How Vedas Demonstrate Authentic Vedic Vastu Knowledge - वास्तु शास्त्र और वेदों का संबंध

This content was created by Vaishali Gupta. This content was uploaded by Vaishali Gupta. This is a YouTube video titled "How Vedas Demonstrate Authentic Vedic Vastu Knowledge - वास्तु शास्त्र और वेदों का संबंध" created on October 30, 2023, discussing the relationship between Vedic texts and Vastu Shastra, an ancient Indian architectural science.
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हेलो नमस्कार, मैं हूँ, वास्तु एक्सपर्ट इन स्टलेज, डॉक्टर, वैशाली, गुप्ता, आ, म, द फाउंडर, ऑफ़ द वैदिक, वास्तु हप। मैंने बहुत सारी वीडियोज जो हैं वो वास्तु शास्त्र पर बनाई है और यह कोशिश करी है कि टाइम टाइम पर मैं आपको वास्तु से संबंधित जो भी रेलेवेंट इन्फॉर्मेशन है वो मैं आपको देती हूं। वैसे तो वास्तु शास्त्र जो है वो 1 बहुत ही प्राचीन और पारंपरिक शास्त्र है और शास्त्र नाम होने के कारण हम यह भी जानते हैं कि वेदों की परंपरा से प्रेरित है। बहुत सारे वास्तु के ऐसे ग्रंथ हैं स्क्रिप्चर्स हैं माया, मतम, मानसार, समरंगन सूत्रधार कई सारे ऐसे ग्रंथ हैं जो हमको वास्तु की प्राचीनता से अवगत कराते हैं और इन ग्रंथों में वास्तु शास्त्र के संबंध में बहुत सारी चीजें दी गई हैं। अगर हम इन सारे प्रिंसिपल्स को, जो कि इन ग्रंथों में दिए गए हैं, अगर हम इनको फॉलो करते हैं तो ऐसा कहा गया है कि हमारे जीवन में हर तरह की सुख और समृद्धि आती है। इन फैक्ट वरम। वहिरा ने बेहद समिता में कहा है कि वास्तु शास्त्र प्रवक्ष्यामि, लोका नाम हितकाम्यया यानि कि आई, हेयर बाई प्रपाउंड, दी डॉक्ट्रिन ऑफ वास्तु शास्त्र फॉर, दी वेलबिंग ऑफ ह्यूमन, विंग्स मनुष्य, मानव की बेहतरी के लिए, मानव जीवन की बेहतरी के लिए, मानव जीवन के आधिभौतिक, आदि, दैव्य और आध्यात्मिक विकास के लिए में वास्तुशास्त्र का जो प्रिंसिपल है, वास्तु शास्त्र का जो फिलोसॉफी है, वो प्रेजेंट करता हूं। हालांकि वास्तुशास्त्र जो है, जैसा कि हम आज जानते हैं वो बहुत ज्यादा जो है। वो मटीरियल डिजायर्स से यानि कि जो आदि भौतिक सुख हैं, उनसे रिलेटेड है कि हमारे घर में जो है, समृद्धि रहे, हमारे घर में पैसा रहे, हमारे घर में हेल्थ अच्छी रहे। हमारे जो भी जन्म के फिजिकल डिजायर्स हैं, वो पूरे हों। बट कहीं न कहीं जिन 18 महारिशियों ने वास्तु शास्त्र का वर्णन किया है, उन्होंने बोला है कि आधि भौतिक के अलावा आधि दैविक और आध्यात्मिक जो 1 एंगल है, वास्तु का वो भी पॉसिबल है। 