Karwa chauth special by Vastu expert Dr Vaishali Gupta.

This content was created by Vaishali Gupta. This content was uploaded by Vaishali Gupta. This is a YouTube video titled "Karwa chauth special by Vastu expert Dr Vaishali Gupta" created on October 14, 2019. It features Dr. Vaishali Gupta providing detailed instructions and rituals for performing Karwa Chauth Puja, including preparation, decoration, and the significance of various practices.
Chapters
नमस्कार। करवा चौथ स्पेशल सीरीज के विडियोज में आप सभी का स्वागत है। अपने पिछले विडियो में मैंने आपको बताया था कि करवा चौथ के दिन वास्तु के अनुसार क्या करना चाहिए जिससे की आपकी रिलेशनशिप और स्ट्रोंग हो। आज मैं आपको बताऊंगी की करवा चौथ के दिन विधि विधान से पूजा कैसे करें, क्या करें, क्या रखें, किस तरह के कपडे पहने, कैसे करवा मां की विधि विधान से पूजा करे जिससे कि वो आपके ऊपर प्रसन्न हो और आपका सुहाग हमेशा बना रहे। करवा चौथ से 1 दिन पहले सुन्दर सा करवा ले। आए मार्केट में बहुत सुन्दर सुन्दर मिट्टी के करवे मिलते हैं लेकिन आप इस बात का ध्यान दे की आपका करवा बहुत ही सुन्दर हो। कर्वे बहुत सजे वे होते हैं उनके ऊपर शीर्ष लगा होता है, गोटे लगे होते हैं अलग अलग तरह के रंग होते हैं और हमारे हिंदु शास्त्र में यह माना जाता है कि जितनी सुंदर चीजों से हम माँ की पूजा करते हैं उतनी ही उनकी कृपा हमारे जीवन में बनती है। तो सबसे पहले करवा चौथ से पहले 1 सुंदर सा करवा ले आये। अब मैं आपको बताऊंगी कि करवा चौथ वाले दिन पूजन की तैयारी आपको कैसे करनी है। सबसे पहले अपने मंदिर के पास नॉर्थ ईस्ट की तरफ 1 चौकी रख ले उस चौकी के ऊपर 1 बहुत ही सुंदर सा लाल रंग का कपड़ा बिछाएं। ये कपड़ा बिछाने के बाद इस चौकी के ऊपर आप मांस करवा का 1 कैलेंडर या जो भी फोटो आप लाए हैं उसक इस चौकी के ऊपर टिका दे या फिर चौकी से लगी हुई दीवार पर इस कैलेंडर को सजा दे। कैलेंडर के साथ ही आप शिव परिवार की छोटी सी प्रतिमा इस चौकी के ऊपर रख दे जिसमें गणेश जी, शिव जी और पार्वती हो और पूरा शिव परिवार हो। इसके बाद आप चौकी के ऊपर 1 मुट्ठी चावल रख दे और इस चावल के ऊपर अपना करवा रख दे। करवा रखने से पहले उसमें जल भर दें साथ ही उसमे गंगा जल मिला दें। अगर आप चाहते है की करवा में आप पूरा ही गंगा जल भर के रखें तो ऐसा भी आप कर सकते हैं। तो अपने सुन्दर सी कर्वे को ले और उसको चावल के ऊपर रख दें साथ ही उसमे गंगा जल भर दे और उसके बाद उस करवे के ऊपर उसका ढक्कन रख दे। इस ढक्कन पर आपको चीनी रखनी है और 1 सिक्का रखना है और 1 दिया रखना है और कैसा होगा ये दिया आप चाहे तो मिट्टी का दिया भी रख सकते हैं या फिर आप 1 सुन्दर सा आटे का दिया भी बना सकते है। तो ये दिया ले इसमें घी डालें साथ ही इसमें बाती लगाये और इसको आप अपने करवे के ढक्कन के ऊपर रख दे। 1 बार जब आपका करवा तैयार हो गया उसके ऊपर आपने का और चीनी और घी का दिया रख दिया। इसके बाद आप मां करवा की जो जो कैलेंडर है जो फोटो है उसके ऊपर कुमकुम और चावल से टीका लगाए। आप चाहे तो अपने करवे के ऊपर भी कुंकुम और चावल का टीका लगा सकते हैं और अपने करवे की पूजा कर सकते हैं। इसके बाद मां करवा की फोटो के ऊपर 1 सुंदर सी पुष्प की माला यानि कि फूलों की माला चढ़ा दे और माँ का कुमकुम से टीका तो हमने कर ही दिया है। इसके बाद ये सब करने के बाद माँ की फोटो के ऊपर 1 सुन्दर सी फूलों की माला पहना दे और इस बात का भी ध्यान रखे की माँ की फोटो के आगे आप कुछ मीठा या फिर कुछ फल वो भी अर्पित कर दें। करवा चौथ के दिन चंद्रमा को तो अर्ग सभी देते हैं लेकिन कई जगह ऐसा भी विधान होता है। कुछ लोग ऐसा भी करते हैं की वो शाम की पूजा के बाद सूर्य को अर्ग देते