घर में कहाँ बनाये मंदिर ? | Mandir Vastu Direction | Vastu Tips by Dr. Vaishali Gupta

Hindi-language video transcript giving practical Vastu (traditional Indian architectural) guidance for placing a home temple (mandir). Covers preferred directions (Ishan/north-east, north, east), facing direction for worshippers, restrictions (avoid south, south-east, south-west, stairs, shared walls with toilets), idol size and materials, color suggestions, ventilation/lighting, cleanliness and storage rules, and a ritual tip (kalash with water, rice, coins).
Chapters
नमस्कार मैं वास्तव एकसपरस्टॉलेजडॉक्टर रशालीभुताआज मैं आपको बताने वाली हूँ आपके घर के मंदिर के वास्तु के बारे में घर का जो मंदिर होता है वो बहुत ही इम्पोरटंटपारट होता है क्यूंकि वो तो स्वयं भगवान का घर होता है और उसका वास्तु के अनुसार होना बहुत ही इम्पोर्टेंट होता है। तो आज मैं अपने इस वीडियो में आपको मंदिर के बारे में सारी चीजें बताऊंगी जिनको की आप ध्यान से सुन सकते हैं और फॉलो कर सकते हैं। सबसे पहले बात करते हैं कि वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में मंदिर होना कहाँ पे चाहिए। हमारे जो घर का मंदिर है वो बहुत ही पवित्र स्थान होता है और वास्तु के अनुसार मंदिर की सबसे अच्छी लोकेशन होती है ईशान कोण यानि की नॉर्थ अगर आपके घर में 1 अलग से पूजा घर है तो आप उसे अपने घर के अगर नॉर्थ, ईस्ट के कोने में बनाते हैं तो वो बहुत ही अच्छा है नहीं तो आप अपने घर के मंदिर को ईस्ट यानि की हर स्थान में भी बना सकते हैं। ईस्ट भी जो है वो नॉलेज और संस्कार का स्थान है और वहाँ भी मंदिर बनाना वास्तु के अनुसार बहुत ही शुभ माना जाता है। अगर नॉर्थ, ईस्ट और ईस्ट में आपके पास जगह नहीं है तो आप अपने घर के मंदिर को ऑल्टिनेटिवली नॉर्थ में भी दे सकते हैं। ऐसा कहा जाता है कि बिजनेस मैन अगर अपने घर का मंदिर नॉर्थ में देते हैं तो उनकी इनकमिंग मनी कमिंग वेल्थ में इजाफा होता है। लेकिन अगर हम ओवरॉल, पीस, स्पैलिटी, स्पिरिचवल, ग्रोथ, हेल्थ और सब कुछ बैलेंस में चाहते हैं तो नॉर्थ, ईस्ट या ईस्ट में अपना मंदिर बनाना प्रिफर करें। बात रास्ते में कुछ ऐसी दिशाएं हैं जिसमें कहा जाता है कि मंदिर को कभी भी लोकेट नहीं करना चाहिए वो दिशा होती है साउथ, साउथ, ईस्ट और साउथ वेस्ट। ऐसा कहा जाता है कि इन 3 दिशाओं में अगर हम मंदिर देते हैं तो वो हमारे घर में लक लेकर आता है और हमारी जो पूजा अर्जना हैं वो लगती नहीं है वैसे तो हमको वास्तु के अनुसार वेस्ट और नॉर्थ वेस्ट में भी मंदिर देना अवॉयड करना चाहिए। और जैसा कि मैंने पहले भी कहा नॉर्थ, ईस्ट और नॉर्थ के जोन को आप मंदिर में लोकेट करने के लिए उस फोन को प्रेफर कीजिए। अब ये तो बात हुई मंदिर के डायरेक्शन की, अब कई बार लोगों को ये भी कंफ्यूजन रहता है कि पूजा करते समय हमारी फेसिंग कहा पे होनी चाहिए। कुछ लोगों को लगता है की क्या भगवान की फेसिंग या ईस्ट की तरफ होनी चाहिए