1 बार आपको अपने जीवन में सारी चीजें मिल जाती हैं। सो ऑबवियसली यू विल लुक टू समथिंग। हायर, आप किसी ऊंची चीज को देखना चाहेंगे। बरहाल, ये तो वास्तु के बारे में जो है। थोड़ा प्राचीनता के बारे में बात हो गई। लेकिन वास्तु शास्त्र की सबसे अच्छी बात यह है कि वास्तु शास्त्र के उन प्रिंसिपल्स को हम आज मॉडन टाइम्स में भी अप्लाई कर सकते हैं। कुछ प्रिंसिपल्स ऐसे हैं जिनको आधार भूत रखते हुए अगर हम मॉडन डे में उनको अप्लाई करते हैं तो भी उनकी वैलिडिटी, तो भी उनका जो रिजल्ट है वो वैसा ही है जैसे कि रंग उपचार के बारे में वास्तुशास्त्र में बताया गया था, प्रत्न उपचार के बारे में बताया गया था, यह बताया गया था कि जो पृथ्वी तत्त्व है, वो पीत वर्ण है, जो अग्नि तत्त्व है, वो रक्त वर्ण है, जो वायु तत्त्व है, उसके बारे में बताया था। जो जल तत्व है वो नील वर्ण है। तो इस तरीके से आकाश का अपना कोई रंग वर्ण नहीं है। तो ये सारी चीजें दी गई थीं और इनको हम आज के टाइम में अगर मॉडन वे में अप्लाई कर लें तो वास्तुशास्त्र की प्राचीनता और आज की मॉडर्न डे अडेप्टेशन दोनों चीजें हो सकती हैं। ये तो हम सब जानते हैं कि आजकल ज्यादातर लोग जो हैं वो अपार्टमेंट्स में रहना प्रिफर करते हैं। बिकॉज ऑफ द सिक्योरिटी, बिकाज ऑफ द मेंटेनेंस बिकाज ऑफ दी कनवीनियंस और बहुत अच्छा भी है क्योंकि यह कम्यूनिटी लिविंग को प्रमोट करता है और जब भी कोई त्योहार आते हैं, फेस्टिवल आते हैं और हमारा परिवार हमसे अगर दूर हो तो हमें बिल्कुल ऐसा नहीं लगता कि हम जो हैं वो अपनों के बीच में नहीं हैं एंड हम में से कुछ लोग ऐसे हैं जो कि नवरात्र में नए घर लेते हैं, दिवाली में नए घर लेते हैं, नए साल पे लेते हैं और हम उनको ऐसा भी करते है कि समय समय पर रेनोवेट कराते हैं, हम अपने घर के इंटीरियर्स चेंज करते हैं। तो आज का जो ये स्पेशल वीडियो है इसमें मैं आपको ये बताने जा रही हूं कि आपके घर के जो इंटीरियर्स हैं आपके घर की जो इंटरनल एनर्जी है वो वास्तुशास्त्र के अनुसार कैसी होनी चाहिए और मैं 1 बार आपको फिर बता दूं कि वास्तुशास्त्र जो है वो हमें यही नहीं पता था कि कौन सा कमरा कहाँ पर हो या कहाँ पर हम क्या चीज रखें वो हमें यह भी बताता है कि हम अपने घर की एनर्जी को जो है, ऊर्जा को जो है वो मंडलाकार कैसे कर सकते हैं, साइक्लिक कैसे कर सकते हैं, प्रदक्षणा मार्ग से कैसे कर सकते हैं जिससे कि हमारे घर में कोई भी दोष या महादोष उत्पन्न नहीं हो। तो आपको सोच कर के लग रहा होगा कि क्या इंटीरियर्स से भी मेरे घर में वास्तु का बैलेंस हो सकता है। यह सिर्फ मैंने महाद्वार देख लिया टॉयलेट की लोकेशन देख लिए, किचन की लोकेशन देख