हैं। अगर आप भी शाम की पूजा के बाद सूर्य को अर्ग देते हैं तो सुबह के समय ही कर्वे के साथ 1 लोटे में सूर्य अर्ग के लिए भी पानी रख लें। ये छोटा सा लोटा आपका मिट्टी का भी हो सकता है, आपका पीतल का भी हो सकता है, चांदी का भी हो सकता है, स्टील का भी हो सकता है और इसमें आप नॉर्मल पानी या फिर गंगा जल मिला के अगर पानी रखें तो और भी अच्छा है और शाम के पूजन के बाद इस जल को आप सूर्य को अर्घ के रूप में चढ़ा दें। कई जगह ऐसी भी प्रथा है की अपनी मदर के लिए अपनी सांस के लिए 1 थाली तैयार की जाती है। श्रृंगार और सुहाग की थाली जिसे बया कहा जाता है। अगर आप भी अपने मदर के लिए बया की थाली तैयार कर रही है तो 1 सुंदर सी थाली ले उसमें साड़ी रखें, श्रंगार का समान रखें, मेहंदी की कीप रखें बिंदी चुडियादि जो भी श्रृंगार का सामान होता है थोड़े से फल और थोड़ा सा मिष्ठान सिंदूर जरूर रखें और इस थाली को तैयार करने के बाद आप करवे के साथ में इस थाली को रख दें। इस बात का ध्यान रखे की शाम को चंद्रमा की पूजा करने के बाद अपना व्रत खोले तो अपनी माँ समान मदर ला का आशीर्वाद ले और ये बया की थाली उनको बहुत ही प्रेम और रिस्पेक्ट के साथ भेट करें। अब मैं आपको बताऊंगी कि करवा चौथ के दिन शाम के समय आपको पूजन कैसे करना है। यह पूजन का समय जनरली 4 या 5 बजे के करीब होता है और हममे से कुछ लोग इस पूजन को बाहर पार्क में जाकर सभी लेडीज के साथ करते हैं और कुछ लोग जो है यह पूजन अपने घर में करते हैं। अगर आप उन लोगों में से है जो कि बाहर जाकर पूजन करते हैं, पार्क में पूजन करते है तो सभी लेडीज 1 सर्कल बनाती है और बैठ जाती है बीच में चौकी रखी जाती है जिससे की सिर्फ परिवार की फोटो लगाई जाती है या प्रतिमाएं लगाई जाती है। इसके बाद उस ग्रुप की जो सबसे उम्रदराज लेडी होती है वो सुहागन करवा की किताब लेती है और पू पूरी कहानी पड़ती है। इस कहानी को अच्छे से सुनने के बाद करवा की जो थाली होती है वो घुमाई जाती है। जैसा की आप सभी लोग अब तक करते भी होंगे। हम में से कुछ लेडीज ऐसी होती है जो कि ये पूजा अपने घर पर करते हैं। अब मैं आपको बताउंगी की अगर आप घर पर पूजा कर रहे हैं तो आपको पूजन कैसे करना है। अगर आप उन लोगों में से हैं जो कि अपनी पूजा खुद करने वाले हैं तो मैं आपको बताती हूँ की पूजा आपको कैसे करनी है। सबसे पहले माँ करवा के कैलेंडर के सामने मां करवा की फोटो के सामने आप बैठ जाएं। 1 बार फिर शाम को माँ का कुमकुम से और चावल से टीका करें। माँ के आगे दीप जलाएं और करवा चौथ की कथा को प्रारंभ करें। जब आप करवा चौथ की कथा पढ़ना शुरू करते हैं तो अपने हाथ में थोड़ा सा चावल ले लें। कुछ लोग कथा को पढते पढते थोड़ा थोड़ा चावल करवे में डालते जाते हैं। कुछ लोग चावल को अपने पल्लू से भी बांध लेते हैं। जब आपकी कथा खत्म हो जाए विधि से आप अपनी कथा पढ़ ले तो ये चावल आप करवे के अंदर डाल सकते है। और अगर आपने अपने पल्लू में बांधा है तो इसको ऐसे ही रहने दें। कथा खत्म करने के बाद हम गणेश जी और लक्ष्मी जी की आरती करते हैं और अपनी शाम की पूजा को विराम देते हैं। इसके बाद माँ करवा से आशीर्वाद लें और घर के जितने भी बड़े लोग है जितनी भी बड़ी लेडीज हैं उन सबके पैर छू कर उनसे आशीर्वाद लें। हम में से कुछ लेडीज ऐसे भी होते है जो की शाम की पूजा के बाद चाय या फिर नींबू पानी, वगैरह या थोड़े से फल ग्रहण कर सकते हैं। इस बात का ध्यान रखे कि अगर आपको किसी तरह की हेल्थ प्रॉब्लम है या फिर आप इतना लंबा फास्टिंग नहीं कर सकते या फिर आप प्रेग्नेंट हैं तो बिल्कुल शाम की पूजा के बाद आप 1 कप चाय या फिर थोड़ा सा शर्बत या फल खा सकते हैं। ऐसा कहा जाता है कि जो भी लेडीज करवा चौथ का फास्ट ऑब्जर्व करती है या करवा चौथ के दिन व्रत रखते हैं उनको किसी भी तरह की कटिंग को