A Hindi YouTube interview featuring Dr. Vaishali Gupta (Vastu and pyramid-science expert) with client testimonials. The chunk includes an introduction praising Vaishali's credentials and awards, a detailed testimonial by Shivangi claiming improved career, family and marriage outcomes after following Vaishali's Vastu suggestion, and Vaishali explaining that home and office Vastu are equally important but differ in internal elements. Vaishali also gives hospitality/resort plot recommendations: prefer east or southeast facing plots, gate and entry orientation guidance (south gate for SE-facing plots, NE entry for east-facing plots), place buildings toward SW/W/S directions and locate water bodies away from the 'Brahma' (central) area.
Chapters
वैशाली गुप्ता वास्तु शास्त्र की दुनिया का 1 जाना पहचाना नाम, जिनके कारण लाखों लोगों की जिंदगी बदल चुकी है। जिन्होंने वास्तु शास्त्र के अलावा पिरामिड वास्तु ज्ञान से देश विदेश में सैकड़ों फॉलोअर्स बना लिए हैं। वैशाली जी पिरामिड साइंस और बिल्डिंग बायोलॉजी की 1 मॉडल रिसर्चर और एक्सपर्ट हैं। वैशाली जी की अनेक ानिक उपलब्धियों के कारण इन्हें इस वर्ष बेस्ट वास्तु कंसल्टेंट के अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है। अपने अद्वितीय ज्ञान और आत्मविश्वास के कारण वैशाली जी उच्च आध्यात्मिक स्तर को पा चुकी है और आर्ट ऑफ लिविंग ऑर्गेनाइजेशन में योगा और मेडिटेशन टीचर की भी भूमिका निभा रहे हैं। तो पूरी होंगी, इच्छाएं, पूरी होंगी सब चाह, क्योंकि आप दिखा रहे हैं लोगों को सही रहा।
मेरा नाम शिवांगी है। मैं लक्ष्मी नगर की रहने वाली हूँ। पिछले काफी दिनों से मेरे साथ काफी प्रॉब्लम सी थी। मेरी फैमिली मेरे से मेरे करियर। स्कूल ले के मेरी मैरेज को लेके एंड आफ तो मैंने प्रोग्राम देखा था टीवी चैनल पर वैशाली जी का। तो मैंने जब उनसे कॉन्टैक्ट किया तो उन्होंने मुझे वास्तु के बारे में बताया। मैंने अपने घर का वास्तु चेक करवाया। उन्होंने मुझे सजेस्ट किया कि आप मेजेबलएजके हैं तो आपको नॉर्थ वेस्ट के रूम में शिफ्ट कर जाना चाहिए। मैंने उनके अकॉरडिंग अपने घर का वास्तु करवाया। एंड आफ्टर। आज की डेट में मैं भी 1 अच्छी कंपनी में आज सीनियर लेवल पर जॉब कर रही हूं। मेरे भाई की भी जॉब लग गई। सॉफ्टवेयर कंपनी में एंड मेरी मैरेज भी.