ली, वहीं पर्याप्त है वेल, दैट, इज, इम्पोरटेंट वो सबसे ज्यादा जरुरी है लेकिन 1 बार हमारा घर डिसाइड हो गया अगर उसमें कोई छोटे मोटे वास्तु फाल्ट्स हैं तो इंटीरियर्स के द्वारा भी आज मैं आपसे यह बताने जा रही हूं कि आप कैसे उनको बैलेंस क सकते हैं सो वंस अगेन आम बाज तो एक्सपर्ट डॉ, वैशाली गुप्ता और अब मैं आपको बताउंगी की इंटीरियर्स में ऐसी कौन सी चीजें हैं जिनका की अगर आप ध्यान रखते हैं तो आपके जो घर की ऊर्जा है वो मंडलाकार हो सकती है, बैलेंस्ड हो सकती है और हर तरह की जो अच्छी चीजें हैं जैसे कि धैर्य, आयेगा, स्थैर्य, आएगा, शेम, आएगा, आपके, अंदर जो है, मंगल ले, आपके जीवन में आएगा और आयु की भी वृद्धि होगी और कैसे ये हम करें। अब मैं आपको बताती हूँ सबसे पहले हम बात करते है कि जो मैंने बात करी कि वास्तु शास्त्र में जो है वेट मैनेजमेंट बहुत ज्यादा इंपोर्टेंट है अगर हमारे ओवरॉल घर का वेट बैलेंस खराब हो जाता है तो हमारे घर की जो उर्जा है वो डिस्टर्ब हो जाती है ऊर्जा डिस्टर्ब होते ही हमारी जो पर्सनल एनर्जी है यानी कि भाया काश के डिस्टर्ब होने से हमारा जो चिदाकाश है, अंदर की एनर्जी है वो भी डिस्टर्ब हो जाती है। इसलिए बहुत इम्पोर्टेंट है कि हमारे आस पास का सराउंडिंग अच्छा हो। अब मान लीजिए कि आपने अपने घर में, वेट मैनेजमेंट में इसी बात का ध्यान नहीं दिया कि आपका जो घर हैं उसमें फर्नीचर प्लेसमेंट ओवरऑल घर में और हर कमरे में। ऐसा होना चाहिए कि साउथ और वेस्ट का जोन भारी हो, नॉर्थ और ईस्ट का जो जोन है वो लाइट हो। हमारी जो पृथ्वी है वो नॉर्थ ईस्ट की तरफ टिल्टेड है। इसलिए उसको हम हल्का रखने में मदद करें, प्रकृति के हार्मनी और ऑर्डर को सपोर्ट करें और अपने घर में भी नॉर्थ रिस्ट को लाइट रखें। वैसे भी वास्तु शास्त्र में, तो जो वास्तु देवता हैं वास्तु पुरुष हैं, उनका जो शीष है, हमने देखा है वो अधूमुहखोकरके अंजलि मुद्रा में लेटे हैं और उनका जो शीश है वो ईशान कोण की तरफ आता है। अब आप सोचिए आप नॉर्थईस्ट में बहुत ज्यादा अगर वेट ऐड कर देते हैं और अपने कमरे का साउथवेस्ट हल्का रखते हैं, नॉर्थ हीस्ट बहारी करते हैं, एनर्जी रिवर्सल करते हैं तो नॉर्थ ईस्ट जो हमारी क्लारिटी ऑफ थिंकिंग को डिनोट करता है वो भी अफेक्ट हो जाता है। सो रूल नंबर वन, फॉर इंटीरियर्स, वेट मैनेजमेंट। अपने घर में, हर फर्नीचर को, ओवर ऑल घर में और हर कमरे में ऐसे प्लेस करने की कोशिश करें कि साउथ और वेस्ट भारी हो कबर्ड साउथ वेस्ट की तरफ आएं। हमारे जो बेड्स हैं वो साउथ और वेस्ट की तरफ जाएं और जो हल्का सामान है वो नॉर्थ और ईस्ट की तरफ आये। देखिये