Navratri Ashtami 2022: महा अष्टमी और नवमी पूजा विधि 2022

Vaishali Gupta shares Vastu and tradition-based rituals for Navratri's Ashtami and Navami. Perform havan in the south-east zone, invite an odd number of girls (5, 7, 9, or 11) for kanjak, and chant the Gayatri mantra before offering red flowers. Place a couple's photo in the south-west corner to strengthen marriage.
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हेलो नमस्कार मैं हूँ वास्सपोस्टलजडॉक्ट वैशाली गुप्ता। आज कल शुभ नवरात्री का समय चल रहा है और ऐसा कहा जाता है कि इस समय पर जो देवी तत्व होता है वो अपने पीक पर होता है हमारे पूरे एटमुस्फैरमें पूरे वातावरण में देवी तत्व जो है वो फुल्ली वाइब्रेट करता है और अब हमारी अष्टमी और नमी भी आने वाली है और अपने आज के इस विडियो में मैं आपको बताने जा रही हूँ कि अष्टमी और नौमी के दिन वास्तु के अनुसार विशेष क्या कर सकते हैं हम अपना 7 दिन जब पूजा सप्तमी तक खत्म कर लेते हैं तो हम में से कुछ लोग ऐसे होते हैं जो की अष्टमी के दिन कंजक को पूछते हैं और अपना हवन करते हैं। कुछ लोग ऐसे होते है जो की कंजक पूजन और अपना हवन नौमी के दिन करते हैं तो आज मैं आपको वास्तु के कुछ ऐसे टिप्स बताऊंगी जो की अष्टमी और नौमी के दिन अप्लाई किए जा सकते हैं और अगर आप इनको फॉलो करते है तो इससे माँ की कृपा आपके जीवन में आती है आप चाहे अष्टमी के दिन चाहे नौमी के दिन कंजक पूजन करें लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि जो कंजकों का नंबर होता है वो हमेशा ऑर्ड हो या तो 5 हो या 7 हो या 9 हो या 11 हो अगर हम ऐसा करते हैं तो इसको वास्तु शास्त्र में शुभ माना जाता है अष्टमी और नवमी के दिन पूजा करते समय जो आप माँ दुर्गा की जोत जलाते हैं उसको आपको अग्नि कोण यानि की साउथ ईस्ट में जलाना है साथ ही साथ जब आप अपने अष्टमी या नौमी के दिन जैसी भी आपकी मान्यता है जब आप हवन को परफॉर्म करते हैं तो भी इस बात का ध्यान रखना है कि ये जो हवन है ये अग्नि कोण में होना चाहिए जो होता है वो फाइव एलिमेंट को डिनोट करता है और वास्तुशास्त्र में साउथ ईस्ट यानि की दक्षिण पूर्व अग्नि कोण माना गया है तो इस बात का ध्यान रखें कि आपका जो भी हवन की सामग्री है उसे भी साउथ स्ट में रखे और साथ ही साथ अपने हवन को भी अपने घर के साउथइस्ट के जोन में बैठकर परफार्म करे अगर आप ऐसा करते हैं तो इससे वास्तव में कहा जाता है कि आपके शत्रुओं का विनाश होता है साथ ही साथ जब हम अग्नि में आहुति देते हैं हवन करते हैं। हमारे घर के सारे वाइब्रेशन जो है वो प्योर होते है और कुछ भी नेगेटिविटी या कीटाणु होते हैं तो वो समाप्त हो जाते हैं। यही नहीं जब भी हम अगनी में ओपरेशन देते हैं तो हमारे घर से सारी बीमारियां यानि के सारे रोग जाने लगते हैं और हमारे घर के मेंबर्स की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ने लगती है। 