How Vastu Shastra Will Change Your Life? | Dr Vaishali Gupta

Dr. Vaishali Gupta explains Vastu Shastra as a system for aligning homes with cosmic principles to improve health, happiness, and prosperity. The practice links the five elements and cardinal directions to spiritual attainment, with roots in Vedic mythology and the architect Vishwakarma.
Questions this video answers
Dr. Vaishali Gupta
Vedic Vastu Hub
18 Maharishis
Chapters
शास्त्र ने सर्वस्य लोकस्य परम सुखम, चतुर वर्ग, फल प्राप्ति लोकश् भवेद शिल्प शास्त्र परिज्ञान मृत्यु, अपिसुजेतामरजेतपरमानंद जनक देव नामी दिमीरतमशिल्पविना नहीं, जगतिशुलोकेशु विद्यते जगत बिना नशिलपंचवर्ततेवसव प्रभू वास्तु शास्त्र 1 ऐसा शास्त्र है इस श्लोक में कहा गया है जिससे कि द होल यूनिवर्स गेट्स, गुड हेल्थ गेट्स हैप्पिनेस आल राउंड, प्रोस्पेरिटी, ह्यूमन, बींग, कैन, ईवन, अचीव, डेविनिटीयानकि देवत्व को भी प्राप्त कर सकते हैं। मनुष्य कॉलेज के साथ फॉलोर्स वास्तु शास्त्र इस श्लोक में कहा गया है कि फॉलोअर्स और वास्तु शास्त्र नॉट ओनली, गेट वर्ल्ड लीप्लेशर्ज बट वो हैविनली ब्लिस को भी एक्सपीरियंस कर पाते हैं और इस श्लोक में यह बताया गया है कि वास्तु शास्त्र जो है वो 1 बहुत ही यूनिवर्सल शास्त्र है और जो है बहुत ही ब्रह्माण्डी और ब्रह्मज्ञान से रिलेटेड शास्त्र है और किसी पर्टिकुलर ग्रुप ऑफ, पीपल या किसी पर्टिकुलर कास्ट या क्रीट के लिए एप्लीकेबल नहीं है इन फैक्ट जो भी व्यक्ति अपने जीवन में सुख समृद्धि और इनफैक्ट फॉर दैट मैटर इन लाइनमेंट प्राप्त करना चाहता है, स्पिरिचुअल एसेंशन प्राप्त करना चाहता है तो इस श्लोक में यह बताया गया है कि वास्तु शास्त्र इस सब को प्राप्त करने का 1 बहुत ही सरल माध्यम है नमस्कार मैं हूं वास्तु एक्स डॉक्टर वैशाली गुप्ता आम दी फाउंडर ऑफ वैदिक वास्तु। हो सकता है कि जब आपने श्लोक को सुना हो तो आपको लगा हो कि वाकई में वैदिक वास्तु शास्त्र जो है उसका वर्णन श्लोकों के माध्यम से हमारे वास्तु के शास्त्रों में, हमारे वेदों में, वास्तु के स्क्रिप्चर्स में कितना इलैबिरेटली और कितना डिस्क्रीट ली दिया गया है कैसे वास्तु शास्त्र हेल्थ का माध्यम बनता है, हैप्पीनेस का माध्यम बनता है, डिवाइन अटेनमेंट का माध्यम बनता है वो इस श्लोक में क्लियरली दिया गया है अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो कि वैदिक वास्तु शास्त्र के इस एंगल को एप्रिशिएट करते हैं, इस एंगल को वैल्यू करते हैं और आप जानना चाहते हैं कि वैदिक वास्तु शास्त्र जो है वो आज के मॉर्डन डे लिविंग में कैसे अप्लाई होता है तो आप मेरा वैदिक वास्तु हब ज्वाइन कर सकते हैं जिसके बारे में मैं आपको वीडियो में एंड में बताउंगी बट बिफोर दैट वेल्कम टू दिस वीडियो और इस पर्टिकुलर वीडियो में मैं आपको ये बताउंगी अनवेल करुंगी कि वास्तुशास्त्र के जो इंस्टेंट सीक्रेट्स हैं, जो वैदिक सीक्रेट्स हैं वो कैसे हार्मोनियस लिविंग में हमको हेल्प करते हैं। 