मास्टर, बेडरूम, गेस्ट, बेडरूम। इन सब बेडरूम्स में तो यह होना थोड़ा सा मुश्किल हो सकता है क्योंकि कमरे कभी कभी छोटे होते हैं और हमें सारा समान एडजस् करना होता है। लेकिन जो बाकी कमरे हैं उसमें कम से कम आप ध्यान दीजिये जैसे आपका लिविंग रूम है, आपकी फैमिली लॉबी है या आपका कोई अन्य एंटरटेनमेंट रूम है कि ब्रह्म स्थान खाली हो, नॉर्थ रिस्ट लाइट हो और साउथ और वेस्ट भारी हो। ऐसा करने से नंबर वन आपके घर में जो तत्व हैं उनका 1 बैलेंस फॉर्म होगा। 1 वेज मैनेजमेंट जो है वो अचीव होगा। अब बात कर रहे हैं तत्वों की तो ये भी ध्यान देना है कि इंटीरियर्स में किचन अग्नि की तरफ आए, मास्टर बेडरूम पृथ्वी की तरफ जाएं और टॉयलेट्स जो हैं वो वायुवेग कोण की तरफ जाएं तो इन चीजों का भी ध्यान रखें। 1 और चीज जो इंटीज में बहुत ज्यादा इंपोर्टेंट है वो है हमारे डोर्स, विंडोज और ओपनिंग। हालांकि यह कंस्ट्रक्शन का पार्ट है लेकिन ये हमारे घर की ऊर्जा में बहुत ज्यादा असर लाते हैं। अगर हम वास्तु शास्त्र की मानें तो साउथ और वेस्ट की तरफ से सूर्य की पिंगला ट्रीम्स का आगमन होता है जो कि हमारे ओवरॉल पर्सनल एनर्जी के लिए, घर की एनर्जी के लिए उतनी अच्छी नहीं मानी जाती और सूर्य जब 11 बजे से लेकर 5 बजे तक वेस्ट की तरफ जा रहा होता है साउथ की तरफ से तब वहा पे पिंगला ट्रीम्स आ रही होती है और वो पिंगला स्ट्रीम जो हैं हमें ब्लॉक करनी है तो इसका मतलब है कि जो साउथ वेस्ट और साउथ ईस्ट की विंडोज हैं इनको अगर हम खासकर 11 से 5 के बीच में बंद रखें तो वास्तु शास्त्र के अनुसार रक्षा माना जाता है और नॉर्थ और ईस्ट की जो विंडोज हैं उनको आप जितना ज्यादा खुला रख सकते हैं वास्तु के अनुसार उतना ही अच्छा है क्योंकि वहां से आने वाली जो मून स्ट्रीम्स हैं जो इडा किरने हैं वो हमारे घर को ठंडक देती है साथ ही हमारे घर की ओवरॉल प्रोस्पेरिटी लेडीज हेल्थ और हमारे जो घर के गृह स्वामी हैं ओवरॉल जो ऑक्यूपेंट्स हैं उनकी वेलबिंग का ध्यान रखती है सो रूल नंबर, टू साउथ और वेस्ट की विंडोज को बंद रखें नॉर्थ और स्ट की ओपनिंग्स को खुला रखें और अगर आपके अपार्टमेंट में साउथ और वेस्ट में बड़ी बड़ी बैलक नीज आ रही हैं तो खासकर 11 से 5 के बीच में आप उनको बंद रखें उनके दरवाजों को और वहां पे थिक या हैवी कर्टंस डाल के रखें जिससे कि पृथ्वी तत्व जो साउथ और वेस्ट से रिप्रेजेंट होता है वो कमजोर नहीं हो नेक्स्ट जो मैंने बात करी थी वो थी रंग उपचार इंटीरिय्स की बात हो और रंगों की बात नहीं हो तो बड़ा इनकम्पलीट लगेगा। तो वास्तु शास्त्र में जो है वो तत्वों के अनुसार कलर्स दिए हैं डिरेक्शंस के