North East Toilet के उपाय | Toilet & Bathroom Vastu Directions | Vastu Tips By Dr. Vaishali Gupta

YouTube video (Hindi) by Dr. Vaishali Gupta explaining Vastu concerns when toilets are located in the North, North‑East (Ishan) or East zones. The speaker describes alleged negative effects on finance, reputation, children’s health/intellect, and household energy, and then provides practical remedies (avoid WC use, reposition internal fixtures, use sea salt or crystals, color therapy, keep door closed).
Chapters
हेलो नमस्कार मैं हूँ वास्तु 1 स्ट्रेज डॉक्टर वैशाली गुप्ता आज मै आपको बताने वाली हूँ नॉर्थ और नॉर्थ या फिर ईस्ट के टॉयलेट्स के बारे में ये तो हम सभी लोग जानते है हम सबने वास्तु सुना है की अगर हमारे जो टॉयलेट है वो नॉर्थ नॉर्थ ईस्ट में आ जाते है तो वास्तु शास्त्र के अनुसार उसको 1 दोष माना जाता है। आज मैं आपको अपने इस विडियो में बताउंगी की अगर आपका टॉयलेट नॉर्थ नॉर्थईस्ट में आ रहा है तो उसको रेमिडी करने के लिए अब का निवारण करने के लिए वास्तु के अनुसार क्या करना चाहिए बिफोर वी कम टू द हाव लेट्स अंडरस्टैंड बाय अगर हमें ये सब करना है तो हमें किसलिए करना है आखिर नॉर्थ नॉर्थ ईस्ट के टॉयलेट से ऐसा क्या दोष उत्पन्न होता है जिसको की हमें रेमिडी करना बहुत जरूरी सबसे पहले तो वास्तु शास्त्र में यह नियम प्ले किया गया है कि अगर आप टॉयलेट को नॉर्थ या फिर शाम को यानि कि नॉर्थ या फिर ईस्ट यानि केंद्र स्थान में देना कम्प्लीटली अवॉइड करें तो उसको वास्तव के अनुसार एकदम सही माना जाता है ऐसा कहा जाता है कि अगर हमारा टॉयलेट जो है वो नॉर्थ जोन में आ जाता है तो हमारे को जो है वो पैसे की हानि होने लगती है हमको फाइनेंशियल लॉस होने लगते हैं साथ ही हमारे करियर ऑपर्चुनिटीज भी खराब होने लगती है यही नहीं नॉर्थ जो है वो मर्करी का स्थान है इसलिए अगर हम यहाँ पर टॉयलेट देते है तो हमारा जो प्लानेट मर्करी है वो पल्यूटेड होता है और हमारे जो बच्चे हैं उनकी इंटेलिजेंस में, उनकी कम्यूनिकेशन स्किल्स में, उनकी इंटेलेक्चुअल, शापनेस्टमे, उनकी कॉंसंट्रेशन में इन सभी चीजों में कमी आने लगती है साथ ही साथ यह भी कहा जाता है कि अगर हम अपने टॉयलेट को ईस्ट के जोन में लोकेट करते हैं तो भी हमारी नेम फेम रेपुटेशन और सोशल नेटवर्किंग ये तो हैं पर होती ही होती है साथ ही साथ हमें हेल्थ इशू भी आ सकते हैं ईस्ट को जो है वास्तुशास्त्र में आज जो है वो बच्चों का स्थान भी माना गया है और अगर हम ईस्ट में टॉयलेट देते हैं तो इसका कुछ दुष् प्रभाव जो है वो चिल्डरन पर भी पड़ सकता है और अगर हम नॉर्थ ईस्ट यानी की ईशान कोण में टॉयलेट देते हैं तो उसको वास्तु शास्त्र के अनुसार जो है वो काफी गलत माना गया है और ऐसा कहा जाता है कि नॉर्थ ईस्ट में किसी भी हालत में टॉयलेट देना हमको कम्प्लीटली अवॉइड करना चाहिए। हम सभी जानते