Short Hindi monologue (YouTube transcript) by Vastu Expert Vaishali Gupta explaining religious and Vastu reasons for ringing a bell before entering a shrine. Claims: ringing invokes the divine, brings the mind to the present, balances left/right brain briefly, clears negativity through sound/vibration (a trailing 'Om'), connects occupants to cosmic energy, and regular bell/shankh use creates a devotional atmosphere.
Chapters
नमस्कार मैं, हूँ वास्तु कंसल्ट, स्टॉले डॉक्टर साल। आपने देखा है हमारे मंदिरों में हमेशा घंटा जरूर लगा होगा। खासकर जब हम मंदिर के गर्भ ग्रह में घुसने वाले होते हैं। पहले हम घंटा बजाते हैं और उसके बाद हम अंदर घुसते हैं। आपको पता है वास्तु शास्त्र में घंटे की 1 अलग ही की गयी है। अगर हम अपने घर में अपने पूजा घर में मंदिर के बाहर घंटा बजाते हैं और उसके बाद पूजा करते हैं तो 1 तरह से हम डिवाइन को इनवोक करते हैं और उनको बताते हैं कि हम पूजा करने के लिए आ गए हैं आपकी अर्चना करने के लिए आ गए हैं। ऐसा भी कहा जाता है कि घंटा बजाते है साथ ही हमारा जो मन है वो वर्तमान में आ जाता है। हमारे जो साथियों चतरा हैं वो भी लाइन होने लगते हैं और ये परता ही ऑटोमेटिकली ही होने लगता है। यही नहीं घंटा बजाने से हमारा लेफ्ट और राइट ब्रेन भी जो है वो कुछ क्षण के लिए बैलेंस में आ जाता है। यह भी कहा जाता है कि जब हम घंटा बजाते हैं तो उसकी साउंड और वाइब्रेशन से आस पास के सारे नेगेटिविटी हमारे अंदर की जो नेगेटिविटी है वो क्लियर होने लगती है। जब हम घंटा बजाते हैं तो उसको बजाने के कुछ देर तक 1 ट्रेलिंग ओम की साउंड आती है। इस ओम के साउंड से भी हमारा सारा एटमुस्फरपीसफुल होता है एंड वी, कनेक्ट, टू, दी कॉस्मिक, एनर्जी। साथ ही साथ यह भी कहा जाता है कि जिस घर में रेगुलर घंटा बजता है या शंख बजता है वहाँ पर फीलिंग भी होने लगती है। तो इस छोटे से घंटे का बहुत ज्यादा आध्यात्मिक महत्व है और बहुत ज्यादा इसके फायदे हैं। आप चाहे तो ऐसा 1 घंटा अपने पूजा घर के बाहर भी लगा सकते हैं।