पर्टिकुलर कलर्स दिए हैं। तो नॉर्थ और नॉर्थ इस्ट जोन जो है उसको वास्तुशास्त्र में जल का जोन माना जाता है यानी कि उसको पानी वाटर जोन माना जाता है और वाटर से रिलेटेड जितने भी कलर्स हैं आप नॉर्थ और नॉर्थ िस्ट में यूज कर सकते हैं आप ब्लू कलर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं आप जो हैं अलग अलग ब्लू के शेड्स ले सकते हैं, वाइटिश ब्लू इस कॉम्बिनेशंस ले सकते हैं एंड एट द सेम टाइम। क्योंकि नॉर्थ का जो रूलिंग प्लेनेट है वो मर्करी है इसलिए जो मर्करी का रंग है हरा वो भी हम कहीं कहीं पे स्पेरिंग ली यूज कर सकते हैं। सिमिलरली जो हमारा नॉर्थ वेस्ट का जोन है वो वायु वे कोण है। तो वायुवेग कोण जो है उसमें वायु से संबंधित कलर थोडा सा, ब्लू, थोड़ा सा, वाइट, थोड़ा सा, सिल्वर भी यूज हो सकता है और ग्रे स्टोन्स भी हल्के फुल्के यूज हो सकते हैं और नॉर्थवेस्ट का जो रूलिंग प्लेनेट है वो चंद्रमा है इसलिए वाइटिश सिल्वर ये सब कलर्स भी यहां पे चलते हैं वित कॉम्बिनेशंस ऑफ ब्लू एन ग्रे नाव थर्ड साउतीस्ट की जब हम बात करते हैं तो ये थोड़ी सी क्रिटिकल डायरेक्शन है क्योंकि ये अग्नि कोन के डिरेक्शन हैं। तो कई बार मैंने अपने विजेट में देखा है कि हमारे जो क्लाइंट्स हैं वो साउथी में बहुत ज्यादा लाल, पीले, अग्नि के रंग दे देते हैं। ऐसा करना सही नहीं है क्योंकि अग्नि अगर आपके मान लीजिए वहां बड़ी बड़ी विंडोज हैं या अगनी में आपके बड़े बड़े जो है बैलकनीजहैं और आलरेडी अगनी तत्त्व जो है वो बहुत हाई है और उसके बाद आप बहुत ज्यादा लाल पीले रंग डाल रहे हैं तो वो अग्नि में घी के बराबर काम करेगा तो साउथ िस्ट में अगनि के रंग दें पट उनकी मात्रा कम होनी चाहिए बाकी साउथ िस्ट को आप न्यूट्रल रखें आइवरी कलर्स इन सब कलर्स को प्रेफर करे। एंड लास्ट हमारा जो पृथ्वी तत्त्व है वो साउथ और साउथवेस्ट से नोट होता है और यहां पर हम अरदी कलर्स देना प्रेफर करें आप ब्राउंड दे सकते हैं हल्के ब्लैक इश ग्रेज दे सकते हैं एंड न्यूट्रल कलर्स जो और दी टोन्स को रेप्रेजेंट करते हैं वो दे सकते हैं वैसे अगर मैं आपको अपने एक्सपीरियंस से बताऊं तो मुझे लगता है कि अगर ओवरऑल घर को हम आइवरी वाइट या किसी न्यूट्र टोन में रखें और ये सब जो रंग है यह ऊपर से पेंटिंग के माध्यम से या हल्का पुल्का वॉल पेपर के माध्यम से या रग्ज या फिर कुशन के माध्यम से ऐड करे तो वो वास्तु शास्त्र के अनुसार बेटर रहता है और टाइम टाइम पे आप अपने इंटीरियर्स को बदल भी सकते हैं। तो ये जो बात करी हमने यह बात हो गई रंगों की जो कि इंटीरियर्स का 1 बहुत बड़ा पाठ होते हैं नेक्सट चीज जो मैं आपसे