हैं कि नॉर्थ हीस्ट जो है वो हाइली मेगनेटिक जोन होता है और जो लाइफ एनर्जी होती है जो प्राण होता है और नॉर्थईस्ट की तरफ से हमारे पूरे घर में आता है और हमारे पूरे घर को एनर्जाइज करता है आप सोचिए अगर हम नॉर्थईस्ट में ही अपना टॉयलेट बना देंगे तो वो पूरी एनर्जी जो है वो दूषित हो जाएगी और वो पॉल्यूट हो जाएगी। यही नहीं यह भी हम सब जानते हैं कि वास्तु पुरुष का जो सर है, जो वास्तु देवता का सर है वो नॉर्थ हिस्ट की तरफ आता है और आप सोचिए की अगर हम नॉर्थ िस्ट में टॉयलेट बना देंगे और अगर हम ब्रेन को ही पोल्यूट कर देंगे तो पूरी बॉडी कैसे न करेगी तो उसी प्रकार से नॉर्थ कीस का जोन है वहाँ वास्तु देवता का सर आता है और वहां पर टॉयलेट देना हमको कम्प्लीटली अवॉइड करना चाहिए। अब आते हैं इस बात पर की अगर किसी वजह से आप किसी फ्लैट में रहते हैं या आप किसी घर में रहते हैं और आपके घर में ना चाहते हुए भी कोई नॉर्थ नॉर्थ हिस का टॉयलेट आ गया है तो उस परिस्थिति में हमें करना क्या चाहिए। तो आज मैं आपको बताती हूँ कुछ ऐसे रेमिडीज जिनको की आप हाल में कर सकते हैं अगर आप बिल्कुल नॉर्थ नॉटिस टॉयलेट को अवॉइड नहीं कर सकते सबसे पहले तो इस बात का ध्यान दें जहां तक हो सके उस टॉयलेट को टॉयलेट एक्टिविटीज के लिए बंद कर दीजिये यानि कि उसकी जो डब्ल्यू सी है उसकी जो कोटीसीटहै उसको आप बंद कर दीजिये आप चाहे तो उसको अपने टॉयलेट से निकाल भी सकते हैं क्योंकि जब डब्ल्यू सी वहाँ पर नहीं रहेगा तो उसके यूज होने की जो पॉसिबिलिटी है जो संभावना है वो अपने आप खत्म हो जाएगी। तो सबसे चीज जो हमको ध्यान में रखनी है वो ये है कि ईस्ट नॉर्थ और नॉर्थ के टॉयलेट्स को हम बेदिंग के लिए यानि कि नहाने के लिए स्नान के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन टॉयलेट एक्टिविटीज के लिए जो डब्ल्यू सी है उसको बिल्कुल भी इस्तेमाल न करें। नंबर टू अगर हमारा टॉयलेट नॉर्थ नॉर्थ ईस्ट में आगया है तो कम से कम उसकी इंटरनल सेटिंग जो है वो हम वास्तु शास्त्र के अनुसार करें जो डब्ल्यू सी है यानि जो टॉयलेट सीट है उसको आप अपने टॉयलेट के नॉर्थ वेस्ट जोन में लगाए यानि कि वायु वापोर में लगाए टॉयलेट के और जो आपका सिंह है आपका जो वाटर सिंह है और जो मिलर है उसको आप अपने टॉयलेट के नॉर्थ वॉल पर लगाए अगर नॉर्थ वाल पर नहीं लगा सकते तो आप नॉर्थ ईस्ट वाल पर भी लगा सकते हैं और ऐसा करने से आपके टॉयलेट का लोकेशन गलत होने के बावजूद भी इंटरनल वास्तु जो है वो थोड़ा सा बैलेंस होने लगता है। नंबर थ्री आप इस बात का ध्यान दे की ऐसा कहा जा ता है की सी सॉल्ट के अंदर नेगेटिविटी को अब जॉब करने की बहुत ताकत होती है तो आप अपने बाथरूम के नॉर्थ के कोने में 1 कॉपर की कटोरी में या फिर 1 शीशे की कटोरी में सी सॉल्ट रखे ये सी सॉल्ट जो है यह टॉयलेट की पूरी नेगेटिविटी को अब जॉब कर लेता है और काफी हद तक आपके जो टॉयलेट की नेगेटिविटी है उसको कम कर देता है नगर फोर इस