1 चीज तो हम सबने सुनी है कि यत्पिंडे तथ ब्रह्माण डे यानी कि जो मैक्रो काजम की क्वॉलिटीज हैं जो मैक्रो काजम के वोचूजहैं वो कहीं न कहीं माइक्रोकॉजम में रिफ्लेक्ट होते हैं जो कि 1 परमात्मा और आत्मा का कांसेप्ट भी है और वैसे ही अगर हम कोसमोस को माइक्रोकॉजम मानें तो हमारा जो घर है हमारे जो हमारा भवन है वो 1 माइक्रोकॉजम है और अगर हम चाहते हैं कि इस माइक्रोकॉजम के द्वारा, अपने घर के द्वारा हम सुख शांति, समृद्धि स्पिरिचुअल सेंशन अपने फॉर्चून को लिबरेट कर सके तो हमें इस बात का ध्यान देना पड़ेगा कि हमारा जो घर है वो कोसमोस के प्रिंसिपल्स का 1 मिनी फॉर्म होना चाहिए और इसके लिए जो है वो वैदिक वास्तुशास्त्र, उसके प्रिंसिपल्स, उसके सीक्रेट, जॉमेट्री, उसकी हारमनी, रेजोनेंस, रिचुअल्स ये सारी चीजें जो हैं ये हमको इस चीज को अचीव करने में हेल्प करती हैं। वास्तु शास्त्र जो है चाहे हम उसके जब वैदिक दृष्टिकोण की बात करते हैं तो पंच महाभूत जिससे की हमारा शरीर बना है, जिससे की हमारा घर बना है, जिससे कि समस्त ब्रह्मांड बना है और ये पंच महाभूत जो हैं ये बहुत ही इंपॉर्टेंट रोल प्ले करते हैं जो फाइव ग्रेट एलिमेंट्स है, अर्थ है, फायर है, वोटर है, स्पेस है, आकाश, तत्व है हमारा ये कहीं न कहीं हमारे घर में भी जो है ये पंच तत्व छुपे हुए हैं और जो हमारी कोणीय दिशाएं हैं यानी कि हमारी जो डायगनल डायरेक्शन है वो तत्वों के साथ जुड़ी है, जो हमारी कार्डिनल डायरेक्शंस है वो ऊर्जाओं के साथ जुड़ी है ऊर्जा जो कि अर्थ की मैग्नेटिक एनर्जी है, ऊर्जा जो कि सन की प्राणिक एनर्जी है ये तो हमारी कार्डिनल डायरेक्शंस है लेकिन जो हमारी डायगनल डायरेक्शंस है वो बहुत इंपॉर्टेंट है क्योंकि जो पंच तत्त्व हैं वो इन डायगनल डायरेक्शन और ब्रह्म स्थान में समाए हुए हैं और वैदिक वास्तु शास्त्र जो है वो कोई कोई नॉर्मल ऐसा शास्त्र नहीं है जिसका कि कोई बहुत साधारण शास्त्र है ऐसा बिल्कुल भी नहीं है क्योंकि शास्त्र कभी साधारण हो ही नहीं सकता एंड ये तो ऐसा शास्त्र है जिसके जो प्रिसेप्टर्स हैं, जिसका जो दृष्टा है वो 18 महारिशी है 18 महार्षि जिनके मैं आगे आपको नाम भी बताउंगी इन 18 महाऋषियों के आशीर्वाद से वैदिक वास्तु शास्त्र का जो है वो उसकी उत्पत्ति हुई है। अब ये जो 18 महारिशी है जैसे ब्रह्मा हो गए, नारद हो गए, बृहस्पति, भृगु, वशिष्ठ, विश्वकर्मा, माया, अत्रि, गर्ग, कुमार, नंदीश नग्नजीत, विशालक्ष पुरंदरा, शौनक, वासुदेव, अनिरुद्ध, शुक्र, मेरे ख्याल से सभी 18 महारिशियों के नाम मैंने ले लिए और ये जो 18 महारिशी हैं इनके आशीर्वाद से वैदिक वास्तु शास्त्र का निर्माण हुआ था और इनका ऐसा आशीर्वाद है कि जो भी वास्तु शास्त्री वैदिक परंपरा से वास्तु शास्त्र को प्रैक्टिस करते हैं इन सभी 18 महारिशियों का जो आशीर्वाद है, जो ब्लेसिंग है वो उनके जीवन में तो आती ही है साथ ही साथ जो उसके उनके जो क्लाइंट्स हैं उनके जीवन में भी भाग्य कल प्ले करके आते हैं। मैंने अपने कुछ पिछले वीडियोज में बात करी थी कि जो आर्किटेक्ट होते हैं मानसर में बताया गया था कि आर्किटेक्ट को सबसे पहले जो मेंशन किया था वो मानसार में किया था और आर्किटेक्ट यानि की स्थापति और जो वर्ल्ड के स्थापति है जो संसार के जो आर्किटेक्ट हैं वो है विश्वकर्मा और विश्वकर्मा जी जो हैं उनके बारे में इसमें विश्वकर्मा प्रकाश में और मानस हार्मिक स्टोरी भी दी गई है 1 माइथोलॉजिकल स्टोरी भी दी गई है और इस स्टोरी से जो है वो आप अपने इंट्यूशन से इंटरप्रेट कर सकते हैं कि ये स्टोरी जो है वो क्या कहना चाहते हैं अब विश्वकर्मा जो नाम है वो शिव, ब्रह्म और इंद्र इससे निकल कर के आया है और विश्वकर्मा जी के जो है वो 4 फेसिज थे उनका जो ईस्टन फेस था उसे कहा जाता था विश्व भू और जो उनका वेस्टन फेस था उसको कहा जाता था विश्व स्टार सदन फेस जो है उसको कहा जाता था विश्व वित और जो उनका नदन फेस है