बात कर रही हूं वो है लाइटिंग लाइटिंग में ध्यान रखें कि लाइटिंग आपका सबसे इंपॉर्टेंट पार्ट यह है कि आपके घर का 11 कोना वेलिट होना चाहिए हर जगह जो है वो अच्छ से प्रकाश होना चाहिए नहीं तो आपकी अपनी पर्सनल एनर्जी डाउन जा सकती है। कई विजिट्स में तो मैंने ये भी देखा है कि लोगों का जो मेन एंट्रेंस होता है वो ही इतना डैम और डार्क होता है कि ऐसा लगता है कि वहां से कुछ भी जो पॉजिटिव ऊर्जा है वो आई नहीं रही है और घर में घुसते समय ही जो है वो मन में 1 जैसे कहते हैं बेड सा जाता है मन अच्छा नहीं लगता तो अगर आपका इंट्रेंस भी ऐसा है कि वहां पर आपने कुछ क्लटर रखा है वहां लाइटिंग कम हैं वहां लाइटिंग ठीक करें बाकि अपने सारे बेडरूम्स में और अपने लिविंग रूम में भी अच्छे अमाउंट में लाइटिंग दे भले ही आप कम्बियंटलाइटिंग यूज करें सारी लाइटिंग 1 साथ यूज करें बट लाइटिंग का प्रोविजन होना चाहिए एंड अकॉर्डिंग टू, वास्तुशास्त्र अकॉर्डिंग टू बिल्डिंग बाई ऑलेज आल्सो। अगर हम येल्लो स्टोन्स की लाइट रखते हैं, वाम वाइट रखते हैं तो वो वास्तु के अनुसार हमारी ओवरॉल पॉजिटिविटी के लिए ज्यादा अच्छा रहता है कहीं कहीं अपने घर में अम्बिंस लाइटिंग भी क्रिएट करें लैम्प्स खें और जहां तक हो सके वाम वाइट और या लोइस लाइट का कॉम्बिनेशन लें और जो ग्रेश वाइट ट्यूबलाइट वाली लाइट होती है वो ऑफिसेज के लिए ज्यादा बेहतर रहती है उसका इस्तेमाल न करें ऐसे जो हैं लाइटिंग इक्विटमेंट यूज करें जो हीट भी कम प्रोड्यूस करते हैं तो ये बात हो गई लाइटिंग की और जब लाइटिंग की बात कर रहे हैं तो स सीलिंग भी जो है वो ध्यान में आती है कई बार ऐसा होता है हम अपने इंटीरियर्स में अपनी सीलिंग को बहुत ज्यादा हैवी कर देते हैं वास्तु के अनुसार आपकी जो सीलिंग हैं वो आपके आकाश तत्व को डिनोट करती है और वो जितनी प्लेन हो जितनी वाइट हो आप उसमें अगर फॉल सीलिंग वगैरह कुछ कराते हैं तो उसे मिनिमम रखे ऐसा नहीं है कि हम इतने मोल्डिंग्स, इतना पी, ओ पी वर्क इतना ज्यादा सस्पेंडेड जो है वो फॉल सीलिंग करा लें कि हमारा जो आकाश तत्व है, जो ऊपर का पार्ट है वो बहुत ज्यादा हैवी हो जाए एंड फाइनली ऊपर अगर हमारा वेट बढेगा तो उसका जो गुरुत्व प्रेशर है वो नीचे हमारे पर आएगा तो वास्तु शास्त्र के अनुसार सीलिंग को भी वाइट रखें कलर्स में ना रखें, हाई सीलिंग रखें और लाइट रखें हम जितना फॉल सीलिंग को हैवी करते जाते हैं नीचे लाते जाते हैं। हाइट भी जो है वो रूम की कम होती है जो कि वास्तव के अनुसार इतना अच्छा नहीं माना जाता। अब हमने बात कर ली लाइटिंग की वेट मैनेजमेंट की, कलर की, ओपनिंग्स की 1 और जो