1 और चीज जिसका की आप खास ध्यान रख सकते हैं कि जब आप पश्चिमी या नौमी के दिन कंजको को यानी की कन्याओं को खाना खिलाते हैं उनकी पूजा करते हैं तो आप उनको 9 मीठे पान के पत्ते भी दे सकते हैं। ऐसा कहा जाता है कि अगर हम ये मीठे पान के पत्ते कंजक को देते हैं तो माँ की कृपा से हमारे जीवन में सौहार्द आता है और हमारे रिश्तों में भी मिठास आती है। अगर आप व्यापार क्षेत्र में हैं और आप जो है आपका कोई बिजनेस है तो आप 1 खास काम जरूर करें। अष्टम या नौमी के दिन माँ के मंदिर जाए और आपसे आपके व्यापार में या जीवन में कोई भी टूटी हुई हो, कोई भी गलती हुई हो आप हाथ जोड़ के माँ के सामने उस गलती की शमा याचना करें माँ तो ममता स्वरूप होती है और जब हम खास कर अष्टमी या नवमी के दिन अपने किसी गलत किए गए काम का कन्फेशन या माफी माँ से मांगते हैं तो हमें उस कर्म से मुक्ति जरूर मिलती है। ऐसा कहा जाता है कि महाअष्टमी के दिन और महानवमी के दिन हम जो भी उपाय करते हैं उसका विशेष फल हमारे जीवन में आता है। यह तो हम जानते ही हैं कि महाष्टमी जो है वो माँ गौरी का दिन होता है और महानवमी जो है वो मां सिद्धि रात्रि का दिन होता है। ये दोनों जो माता के रूप है यह बहुत ही पावरफुल होते हैं और हमें सिद्धियां प्रदान करने की ताकत मां के इस रूप में होती है। कभी कभी ऐसा होता है कि ना चाहते हुए भी हमारे घर में कलह हो जाती है, कलेश हो जाता है या फिर हमारे घर में रिश्तों में अनबन आने लगती है। अगर आपको लगता है कि आपके घर में भी ऐसा कुछ हो रहा है तो इस उपाय को जरूर करें। महाष्टमी के दिन आप माँ के कलश के सामने या माँ की फोटो के सामने बैठे और वहाँ पर 100 8 बार गायत्री मंत्र का जाप करें। ये करने के बाद आपके मन में जो भी इच्छा हे जो भी संकल्प है आप जो भी चाहते हैं कि घर में रिश्ते ठीक हो जाए या परिवार में मिठास आ जाए। जो भी संकल्प आपके मन में है उसको आप स्मरण करें और लाल फूल लेकर के स्मरण करते समय उन लाल फूलों को अपने हाथों में रखे और उन लाल फूलों को देवी माँ के सामने अर्पित कर दे। ऐसा कहा जाता है कि यह महा उपाय करने से माँ हमारी प्रार्थना बहुत जल्दी सुनती है और हमारी वो समस्या ठीक होने लगती। 1 चीज और जो की बहुत इम्पोर्टेंट है वो ये है की अगर हमारा दाम्पत्य जीवन ठीक न हो तो भी हमारा जो है वो मन नहीं लगता, हमें अच्छा नहीं लगता और अगर हम साल भर उपाय करते है या फिर हम अष्टमी या नौमी के दिन उपाय करते हैं तो उसका असर हमारे जीवन में कुछ और ही होता है। हमें किसी भी दिन किया गया उपाय या फिर महाअष्टमी या महानवमी के दिन किया गया उपाय जो है उसमें बहुत ज्यादा अंतर आता है तो महाअष्टमी के दिन आप 1 उपाय कर सकते हैं जिससे की आपका दाम्पत्य जीवन बहुत अच्छा हो सकता है। अपने घर के दक्षिण पश्चिम की दिशा में यानि कि साउथ वेस्ट की डायरेक्शन में आप महाअष्टमी या महानवमी के दिन अपने और अपने स्पाउस की यानी की अपने हसबैंड या अपनी वाइफ के साथ 1 अपनी हैप्पी मोमेंट वाली पिक्चर साउथ वेस्ट जोन में स्थापित करें। यह करने के बाद आप माँ से प्रार्थना करे की हमारे दामपत्य जीवन में जो भी लर्डल्जआरहीहै, जो भी रुकावटें आ रही हैं, जैसी भी समस्या आ रही है वो जल्द ही माँ की कृपा से दूर हो जाए। इसको भी वास्तु शास्त्र में महा उपाय माना जाता है। पत्र के समय ये उपाय करने से माँ की कृपा हमारे जीवन में आती है।