बात का भी ध्यान रखे की अगर आपका टॉयलेट नॉर्थ या नॉर्थ हीट में आ रहा है तो अपने टॉयलेट का जो कलर कॉम्बिनेशन है वो ब्लूज में रखे वहाँ पर जो भी बाकेट है या जो भी मांग है या जो भी वहाँ पर जो चीजें हैं आर्टिकल्स है उसका कलर आप ब्लू रखे और बाकी टॉयलेट सीट को न यूज करें तो आपका जो टॉयलेट है उसका जो नॉर्थ या नॉर्थ जोन का जो टॉयलेट है वो स्ट्रेंद होने लगता है और आपके घर के वास्तु में ऐड करता है 1 और चीज जो की आप अपने टॉयलेट में कर सकते हैं अगर आपका टॉयलेट नॉर्थ में आ रहा है तो अपने टॉयलेट कार्ड्स का एक्टिस्ट रखे ऐसा कहा जाता है कि ये किस्टी जो होता है यह टॉयलेट की नेगेटिविटी को अब्जॉर्ब कर लेता है और अगर आपका टॉयलेट जो है पॉइंट में से किसी जोन्स में आ रहा है तो कम से कम अपने टॉयलेट के दरवाजे को हमेशा बंद रखे जिससे की इस तरफ से जो आने वाली नेगेटिविटी है वो आपके बाकी घर में स्प्रेड न हो कलर थेरेपी के द्वारा भी जो है वो हम वास्तु के जोन को बैलेंस करते हैं और हम इस बात का ध्यान रख सकते हैं की अगर हमारा टॉयल नॉर्थ या नॉर्थ ईस्ट में आ रहा है और अगर हम उसकी टॉयलेट सीट निकाल देते हैं और वहाँ पर ब्लू और शेड्स और ब्लू देते हैं या फिर अगर ईस्टर टॉयलेट है उसमे हम क्रीम और यलोज देते हैं और उसको सिर्फ बेदिंग के लिए इस्तेमाल करते हैं तो भी जो है हमारे टॉयलेट का दोष कम होने लगता है और जैसा की मैंने आपको शुरुआत में ही बताया कि वास्तु शास्त्र में टॉयलेट की लोकेशन बहुत ही होती है और वे 1 बार फिर रिपीट करना चाहूंगी कि जहाँ तक हो सके नॉर्थ नॉर्थ टॉयलेट को अवॉइड करें क्योंकि कौन चाहता है कि उनकी प्रोस्पेरिटी में फरक आए, उनके पॉजिटिविटी में फरक आए, उनके फाइनेंसिल जो है उसमें बाधा आने लगे या फिर कोई बड़ी बीमारी हमारे घर में आ जाए तो इसलिए जहाँ तक हो सके नॉर्थ, नॉर्थ, ईस्ट और ईस्ट के टॉयलेट्स को संभव हो तो बनाना ही अवॉयड करे किसी वजह से अगर उस जोन में टॉयलेट बन गया है तो आप उस टॉयलेट की जो टॉयलेट सीट है जो डब्ल्यू सी है उसको अवॉइड करे उसको टोटली जो है उसको यूसेज से हटा दे और आज कल हम देखते है की सभी घरों में 34 और टॉयलेट्स के ऑप्शंस तो होते ही है और अगर नॉर्थ, नॉर्थ, ईस्ट और ईस्ट का टॉयलेट है तो उसमे बेदिंग में आम रिपीटिंग कोई परेशानी नहीं है आप हाथ धो सकते हैं, नहा सकते हैं केवल उसके डब्ल्यू सी को बंद कर दे और अगर आप ऐसा नहीं कर सकते तो बाकी जो उपाय मैंने आपको बताए है कि आप सी सॉल्ट रखे या फिर वाट्स का क्रिस्टल रखें या ब्लू कलर का इस्तेमाल करें टॉयलेट के अंदर डब्लू सी और मिलर की लोकेशन को राइट करें टॉयलेट के दरवाजे को हमेशा बंद रखें अगर इन चीजों का भी आप ध्यान देते हैं तो काफी हद तक आपका ये जो दोष है यह कम हो जाता है तो आई होप यह वीडियो आपको अच्छा लगा और अपने अगले वीडियो में मैं कुछ और वास्तु के ऐसे ही इंट्रस्टिंग टॉपिक्स लेकर आऊंगी, तब तक के लिए नमस्कार एंहाबरनाइजड।