बहुत इम्पोर्टेंट चीज है वो है आपके डिस्प्ले आर्टिकल्स और पेंटिंग्स अगर आपके घर में बहुत ज्यादा शार्प आर्टिकल्स हैं, शैंडलियर्स पॉइंटेड हैं या कटे हुए जैसे कि धड़ और हैड वो आपने डिस्प्ले में रखे हुए हैं तो वो घर में नेगेटिविटी क्रिएट करते हैं एट द सेम टाइम अगर आपके घर में ऐसी पेंटिंग्स लगी हैं जो कि वार के सीन्स दिखाती हैं या कुछ ट्रैजिडी दिखाती है कोई सैड मोमेंट दिखाती है वो भी वास्तु के अनुसार अच्छा नहीं है क्योंकि हमारी पर्सनल ऊर्जा जो है वो उससे एफेक्ट होती है और हमारी जो कांशसनेस है हमारी जो चेतना है उस पर उस पर्टिकुलर इमेज का 1 दुष्प्रभाव पड़ता है। तो जब भी आप अपने घर के लिए प्रिंटिंग चूज करें तो जो रंगों का चयन है उसमें जो डिफेक्शन है अगर आप उसको वास्तु के अनुसार चूज करते हैं तो इट इज गोइंग तो बे वेरी गुड मान लीजिये नॉर्थ है आपने वाटर फॉल की पेंटिंग ली, अगर साउथ इस्ट हैं तो यह ईस्ट हैं तो आपने राइजिंग सन की पेंटिंग ली या फिर अगर नॉर्थ ईस्ट हैं और जैसे मैंने नॉर्थ में बताया वहां पर अपने लोटस वाटर इस तरह की पेंटिंग ली तो वो आपके घर के जो तत्वों का बैलेंस है उसमें एड करेगी एट द सेम टाइम हैप्पी फेसेज अच्छे कलरफुल फ्लार्स वो भी कहीं न कहीं आपकी जो पर्सनल चेतना है उसके ऊपर 1 अच्छा सा डालेंगे तो ये बात हो गई प्रिंटिंग की एंड लास्ट बटन लीज जैसे मैंने डिस्प्ले आर्टिकल्स की बात करी डिस्प्ले आर्टिकल्स भी ऐसे रखे जो कि आपके वास्तु के अनुसार और आपके घर के इन टर्स के अनुसार जो है वो बैलेंस लगे बहुत ज्यादा शार्प नहीं हो पहने नहीं हो इन चीजों का जो है आप ध्यान रखें और फ्लोरिंग में अगर आप मोस्टली न्यूट्रल कलर माल यूज करते हैं ऐसा कहा जाता है कि मार्बल जो है वो नैचुरली बहुत पॉजिटिव मटेरियल है तो आपको मार्बल का भी यूज करना चाहिए। तो अपने इस वीडियो में मैंने आपको बताया कि इंटीरियर्स में कौन सी ऐसी पाच्छे चीजें हैं जिनका कि आप ध्यान रखे अगर आप 1 नया घर लेने जा रहे हैं या प्लान कर रहे हैं अपने घर के इंटीरियर्स को चेंज करने के लिए और बाकी तो मैंने अपने वीडियोज में टाइम टू टाइम बताया ही है कि नॉर्थ नॉर्थ स में वाटर फाउंटेंस ले और ईस्ट में जो है हॉर्सेज लें और वेस्ट में रॉकरी लें साउथ वेस्ट में भी रौकरी लें, वेस्ट में मेटल के आर्टिकल्स लें ये सारी चीजें मैंने आपको बताई है सो आई होप यह वीडियो आपको अच्छा लगा और अगर आपके घर के इंटीरियरस में कुछ भी प्रॉब्लम है तो आप उसको चेंज करेंगे और अगर आप नए इंटीरियर करवाने जा रहे हैं तो आप इन चीजों का ध्यान रखेंगे तो आप में से बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो