YouTube talk by Dr. Vaishali Gupta explaining the seven chakras along the spine, asserting each chakra has one negative and one positive feeling and that regular meditation/breathing practices convert the negative into the positive. She names chakra-specific associations (Muladhara—inertia/energy and Ganpati association; Svadhisthana—sexuality/creativity; Manipura—pride/jealousy; Anahata—heart: fear ↔ love; Vishuddhi—throat: grief ↔ gratitude; Ajna—third-eye: alertness/awareness; Sahasrara—crown: source of cosmic information). She recommends meditating regularly, centering oneself, aligning the chakras, and, as a Vastu tip, meditating in the east or north-east zone of the home.
Chapters
ये तो हम सभी जानते है की हमारे बॉडी में सेवन मेन चक्राज होते हैं जो अलोंग द स्पाइन होते है। सबसे नीचे का जो चक्र होता है वो होता है मूलाधार चक्र यानि की बेसल चकरा। इस चक्र पे गणपति जी का वास होता है। क्या आप जानते हैं कि हर चक्र पर 1 नेगेटिव और 1 पॉजिटिव फीलिंग होती है और हम मेडिटेशन के थ्रू इस नेगेटिव फीलिंग को पॉजिटिव में कनवर्ट कर सकते हैं। जैसे मूलाधार चक्र जो है वो इनर्शिया यानी कि जड़ता या फिर एक्टिविटी और रेंथुजियाजम का चकरा है। अगर ये चकरा हमारा वेल बैलेंस नहीं हो तो हमारे अंदर जड़ता आ सकती है, एनर्जी आ सकता है लेकिन अगर हमारा ये चकरा वेल बैलेंस्ड हो तो हम एक्टिव और रंथ्ूजियास्टि हो सकते हैं। इस से ऊपर जो स्वादिष्ट चक्र है वो चकरा होता है सेक्सुअल टेंडेंसीज या फिर क्रिएटिविटी का। जब ये चकरा वेल बैलेंस्ड होता है तो हम बहुत ही क्रिएटिव होते हैं और हमारे अंदर सृजनात्मक ख्याल आते हैं। इससे ऊपर हम आते हैं तो नाभी के पास होता है मणिपुर चक्र, मणिपुर चकरा, इज, द चकरा ऑफ ग्रिड जैलिसी। जब हमारा ये चक्र इम्बैलेंस होता है तो हमारे अंदर ग्रिड, हमारे अन्दर जैलिसी जैसी फीलिंग आ सकती है। और अगर हम रेगुलर मेडिटेशन करते हैं तो ये नेगेटिव फीलिंग्स पॉजिटिव में कनवर्ट हो सकती है। उससे ऊपर आता है अनाहत चकरा यानि कि हमारा हार्ट चकरा। आपने देखा होगा कि जब भी आपको प्यार या प्रेम फील होता है तो वो आपको हार्ट रीजन में फील होता है। और जब डर लगता है तब भी हम कहते हैं कि मेरा तो दिल धड़क रहा है। डर के मारे तो जो 2 फीलिंग्स हार्ट चकरा के साथ असोसिएटेड होती है वो है लव इन। फिर या तो हमारे अंदर लव हो सकता है या फिर फिर हो सकता है ये दोनो फीलिंग्स 1 साथ तो नहीं हो सकती। अगर हम रेगुलरली मेडिटेट करते हैं, ब्रीडिंग प्रैक्टिसिज करते हैं तो हमारा जो हार्ड चकरा है उसका जो फियर एलिमेंट है वो लव में कन्वर्ट हो जाता है। उसके ऊपर हमारा जो थ्रोट चकरा है वो है विशुद्धि चक्र। यह चक्र होता है ग्रीफ और ग्रैटिट्यूड का। आपने देखा होगा कि जब हमें बहुत ज्यादा गरीब होता है, दुख होता है तो हमारा गला भाता है। अगर हम बहुत ज्यादा ग्रैटिट्यूड में होते हैं, बहुत ज्यादा कृतज्ञता में होते हैं तब भी हम उसको अपने थ्रोट चकरा के आस पास फील कर पाते हैं। उसके ऊपर जो हमारा चक्र है यानि कि अजना या आज्ञा चक्र जो है वो डिनोट करता है अलर्टनेस को यानि कि थर्ड टाइम। जब हम इस चक्र पर ध्यान देते हैं या रेगुलर मेडिटेशन करते हैं तो हमारी अलर्टनेस और हमारी अवेयरनेस जो है वो इस चक्र के थ्रू बढ़ने लगती है। और सबसे ऊपर जो हमारा टॉप यानि की सेक्रल चक्र है जिसको कि हम सहस रार कहते हैं वो भी वो तो स्त्रोत है सारी कॉस्मिक इनफार्मेशन ये सारे जो साथ चकरा हैं, ये हमारी बॉडी में अलोंग द स्पाइन जो है, ये प्लेस होते हैं और जब हम रेगुलर मेडिटेशन करते हैं, अपने आप को सेंटर रखते हैं तो हमारे ये सारे चकरा द लाइन होने लगते हैं तो जहाँ मैं आपको वास्तु की इतनी टिप्स देती हूँ वहाँ मैं आपको यह भी बताना चाहूंगी कि अगर हमारी पॉजिटिव होती है अगर हम रेगुलर मेडिटेशन करते हैं तो हमारे घर की छोटी मोटी नेगेटिव एनर्जी हमको अफेक्ट भी नहीं करते तो आप भी मेडिटेशन जरूर करें ब्रिडिंग प्रैक्टिस जरूर करें अपने सारे चक्रास को लाइन करें और बाहर की एनर्जी से अफेक्ट होने से बेहतर यह होगा कि आपकी एनर्जी जो है वो बाहर की एनर्जी को पॉजिटिव के तो आई होप ये वीडियो सुनने के बाद आप जो है वो मेडिटेशन जरूर करेंगे और हो सके तो मेडिटेशन अपने घर के ईस्ट या नॉर्थ िस्ट जोन में बैठकर करें तो अगर ये विडियो आपको अच्छा लगा तो इसको लाइक करें और ऐसे अगर आपको वास्तु पे और स्पिरिट लिटी पे और वीडियो सुनने हो तो मेरे चैनल को जरूर सब्सक्राइब करे थैंक यू सो मच फॉर लिस्टिंग।