अवॉइड करना चाहिए। तो आज के दिन अगर आपने फास्ट रखा है तो सिजर्स का यानि कि कैंची का इस्तेमाल न करें। चाकू का यानि कि नाइफ का इस्तेमाल न करें। किसी भी तरह की कटिंग आप न करें तो अच्छा है। ऐसा भी कहा जाता है कि अगर आज आप करवा चौथ का व्रत और कथा कर रहे हैं तो आज के दिन आप कपड़े भी न धोएं तो न कोई कटिंग करें और न किसी तरह से कोई कपड़े धोएं तो करवा चौथ के दिन इसे शुभ माना जाता है। शाम को हम सभी को चंद्रमा के निकलने का बहुत इंतजार होता है और अब मैं आपको बताऊंगी कि शाम को आपको चंद्रमा का पूजन कैसे करना है। 1 बार जब चंद्रमा निकल जाए तो अपनी पूजा की थाली तैयार करें। अपनी सुंदर सी पूजा की थाली में अपना करवा रख। दें। 1 दिया जला दें ठंडी रख दे और थोड़ी सी मिठाई रख दे। इसके बाद इस थाली को लेकर आप अपने हसबैंड के साथ किसी ऐसी जगह पर जाएं आपकी बैलकनी, मे, मैं, छत, पे या फिर गार्डन में जहाँ से आपको चंद्रदेव एकदम क्लियरली दिखाई दे। सबसे पहले आ जाए और चन्द्रमा के आगे अपनी थाली को रखने के बाद अपना करवा अपने हाथ में ले लें और चन्द्रमा को देखते देखते। अपने करवे को आप ले और चंद्रमा को अर्ग दे। अर्ग देने के बाद आप अपने करवे को साइड में रख दीजिये और अपनी थ खाली लीजिये जिसमे की आपका दीपक जल रहा है। इस खाली से आप चंद्र भगवान की आरती उतारें और आरती उतारने के बाद आप अपनी छन्नी को अपने सीधे हाथ में पकड़े। इस छन्नी के ऊपर जो छन्नी का बेस होता है उसके ऊपर आप 1 जलता हुआ दिया रख सकते हैं और इस जलते हुए दिए के साथ छन्नी के थ्रू आप चंद्रमा को देखें। अब आप छन्नी को अपने हाथ में ले लीजिये और छन्नी के बेस के ऊपर दिया रख दें। इस दिए के थ्रू आप चंद्रमा को देखते देखते अपने हसबेंड को देखें। ऐसा करने के बाद आप अपनी छन्नी और दिए को साइड में रख दें और पैर छू के अपने हसबैंड से आशीर्वाद लें। आज के दिन ऐसा करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इसके बाद आप अपने हसबेंड के हाथ से पहला निवाला मिठाई का खाए और उन्हीं के हाथ से पानी पिएं। पहले आप उनके हाथ से पानी पिया उसके बाद कुछ मिष्ठान ग्रहण करें। ऐसा करने के बाद आप अपने करवे के अन्दर जो करवा आपने उसका जल आपने चंद्रमा को अर्घ दे दिया है। अब उस करवे को आप चीनी से भर दें। ऐसा करने के बाद जो आपने अपने सास के लिए 82 खाली तैयार करी है जैसा मैंने आपको पहले भी बताया कि चंद्रमा के पूजन के बाद वो बया की थाली आप अपने मदर इन लॉ को प्रेजेंट करेंगे साथ ही साथ वो जो करवा खाली हुआ है उसमें भी चीनी भर कर आप अपने मदर लॉ को रिस्पेक्ट फुली प्रेजेंट कर दे। आरती की थाली में जो दिया रखा है उस दिए को ले जा कर के अपने घर में तुलसी जी के पौधे में रख दे। ये सब करने के बाद आपका करवा चौथ का पूजन जो है वो पूर्ण हो जाता है और अब आप अपने हसबेंड के साथ जा कर के जो भी सात्विक भोजन अपने आज के लिए बनाया है चाहे उसमें पूरी हो या आलू की सब्जी हो, हलवा हो या खीर हो उसको आराम से बैठकर ग्रहण कर सकते हैं। तो आज के दिन अगर आप इस तरह से विधि विधान से पूजा करते हैं तो मां करवा आप पर बहुत ही प्रसन्न होती हैं। देखिये करवा चौथ की पूजा तो हम सभी करते हैं सजना, सा वरना सबको अच्छा लगता है लेकिन अगर हम सही तरीके से सही रूल से आज की पूजा भी करते हैं तो हमारे जीवन में माँ की 80 अनुकंपा आती है। तो आज मैंने आपको बताया कि करवा चौथ का पूजन कैसे करना है और अपने अगले आने वाले वीडियोज में मैं आपको सभी त्योहारों के बारे में छोटी दिवाली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज, दिवाली के दिन कैसे पूजा करनी है इन सभी चीजों के बारे में बताउंगी अगर आपको ये वीडियो अच्छा लगा तो इसे लाइक करना न भूलें और अगर आप हमें 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