कि मेरे यू ट्यूब के माध्यम से, मेरे चैनल के माध्यम से, इंस्टाग्राम सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से बहुत समय से मेरे साथ जुड़े हुए है और मुझे ये भी कह रहे हैं कि वास्तु शास्त्र के और अधिक जानकारी आप चाहते हैं, वास्तु शास्त्र को सीखना चाहते हैं और यहाँ मैं आपको बता दूं कि मेरा ये अब 1 जो नया स्टेप में लेने जा रही हूं वो यह है कि मैंने वैदिक वास्तु हब को लॉन्च किया है और ये जो हम हैं इसमें बहुत सारे ऐसे वास्तु के कोर्सेज होंगे जो कि वैदिक परंपरा से इंस्पायर होंगे ये वैदिक वास्तु को जो है उसकी अवेयरनेस के लिए, इसके कोर्सेज के लिए जो है खासकर मैं वैदिक वास्तु हब को लॉन्च कर रही हूं और आप में से जो लोग वास्तु को डीपली जानना चाहते हैं वास्तु शास्त्र को सीखना चाहते हैं उनके लिए जो है वैदिक वास्तु हव 1 बहुत ही गोल्डन ओपोर्चुनिटी हैं और अगर आप इसकी मेंबरशिप लेते हैं तो आप बहुत सारे वैदिक वास्तु से संबंधित कोर्सेज कर सकते हैं साथ ही वैदिक वास्तु में जो भी रेमिडीज यूज की जाती हैं जो भी उपचार किए जाते हैं उसकी भी जो तमाम जानकारी है वो आपको वैदिक वास्तु हब पर मिल सकती है आप अगर अपने आपको ऐसा वास्तविक सपोर्ट भी लॉन्च करना चाहते हैं आप रुचि रखते हैं और आप चाहते हैं कि आप प्रैक्टिस करें या फिर आप सिर्फ 1 एंथुजियास्ट हैं आप चाहते हैं कि नहीं मैं वास्तव शास्त्र की परंपरा को, प्राचीनता को, उसके साइंटिफिक स्पिरिचवल आस्पेक्ट को समझना चाहता हूं तो भी जो वैदिक वास्तु हब है वो आपके लिए है तो नीचे मैंने 1 लिंक दिया है और अगर आप वास्तव में रुचि रखते हैं सीखना चाहते हैं, अपने घर को इम्प्रूव करना चाहते हैं, अपनों के घर को इम्प्रूव करना चाहते हैं, प्रैक्टिस करना चाहते हैं, रेमेडीज के बारे में जानना चाहते हैं तो नीचे गए लिंक पे आप जाकर के रजिस्टर करें और जितने भी कोर्सेज हम वैदिक वास्तु आप में ऑफर करेंगे जो भी हम मेंबरशिप ऑफर कर रहे हैं वो सारी की सारी चीजें जो है उसकी इंफॉर्मेशन व्हाट्सऐप या ईमेल के द्वारा आपके पास पहुंच जाएगी और जैसा कि मैंने आपको बोला कि सब तरह के वास्तु पेंटिंग सब तरह के रेमेडियल मेजर्स छोटे से छोटे बड़े से बड़े रेमिडीज जो आपको चाहिए अपने घर को पॉजिटिव करने के लिए, अपने जीवन को बदलने के लिए, वो सब रेमिडीज जो हैं वो वैदिक वास्तु हब पे, अवेलेबल होंगे सो डोंट मिसिस चांस नीचे गए लिंक पर रजिस्टर करें एंड देन यू गेट अ चांस टू लर्न वास्तु फ्रॉम मी एंड दैट टू इन द वैदिक ट्रेडिशनल पारंपरिक वे से हम सीखेंगे कि वैदिक वास्तु शास्त्र क्या कहता है।