फिक्स हो गई है।
नमस्कार वास्तु द साइंस ऑफ पॉजिटिविटी में स्वागत है। आप सभी का दोस्तों हम अपने घर को तो बहुत अच्छा बनाना चाहते हैं, लेकिन साथ ही यह भी चाहते हैं कि जहाँ भी हम जाए वही सब कुछ पॉजिटिव हो, सब जगह खुशियाँ हो। लेकिन ये खुशियाँ आए कैसे क्यूंकि। हर परिवेश तो अपने हिसाब से अलग अलग होता है। अगर आप चाहते है कि जहाँ भी आप जाएं वहाँ खुशियाँ हो, चाहे वो आपका ऑफिस हो, फैक्ट्री हो, घर हो, दुकान हो, जहाँ आप जाए वहाँ पॉजिटिविटी चाहते हैं तो वास्तु का प्रचार और पसार आप स्वयं भी शुरू कर दीजिये। वैशाली जी, स्वागत है आपका विशालजी हम हर जगह पॉजिटिविटी चाहते हैं। तो मैं आपसे यह जानना चाहती हूँ कि घर का वास्तु हमेशा बताते हैं। तो घर के जैसा ही, वास्तु की, ऑफिस, फैक्ट्री, इन सबका भी होता है।
बिल्कुल जितना इम्पॉर्टेंट आपके घर का वास्तु है उतना ही इम्पॉर्टेंट आपके ऑफिस का वास्तु है। ऑफिस में भी आप अपने दिन के 8 से लेकर के 12 घंटे व्यतीत करते हैं और वहां के वास्तु में कोई दिक्कत हो तो उसका सीधा असर जो है। आपके अर्निंग्स पर, आपके फाइनेंसेज पे, आपके लाइवली, हुड, पर पड़ेगा, आपके जीवन, यापन पर, पड़ेगा, वास्तु और घरों के जो वास्तु और ऑफिस के जो सौरी अगेन, घरों के और ऑफिस के जो वास्तु रूल्स हैं, वो मोर लेस सिमिलर होते हैं। योग्यता एंड बोरिंग लोकेशन, मेन, गेट, लोकेशन वो काफी सिमिलर पैटल्स पर कैलकुलेट की जाती है। लेकिन जो इंटरनल वास्तु होता है क्योंकि ऑफिस के एलिमेंट्स बिल्कुल डिफ्रेंट होते हैं। ऑफिस का एम बिल्कुल डिफरेंट होता है। ऑफिस में आपके डिपार्टमेंट होते हैं। फैक्ट्रीज में आपके जो हैं, बड़ी बड़ी मशीन होती हैं। शो रूम्स में आपके काउंटर्स होते हैं, आपका स्टाफ होता है, आपका जो है आपके ऑफिस से, आपके शो रूम से बिल्कुल डिफरेंट होता है, पैसा कमाने का होता है, रेपुटेशन का होता है तो डेफिनेटली। घर और ऑफिस दोनों का वास्तु बहुत इम्पोर्टेंट है और फंडामेंटली रूल्स सेम होते हैं। लेकिन बारीकी में जाएं तो रूल्स में काफी अंतर भी होता है।
जी शैलीजिफॉरइंस्टेंस, अगर कोई व्यक्ति कोई रिजल्ट बनाना चाहता है या हॉस्पिटालिटी इंडस्ट्री में जाना चाहता है तो उसके लिए जब वो प्लॉट खरीदे तो उन्हें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
सबसे पहली चीज तो आप ये देखें कि आपका जो प्लॉट है उसकी शेप रेक टाइंगर होनी चाहिए। अगर आप हॉस्पिटालिटी इंडस्ट्री की बात कर रहे हैं, रिसॉर्ट की बात कर रहे हैं तो ईस्ट या फिर साउथ ईस्ट की जो फेसिंग होती है वो आपके लिए काफी कंड्यूसिव रहेगी। अगर साउथ ईस्ट की आपकी फेसिंग है तो साउथ से अपना मेन गेट लें। अगर ईस्ट की आपके फेसिंग का प्लॉट आपको मिलता है तो आप नॉर्थ ईस्ट की तरफ से अपनी एंट्री लें। इस बात का ध्यान रखें कि जो भी आपका रिसॉर्ट है उसकी जो बिल्डिंग है वो साउथ वेस्ट की तरफ आए या फिर वेस्ट की तरफ आए या फिर दक्षिण दिशा की तरफ आये। हर 1 रिजोर्ट में अच्छा सा 1 लोन होता है। वो लोन आप ईस्ट और नॉर्थ सेक्टर की तरफ ले। अगर आप कोई स्विमिंग पुल या वाटर बॉडी भी लेना चाहते हैं तो इस बात का ध्यान रखे की वो वाटर बॉडी कभी भी आपके प्रोड के ब्रह्म स्थान में नहीं आये।
वैशाली जी, बहुत कुछ आपसे, आगे भी मैं पूछूंगी। आपको भी देंगे ढेर सारी जानकारी ले इस।