सकते हैं हम अपने मंदिर में जब अपने गणेश जी को लगाते हैं तो इस बात का ध्यान दे कि उनकी पीठ घर के बाहर की तरफ हो कई लोग अपने मेन, एंट्रेंस यानि महाद्वार पर भी गणेश जी को लगाना चाहते हैं अगर आप अपने महाद्वार पर गणेश जी को देना चाहते हैं तो बैक टू बैक 2 गणपति को लगाएं 1 गणेश जी की प्रतिमा बाहर से और 1 गणेश जी की प्रतिमा अंदर से जिससे की उनकी पीठ जुड़ जाए और दोनों तरफ जो है वो गणेश जी का मुख दिखाई दे और उनका आशीर्वाद हम घर से बाहर जाते हुए भी ले सके और घर में अंदर आते हुए भी प्राप्त कर सके स्वास्थिक कसम हम जो प्रतीक है उसके बारे में हम सभी जानते हैं और स्वास्थिक जो है वो भी गणेश जी को रिप्रेजेंट करता है ऐसा कहा जाता है कि अगर आपके घर में कोई भी कहीं भी किसी भी दिशा में वास्तु दोषो अगर आप गाय के घी में थोड़ा सा सिंदूर मिला कर के उस डायरेक्शन में उस दिशा में स्वास्तिक बनाते हैं तो वो दोष जो है वो आपके घर से दूर होने लगता है 1 और बात का ध्यान रखना बहुत ही जरुरी है और वो ये है कि अगर गणेश चतुर्थी पे या फिर दीपावली पे या किसी भी पर्व पर अगर आप रंगोली बनाए तो कभी भी गणेश जी की प्रतिमा उस रंगोली में न बनाए हमारा पैर अगर उसको टच करता है तो उससे जो है वो गणेश जी का अपमान होता है तो किसी भी रंगोली में कभी भी गणेश जी की जो 1 फिगर है गणेश जी की जो 1 एनर्जी है उसको कभी भी न बनाये 1 और चीज जिसका ध्यान रखना बहुत ही जरुरी है वो ये है कि गणेश जी की पूजा करते समय कभी भी उनको तुलसी अर्पित न करें गणेश जी की जो पूजा है वो दूर्वा घास से की जाती है और तुलसी गणेश जी को अर्पित नहीं करनी चाहिए और जाते जाते मैं आपको ये भी बता दूं कि गणेश जी की बहुत सारी प्रतिमाएं हमारे घर में नहीं होनी चाहिए कई लोग हैं जो बहुत सारी प्रतिमाएं अपने घर में मंदिर में अलग अलग जगह पर लगा के रखते हैं। लेकिन वास्तु के अनुसार इसे अशुभ माना जाता है और ये हमारे घर में इल्लत लेके आता है। अपने मंदिर में 1 गणेश जी की मूर्ति रखें ऐसे स्थान पर रखें जहाँ पर आप उसकी डेली पूजा अर्चना कर सकें क्योंकि गणेश जी तो हर नए काम में विघ्न को दूर करते हैं और अगर गणेश जी की मूर्ति की पूजा अर्चना नहीं होती तो हमारे हर मांगलिक काले में विग्न आने की संभावना रहती है। तो आज मैंने अपने इस वीडियो में आपको गणेश जी के बारे में सारी जानकारी दी कि कैसे गणेश जी घर में लगाएं, कैसे हम गणेश जी की पूजा अर्चना करें, कैसे उनको वास्तु के अनुसार स्थापित करें तो आई होप इन सब को आप जरूर फॉलो करेंगे और गणेश चतुर्थी के पर्व पर मेरी तरफ से हार्दिक शुभकामनाएं।










