Navratri special videos by Vastu expert Dr. Vaishali Gupta

A Hindi-language YouTube guide by Vastu expert Dr. Vaishali Gupta explaining how to prepare for Navratri. It covers cleaning and decorating the home temple, a detailed checklist of puja materials (kalash, panch-pallav, coconut, flowers, spices, lamps, coins, peacock feathers, 'kalpavriksha' etc.), timing and procedure suggestions (kalash/kalashsthapana window, daily worship practices), special arrangements for Ashtami and Navami (kanya pujan, havan), and recommended behavioral restrictions during the nine days (sattvic diet, no leather, no alcohol, avoid daytime sleeping, personal grooming restrictions).
Chapters
नमस्कार नवरात्र शुरू होने वाले हैं। और आज मैं आपको बताऊंगी कि नवरात्र के आने से पहले हम क्या क्या तैयारी करके रखें, क्या क्या सामग्री घर में लाकर रखें, कैसे अपने मंदिर को साफ करे, क्या वो चीज पहले से करके रखे जिससे की हमारी पूजा अर्चना बहुत अच्छे से हो और माँ हमारी पूजा से प्रसन्न हो। ये तो हम सभी जानते हैं कि नवरात्र के 9 दिनों में माँ के 3 फार्म्स को पूजा जाता है माँ लक्ष्मी, माँ सरस्वती और माँ दुर्गा। नवरात्र के जो पहले 3 दिन होते है वो माँ दुर्गा को डिवोटेड होते हैं जो कि शक्ति और ऊर्जा की देरी है उसके अगले 3 दिन माँ लक्ष्मी को डिवोटेड होते हैं जो कि सुख, समृद्धि और प्रोस्पेरिटी की देरी है और आखिरी के 3 दिन डिवोटेड होते हैं माँ सरस्वती को जो कि हमारे जीवन में ज्ञान और अध्यात्म को लेकर आती है और माँ के 9 रूपों की पूजा भी की जाती है जो कि नवरात्र के हर दिन 1 मां के रूप से डिनोट होती है। नवरात्र की तैयारी में सबसे पहले अपने मंदिर को साफ करें। यहाँ पर आप मांग हो यानि कि कलश को स्थापित करने वाले हैं और ये बहुत जरुरी है वास्तु के अनुसार कि आपका मंदिर बिल्कुल साफ हो, अपने मंदिर को अच्छे से क्लीन करें, जो भी उसमे पुराना सामान है उसको हटा दें। मंदिर के चारों दिशाओं में गंगा जल छिड़के और मंदिर का पूरा शुद्धिकरण करें। इसके साथ ही साथ आप अपने मंदिर में माँ की मूर्ति के लिए लाल चुनरी ला सकते हैं, माँ की आज जो मंदिर है उसमें छोटी छोटी लाइटें लगा सकते हैं, पूरे मंदिर में जगमगाहट कर सकते हैं और अपने मंदिर को अच्छे से बिल्कुल डेकोरेट कर सकते हैं जिससे कि प्रसन्न होकर मां आपके घर में आए मैं। अभी आपको बताऊंगी की पूजा के लिए आपको क्या क्या सामग्री लानी है। लेकिन इस बात का ध्यान रखे की पूजन की आप जो भी सामग्री लायेंगे उसको ला कर के अपने मंदिर के ईस्ट कॉर्नर में रख दे। माँ की पूजा के लिए पूजन की सामग्री की आवश्यकता हमको पढ़ने वाली है। तो नवरात्र से पहले ही नवरात्र के 1 दिन पहले सारी सामग्री ला कर के रख दे जिससे कि नवरात्र के दिनों में आपको किसी तरह की तकलीफ नहीं हो। तो क्या क्या है यह सामग्री आप चौकी ला सकते हैं, चौकी के लिए लाल रंग की चुनरी ला सकते हैं, मां की 1 सुंदर सी फोटो लाएं, मां की फोटो के लिए लाल रंग की चुनरी लाएं साथ ही साथ मिट्टी का बर्तन जिसमें की जॉब उगाई जाएगी उसमें डालने के लिए मिट्टी 1 सुंदर सा कलश आप, मिट्टी का या फिर पीतल का जैसा कलर्स आपको अच्छा लगे