YouTube video by Dr. Vaishali Gupta giving Vastu-based tips for home meditation: recommends locating the meditation space in the South or South‑West zone (preferably enclosed, with few openings) so energy stabilizes there; face East or North‑East while meditating; sit on the floor when possible to connect with earth energy; maintain a comfortably erect spine. Emphasizes meditation’s importance during stressful times.
Chapters
नमस्कार मैं, हूँ वास्तु कंसल्ट, स्ट्रोलॉजर लाइफ कोस, डॉक्टर, वैशाली गुदा। आज का समय कुछ ऐसा है कि हम सभी 1 एग्जाइटी 1 मेंटल ब्ेजलेसलेसऔरपियर के दौर से गुजर रहे हैं। इस समय पर मेडिटेशन की बहुत ज्यादा इम्पोर्टेंट है। आज मैं आपको बताऊंगी की वास्तु के अनुसार आपको मेडिटेशन कौन से फोन में करनी चाहिए जिससे की आपका बहुत अच्छा ध्यान लगे और जब आप मेडिटेशन के बाद उठे वेरी वेटेस्ट वेरी वेजुलिलेटेडवास्तर शास्त्र में कुछ ऐसे डायरेक्शंस को कुछ ऐसे जोन्स को निर्धारित किया गया है जिस पर बैठ कर अगर हम ध्यान करते हैं तो हमारे जो सेवन छात्रा लाइन हो जाते हैं साथ ही साथ वी एक्सपीरियंस लॉट ऑफ पीस का वास्तु शास्त्र में ऐसा कहा जाता है की अगर हम अपने घर के साउथ जोन में बैठ कर ध्यान करते हैं तो उससे हमारा ध्यान बहुत अच्छा लगता है साउथ जोन को और साउथवेस्ट जोन को वास्तु शास्त्र में और जोन माना जाता है और वहाँ पर बैठने से हमारे मन में स्थिरता आती। लेकिन इस बात का ध्यान रखना बहुत जरुरी है की साउथ और साउथ वेस्ट जोन जो है वो 1 दम बेंड की तरह होना चाहिए एकदम गुफा की तरह होना चाहिए वहाँ पर बहुत ज्यादा ओपनिंग्स नहीं होनी चाहिए। क्यूंकि नॉर्थ िस्ट की जितनी भी पॉजिटिव एनर्जी हमारे घर में आती है वो जाकर के साउथ और साउथ वेस्ट में स्टेबल होती है। इसलिए जब हम साउथ और साउथ वेस्ट में बैठ कर के मेडिटेशन करते हैं तो हम उस पूरी एनर्जी को एक्सपीरियंस कर पाते हैं और गहरे ध्यान में उतर पाते हैं। साथ ही इस बात का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है कि मेडिटेशन करते वक्त हमारी फेसिंग क्या होनी चाहिए। वनसगेटबाल्सीशास्त्र के अनुसार कहा जाता है कि अगर आप ईशान को या फिर हिंदुस्तान की फेसिंग में बैठ करके ध्यान करते हैं, मेडिटेशन करते हैं तो उसके रिजल्ट आपको बहुत ही अच्छे आते हैं। तो इस समय पर मेडिटेशन जरूर करें। अपने घर के साउथ या साउथवेरसोम में बैठे इस बात का ध्यान रखें कि आपका वो कमरा डेंट की तरह हो। फेसिंग अपनी ईस्ट या नॉर्थ ईस्ट की तरफ करें और साथ ही इस बात का भी ध्यान दे कि अगर हो सके तो आप जमीन पर बैठकर मेडिटेशन करें। ऐसा करने से आप धरती के साथ जुड़ जाते हैं। धरती की ऊर्जा को भी आप टैग कर पाते हैं। और साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि मेडिटेशन करते वक्त आपकी स्पाइन जितनी कंफर्टेबली इलेक्ट हो सकती है। सको इतने सिहरन।