यह पूजा करते समय हमारी फेसिंग, ईस्ट या नॉर्थ की तरफ होनी चाहिए। तो आज मैं आपके इस बंद को क्लियर कर देती हूँ इस बात को आप रजिस्टर कर लीजिये की फेसिंग करते समय आपका जो मुंह है वो नॉर्थ, ईस्ट या ईस्ट की तरफ होना चाहिए। जब भी हम घर में मंदिर बनाते हैं, पूजा का स्थान बनाते हैं तो यही नियम फॉलो होता है कि फेसिंग हमारी जो है पूजा करते समय नॉर्थ, ईस्ट, नॉर्थ या फिर ईस्ट के डायरेक्शन में होनी चाहिए। कई बार ऐसा होता है कि स्पेस की कंस्ट्रेंट होती है और हम घर में अलग से जो है वो पूजा घर नहीं दे पाते तो उस केस में आप बॉल पर हैंगिंग मंदिर जो होता है उसको अपने नॉर्थ या ईस्ट के वाल पर भी दे सकते हैं। साथ ही कई लोगों को मैंने देखा है कि चक में भी मंदिर दे देते हैं तो अगर आपको घर में कहीं भी जगह नहीं है तो आप अपने किचन के नॉर्थ या नॉर्थ स्ट में मंदिर लास्ट केस सिनारियो में दे सकते हैं। मंदिर देते वक्त या मंदिर को बॉल पर हैंड करते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि मंदिर कभी भी टॉयलेट से कॉमन बॉल भी नहीं आना चाहिए इससे आपके घर में नेगेटिविटी का संचार होगा। जब आप मंदिर में रखे हुए आदि उस की बात करते हैं तो इस बात का ध्यान रखे कि जो भी आइडल्स या जो भी तस्वीरें मंदिर में रखी गई है आईडी उनकी जो हाइट है वो 12 इंच तक होनी चाहिए उससे ज्यादा हाइट के जो आइडल्स हैं उनको अपने मंदिर में रखना अवॉइड करें साथ ही साथ जहां तक हो सके अपने मंदिर में कॉपर के पीतल के, मेटल के, चांदी के इस तरह के आइडल्स का मेटल प्रेफर करें और रेजिंग के प्लास्टिक के जो आइडल्स होते है उनको लगाना अवॉइड करें। आइये बात करते हैं मंदिर के कलर कॉम्बिनेशन के मंदिर में जो है वो ब्लैक और डी ब्लू कलर हमको टोटो वाइट करना चाहिए और जहां तक हो सके अपने मंदिर को ग्रीन या लाइट कलर्स में रखना चाहिए अगर हम वास्तु की माने तो मंदिर में येल्लो और रेड कलर का इस्तेमाल करना वास्तु शास्त्र के अनुसार काफी अच्छा माना जाता है अपने मंदिर का जो है वो 1 बात का ध्यान देना और बहुत जरुरी है ये देखे कि कहीं आपके मंदिर में खंडित या टूटी हुई मूर्तियां तो नहीं है वास्तु शास्त्र के अनुसार खंडित मूर्तियों को मंदिर में रखना बहुत ही अशुभ माना जाता है और अगर आपके मंदिर में कोई भी खंडित मूर्ति है तो आप उसे बहते पानी में प्रवाह कर सकते हैं या किसी मंदिर में दान करके आ सकते हैं वहाँ की जो पुजारी है स्वयं ही उसको प्रवाह कर देंगे इस बात का भी ध्यान रखे की अगर आपका पूजा घर है और आपने अपने मंदिर में मूर्तियों को रखा है तो मूर्तियों को हमेशा किसी चौकी पर या फिर किसी कपड़ा बिछा करके उसके ऊपर आप मूर्तियों को रखे ऐसा कहा जाता है कि मंदिर में अगर हम पीला या लाल कपड़ा बिछा करके उसके ऊपर मंदिर मूर्तियों को रखते हैं तो वो मूर्ति जो है वो सेल्फ सेनेटाइज रहती है और हमारा जो मंदिर है वो और पवित्र और पॉजिटिव हो जाता है 1 और बात जिसका ध्यान रखना बहुत जरुरी है वो ये है कि आपका जो मंदिर है वो हमेशा वेलिलेट होना चाहिए