आप रख सकते हैं। पंच पल्लव यानि कि आंग के अशोक के 5 पत्ते नारियल नारियल जटा वाला होना चाहिए और उसको ढकने के लिए अच्छी सी लाल चुनरी उसके साथ ही साथ जो। पूजन में सामग्री यूज होती है जैसे की कपूर, हल्दी, कुमकुम, अक्षत, इलायची, लौंग, मौली, सुपारी, नए वेदिके, गाय का घी, माँ के श्रृंगार का सामान, गंगाजल जॉब और 1 अच्छी सी पूजा की थाली आप पहले से लाकर के रख सकते हैं। ऐसा करने से आपकी पूरी सामग्री पहले से तैयार होगी और पहले दिन आपको किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। फल, फूल और मिष्ठान का समान आप उसी दिन लेकर के आ सकते हैं। और माँ के लिए रोज कुछ न कुछ भोग जरूर बनाएं। इस भोग को आप अपने प्रतिदिन के भोजन में जरूर शामिल करें। तो 4 ऐसी चीजें बताऊंगी जिनको की आप नवरात्र के समय में अपने मंदिर में जरूर ला कर रखे जिससे की माँ की 1 अलग ही कृपा आपके जीवन में आए सबसे पहले सोने या चांदी का सिक्का जिसपर माँ की प्रतिमा बनी हो इसे लाए और अपने मंदिर के नॉर्थ या नॉर्थ फीस में रखे नंबर टू मोर पंख लेकर आए। मोर पंख जो है वो हमारे जीवन में ज्ञान आध्यात्म एजुकेशन को लेकर आता है इस मोर पंख को लाकर अपने मंदिर के नॉर्थ जोन में जरूर सजाएं। इसके अलावा कल्पतरू कहते हैं कि कल्पतरु विशफुल फिल्म ट्री होता है और हमारी सारी इच्छाओं को पूरा करता है। नवरात्र के दिनों में तो माँ की एनर्जी अबंडेंस में होती है और इस समय अगर हम कल्पतरु को लाके अपने घर के ईस्ट में लगाते हैं तो हमारी सारी इच्छाएं संपूर्ण होती और 1 और चौथी चीज जिसको आप नवरात्र के समय में लाना न भूलें वो है माँ की 1 नई फोटो कैसी हो फोटो जिसमें मां कमल पर बैठी हो और अपने हाथों से धन वर्षा कर रही हूं। अगर ऐसी फोटो लाकर के अपने मंदिर में हम नवरात्र के समय लगाते हैं तो हमारे घर में धन धन नि सुख समृद्धि किसी चीज की कमी नहीं आई। पूजा करने के लिए सुबह आप जल्दी उठे जितना जल्दी हो सके ब्रह्म मुहरत के बाद आप उठे और अच्छे से तैयार होने के बाद मां की पूजा अर्चना करने के लिए बैठे। नहाने धोने के बाद अगर आप साफ सुथरे कपड़े पहने और अगर हो सके तो उस रंग के कपड़े पहने जिस माँ के रूप की पूजा उससे की की जा रही है। जैसे पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है तो पीले रंग के कपड़े पहनते हैं। अगले दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है तो हरे रंग के कपड़े पहनते हैं तो इसी प्रकार से माँ के जिस भी रूप की पूजा की जा रही है और उनको जो भी रंग प्रिय है उसे रंग के कपड़े आप पहनकर पूजा करें। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि आप 1 अखंड जोत चलाए जो की माँ की फोटो के बाई रखी जाए और सामने की तरफ आप चटाई बचा कर बैठे और माँ की पूजा अर्चना करे। इस बात का भी ध्यान रखे कि नवरात्र के पहले दिन कलर स्थापना की जाती है जिसमे की माँ का आह्वान किया जाता है। कलर स्थापना के लिए जो भी सामान चाहिए पूजा सामग्री के इलावा जैसे की मिट्टी का बर्तन, उसमे मिट्टी जॉब, कलर पंच पल्लव नारियल कलर स्थापना का सारा समान गंगा जल ये सब ला कर के आप पहले ही रख ले जिससे की शुभ महूरत पर आप कलर स्थापन की जो प्रक्रिया है, जो विधि है उसको विधिवत कर सके। कलर स्थापन का शुभ महुरत सुबह 7 बजे से लेकर 12 