नॉर्दन फेस, उसको कहा जाता था विश्ववत और ये जो हैं इनके जो फेसेज हैं इनके 4 जो है वो बच्चे 4 चिल्डन बोन हुए थे ईस्टन फेस से, निकले थे विश्वकर्मा यानि की विश्वकर्मा जी की जो उत्पत्ति है फेस से हुई थी वेस्टन फेस से जो प्रोड्यूस हुए थे वो थे मनु और सदन फेस से, जो थे वो माया थे और नदन जो फेस था उसमें से ट्रस्टर निकले थे तो ये जो 4 जो बच्चे हैं ये विश्वकर्मा जी के जो 4 फेस के 4 साइड से उनसे ये निकाल करके आए थे और ये जो 4 बच्चे थे इन सबकी शादी हुई थी विश्वकर्मा जो है जो कि ईस्टन फेस से निकले थे उ उनकी शादी हुई थी इंद्र भगवान की डॉक्टर से जो माया है उनकी शादी हुई थी सुरेंद्र भगवान की डॉक्टर से जो त्वस्टरहै उनकी शादी हुई थी डॉक्टर ऑफ वइसरावना से और जो मनु हैं उनकी शादी हुई थी डॉक्टर ऑफ नाला से और इन सभी कपल्स को जो है वो 1 बेटा हुआ था और ये जो बेटा था ये इस वो बेटा जो था वो स्थापति का 1 इम्पोर्टेंट रोल प्ले करता था तो आप देखेंगे कि कैसे शास्त्रों में जो है ये बताया गया है कि कैसे आर्किटेक्ट जो है उसके उनकी उत्पत्ति हुई थी कैसे विश्वकर्मा थे विश्वकर्मा के 4 फेस थे उन 4 फेस से जो है उनके क्या नाम थे उनसे कौन से बच्चे उनकी उत्पत्ति हुई थी उन बच्चों की किस भगवान की बेटियों से शादी हुई थी और कैसे उनके बेटे को आज स्थापति या सूत्र ग्रही या तक्षक इस प्रकार से उनको अलग अलग रोल्स एन रिस्पांसिबिलिटीज दी गई थी। तो वैदिक वास्त्र शास्त्र जो है वो बहुत ही इंट्रस्टिंग है और सबसे इंट्रस्टिंग पार्ट वैदिक वास्तु शास्त्र का यह है कि ये जो है स्टोरीज के माध्यम से हमें प्रेजेंट किया गया है जैसा कि आपने देखा होगा कि हिंदू शास्त्र में हर चीज को माइथोलॉजी और स्टोरीज के नाम से बताया जाता है जिससे की कोई भी इनफार्मेशन हमें फार्मले की तरह न मिले 1 स्टोरी तरह मिले और अपने इंट्यूशन से अपने जो है वो बुद्धि से हम उसको इंटरप्रेट कर सकें और आगे अपने हिसाब से उसको यूज कर सकें और ये तो हम सभी जानते हैं कि इंफॉर्मेशन से ज्यादा फैक्ट्स से ज्यादा स्टोरीज को याद रखना आसान होता है तो आज के अपने इस वीडियो में भी मैंने आपको वैदिक वास्तु शास्त्र का 1 छोटा सा पहलू दिखाया और मैं बार बार कहती हूं कि जो भी आप में से लोग हैं जो अपने घर के लिए या फ्यूचर में कभी प्रैक्टिस के लिए करियर के लिए वैदिक वास्तु शास्त्र के प्रिंसिपल्स को जानना चाहते हैं ये जानना चाहते हैं कि वैदिक वास्तु शास्त्र की मॉडर्न डे में सिग्निफिकेंस क्या है एप्लीकेशन क्या है तो आप वैदिक वास्तु आप जो कि मेरी ऑनलाइन कम्यूनिटी है उसको ज्वाइन कर सकते हैं, इस जोनी का पार्ट बन सकते हैं, अपने घर के वास्तु मेंटर बन सकते हैं, अपने आसपास के लोगों के जीवन में फर्क ला सकते हैं और्वेदिक वास्तु शास्त्र का जो प्रचलन है उसको थोड़ा सा और पॉपुलर कर सकते हैं। सो आई होप वंस अगेन यह वीडियो आपको अच्छा लगा एंड आप जो है चैनल के साथ जुड़े रहेंगे। अगर आप चाहते हैं कि ऐसी जानकारी आपको रेगुलर बेसिस पर मिलते रहे। प्रैक्टिकल वीडियोज, नॉलेज वीडियोज, कॉंसेप्ट वीडियोज और एप्लीकेशन वीडियोज। अगर आप ये सब देखना चाहते हैं वास्तु शास्त्र से संबंधित तो अगर आपने चैनल को सबस्क्राइब नहीं किया तो सबस्क्राइब जरूर कर ले और मेरे चैनल के साथ जुड़े रहें। थैंक यू सो मच वन्स अगेन फॉर बीइंग हर इन दिस विडियो विद मी आई होप यह वीडियो आपको अच्छा लगा एंड आल बी सुन कमिंग वित मोर विडियोज लाइक दिस थैंक यू वन्स अगान।