अपने मंदिर में हमेशा यल्लो रंग का बल या कुछ एलीडी की लाइट्स लगा के रखे और जहाँ तक हो सके उनको पूरे दिनों पूरे रात ऑन करके रखें ऐसा करने से हमारा मंदिर में जायज रहता है और उसकी सारी पॉजिटिविटी हमारे घर में फैलने लगती है हम में से कुछ लोग ऐसा भी करते हैं ऐसा भी मानते हैं कि हमारे जो पूर्वज है हमारे जैन सेस्टर्स है, हमारे जो डिपार्टेड हैं हम उनकी जो उनके जो पिक्चर्स हैं उनको भी अपने मंदिर में रख देते हैं वास्तु शास्त्र में ऐसा कहा जाता है कि अपने जो पूर्वज है उनकी जो फोटो है वो हमें देवी देवताओं या भगवान की मूर्तियों के साथ नहीं रखनी चाहिए इन फैक्ट वास्तव शास्त्र में कहा जाता है कि जो भी हमारे एनसेस्टर्स हैं, जो भी हमारे डिपार्टेड है उनकी पिक्चर हमको अपने घर के साउथ वाल पर लगानी चाहिए। ऐसा करने से उनका आशीर्वाद और उनकी ब्लेसिंग हमेशा हमारे जीवन में बनी रहती है। 1 और बात जिसका ध्यान रखना बहुत जरूरी है वो ये है कि आपका जो मंदिर है वो कम्प्लीटली क्लीन और क्लटर फ्री होना चाहिए आपका मंदिर बिल्कुल भी गंदा या फैला हुआ नहीं होना चाहिए और आपके मंदिर के नियमित रूप से सफाई होनी चाहिए मैंने अपने कई विजर्स में देखा है कि लोग मंदिर के साथ और भी स्टोरेज कर लेते हैं जैसे अनाज के ड्रम्स रख लेते हैं या कुछ और स्टोरेज का सामान वगैरह रख लेते हैं तो मैं आपसे कहूंगी कि इससे आप अपने नॉर्थ िज की एनर्जी को दूषित कर रहे हैं कभी भी मंदिर में मंदिर के अलावा किसी और समान को जगह न दे नहीं तो आपके मंदिर की पॉजिटिव एनर्जी डिप्लीट हो सकती है और जाते जाते मंदिरों के बारे में मैं आपको 1 बात और बता दूं कि अपने मंदिर के ऊपर कभी भी कोई हैवी स्टोरेज न करें क्यूंकि वो मंदिर की पॉजिटिव एनर्जी को वन सगें ब्लॉक करती है और साथ ही साथ कभी भी स्टेयरकेस के नीचे अपने मंदिर को न बनाएं क्योंकि हम स्टेयरकेस से अपने पैरों से नीचे उतरते हैं और वही जो नेगेटिव एनर्जी है वो मंदिर में ट्रांसिट होती है तो कभी भी स्टेयरकेस के नीचे अपने मंदिर को न बनाए तो आज मैंने अपने इस वीडियो में आपको बताया कि वास्तव के अनुसार आपका मंदिर कैसा होना चाहिए, मंदिर के कलर कॉम्बिनेशन क्या होने चाहिए, आइडल्स के प्लेसमेंट कैसे होने चाहिए, मंदिर को किस डायरेक्शन में बनाना चाहिए तो इन सभी चीजों को अगर आप फॉलो करते हैं तो आपका जो मंदिर है वो आपके लिए पावर हाउस ऑफ एनर्जी बन जाता है और भगवान की जो कृपा है वो हमारे जीवन में बरसने लगती है और जाते जाते आपको 1 टिप और दे दूं अगर आप चाहते है की आपके घर में हमेशा जो है वो धन का प्रवाह बना रहे सुख समृद्धि बनी रहे तो अपने मंदिर के नौरती में हमेशा 1 जल से भरा हुआ कलश रखें आप चाहें तो उस जल में थोड़े से चावल और 3 सिक्के डाल सकते हैं और समय समय पर उसका पानी बदल सकते हैं उसके पानी को तुलसी जी में डाल सकते हैं ऐसा करने से भी आपका मंदिर मजाज रहता है और घर में सुख समृद्धि बनी रहती है। सो आई होप। ये वीडियो आपको अच्छा लगा और मंदिर के सारे टिप्स साथ जरूर फॉलो करें।