बजे तक रहेगा। इस समय के अंतराल में कभी भी आप कलश की स्थापना कर सकते हैं। नवरात्र का आठवां दिन जिसे की अष्टमी कहा जाता है वो बहुत ही शुभ और बहुत ही स्पेशल होता है और कहते हैं कि इस दिन देवी एनर्जी पूरे अबंडेंस में होती है। अष्टमी का पूजन भी खास तरीके से होता है जिसके बारे में मैं आपको अपने अगले वीडियो में अलग से बताऊंगी। लेकिन अष्टमी के पूजन का सम्मान भी आप अच्छे से अरेंज करके रखे। अष्टमी के पूजन के बाद 9 मैरिट लेडीज को श्रृंगार का सामान दिया जाता है और इस श्रिंगार के समान के साथ उन्हें कुछ भोग भी दिया जाता है तो इसका इंतजाम आप पहले से ही करके रख सकते हैं। नवरात्र के नौवें दिन को महानवमी कहा जाता है और आज के दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। नौवी में पहले हवन किया जाता है और कुछ लोग अश्टमी के दिन भी हवन करते हैं। हवन करने के बाद जब यानि कि कन्या पूजन किया जाता है जिसमें 7 या 9 या 11 कुवारी कन्याओं को बुला कर के उनको अच्छे से भोग खिलाया जाता है और उनकी पूजा अर्चना की जाती है। इसकी तैयारी भी आप पहले से करके रख ले और कन्याओं को आपको जो भी दक्षिणा देनी है या जो भी गिफ्ट देने है वो पहले से अपने तैयार करके रखे और जाते जाते मैं। आपको यह भी बताना चाहूंगी कि नवरात्र के इन 9 दिनों में आप क्या न करें। इस बात का ध्यान रखें कि इन 9 दिनों तक आप केवल सात्विक भोजन ही ग्रहण करें। ऐसा भोजन करें जिसमें कि प्याज न हो, लहसर न हो और हर तरह से सात्विक हो जिसमें सैंधा नमक इस्तेमाल किया जाए। जो भी खाना व्रत में खाया जाता है जैसे कूटू, सिंघाड़ा, दही, आलू इसी प्रकार के सात्विक भोजन का सेवन करें। इन 9 दिनों में किसी भी हाल में नॉन वेजिटेरियन यानी कि मासाहारी खाने का सेवन आप बिल्कुल भी नहीं करें। इस बात का भी ध्यान रखे की आप इन 9 दिनों में ड्रिंकिंग जैसी कोई चीज न करे जिससे कि माँ आपसे अप्रसन्न हो। यह भी कहा जाता है कि इन 9 दिनों में हमें चमड़े से दूर रहना चाहिए जैसे कि चमड़े का वॉलेट होता है, बेल्ट होती है, शूज होती है। ऐसा कहा जाता है कि लेटर जो होता है चमड़ा हमारी प्राण शक्ति को कम करता है और इन 9 दिनों में देवी तत्व जमीन को छूता है। इसलिए हमारी शक्ति जो है वो बहुत हाई होती है। तो कुछ भी ऐसा काम ना करें जिससे कि आपकी प्राणशक्ति लोग हो। ऐसा भी कहा जाता है कि 9 दिनों में दिन के समय नहीं सोना सोना जो है वो आप अवॉयड करें। अपने नाखून न काटें, बाल ना काटें, किसी तरह की शेविंग अवॉइड करें। इनमें से जितने भी चीज आप फॉलो कर सकते है मां को प्रसन् करने के लिए उतना ही अच्छा है। हां इस बात का ध्यान जरूर रखे कि अगर आपने अपने घर में कलश की स्थापना करी है तो स्वयं माँ को आपने अपने घर में बैठाया है। इन 9 दिनों तक कहीं बाहर ट्रैवल न करे और माँ को घर में अकेला बिल्कुल भी न छोड़े। तो आज मैंने आपको बताया कि कैसे करनी है नवरात्र की तैयारी अगले विडियो में आपको बताउंगी कैसे कलश स्थापना करनी है, दुर्गा शप्तशती का पाठ कैसे करना है और बहुत सारी चीजें जिससे की आपके नवरात्र में आपको शुभ फल प्राप्त हो। अगर आपको यह वीडियो अच्छा लगा तो जरुर सब्सक्राइब करे साथ ही साथ आपका कोई भी अगर सवाल हो तो मुझे कमेंट सेक्शन में जरूर लिख। भेजें हैप्पी नवरात्र।










